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नई दिल्ली / शौर्यपथ / कोरोनावायरस महामारी के बीच वीज़ा नियमों पर लगे प्रतिबंध में अब जाकर कुछ ढील दी गई है. गुरुवार को भारत सरकार ने वीज़ा नियमों में ढील देते हुए विदेशों में रहने वाले भारतीयों और भारतीय और विदेशी मूल के नागरिकों को भारत आने की अनुमति दे दी है, हालांकि, इसमें अभी एक नियम बरकरार रखा गया है. इसमें शर्त रखी गई है कि ये नागरिक टूरिस्ट वीजा पर भारत की यात्रा नहीं कर सकेंगे.
हवाई यात्रा को वापस पटरी पर लाने के लिए भारत सरकार ने एक बड़े कदम के तहत गुरुवार को सभी मौजूदा वीजा की वैधता बहाल कर दी है. सरकार के नवीनतम आदेश में कहा गया है, 'सरकार ने विदेशी नागरिकों और भारतीय नागरिकों की अधिक श्रेणियों के लिए वीजा और यात्रा प्रतिबंधों में क्रमिक ढील देने का फैसला किया है.' इस श्रेणी में आने वाले यात्रियों को अगर मेडिकल वीज़ा चाहिए होगा तो उन्हें नया एप्लीकेशन डालना होगा.
आदेश के अनुसार, सरकार ने अधिकृत हवाई अड्डों और बंदरगाह आव्रजन चौकियों के माध्यम से हवाई या जल मार्गों से प्रवेश करने के लिए टूरिस्ट वीजा को छोड़कर, सभी OCI और PIO कार्ड धारकों और अन्य सभी विदेशी नागरिकों को किसी भी उद्देश्य के लिए भारत आने की अनुमति देने का फैसला किया है. इसमें वंदे भारत मिशन, एयर ट्रांसपोर्ट बबल की व्यवस्था के तहत या नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा अनुमति के अनुसार किसी भी गैर अनुसूचित वाणिज्यिक उड़ानों द्वारा संचालित उड़ानें शामिल हैं.
भारत सरकार ने शुरू में फरवरी 2020 में कोविड -19 महामारी के कारण हवाई यात्रा को- चाहे अराइवल हो या डिपार्चर- प्रतिबंधित कर दिया था. हालांकि ऐसे सभी यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य स्वास्थ्य/कोविड -19 मामलों के बारे में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर उन लोगों पर निशाना साधा है, जो तेजस्वी यादव के 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने के वादे पर सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने लिखा है, "जिन लोगों ने नरेंद्र मोदी जी के प्रति वर्ष 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने के वायदे पर कभी सवाल नहीं उठाया आज वही लोग तेजस्वी के 10 लाख युवाओं को नौकरी देने के वादे पर सवाल उठा रहे हैं. प्रधानमंत्री जी की इस यात्रा में बिहार के नौजवानों को 2 करोड़ रोजगार देने वाले उनके वादे पर सवाल पूछना चाहिए."
तिवारी ने लिखा है, "सबसे ज्यादा गरीब और बेरोजगार बिहार में बसते हैं. बिहार को जानबूझकर उपनिवेश बना कर रखा गया है.अगर बिहार भी महाराष्ट्र गुजरात या पंजाब-हरियाणा की तरह समृद्ध होता तो उन राज्यों को सस्ते में बिहारी मजदूर कैसे मिलते! पंद्रह वर्षों से बिहार पर शासन कर रहे मुख्यमंत्री जी को अब बिहार को आत्मनिर्भर बनाने का ख्याल आ रहा है."
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार काफी करीबी रहे शिवानंद तिवारी ने उन पर निशाना साधते हुए लिखा है, "पिछले विधानसभा के चुनाव में महागठबंधन के नेता के रुप में नीतीश जी ने भारतीय जनता पार्टी को भारतीय जुमला पार्टी कहा था. अब स्पष्ट हो गया है कि संगति के प्रभाव में नीतीश जी को अब बिहार को आत्मनिर्भर बनाने का ख्याल आ रहा है. अभी उन्होंने कहा था कि बिहार समुद्र तट पर नहीं है. इसलिए पिछड़ा गया है. अगले पांच वर्षों में नीतीश जी क्या बिहार को समुद्र तट पर पहुँचा देंगे या समुद्र को ही खींच कर बिहार के किनारे ले आ देंगे!"
उन्होंने एनडीए के नेताओं को चेतावनी देने के अंदाज में लिखा है, "बातों की खेती करने वाले इन दोनों नेताओं को बिहार के युवा अच्छी तरह पहचान गए हैं. अब इनके किसी भी वादे पर अतीत में किए गए इनके कामों की कसौटी पर ही परखेंगे." बता दें कि नीतीश कुमार ने दो दिन पहले तेजस्वी के वादे पर तीखा तंज किया था और कहा था कि 10 लाख लोगों को नौकरी देने के लिए पैसे कहां से लाएंगे? क्या ये पैसा जेल से आएगा?
पटना / शौर्यपथ /बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस बात पर आपत्ति है कि विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव उनके बारे में यह कहते हैं कि वो (नीतीश) थक गए हैं. तेजस्वी यादव के इस बयान पर गुरुवार को मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले के मीनापुर विधान सभा में प्रचार के दौरान भाषण में नीतीश कुमार की नाराज़गी साफ़ दिखी. सीएम ने पूछा कि तुम क्यों भागे जाते थे दिल्ली और बताओ दिल्ली में किसके यहां रहते थे .मुख्यमंत्री ने कहा, 'कुछ लोग मेरे ख़िलाफ़ बोलते रहते हैं, बहुत अच्छा हैं बोलते रहो हम बधाई देते हैं. हमको कहता है कि थक गए हैं नीतीश ने पूछा कि हम थक गए हैं?
फिर उन्होंने तेजस्वी यादव का नाम लिए पूछा कि कहाँ रहते थे जी, कहां भागे रहते थे यहाँ से और ज़रा बताओ दिल्ली में किसके यहांरहते थे ज़रा बताओ, बताना नहीं चाहिए किसी को मालूम है कहां रहता था, क्या करता था. यह कहते हुए नीतीश बोले कि हम लोग को क्या कहना है? अरे अरे अपनी माँ पिता और माता की जगह पर कोई आने की कोशिश कर रहा है, क्या करेंगे.नीतीश ने फिर कहा कि क्या चीज़ का ज्ञान हैं किस चीज़ का अनुभव हैं .फिर उन्होंने कहा कि हम लोगों को जब काम करने का मौक़ा मिला तो अपराध पर नियंत्रण किया. जंगल राज था, उसकी जगह क़ानून का राज क़ायम किया. विकास दर कितना ठीक हो गया हैं बिहार का.
उन्होंने फिर माना कि ये उम्मीद करना बेकार हैं सब ठीक हो जायेगा .बिहार के चुनाव में इस बार लग रहा है कि जो वरिष्ठ नेता है वो अपनी भाषा पर नियंत्रण नहीं रख पा रहे हैं और ग़ुस्से में आगबबूला हो तो अपने विरोधियों के बारे में कुछ भी बोल जाते हैं.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को अपना चुनावी मेनिफेस्टो जारी किया है, लेकिन अपने मेनिफेस्टो में एक वादे को लेकर बीजेपी बुरी तरह घिर गई है. पार्टी ने जीत के बाद बिहार में हर किसी के लिए फ्री कोरोनावायरस वैक्सीन का वादा किया है. बीजेपी के इस वादे पर वैक्सीन को राजनीतिक एजेंडा के लिए इस्तेमाल करने के सवाल उठने लगे हैं. पार्टी का मेनिफेस्टो जारी करते हुए केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था, 'जैसे ही कोविड-19 वैक्सीन का बड़े स्तर पर प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा, बिहार में हर शख्स को फ्री वैक्सीन मिलेगा. हमारे चुनावी मेनिफेस्टो में यह हमारा पहला वादा है.'
भारत सहित दुनिया भर में कोरोनावायरस की वैक्सीन डेवलप करने की तमाम कोशिशें हो रही हैं. लेकिन ऐसा पहली बार है कि अभी लॉन्च हुए बिना ही कोरोना वैक्सीन को किसी राजनीतिक पार्टी ने अपने चुनावी मेनिफेस्टो में शामिल किया है. हालांकि, बीजेपी अब इसपर सवालों का सामना कर रही है. विपक्षी पार्टियों सहित सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इसपर सवाल उठाए हैं.
अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने एक ट्वीट में कहा, 'गैर-बीजेपी शासित राज्यों का क्या? क्या जिन भारतीयों ने बीजेपी को वोट नहीं किया, उन्हें फ्री में कोविड वैक्सीन नहीं मिलेगी?'
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे को भी इस सवाल का सामना करना पड़ा. इसपर रिपोर्टर्स के सामने उन्होंने कहा कि 'कोरोना वैक्सीन पूरे विश्व में तैयार की जा रह है. जब यह बन जाएगी, तो हमने इसके समान बंटवारे के लिए एक विस्तृत प्लान बनाया है, किसको प्राथमिकता देनी है, वगैरह वगैरह. हर राज्य को कोरोनावायरस वैक्सीन फ्री में मिलेगी.'
सोशल मीडिया पर लोगों ने #vaccineelectionism हैशटैग भी यूज़ करना शुरू कर दिया. कांग्रेस नेता जयवीर शेरगिल ने ट्वीट किया, 'बीजेपी ऐसी अकेली राजनीतिक पार्टी होगी जिसे कोविड वैक्सीन लोगों को जान बचाने और उनके अधिकार के बजाय चुनावी लॉलीपॉप लगता है. ये लोगों का अधिकार है, कोई शर्तिया चुनावी लाभ नहीं. कोविड के साथ-साथ बीजेपी की मानसिकता का इलाज भी जरूरी है.'
नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने एक ट्वीट में लिखा, 'क्या बीजेपी वैक्सीन के लिए पार्टी के खजाने से पैसे देगी? अगर यह सरकारी खजाने से आ रहा है तो फिर बिहार को अकेले कैसे फ्री वैक्सीन मिलेगी, और बाकी देश को पैसे देने होंगे? कोविड को लेकर फैले डर का फायदा उठाने वाले बीजेपी के इस तगड़े लोकलुभावनवाद कदम के साथ कितना कुछ गलत है.'
वहीं हमलों के बचाव में सामने आए बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि 'बीजेपी का मेनिफेस्टो फ्री कोविड वैक्सीन का वादा करता है. हर कार्यक्रम की तरह केंद्र भी सारे राज्यों को एक औसत मूल्य पर वैक्सीन देगा. यह राज्य सरकारों को तय करना है कि वो इसे फ्री में देंगी या बेचेंगी. चूंकि स्वास्थ्य राज्य का मुद्दा है, ऐसे में बिहार बीजेपी ने इसे फ्री में देने का वायदा किया है. सिंपल.'
बता दें कि सरकार ने अभी तक वैक्सीन की कीमत को लेकर उठे सवालों का जवाब नहीं दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैक्सीन के स्टोरेज और वितरण को लेकर कई बैठकों में हिस्सा लिया है.
सेहत / शौर्यपथ / ग्रीन-टी न सिर्फ दिल, बल्कि दिमाग की सेहत के लिए भी फायदेमंद है। नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के हालिया शोध की मानें तो इसमें मौजूद कैफीन ‘एडिनोसिन’ का उत्पादन बाधित करती है। ‘एडिनोसिन’ एक अहम न्यूरोट्रांसमिटर है, जो यह निर्धारित करता है कि व्यक्ति कब सुस्त या तरोताजा महसूस करेगा। इसकी अधिकता से तंत्रिका तंत्र की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने और अल्जाइमर पनपने के संकेत मिले हैं।
रक्तचाप घटाने में कारगर
रिंग ने ग्रीन-टी को रक्तचाप घटाने में भी बेहद असरदार करार दिया। उन्होंने 2016 में प्रकाशित एक अमेरिकी अध्ययन का हवाला दिया, जिसमें हफ्ते में कम से कम छह कप ग्रीन-टी पीने वालों के हाइपरटेंशन का शिकार होने का खतरा 33 फीसदी कम मिला था।
कोलेस्ट्रॉल काबू में रहेगा
शोधकर्ताओं ने बताया कि ग्रीन-टी में ‘कैटेचिन’ नाम का एंटीऑक्सीडेंट भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह खाने में मौजूद कोलेस्ट्रॉल को सोखने की शरीर की क्षमता घटाता है। यही वजह है कि जो लोग दिन में दो कप ग्रीन-टी पीते हैं, उनमें हार्ट अटैक का खतरा आधा हो जाता है।
हड्डियां-मांसपेशियां मजबूत होंगी
-ग्रीन-टी हड्डियों और मांसपेशियों की मजबूती के लिए भी अहम है। इसमें मौजूद फ्लैवेनॉयड जहां हड्डियों-मांसपेशियों में क्षरण की शिकायत दूर रखते हैं, वहीं फाइटोएस्ट्रोजन ऊतकों को नुकसान नहीं पहुंचने देते। मांसपेशियों का विकास सुनिश्चित करने में भी उनकी अहम भूमिका है।
खेल / शौर्यपथ / इंडियन प्रीमियर लीग का 13वां सीजन युनाइटेड अरब अमीरात में खेला जा रहा है। 21 अक्टूबर को कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोरके बीच मैच खेला गया, जिसे आरसीबी ने आसानी से आठ विकेट से जीत लिया। आरसीबी की जीत के हीरो रहे मोहम्मद सिराज, जिन्होंने चार ओवर में महज 8 रन देकर तीन विकेट लिए। कप्तान विराट कोहली ने प्लेइंग इलेवन में शहबाज अहमद की जगह मोहम्मद सिराज को प्लेइंग इलेवन में जगह दी थी और इस गेंदबाज ने अपने कप्तान को बिल्कुल निराश नहीं किया। विराट की कप्तानी की तारीफ हर कोई कर रहा है, लेकिन पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर उनके एक फैसले से हैरान रह गए।
क्रिस मौरिस ने आरसीबी की ओर से पहला ओवर किया और दूसरा ओवर सिराज ने फेंका और उन्होंने डबल विकेट मेडन ओवर फेंक, टीम को धमाकेदार शुरुआत दिलाई। इसके बाद तीसरे ओवर के लिए विराट ने नवदीप सैनी को गेंद थमा दी। तीसरा ओवर सैनी को देने का विराट का फैसला गंभीर की समझ से परे था। गंभीर ने लाइव कमेंट्री के दौरान कहा, 'मोहम्मद सिराज को नई गेंद थमाकर विराट कोहली ने शानदार कप्तानी दिखाई, पॉजिटिव कप्तानी और अच्छा कदम, जिसका टीम को फायदा भी मिला, लेकिन उनकी यह रणनीति (सैनी को तीसरा ओवर देना) मुझे समझ नहीं आई।' उन्होंने कहा, 'क्रिस मोरिस से पहला ओवर कराने के बाद तीसरा ओवर नए गेंदबाज को देना मुझे समझ नहीं आया।'
मैच के दौरान विराट बॉलिंग अटैक में काफी बदलाव करते नजर आए, वॉशिंगटन सुंदर, युजवेंद्र चहल, सैनी और मौरिस को वह अलग-अलग समय पर इस्तेमाल करते रहे। सैनी, चहल और सुंदर ने भी विकेट निकाले, जबकि मौरिस और इसुरु उडाना ने कम रन दिए। मैच के बाद विराट ने खुद बताया कि सिराज को नई गेंद देने का फैसला उन्होंने बाद में लिया। उन्होंने मैच के बाद कहा, 'सच कहूं तो सिराज को नई गेंद देने का फैसला थोड़ा देरी से लिया गया। मैं वॉशिंगटन सुंदर को नई गेंद देने के बारे में सोच रहा था, जब हम मैदान पर पहुंचे तो पिच देखी, यह सूखी थी।'
मनोरंजन / शौर्यपथ /बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान के फैन्स उनकी फिल्म राधे: योर मोस्ट वॉन्टेड भाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हाल ही में सलमान और दिशा पाटनी ने फिल्म की शूटिंग पूरी की है। जानकारी के अनुसार इस साल फिल्म का रिलीज हो पाना संभव नहीं है। ऐसे में मेकर्स फिल्म राधे को अगले साल रिलीज करने का प्लान बना रहा है। ऐसा भी बताया जा रहा है यह फिल्म 2021 की ईद पर रिलीज हो सकती है।
मिड डे ने अपनी एक रिपोर्ट में सोर्स के आधार पर बताया कि इस हफ्ते सोमवार को सलमान खान ने को-प्रोड्यूसर अतुल अग्निहोत्री, सोहेल खान और निखिल नामित के साथ मिलकर एक मीटिंग की थी। इससे पहले मेकर्स इस फिल्म को रिपब्लिक डे पर रिलीज करने का मन बना रहे थे, लेकिन हाल ही में सिनेमाघरों के खुलने के बाद कम संख्या में पहुंच रहे दर्शकों को देखते हुए इस प्लान कैंसिल कर दिया।
मेकर्स ने यह अनुमान लगाया कि अगर यह बिग बजट फिल्म वर्तमान स्थिति में रिलीज होती है इसका बिजनेस 120 करोड़ के आसपास सिमट कर रह जाएगा। ऐसे में मेकर्स ने इस बात को ध्यान में रखते हुए फिल्म को अगले साल 12 मई को रिलीज करने का प्लान बनाया है। वैसे यह परंपरा रही है कि सलमान खान अपनी फिल्म से फैन्स को हर साल ईदी देते हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ट्विटर अकाउंट पर सलमान खान का वीडियो शेयर किया था, जिसमें सलमान खान राधे की शूटिंग कंप्लीट होने की जानकारी दी। वीडियो में देखा जा सकता है कि सलमान खान सेट पर अपनी कार से उतरते हैं और कहते हैं, 'रैप फॉर राधे।' वीडियो में सलमान खान फिल्म की शूटिंग पूरी होने पर काफी खुश दिखाई दिए।
मनोरंजन / शौर्यपथ / एक्टर और होस्ट मनीष पॉल महानायक अमिताभ बच्चन के बहुत बडे़ फैन है। मनीष अपने पसंदीदा स्टार बिग बी से मिलने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते हैं। हाल ही में एक शूट के दौरान जब मनीष को यह पता चला कि अमिताभ बच्चन भी वहीं नजदीक में शो की शूटिंग कर रहे हैं तो वह उनसे मिलने के लिए सेट पर पहुंच गए।
बिग बी से मिलकर मनीष बेहद उत्साहित हुए। वह अमिताभ बच्चन को अपना इंस्पिरेशन मानते हैं और उन्हें देखते हुए ही बड़े हुए हैं । मनीष कहते हैं 'अमित सर से मिलना हर बार एक बहुत खुशनुमा एहसास होता है। जब भी मुझे उनसे मिलने का मौका मिलता है तो मैं उसे कभी मिस नही करता। लॉकडाउन में मुझे उनसे मिलने का मौका नहीं मिला तो इसलिए जब मुझे पता चला कि वह यहीं मेरे शो के पास में केबीसी की शूटिंग कर रहे हैं, मैंने उस अवसर को हाथ से जाने नहीं दिया और ब्रेक में उनसे मिलने दौड़ पड़ा।
अमिताभ से मुलाकात के दौरान मनीष सोशल डिस्टेंसिंग के चलते उनके पैर नहीं छू पाए और न ही गले लगा सके। मनीष ने कहा कि महामारी के कारण हम सुरक्षा के सभी प्रोटोकॉल्स फॉलो कर रहे हैं। खासकर अमित सर की हेल्थ को ध्यान में रखते हुए मैं उन्हें गले नहीं लगाया और न ही उनके पैर छुए, जिसका मुझे बहुत अफसोस है। खैर, उनसे बस मिलकर ही बेहद अच्छा लगता है। मालूम हो कि मनीष पॉल ने साल 2014 में केबीसी के सेट पर अमिताभ बच्चन के साथ को-होस्टिंग की थी।
धर्म संसार / शौर्यपथ / अयि गिरि नन्दिनी नन्दिती कालिदास रचित यह सर्वाधिक लोकप्रिय और असरकारी कालिका स्तुति है। इस पर नृत्य प्रस्तुतियां आपने बहुत देखी होंगी, आइए पढ़ें यह दिव्य स्तुति, इसके पढ़ने से सौभाग्य चमकता है, सफलता के दरवाजे अपने आप खुलने लगते हैं...
कालिका स्तुति
अयि गिरि नन्दिनी नन्दिती मेदिनि, विश्व विनोदिनी नन्दिनुते।
गिरिवर विन्ध्यशिरोधिनिवासिनी, विष्णु विलासिनीजिष्णुनुते।।
भगवति हे शितिकण्ठ कुटुम्बिनी, भूरि कुटुम्बिनी भूत कृते।
जय जय हे महिषासुर मर्दिनी, रम्य कपर्दिनी शैलसुते।।
अयि जगदम्ब कदम्ब वन प्रिय, वासिनी वासिनी वासरते।
शिखर शिरोमणी तुंग हिमालय, श्रृंगनिजालय मध्यगते।।
मधुमधुरे मधुरे मधुरे, मधुकैटभ भंजनि रासरते।
जय जय हे महिषासुर मर्दिनी, रम्य कपर्दिनी शैलसुते।।
सुर वर वर्षिणी दुर्धरधर्षिणी, दुर्मुखमर्षिणी घोषरते।
दनुजन रोषिणी दुर्मदशोषिणी, भवभयमोचिनी सिन्धुसुते।।
त्रिभुवन पोषिणी शंकर तोषिणी, किल्विषमोचिणी हर्षरते।
जय जय हे महिषासुर मर्दिनी, रम्य कपर्दिनी शैलसुते।।
अयि शतखण्ड विखण्डितरुण्डवितुण्डित शुण्ड गजाधिपते।
रिपुगजदण्डविदारण खण्ड, पराक्रम चण्ड निपाति मुण्ड मठाधिपते।।
जय जय हे महिषासुरमर्दिनी, रम्य कपर्दिनी शैलसुते।।
अयि सुमन: सुमन: सुमन: सुमन:, सुमनोरम कान्तियुते।
श्रुति रजनी रजनी रजनी, रजनी रजनीकर चारुयुते।।
सुनयन विभ्रमर भ्रमर भ्रमर, भ्रमराधिपते।
जय जय हे महिषासुरमर्दिनी, रम्य कपर्दिनी शैलसुते।।
सुरललना प्रतिथे वितथे, वितथेनियमोत्तर नृत्यरते।
धुधुकुट धुंगड़ धुंगड़दायक, दानकूतूहल गानरते।।
धुंकट धुंकट धिद्धिमितिध्वनि, धीर मृदंग निनादरते।
जय जय हे महिषासुरमर्दिनी, रम्य कपर्दिनी शैलसुते।।
जय जय जाप्यजये जयशब्द परस्तुति तत्पर विश्वनुते।
झिणिझिणिझिणिझिणिझिंकृत नूपुर, झिंजिंत मोहित भूतरते।।
धुनटित नटार्द्धनटी नट नायक, नायक नाटितनुपुरुते।
जय जय हे महिषासुरमर्दिनी, रम्य कपर्दिनी शैलसुते।।
महित महाहवमल्लिम तल्लिम, दल्लित वल्लज भल्लरते।
विरचित पल्लिक पुल्लिक मल्लिक, झल्लिकमल्लिक वर्गयुते।।
कृत कृत कुल्ल समुल्लस तारण, तल्लिज वल्लज साललते।
जय जय हे महिषासुरमर्दिनी, रम्य कपर्दिनी शैलसुते।।
यामाता मधुकैटभ प्रमथिनी या महिषोन्मलूनी।
या धूम्रेक्षण चण्डमुण्ड मथिनी या रक्तबीजाशनी।।
शक्ति: शुम्भ निशुम्भ दैत्य दलिनी या सिद्धि लक्ष्मी परा।
सा चण्डी नवकोटि शक्ति सहिता मां पातु विश्वेश्वरी।।
।।इति श्रीकालिदास विरचित् कालिक स्तुति।।
लजीज मनभावन बनाना खिचड़ी
खाना खजाना / शौर्यपथ / सामग्री : आधा दर्जन कच्चे केले, 2 चम्मच राजगिरा आटा, मूंगफली दाने 100 ग्राम, जीरा 1 चम्मच, शक्कर 1 चम्मच, काली मिर्च 5-7 बारीक पिसी हुई, हरी मिर्च 4-5 बारीक कटी हुई, हरा धनिया, बड़ा आधा चम्मच घी, नींबू, सेंधा नमक स्वादानुसार।
विधि : सबसे पहले मूंगफली दाने को सेंक कर दरदरा पीस लें। कच्चे केले को हल्के उबाल कर छील लें और छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। अब कड़ाही में आधा चम्मच घी लेकर जीरा फ्राई करें एवं हरी मिर्च और केले के पीस कर डाल दें। इसे थोड़ी देर पकने दें।
अब इसमें दरदरी पिसी मूंगफली डाल दें और
सारा मसाला डालकर धीमी आंच पर पांच मिनट पकने दें। लीजिए तैयार है कच्चे केले से बनी लजीज फलाहारी खिचड़ी। ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालें
और पेश करें।
केले की नमकीन चटपटी पूरी
सामग्री :
3 कच्चे केले, 250 ग्राम सिंघाड़ा अथवा राजगिरा आटा, आधा चम्मच लाल मिर्च पावडर, 1 चम्मच सौंफ, सेंधा नमक स्वादानुसार, चुटकी भर शक्कर, पाव चम्मच काली मिर्च पावडर, बारीक कटा हरा धनिया, तलने के लिए घी अथवा तेल।
विधि : सबसे पहले कच्चे केले को उबाल लें। ठंडे होने पर छिलके उतार कर हाथ से मैश कर लें। अब एक थाली में सिंघाड़ा अथवा राजगिरा आटा लेकर छान लें। उसमें उपरोक्त मसाला सामग्री और केले का मिश्रण मिलाएं। तत्पश्चात आटे को गूंथ कर 10-15 मिनट कपड़े से ढंककर रख दें।
अब तैयार आटे की छोटी-छोटी लोई बनाकर पूरियां बेल लें। एक कड़ाही में घी/तेल गरम करके केले की फलाहारी पूरी कुरकुरी होने तक तल लें। गरमा-गरम पूरी को दही के रायते या हरी चटनी के साथ पेश करें।
कच्चे केले की चिप्स
सामग्री : आधा दर्जन कच्चे केले, आधा छोटा चम्मच काली मिर्च पिसी हुई, सेंधा नमक एक छोटा चम्मच, आधा चम्मच भूने जीरे का पावडर, तलने के लिए घी अथवा तेल।
विधि : सबसे पहले कच्चे केले के छिलके उतार लीजिए। अब एक कड़ाही में घी अथवा तेल अच्छा गरम रखें, तेल गरम होने के पश्चात किसनी के माध्यम से तेल में चिप्स घिसती जाएं। चिप्स कुरकुरी होने पर तेल से बाहर निकाल लें। ऊपर से काली मिर्च, जीरा पावडर और सेंधा नमक बुरकाएं।
ठंडी होने पर चिप्स को एयर टाइट डिब्बे में भर कर रख दें। फिर घर में बनी शुद्ध केले की चिप्स से फलाहार करें। आप चाहे तो ऊपर से सूखा या तला हरा धनिया डालकर भी पेश कर सकती हैं।
कच्चे केले की लजीज टिकिया
सामग्री :
5 कच्चे केले, 250 ग्राम उबले आलू, 30 ग्राम कुट्टू का आटा, अदरक, 2-3 हरी मिर्च, लाल मिर्च पावडर एक चम्मच, 2 चम्मच भूना जीरा पावडर, आधा चम्मच अमचूर पावडर, 100 ग्राम पनीर, घी तलने के लिए, सेंधा नमक या नमक स्वादानुसार, हरा धनिया, पाव कटोरी किशमिश।
विधि : पहले कच्चे केले को उबालें, छीले और ठंडा होने के लिए रख दें। अब धनिया, हरी मिर्च व अदरक को बारीक काट लें। उबले केले और आलू का मिश्रण तैयार करके अदरक, हरी मिर्च और हरा धनिया मिला लें।
इसमें कुट्टू का आटा, सेंधा नमक, मिर्च और जीरा पावडर मिलाएं और छोटी-छोटी गोलिया बनाकर रख लें। अब एक दूसरे बर्तन में पनीर को लेकर किशमिश, नमक, अदरक, मिर्च और धनिया मिलाएं। इस मिश्रण को केले के गोले में भरकर टिक्की की तरह हाथ से दबा लें।
अब अपनी सुविधानुसार इसे नॉन स्टिक तवे पर या ड्रीप फ्राई कर गरमागरम टिकिया को हरी और मीठी चटनी के साथ पेश करें। आप चाहे तो ऊपर से फलाहारी आलू की सेंव भी बुरका सकती हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
