August 09, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    तेज बारिश और कडकड़ाती ठंड में भी बाइकर्स का जोश प्रशंसनीय
    देर रात तक जागकर लोग कर रहे पर्यटन रथ एवं बाईक रैली का आत्मीय स्वागत


    रायपुर / शौर्यपथ / राम वन गमन पथ 14 दिसम्बर से रवाना हुए पर्यटन रथ एवं बाईक रैली 17 दिसम्बर को उत्तर में शिवरीनारायण से और दक्षिण में राजिम से प्रारंभ होकर रायपुर जिले के चंदखुरी (आरंग) पहंुचेगी। पर्यटन रथ यात्रा रैली का समापन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मुख्य आतिथ्य में शाम 4 बजे चंदखुरी में किया जाएगा। इस मौके पर रथ यात्रा में राम वन गमन पथ के मार्गो से लाई गई पवित्र मिट्टी का पूजन कर प्रथम चरण के चिन्हांकित 9 स्थलों के क्रियान्वयन के संकेत स्वरूप 9 पौधों का रोपण कौशल्या माता मंदिर परिसर में तैयार किए गए लैण्ड स्केप में किया जाएगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रीगण एवं गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, जनपद, नगर पंचायत अध्यक्ष एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
    राम वन गमन पथ में पर्यटन रथ एवं विराट बाईक रैली और यात्रा के तीसरे दिन 16 दिसम्बर 2020 को छत्तीसगढ़ के उत्तरी क्षेत्र रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से जय सियाराम के जयघोष के साथ रवाना हुआ। इस मौके पर विधायक लालजीत राठिया, जनपद अध्यक्ष उमेश्वर सिंह बाज, जनपद अध्यक्ष पुनीत राठिया, जनपद उपाध्यक्ष रमेश अग्रवाल, नगर पंचायत अध्यक्ष श्याम साहू एवं एसडीएम, सीईओ जिला पंचायत, उपाध्यक्ष नगर पंचायत सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
    धरमजयगढ़ से रवाना हुई पर्यटन रथ एवं विराट बाईक रैली निर्धारित मार्गों से होते हुए लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय कर देर शाम जांजगीर चांपा जिले की शिवरीनारायण पहंुची। इस दौरान हाटी, एडू, रामझरना, रायगढ़ एवं छिंद में रामायण पाठ, भजन एवं जगह-जगह पर महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर रैली का पूरे हर्षोल्लास के साथ स्वागत एवं अभिनंदन किया।
    छत्तीसगढ़ के दक्षिणी क्षेत्र के केशकाल (कोण्डागांव) से पर्यटन रथ एवं बाईक रैली का फूलों की वर्षा के साथ उत्साहपूर्ण माहौल में रवाना किया गया। कोण्डागांव में नागरिकों द्वारा पर्यटन रथ में विराजमान प्रभु श्रीराम लक्ष्मण और माता सीता की प्रतिमा की पूजा अर्चना तथा आरती उतारकर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि एवं विकास की कामना की गई।
    केशकाल से रवाना हुई पर्यटन रथ एवं विराट बाईक रैली विभिन्न निर्धारित मार्गो से होते हुए लगभग 300 किलोमीटर की दूरी तय कर देर शाम गरियाबंद जिले के राजिम पहंुची। इन सभी स्थलों पर स्थानीय निवासियों का जन सैलाब अपने आराध्य प्रभु श्री राम की अगवानी के लिए उमड़ पड़ा। बाईक रैली में सवार जवानों के उत्साहवर्धन के लिए पुष्प वर्षा एवं आतिशबाजी के साथ भव्य स्वागत किया गया।

    अब तक 6.92 लाख किसानों ने बेचा धान
    मिलरों द्वारा 2.47 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव

    रायपुर / शौर्यपथ / खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 16 दिसम्बर 2020 तक 25 लाख 31 हजार 802 मीट्रिक धान की खरीदी की गई है। अब तक राज्य के 06 लाख 92 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा। राज्य के मिलरों को 06 लाख 40 हजार मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया गया है। जिसके विरूद्ध मिलरों द्वारा अब तक 02 लाख 47 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।
    खरीफ वर्ष 2020-21 में 16 दिसम्बर 2020 तक राज्य के महासमुंद जिले में एक लाख 77 हजार 652 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसी प्रकार बस्तर जिले में 29 हजार 584 मीट्रिक टन, बीजापुर जिले में 8 हजार 426 मीट्रिक टन, दंतेवाड़ा जिले में एक हजार 663 मीट्रिक टन, कांकेर जिले में 82 हजार 671 मीट्रिक टन, कोण्डागांव जिले में 40 हजार 39 मीट्रिक टन, नारायणपुर जिले में 3 हजार 682 मीट्रिक टन, सुकमा जिले में 6 हजार 168 मीट्रिक टन, बिलासपुर जिले में एक लाख 25 हजार 451 मीट्रिक टन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 17 हजार 661 मीट्रिक टन, जांजगीर-चांपा जिले में दो लाख 8 हजार 659 मीट्रिक टन, कोरबा जिले में 24 हजार 911 मीट्रिक टन, मुंगेली जिले में 95 हजार 243 मीट्रिक टन खरीदी की गई है।
    इसी तरह रायगढ़ जिले में एक लाख 54 हजार 597 मीट्रिक टन, बालोद जिले में एक लाख 69 हजार 681 मीट्रिक टन, बेमेतरा जिले में एक लाख 71 हजार 760 मीट्रिक टन, दुर्ग जिले में एक लाख 29 हजार 381 मीट्रिक टन, कवर्धा जिले में एक लाख 29 हजार 176 मीट्रिक टन, राजनांदगांव जिले में दो लाख 27 हजार 141 मीट्रिक टन, बलौदाबाजार जिले में एक लाख 61 हजार 307 मीट्रिक टन, धमतरी जिले में एक लाख 31 हजार 52 मीट्रिक टन, गरियाबंद जिले में एक लाख 30 मीट्रिक टन, रायपुर जिले में एक लाख 62 हजार 122 मीट्रिक टन, बलरामपुर जिले में 31 हजार 320 मीट्रिक टन, जशपुर जिले में 23 हजार 982 मीट्रिक टन, कोरिया जिले में 21 हजार 872 मीट्रिक टन, सरगुजा जिले में 43 हजार 137 मीट्रिक टन और सूरजपुर जिले में 53 हजार 425 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को विजय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए देश के वीर जवानों को नमन किया है। मुख्यमंत्री  ने कहा है कि आज ही के दिन 1971 में भारतीय जवानों की जीत हुई और पाकिस्तान के हजारों सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया। पाकिस्तान का विभाजन हुआ और विश्व मानचित्र पर बांग्लादेश का उदय हुआ। यह पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी के दृढ़ निश्चय और पराक्रमी नेतृत्व का कमाल था। इंदिरा जी न डरीं, न सैनिकों का हौसला कम होने दिया। श्रीमती इंदिरा गांधी के निर्देशन और फील्ड मॉर्शल मॉनेक शॉ के नेतृत्व में भारतीय सेना ने शौर्य और बलिदान की सर्वोच्च परम्परा का निर्वाह करते हुए अदम्य साहस दिखाया। इस जीत ने हर भारतीय को गौरवान्वित किया। देश सदा इन वीर सपूतों का ऋणी रहेगा।

    मनोरंजन /शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्टर कार्तिक आर्यन की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर शानदार परफॉर्म करने के लिए जानी जाती हैं लेकिन फिल्म लव आज कल को कमर्शियली अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला। फिल्म को क्रिटिक्स से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी। अब इस फिल्म की असफलता को लेकर कार्तिक आर्यन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
    बॉम्बे टाइम्स के साथ इंटरव्यू के दौरान, कार्तिक आर्यन से पूछा गया कि फिल्म की खराब परफॉर्मेंस को उन्होंने कैसे हैंडल किया? इसपर उन्होंने कहा, ''मुझे नही लगता है कि मुझे किसी चीज को हैंडल करना पड़ा। जब मुझे 'लव आज कल' ऑफर हुई थी तो मैं इम्तियाज की लव स्टोरी फिल्म पर काम करने की प्रक्रिया को लेकर सबसे ज्यादा एक्साइटेड था।''
    उन्होंने आगे कहा, मैंने सेट पर कई सारी चीजें सीखीं और उस वक्त एनर्जी अलग ही लेवल का था। इसने एक एक्टर के तौर पर मुझे इतना कुछ दिया कि मैं रिजल्ट को लेकर परेशान नहीं हुआ। बॉक्स ऑफिस पर शानदार परफॉर्मेंस मिलना अच्छा है लेकिन औसत से कम होने पर भी मैं परेशान नहीं होता हूं। कम से कम अभी तक तो नहीं, बल्कि फिल्म में मेरी परफॉर्मेंस को बहुत पसंद किया गया, खासकर मेरे पसंदीदा फिल्ममेकर ने जो कि मेरे लिए काफी है।''
    बता दें कि इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कार्तिक के अपोजिट सारा अली खान ने काम किया था। बॉक्स ऑफिस पर 50 करोड़ की कमाई करने के बाद इस फिल्म की रफ्तार थम गई थी। 'जब हैरी मेट सेजल' के बाद यह इम्तियाज की दूसरी फिल्म थी जिसे बॉक्स ऑफिस कुछ खास रिस्पॉन्स नहीं मिला।

    सेहत /शौर्यपथ / हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए विटामिन डी बेहद जरूरी होता है। शरीर में मौजूद विटामिन डी इम्यूनिटी मजबूत बनाने रखने के साथ वायरल संक्रमण से भी बचाने का काम करता है। व्यक्ति सूर्य की रोशनी से लगभग 80 प्रतिशत तक विटामिन डी ग्रहण कर सकता है। लेकिन अक्सर यह देखा गया है कि कई कारणों से लोग धूप नहीं सेंक पाते हैं, जिसकी वजह से उनके शरीर में विटामिन डी की कमी होने लगती है। जो हड्डियों के कमजोर होने की सबसे बड़ी वजह है। अगर आपके साथ भी कुछ इस तरह की परेशानी है और आप धूप नहीं सेंक पाते हैं तो विटामिन डी की कमी पूरी करने के लिए अपनाएं ये उपाय।
    संतरा-
    संतरे में विटामिन सी और डी की अच्छी मात्रा पाई जाती है। अगर सर्दियों में आप किसी वजह से धूप नहीं सेंक पा रहे हैं तो विटामिन डी की कमी पूरी करने के लिए अपनी डाइट में ऑरेंज जूस को शामिल कर सकते हैं।
    मशरूम-
    मशरूम का नियमित सेवन करने से हमारी जरूरत का लगभग 20 प्रतिशत विटामिन डी हमें मिल जाता है, जो विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए पर्याप्त होता है। इतना ही नहीं मशरूम में मौजूद कई पोषक तत्व इम्यूनिटी बढ़ाने का भी काम करते हैं, जिससे व्यक्ति सर्दी-जुकाम से भी दूर रहता है।
    अंडे-
    अंडे का सफेद भाग प्रोटीन-पैक के रूप में जाना जाता है जबकि अंडे की जर्दी विटामिन डी का भंडार है। विटामिन डी की कमी दूर करने के लिए सर्दियों में अंडे का सेवन करें।
    बादाम-
    बादाम में विटामिन डी भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। बादाम में मौजूद विटामिन डी आपको कई शारीरिक समस्याओं से बचाने में मददगार है। बादाम के दूध में विटामिन-डी और कैल्शियम की अच्छी मात्रा मौजूद होती है जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करने के साथ ही इनके विकास में मदद करती है।
    मछली-
    मछली में भरपूर मात्रा में विटामिन डी पाया जाता है। खास तौर पर ट्यूना और सैल्मन जैसी मछली खाना आपकी हड्डियों के लिए फ़ायदेमंद माना जाता है, क्योंकि ये आपके शरीर में विटामिन डी की एक तिहाई मात्रा की आपूर्ति कर देती है।

    शौर्यपथ / घर में खुशहाली और संपन्नता तभी आती है जब परिवार में मधुरता बनी रहे। अगर रिश्ते तनावमुक्त होते हैं तभी उन्नति के मार्ग बनते हैं। रिश्तों में मनमुटाव होने से पूरे परिवार की शांति भंग हो जाती है और इसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है। घर में कलह के कई कारण हो सकते हैं, इनमें वास्तु दोष भी वजह हो सकता है। वास्तु में बताए गए कुछ आसान उपाय परिवार में शांति और प्रेम को बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। आइए जानते हैं इन उपाय के बारे में।

    प्रतिदिन सुबह और शाम घर में कर्पूर जलाएं। रात्रि में सोने से पूर्व कर्पूर जलाकर शयन करने से तनावमुक्त नींद आती है। प्रतिदिन गायत्री मंत्र और आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ करें। नियमित रूप से हनुमान जी की पूजा करें। धार्मिक पुस्तकों का दान करें। अनाज का दान करें। पति-पत्नी के बीच तनाव रहता है तो शुक्रवार के दिन मां कालिका के मंदिर में जाकर उनसे क्षमा मांगें। शुक्रवार के दिन पत्नी को इत्र भेंट करें। यदि पति, पत्नी की मांग में सिंदूर भरे और पत्नी, पति के मस्तक पर पीला तिलक लगाए तो दोनों के बीच विवाद मनमुटाव दूर हो जाते हैं। सूर्योदय से पहले घर में झाडू लगाएं। पहली रोटी गाय और आखिरी रोटी कुत्ते की निकालें और रोजाना उन्हें खिलाएं। यदि घर में भाइयों के बीच क्लेश है तो भगवान श्रीगणेश एवं भगवान कार्तिक का पूजन प्रतिदिन करें। भगवान विष्णु को तुलसी पत्र अर्पित करें। माता-पिता के चरण स्पर्श करें। रामायण का पाठ करें। पूरे घर में शंख की ध्वनि करें। गीता पाठ भी घर में शांति बनाने में सहायक होता है। घर में मिठाई लाएं तो सबसे पहले भगवान को भोग लगाएं, उसके बाद परिवार को खिलाएं। प्रतिदिन दुर्गा चालीसा का पाठ करें।

    शौर्यपथ / कार्यक्षेत्र और व्यापार में बढ़ते काम के दबाव से काम में नीरसता आने लगती है। ऐसे में अपने आसपास सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाना जरूरी हो जाता है। वास्तु में कुछ आसान से वास्तु उपाय बताए गए हैं, जिनसे नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाया जा सकता है। आइए जानते हैं इन वास्तु उपाय के बारे में।
    घर या प्रतिष्ठान में जितनी रोशनी होगी घर का माहौल उतना सकारात्मक होगा। प्रतिदिन कुछ समय स्वच्छ हवा और सूरज की रोशनी में व्यतीत करें। घर या प्रतिष्ठान में रोजाना सुबह और शाम धूप जलाएं। भगवान की पूजा करते वक्‍त कुछ देर के लिए घंटी जरूर बजाएं। शंख की ध्‍वनि नकारात्‍मक ऊर्जा दूर करती है। माना जाता है कि घर में शंख रखने मात्र से आर्थिक परेशानियां दूर होने लगती हैं। घर के किसी कोने में अंधेरा रहता है तो वहां हर हफ्ते नियमित रूप से गंगाजल छिड़कें। सूर्य के प्रकाश में कटोरी में गंगाजल लेकर रखें और कुछ देर बाद इसका पूरे घर में छिड़काव करें। घर में कर्पूर के टुकड़े रखने से मन शांत होता है। अपने बेड के नीचे कबाड़ की चीजें न रखें। कमरे के अंदर गमले में पौधे न रखें। भोजन करने से पहले देवी-देवताओं को भोग लगाना चाहिए। सूर्यास्त के बाद स्त्रियों का कंघा नहीं करना चाहिए। घर के शौचालय का दरवाजा हमेशा बंद रखें। घर या प्रतिष्ठान में लगे पेड़-पौधे अगर सूख जाएं तो उन्हें तुरंत हटा दें। घर में श्री यंत्र रखना शुभ माना जाता है। घर या ऑफिस में लॉफिंग बुद्धा रखना शुभ माना जाता है। सुबह और शाम घर में सुगंधित अगरबत्ती या धूप जलाएं। घर के बाहर लगी नेमप्लेट हमेशा साफ रखें।

    धर्म संसार / शौर्यपथ / सूर्यदेव को अग्नि का स्वरूप एवं प्रत्यक्ष देवता माना गया है। वास्तु शास्त्र में सूर्य का विशेष महत्व है। ऊर्जा के असीम भंडार सूर्यदेव को लेकर वास्तु में कुछ रोचक उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर हम अपने जीवन को और बेहतर बना सकते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
    सूर्योदय से पहले ब्रह्ममुहूर्त का समय अध्ययन के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। विद्यार्थियों को इस समय का सदुपयोग करना चाहिए। ब्रह्ममुहूर्त का समय स्वास्थ्य की दृष्टि से सर्वोत्तम माना जाता है। सूर्योदय के समय घर के सभी दरवाजे और खिड़कियां खोल देनी चाहिए। सूर्योदय के समय की किरणें स्वास्थ्य की दृष्टि से सर्वोत्तम मानी जाती हैं। घर में कृत्रिम रोशनी का प्रयोग कम से कम करना चाहिए। घर का कोई हिस्सा ऐसा है जहां सूर्यदेव का प्रकाश नहीं आ पा रहा तो वहां सूर्यदेव की तांबे की प्रतिमा लगाई जा सकती है। रसोईघर और स्नानघर में भी सूर्य का प्रकाश पहुंचे ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए। घर में सूर्यदेव के साथ सात घोड़ों की तस्वीर पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। घर में जहां कीमती जेवरात रखे हों, वहां तांबे की सूर्य प्रतिमा लगाने से घर में कभी आर्थिक परेशानी नहीं आती है। बच्चों के स्टडी रूम में सूर्यदेव की प्रतिमा लगाने से सकारात्मक परिणाम सामने आने लगते हैं। परिवार में अगर कोई व्यक्ति रोगी है तो उसके कमरे में सूर्यदेव की प्रतिमा अवश्य लगाएं। वास्तु के अनुसार रसोईघर में तांबे की सूर्य प्रतिमा लगाने से कभी अन्न की कमी नहीं होती। कार्यालय या दुकान में सूर्य प्रतिमा लगाने से उन्नति के अवसर मिलते हैं। घर के मंदिर में तांबे की सूर्य प्रतिमा लगाने से घर-परिवार पर सूर्य देव की कृपा बनी रहती है।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए बारदानों की कमी को देखते हुए किसानों के पुराने बारदानों का उपयोग खरीदी के लिए करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में आज मंत्रालय महानदी भवन से खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा किसानों के पुराने जूट बारदानों में धान खरीदी करने के संबंध में आदेश जारी किया गया है।
    आदेश के अनुसार बेमेतरा, बीजापुर, बालोद समेत राज्य के विभिन्न जिलों से धान खरीदी के लिए पुरानों बारदानों की कमी होने के कारण विकल्प के रूप में किसानों के पास उपलब्ध पुराने बारदानों का उपयोग करने का अनुरोध किया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए किसानों द्वारा उपलब्ध कराए गए केवल पुराने जूट बारदानों में ही धान खरीदी करने की अनुमति दी गई है। किसानों के बोरे का धान खरीदी में उपयोग होने पर उसे मिलिंग पश्चात किसानों को वापस किया जाएगा। बोरा उपयोग के लिए किसानों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित उपयोगिता शुल्क देने के निर्देश दिए गए हैं। जिलों में किसानों के बारदाने के उपयोग करने की अनुमति प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित द्वारा कलेक्टर से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर विशिष्ट समितियों हेतु आवश्यकता एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखकर दी जा सकेगी। धान खरीदी के लिए किसान द्वारा उपलब्ध कराए गए पुराने बारदाने अच्छी अवस्था में एवं उपयोगी किस्म के होनी चाहिए, जिसमें 40 किलोग्राम धान की भरती हो सके।

         रायपुर / शौर्यपथ / महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री तथा कबीरधाम जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने मंगलवार को कवर्धा के सर्किट आउस में में प्रेस वार्ता लेकर छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष की उपलब्धियां बताई। श्रीमती अनिला भेंड़िया ने कहा कि प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य का चहुमुखी विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में हम गड़बो नवा छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ काम कर रहे है। इन दो वर्षों में हमने 24 बड़े-बड़े वायदे पूरे किए हैं। आने वाले वर्षों में सभी वायदे पूरे किए जाएंगे। इस अवसर पर पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चन्द्राकर, कवर्धा नगर पालिका अध्यक्ष ऋषि शर्मा, बोड़ला नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सावित्री साहू, कलेक्टर  रमेश कुमार शर्मा भी उपस्थित थे।
             श्रीमती भेंड़िया ने कहा कि प्रदेश की जनता से किए वायदे पर हमारी सरकार ने पहले दिन से ही अमल करना शुरू कर दिया है। शपथ ग्रहण के तत्काल बाद ही किसानों की कर्ज माफी और 2500 रूपए में धान खरीदी के निर्णय लिए गए। राज्य सरकार द्वारा पिछले दो वर्षों में गांव, गरीब, किसान, मजदूर, वनआश्रितों, महिलाओं, बच्चों, युवाओं सहित प्रदेश के सभी वर्गो के विकास के लिए कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी जिलों को उनकी विशेषता के अनुरूप विकास की नई दिशा दी जा रही है। उन्होने कहा कि राज्य सरकार ने धान से बायो एथेनॉल उत्पादन के क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। नवीन औद्यौगिक नीति के तहत उच्च प्राथमिकता सूची में जैव ईधन शामिल है। इस नीति के तहत कबीरधाम जिले के भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना में एथेनॉल उत्पादन आने वाले समय किया जा सकेगा। इससे कबीरधाम जिले के युवाओं के लिए एक नए रोजगार का द्वार खुलेगा। कबीरधाम जिले मे रोजगार सृजन के साथ-साथ पर्यटन विकास को विशेष जोर दिया जा रहा है।
         श्रीमती भेंड़िया ने बताया कि प्रदेश के 18 लाख किसानों का करीब 9 हजार करोड़ रूपए अल्पकालीन कृषि ऋण माफ, जल कर के रूप में 17 लाख किसानों का 244 करोड़ रुपए बकाया माफ किया गया है। बस्तर जिले में किसानों की 1764.61 हेक्टेयर अधिग्रहित भूमि वापस की गई है। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने तथा फसल उत्पादकता में वृद्धि के उद्देश्य से प्रदेश में राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की गई है इससे 19 लाख से अधिक किसानों को 5750 करोड़ रुपए की आदान सहायता चार किश्तों में प्रदान किया जा रहा है। किसानों को तीन किश्तों में 4500 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है अंतिम किश्त आगामी मार्च महीने में दी जाएगी। हमारी सरकार ने देश में अपने तरह की पहली अनूठी योजना-गोधन न्याय योजना शुरू की है, जिसके तहत 2 रुपए किलो की दर से गोठानों में गोबर की खरीदी की जा रही। इस योजना के माध्यम से जैविक खेती, पशुओं की देखभाल के साथ फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। यह किसानों की अतिरिक्त आय का यह जरिया साबित हुई है। गोधन न्याय योजना के तहत अब 1.36 लाख गोबर विक्रेताओं को 59 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। राज्य सरकार ने गोठानों में निर्मित वर्मी कम्पोस्ट की न्यूनतम विक्रय दर को 8 रूपए से बढ़ाकर 10 रूपए कर दिया है।
           प्रदेश के सभी छोटे-बड़े नालों को पुनर्जीवित करने एवं जल संरक्षण तथा भू-जल संवर्धन के लिए सभी जिलों में नरवा विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत 1028 नालों का चयन कर संवर्धन की योजना बनाई गई है। देशव्यापी लॉकडाउन के बावजूद छत्तीसगढ़ के कृषि सहित सभी क्षेत्रों में आर्थिक तेजी रही। रिजर्व बैंक सहित अनेक राष्ट्रीय एजेंसियों ने इसे सराहा है। लाख की खेती के लिए किसानों को अब सहकारी समितियों से अन्य फसलों की तरह अल्पकालीन ऋण सुविधा दी गई है। कृषि पंप ऊर्जीकरण के लिए विद्युत लाइनों के विस्तार हेतु प्रति पंप एक लाख रुपए का अनुदान। दो वर्षों में 57 हजार से अधिकपंपों का ऊर्जीकरण किया गया है। 3 हार्स पावर तक कृषि पंपों में 6000 यूनिट प्रतिवर्ष एवं 03 से 05 हार्स पावर के कृषि पंपों में 7500 यूनिट प्रति वर्ष छूट का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा फ्लेट रेट में बिजली प्राप्त करने का भी विकल्प है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसानों के लिए विद्युत खपत की कोई सीमा नहीं पूरी बिजली निःशुल्क है। विद्युत पहुंच विहीन क्षेत्रों में दो वर्षों में 25000 से अधिक सोलर पंपों की स्थापना की गयी है। विभिन्न योजनाओं के लिए किसानों की भूमि के अधिग्रहण पर मुआवजा राशि 2 गुना से बढ़ाकर अब 4 गुना कर दिया गया है। 57 नवीन पशु औषधालयों की स्थापना की गई और 29 पशु औषधालयों, कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों का पशु चिकित्सालयों में उन्नयन किया गया। इंद्रावती नदी पर 22 हजार 653 करोड़ रुपए की बोधघाट बहुदेशीय परियोजना का काम आगे बढ़ा है। बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 03 लाख 66 हजार हेक्टेयर में नयी सिंचाई क्षमता निर्मित होगी। मनरेगा से इस वर्ष अब तक करीब 27 लाख परिवारों के करीब 51 लाख श्रमिकों को काम दिया गया। इसके तहत साढ़े दस करोड़ मानव दिवस रोजगार का सृजन कर 2305 करोड़ रूपए की मजदूरी का भुगतान किया गया। प्रदेश में इस साल 1.28 लाख परिवारों को 100 दिनों का रोजगार दिया गया है। वन अधिकार पट्टाधारी 21 हजार से अधिक परिवारों को भी 100 दिनों से अधिक का रोजगार दिया गया है। मनरेगा अभिसरण से धान उपार्जन केंद्रों में 6692 पक्के चबूतरों का निर्माण किया गया है। दो वर्ष पूरे होने पर 16 हजार 278 शिक्षाकर्मियों का संविलयन किया गया है। 14 हजार 580 नियमित शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही श्रीमती भेंड़िया ने विभागवार दो वर्ष की उलब्धियां भी बर्ताइं।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision