
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
धर्म संसार / शौर्यपथ / फिर अभिमन्यु चक्रव्यूह का भेदन करने लगता है और अंदर घुसता ही जाता है कि परंतु जयद्रथ आकर भीम और अन्य पांडवों को बीच में ही रोककर चक्रव्यूह में घुसने से रोक देता है। अभिमन्यु चक्रव्यूह भेदने रथ पर सवार होकर निकल जाता है। प्रारंभ में यही सोचा गया था कि अभिमन्यु व्यूह को तोड़ेगा और उसके साथ अन्य योद्धा भी उसके पीछे से चक्रव्यूह में अंदर घुस जाएंगे। लेकिन जैसे ही अभिमन्यु घुसा जयद्रथ के कहने पर व्यूह फिर से बदला और पहली कतार पहले से ज्यादा मजबूत हो गई तो पीछे के योद्धा, भीम, सात्यकि, नकुल-सहदेव कोई भी अंदर घुस ही नहीं पाए। सभी को जयद्रथ ने रोक लिया। युद्ध में शामिल योद्धाओं में अभिमन्यु के स्तर के धनुर्धर दो-चार ही थे यानी थोड़े ही समय में अभिमन्यु चक्रव्यूह के और अंदर घुसता तो चला गया, लेकिन अकेला, नितांत अकेला। उसके पीछे कोई नहीं आया।
उधर, अर्जुन सुशर्मा से युद्ध करते हुए बहूत दूर निकल जाते हैं।
जैसे-जैसे अभिमन्यु चक्रव्यूह के सेंटर में पहुंचते गए, वैसे-वैसे वहां खड़े योद्धाओं का घनत्व और योद्धाओं का कौशल उन्हें बढ़ा हुआ मिला, क्योंकि वे सभी योद्धा युद्ध नहीं कर रहे थे बस खड़े थे जबकि अभिमन्यु युद्ध करता हुआ सेंटर में पहुंचता है। द्रोर्णाचार्य अभिमन्यु की तारीफ करते हैं कि यह बहादुर योद्धा है जिसने अकेले ही चक्रव्यूह को भेद दिया और महारथियों की तरह लड़ रहा है।
अभिमन्यु केंद्र में पहुंचकर द्रोणाचार्य, मद्र नरेश शल्य, कुलगुरु कृपाचार्य, अंगराज कर्ण, द्रोणपुत्र अश्वत्थामा, मामाश्री शकुनि, दु:शासन, दुर्योधन, कृतवर्मा, जयद्रथ आदि से युद्ध करके सभी को अकेले ही घायल कर देता है। दुर्योधन यह देखकर द्रोण सहित सभी से कहता है कि इस पर एक साथ आक्रमण करो। द्रोण अभिमन्यु को घायल कर देते हैं।
उधर, युधिष्ठिर को इसका पश्चाताप होता है और वह कहता है कि अब मैं अर्जुन को क्या मुंह दिखाऊंगा?
अभिमन्यु की हत्या के संपूर्ण प्रकरण को पढ़ने के लिए आगे क्लिक करें....कौरवों के चक्रव्यूह के पीछे की असली साजिश, लेकिन फंस गया अभिमन्यु
सभी योद्धा मिलकर अभिमन्यु को घायल कर देते हैं। अभिमन्यु रथ से नीचे गिर जाता है और वह अकेला निहत्था होता है। द्रोण को छोड़कर सभी तलवार निकाल लेते हैं। अभिमन्यु रथ के पहिये को ढाल बना कर लड़ते हैं, लेकिन तभी कोई पीछे से अभिमन्यु की पीठ में तलवार घोंप देता है। फिर सभी योद्धा मिलकर उसकी निर्ममता से हत्या कर देते हैं।
उधर, लड़ते लड़ते अर्जुन कहता है कि हे केशव मेरा दिल कर रहा है कि मैं इस वक्त सभी का संहार कर दूं परंतु दूसरे ही क्षण मेरे हृदय की धड़कन बड़ जाती है। यह देखो मेरा गांडिव भी अब मेरा साथ नहीं दे रहा है। हे केशव लगता है कि कुछ अशुभ हुआ है।
फिर बाद में अर्जुन को यह पता चलता है कि चक्रव्यूह की रचना करके अभिमन्यु की निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी गई है। यह सुनकर अर्जुन बुरी तरह से टूट जाता है। अब पहले की अपेक्षा उसके भीतर कौरवों से लड़ने के लिए और भी अधिक क्रोध उत्पन्न हो जाता है। जब अर्जुन को यह बता चलता है कि जयद्रथ के कारण अभिमन्यु मारा गया तो अर्जुन यह शपथ लेता है कि मैं कुंति पुत्र अर्जुन यह प्रतिज्ञा करता हूं कि कल सूर्यास्त से पूर्व जयद्रथ मेरी शरण में नहीं आया या रणछोड़कर भाग नहीं गया तो मैं वासुदेव श्रीकृष्ण का सखा अर्जुन कल सूर्यास्त से पहले जयद्रथ का वध करूंगा। अन्यथा अग्नि में प्रवेश करके स्वयं को भस्म कर दूंगा।
यह प्रतिज्ञा सुनकर श्रीकृष्ण कहते हैं कि पार्थ तुमने बिना सोचे समझे, भावनाओं के आवेश में आकर प्रतिज्ञा की है परंतु इस प्रतिज्ञा के क्या परिणाम होंगे ये सोचा है तुमने?
यह सुनकर भीम कहता है कि हे केशव यह मत सोचिये कि यह प्रतिज्ञा अर्जुन ने ही की है। ये प्रतिज्ञा हम सब पांडवों की है। यह सुनकर श्रीकृष्ण कहते हैं कि अर्जुन की प्रतिज्ञा पूरी हो या भंग हो परंतु दोनों ही स्थिति में इसका परिणाम है अर्जुन की मृत्यु। यह सुनकर सभी चौंक जाते हैं तो नकुल कहते हैं ये आप क्या कह रहे हैं? इस पर श्रीकृष्ण कहते हैं कि मैं सच कह रहा हूं नकुल। जयद्रथ के पिता ने वरदान प्राप्त किया है कि जो भी जयद्रथ का सिर युद्ध भूमि में गिराएगा उसके सिर के 100 टूकड़े हो जाएंगे।
यह सुनकर युधिष्ठिर कहता है कि इसका अर्थ यह है कि जो भी जयद्रथ का वध करेगा तो अपने आप उसका वध भी हो जाएगा? इस पर श्रीकृष्ण कहते हैं कि हां बड़े भैया इसलिए प्रतिज्ञा की पूर्ति पर भी अर्जुन के प्राण संकट में आ जाएंगे और यदि इसने प्रतिज्ञा की पूर्ति ना भी की तब भी इसे अग्निकाष्ठ का भक्षण करके स्वयं मृत्यु को स्वीकार करना होगा।...बहुत दुष्कर काम है ये अर्जुन बहुत दुष्कर काम।
यह सुनकर अर्जुन कहता है कि केशव! तुम्हारे लिए कोई भी काम दुष्कर नहीं है और जो काम हमारे लिए दुष्कर होगा तो हम उसी दुष्कर काम को तुम्हारी सहायता से सहज बना लेंगे, ये मेरा विश्वास है। यह सुनकर श्रीकृष्ण कहते हैं कि ठीक है अर्जुन। कल जब तुम युद्ध भूमि में सिंधु नरेश जयद्रथ का वध करने निकलोगे तो एक बात ध्यान रखना। जयद्रथ का पिता महाराज वृद्धक्षत्र, समंत पंचक क्षेत्र में तप करने बैठा है। तुम हमने महान अस्त्र का प्रयोग करके जयद्रथ का मस्तक आसमान से ही वृद्धक्षत्र की गोद में गिराओगे। यदि तुमने जयद्रथ का मस्तक उसके पिता की गोद में गिरा दिया तो स्वयं वृद्धक्षत्र के मस्तक के 100 टूकड़े हो जाएंगे और तुम बच जाओगे।
यह सुनकर अर्जुन कहता है कि ठीक है केशव मैं जयद्रथ का सर ऐसे उड़ा दूंगा कि पहले वह उसके पिता की गोद में ही जा गिरेगा। इस पर श्रीकृष्ण कहते हैं कि परंतु यह मत भूलों की कल युद्ध भूमि में जयद्रथ की सुरक्षा कौरव सेना और स्वयं गुरु द्रोणाचार्य करेंगे। इसलिए हमारा प्रत्येक योद्धा अर्जुन को जयद्रथ तक पहुंचाने के लिए उसकी सहायता करेगा। जयद्रथ से पहुंचने के लिए अर्जुन का रास्ता अनेक बाधाओं से घिरा होगा। यह सुनकर भीम कहता है कि मैं अपनी गदा से अर्जुन के रास्ते की हर दीवार को मैं अपनी गदा से ढेर कर दूंगा। तब श्रीकृष्ण कहते हैं कि कल हम कौरवों के सेनापति आचार्य द्रोण को युद्ध में उलझाएं रखेंगे। और बड़े भैया आप, नकुल, सहदेव, विराट नरेश, पांचाल नरेश आप सभी कौरव महावीरों को युद्ध में उलझाए रखें। जय श्रीकृष्ण।
रामानंद सागर के श्री कृष्णा में जो कहानी नहीं मिलेगी वह स्पेशल पेज पर जाकर पढ़ें...वेबदुनिया श्री कृष्णा
नई दिल्ली / शौर्यपथ / मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने शनिवार (19 दिसंबर) को एक अहम बैठक बुलाई है. माना जा रहा है कि इस बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. बैठक में किसान आंदोलन समेत कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव पर चर्चा होने की संभावना है. खबर है कि इस बैठक में उन नाराज नेताओं को भी शामिल होने को कहा गया है जिन्होंने पिछले दिनों पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को खत लिखे थे और सांगठनिक बदलाव का अनुरोध किया था.
गांधी परिवार के नेताओं की पार्टी के वरिष्ठ असंतुष्ट नेताओं के साथ ये बैठक काफी अहम है. इन नेताओं के साथ बैठक को पार्टी के भीतर बने गतिरोध को सुलझने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस बैठक के आयोजन में अहम भूमिका निभाई है.
कांग्रेस ने उन खबरों का खंडन किया है कि ये नाराज नेताओं को मनाने के लिए बुलाई गई बैठक है. सूत्रों ने कहा कि इस बैठक में चिट्ठी पर दस्तखत करने वाले 23 नेताओं में सभी शामिल नहीं होंगे. उनमें से पांच-छह ही शरीक होंगे. इनके अलावा भी कई नेताओं को बुलाया गया है. माना जा रहा है कि इस मीटिंग में जनवरी-फरवरी में होने वाले पार्टी अध्यक्ष के चुनाव के अलावा किसान आंदोलन पर पार्टी की रणनीति पर चर्चा होगी.
सूत्रों के अनुसार, कमलनाथ ने तथाकथित असंतुष्ट नेताओं के पत्र लिखने के कारण का समर्थन किया है, जिन्होंने अगस्त में पार्टी के पतन पर चिंता व्यक्त करते हुए सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी थी. उस पत्र में "सक्रिय और वर्तमान नेतृत्व" के लिए बदलाव करने को कहा गया था. सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के कारण मध्य प्रदेश में सत्ता गंवाने वाले कमलनाथ ने पत्र लिखने वाले नेताओं से मिलने के लिए गांधी परिवार को मनाने में भूमिका निभाई है. अब तक, उन्होंने असंतुष्टों से दूरी बना रखी थी.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / उपभोक्ताओं को फाइनेंस , बीमा, बैंकिंग क्षेत्र में 2020 कई बड़ी सौगात मिली हैं. इनमें एनईएफटी और आरटीजीएस की 24 घंटे सातों दिन सुविधा, रुपे और यूपीआई लेनदेन पर शुल्क हटाना शामिल है. बंद बीमा पॉलिसी शुरू कराने के लिए अब ज्यादा वक्त और शादी-शिक्षा या बीमारी के वक्त इससे धन निकालने की व्यवस्था भी शुरू हुई है. इनकम टैक्स की नई वैकल्पिक प्रणाली भी इसी साल शुरू हुई है, 2021 जनवरी से भी ऐसी ही कई सुविधाएं ग्राहकों को मिलने वाली हैं. आइए जानते हैं अहम बातें...
NEFT से 24 घंटे लेनदेन की सुविधा
आरबीआई ने बैंकों से एनईएफटी पर शुल्क हटाने को कहा था जो जनवरी 2020 से लागू हो गया. इससे डिजिटल लेनदेन पिछले 12 माह में ही 3 गुना तक बढ़ा है. सरकार ने रुपे और यूपीआई पेमेंट पर भी लगने वाला एमडीआर शुल्क भी खत्म कर दिया है.
एटीएम लेनदेन में ओटीपी
एसबीआई ने एटीएम से निकासी में ओटीपी की सुविधा लागू कर दी. इससे एटीएम (ATM) से लेनदेन में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने में मदद मिलेगी. कई अन्य बैंकों ने भी यह सुविधा शुरू की है.
ज्यादा सैलरी घर ले जाने का मौका
सरकार ने फरवरी 2020 से कर्मचारियों को EPF में अंशदान कम कर ज्यादा सैलरी घर लाने का विकल्प भी दिया है. अभी वेतन का 12 फीसदी ईपीएफ में जाता है. लेकिन कर्मचारी चाहे तो इसे कम करा सकता है, ताकि उसकी टेकहोम सैलरी बढ़ जाए.
रिवाइवल पीरियड 2 से बढ़ाकर 3 साल
सरकार ने फरवरी 2020 से यूलिप पॉलिसी का रिवाइवल पीरियड 2 से बढ़ाकर 3 साल कर दिया है. अगर प्रीमियम देना बंद कर दिया हो तो 3 साल में कभी भी दोबारा पॉलिसी शुरू कर सकते हैं. शादी, उच्च शिक्षा या बीमारी के कारण बीमा का 25 फीसदी धन भी पॉलिसी के 5 साल बाद निकाल सकते हैं. इस पर कोई शुल्क नहीं होगा. पॉलिसी सरेंडर करने पर भी पहले के मुकाबले ज्यादा धन मिलेगा.
आयकर की नई व्यवस्था
सरकार ने 1 अप्रैल 2020 से आयकर की नई व्यवस्था दी, जिसमें करदाता के पास किसी कर छूट का दावा किए बिना पूरी आय के हिसाब से टैक्स देना होगा. इसमें टैक्स स्लैब कम की गई हैं.
म्यूचुअल फंड के लाभांश पर निवेशक को टैक्स देना होगा.
चैरिटेबल ट्रस्ट के कर नियमों में बदलाव
सरकार ने 1 जून 2020 से चैरिटेबल ट्र्स्ट और ऐसी अन्य संस्थाओं के नए सिरे से पंजीकरण के साथ आयकर नियमों में बदलाव कर दिया. आयकर विभाग यह जांचेगा कि कर छूट का दावा करने वाली ये संस्थाएं वास्तव में कोई धर्मार्थ कर भी रही हैं या नहीं.
SEBI ने ब्रोकरेज के नए नियम लागू किए
सेबी ने एक सितंबर से ब्रोकरेज के नए नियम लागू कर दिए. उसने मार्जिन रूल पर सख्ती कर दी, ताकि शेयर बाजार में तेज गिरावट के दौरान ब्रोकर इसका फायदा न उठा पाएं. साथ ही आज खरीदे गए शेयरों को ठीक अगले दिन कुछ शर्तों के साथ बेचा जा सकेगा.
वाहन बीमा कई साल का नहीं कराना होगा
बीमा नियामक इरडा ने अगस्त 2020 से नई कार का एकमुश्त 3 साल का और बाइक का 5 साल का बीमा लेने का नियम वापस ले लिया. इससे बाइक या कार खरीदने में ग्राहकों पर बोझ कम हो गया. एक अगस्त से ई कॉमर्स कंपनियों के लिए हर उत्पाद पर उसके निर्माण की जगह का उल्लेख करना अनिवार्य किया गया.
डीएल-आरसी साथ लेकर चलना जरूरी नहीं
वाहन चालकों के लिए एक अक्टूबर 2020 से Driving License या Registration Certificate के दस्तावेज साथ रखने का अनिवार्यता खत्म की गई. डिजीलॉकर या एमपरिवर्तन जैसे ऐप में सुरक्षित इनकी डिजिटल कॉपी को दिखाना ही पर्याप्त माना जाएगा. मिठाई विक्रेताओं के लिए भी
बेस्ट बिफोर डेट लिखना अनिवार्य किया गया. रटीजीएस भी 24 घंटे
सरकार ने 14 दिसंबर 2020 से RTGS को सरकार ने 24 घंटे के लिए शुरू कर दिया है. इससे दो लाख रुपये से ज्यादा की रकम को ट्रांसफर किया जाता है. इससे कम रकम के लिए नेटबैंकिंग पर एनईएफटी से लेनदेन किया जा सकता है.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / गृह मंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे से पहले बीजेपी ने राज्य के विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है. मिशन बंगाल के तहत, केंद्र और राज्य के आठ मंत्रियों को पश्चिम बंगाल की अलग-अलग लोकसभा सीटों की जिम्मेदारी दी गई है. राज्य में 42 लोकसभा सीटे हैं, जिनमें से 18 बीजेपी के पास हैं. बीजेपी ने राज्य की 293 में से 200 विधानसभा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है.
जिन मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनमें जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, आदिवासी मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा, संस्कृति राज्य मंत्री प्रह्लाद पटेल, शिपिंग राज्य मंत्री मनसुख भाई मंडाविया, पशुपालन राज्य मंत्री संजीव बालियान, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, और मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र शामिल हैं.
इन सभी मंत्रियों से कहा गया है कि वे विधानसभा चुनाव होने तक हर महीने 10-15 दिन अपने प्रभार वाली लोकसभा सीटों पर बिताएं और वहां संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करें. मंत्रियों का काम स्थानीय कार्यकर्ताओं से संपर्क करना, उन लोकसभा सीटों के तहत आने वाली विधानसभा सीटों के प्रमुख मुद्दों को रेखांकित करना तथा संभावित उम्मीदवारों की पड़ताल करना है.
गृह मंत्री अमित शाह दो दिनों के पश्चिम बंगाल दौरे में इन सभी मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे. शाह इनकी जिम्मेदारियों को तय करेंगे. इनकी एक प्रमुख जिम्मेदारी केंद्रीय पार्टी नेतृत्व के साथ समन्वय स्थापित करना भी है. ये सभी मंत्री अमित शाह, जे पी नड्डा और संगठन महासचिव बी एल संतोष को रिपोर्ट करेंगे.
केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री प्रह्लाद पटेल को सबसे अधिक छह लोक सभा सीटों का प्रभार दिया गया है. यह लोकसभा हैं- कूचबिहार, अलीपुरदार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, रायगंज और बलूरघाट. अन्य मंत्रियों को पांच-पांच लोक सभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौपी गई है.
गजेंद्र सिंह शेखावत को बोनगांव, दमदम, बारसाट, कोलकाता दक्षिण और कोलकाता उत्तर का दायित्व दिया गया है. अर्जुन मुंडा झारग्राम, मेदिनीपुर, पुरलिया, बांकुरा और बिशनपुर के प्रभारी बनाए गए हैं. संजीव बालियान को जांगीपुर, बहरामपुर, मुर्शिदाबाद, कृष्णानगर और रानाघाट की जिम्मेदारी दी गई है. मनसुख भाई मंडाविया को माल्दा उत्तर, माल्दा दक्षिण, तामलुक, कांठी और घाटल का दायित्व दिया गया. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय को बैरकपुर, बशीरहाट, जायनगर, माथुरपुर और डायमंड हार्बर का प्रभारी बनाया गया है. केशव प्रसाद मौर्य हाव़ड़ा, उलबेरिया, श्रीरामपुर, हुगली और आरामबाग के प्रभारी होंगे. नरोत्तम मिश्र को वर्धमान पूर्व, वर्धमान दुर्गापुर, आसनसोल, बोलपुर और बीरभूम का प्रभारी बनाया गया है.
हालांकि, इन मंत्रियों को दी गई इस बड़ी जिम्मेदारी पर पार्टी के भीतर से सवाल भी उठे हैं. कुछ पार्टी नेताओं का मानना है कि अर्जुन मुंडा जैसे मंत्री को छोड़कर बाकियों के लिए पश्चिम बंगाल में काम करना आसान नहीं होगा क्योंकि वे वहां की राजनीति और स्थानीय समीकरणों से परिचित नहीं हैं. मुंडा बंगाल से सटी झारखंड की सीटों पर काम करते रहे हैं. कुछ नेता यह भी कहते हैं कि मंत्रियों पर पहले ही काम का बहुत बोझ है. ऐसे में उनके लिए महीने में दस-पंद्रह दिन पश्चिम बंगाल के लिए निकालने में शायद परेशानी हो.
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिला प्रदेश के व्हीआईपी जिले की श्रेणी में आता है बावजूद इसके दुर्ग जिला अस्पताल में अव्यव्स्ता का अम्बर है वही निजी नर्सिंग होम के दलालों का साया हर समय जिला चिकित्सालय में देखने को मिलता है .ये दलाल रात में ज्यादा सक्रीय रहते है . ऐसे कई मामले देखने को मिले है जिसमे दुर्ग जिला चिकित्सालय से मरीज की हालत को देखते हुए रायपुर रेफर किया जाता है किन्तु ये मरीज रायपुर ना जा कर जिला अस्पताल से कई गुना छोटे नर्सिंग होम में इलाज के लिए चले जाते है और लाखो का खर्च कर इलाज कराते है . मरीज के परिजनों को दिग्भ्रमित करने का खेल अस्पताल में मौजूद निजी नर्सिंग होम के दलाल और अस्पताल का स्टाफ की मिलीभगत से ही संभव है . कई बार अप्रिय स्थिति भी अ चुकी है किन्तु अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी हर बार जाँच के नाम पर मामले को टालते हुए नजर आते है और इस तरह एक नहीं कई मामले जाँच के अँधेरे गर्त में समां जाते है और मरीज के परिजन लाखो खर्च कर मन मसोस कर रह जाते है क्योकि तात्कालिक स्थिति में उसे अपने मरीज की चिंता पैसे से ज्यादा होती है . ऐसी ही अव्यव्स्ता पर दुर्ग एनएसयुआई ने ज्ञापन सूप कर मामले की जाँच की मांग की .
एनएसयुआई ने मांग की है कि दुर्ग जिला चिकित्सालय प्रशासन द्वारा लगातार मरीजों के जान को खतरे ने डालकर अपने निजी स्वार्थ के लिए कुछ अधिकारी, कर्मचारी लगातार मनमानी कर रहे है इसी मनमानी पर रोक लगाने दोशियो के उपर कार्यवाही करने को लेकर एन.एस.यू.आई के दुर्ग जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष सोनू साहू के निर्देशानुसार दुर्ग शहर एनएसयूआई के 5 ब्लाक अध्यक्षों के संयुक्त तत्वधान में जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपा कर कल के घटना से अवगत कराया।
ज्ञापन में बताया गया कि विगत दिनों षासकीय जिला चिकित्सालय दुर्ग में श्रीमती विभा यादव पति श्री रूद्र नारायण यादव जिला बालोद नामक गर्भवती महिला की डिलवरी हेतु भर्ती हुई थी, जिसका दिनांक 15.12.2020 को कोविड एन्टीजन की जाॅच जिला चिकित्सालय दुर्ग में की गई, जाॅच में पाॅजेटिव बताया गया । शासन के गाईड लाईन के अनुसार कोरोना पाॅजेटीव मरीज को डाॅ. भीमराव आम्बेडकर मेडिकल कालेज व अस्पताल रायपुर में रिफर करने का प्रावधान है। किन्तु गाईड लाईन को दरकिनार कर शासकीय अस्पताल दुर्ग में जीवन दीप समिति द्वारा नियुक्त अस्थायी कर्मचारी व प्रसूति विभाग के डाॅक्टरों द्वारा मिलकर शडयंत्रपूर्वक नियमों के विरूद्ध कोविड पाजेटिव गर्भवती महिला श्रीमती विभा यादव की सीजिरियन डिलवरी दुर्ग स्थित प्रायवेट नर्सिग होम ओम हॉस्पिटल मालवीय नगर दुर्ग में ले जाकर कर दी, जिस प्रायवेट नर्सिग होम में कोविड पाॅजेटीव मरीज का सिजेरीयन डिलवरी कराया गया है उस हास्पिटल को कोविड मरीजों की डिलवरी करने या कोविड सवंमित मरीजों का उपचार करने का लायसेंस प्राप्त नहीं है।
साथ ही उन्होंने ज्ञापन में बताया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला शासकीय अस्पताल दुर्ग के एक संविदा कर्मी वभाग के डाक्टरों द्वारा मिली भगत करके मरीज विभा यादव के परिजनों को जच्चा व ड्रायवर जो कि कई एम्बुलेंस का मालिक अवैध धन एकत्र करके बना है एवं प्रसुति जज्जा बच्चा के जान का खतरा बताकर अत्यंत भयभीत किया। कमीषनखोरी व लालच से ग्रसित होकर ये सभी दोशी मानवता को शर्मषार कर रहे है, जिस प्रायवेट अस्पताल में सिजेरियन डिलवरी हुई,वहां उपस्थित सभी मरीज सभी नर्सिग स्टाफ व अन्य व्यक्तियों के सवंमित होने की संभावना है। प्रायवेट एम्बुलेंस संचालक एवं कुछ शासकीय डाॅक्टर मिलकर गरीब मरीजों को लूट रहे हैं। जिला अस्पताल दुर्ग में इस तरह बड़े रैकेट का संचालन आर्थिक लाभ प्राप्त करने हेतु किया जा रहा है।
मामले की जानकारी होने के बाद गर्भवती मरीजा श्रीमती विभा यादव को चोरी चुपके उक्त अस्पताल से भगा दिया गया। इन सभी बातों से अब प्रष्न यह उठता है कि क्या गर्भवती महिला विभा यादव कोविड पाॅजेटिव थी, किन लोगों के द्वारा प्रायवेट अस्पताल में मरीज को ले जाने हेतु दबाव बनाया गया, मरीज को किसी एम्बुलेंस द्वारा प्रायवेट अस्पताल में शिफ्ट किया गया, मरीज की किस प्रायवेट अस्पताल में सिजेरियन डिलवरी हुई। मरीज को किस षासकीय डाक्टर द्वारा प्रायवेट अस्पताल में डिलवरी करवाने हेतु परामर्ष दिया गया या दबाव बनाया गया, मरीज को षासकीय अस्पताल से ले जाने से लेकर प्रायवेट अस्पताल में डिलवरी तक किसी स्त्री रोग विषेशज्ञ व डिलवरी होने के बाद बच्चों के डाॅक्टर के द्वारा उसका इलाज किया गया, क्या इन डाॅक्टरों को यथा स्थिति की जानकारी होने के बावजूद की मरीज कोविड-19 पाॅजेटिव है,कारोनो सवंमित मरीज के सम्पर्क में आने से कितने अन्य मरीज या नर्सिग स्टाफ या अन्य व्यक्ति सवंमित हुए एवं संक्रमण रोकने हेतु अस्पताल प्रबंधन द्वारा क्या कार्यवाही की गई। इसकी जानकारी डिलवरी के पूर्व विभागीय जाॅच हेतु स्वास्थ्य विभाग को दी गई थी। सवंमित मरीज का बायो मेडिकल वेस्ट का निश्पादन किसके द्वारा किया गया।
इस मामले में मरीज श्रीमती विभा यादव के सम्पर्क में आने से जिला अस्पताल दुर्ग/ निजी चिकित्सालय / मरीज के परिजन / मरीज के गांव के निवासियों के साथ अन्य कई व्यक्तियों के संक्रमित होने का खतरा बना हुआ है एवं मरीज विभा यादव व नवजात शिशु की जान को भी खतरा है। इन सब बिन्दुओं पर सूक्षमता से जाॅच करवाकर दोशियों के विरूद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही कर दोशियों के विरूद्ध एफआई आर दर्ज कराने के आशय से ज्ञापन सौंपा गया ताकि भविश्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से एनएसयूआई के षहर ब्लाक अध्यक्ष विनिष साहू, अमोल जैन, हरीष देवांगन, गोल्डी कोसरे सहिंत कार्यकर्ता मौजूद थे।
बस्तर संभाग के सात जिलों के 13 विकासखण्ड होंगे लाभान्वित
गौठानों को केन्द्र में रखकर किया जाएगा परियोजना का क्रियान्वयन
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे की पहल पर राज्य के बस्तर अंचल के आदिवासी किसानों के कृषि विकास तथा उनके पोषण स्तर में सुधार तथा कृषि उपजों के मूल्य संवर्धन द्वारा कृषकों की आय वृद्धि हेतु 1036 करोड़ रूपए की विश्व बैंक सहायतित 6 वर्षीय परियोजना ’चिराग’ को विश्व बैंक वाशिंगटन डी.सी.(यू.एस.) द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।
चिराग परियोजना बस्तर संभाग के 7 जिलों के 13 विकासखण्डों बस्तर, बकावंड, बड़ेराजपुर, माकड़ी, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, कटेकल्याण, सुकमा, छिंदगढ़, भैरमगढ़, भोपालपट्नम, चारामा एवं नरहरपुर तथा मुंगेली जिले के मुंगेली विकासखण्ड के 1000 गांवों में क्रियान्वित की जाएगी। योजना का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के अनुसार उन्नत कृषि, उत्तम स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से पोषण आहार में सुधार, कृषि एवं अन्य उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर कृषकों को अधिक से अधिक लाभ दिलाना है। परियोजना अंतर्गत समन्वित कृषि, भू एवं जल संवर्धन, बाड़ी एवं उद्यान विकास, उन्नत मत्स्य एवं पशुपालन, दुग्ध उत्पादन के अतिरिक्त किसान उत्पादक संगठन (एफ.पी.ओ.) द्वारा कृषकों के उपजों का मूल्य संवर्धन कर कृषकों की आय वृद्धि से संबंधित कार्य सम्पादित किए जाएंगे। परियोजना का क्रियान्वयन गौठानों को केन्द्र में रखकर किया जाएगा। कोविड-19 महामारी के कारण कृषि क्षेत्र में आए अवरोधों एवं कठिनाईयों को ध्यान में रखते हुए आय वृद्धि एवं रोजगार सृजन का उद्देश्य भी परियोजना में सम्मिलित है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में मंत्री परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गएः-
1- राज्य शासन के सभी शासकीय विभागों के द्वारा राज्य के प्रदायकों से ही सामग्री क्रय का निर्णय लिया गया। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम, 2020 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
2-छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के पुनर्गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
3-गोधन न्याय योजना के तहत उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट के विक्रय दर 8 रूपए प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 10 रूपए प्रति किलोग्राम करने के निर्णय का मंत्रिपरिषद द्वारा अनुसमर्थन किया गया।
4- दुर्ग जिला गृह निर्माण समिति राजनांदगांव (मोहन नगर) को आबंटित नजूल भूमि के पट्टा निष्पादन की अनुमति प्रदान की गई।
5-भारतीय स्टाम्प (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
6-छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम 2011 में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक 2020 के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
7-छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितीकरण अधिनियम 2002 एवं छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण नियम, 2002 में संशोधन किए जाने हेतु मंत्रिपरिषद उप समिति का गठन कर प्रस्तावित संशोधनों में समिति की अनुशंसा प्राप्त करने का निर्णय लिया गया।
8- नगर पालिक निगमों के स्वामित्व के खाली पड़े भवनों को सिटी डायग्नोस्टिक सेंटर योजना के लिए उपयोग किए जाने हेतु छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ अचल संपत्ति अंतरण नियम 1994 के प्रावधानों में शिथिलीकरण का निर्णय लिया गया।
9- छत्तीसगढ़ राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंध (संशोधन) विधेयक 2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
10- द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2020-21 का विधानसभा में उपस्थापन बावत् छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
11- राज्य के जिला मुख्यालयों एवं प्रमुख शहरों में निर्मित जर्जर भवनों के रिडेव्हलपमेंट करने का निर्णय लिया गया। जिसमें रायपुर के शांति नगर के पुनर्विकास योजना को सैद्धांतिक सहमति दी गई।
12- छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल एवं रायपुर विकास प्राधिकरण को आबंटित शासकीय भूमि पर आवासीय एवं आवासीय/व्यवसायिक योजना में शामिल व्यवसायिक संपत्ति को फ्री -होल्ड करने की अनुमति निहित शर्तो पर दी जाए।
13- छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण कार्यो के ठेकों में एकीकृत पंजीयन व्यवस्था के तहत ‘ई‘ श्रेणी के मापदण्ड (i) एवं (iv) में संशोधन का निर्णय लिया गया। जिसके तहत मापदण्ड (i) में अब सामान्य क्षेत्रों में स्नातक बेरोजगार युवाओं का पंजीयन होगा वहीं अनुसूचित क्षेत्रों में हायर सेकेण्डरी उत्तीर्ण बेरोजगार युवाओं का पंजीयन ई श्रेणी में किया जाएगा जबकि पूर्व में अनुसूचित क्षेत्रों में भी स्नातक उपाधिधारी बेरोजगार युवाओं का ई श्रेणी में पंजीयन किया जा रहा है।
इसी तरह मापदण्ड (iv) में अब ई श्रेणी पंजीयन एवं प्रतिस्पर्धा ब्लाॅक एवं नगर निगम सीमा तक सीमित रहेगी। पंजीयन ब्लाॅक स्तर पर होगा तथा संबंधित नगर निगम सीमा क्षेत्र को भी पंजीयन के लिए एक इकाई माना जाएगा जबकि पहले प्रावधान था कि स्नातधारी जिस ब्लाॅक के निवासी होंगे, वह उसी ब्लाॅक अंतर्गत के कार्यो के लिए प्रतिस्पर्धा में भाग ले सकेंगे।
14- छत्तीसगढ़ रोड एण्ड इंफ्रेस्ट्रक्चर डेव्हलमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा राज्य शासन से संप्रभु गारंटी प्राप्त कर बैंक/वित्तीय संस्थाओं से ऋण प्राप्त करने एवं निर्माण कार्य संपादन की प्रक्रिया का अनुमोदन किया गया।
15- संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण के अधीन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में शेष 69 संविदा प्रशिक्षण अधिकारियों की सेवा अवधि में भी वृद्धि/नवीनीकरण का निर्णय लिया गया। पूर्व में 235 संविदा प्रशिक्षण अधिकारियों की संविदा सेवा में वृद्धि की गई है।
9 हजार 100 वर्गफुट की विशाल रंगोली गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में हुई दर्ज
राज्य महिला आयोग ने ‘दो साल बेमिसाल’ की थीम पर बनाई विशाल रंगोली
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने मंत्रीमंडल के सदस्यों के साथ गुरूवार को राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बी.टी.आई.ग्राउण्ड में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा राज्य सरकार के दो साल पूरा होने पर तैयार की गई 9 हजार 100 वर्गफुट की विशाल रंगोली का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री बघेल की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ में बनी इस 130 फीट लम्बी और 70 फीट चौड़ी विशाल रंगोली ने वर्ल्ड रिकार्ड बनाया और उसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज किया गया। गोल्डन बुक की आधिकारिक संवाददाता श्रीमती सोनल राजेश शर्मा ने समारोह में इसकी अधिकारिक घोषणा की। समारोह की शुरूआत में दो साल पूरा होने की खुशी में शंख, घंटी की ध्वनि के साथ 100 महिलाओं ने आरती की थालियों और दीपक से मुख्यमंत्री और पूरे मंत्रीमंडल के सदस्यों का भव्य स्वागत किया। इसके बाद राज्य गीत ‘अरपा पैरी के धार...‘ से छत्तीसगढ़ महतारी की स्तृति की गई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य महिला आयोग को रंगोली के माध्यम से वर्ल्ड रिकार्ड बनाने के लिए बधाई देते हुए कहा कि पिछले साल चुनाव और इस साल कोरोना महामारी के बाद भी छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा में हमने कोई कमी नहीं की। हर चेहरे में इसकी खुशी और प्रसन्नता है। सभी ने अपनी खुशी व्यक्त करने के अलग-अलग तरीके अपनाए हैं। इसी क्रम में राज्य महिला आयोग द्वारा तैयार रंगोली ने वर्ल्ड रिकार्ड बना लिया है। छत्तीसगढ़ महतारी को इसी तरह सभी सजाएं,संवारें और खूब सेवा करें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री बघेल ने महिलाओं के स्वाभिमान को बनाए रखने और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए अनेक अहम कदम उठाए हैं। सखी सेंटर और महिला आयोग के माध्यम से यहां की महिलाओं में विश्वास जागा है और वे अपने हक और अधिकार के लिए आगे आ रही हैं। छत्तीसगढ़ में विकास का जो बहाव शुरू हुआ है वह रूकेगा नहीं,बढ़ता जाएगा।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि जिस प्रकार दीवाली में रंगोली और दीयों से महिलाएं घर सजाती हैं,उसी तरह रंगोली से छत्तीसगढ़ का नक्शा और उसमें इसे संवारने वाले मुख्यमंत्री बघेल की तस्वीर बनाकर छत्तीसगढ़ के आंगन को संवारा गया है। महिलाओं की ओर से रंगोली के माध्यम से छत्तीसगढ़ में दो साल में तेजी से किए गए बेमिसाल विकास कार्याें के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का धन्यवाद किया गया है। मुख्यमंत्री बघेल के प्रयासों का परिणाम है कि कोरोना महामारी में भी हमारे प्रदेश को कोई आंच नहीं आई है। छत्तीसगढ़ में अब तक इतनी बड़ी रंगोली नहीं बनाई गई है। उन्होंने कहा कि यह रंगोली छत्तीसगढ़ के गौरव के प्रतीक के रूप में तैयार की गयी है।
रायपुर के स्थानीय कलाकार विनोद पांडा द्वारा तैयार रंगोली में छत्तीसगढ़ के नक्शे में 12 फीट लंबी और 11 फीट चौड़ी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तस्वीर बनायी गई। 7 धण्टे में तैयार की गई इस रंगोली में 11 रंगों की 1100 किलो रंगोली का प्रयोग किया गया। इसकी खासियत है कि यह स्टेंसिल रंगोली है जिससे खड़े किया जा सकता है और कहीं भी ले जाया जा सकता है। आयोग की अध्यक्ष श्रीमती नायक ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास में रंगोली को लगाने के लिए इसे मुख्यमंत्री को भेंट किया जाएगा।
इस अवसर पर लोक निर्माण, गृह, धर्मस्व एवं पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि तथा जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास एवं स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, संस्कृति एवं खाद्य विभाग मंत्री अमरजीत भगत, सांसद श्रीमती छाया वर्मा और श्रीमती फूलोदेवी नेताम, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत राजेश्री रामसुंदर दास, छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे सहित मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी उपस्थित थे।
हमने हमेशा जन-जन में बसे राम को पूजा
सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर चंदखुरी में हुआ समारोह
पर्यटन रथ और बाइक रैली का भी समागम के साथ हुआ समापन
मंत्रिमंडल के सदस्य, आयोगों के अध्यक्ष, विधायक, संसदीय सचिव भी हुए शामिल
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कुछ लोग भगवान राम के नाम का उपयोग वैसे ही करते हैं, जैसे कालनेमि ने किया था। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग केवल स्वार्थवश राम का नाम लेते हैं। जबकि हम लोगों ने सदा से जन-जन में बसे राम को पूजा है। छत्तीसगढ़ में नयी सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर रायपुर के निकट चंदखुरी में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। श्री बघेल ने कहा कि जब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को गोली मारी गई थी, तब भी गांधीजी के मुंह से राम का ही नाम निकला था।
माता कौशल्या की जन्मस्थली चंदखुरी में आयोजित इस समारोह में तीन दिनों से जारी राम वन गमन पथ रथ यात्रा और बाइक रैली का समापन भी हुआ। यह रैली उत्तर छत्तीसगढ़ के कोरिया तथा दक्षिण छत्तीसगढ़ के सुकमा से 14 दिसंबर को एक साथ शुरु हुई थी। वनवासकाल में राम ने कोरिया से ही छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था और सुकमा से गुजरते हुए दक्षिण भारत की ओर बढ गए थे। राज्य सरकार ने राम के इस पूरे वन-पथ में पर्यटन विकास के लिए 137 करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इस योजना के तहत राम से संबंधित 75 चिन्हित स्थानों में से पहले चरण में 9 स्थानों में पर्यटन सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। माता कौशल्या का मायका कहा जाने वाला चंदखुरी भी इन्हीं में से एक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माता कौशल्या ने ही राम के चरित्र को गढ़ा था। जो चरित्र माता कौशल्या का था, वही छत्तीसगढ़िया लोगों का है। उन्होंने ही राम को दुख-सुख में सम भाव से रहना सिखाया। राम ने सहनशीलता और कर्तव्यों का पालन करना माता कौशल्या से ही सीखा। उन्होंने कहा कि राम वन गमन पथ को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करके राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को नयी वैश्विक पहचान दे रही है। कुछ वर्षों पहले तक अन्य राज्यों के लोग छत्तीसगढ़ को या तो भिलाई के नाम से जानते थे, या फिर नक्सल समस्या के कारण, लेकिन अब यह छत्तीसगढ़ अपनी सांस्कृतिक संपन्नता के कारण जाना जाता है। इसकी पहचान इसके समृद्ध किसानों से होती है। उन्होंने कहा कि हमारी पहचान हमारे किसान और आदिवासी है। हम इसी पहचान को आगे बढ़ा रह हैं, इसी उद्देश्य से हम लोगों ने रायपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के आदिवासी नृत्य महोत्सव का भी आयोजन किया था। उन्होंने कहा कि कल बाबा गुरु घासीदास की जयंती है, यह त्यौहार भी हम शानदार ढंग से मनाएंगे। छत्तीसगढ़ की नयी पहचान के लिए सिरपुर को भी विकसित किया जाएगा, जो नालंदा के बाद सबसे बड़ा बौद्ध परिसर है। हम दुनिया को बताना चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ का हर क्षेत्र में विशेष महत्व है।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि गौ-सेवा के क्षेत्र में हमारी गोधन न्याय योजना से बढ़िया व्यवस्था और कहीं नहीं है। छत्तीसगढ़ गो-सेवकों का प्रदेश है। यहां के किसानों और मजदूरों ने देश को अपनी ताकत का अहसास करा दिया है। जब पूरे देश में मंदी छाई हुई है, तब यहां मंदी का कोई असर नहीं है। नाराज किसान देश की राजधानी को घेर कर बैठे हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में खुशहाली है। यदि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ की नीति पर काम करे तो किसानों का आंदोलन कल वापस हो जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने हर युग में रास्ता दिखाया है। हमारी संस्कृति नफरत फैलाने की नहीं, बल्कि प्रेम बांटने की है। हम सभी को साथ लेकर चलना चाहते हैं, चाहे कोई किसी भी जाति या धर्म का हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोई भी भूखा-प्यासा न रहे, सभी को शिक्षा और रोजगार मिले, हम ऐसी व्यवस्था के निर्माण के लिए काम कर रहे हैं।
रथ-यात्रा और बाइक रैली के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल सहित मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने चंदखुरी के कौशल्या माता मंदिर में पूजा-अर्चना की और रुद्राक्ष पौधे रोपे। समारोह में मुख्यमंत्री के साथ उनके मंत्रिमंडल के सदस्य पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, पंचायत मंत्री टी.एस.सिंहदेव, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिया, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, निगम मंडलों के अध्यक्ष, क्षेत्रीय विधायक, जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम को गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत राजेश्री रामसुंदर दास, पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, कृषि और जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने भी संबोधित किया। संस्कृति विभाग के सचिव पी. अंबलगन ने स्वागत भाषण दिया।
दुर्ग / शौर्यपथ / ट्रेन के पिछले बोगियों में तैनात रहकर लाल और हरी झण्डी दिखाने वाले हुए लोको पायलटों का भी पद अब खत्म करने जा रही है और इसकी जगह अमेरिका से आयातित एंड ऑफ ट्रेन टेरिमेंटरी यानि ईओटीटी सिस्टम लागू करने की तैय्यारी में है। इसके लिए रेलवे ने विेदेशी तकनीक वाले ईओटीटी सिस्टम का परीक्षण भी शुरू कर दिया है। इसके लिए भूनेश्वर रेलवे जोन ने पांच माल गाडिय़ों में इस सिस्टम को लगाकर परीक्षण करना शुरू कर दिया है। यदि यह सिस्टम यहां सफल रहा तो माल गाडिय़ों सहित यात्री ट्रेनों में भी यह सिस्टम रेलवे लागू करेगी जिसके कारण लोको पायलटों के लाखों पद पर रहने वाले रेलवे कर्मचारियों के नौकरी पर खतरा मंडराने लगा है।
जाने कैसे काम करता है ईटीटी सिस्टम
वर्तमान में ट्रेनों का संचालन गार्ड के माध्यम से होता है। लेकिन नई विदेशी तकनीक का परीक्षण सफल हो जाने पर ट्रेनों के संचालन में गार्ड की जरुरत नहीं पड़ेगी। इस नई तकनीक के तहत गार्ड के डिब्बे वाली जगह पर एक मशीन स्थापित की जाएगी जो सेंसर के माध्यम से लोको पायलट को सभी मानकों के अनुरुप ट्रेन चलने के लिए तैयार होने का संकेत देगी। इस संकेत के बाद लोको पायलट टे्रन को आगे बढ़ा सकेंगे।
मिली जानकारी के अनुसार भारतीय रेलवे ने एंड ऑफ ट्रेन टरिमेंटरी सिस्टम को अमेरिका से आयातित किया गया है। पहले चरण में पूर्व तटीय रेलवे भुवनेश्वर जोन द्वारा परीक्षण के तौर पर पांच मशीनों को लगाया गया है। मालगाडिय़ों में परीक्षण सफल होता है तो आने वाले दिनों में इस तकनीक का इस्तेमाल यात्री ट्रेनों में भी किया जाएगा। ऐसे में स्वाभाविक है कि रेलवे में होने वाली गुड्स गार्ड की भर्ती पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी।
उल्लेखनीय है कि रेलवे समय-समय पर गुड्स गार्ड की भर्ती होती है। यही गुड्स गार्ड आगे अपनी वरिष्ठता और ट्रेनिंग के बाद यात्री ट्रेनों की भी जिम्मेदारी निभाते हैं। वर्तमान में गार्ड के बिना किसी भी ट्रेन के सुरक्षित परिचालन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। गार्ड से मिलने वाले संकेत के अनुरुप ही लोको पायलट ट्रेन को चलाता है। यह संकेत गार्ड लाल व हरी झण्डी दिखाकर देता है। यात्री ट्रेनों के गार्ड सिटी बजाकर भी पायलट को रवानगी का संकेत देते हैं। लेकिन नई तकनीक का परीक्षण सफल हो जाने के बाद न केवल मालगाड़ी बल्कि सभी तरह के यात्री ट्रेनों से सफेद कपड़े की वर्दी में नजर आने वाले गार्ड इतिहास का हिस्सा बन जाएंगे।
यात्री ट्रेनों में हो सकती है दिक्कत
गार्ड के पद को नई तकनीक लाकर खत्म करने से रेलवे को भले ही इन्हें दिए जाने वाले भारी भरकम वेतन से राहत मिल जाएगी। लेकिन बिना गार्ड के यात्री ट्रेनों का परिचालन में दिक्कत होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है। दरअसल यात्री ट्रेनों में गार्ड बोगी के साथ पार्सल वेन भी अटैत रहता है। स्टेशन में पार्सल चढ़ाने और उतारने के साथ ही लॉक पर सील लगाने का कार्य गार्ड के जिम्मे रहता है। ऐसे में ईओटीटी सिस्टम से ट्रेन का परिचालन होने में तो कोई अड़चन नहीं आएगी। लेकिन पार्सल वेन की जिम्मेदारी कौन संभालेगा यह प्रश्न उभर आया है।
बीएमवाय चरोदा में 250 के करीब है गार्ड
बीएमवाय चरोदा रेलवे का अहम केन्द्र बिन्दु है। यहां पर गुड्स व यात्री टे्रनों के लगभग 250 गार्ड पदस्थ है। रेलवे द्वारा ईओटीटी सिस्टम लागू किए जाने की तैयारी का पता चलते ही भिलाई-चरोदा के बीएमवाय में गार्ड के रूप में पदस्थ रेल कर्मचारियों के माथे पर सिकन उभर आई है। गुड्स व यात्री ट्रेनों के गार्ड रेलवे के परिचालन विभाग के कर्मचारी होते हैं। ऐसे में जब पद ही खत्म हो जाएगा तो फिर वर्तमान में गार्ड के रूप मे कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य को लेकर रेलवे प्रशासन के भावी रूख पर निगाहें टिक गई है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
