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जूनियर बालिका वर्ग में शानदार प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का बढ़ाया गौरव
बस्तर / शौर्यपथ / लेह-लद्दाख के एन.डी.एस. इंडोर स्टेडियम में 19 से 21 सितंबर 2026 तक आयोजित 10वीं पेंचक सिलाट फेडरेशन कप 2026-27 में बस्तर की प्रतिभावान खिलाड़ी कुमारी कोमल ठाकुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जूनियर बालिका वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के खेल जगत में हर्ष का माहौल है।
राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कोमल ठाकुर ने प्रतियोगिता के दौरान अपने अनुशासन, तकनीकी दक्षता, आत्मविश्वास और उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
कोमल की इस उल्लेखनीय सफलता पर बस्तर डिस्ट्रिक्ट पेंचक सिलाट एसोसिएशन सहित खेलप्रेमियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। उनकी उपलब्धि ने बस्तर की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई है।
इस अवसर पर इंडियन पेंचक सिलाट फेडरेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री मोहम्मद इकबाल, अध्यक्ष श्री किशोर यावले एवं सचिव श्री तारीख जरगर ने कुमारी कोमल ठाकुर को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल खेल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
भक्ति और उल्लास के बीच दी भगवान गणेश को भावभीनी विदाई
कोंडागांव / शौर्यपथ / गणेश उत्सव के समापन अवसर पर जिले में विभिन्न गणेश समितियों द्वारा आयोजित विसर्जन कार्यक्रमों में कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी शामिल हुईं। उन्होंने भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
विधायक लता उसेंडी ने गणेश समितियों के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं से आत्मीय मुलाकात की और उनके उत्साह व भक्तिभाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने तथा क्षेत्र में सौहार्द की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विसर्जन कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, गणेश समितियों के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने भक्ति एवं उत्साह के साथ भगवान श्री गणेश को भावभीनी विदाई दी और अगले वर्ष उनके पुनः आगमन की कामना की।
विसर्जन के दौरान पूरा क्षेत्र “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष से गूंज उठा।
जिला चिकित्सालय में संकल्प वाचन, स्वास्थ्य परीक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने का संदेश
राजनांदगांव / शौर्यपथ / सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग तथा माय भारत के संयुक्त तत्वावधान में जिला चिकित्सालय राजनांदगांव के कांफ्रेंस हॉल में नशामुक्ति एवं वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में युवा, खिलाड़ी, विद्यार्थी, शिक्षक, प्रशिक्षक एवं माय भारत के स्वयंसेवक शामिल हुए।
भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के नशामुक्ति जनजागरूकता अभियान के तहत युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने नशामुक्ति के साथ वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल, सम्मान एवं उनके प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती वैशाली मरडवार ने कहा कि युवाओं को नशाखोरी से व्यक्ति, परिवार और समाज को होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने जिले एवं प्रदेश में संचालित नशामुक्ति केंद्रों की जानकारी देते हुए बताया कि राजनांदगांव में समाज कल्याण विभाग के माध्यम से अनुदानित समता जन कल्याण समिति द्वारा संचालित नशामुक्ति केंद्र से अब तक सैकड़ों लोग लाभान्वित हो चुके हैं।
कार्यक्रम में डॉ. विकास राठौर ने स्वस्थ जीवनशैली तथा डॉ. रूपा मानकर ने नशामुक्ति एवं नशे की लत से बाहर निकलने के उपायों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने युवाओं को नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, सकारात्मक दिनचर्या अपनाने और नशे से पूरी तरह दूर रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान जिला चिकित्सालय के विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उपस्थित युवाओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया। इस अवसर पर माय भारत के समन्वयक श्री शुभजीत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, युवा, खिलाड़ी, छात्र-छात्राएं, शिक्षक, प्रशिक्षक एवं कोच उपस्थित रहे।
जनपद पंचायत दुर्ग में कर्मचारी संगठनों ने तय की आंदोलन की रूपरेखा
— प्रांतीय महामंत्री विजय लहरे
दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर 30 सितंबर 2026 को प्रस्तावित एक दिवसीय ‘मोदी की गारंटी’ हड़ताल की तैयारियों को लेकर जनपद पंचायत दुर्ग के सभाकक्ष में संभाग स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रांतीय नेतृत्व सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लेकर आंदोलन की रणनीति, तैयारियों और कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में प्रांतीय संरक्षक पी. आर. यादव, प्रदेश समन्वयक जी. आर. चंद्रा, प्रांताध्यक्ष पवन शर्मा, वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रदीप बाबा चौहान, प्रांतीय महामंत्री विजय लहरे एवं हिमाचल साहू तथा संभाग अध्यक्ष आनंद कुमार श्रीवास्तव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
पदाधिकारियों ने कर्मचारी हितों से जुड़ी विभिन्न मांगों पर चर्चा करते हुए 30 सितंबर के प्रस्तावित आंदोलन में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रांतीय आह्वान के तहत हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी विभागों और संबद्ध कर्मचारी संगठनों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में दुर्ग जिला अध्यक्ष भानु प्रताप यादव, बालोद जिला अध्यक्ष गोविंद दास मानिकपुरी, आईटीआई कर्मचारी अधिकारी संघ के संभाग अध्यक्ष चंद्रकांत साहू, प्रांतीय सांस्कृतिक सचिव हितेंद्र कुमार साहू, जीएसटी कर्मचारी संघ प्रदेश संगठन के मनीष तिवारी, आदिवासी विकास विभाग छात्रावास अधीक्षक संघ के अनिल कुमार दुबे, कर्मचारी कांग्रेस अध्यक्ष अनुरूप साहू, पशु चिकित्सा क्षेत्र सहायक अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश साहू, स्वास्थ्य विभाग कार्यकारी प्रांताध्यक्ष वी. एस. राव एवं जिला सचिव शिवदयाल घृत लहरे, शिक्षा विभाग संयोजक सुखेंद्र देवांगन एवं धर्मेंद्र देशमुख, लघु वेतन कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष मोतीराम खिलाड़ी, समाज कल्याण विभाग संयोजक जंत राम ठाकुर तथा आदिवासी विकास विभाग से संजय साहू एवं चतुर यादव सहित विभिन्न विभागों एवं संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के अंत में विभिन्न विभागों से पहुंचे कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों ने 30 सितंबर 2026 की प्रस्तावित ‘मोदी की गारंटी’ हड़ताल को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से वर्षों पुरानी मांग पूरी, किसानों, महिलाओं, व्यापारियों और पेंशनधारियों को स्थानीय स्तर पर मिलेंगी बैंकिंग सेवाएं
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जशपुर जिले के फरसाबहार तहसील क्षेत्र के पंडरीपानी में भारतीय स्टेट बैंक की नई शाखा शुरू हो गई है। इससे पंडरीपानी सहित आसपास के करीब 60 गांवों के ग्रामीणों को अब स्थानीय स्तर पर बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिलेगा। बैंकिंग कार्यों के लिए दूर जाने की परेशानी कम होने से ग्रामीणों के समय और यात्रा खर्च की बचत होगी।
अब तक पंडरीपानी और आसपास के ग्रामीणों को बैंकिंग कार्यों के लिए करीब 5 किलोमीटर दूर फरसाबहार जाना पड़ता था। नई शाखा शुरू होने से जमा-निकासी सहित आवश्यक बैंकिंग सेवाएं क्षेत्र में ही उपलब्ध हो गई हैं, जिससे ग्रामीणों के लिए बैंकिंग सुविधाएं अधिक सुलभ और सुविधाजनक हुई हैं।
किसानों से पेंशनधारियों तक को मिलेगा लाभ
नई शाखा से किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, महिलाओं, कर्मचारियों और पेंशनधारियों सहित विभिन्न वर्गों को सीधा लाभ मिलेगा। किसानों को कृषि ऋण एवं अन्य वित्तीय सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं व्यापारियों और ग्रामीणों के लिए दैनिक लेन-देन तथा अन्य बैंकिंग कार्य आसान होंगे।
होम, कार और शिक्षा ऋण की सुविधा भी
एसबीआई की नई शाखा के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को होम लोन, कार लोन और शिक्षा ऋण सहित विभिन्न ऋण एवं बैंकिंग सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। इससे क्षेत्रवासियों को अपनी वित्तीय जरूरतों के लिए फरसाबहार जाने की आवश्यकता कम होगी।
पंडरीपानी में बैंक शाखा शुरू होने पर क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के नजदीक बैंकिंग सुविधा मिलने से सामान्य बैंकिंग कार्यों के लिए अब दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
प्रदेश में 2,262 स्थानों पर हुए 12,698 आयोजन; मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुंगेली के मदकू में कार्यक्रम में हुए शामिल
सुपोषित थाली के प्रदर्शन के साथ माताओं और बच्चों के पोषण पर हुआ संवाद
रायपुर / सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश में शुक्रवार से शुरू हुई ‘आंगन मिलन सेवा’ के पहले दिन आंगनबाड़ी केंद्रों में उत्सव जैसा माहौल रहा। राज्यभर में 2,262 स्थानों पर 12,698 गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें 97,471 लोगों ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी मुंगेली जिले के मदकू में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में शामिल हुए और माताओं एवं बच्चों के पोषण का संदेश दिया।
आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती माताओं का स्वागत किया गया। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों, दालों और हरी सब्जियों का प्रदर्शन कर परिवारों को संतुलित भोजन के बारे में बताया गया। सुपोषित थाली के माध्यम से महिलाओं ने जाना कि रोजमर्रा के भोजन में विविध खाद्य पदार्थ शामिल कर माताओं और बच्चों का पोषण कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। कार्यक्रमों में बच्चों के अभिभावकों ने भी भाग लिया और पोषण तथा मातृ स्वास्थ्य से जुड़े अनुभव साझा किए।
महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लाभार्थियों ने बताया कि योजनाओं से मिली सहायता से वे अपनी और अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर पा रही हैं। आंगन मिलन सेवा के माध्यम से परिवारों और समुदाय को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ते हुए बच्चों के पोषण को साझा जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया गया।
आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय सम्मान, पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के समयबद्ध निराकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन
रायपुर । आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के प्रभावी क्रियान्वयन और हितग्राहियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान मिला है।
भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा आयुष्मान भारत योजना के आठ वर्ष एवं आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के पांच वर्ष पूर्ण होने पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘आरोग्य मंथन 2026’ में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने छत्तीसगढ़ को सम्मानित किया। राज्य की ओर से आयुष्मान भारत योजना के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र गहवई ने पुरस्कार ग्रहण किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि आर्थिक कठिनाई के कारण किसी पात्र नागरिक को उपचार से वंचित न होना पड़े। उन्होंने कहा कि बीमारी के समय उपचार के साथ परिवार को आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मिले, इसी उद्देश्य से आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
दूसरे राज्यों में उपचार लेने वालों के लिए पोर्टेबिलिटी बनी संबल
मुख्यमंत्री ने कहा कि पोर्टेबिलिटी सुविधा उन नागरिकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जिन्हें रोजगार, कामकाज या बेहतर उपचार के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। पात्र हितग्राही देश के अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में योजना से संबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ के हितग्राहियों के दूसरे राज्यों में उपचार के दौरान क्लेम का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा क्लेम प्रोसेसिंग, तकनीकी निगरानी और अस्पतालों के साथ समन्वय को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सम्मान स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सकों, अस्पतालों और योजना से जुड़े सभी लोगों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
क्लेम प्रोसेसिंग और तकनीकी निगरानी पर जोर
प्रदेश में पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के त्वरित निराकरण के लिए क्लेम प्रोसेसिंग व्यवस्था, तकनीकी निगरानी, अस्पतालों के साथ समन्वय और लंबित प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उद्देश्य है कि हितग्राहियों को उपचार के बाद योजना का लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी न हो।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यह सम्मान पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में विभाग का प्रयास है कि आयुष्मान भारत का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में क्लेम प्रोसेसिंग की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को और मजबूत किया जाएगा।
पोर्टेबिलिटी से देशभर में लाखों हितग्राहियों को उपचार
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुसार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश के सभी 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है। 30 जून 2026 तक पोर्टेबिलिटी सुविधा के तहत देशभर में 29.05 लाख अंतर-राज्यीय अस्पताल प्रवेश अधिकृत किए गए, जिनकी अधिकृत राशि ₹8,383.97 करोड़ से अधिक है।
यह सुविधा विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों, दूसरे राज्यों में रोजगार करने वाले नागरिकों और गृह राज्य से बाहर उपचार की आवश्यकता वाले परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है।
डिजिटल तकनीक से मजबूत होगा स्वास्थ्य सेवा तंत्र
‘आरोग्य मंथन 2026’ में स्वास्थ्य आश्वासन एवं डिजिटल हेल्थ के अगले चरण पर भी चर्चा हुई। विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने क्लेम प्रोसेसिंग को तकनीक-सक्षम बनाने, डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम मजबूत करने तथा स्वास्थ्य डेटा के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग पर विचार-विमर्श किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “स्वास्थ्य सुरक्षा से जनकल्याण” के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ आगे बढ़ रहा है। सरकार का प्रयास है कि गंभीर बीमारी किसी परिवार के लिए आर्थिक संकट न बने और प्रत्येक पात्र नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध हो।
मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ किया सामूहिक गायन, सरस्वती शिशु मंदिर के विकास के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा
विद्यार्थियों से आह्वान—बड़ा सपना देखें, लक्ष्य तय करें और पूरी लगन से उसे हासिल करने के लिए मेहनत करें
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सामूहिक गायन कार्यक्रम में सहभागिता की। उन्होंने विद्यार्थियों, आचार्यों एवं नागरिकों के साथ ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। राष्ट्रगीत के सामूहिक स्वर से विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से गूंज उठा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यालय के विकास के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि मां भारती की वंदना, राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति का सशक्त स्वर है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस गीत ने देशवासियों में स्वाधीनता की चेतना जगाई और स्वतंत्रता सेनानियों को मातृभूमि के लिए त्याग एवं समर्पण की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होना गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को स्मरण करने के साथ नई पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का बोध कराने का अवसर है। विद्या भारती के आह्वान पर देशभर में 25 हजार से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों एवं नागरिकों द्वारा सामूहिक गायन किया जा रहा है।
दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी मिल रहे बेहतर अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा है। प्रयास है कि शहरों के साथ बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपनी प्रतिभा निखारने के समान अवसर मिलें। प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन एवं वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्रायबल यूथ हॉस्टल में छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए सीटों की संख्या बढ़ाकर 200 की गई है। वहां अध्ययनरत प्रदेश के 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त की है।
शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्रभक्ति जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान या डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन, चरित्र और जिम्मेदार नागरिक के निर्माण का आधार है। उन्होंने विद्या भारती के विद्यालयों द्वारा शिक्षा के साथ संस्कार, सामाजिक दायित्व और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने के प्रयासों की सराहना की तथा शिक्षकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
विद्यार्थियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बड़ा सपना देखें, लक्ष्य तय करें और पूरी लगन, अनुशासन एवं ईमानदारी से उसे हासिल करने के लिए मेहनत करें। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। दृढ़ संकल्प और निरंतर परिश्रम से कठिन लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी सफलता को समाज और राष्ट्र की प्रगति से जोड़ने का आह्वान किया।
छत्तीसगढ़ में 1500 स्थानों पर हुआ सामूहिक गायन
कार्यक्रम में माणिक लाल साहू ने बताया कि देशभर में 25 हजार स्थानों पर लगभग एक करोड़ लोगों द्वारा ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में करीब 1500 स्थानों पर पांच लाख लोगों ने इसमें सहभागिता की।
मां सरस्वती बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री नीलेश अग्रवाल ने ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय चेतना, त्याग और गौरव की अभिव्यक्ति बताते हुए सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व-बोध और नागरिक कर्तव्य जैसे पंच परिवर्तन को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत, राजीव लोचन महाराज, मयंक बैस, राघवेंद्र सिंह ठाकुर, अजय कुलश्रेष्ठ सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, आचार्यगण, विद्यालय परिवार के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
एक साल में 901 किसानों के खातों में डीबीटी से पहुंचे 30.34 करोड़ रुपये
चेक और बैंक के चक्कर से मिली राहत, मुआवजा, पुनर्वास और बोनस की राशि सीधे खाते में
रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में राज्य शासन द्वारा सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए शासकीय सेवाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लगातार सरल बनाया जा रहा है। इसी दिशा में रायगढ़ जिले में भू-अर्जन से प्रभावित किसानों को मुआवजा, पुनर्वास एवं बोनस की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन अंतरित करने की व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी सहूलियत साबित हो रही है। बीते एक वर्ष में रायगढ़ अनुविभाग के 901 किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 30 करोड़ 34 लाख 77 हजार 902 रुपये अंतरित किए जा चुके हैं।
रायगढ़ अनुविभाग में 26 सितम्बर 2025 से भू-अर्जन से संबंधित भुगतान ऑनलाइन करने की व्यवस्था लागू की गई। इसके बाद किसानों को चेक जारी करने के स्थान पर स्वीकृत राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। 21 सितम्बर 2026 तक इस व्यवस्था के माध्यम से 901 किसानों को 30 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार भू-अर्जन मुआवजे के रूप में 391 किसानों के खातों में 20 करोड़ 67 लाख 53 हजार 163 रुपये अंतरित किए गए हैं। इसी तरह पुनर्वास एवं बोनस के तहत 510 किसानों को 9 करोड़ 67 लाख 24 हजार 739 रुपये का भुगतान किया गया है। इस प्रकार दोनों मदों में कुल 901 किसानों को 30 करोड़ 34 लाख 77 हजार 902 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त हुए हैं।
चेक से सीधे खाते तक, आसान हुई भुगतान प्रक्रिया
पूर्व में भू-अर्जन से प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान चेक के माध्यम से किया जाता था। चेक प्राप्त करने के बाद किसानों को उसे बैंक में जमा कराने और भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना पड़ता था। कई बार इसके लिए कार्यालय और बैंक के चक्कर भी लगाने पड़ते थे। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों को इस प्रक्रिया से राहत मिली है।
अब स्वीकृत मुआवजा, पुनर्वास एवं बोनस की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में पहुंच रही है। इससे किसानों के समय और श्रम की बचत होने के साथ भुगतान प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी हुई है।
किसानों ने कहा—बिना परेशानी सीधे खाते में मिल रही राशि
ग्राम कोतासुरा के किसान श्री टंकधर मालाकार ने बताया कि भू-अर्जन मुआवजा वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था किसानों के लिए काफी सुविधाजनक है। पहले की तुलना में अब मुआवजा राशि आसानी से प्राप्त हो रही है।
ग्राम दनौट की श्रीमती चम्पाबाई अगरिया ने कहा कि ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था से किसानों को काफी लाभ मिला है। अब बिना किसी परेशानी के मुआवजे की राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त हो रही है।
ग्राम मुरालीपाली के श्री हनुमान प्रसाद शर्मा ने बताया कि पहले भू-अर्जन की राशि प्राप्त करने के लिए चेक मिलने के बाद बैंक जाना पड़ता था। अब मुआवजा एवं पुनर्वास की राशि सीधे बैंक खाते में जमा हो रही है, जिससे किसानों को काफी सुविधा मिली है।
भू-अर्जन मुआवजे की ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था ने किसानों के लिए पूरी प्रक्रिया को सरल बनाया है। डीबीटी के माध्यम से राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचने से एक ओर किसानों को कार्यालय और बैंक के अनावश्यक चक्कर से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता और सुविधा भी बढ़ी है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
