August 06, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

          शौर्यपथ /ग्रीन-टी न सिर्फ दिल, बल्कि दिमाग की सेहत के लिए भी फायदेमंद है। नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के हालिया शोध की मानें तो इसमें मौजूद कैफीन 'एडिनोसिनÓ का उत्पादन बाधित करती है। 'एडिनोसिनÓ एक अहम न्यूरोट्रांसमिटर है, जो यह निर्धारित करता है कि व्यक्ति कब सुस्त या तरोताजा महसूस करेगा। इसकी अधिकता से तंत्रिका तंत्र की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने और अल्जाइमर पनपने के संकेत मिले हैं।
    शोध दल में शामिल डॉ. मेलिंडा रिंग के मुताबिक ग्रीन-टी में 'एल-थियानिनÓ नाम का एक यौगिक भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। स्ट्रेस हार्मोन 'कॉर्टिसोलÓ का स्तर घटाने और फील गुड हार्मोन 'सेरोटोनिनÓ का स्त्राव बढ़ाने में इसे खासा असरदार पाया गया है। यह भी देखा गया है कि कैफीन और 'एल-थियानिनÓ मिलकर याददाश्त, तर्क शक्ति व एकाग्रता में इजाफा कर सकते हैं। चूंकि, ग्रीन-टी में कॉफी के मुकाबले कैफीन का स्तर काफी कम होता है, इसलिए इसका सेवन उसके साइडइफेक्ट को भी दूर रखता है।
    रक्तचाप घटाने में कारगर
    रिंग ने ग्रीन-टी को रक्तचाप घटाने में भी बेहद असरदार करार दिया। उन्होंने 2016 में प्रकाशित एक अमेरिकी अध्ययन का हवाला दिया, जिसमें हफ्ते में कम से कम छह कप ग्रीन-टी पीने वालों के हाइपरटेंशन का शिकार होने का खतरा 33 फीसदी कम मिला था।
    कोलेस्ट्रॉल काबू में रहेगा
    शोधकर्ताओं ने बताया कि ग्रीन-टी में 'कैटेचिनÓ नाम का एंटीऑक्सीडेंट भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह खाने में मौजूद कोलेस्ट्रॉल को सोखने की शरीर की क्षमता घटाता है। यही वजह है कि जो लोग दिन में दो कप ग्रीन-टी पीते हैं, उनमें हार्ट अटैक का खतरा आधा हो जाता है।
    हड्डियां-मांसपेशियां मजबूत होंगी
    -ग्रीन-टी हड्डियों और मांसपेशियों की मजबूती के लिए भी अहम है। इसमें मौजूद फ्लैवेनॉयड जहां हड्डियों-मांसपेशियों में क्षरण की शिकायत दूर रखते हैं, वहीं फाइटोएस्ट्रोजन ऊतकों को नुकसान नहीं पहुंचने देते। मांसपेशियों का विकास सुनिश्चित करने में भी उनकी अहम भूमिका है।

    सेहत / शौर्यपथ / कोरोना काल में कई महीने से घर के अंदर रहने के कारण बच्चों को नजर कमजोर हो रही है। उनको दूर की चीजें देखने में दिक्कत महसूस हो रही है। नेत्र रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, कोरोना काल में बच्चे घरों में मोबाइल-कम्प्यूटर स्क्रीन पर घंटों काम कर रहे हैं। इससे उन्हें निकट दृष्टि रोग (मायोपिया) हो सकता है, जिसमें दूर की चीजें धुंधली दिखाई देती हैं। दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल शर्मा के मुताबिक कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच फिलहाल घर से ही पढ़ाई हो रही है। कई घंटों तक चलने वाली ऑनलाइन क्लास के दौरान बरती गईं छोटी-छोटी लापरवाही आंखों में खुजली, लालिमा, रुखापन और सिरदर्द को बढ़ा रही हैं। लम्बे समय तक ऐसी स्थिति रही तो इससे मायोपिया हो सकता है। बच्चों में मोबाइल व टीवी के बढ़ते इस्तेमाल, आउटडोर खेलों से दूरी व लगातार पढ़ते रहने से यह बीमारी तेजी से फैल रही है। बच्चों को एक घंटे से ज्यादा मोबाइल या टीवी न इस्तेमाल करने दें।
    धुंधलापन और रूखापन की समस्या
    स्क्रीन पर आंखों की पलकें नहीं झपकती हैं। जिसकी वजह से बच्चों की आंख में चुभन, दर्द, जलन और सूखने की दिक्कतें आ रही हैं। काफी देर बाद स्क्रीन से आंख हटाने पर दूर की चीजें धुंधली दिखने के साथ आंखों में तनाव और थकान लगती है। सिरदर्द, ज्यादा पलक झपकाना, आंख रगडऩा और बच्चों में थकान महसूस करना, देखने में परेशानी के संकेत हो सकते हैं। अगर मायोपिया का इलाज नहीं किया जाता है तो यह भविष्य में मायोपिक मैक्युलर डीजनरेशन, रेटिनल डिटैचमेंट, कैटेरेक्ट्स और ग्लुकोमा जैसी गंभीर बीमारियों की प्रवृत्ति का कारण बन सकती है। पढ़ाई के बीच एक घंटे के अंतराल पर आंखों को आराम देना चाहिए। रोजाना खिड़की से दूर की चीजें दिखाएं।
    दिल्ली और आसपास के 13.1 फीसदी बच्चे मायोपिया के शिकार
    एम्स में कुछ साल पहले हुए अध्ययन के मुताबिक, दिल्ली और इसके आसपास के शहरों में करीब 13.1 फीसदी बच्चे मायोपिया से पीडि़त हैं। ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना काल में अभिभावकों को बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
    ऐसे करें बचाव
    20/20/20 नियम का पालन करें
    गंगाराम अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ग्रोवर अभिभावकों को 20/20/20 रूल को फॉलो करने की सलाह देते हैं। इसके तहत हर 20 मिनट में बच्चों को 20 फीट की दूरी पर कम से कम 20 सेकंड के लिए कुछ देखना चाहिए। इससे आपकी आंखों को आराम मिलता है और वे अपने नेचुरल पोज में आ जाती हैं।
    मोबाइल की जगह कंप्यूटर या लैपटॉप इस्तेमाल करें। स्क्रीन की तेज रोशनी से बचाव करने वाले एंटीग्लेयर चश्मे का इस्तेमाल करें। योग को जीवन शैली का हिस्सा बनाएं। बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई के वक्त खुले कमरे या प्राकृतिक रोशनी में बैठाना चाहिए। क्योंकि मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन की लाइट आंखों पर पड़ती है, जो नुकसानदायक है।
    ये व्यायाम भी करें
    हाथ योग
    अपने दोनों हाथों को तब तक रगड़ें, जब तक की वो गर्म न हो जाएं। अब अपने हाथों को अपनी आंखों पर रख लें। इससे आंखों के आस-पास की नसों को आराम मिलेगा और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा।
    आंखों की पुतलियों को क्लॉकवाइस और एंटी-क्लॉकवाइस घुमाएं। ऐसा अपनी आंखें बंद कर के करें। इसे दिन में दो बार करें। हालांकि, इसे आप दिन में दो से अधिक बार भी कर सकते हैं।
    क्या है मायोपिया या निकट दृष्टि रोग
    मायोपिया या निकट दृष्टि रोग में आंख की पुतली (आई बॉल) का आकार बढऩे से प्रतिबिंब रेटिना पर बनने के बजाय थोड़ा आगे बनता है। इससे दूर की वस्तुएं धुंधली और अस्पष्ट दिखाई देती हैं, लेकिन पास की वस्तुएं देखने में कोई परेशानी नहीं होती है।
    कोरोना काल में बच्चों और वयस्कों को घर पर घंटों ऑनलाइन काम करना पड़ रहा है। इससे उनकी आंखों की रोशनी प्रभावित हो रही है। अस्पतालों में आंखों में जलन, ड्राइनेस और धुंधलापन के काफी मामले आ रहे हैं। लोग एहतियात रखेंगे तो वे इन परेशानियों को नियंत्रित कर सकते हैं।

    सेहत / शौर्यपथ /शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक औषधियों की रानी कही जाने वाली तुलसी की मांग वैश्विक महामारी कोरोना काल में बढ़ गयी है। आयुष अस्पताल एवं रिसर्च सेन्टर के आयुवेर्दाचार्य नरेन्द्र नाथ का कहना है कि तुलसी कई बीमारियों का रक्षा कवच है। यह हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने में अहम् भूमिका का निर्वहन करती है।
    इसकी पत्तियों में विटमिन सी, कैल्शियम, जिंक और आयरन के साथ ही सिट्रिक टारटरिक एवं मैलिक एसिड भी प्राप्त होता है। इनमें एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभ दायक होते हैं। आयुवेर्दिक कंपनियां दवाइयां बनाने में इसका इस्तेमाल करती हैं।
    उन्होने बताया कि आयुवेर्द में तुलसी को रोग नाशक जुडी-बूटी माना जाता है। इसे सौ बीमारियों की 'एक दवाÓ कहें तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। यह सदीर्-जुकाम और गले में खरास से राहत दिलाने के लिए इसकी पत्तियों और कालीमिर्च का काढ़ा रामबाण साबित होता है। वहीं कोरोना वायरस से बचाव के दौरान लोगों के काढ़ा तैयार कर उपयोग में लाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में काफी सहायक हुई है।
    आयुवेर्दाचार्य नरेन्द्र नाथ ने बताया कि आयुवेर्द मे इसे रोग नाशक जड़ी-बूटियों की रानी कहा गया है।Óतुलसी पंचाग (जूस) वैज्ञानिक दृष्टकोण से 90 फीसदी क्षारीय (एल्काइन) होता है। यह प्रतिरोधक क्षमता के लिए श्वेत रक्त कणिकाओं (डब्ल्यूबीसी) का निमार्ण करते हैं जिसे ही हम इम्यून या प्रतिरोधकता कहते हैं। उन्होने बताया कि जब शरीर अधिक लवणीय हो जाती है तब डब्ल्यूबीसी का निमार्ण होना कम हो हो जाता है जिसे समस्त बीमारियों की जननी कहते हैं।
    उन्होने बताया कि इसमें इसेंसियल ऑयल, वोलेटाइल ऑयल पाया जाता है जो एंटीवैक्टीरीअल, एंटीवायरल, एंटीफंगल और एंटीसेप्टिक गुण पाया जाता है जो शरीर के समस्त धातुओं के विषैलापन को दूर करता है और शरीर के मेटाबोलिज्म को बढ़ाता है। तुलसी की चाय का सेवन किया जाए तो इससे कैंसर होने की संभावना काफी कम हो जाती है क्योंकि तुलसी कैंसर को जन्म देने वाली अनियंत्रित कोशिकाओं को बढ़कर विभाजित होने से रोकता है और कैंसर से शरीर की रक्षा करता है।
    तुलसी का प्रयोग आयुवेर्द, यूनानी, होम्योपैथी एवं एलोपैथी दवाओं में होता है। इसकी जड़, तना, पत्तियों समेत सभी भाग उपयोगी हैं। तुलसी में विटामिन व खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह सभी रोगों में लाभप्रद मानी जाती है। वह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ कफ, वात दोष, पाचन शक्ति बढ़ाने बुखार, पेटदर्द, बैक्टीरियल संक्रमण खत्म करने में काम आती है। श्वांस लेने में हो रही परेशानी को राहत दिलाने में सहायक होती है।
    आयुवेर्दाचार्य का कहना है कि जिन लोगों का इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर होता है उन्हें कोरोना का खतरा ज्यादा होता हैण। ऐसे में इम्यूनिटी सिस्टम मजबत रहना आवश्यक है। इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए वैसे तो कई तरीके हैं लेकिन इसे नेचुरल तरीके से बढ़ाया जा सकता है। नेचुरल तरीके से इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए काढ़ा सबसे अच्छा ऑप्शन है। तुलसी और काली मिर्च का काढ़े से इम्युनिटी मजबूत होगी और शरीर कोरोना से लडऩे में बेहतर रूप से सक्षम हो पाएगा।
    नरेन्द्र नाथ ने बताया कि श्वास संबंधित रोग, बुखार, जुकाम को ठीक करती है। किडनियों को स्वस्थ रखती है। इसकी पत्तियों में चमकीला वाष्पशील तेल पाया जाता है जो कीड़ों एवं वैक्टीरिया के खिलाफ काफी कारगर साबित होता है। तुलसी को संजीवनी बूटी की संज्ञा भी दी गयी है। इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
    उन्होने बताया कि यह स्ट्रेस और डिप्रेसन को भी दूर भागने में सहायक होता है। पारंपरिक तुलसी का उपयोग कंजक्टीवाइटिस (आंख आना) की समस्या से राहत पहुंचाता है। किसी भी प्रकार के श्वसन संबंधी रोग के दौरान इसका उपयोग गुणकारी है।
    नैनी क्षेत्र के फूलमंडी में तुलसी विक्रेता रोशन ने बताया कि कोरोना काल में लोगों का विश्वास आयुवेर्द के प्रति बढ़ा है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने वाली औषधियों में तुलसी की मांग बहुत तेजी से बढ़ी है। कोरोना से पहले तुलसी की पत्तियों की कीमत 50 रुपये प्रति किलो थी, जो कि अब 100 किलो से अधिक तक पहुंच गई है। फुटकर बाजार में तो यह और भी महंगी बिक रही है। इम्यूनिटी बढ़ाने में कारगर गिलोय और अश्वगंधा के मूल्यों में भी मांग के कारण उछाल आया है।

    शौर्यपथ विशेष / बिहार में विधान सभा चुनाव की तारीख नजदीक आते ही नौकरियों का अम्बार लग गया तो कही शराबबंदी हटाने के वादे किये जा रहे तो कही दल बदलुओ को सबक सिखाने की बात हो रही है जिस के मन में जो आये वादे पर वादे किये जा रहा है . खैर चुनावी वादों का पिटारा कितना भरा होता है और कितना खाली अब आम जनता भी समझने लगी है और सोंचने पर विवश भी हो रही है . बिहार के चुनाव में तेजस्वनी यादव 10 लाख की नौकरी देने का वादा कर रहे है किन्तु इन नौकरी के वादे में करोडो का भुगतान कैसे होगा इसका कोई जवाब नहीं दे पा रहे है वही भाजपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष देश में लगभग 300 आतंकी के प्रवेश की आशंका जता कर भाजपा को जिताने की अपील कर रहे है अब अचानक ये आतंकी कहा से आगये इसका जवाब भाजपा राष्ट्रिय अध्यक्ष ही दे सकते है .
    बिहार विधानसभा चुनाव में हो रही रैली को देख कर ऐसा नहीं लगता कि ये वही भारत है जहां अभी कोरोना के मरीज सबसे ज्यादा पाए जा रहे है और लगातार संख्या में बढ़ोतरी हो रही है . सोशल डिस्टेंस का ज्ञान देने वाले नेता सिर्फ टीवी में ही ज्ञान दे रहे है उन्हें पुरे देश में इसका पालन करवाने की अपील की जा रही है किन्तु बिहार और मध्यप्रदेश के उपचुनाव में ये सोशल डिस्टेंस सिर्फ किवदंती बनकर रह गयी है . खैर ये चुनावी वादे है राजनैतिक पार्टी कितना सिद्धांत पर चलती है और कितने वादे पुरे करती है ये भविष्य की गर्त में है क्योकि यहाँ यह भी देखा गया है कि सत्ता के लिए सारे सिद्धांत ताक पर रख दिए जाते है एक दुसरे पर आरोप की छड़ी लगाने वाले नेता सत्ता के लालच में देशभक्त और देशद्रोही की श्रेणी में एक दुसरे को तौलने और पाला बदलने से भी नहीं चुकते ये चलता रहा है और भविष्य में भी चलता रहेगा .
    किन्तु इन वादों के बीच देश की वित्त मंत्री ने जो ब्यान दिया उससे देश की जनता को काफी आहात हुई है . बिहार चुनाव के देश की वित्त मंत्री ने अपने चुनावी वादे में कोरोना आपदा की तकलीफ को भी भुनाने में देर नहीं की कुछ समय पहले यही वित्त मंत्री जी ने प्याज की बढ़ती कीमत पर कहा था कि प्याज की कीमत बढऩे पर मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योकि हम प्याज नहीं खाते तब भी उनके इस तरह के ब्यान की काफी आलोचना हुई थी अब एक बार फिर वित्त मंत्री ने भारत के आम जनता के जिन्दगी में तूफ़ान मचने वाले कोरोना बिमारी पर एक ब्यान दे दिया वित्त मंत्री ने कहा कि अगर बिहार में भाजपा की जीत होगी तो बिहार की जनता को मुफ्त में कोरोना वेक्सिन दी जाएगी . वित्त मंत्री जी क्या भारत के सभी नागरिक और बिहार के नागरिक एक ही देश के निवासी नहीं है फिर ये कैसा सत्ता का नशा और कैसी सत्ता की ताकत आप वित्त मंत्री है जनता के द्वारा चुनी जनप्रतिनिधि है देश के लोकतंत्र में एक बड़े पद में विराजमान है आपने पद ग्रहण करते समय कसम खाई थी कि बिना भेदभाव के देश की सेवा करुँगी कहा गयी अब वो कसम .क्या आम जनो की जान की कीमत लगाना सही है . सिर्फ भारत ही नहीं पूरा विश्व कोरोना वेक्सिन का इंतज़ार कर रहा है और आप है कि सत्ता में जीत के बदले वेक्सिन की कीमत भी तय कर दी कि मुफ्त लगेगा या पैसे से लगाया जायेगा खैर आपकी गलती भी नहीं है भारत की विशाल जनसँख्या में अभी भी ऐसे कई लोग है जो आपके इस फैसले को देशभक्ति के रूप में प्रचारित करेंगे चलिए आपकी बात सही हो और बिहार में आपकी सत्ता आ जाये फिर कम से कम एक प्रदेश में तो मुफ्त में वेक्सिन लगवा दीजियेगा बस ये बता दीजिये कि वेक्सिन कब आएगी , क्या अच्छे दिन जैसे इंतज़ार करना पड़ेगा , क्या जिस तरह सालाना 2 करोड़ नौकरी के वादा पूरा होने का इंतज़ार कर रहे उस तरह इन्तजार करना पड़ेगा या सिर्फ जुमलेबाजी है जो भी हो एक बार तो सच बोल दीजिये कि हमारी जिन्दगी बचेगी कि नहीं हम भी उस देश के निवासी है जिस देश में आप वित्त मन्त्री है ...( शरद पंसारी की कलम से )

    दुर्ग / शौर्यपथ / इन दिनों शहर में एक विशेष प्रजाति के कीड़ो का आतंक फैला हुआ है ये कीड़े किसी भी हरे भरे पेड़ को जबरदस्त तरीके से नुक्सान पहुँचाने के साथ साथ राहगीरों को भी मुसीबत में दाल रहे है . एक अजीब प्रकार के लावे के साथ झूलते हुए ये कीड़े शहर में खासकर गुलमोहर व कुछ विशेष जाती के पेड़ो को काफी नुक्सान पहुंचा रहे है . दो दिन पहले इसकी जानकारी महापौर बाकलीवाल को मिली जिसके तुरंत बाद महापौर बाकलीवाल ने जिलाधीश से चर्चा कर स्थिति के बारे में जानकारी दी . जिलाधीश द्वारा एडीम , डीएफ ओ एवं कृषि अधिकारी को भेजकर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा साथ ही महापौर बाकलीवाल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवा का प्रारंभ करवा दिया गया . चुकी मामला एक ऐसे कीड़े से है जिसके समूल नस्ट होने की जानकारी कृषि विभाग या अन्य सम्बंधित विभाग द्वारा ही ज्ञात हो सकता है जिसकी रिपोर्ट अभी विभाग से नहीं आयी ऐसे में निगम प्रशासन द्वारा सेनेटाइजर कर स्थिति नियंतरण में करने की कोशिश की जा रही है इस तरह के छिडकाव से कीड़े तो कथं हो रहे है किन्तु इसका समूल नाश हो रहा है कि नहीं इस बारे में रिपोर्ट आनी अभी बाकी है तब तक निगम प्रशासन जहां जहां प्रकोप ज्यादा है इन कीड़ो का वहा वहा सेनेटाइजर का छिडकाव कर रही है .
    वही इस कीड़े के प्रकोप की राजनीति भी अपने चरम पर है कीड़े के खात्मे के लिए अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाडऩे की बात निगम के नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा कह रहे है साथ ही महापौर पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि इस समय शहर के बोरसी,पदमनाभपुर,शिक्षक नगर,अग्रसेन चौक सहित शहर के कई क्षेत्रों में खासकर गुलमोहर प्रजाति के पेड़ों में हजारों की संख्या में कीड़ों का प्रकोप हो गया है। यह कीड़े अपनी लार से बनाए गए धागे के सहारे पेड़ों में झूलते रहते हैं। जो सामान्य दृष्टि से दिखाई नहीं पड़ते। जिसके कारण दोपहिया वाहनों में चलने वाले या पैदल चलने वाले नागरिकों के शरीर में लिपट जाते हैं। जिससे खुजली होती है और शरीर में चकते भी पड़ जाते हैं।
    इस बात की जानकारी नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा एवं भाजपा पार्षद दल ने महापौर एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दी। महापौर ने इसकी जानकारी कृषि विभाग को दी एवं यह कहते हुए कि यह मौसमी कीड़ा है अपने आप खत्म हो जाएगा कहकर इस वीभत्स समस्या से पल्ला झाड़ लिया। नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा पार्षदों ने स्थानीय कृषकों से संपर्क कर उनसे सलाह लेकर खेतों में छिड़काव करने वाला स्पेयर से कीटनाशक दवा का छिड़काव किया। जिससे बोरसी रोड के पेड़ों में कीट व्याधि बहुत कम हो गई है।
    गुरुवार को भाजपा पार्षद दल के नेता अजय वर्मा,गायत्री साहू,मनीष साहू,पुष्पा गुलाब वर्मा,हेमा जगदीश शर्मा,अजय वैद्य,नरेश तेजवानी,कांशीराम कोसरे,राकेश सेन ने कृषकों से स्पेयर लेकर बोरसी,पदमनाभपुर में छिड़काव किया तथा स्वास्थ्य अधिकारी को आक्रोश जताते हुए दिखाया कि कीड़े मर रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारी के इस आश्वासन के बाद कि कल से शहर के विभिन्ना क्षेत्रों में छिड़काव किया जाएगा तब भाजपा पार्षद शांत हुए।भाजपा पार्षदों ने महापौर से कहा कि अधिकारियों के बातों में आकर आप इसे प्राकृतिक आपदा बताकर अपनी जिम्मेदारी से ना भागे। लोगों की दिक्कत को देखते हुए तत्काल कीटनाशक का छिड़काव करें।
    नेता प्रतिपक्ष के बडबोलेपन से कई भाजपा पार्षद रहते है परेशान
    नेता प्रतिपक्ष के आरोप पर महापौर बाकलीवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष को ना ही पूरी जानकारी है और ना ही इस विषय पर चर्चा की गयी मनगढ़ंत बात कर जनता को गुमराह कर रहे है जबकि निगम प्रशासन प्रशासन की प्रमाणित रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहा है साथ ही 21 तारीख बुधवार से संक्रमित पेड़ो पर छिडकाव शुरू कर दिया है प्रशासन से रिपोर्ट आते ही इस कीड़े को समूल नष्ट करने की दिशा में भी त्वरित कार्यवाही की जाएगी नेताप्रतिपक्ष के अधूरी जानकारी के साथ बडबोलेपन से भाजपा के कई पार्षद भी परेशान रहते है सिर्फ निगम प्रशासन ही नहीं जिला प्रशासन भी इस कीड़े के समूल नाश के लिए सार्थक कदम उठा रहा है .

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्य शासन द्वारा कॉलेजों में प्रवेश की तिथि को 22 अक्टूबर से बढ़ा कर 29 अक्टूबर कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति की अनुमति से महाविद्यालयों के प्राचार्यों द्वारा छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा। राज्य शासन द्वारा कोविड-19 महामारी से उत्पन्न स्थिति के कारण छात्र हित में यह निर्णय लिया गया है। कॉलेजों में प्रवेश की तिथि 29 अक्टूबर तक बढ़ाने के संबंध में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मंत्रालय महानदी भवन से आदेश जारी किया गया है।
    गौरतलब है कि उच्च शिक्षा विभाग के सचिव धनंजय देवांगन ने 9 अक्टूबर को मंत्रालय में वीडियो कॉन्फं्रेसिंग के जरिए सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और विद्यालयों के प्राचार्यो से कॉलेजों में प्रवेश, ऑनलाइन क्लास, परीक्षा परिणाम और पाठ्यक्रमों के संबंध में चर्चा की। इस दौरान विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने कॉलेजों में शत प्रतिशत सीटों में प्रवेश हो सके इसके लिए प्रवेश के लिए निर्धारित तिथि 22 अक्टूबर से बढ़ाकर 30 अक्टूबर तक करने के भी सुझाव दिए थे।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए श्समर्पणष्ष् अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत पुलिस द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को सहायता उपलब्ध कराई जायेगी। डीजीपी डीएम अवस्थी ने बताया कि कम्युनिटि पुलिसिंग के अन्तर्गत जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को पुलिस के संपर्क में लाने के लिए समर्पण अभियान शुरू किया जा रहा है। शुरूआत में ये कार्यक्रम प्रदेश के पांच जिलों रायपुरए दुर्गए बिलासपुरए राजनांदगांव और रायगढ़ में शुरू किया जा रहा है। इस अभियान का सदस्य बनने के लिए वरिष्ठ नागरिक 23 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते हैं।
    ऐसे करा सकते हैं पंजीयन. वरिष्ठ नागरिक निर्धारित प्रपत्र में संबंधित पुलिस अधीक्षक कार्यालयध्थाना में पंजीयन करा सकते हैं। इसके अलावा ईमेल आईडी This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. पर भी पंजीयन हेतु जानकारी भेज सकते हैं। वरिष्ठ नागरिक पुलिस मुख्यालय के हेल्प लाईन नम्बर 9479191536 या सीनियर सीटिजन हेल्प टोल फ्री नम्बर 1800.180.1253 पर भी कॉल कर सकते हैं।
    ये लोग कर सकते हैं आवेदन. समर्पण अभियान का सदस्य बनने के लिए ऐसे लोग आवेदन कर सकते हैं जिनकी उम्र 60 वर्ष या अधिक होए अपने बच्चों के साथ ना रहते हों अकेले या पतिध्पत्नी के साथ रहते होंए किसी बात का डरध्खतरा अथवा स्वयं को उपेक्षित महसूस करते हों।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व मंत्री माधव सिंह ध्रुव के निधन पर गहरा दु:ख प्रकट किया है। उनका आज सुबह निधन हो गया। श्री माधव सिंह ध्रुव अविभाजित मध्यप्रदेश और बाद में छत्तीसगढ़ में भी मंत्री रहे। मुख्यमंत्री बघेल ने श्री माधव सिंह ध्रुव के परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।

     रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज नई दिल्ली प्रवास के दौरान सांसद राहुल गांधी से सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2020 में शामिल होने का न्यौता दिया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर उन्हें जानकारी दी कि कोविड-19 के कारण राज्योत्सव का कार्यक्रम संक्षिप्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। राज्योत्सव के अंतर्गत 'राज्य अलंकरण समारोह' के आयोजन के साथ ही 'राजीव गांधी किसान न्याय योजना' के तहत राज्य के 19 लाख किसानों को तीसरी किश्त की राशि प्रदाय की जाएगी।

    मुंबई / शौर्यपथ / अपहरण बिहार में और फिरौती मुंबई से मांगी गई. दरअसल बिहार पुलिस की सूचना पर मुंबई की कांदिवली पुलिस ने फोन कर धमकाने वाले को पकड़कर बिहार पुलिस के हवाले किया है. मिली जानकारी के अनुसार, बिहार के चंपारण जिले से 14 अक्टूबर को 7 साल के एक बच्चे को अगवा किया गया था. 19 अक्टूबर को अगवा बच्चे के बड़े भाई को फोन कर बदले में 20 लाख रुपये की मांग की गई. पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई. धनहा पुलिस ने मामला दर्ज कर तहकीकात शुरू की. धनहा थाने के एएसआई प्रमोद कुमार पाठक के मुताबिक, फिरौती के लिए आए फोन के जरिए उन्हें अपराध में शामिल बाकी के आरोपियों की जानकारी मिली.
    धनहा पुलिस ने सबसे पहले बिहार और उत्तर प्रदेश में छिपे तीन अपहरणकर्ताओं को पकड़कर मासूम को छुड़ाया और मुंबई के आरोपी की लोकेशन कांदिवली पुलिस को देकर मदद मांगी. कांदिवली पुलिस थाने के पीआई विजय कांदलगांवकर ने बताया कि सूचना मिलते ही थाना इंचार्ज रवी अडाने ने पुलिस अधिकारी सूर्यकांत पवार के नेतृत्व में एक टीम बनाकर कांदिवली के लालजी पाड़ा इलाके में भेजी, जहां पुलिस टीम ने फिरौती के लिए फोन करने वाले आरोपी रियासुदीन अंसारी को गिरफ्तार कर उसका फोन जब्त कर लिया.
    रियासुदीन को बिहार पुलिस के हवाले कर दिया गया है. धनहा पुलिस के मुताबिक, बिहार में पकड़े गए तीन आरोपियों के नाम खान मुहम्मद अंसारी, अलाउदीन अंसारी और मुस्लिम अंसारी हैं. अगवा किए गए बच्चे को बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा पर रहने वाले मुस्लिम अंसारी ने जंगल में छिपा रखा था. पीड़ित परिवार आरोपियों को पहचानता है. आरोपियों ने बताया कि वो कर्ज में डूबे हुए थे. उन्हें पैसों की जरूरत थी. चूंकि अगवा किए गए बच्चे के पिता दुबई में काम करते हैं तो उन्हें लगा कि उनके पास खूब पैसे हैं और डर कर आसानी से फिरौती दे देंगे.

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