August 08, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    जिले में 2 लाख 19 हजार 271 हितग्राहियों को 90 करोड़ 11 लाख 86 हजार की मिली सहायता
    राजनांदगांव / शौर्यपथ / शासन द्वारा दिव्यांगजन, वृद्धजन एवं जरूरतमंदों को विभिन्न योजनाओं के तहत मदद की जा रही है। समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धजन, दिव्यांगजन एवं विधवा तथा जरूरतमंद लोगों के लिए संचालित योजनाओं के तहत जिले में बड़ी संख्या में गरीब एवं जरूरतमंद लाभान्वित हुए हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत वर्ष 2019-20 में 49 करोड़ 90 लाख 35 हजार रूपए की राशि 1 लाख 8 हजार 149 हितग्राहियों को तथा वर्ष 2020-21 के नवम्बर के अंत तक 40 करोड़ 21 लाख 51 हजार की राशि 1 लाख 11 हजार 122 हितग्राहियों को प्रदान की गई है।
    कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा के निर्देशन में समाज कल्याण विभाग द्वारा सफलतापूर्वक कार्य किया जा रहा है। उप संचालक समाज कल्याण विभाग श्री बीएल ठाकुर ने बताया कि विगत दो वर्षों में जिले में समाज कल्याण विभाग से विभिन्न योजनाओं के तहत लोगों को सहायता मिली है। ज्ञातव्य है कि वर्ष 2019-20 में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन के अंतर्गत 31 हजार 983 हितग्राहियों को 10 करोड़ 13 लाख 30 हजार रूपए की राशि, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के तहत 13 हजार 221 हितग्राहियों को 5 करोड़ 7 लाख 56 हजार रूपए की राशि, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन के तहत 2 हजार 5 हितग्राहियों को 86 लाख 65 हजार रूपए की राशि, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत 619 हितग्राहियों को 1 करोड़ 23 लाख 80 हजार रूपए की राशि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत 19 हजार 627 हितग्राहियों को 16 करोड़ 87 लाख 76 हजार रूपए, सुखद सहारा पेंशन योजना के तहत 12 हजार 474 हितग्राहियों को 5 करोड़ 29 लाख 32 हजार रूपए की राशि, मुख्यमंत्री पेंशन योजना के तहत 27 हजार 12 हितग्राहियों को 9 करोड़ 86 लाख 70 हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की गई है। वहीं दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत 45 हितग्राहियों को 27 लाख रूपए, दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना के तहत 903 हितग्राहियों को 23 लाख रूपए, सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत 1 हितग्राही को 20 हजार रूपए, उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत 6 हितग्राहियों को 31 हजार रूपए, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदाय योजना के तहत 253 हितग्राहियों को 4 लाख 75 हजार रूपए की राशि की मदद की गई है।
    वर्ष 2020-21 में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन के अंतर्गत 32 हजार 544 हितग्राहियों को 9 करोड़ 9 लाख 99 हजार रूपए की राशि, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के तहत 13 हजार 599 हितग्राहियों को 4 करोड़ 66 लाख 42 हजार रूपए की राशि, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन के तहत 2 हजार 11 हितग्राहियों को 73 लाख 66 हजार रूपए की राशि, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत 403 हितग्राहियों को 80 लाख 60 हजार रूपए की राशि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत 20 हजार 93 हितग्राहियों को 10 करोड़ 92 लाख 97 हजार रूपए, सुखद सहारा पेंशन योजना के तहत 12 हजार 864 हितग्राहियों को 4 करोड़ 75 लाख 82 हजार रूपए की राशि, मुख्यमंत्री पेंशन योजना के तहत 29 हजार 357 हितग्राहियों को 8 करोड़ 96 लाख 98 हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की गई है। वहीं दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत 39 हितग्राहियों को 25 लाख रूपए, उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत 2 हितग्राहियों को 7 हजार रूपए की राशि की मदद की गई है।

    भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र में आयोजित शिरोमणि पुरस्कार में पॅावर जोन से उत्कृष्ट कार्य प्रदर्षित करने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों को पाली शिरोमणि एवंं कर्म शिरोमणि पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
    इस संदर्भ में आयोजित कार्यक्रम में अतिउत्तम कार्य प्रदर्शन के लिए पाली शिरोमणि पुरस्कार से सम्मनित दिलीप कुमार, वरि. प्रबंधक, पी.ई.एम. एवं तरूण कुमार दत्ता, सहा. महाप्रबंधक, पी.बी.एस. एवं कर्म शिरोमणि पुरस्कार से सम्मानित शेषलाल जुरेशिया, चार्जमेन कम सीनि. तकनीशियन, पी.ई.एम., तिलकदास ठाकुर, सीनि. तकनीशियन;डद्धपी.बी.एस., सुरेश कुमार साहू,चार्जमेन कम सीनि. आपरेटर पी.बी.एस., आर.पी. सिंह,सीनि. तकनीशियन, पी.ई.एम., भूषण लाल गॅंवरे, सीनि. तकनीशियन, पी.बी.एस., हेमन्त कुमार शर्मा, सीनि. तकनीशियन, पी.बी.एस. एवंश्रीविजय कुमारगुप्ता,सीनि. तकनीशियन, पी.ई.एम. विभाग को सम्मानित किया गया।। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर समारोह के दौरान पुरस्कारों के संचालन और वितरण में सामाजिक दूरी के मानदंडों का पालन किया गया। कार्यक्रम में एच.के. साहू, महाप्रबंधक प्रभारी, पी.ई.एम. एवं के.सी. त्रिपाठी, महाप्रबंधक, पी.बी.एस. पॅावर जोन ने पुरस्कार विजेताओं को प्रवीणता प्रमाण पत्र, स्मुति चिन्ह और कर्मचारी के जीवनसाथी के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान किया। कार्यक्रम में उपस्थित एस.के. सारंगी, महाप्रबंधक, पी.बी.एस.,पी कृष्णमोहन, महाप्रबंधक, पी.बी.एस., विद्यासागर देवंढ्ढगन, महाप्रबंधक, पी.बी.एस. राहुल निगम, महाप्रबंधक, पी.ई.एम., पी.एस. खोबरागड़े, महाप्रबंधक, पी.ई.एम., महिन्द भगत, उप महाप्रबंधक, पी.ई.एम. ने पुरस्कार विजेताओं के कार्यस्थल में योगदान एवं उल्लेखनीय उपलब्धियों को सराहा। इस कार्यक्रम का संचालन कार्मिक कार्यालय शक्ति एवं विद्युत द्वारा किया गया।

    दुर्ग / शौर्यपथ / पूर्व सैनिक सेवा परिषद छग जिला दुर्ग द्वारा 20 दिसम्बर को विजय दिवस का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में परिषद के प्रदेशाध्यक्ष किशोरीलाल साहू, प्रदेश महासचिव पवन निषाद, कोषाध्यक्ष महावीर प्रसाद टण्डन, भुवन लाल व उदय वर्मा ने प्रेसवार्ता में कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम शहीद स्मारक स्थल, शहीद कौशल यादव नगर,हुडको भिलाई में रविवार 20 दिसंबर को दोपहर 3 बजे आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम के मुख्यातिथि गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू है,कार्यक्रम की अध्यक्षता दुर्ग सांसद विजय बघेल करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, वैशालीनगर विधायक विद्यारतन भसीन, संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद, दुर्ग विधायक अरुण वोरा, केशव बंटी हरमुख, इंद्रजीत सिंह,जसबीर सिंह चहल विशेष अतिथि दुर्ग कलेक्टर एवं दुर्ग पुलिस अधीक्षक तथा सैन्य विशेष अतिथि कमान अधिकारी 37एनसीसी बटालियन, दुर्ग व जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, दुर्ग उपस्थित रहेंगे।
    दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम कि शुरुआत की जाएगी। शहीदो को श्रद्धांजलि, शहीद परिवारों का सम्मान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रंगोली प्रतियोगिता, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, ड्राईंग/पेंटिंग प्रतियोगिता, बेस्ट कपल, हाउस गार्डनिंग प्रतियोगिता, देशभक्ति सम्बंधित डांस आदि का भी आयोजन किया जाएगा। विजेताओं को पुरस्कार वितरण किया जाएगा

    भिलाई / शौर्यपथ / प्रबंधक भिलाई नागरिक सहकारी बैंक मर्या. बी मार्केट, सेक्टर 6, भिलाई को छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 173 एवं 174 के अंतर्गत समय सीमा में बकाया राशि 442480.00 (4 लाख 42 हजार 480) जमा करने नोटिस दिया गया था! परंतु प्रबंधक भिलाई नागरिक सहकारी बैंक मर्या. बी मार्केट, सेक्टर 6, भिलाई द्वारा राशि जमा नहीं की गई है जिस पर आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने कुर्की का वारन्ट जारी कर दिया है।
    इसके लिए जोन क्रमांक 5 के प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी मलखान सिंह सोरी को अधिनियम की धारा 175 के तहत् आदेश दिया गया है कि जब तक कि प्रबंधक भिलाई नागरिक सहकारी बैंक मर्या. बी मार्केट, सेक्टर 6, भिलाई समाधान योग्य यह सिद्ध न कर दे कि मांगी गई राशि नगर पालिक निगम, भिलाई को चुका दी गई है तथा जब तक कि मांगी गई राशि चुका न दें वसूली के समस्त खर्च सहित नागरिक सहकारी बैंक मर्या. बी मार्केट, सेक्टर 6, भिलाई के चल सम्पत्ति के अभिहरण या उसकी अचल सम्पत्ति की कुर्की तथा विक्रय द्वारा वसूल धारा 178 के अंतर्गत कार्यवाही की जाये। अधिनियम की धारा 177 के उपबंधों के अधीन रहते हुए वारन्ट में निर्देश अभिहरण करने की दृष्टि से सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच किसी भी समय भवन के बाहरी या भीतरी दरवाजे या खिड़की को तोड़कर खोलने के लिए प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी मलखान सिंह सोरी को प्राधिकृत किया गया है साथ ही श्री सोरी 29 दिसंबर 2020 को या उसके पूर्व वारन्ट जारी किये गयेे दिनांक से कुर्क की गई सम्पत्ति की तालिका को भी संलग्न कराएंगे।

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने संत गुरू घासीदास जयंती के अवसर पर राजभवन के दरबार हॉल में संत बाबा गुरू घासीदास और शहीद वीरनारायण सिंह के तैल चित्र का अनावरण किया। साथ ही उन्होंने संत बाबा गुरू घासीदास के छायाचित्र पर पुष्पांजली अर्पित कर उन्हें नमन किया।
    राज्यपाल ने कहा कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर मैं दोनों महापुरूषों को नमन करती हूं। छत्तीसगढ़ संतों की भूमि रही है, उनमें से प्रमुख संत बाबा गुरूघासीदास जी थे। उनका जन्म 18 दिसंबर 1756 को बलौदाबाजार जिले के गिरौदपुरी गांव के एक सामान्य परिवार में हुआ था। उन्होंने सात दिव्य संदेश दिए, जिसमें एक प्रमुख संदेश था कि सतनाम को मानों सत्य ही ईश्वर है, ईश्वर ही सत्य है। बाबा घासीदास जी ने सभी जीवों को एक समान बताया और सादा जीवन उच्च विचार रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने जातिप्रथा तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों पर कुठाराघात किया।
    उन्होंने कहा कि 10 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के महान सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह की पुण्यतिथि थी। उनका जन्म बलौदाबाजार के ग्राम सोनाखान के एक बिंझवार आदिवासी परिवार में हुआ। उन्होंने एक भीषण सूखा पड़ने पर एक व्यापारी से गरीब जनता से अनाज देने का निवेदन किया, पर उनके न मानने पर उनके गोदाम से अनाज को निकलवा कर गरीब जनता को बटवा दिया। उनके इस कार्य को अंग्रेजों ने अपराध माना और उसे जेल में बंद कर दिया। बाद में वे जेल से भाग निकले और स्वयं की सेना बनाकर अंग्रेजों के विरूद्ध विद्रोह किया। कुछ समय पश्चात उनकी सेना युद्ध हार गई और उन पर मुकदमा चलाया गया और शहीद वीर नारायण सिंह को फांसी की सजा दी गई। आज शहीद वीर नारायण सिंह हमारे बीच नहीं है परंतु उनकी स्मृतियां और उनका जीवन हमें प्रेरणा देती है।
    इस अवसर पर राज्यपाल की उप सचिव श्रीमती रोक्तिमा यादव एवं नियंत्रक हरबंश मिरी उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ /  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 19 दिसंबर को रायपुर के व्ही.आई.पी. रोड स्थित बेबीलान इंटरनेशनल में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ के नवा बिहान‘ कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल दोपहर 12.30 बजे अपने निवास कार्यलय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बेमेतरा जिले के ग्राम सिलघट (भिंभौरी) में अनावरण और कार्यक्रम को सम्बोधित करेंगे। वे दोपहर 1.10 बजे छत्तीसगढ़ के नवा बिहान कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कुम्हारी में आयोजित बाबा गुरु घासीदास जयंती समारोह में भी शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्य मनुष्य का आभूषण है। बाबा गुरू घासीदास जी ने मनखे मनखे एक समान का सिद्धान्त दिया। उन्होंने करुणा, प्रेम, सत्य, अहिंसा का संदेश दिया। यह बहुत प्रभावशाली संदेश है। इसके माध्यम से देश को आजादी मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु घासीदास के संदेश को सहेजने के लिए नया रायपुर में 10 एकड़ क्षेत्र में गुरु घासीदास संग्रहालय एवं शोध पीठ बनेगा। उन्होंने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी के संदेश पर चलकर छत्तीसगढ़ राज्य निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उनके विचार हमें हमेशा प्रेरित करते रहेंगे। इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव एवं अन्य जनप्रतिनिधि और समाज के लोग उपस्थित थे।

    बाबा गुरु घासीदास के नाम पर नया रायपुर में बनेगा संग्रहालय एवं शोध पीठ
    मिनीमाता के नाम पर बनेंगे डायग्नोस्टिक सेंटर
    राजधानी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुसूचित जाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए बनेगा 200 सीटर हॉस्टल
    पंथी नृत्य के महान कलाकार स्वर्गीय श्री देवदास बंजारे की स्मृति में राज्य स्थापना दिवस समारोह में पंथी नृत्य पुरस्कार दिए जाएंगे
    गुरु घासीदास सेवा समिति ने भिलाई के सेक्टर 6 में आयोजित किया था कार्यक्रम

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज बाबा गुरू घासीदास जयंती के अवसर पर चार बड़ी घोषणाएं की। भिलाई के सेक्टर 6 में गुरु घासीदास सेवा समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने नया रायपुर में गुरु घासीदास जी के नाम पर शोध पीठ एवं संग्रहालय स्थापित करने की घोषणा के साथ ही निगम क्षेत्रों में डायग्नोस्टिक सेंटर आरंभ करने की घोषणा भी की जिनका नाम मिनी माता के नाम पर होगा। मुख्यमंत्री ने पंथी नृत्य के महान कलाकार स्वर्गीय श्री देवदास बंजारे की स्मृति में राज्य स्थापना दिवस समारोह में पंथी नृत्य पुरस्कार आरंभ करने का की घोषणा भी की, साथ ही उन्होंने राजधानी में अनुसूचित जाति वर्ग के छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षा में सुविधा देने के लिए रहवासी हॉस्टल 200 सीटर क्षमता के निर्माण की घोषणा भी की।
    मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि गुरु घासीदास बाबा का महान संदेश मनखे मनखे एक समान है। यह समानता का सिद्धांत हमारे संविधान का भी अहम हिस्सा है। बाबा जी ने आज से ढाई सौ साल पहले अहिंसा और सत्य का संदेश दिया जो उद्देश्यपूर्ण जीवन का मूल स्रोत है। महात्मा गांधी ने अहिंसा और सत्य के सिद्धांतों पर चलकर देश को आजादी दिलाई। बाबा साहब अंबेडकर ने जब हमारे संविधान का निर्माण किया जो उन्होंने संविधान में समानता की मूल भावना शामिल की। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ बाबा गुरु घासीदास जी के दिखाए हुए आदर्श पर चल रहा है। हमारा छत्तीसगढ़ का समाज समतामूलक समाज है। हम सब यहां प्रेम और सद्भाव से रहते हैं। बाबा गुरु घासीदास ने हमें प्रेम, अहिंसा, सत्य और करुणा का संदेश दिया है इन्हीं संदेशों पर चलकर छत्तीसगढ़ लगातार तरक्की और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
    इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ बाबा गुरु घासीदास और बाबा साहब अंबेडकर के दिखाए आदर्शों पर चल रहा है। बाबा जी ने जो मनखे मनखे एक समान का सिद्धांत दिया था, वह हमारा आदर्श सिद्धांत है हम इसी सिद्धांत पर चलते हुए छत्तीसगढ़ को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस मौके पर भिलाई के विधायक एवं महापौर देवेंद्र यादव, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भुनेश्वर बघेल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

    सेहत /शौर्यपथ / अनहेल्दी लाइफस्टाइल और जंक फूड के सेवन का सीधा असर आपके पेट यानी की आपकी पाचन शक्ति पर पड़ता है। खराब खानपान और व्यायाम न होने के कारण पाचन से जुड़ी समस्या परेशान करती है। अगर आप भी इन्हीं समस्याओं से परेशान हैं, तो आपको अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करना चाहिए। जी हां योगासन की मदद से आप पाचन संबंधी परेशानियों से राहत पा सकते है। आइए जानते है कौन से योगासन है जिनका आपको नियमित अभ्यास करना चाहिए....
    कपालभाति प्राणायाम
    अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए पद्मासन, सुखासन या वज्रासन में बैठ जाएं। अपने हाथों को घुटनों पर रखें और एक लंबी गहरी सांस अंदर लें। सांस छोड़ते हुए अपने पेट को अंदर की ओर खींचें। पेट की मांसपेशियों के सिकुड़ने को आप अपने पेट पर हाथ रखकर महसूस भी कर सकते हैं। नाभि को अंदर की ओर खींचें। जैसे ही आप पेट की मांसपेशियों को ढीला छोड़ते हैं, सांस अपने आप ही आपके फेफड़ों में पहुंच जाती है। कपालभाती 5 मिनट से शुरू करके 10 और 30 मिनट तक किया जा सकता है। कपालभाती प्राणायाम करते समय जोर से सांस को बाहर छोड़ें।यह पाचन क्रिया को अच्छा करता है और पोषक तत्वों को बढ़ाता है। यह वजन कम करने में मदद करता है।नाड़ियों का शुद्धिकरण करता है। रक्त शुद्ध होता है और चेहरे पर चमक बढ़ाता है।
    मत्स्यासन
    मत्स्य का अर्थ है- मछली। इस आसन में शरीर का आकार मछली जैसा बनता है, अत: यह मत्स्यासन कहलाता है। यह आसन छाती को चौड़ा कर उसे स्वस्थ बनाए रखने में सक्षम है। सावधानी : छाती व गले में अत्यधिक दर्द या अन्य कोई रोग होने की स्थिति में यह आसन न करें। बड़ी सावधानी से यह आसन करना चाहिए, शीघ्रता से गर्दन में मोच आ जाने का भय रहता है, क्योंकि धड़ को बिल्कुल ऊपर कर देना होता है। यह आसन एक मिनट से दो मिनट तक किया जा सकता है। इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है। गला साफ रहता है तथा छाती और पेट के रोग दूर होते हैं। रक्ताभिसरण की गति बढ़ती है, जिससे चर्म रोग नहीं होता। दमे के रोगियों को इससे लाभ मिलता है। पेट की चर्बी घटती है। खांसी दूर होती है।
    धनुरासन
    मकरासन की अवस्था में पेट के बल लेट जाएँ। फिर दोनों पैरों को आपस में सटाते हुए हाथों को कमर से सटाएँ। ठोड़ी भूम‍ि पर रखें। एड़ी-पंजे और घुटने मिले हुए हों। कोहनियाँ कमर से सटी हुई और हथेलियाँ ऊपर की ओर रखें।अब टाँगों को घुटनों से मोड़ें। फिर दोनों हाथों से पैरों को टखनों के पास से पकड़ें। हाथों और पैरों को खींचते हुए घुटने भी ऊपर उठाएँ। जितना हो सके उतना सिर पीछे की ओर ले जाएँ। प्रयास कीजिए क‍ि पूरे शरीर का बोझ नाभिप्रदेश के ऊपर ही रहे। पैर के तलवे और सिर समान रूप से सीध में रहें। कुम्भक करके इस स्थिति में 30-40 सेकंड तक रहें।वापस आने के लिए पहले ठोड़ी को भूमि पर टिकाएँ, फिर हाथों को बाद में धीरे-धीरे पैरों को भूमि पर लाते हुए पुन: मकरासन की स्थिति में लेट जाएँ और पूरक करें। श्वास-प्रश्वास के सामान्य होने पर दूसरी बार करें। इस प्रकार 3-4 बार करने से इसका अभ्यास बढ़ता है।
    धनुरासन से पेट की चरबी कम होती है। इससे सभी आंतरिक अंगों, माँसपेशियों और जोड़ों का व्यायाम हो जाता है। गले के तमाम रोग नष्ट होते हैं। पाचनशक्ति बढ़ती है। श्वास की क्रिया व्यवस्थित चलती है। मेरुदंड को लचीला एवं स्वस्थ बनाता है। सर्वाइकल, स्पोंडोलाइटिस, कमर दर्द एवं उदर रोगों में लाभकारी आसन है। स्त्रियों की मासिक धर्म सम्बधी विकृतियाँ दूर करता है। मूत्र-विकारों को दूर कर गुर्दों को पुष्ट बनाता है।

    सेहत / शौर्यपथ / सर्दियों के आते ही सिंघाड़ा मिलना शुरू हो जाता है। कई लोगों को ये खूब पसंद भी आता है। इसे अंग्रेजी में वाटप चेस्टनट कहा जाता है। सिंघाड़ा खाने में जितना स्वादिष्ट है उतना ही इसके फायदे अनेक है जी हा स्वास्थ्य के लिहाज से ये काफी फायदेमंद होता है। वहीं अगर आप इसका नियमित सेवन करते है तो आपको कई बीमारियों से सुरक्षा मिलती हैं। तो आइए बिना देरी किए जानते हैं सिंघाड़े के फायदो के बारे में.......
    ये बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। इसलिए इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।
    सांस संबंधी परेशानियों से राहत पाने के लिए सिंघाड़ा बहुत फायदेमंद होता है। अस्थमा के मरीजों के लिए सिंघाड़ा बहुत लाभकारी होता है। सिंघाड़े को नियमित रूप से खाने से सांस संबधी समस्याओं से भी राहत मिलती है।
    मेटाबॉलिज्म को स्ट्रोंग करने के लिए सिंघाड़ा का सेवन लाभकारी होता है। ये फल वजन को नियंत्रण में रखने में भी सहायक होता है। अगर आप अपने वजन को कम करना चाहते है, तो सिंघाड़े को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।
    बवासीर से जो लोग परेशान होते है उनके लिए भी सिंघाड़े का सेवन काफी लाभकारी होता है। ये इस मुश्किल समस्या से निजात दिलाने में कारगर होता है।
    सिंघाड़े में कैल्शियम भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके सेवन से
    हड्ड‍ियां और दांत स्ट्रोंग होते है। साथ ही यह आंखों के लिए भी फायदेमंद है।

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