August 06, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    पटना / शौर्यपथ / कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज कोरोनोवायरस लॉकडाउन और सीमा पर चीनी आक्रमण के दौरान प्रवासी संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. राहुल गांधी ने बिहार में अगले सप्ताह होने वाले चुनावों के लिए आज कई रैलियों को संबोधित किया.
    विपक्षी गठबंधन के नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने नवादा में एक संयुक्त रैली को संबोधित किया. उनका अभियान पीएम मोदी और बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की रैलियों के पहले दिन से ही शुरू हुआ. बिहार की रैली में पीएम मोदी की टिप्पणी '' गलवान घाटी में देश के लिए शहीद हुए जवानों के समक्ष नमन '' को लकेर कांग्रेस नेता ने पीएम पर चीनी आतंकवादियों से भारतीय क्षेत्र की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया.
    राहुल गांधी ने कहा. "मोदीजी ने कहा कि वह बिहार के सैनिकों के सामने अपना सिर झुकाते हैं. पूरा देश शहीदों के सामने झुकता है, लेकिन यह सवाल नहीं है. सवाल यह है कि जब बिहार के युवा सैनिक कार्रवाई में मारे गए, तो पीएम ने क्या कहा और क्या किया." उन्होंने आगे कहा, "पीएम ने झूठ बोलकर कहा कि चीन ने हमारे क्षेत्र में प्रवेश नहीं किया है. हमारे जवानों की मृत्यु होने पर पीएम कहां थे?"
    प्रवासियों के संकट पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कोरोनोवायरस लॉकडाउन ने लाखों मजदूरों को अपने घरों और नौकरियों को गंवाने के बाद अपने राज्यों की तरफ चलने के लिए मजबूर किया,
    गांधी ने कहा: "वे कहते हैं कि वह मजदूरों के सामने झुकते हैं, लेकिन जब उन्हें वास्तव में उसकी ज़रूरत होती है, तो वह कुछ नहीं करते है. आप हजारों किलोमीटर तक पैदल, प्यासे और भूखे रहते हैं, लेकिन मोदीजी ने आपको ट्रेन नहीं दी. सरकार ने कहा कि तुम मर जाओ, मुझे परवाह नहीं है."
    राहुल गांधी ने कहा, यह वास्तविकता थी और बिहार आखिरकार इसे जान लेगा. बिहार नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी को उचित जवाब देगा. मोदीजी को सही जवाब मिलेगा.”

    पटना / शौर्यपथ / कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज कोरोनोवायरस लॉकडाउन और सीमा पर चीनी आक्रमण के दौरान प्रवासी संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. राहुल गांधी ने बिहार में अगले सप्ताह होने वाले चुनावों के लिए आज कई रैलियों को संबोधित किया.
    विपक्षी गठबंधन के नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने नवादा में एक संयुक्त रैली को संबोधित किया. उनका अभियान पीएम मोदी और बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की रैलियों के पहले दिन से ही शुरू हुआ. बिहार की रैली में पीएम मोदी की टिप्पणी '' गलवान घाटी में देश के लिए शहीद हुए जवानों के समक्ष नमन '' को लकेर कांग्रेस नेता ने पीएम पर चीनी आतंकवादियों से भारतीय क्षेत्र की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया.
    राहुल गांधी ने कहा. "मोदीजी ने कहा कि वह बिहार के सैनिकों के सामने अपना सिर झुकाते हैं. पूरा देश शहीदों के सामने झुकता है, लेकिन यह सवाल नहीं है. सवाल यह है कि जब बिहार के युवा सैनिक कार्रवाई में मारे गए, तो पीएम ने क्या कहा और क्या किया." उन्होंने आगे कहा, "पीएम ने झूठ बोलकर कहा कि चीन ने हमारे क्षेत्र में प्रवेश नहीं किया है. हमारे जवानों की मृत्यु होने पर पीएम कहां थे?"
    प्रवासियों के संकट पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कोरोनोवायरस लॉकडाउन ने लाखों मजदूरों को अपने घरों और नौकरियों को गंवाने के बाद अपने राज्यों की तरफ चलने के लिए मजबूर किया,
    गांधी ने कहा: "वे कहते हैं कि वह मजदूरों के सामने झुकते हैं, लेकिन जब उन्हें वास्तव में उसकी ज़रूरत होती है, तो वह कुछ नहीं करते है. आप हजारों किलोमीटर तक पैदल, प्यासे और भूखे रहते हैं, लेकिन मोदीजी ने आपको ट्रेन नहीं दी. सरकार ने कहा कि तुम मर जाओ, मुझे परवाह नहीं है."
    राहुल गांधी ने कहा, यह वास्तविकता थी और बिहार आखिरकार इसे जान लेगा. बिहार नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी को उचित जवाब देगा. मोदीजी को सही जवाब मिलेगा.”

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / दिल्ली की एक अदालत ने दुबई के कारोबारी और 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में कथित बिचौलिये राजीव सक्सेना को शुक्रवार को अंतरिम जमानत दे दी. अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 11 दिसंबर तक के लिए दो लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही जमानत राशि पर उन्हें अंतरिम जमानत दे दी.
    हालांकि केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनकी नियमित जमानत याचिका का विरोध किया और इस संबंध में जवाब दायर करने के लिए समय देने का अनुरोध किया.
    विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने अन्य कथित बिचौलिये संदीप त्यागी और अन्य को दो लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही जमानत राशि पर नियमित जमानत दे दी. सीबीआई ने उनकी जमानत याचिकाओं का विरोध नहीं किया.
    अदालत की ओर से जारी सम्मन के आधार पर सभी आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये अदालत में पेश हुए थे.
    गौरतलब है कि अगस्ता वेस्टलैंड से 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीदने से संबंधित घोटाला मामले में 31 जनवरी, 2019 को दुबई के कारोबारी सक्सेना को भारत लाया गया था. इसके बाद घोटाले से जुड़े धनशोधन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सक्सेना को गिरफ्तार किया था. बाद में ईडी के मामले में उन्हें जमानत मिल गई थी और वह सरकारी गवाह बन गए थे.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ / बिहार भाजपा में डॉ. प्रेम कुमार एक जांचा-परखा और जीत का पर्याय बन चुका नाम है. वो पिछले 30 सालों से लगातार गया शहर विधानसभी सीट से भाजपा के टिकट पर जीतते आ रहे हैं. बीजेपी ने लालू यादव के ओबीसी पॉलिटिक्स के काट में जब ईबीसी समुदाय को लुभाने की कोशिश की तो प्रेम कुमार उसके अहम शिल्पकार और सिपाही रहे. वो भाजपा के सर्वमान्य ईबीसी चेहरा हैं. चंद्रवंशी समाज से आने वाले प्रेम कुमार मगध विश्वविद्यालय से इतिहास में पीएचडी डिग्रीधारी हैं.
    1990 के विधान सभा चुनावों में वो पहली बार चुनकर बिहार विधान सभा पहुंचे. तब से सात बार हो चुके विधान सभा चुनावों में वो अपराजित रहे हैं. 65 वर्षीय प्रेम कुमार सौम्य स्वभाव के मिलनसार नेताओं में शुमार रहे हैं. फरियादियों के लिए वो हमेशा उपलब्ध रहे हैं. फिलहाल नीतीश सरकार में वो कृषि एवं पशुपालन मंत्री हैं.
    गया शहर सीट से प्रेम कुमार भाजपा के स्थाई और जिताऊ उम्मीदवार रहे हैं, जबकि विपक्ष ने हर बार नए चेहरे को उनके खिलाफ उतारा है. 2015 में विपक्षी गठबंधन की तरफ से प्रिय रंजन तो 2010 में सीपीआई के जलालुद्दीन अंसारी मैदान में थे. साल 2005 में उनके खिलाफ कांग्रेस के टिकट पर जाने-माने रंगकर्मी और साहित्यकार संजय सहाय चुनाव लड़ रहे थे. उन्हें भी प्रेम कुमार ने करीब 25,000 वोटों के अंतर से हराया था.
    30 साल से लगातार यानी 1990 से प्रेम कुमार यहां से जीतते रहे हैं. सौम्य स्वभाव के प्रेम कुमार की जनता पर विशेष पकड़ है. 2015 से 2017 के बीच वो विपक्ष के नेता भी रह चुके हैं. कुमार ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य के रूप में छात्र जीवन में राजनीति में कदम रखा था. 1980 में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली और तब से इसी पार्टी के होकर रह गए.
    2015 के विधान सभा चुनाव में इन्हें भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री पद का दावेदार माना जा रहा था क्योंकि बीजेपी पिछले 25 सालों से राज्य की सत्ता, जो पिछड़े वर्ग (लालू-राबड़ी-नीतीश) के हाथों में रही, उसे अब अति पिछड़े वर्ग को सौंपने की योजना पर काम कर रही थी. तब नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू बीजेपी से अलग होकर लालू के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही थी. लेकिन इस बार फिर से बीजेपी और जेडीयू एनडीए गठबंधन के तहत चुनाव लड़ रही है.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में भारत को एक बड़ी उपलब्धि हासिल होने का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि गत दो महीनों में पहली बार देश में कोरोना वायरस से संक्रमित उपचाराधीन मरीजों की संख्या सात लाख से कम हुई है. वहीं ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 69 लाख के पार हो गई है. मंत्रालय ने कहा कि अब भारत में उपचाराधीन मरीजों के मुकाबले ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 10 गुना अधिक है. मंत्रालय ने बताया कि दो महीनों (63 दिनों) में पहली बार भारत में उपचाराधीन मरीजों की संख्या सात लाख से कम है. इससे पहले 22 अगस्त को इलाजरत मरीजों की संख्या 6,97,330 थी.
    स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस समय देश में 6,95,509 उपचाराधीन मरीज हैं जो देश में अबतक संक्रमित पाए गए कुल मरीजों की संख्या का करीब 8.96 प्रतिशत हैं. मंत्रालय ने रेखांकित किया, ‘‘ कोविड-19 मरीजों के रोजाना ठीक होने की उच्च दर होने और मृत्युदर में तेज गिरावट की वजह से भारत में उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटने का सिलसिला जारी है.''
    देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 69,48,497 हो गई है जो उपचाराधीन मरीजों के मुकाबले 62,52,988 अधिक है. आंकड़ों के मुताबिक, गत 24 घंटे में देश में 73,979 कोविड-19 मरीज ठीक हुए जबकि इसी अवधि में संक्रमण के 54,366 नये मामलों की पुष्टि हुई. देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के ठीक होने की दर में और सुधार हुआ है और यह अब 89.53 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गयी है.
    मंत्रालय ने कहा कि देश में चिकित्सा अवसंरचना में विस्तार, केंद्र द्वारा इलाज के लिए जारी मानक उपचार नियमावली का राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अनुपालन, डॉक्टरों और बीमारी के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर लड़ रहे स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिबद्धता से कोविड-19 मरीजों के ठीक होने की दर बढ़ी है और मृत्युदर में गिरावट आई है. मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 मरीजों की मृत्युदर गिरकर आज 1.51 प्रतिशत पर आ गई है.
    मंत्रालय ने रेखांकित किया , ‘‘इन दोनों का नतीजा है कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या में लगातार कमी आ रही है.''
    आंकड़ों के मुताबिक, देश के 24 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं जहां पर उपचाराधीन मरीजों की संख्या 20 हजार से कम हैं.
    मंत्रालय ने बताया कि कोविड-19 से ठीक होने वाले 81 प्रतिशत मरीज 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के हैं. ये राज्य और केंद्र शासित प्रदेश महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश हैं. आंकड़ों के मुताबिक, एक दिन में सबसे अधिक 16 हजार से अधिक मरीज महाराष्ट्र में ठीक हुए हैं जबकि कर्नाटक संक्रमण मुक्त होने वाले 13 हजार से अधिक मरीजों के साथ दूसरे स्थान पर है.
    मंत्रालय ने बताया कि गत 24 घंटे में सामने आए 54,366 नये मामलों में 78 प्रतिशत मामले महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और ओडिशा से हैं. महाराष्ट्र और केरल में सबसे अधिक 7,000 से अधिक नये मामले सामने आए हैं जबकि कर्नाटक में 5,000 से अधिक नये मामले दर्ज किए गए हैं.
    मंत्रालय ने बताया कि गत 24 घंटे में कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से 690 लोगों की मौत हुई जिनमें से 81 प्रतिशत मौतें 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सीमित हैं. ये राज्य हैं महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, केरल, आंध्र प्रदेश और ओडिशा. मंत्रालय ने बताया कि महाराष्ट्र में एक दिन में सबसे अधिक 198 लोगों की मौत दर्ज की गई है.

    मुंबई / एजेंसी / कोरोना के संक्रमण के आंकड़ों के हॉटस्पॉट महाराष्ट्र-मुंबई में इस साल मां दुर्गा के ऑनलाइन दर्शन हो रहे हैं, पूजा,आरती से लेकर पुष्पांजलि तक सब ऑनलाइन है. कोरोना के चलते पंडालों में लोगों की भीड़ इकट्ठा ना हो इसको लेकर सख़्त दिशा निर्देश हैं, जिसका आयोजक पालन कर रहे हैं. इसलिए इस कोरोना काल में मां दुर्गा के ऑनलाइन दर्शन हो रहे हैं.
    नवी मुंबई के मुलुंड के बंगाल क्लब के अनुसार, "मुंबई के प्रमुख पूजा पंडालों में इस बार सामान्य सजावट हैं,और फ़ोकस सिर्फ़ मां की मूर्ति पर है. पूजा, आरती, पुष्पांजलि इन सबकी लाइव स्ट्रीमिंग हो रही है."
    99 साल पुराने बंगाल क्लब का मशहूर दुर्गोत्सोव इस साल 85वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, पारंपरिक आयोजन की तैयारी बड़ी थी, लेकिन इस बार भव्य पूजा की जगह, आयोजकों ने ब्लड डोनेशन और मेडिकल कैम्प्स लगाए.
    बंगाल क्लब के सदस्य प्रसून रक्षित ने कहास, "दुर्गा पंडाल में लोगों की भीड़ ना जुटे इसको लेकर महाराष्ट्र सरकार ने इस साल कई सख़्त दिशा निर्देश जारी किए हैं,दर्शन के लिए गिने चुने लोग ही नियमों के पालन के साथ माँ के दरबार में दिख रहे हैं, लेकिन ज़्यादातर लोग डिजिटल माध्यम से ही जुड़ रहे हैं."वहीं श्रद्धालुओं का भी कहना है, "मोबाइल पर दर्शन कर रहे हैं, पंडाल में नहीं जा सकते, कोई बात नहीं अगले साल अच्छे से होगा..."
    वहीं श्रद्धालुओं का भी कहना है, "मोबाइल पर दर्शन कर रहे हैं, पंडाल में नहीं जा सकते, कोई बात नहीं अगले साल अच्छे से होगा..."
    दुर्गा पूजा आयोजकों ने बताया कि हम पंडाल में बहुत कम लोगों को आने दे रहे हैं, उन्हें मास्क दे रहे हैं. पुलिस ने कहा है कि 4-5 लोग से ज़्यादा आरती में नहीं आने हैं तो हम तो सोशल मीडिया पर ही लाइव जा रहे हैं. नो मास्क नो एंट्री का ये संदेश हो, मूर्ति के साथ और आसपास रखे सैनेटाइज़र, या ऐसे पोस्टर...एक और त्योहार पर कोविड ही पूरी तरह से छाया रहा.

    लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / सोशल मीडिया भारत की खूबसूरती को दिखाने वाले कई वीडियो वायरल होते रहते हैं। लॉकडाउन के दौरान प्रदूषण में भारी कमी देखने को मिली थी, जिसके बाद पहाड़ी इलाकों से सटे कई शहरों से पहाड़ दिख रहे थे। वहीं, सड़कों पर कई जंगली जानवरों की चहल-कदमी के वीडियो भी सामने आए थे। हाल ही में एक और वीडियो ने यूजर्स का दिल जीत लिया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर केदारनाथ के अनुपम सौंदर्य का वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें केदारनाथ मंदिर के पीछे साफतौर पर हिमालय पर्वत का सुंदर नजारा दिख रहा है।
    बादलों से घिरे पर्वत की खूबसूरती देखकर सोशल मीडिया यूजर्स इसे महादेव की कृपा बता रहे हैं। हिमालय के इस अलौकिक सौंदर्य को देखकर ट्विटर पर यूजर्स हर हर महादेव के साथ इस वीडियो को रिट्वीट कर रहे हैं। इस वीडियो को देखने से पता चलता है कि इसे किसी ने मोबाइल से रिकॉर्ड किया है। ट्विटर पर अब तक लाखों यूजर्स इसे देख चुके हैं। केदारनाथ के इस वीडियो को इंडियन फॉरेस्ट सर्विस ऑफिसर परवीन कासवान ने भी अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। केदारनाथ के इस अनुपम सौंदर्य वाले वीडियो को देखकर किसी का मन भी खुश हो जाएगा।
    फिलहाल यह वीडियो कब और किसने बनाया इसके बारे में साफतौर तक नहीं कहा जा सकता और ‘लाइव हिन्दुस्तान’ इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि भी नहीं करता।

    मनोरंजन / शौर्यपथ / इन डायलॉग्स की वजह से टाइट है 'मिर्जापुर 2' का भौकाल
    वेब सीरीज मिर्जापुर 2 अमेजन प्राइम पर 22 अक्टूबर को रिलीज कर दी गई है। पिछले सीजन की तरह इस सीजन को भी दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। सीरीज के पहले सीजन में किरदारों के डायलॉग्स काफी पॉप्युलर हुए थे, जो आज भी लोगों को याद हैं। उसी तरह दूसरे सीजन में ऐसे कई डायलॉग्स हैं जो फैन्स को काफी पसंद आ रहे हैं। 'मिर्जापुर 2' के इन डायलॉग्स की वजह से सीरीज का भौकाल टाइट है।
    -कुछ लोग बाहूबली पैदा होते हैं और कुछ को बनाना पड़ता है, इनको बाहुबली बनाएंगे।
    -औरत चाहे चंबल की हो या पूर्वांचल की, जब गन उठाई है तो इसका मतलब है कि दिक्कत में है।
    -जब कुर्बानी देने का टाइम आए तो सिपाही की दी जाती है। राजा और राजकुमार जिंदा रहते हैं गद्दी पर बैठने के लिए।
    -शादीशुदा मर्द को अपनी स्त्री से भय न हो तो इसका मतलब है कि शादी में कुछ गड़बड़ है।
    -शर्मा से क्या शर्माना, दिस इज ए कॉमन डिजीज।
    -दिखाते समय कॉन्फिडेंस हो तो पब्लिक पूछती नहीं कि फाइल में क्या है।
    -बातें ज्यादा हुई नहीं, बस आहट लेकर आ गए
    तय समय से पहले रिलीज हुई मिर्जापुर 2
    वेब सीरीज मिर्जापुर 2 ओटीटी प्लैटफॉर्म अमेजन प्राइम पर तय समय और तारीख से पहले ही रिलीज कर दी गई है। दरअसल, यह 23 अक्टूबर को रिलीज होने वाली थी, लेकिन स्ट्रीमिंग प्लैटफॉर्म ने इसे तीन घंटे पहले ही रिलीज कर दिया। अमेजन प्राइम पर यह सीरीज 22 अक्टूबर को रात 8 बजे रिलीज की गई।
    बता दें कि पिछले सीजन की तरह इस सीजन में भी पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु शर्मा, अली फजल, रसीका दुग्गल, श्वेता त्रिपाठी और हर्षिता गौर मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं लेकिन सीजन में कुछ किरदारों को जोड़ा गया है जिनकी भूमिका विजय वर्मा, ईशा तलवार और प्रियांशु पैनयुली निभा रहे हैं। मिर्जापुर 2 का निर्देशन करण अंशुमन और पुनीत कृष्णा ने किया है।
    मिर्जापुर 2 समीक्षा

    स्टारकास्ट: पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा, श्वेता त्रिपाठी, रसिका दुग्गल, विजय वर्मा

    डायरेक्टर: गुरमीत सिंह और मिहिर देसाई

    रेटिंग: 3 स्टार

    अमेजन प्राइम वीडियो की पॉप्युलर वेब सीरीज मिर्जापुर का दूसरा सीजन 22 अक्टूबर को रिलीज हो चुका है। सीरीज में पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु शर्मा, श्वेता त्रिपाठी, अली फजल जैसे सितारों ने काम किया है। हालांकि, कहानी को दिलचस्प बनाने के लिए इस बार कुछ नए सितारों को भी सीजन 2 से जोड़ा गया है। पिछले सीजन की तरह इस बार भी कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी) का भौकाल बरकरार नजर आया।
    मिर्जापुर 2 में पहले सीजन के आगे की कहानी को दिखाया गया है। पहले सीजन के लास्ट एपिसोड में मुन्ना त्रिपाठी (दिव्येंदु शर्मा), बबलू पंडित (विक्रांत मैसी) और स्वीटी (श्रिया पिलगांवकर) का मार देता है। लेकिन गुड्डू पंडित (अली फजल) और गोलू (श्वेता त्रिपाठी) बच जाते हैं। इसके बाद अब बदला लेने और मिर्जापुर पर राज करने की कहानी शुरू होती है। गुड्डू पंडित भाई और अपनी पत्नी की मौत का बदला, मुन्ना व उसके पिता कालीन भैया से लेना चाहता है। और इस काम में साथ देती है गोलू।

    इस सीजन में शुरू के दो एपिसोड गुड्डू पंडित और गोलू के सर्वाइवल पर हैं। दूसरे सीजन की शुरुआत से लेकर अंत तक कहानी परेशान नहीं करती है। बीच-बीच में कॉमेडी, शानदार डायलॉग और सस्पेंस ने जबरदस्त तड़का लगाया गया है। सीरीज में जो बड़े बदलाव होते हैं वह है गोलू का बंदूक उठा लेना और गुड्डू भइया का लंगड़ा हो जाना। कालीन भैया की पत्नी (रसिका दुग्गल) का किरदार आगे-आगे निखर कर आता है।

    इस बार कहानी मिर्जापुर से निकलकर लखनऊ तक जा पहुंचती है। गुड्डू पंडित के बदलने की आग और मुन्ना भइया का गद्दी से जुड़ा लालच पूरी सीरीज में स्वाद जमाए रहता है। गुड्डू पंडित अपनी पूरी ताकत के साथ वापसी करता है। लखनऊ में इन्वेस्टमेंट का बिजनेस चलाने वाला रॉबिन (विजय वर्मा) और जौनपुर का बाहुबली रति शंकर शुक्ला का बेटा शरद (अंजुम शर्मा) ने सीरीज को और रोचक बना दिया है। कहानी बढ़ने के साथ-साथ इन किरदारों की अहमियत समझ आती। अब मिर्जापुर की गद्दी पर कौन बैठता है, यह जानने के लिए आपको वेब सीरीज देखनी पडे़गी।
    मिर्जापुर के पहले सीजन के बाद सीरीज के डायरेक्टर गुरमीत सिंह और मिहिर देसाई के लिए इस बार पहले से ज्यादा बड़ी चुनौती थी। इस बार भी वह दर्शकों को बांधे रखने में कामयाब हुए हैं। सीरीज का पहला एक एपिसोड खत्म होने के बाद आपको इसका दूसरा एपिसोड देखने पर मजबूर कर देगा।

     

    शौर्यपथ / व्रत में खाए जाने वाली चीजों में साबूदाना सबसे ज्यादा खाया जाता है व्रत के बिना भी कुछ लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में खाए जाने वाले यह आहार आखिर कैसे बनता है? आइए, जानते हैं इससे जुड़े फायदे-
    इस पेड़ के तने से बनता है साबूदाना
    साबूदाना किसी अनाज से नहीं बनता है, बल्कि यह सागो पाम नामक पेड़ के तने के गूदे से बनता है। सागो, ताड़ की तरह का एक पेड़ होता है। ये मूलरूप से पूर्वी अफ्रीका का पौधा है। इस पेड़ का तना मोटा हो जाता है और इसके बीच के हिस्से को पीसकर पाउडर बनाया जाता है। इसके बाद इस पाउडर को छानकर गर्म किया जाता है जिससे दाने बन सके। साबूदाना के निर्माण के लिए एक ही कच्चा माल है ‘टैपिओका रूट’ जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘कसावा’ के रूप में जाना जाता है। कसावा स्टार्च को टैपिओका कहा जाता है।
    ऐसे बनता है साबूदाना
    भारत में साबूदाना टैपिओका स्टार्च से बनाया जाता है। Tapioca स्टार्च को बनाने के लिए कसावा नामक कंद का इस्तेमाल किया जाता है जो बहुत हद तक शकरकंद जैसा होता है। इस गूदे को बड़े-बड़े बर्तनों में निकालकर आठ-दस दिन के लिए रखा जाता है और रोजाना इसमें पानी डाला जाता है। इस प्रक्रिया को 4-6 महीने तक बार-बार दोहराया जाता है। उसके बाद बनने वाले गूदे को निकालकर मशीनों में डाल दिया जाता है और इस तरह साबूदाना प्राप्त होता है, जिसे सुखाकर ग्लूकोज और स्टार्च से बने पाउडर की पॉलिश की जाती है और इस तरह सफेद मोतियों से दिखने वाले साबूदाने बाजार में आने के लिए तैयार हो जाते हैं।
    इन गुणों से भरा है साबूदाना
    इसमें कार्बोहाइड्रेट काफी मात्रा में पाया जाता है और कैल्शियम और विटामिन-सी की कुछ मात्रा भी मौजूद होती है। इसी कारण व्रत में इससे बनी चीजें खाने का चलन बढ़ता गया है। इससे खिचड़ी, हलवा, चाट आदि व्रत वाली रेसिपीज बनाई जाती है।

    धर्म संसार / शौर्यपथ / मां दुर्गा का नौ दिनों का पावन पर्व कन्या पूजन के साथ ही समाप्त होता है। कुछ लोग अष्टमी को तो कुछ लोग अपने नवमी को अपनी परंपराओं के अनुसार कन्या पूजन करते हैं। ऐसे में मां कन्या पूजन को शुभ मुहूर्त में सही विधि विधान से किया जाना चाहिए। इस बार अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर सभी कंफ्यूज हैं ,तो हम आपको बता दें कि शुक्रवार को सप्तमी का व्रत है, जो लोग अष्टमी को कन्या पूजन करते हैं, वे लोग सप्तमी शुक्रवार को व्रत रखेंगे और शनिवार को अष्टमी का कन्या पूजन करेंगे। इसके अलावा जो लोग नवमी को कन्या पूजन करते हैं, वे लोग शनिवार को अष्टमी का व्रत रखेंगे और रविवार को कन्या पूजन करेंगे।
    कन्या पूजन विधि
    इस बार किसी भी नवरात्रि व्रत का क्षय नहीं हुआ है। नवरात्रि के नौ दिनों के व्रत हैं। इस बार दशहरा और नवमी एक ही दिन हैं। कन्या पूजन के लिए नौ कन्याओं का पूजन किया जाता है। इनके लिए हलवा पूड़ी और चने प्रसाद के रूप में बनाए जाे हैं। इसके साथ ही कन्याओं को नारियल, फल और दक्षिणा और कहीं, कहीं चूड़िया और बिंदी भी दी जाती है। कन्याओं को सबसे पहले एक साथ बैठाकर उनके पैर एक थाली में धोए जाते हैं। इसके बाद उन्हें कलावा बांधकर तिलक लगाया जाता है, फिर भरपेट भोजन कराया जाता है।

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