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रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ मूल के वरिष्ठ आईएएस अफसर अमिताभ जैन राज्य के नए मुख्य सचिव होंगे। वे नवंबर में रिटायर हो रहे आरपी मंडल की जगह लेंगे। जैन फिलहाल अपर मुख्य सचिव वित्त और जल संसाधन के पद पर पदस्थ हैं। वे छत्तीसगढ़ मूल के चौथे आईएएस हैं, जो मुख्य सचिव बनेंगे। इससे पहले विवेक ढांढ, अजय सिंह और मंडल मुख्य सचिव बने हैं।
जैन का मुख्य सचिव का कार्यकाल तकरीबन पांच साल का हो सकता है। वे जून 2025 में रिटायर होंगे। राज्य सरकार ने वर्तमान मुख्य सचिव आरपी मंडल को 6 माह की सेवावृद्धि देने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। अब तक केंद्र सरकार की ओर से जवाब नहीं आया है। केंद्र और राज्य में अलग-अलग दलों की सरकार होने और पूर्व के अनुभव के आधार पर यह माना जा रहा है कि मंडल की सेवावृद्धि के प्रस्ताव को मोदी सरकार से मंजूरी मिलने की संभावना कम ही है। इस कारण राज्य सरकार ने मंडल के बाद के नए विकल्प पर विचार शुरू कर दिया है।
दावा तो यह भी किया जा रहा है कि जैन को सरकार की महत्वपूर्ण बैठकों में अभी से शामिल किया जा रहा है। जैन भूपेश सरकार की पहली पसंद के तौर पर इसलिए भी सामने हैं क्योंकि उनमें काम के प्रति लगन काफी अच्छी है। इसके अलावा सौम्य स्वभाव होने के कारण वे सभी को स्वीकार्य हैं। अपर मुख्य सचिव वित्त के तौर पर काम करते हुए उनका मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ तालमेल अच्छा बना हुआ है। इसी वजह से शासन की महत्वपूर्ण बैठकों में जैन की मौजूदगी को नए मुखिया के तौर पर देखा जा रहा है। जैन की नियुक्ति के साथ ही वरिष्ठ आईएएस सीके खेतान के राजस्व मंडल से मंत्रालय लौटने की भी संभावना कम हो जाएगी। खेतान अक्टूबर-19 से पदस्थ हैं। राजस्व मंडल में उनकी नियुक्ति मंडल को मुख्य सचिव बनाने के साथ ही की गई थी। लिहाजा खेतान जुलाई-21 में रिटायर होने वाले हैं। खेतान के अलावा इस समय जैन से वरिष्ठ आईएएस बीवीआर सुब्रमण्यम भी छत्तीसगढ़ कैडर के हैं। पर उनकी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापसी की भी संभावना नहीं के बराबर है। केंद्र की मोदी सरकार से बेहतर संबंधों को देखते हुए जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव के पद से ही सुब्रमण्यम रिटायर हो सकते हैं। उनका रिटायरमेंट सितंबर 2022 है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अपनी पसंद से उन्हें जम्मू कश्मीर लेकर गए हैं। इसलिए अब जैन की नियुक्ति तय मानी जा रही है। वैसे जैन ने छत्तीसगढ़ के दल्लीराजहरा से स्कूली शिक्षा पूरी की है। मेकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले जैन एमटेक हैं। जैन 11वीं बोर्ड में अविभाजित मध्यप्रदेश के टॉपर थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / स्वामी आत्मानंद जी ने अपने जीवनकाल में रामकथा के विभिन्न प्रसंगों पर सुंदर व्याख्यान दिए थे। रामायण के चरित्रों की उनकी सुंदर व्याख्या अनेक स्रोतों में बिखरी हैं। इन्हें संकलित करने का महती कार्य किया डॉ. राजलक्ष्मी वर्मा ने और इसे रामरस पुस्तक का स्वरूप दिया। इस पुस्तक का विमोचन आज मुख्यमंत्री ने अपने भिलाई- 3 स्थित कैम्प निवास में किया। वेबिनार के माध्यम से हुए इस इस कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी जी के इस अतुलनीय कार्य को सहेजा जाना बहुत महत्वपूर्ण कार्य है। यह पुस्तक सुधि पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी होगी। उन्होंने संकलन कार्य के लिए डॉ. राजलक्ष्मी वर्मा को भी बधाई दी एवं शुभकामनाएं व्यक्त की।
इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मुक्तेश्वरी बघेल, संभागायुक्त टीसी महावर, आईजी विवेकानंद सिन्हा, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, एसपी प्रशांत ठाकुर एवं अन्य गणमान्य अतिथि तथा अधिकारी उपस्थित थे।
-प्रशासन की इस पहल से लोगों को मिल रही सही जानकारी अफवाहों की जगह सकारात्मक संदेश देने में मिल रही मदद
दुर्ग / शौर्यपथ / जिले में सोशल मीडिया के माध्यम से कोविड-19 से बचाव की जानकारी साझा करने की जिम्मेदारी, युवा इनफ्लुएंसर, समाज सेवी संगठन निभा रहे हैं। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे ने भी युवाओं के इस कदम की सराहना की है। पिछले माह युवाओं की टीम से मिलकर उनसे जागरूकता अभियान में जिला प्रशासन का सहयोग करने की अपील की थी। जिस पर करीब करीब 30 से अधिक अपने अपने सोशल मीडिया पेज के माध्यम से जरूरी जानकारियां साझा करते हैं। युवाओं का मानना है सोशल मीडिया के माध्यम से काफी अच्छे परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। सभी युवाओं ने अपना अनुभव बताया कि वे जब से दुर्ग जिले में होम आइसोलेशन के कंट्रोल रूम के नंबर आपातकालीन नंबर फीवर क्लीनिक की जानकारी लगातार साझा कर रहे हैं, अब पेज से जुड़े सभी लोग उनसे आधिकारिक जानकारी के लिए संपर्क करते हैं और उनकी पोस्ट पर भरोसा करते हैं। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने भी इन युवाओं द्वारा किए जा रहे प्रयास की सराहना की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से ये युवा इंफ्लुएंसर कोरोना के प्रति जागरूकता की मुहिम में सहयोग कर रहे हैं। सबके प्रयास से ही हम सफलता अर्जित कर सकते हैं। अभी बहुत अधिक जागरूकता की जरूरत है क्योंकि आने वाले 100 दिनों तक सावधानी बहुत जरूरी है।
फॉलोवर्स को जो भी जानकारी चाहिए होती सीधे दुर्ग भिलाई रायपुर पेज के एडमिन से पूछते हैं, इस अभियान से जुड़कर उनके फॉलोवर्स भी बढ़ गए हैं- कनक अग्रवाल बताते हैं कि उनके दो पेज हैं, दुर्ग-भिलाई-रायपुर में 16 हजार से अधिक और अपना छत्तीसगढ़ पेज में 11 हजार लोग जुड़े हैं। जब से उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में जानकारी शेयर करना शुरू किया है तब उनके दोस्त, परिचित, फालोअर्ज को जब भी कोई जानकारी चाहिए होती है तो सबसे पहले उनसे ही पूछते हैं। कहते हैं भाई वो पोस्ट फिर से भेजना जिसमें फीवर क्लिनिक की लिस्ट है। कोविड टेस्ट रिपोर्ट की लिंक भेजना ,ये सब साझा करके काफी अच्छा लगता है। लोगों का भरोसा जीतने के साथ ही उनके पेज के फॉलोवर्स भी बढ़े हैं।
जिला प्रशासन की इस पहल से आई है पारदर्शिता ,सही जानकारियाँ लोगों तक पहुंच रहीं अफवाहों से निजात मिली - ये कहना है मिनेन्द्र चन्द्राकर का, वे बताते हैं आम नागरिक कोविड के इलाज हेतु, चिकित्सकीय संस्थाओं को दिए गए प्रोटोकॉल से अनभिज्ञ थे, जो यह कहता है कि चिकित्सक 24 घण्टे कोविड वार्ड में नही रह सकते हैं, अपितु आवश्यकता होने पर, सीसीटीवी की ओर अभिवादन कर उन्हें बुलाया जा सकता है। ऐसी जानकारियां इस समूह के गठन से, सीधे नागरिकों तक पहुंची है, जिससे प्रशासन और जनता के मध्य पारदर्शिता बढ़ी है, और निश्चित ही प्रशासन और कोरोना वारियर्स के प्रति विश्वास और सम्मान में वृद्धि हुई है। पिछले कुछ दिनों में भिलाई में कोविड के मरीजों हेतु बेड ना होने की बात सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही थी। ऐसी स्थिति में, यह आवश्यक था कि जिला प्रशासन द्वारा कोविड बेड की जानकारी नियमित रूप से,जो वेबसाइट पर सूचीबद्ध की जा रही है, का लोगों को ज्ञान हो। जिला प्रशासन द्वारा जारी वेबसाइट का पता होने से, हम व्यक्तिगत स्तर पर लोगों तक ये बात पहुंचा पाए,कि ऐसे आधे अधूरे खबरों का अवलोकन न कर, सटीक व त्रुटिरहित जानकारी हेतु, वे सीधे आधिकारिक वेबसाइट का अवलोकन करें। मिनेन्द्र कहते हैं उन्हें निश्चित रूप से लगता है कि ना केवल लोगों में बल्कि हम सभी मे, प्रशासन और व्यवस्थाओं को लेकर जो भ्रांतियां थी, वह दूर हुई है और निश्चित रूप से सकारात्मक परिवर्तन आए हैं।
भ्रम दूर हुए और सही जानकारी लोगों तक पहुँची- स्टार लाइट फाउंडेशन के प्रतीक ठाकरे कहते हैं कि जिला प्रशासन द्वारा एनजीओ, समाज सेवियों और सोशल मीडिया के युवा इंफ्लुएंसर्स को कोरोना जागरूकता अभियान में जोड़ने की पहल काफी सार्थक साबित हुई है। उनके पेज के माध्यम से लोगों को जानकारी मिल रही जिसको वो आगे साझा कर रहे हैं। सही जानकारी समय पर मिल जाने से अफवाह फैलने का खतरा दूर हुआ है जिससे भ्रम की स्थिति नहीं बनती। युवाओं को भी जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी मिल रही है है साझा कर रहे हैं एक विश्वास का वातावरण निर्मित हुआ है जो कि सबके हित में अच्छा है।
लोगों को जागरुक करने में मिल रही है मदद- हमर छत्तीसगढ़ पेज के नारायण राव बताते हैं कि यह बहुत पुराना पेज है इसमें 30 हजार से अधिक लोग जुड़े हैं। इस पेज में लोग अधिकतर सभी जिले की जानकारी पूछते है यहाँ तक कि उनको कॉल करके भी कोरोना हेल्प लाइन नंबर और होम क्वारंटाइन, लाकडाउन के बारे में पूछते है। उन्होंने बताया कि दुर्ग जिला प्रशासन के अभियान से जुड़ने के बाद जानकारी आसानी से मिलने लगी और लोगो को इससे फायदा हुआ। लोगो का रिस्पांस भी बहुत अच्छा मिलने लगा और मदद के बाद लोग उनको धन्यवाद भी बोलते हैं । सोशल डिस्टनसिंग और मास्क पहनने के लिए लोगो तक हम इस माध्यम से जागरूकता फैलाने के अभी तक कामयाब रहे है। उनका मानना है कि जरूरी जानकारियां सोशल मीडिया के माध्यम से लोगो को पहुंचाना चाहिए ।
इम्यूनिटी बढ़ाने के तरीके, हॉस्पिटल का प्रोसीजर, होम क्वारेन्टीन की देते हैं जानकारी अब लोग कोरोना को मजाक में नहीं लेते-सी जी के टुरा पेज के प्रतीक साहू बताते हैं उनके अधिकतर कॉन्टैक्ट इंस्टा में ही है तो वे वहां ज्यादा से ज्यादा जानकारियां शेयर करते हैं। पिछले कुछ दिनों से लोग कोरोना को सिर्फ मजाक न समझ कर उसकी जानकारी शेयर कर रहे है और मुझसे भी इन्फॉर्मेशन की मांग करते है। जैसे इम्यूनिटी कैसे बढ़ाएं, हॉस्पिटल का प्रोसीजर क्या है, होम क्वरेंटाइन की जानकारी, काढ़ा बनाने की विधि आदि। कहते हैं उन्हें गर्व है कि मैं इस ग्रुप से जुड़ कर लोगो की मदद कर पा रहे हैं।
दुर्ग जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव की जानकारी करती हैं साझा काफी लोगों को हो रहा फायदा- अंकिता आहूजा बताती हैं वो अपने पेज रायपुर भिलाई दुर्ग के माध्यम से दुर्ग जिले में बचाव और जागरूकता से जुड़ी सारी जानकारी साझा करती हैं जिससे काफी लोगों को फायदा हो रहा है। इस प्रकार आई एम फ्रॉम छत्तीसगढ़ से जिज्ञासा गुप्ता दे रहीं है कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां। वो बताती हैं उनके पेज से मिल रही जानकारी को काफी सराहना मिल रही है।
इंस्टा पेज सी जी अपडेट के माध्यम से शेख जुबैर दे रहे कोविड 19 से जुड़ी जरूरी जानकारियां- रायपुर के रहने वाले और इंस्टाग्राम में सीजी अपडेट नामक पेज की पेज की एडमिन शेख जुबैर बताते हैं कि वह लगभग 6 महीने से कोविड-19 से जुड़ी जरूरी जानकारियां दे रहे हैं। इससे सिर्फ दुर्ग ही नहीं बल्कि पूरे राज्य के लोगों को फायदा हुआ है। वे अपने पेज से सभी तरह के अपडेट देते रहते थे परन्तु जब से जिला दुर्ग के साथ जुड़कर काम करना शुरू किया है लोगों का भरोसा बढ़ा है। बहुत अच्छा लगता है जब लोग खुद मुझ पर भरोसा करके टेस्ट सेंटर, फीवर क्लिनिक, कंट्रोल रूम के नंबर पूछते हैं उनकी मदद हो जाती है और इस संकट के समय अपना छोटा सा योगदान देकर काफी अच्छा महसूस होता है। जुबैर बताते हैं पहले उन्हें जानकारी जुटाने में समय लगता था लेकिन अब जिला प्रशासन की आधिकारिक जानकारी तुरंत मिल जाती है।
-दीपावली में नागरिकों की सुविधा के लिए स्थानीय उत्पाद बिहान बाजार में उपलब्ध होंगे
-आकर्षक डिजाइनर दीयों से लेकर हवन सामग्री, भगवान के वस्त्र आदि कई रेंज की वैरायटी उपलब्ध
दुर्ग / शौर्यपथ / बिहान के अंतर्गत काम कर रहे स्वसहायता समूहों ने अपने उत्पादों की रेंज का काफी विस्तार किया है। इसके लिए जिला प्रशासन ने एक कैटलाग तैयार किया है ताकि बिहान बाजार के माध्यम से उत्पाद खरीदने वाले लोगों को उत्पादों की जानकारी एक ही नजर में मिल सकें। इन 67 प्रकार के उत्पादों में दीवाली की पूजा सामग्री जैसे दीये, डिजाइनर दीये, हवन सामग्री, धूप और भगवान के वस्त्र आदि तो हैं ही, दीवाली के अवसर पर परंपरागत छत्तीसगढ़ी व्यंजन भी शामिल किये गए हैं। जिला पंचायत सीईओ श्री सच्चिदानंद आलोक ने बताया कि कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने इस संबंध में निर्देश दिये हैं कि स्वसहायता समूहों के उत्पादों को उचित प्लेटफार्म दिया जाए। बाजार तक इनकी ज्यादा से ज्यादा पहुंच हो। जहां बल्क खरीदी हो रही है उन संस्थानों से भी इनका सीधा संपर्क स्थापित किया जाए। इस दिशा में कार्य किया जा रहा है और दीवाली में यह समूह अच्छी खासी आय हासिल करेंगे। उल्लेखनीय है कि दीवाली के अवसर पर श्रृंगार वगैरह की भी पूरी तैयारी बिहान समूहों द्वारा की गई है। इसके लिए परंपरागत ज्वैलरी सेट भी बनाये गए हैं जिसमें छत्तीसगढ़ी में आभूषण की डिजाइन की कला की झलक मिलती है। डेकोरेशन के लिए सजावटी सामान भी तैयार किये जा रहे हैं। पेंटिंग्स एवं गिफ्ट आइटम भी तैयार किये गए हैं जो खासे आकर्षक हैं। दीवाली में जमकर साफसफाई भी होती है। इसके लिए बिहान बाजार में मुकम्मल व्यवस्था है। विभिन्न फ्लेवर वाले ग्लिसरीन सोप, मिल्क सोप आदि उपलब्ध हैं। टायलेट क्लिनर, हर्बल फिनाइल तथा डिशवाश भी इन समूहों ने बनाये हैं, कोरोना काल में इनके द्वारा बनाये गए हर्बल हैंडवाश की माँग अच्छी बढ़ी है। दीवाली में इसकी बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है। बांस की सामग्री की भी बाजार में अच्छी माँग होती है। कैटलाग में विभिन्न बांस से बनी सामग्री भी शामिल की गई है। कैटलाग में कृषि आधारित उत्पाद भी शामिल किये गए हैं जिनके अंतर्गत कीटनाशक नीमास्त्र शामिल हैं। खासा लोकप्रिय पिंक आयस्टर मशरूम भी कैटलाग में शामिल है, जिसके कारण से स्वसहायता समूहों को अच्छा खासा लाभ अर्जित हो रहा है। इसके अलावा पोल्ट्री उत्पाद एवं अन्य कृषि उत्पाद भी शामिल है। उल्लेखनीय है कि बिहान के समूहों द्वारा बनाये डिजाइनर दीयों एवं अन्य प्रोडक्ट्स की माँग विदेशों में भी हो रही है। इनकी सुंदर डिजाइनिंग के चलते बड़ा बाजार तैयार हुआ है। कलेक्टर ने निर्देश दिये हैं कि इसके डिस्प्ले के लिए अच्छा लोकेशन इन्हें एलाट किया जाए। साथ ही इन उत्पादों के लिए अमेजन तथा फ्लिपकार्ट आदि में भी प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जाए ताकि इन्हें बड़ा ग्राहक वर्ग मिल सके।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के जिला अध्यक्ष त्रिगुण सादानी का यह कहना है कि जिला शिक्षा अधिकारी जिले में प्रायवेट स्कूलों को सीधे लाभ पहुंचाने में लगे हुए है, क्योंकि शिक्षा का अधिकार कानून के अंतर्गत चयनित सभी बच्चों को प्रायवेट स्कूलों में प्रवेश दिलाने और शिक्षा प्रदान कराने के लिए उत्तरदायी है, लेकिन सैकड़ों गरीब चयनित गरीब बच्चे जो विगत तीन माह से प्रायवेट स्कूलों में प्रवेश और शिक्षा पाने जिला शिक्षा अधिकारी के चक्कर काट रहे है, लेकिन इस जिम्मेदार अधिकारी ने इन बच्चों को प्रवेश और शिक्षा दिलाने में कोई रूचि नहीं दिखाया और इस प्रकार इन चयनित गरीब बच्चों के जीवन व भविष्य के साथ जान-बुझकर खिलवाड़ करने वाले इस जिम्मेदार अधिकारी को अब जिले में रहने का कोई औचित्य नहीं है।
सादानी ने बताया कि प्रायवेट स्कूलों के द्वारा पालकों को फीस के नाम से लुट रहे है और लगातार पीड़ित पालक जिला शिक्षा अधिकारी से गुहार लगा रहे है कि प्रायवेट स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्यवाही किया जाए और उन्हें अवैध और अनुचित फीस लेने से रोका जाए, क्योंकि प्रदेश में अब अधिनियम प्रभावशील है और इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार समिति फीस निर्धारित और अनुमोदित करेगी, इसलिए अब प्रायवेट स्कूलों को फीस लेने का कोई अधिकार नहीं है, लेकिन इस जिम्मेदार अधिकारी ने प्रायवेट स्कूलों को अवैध और अनुचित फीस लेने से नहीं रोका और प्रायवेट स्कूलों ने पालकों से अवैध और अनुचित फीस पूरा वसूल लिया, जिसके लिए यह जिम्मेदार अधिकारी उत्तरदायी है। इस प्रकार जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा प्रायवेट स्कूलों को लाभ पंहुचाने का प्रयास किया जा रहा है, सिर्फ जनसमान्य को दिखाने के लिए हर दूसरे दिन जांच आदेश दिए जा रहे और विगत चार माह में अनेकों जांच आदेश दिए जा चुके है, अनेकों जांच टीम गठित किया गया है, जो आज तक ना तो जांच कर पाई और ना किसी भी दोषी स्कूल पर कोई कार्यवाही किया गया।
सादानी का कहना है कि प्रदेश सरकार के द्वारा जिले में एक मात्र उत्कृष्ट अंग्रेजी मिडियम स्कूल आरंभ किया गया, जिसमें अब तक सेटअप के अनुसार प्रयाप्त शिक्षक और स्टाफ की नियुक्ति तक नहीं किया जा सका है, जिसके कारण प्रतिदिन प्रवेश लिए बच्चे टीसी लेकर भाग रहे है जिससे प्रदेश सरकार की इस योजना पर अब सवाल उठने लगे है कि यह स्कूल जिले में चल भी पाएगा कीं नहीं, इसके लिए भी जिला शिक्षा अधिकारी उत्तरदायी है। हमारी यह मांग है कि ऐसे उदासीनता और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारी पर सख्त कार्यवाही किया जाना चाहिए।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. श्रीमती किरणमयी नायक ने बालिका गृह एवं बालक संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती रेणु प्रकाश एवं अन्य स्टाफ उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ में प्याज की भण्डारण सीमा तय किया है। इस संबंध में खाद्य विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य के व्यापारी 250 क्विंटल सीमा तक एवं कमीशन अभिकर्ता 20 क्विंटल प्याज का स्टाक रख सकेंगे। राज्य में स्टाक लिमिट की सीमा 31 दिसम्बर 2020 तक प्रभावशील रहेगी। राज्य शासन द्वारा यह निर्णय प्रदेश में प्याज की बढ़ती कीमत को देखते हुए आमजनों को उचित मूल्य पर प्याज उपलब्ध कराने के लिए लिया गया है। शासन द्वारा इसके पूर्व प्याज की उपलब्धता एवं बाजार भाव के निगरानी करने के संबंध में कलेक्टरों को निर्देश जारी किए गए हैं। विभिन्न जिलों में प्याज की उपलब्धता एवं बाजार भाव की निगरानी की जा रही है। साथ ही विभिन्न प्रतिष्ठानों में खाद्य विभाग द्वारा जांच की जा रही है।
रायपुर / शौर्यपथ / राज्य शासन के सहयोग एवं प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों से भी अब विद्यार्थी अपने हुनर का कमाल दिखा रहे हैं। सरगुजा जिले के एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली कुमारी प्रिया पैकरा ने जो प्रयास आवासीय विद्यालय अम्बिकापुर के शिक्षकों के मार्गदर्शन तथा जिला प्रशासन के सहयोग से नीट 2020 परीक्षा में सफलता प्राप्त कर डॉक्टर बनने का मार्ग प्रशस्त की है। प्रिया पैकरा ने प्रयास आवासीय विद्यालय से नीट की परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अनुसूचित जनजाति वर्ग में पहला तथा सभी वर्गों में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। प्रिया पैकरा ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, प्रयास विद्यालय के शिक्षको के मार्गदर्शन तथा जिला प्रशासन के सहयोग को दिया हैं।
अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम सकालो निवासी प्रिया पैकरा शुरू से ही मेधावी रही है। प्रिया पैकरा ने बताया कि पिता राकेश पैकरा कृषक है तथा कृषि एवं मजदूरी से परिवार का भरण पोषण करते है और माता श्रीमती प्रमिला गृहणी है। तीन बहनों में प्रिया सबसे बड़ी है। उससे छोटी कक्षा 11वी मल्टी पर्पज अम्बिकापुर तथा सबसे छोटी बहन कक्षा 9वी में अध्ययनरत है। प्रिया पैकरा ने बताया कि प्रयास आवासीय विद्यालय अम्बिकापुर में अध्ययन कर इस वर्ष कक्षा 12वी की परीक्षा 89.9 प्रतिशत के साथ उत्तीर्ण की वही मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में 316 अंक के साथ क्वालीफाइ किया। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते विद्यालय बंद हो जाने से कोचिंग में असुविधा हुई, किंतु प्रयास के शिक्षको के द्वारा लगातार ऑनलाईन माध्यम से मार्गदर्शन देते रहे तथा समस्याओं का समाधान भी किए।
कलेक्टर संजीव कुमार झा ने सुश्री प्रिया पैकरा के मेधावी होने और डॉक्टर बनने की प्रबल इच्छा को दृष्टिगत रखते हुए नीट की तैयारी में मदद हो सके इसके लिए आदिवासी विभाग के अधिकारियों को लैपटॉप देने के निर्देश दिए थे। कुछ दिनों बाद प्रभारी मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया का अम्बिकापुर आगमन होने पर उनके हाथों से प्रिया को लैपटॉप प्रदान किया गया था।
आज की कड़ी प्रतिस्पर्धा के दौर में मेडिकल और इंजीनियरिंग के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश के लिए महंगे कोचिंग का सहारा आवश्यक हो गया है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के कम आय वाले परिवार के विद्यार्थियों का इन परीक्षाओं में चयन मुश्किल है। लेकिन राज्य शासन द्वारा संचालित प्रयास आवासीय विद्यालय के निःशुल्क भोजन, अध्ययन और कोचिंग की सुविधा से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के सपने पूरे हो रहे हैं।
रायपुर / शौर्यपथ / पंचायतएवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव रेडियो पर 25 अक्टूबर को प्रसारित होने वाले 'हमर ग्रामसभा' कार्यक्रम में श्रोताओं के सवालों के जवाब देंगे। वे 25 अक्टूबर को शाम साढ़े सात बजे से आठ बजे तक आकाशवाणी रायपुर से प्रसारित इस विशेष कार्यक्रम में पत्र, एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से श्रोताओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देंगे। मंत्री सिंहदेव कार्यक्रम में राज्य शासन की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में श्रोताओं की जिज्ञासाओं का भी समाधान करेंगे। कार्यक्रम को मीडियम वेब 981 किलोहर्ट्ज पर सुना जा सकता है। प्रदेश में स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्र एक साथ इस कार्यक्रम को रिले करेंगे।
उल्लेखनीय है कि विभागीय योजनाओं की जानकारी देने और इनका लाभ उठाने लोगों को प्रेरित करने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान, निमोरा द्वारा तैयार साप्ताहिक रेडियो कार्यक्रम ‘हमर ग्रामसभा’ का आकाशवाणी रायपुर द्वारा हर रविवार शाम साढ़े सात बजे से आठ बजे तक प्रसारण किया जाता है।
रायपुर / शौर्यपथ / स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ’निष्ठा’ ऑनलाइन प्रशिक्षण का आयोजन 26 अक्टूबर से प्रारंभ होगा। प्रशिक्षण में कक्षा पहली से 8वीं तक के शिक्षक और शाला प्रमुख शामिल होंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने निष्ठा ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजन के संबंध में समस्त कलेक्टरों को निर्देश जारी किए है। जिलों में 26 अक्टूबर से पूर्व निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कक्षा पहली से 8वीं तक के सभी शिक्षकों का ऑनलाइन पंजीयन दीक्षा एप में अनिवार्य रूप से पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
जिला कलेक्टरों को जारी निर्देश में कहा गया है कि स्कूल शिक्षा विभाग भारत सरकार की गाइडलाइन अनुसार कक्षा पहली से 8वीं तक के समस्त शिक्षकों और शाला प्रमुखों को एनसीईआरटी द्वारा निर्धारित 18 माड्यूल पर निष्ठा ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाना है। कक्षा पहली से 8वीं तक के छत्तीसगढ़ राज्य के एक लाख 34 हजार 599 शिक्षकों और शाला प्रमुखों का क्षमता संवर्धन और नेतृत्व करने के गुणों का विकास किया जाना है।
निष्ठा अंतर्गत शिक्षकों का ऑनलाइन पंजीयन दीक्षा पोर्टल पर प्रारंभ हुआ है। प्रत्येक 15 दिवस में 3 मॉड्यूल पर प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। इस प्रकार की सभी 18 मॉड्यूल के प्रशिक्षणों को तीन महीने में पूर्ण किया जाएगा। इसके बाद भी संबंधित शिक्षकों को निष्ठा अंतर्गत प्रशिक्षण पूर्णता का प्रमाण-पत्र के सफलतापूर्वक पूर्ण करने के उपरांत दीक्षा पोर्टल के माध्यम से जारी किया जाएगा। प्रत्येक मॉड्यूल के लिए भी पूर्णता प्रमाण पत्र दीक्षा पोर्टल के माध्यम से जारी किया जाएगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
