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शौर्यपथ / कई लोगों को हद से ज्यादा पसीना आता है। अगर पसीने को साफ नहीं किया गया और ये लंबे समय तक शरीर पर रहा तो इससे दुर्गंध तो आती ही है, साथ ही ये कीटाणुओं को जन्म देता है। ऐसी स्थिती से बचने के लिए आपको कुछ बातों पर ध्यान देना होगा। आइए, हम आपको बताते हैं
1. शरीर के जिन हिस्सों से आपको ज्यादा दुर्गंध आने की समस्या हो, ऐसे में घर से बाहर निकलने से पहले कुछ मिनटों तक उन जगहों पर बर्फ लगाकर रखें। इससे ज्यादा पसीना नहीं आएगा।
2. यदि आपके पैरों के तलवों में ज्यादा पसीना आता है, तो एक टब में पानी भरें और उसमें दो चम्मच फिटकरी पाउडर डाल दें। अब इस टब में दो से पांच मिनट अपने पैरों को डुबोकर बैठें।
3. जो कपड़े आप पूरा दिन पहनकर बाहर गए हों वे कपड़े धोने के बाद ही अलमारी में रखें।
4. ज्यादा समय पहने और बिना धुले कपड़े अलमारी में रखने से उनमें दुर्गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं और यह दुर्गंध दूसरे साफ कपड़ों में भी पहुंच जाती है और आप समझ ही नहीं पाते हैं कि साफ-धुले कपड़ों से अजीब सी गंध क्यों आ रही है?
5. इस मौसम में सिंथेटिक कपड़े न पहनें, बल्कि सूती कपड़े ही पहनें। ऐसे कपड़े पहनें जो शरीर से चिपके हुए न हों, क्योंकि तंग कपड़ों में ज्यादा पसीना आता है और इससे हवा पास नहीं हो पाती, जिससे दुर्गंध आती है।
6. शरीर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, जरुरत पड़े तो दिन में दो बार भी नहा लें।
7. नहाने के लिए नीम या एंटी-बैक्टीरियल साबुन का इस्तेमाल करें।
8. तली-भुनी व मसालायुक्त चीजें इस मौसम में खाने से बचें।
9. बॉथ टब में नहाने से एक घंटा पहले संतरे का छिलका डालकर छोड़ दें।
इस पानी से नहाने से शरीर में ताजगी महसूस होगी।
10. शरीर को रगड़कर ताजे पानी से नहाने से शरीर से गंदगी का सफाया हो जाता है। और शरीर से दुर्गेंध नहीं आती है।
शौर्यपथ / गूगल ने एंड्रायड के लिए एक नया फीचर लॉन्च किया है जो बधिर उपयोगकर्ताओं को कई परिस्थितियों में अलर्ट भेजेगा। बधिर लोग अलार्म या चेतावनी वाली आवाजें न सुन पाने के कारण हमेशा मुश्किल में पड़ जाते हैं। ऐसे में गूगल ने उनके लिए एक ऐसा फीचर लॉन्च किया है जो बुरी परिस्थितियों के दौरान बजने वाले अलार्म या आवाजों की जानकारी बधिर उपयोगकर्ताओं को फोन को वाइब्रेट कर, फ्लैशलाइट जलाकर या पुश नोटिफिकेशन भेजकर देगा। यह फीचर बच्चे के रोने, फायर अलार्म के बजने, कुत्ते भौंकने जैसे दस आवाजों की पहचान करने में सक्षम है।
हेडफोन लगाए लोगों को भी मिलेगी चेतावनी
गूगल ने कहा कि साउंड नोटिफिकेशन को दुनियाभर में मौजूद 46.6 करोड़ बधिर लोगों के लिए बनाया गया है। लेकिन, यह फीचर उन लोगों की भी मदद कर सकता है जो हेडफोन लगाए बैठे हो या किसी कारणवश उनका ध्यान भटका हुआ हो। कई बार हेडफोन लगाए रहने के कारण भी लोग कई आवाजें नहीं सुन पाते और कई हादसे हो जाते हैं।
दस तरह के आवाजों की करेगा पहचान
मशीन लर्निंग तकनीक से विकसित किए गए साउंड नोटिफिकेशन के फीचर के लिए स्मार्टफोन के माइक्रोफोन का उपयोग किया जाता है। यह दस तरह की आवाजों की पहचान करने में सक्षम है। इसमें बच्चों का रोना, चिल्लाना, नल से पानी टपकने, स्मोक और फायर अलार्म, साइरन, उपकरणों की बीप, दरवाजे की डोरबेल और लैंडलाइन फोन की घंटी शामिल है।
नाम पुकारे जाने की जानकारी देगा
पिछले साल गूगल ने दो नए एसेसबिलिटी विकल्प प्रदान किए थे। साउंड एंपलीफायर लाइव ट्रांसक्राइब कही हुई बात को टेक्स्ट में रियल टाइम में बदल देता है और लोगों का नाम पुकारे जाने पर भी उन्हें अलर्ट भेजता है। एंड्रायड फोन के अलावा यह गूगल वीयर ओएस स्मार्टवॉच में भी काम करता है। किसी महत्वपूर्ण आवाज की पहचान करने पर यह वाइब्रेट करता है।
बधिर उपयोगकर्ताओं के लिए अहम
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोडक्ट मैनेजर सागर सावला और एसेसबिलिटी प्रोडक्ट मैनेजर शार्लेन युआन ने कहा, कम सुन पाने वाले और बधिर लोग हमेशा इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि सोये रहने के दौरान उन्हें किसी आपात परिस्थिति के बारे में पता नहीं चल पाता इसलिए हमने यह फीचर बनाया है जो सोते वक्त भी ऐसे लोगों को अलर्ट भेजेगा।
उपयोगकर्ता टाइमलाइन व्यू को स्क्रॉल कर पिछले कुछ घंटों में भेजे गए नोटिफिकेशन को देख पाएंगे और जान पाएंगे कि किस समय क्या हुआ था। इसके लिए एंड्रायड के एसेसिबिलिटी मेन्यू में जाकर साउंड नोटिफिकेशन को सक्रिय करना पड़ेगा। इसे सीधे गूगल प्ले से डाउनलोड भी किया जा सकता है।
बधिर उपयोगकर्ता थे नाराज
गूगल का यह फीचर एप्पल के साउंड डिटेक्शन फीचर जैसा ही है। पिछले महीने गूगल ने यूट्यूब के वीबडियो से क्राउडसोर्स कैप्शन के विकल्प को हटा दिया था। इसके खिलाफ पांच लाख बधिर उपयोगकर्ताओं ने चेंज डॉट ओआरजी पीटिशन पर हस्ताक्षर किया था।
बधिर उपयोगकर्ताओं की नाराजगी को दूर करने के लिए ही गूगल ने यह नया साउंड नोटिफिकेशन लॉन्च किया है। बधिर समुदाय ने गूगल के इस कदम की सराहना की है और कहा है कि इससे उनकी जिंदगी आसान होगी।
सेहत / शौर्यपथ / मौसम बदलने के साथ ही मच्छरों का आतंक भी शुरू हो जाता है। ऐसे में मच्छर भगाने के लिए कितने ही उपाय क्यों न कर लें लेकिन मच्छर काट ही लेते हैं। नींद खराब करने वाले मच्छर कभी-कभी इतने खतरनाक होते हैं कि उनके काटने से एलर्जी तक हो जाती है। खासतौर पर मच्छरों के काटने से कई बार लाल रंग के चकत्ते पड़ जाते हैं। चेहरे पर ये लाल रंग के निशान और भी बेकार लगते हैं। कभी-कभी इन चकत्तों से छुटकारा पाने में 6-7 दिनों से ज्यादा का वक्त लग जाता है। ऐसे में अगर आपके चेहरे पर मच्छरों के काटने के बाद अगर लाल रंग के निशान पड़ जाएं, तो आप कुछ घरेलू उपायों का इस्तेमाल करके इनसे छुटकारा पा सकते हैं।
सेब का सिरका
सेब का सिरका स्किन और हेयर के लिए इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही वजन घटाने के लिए भी सेब का सिरका पानी में मिलाकर पिया जाता है। आपके चेहरे पर अगर मच्छर काटने से निशान पड़ जाएं, तो आप तीन चम्मच पानी में आधा चम्मच सेब का सिरका मिलाकर लगा लें। निशान गायब हो जाएंगे।
नींबू का छिलका
अगर मच्छर के काटने से चकत्ते बन गए हैं तो उस जगह पर नींबू का छिलका लगाएं। इससे आपके चकत्ते के निशान गायब हो जाएंगे। खुजली भी नहीं होगी।
प्याज का टुकड़ा
मच्छर के काटने से बनने वाले चकत्ते के निशान पर प्याज का टुकड़ा लगाएं। इससे निशान दूर हो जाएंगे और खुजली भी खत्म हो जाएंगी।
बेकिंग सोडा
बेकिंग सोडे में पानी मिलाकर पहले से ही घोल बना लें। जब भी मच्छर काटें तो काटे वाले स्थान पर लगा लें। इससे चकत्ते के निशान दूर हो जाएंगे और खुजली भी कम हो जाएंगी।
एलोवेरा जेल
आपकी स्किन पर मच्छर काटने की परेशानी को दूर करेगा। साथ ही स्किन पर ठंडकता भी प्रदान करेगा। अगर मच्छर काटने के स्थान से खून निकल रहा है, तो यह उसे भी ठीक कर देगा और स्किन पर जलन और खुजली की परेशानी को दूर करेगा।
सेहत / शौर्यपथ / कोरोना महामारी ने दुनियाभर में लोगों की नींद और चैन छीन लिया है। संक्रमण की वजह से शुरुआत में लगे लॉकडाउन के चलते लोगों की जीवनशैली में अनचाहे बदलाव आए। एक नए शोध के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान लोगों के खान-पान में आए बदलाव के चलते मोटापे से जूझ रहे लोगों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके चलते नींद भी बुरी तरह प्रभावित हुई।
अमेरिकी शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन से यह खुलासा हुआ है। जर्नल ओबेसिटी में प्रकाशित इस अध्ययन ने महामारी के व्यापक प्रतिबंधों के तहत लोगों के स्वास्थ्य व्यवहारों में होने वाले अनजाने परिवर्तनों का मूल्यांकन किया। अमेरिका में लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी (एलएसयू) के शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन किया। उनके अनुसार लॉकडाउन के दौरान लोगों का वजन काफी बढ़ा। परिणामस्वरूप स्वास्थ्य संबंधी तमाम समस्याएं पैदा हो गईं।
लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी से अध्ययन की सह-लेखक लीन रेडमैन ने कहा, लॉकडाउन के दौरान लोगों ने पौष्टिक भोजन का सेवन ज्यादा किया और घर पर रहकर खाने-पीने पर पूरा ध्यान दिया,वहीं, दूसरी तरफ शारीरिक गतिविधियां बहुत कम हो गईं। व्यायाम नहीं किया। घर से काम करने के चलते नींद का पैटर्न बदल गया। रात को देरी से सोने की वजह से नींद में खलल आई और नींद पूरी नहीं हुई। काम के घंटों में बढ़ोतरी और स्क्रीन पर बिताए गए समय ने नींद की खलल में बहुत बड़ी भूमिका अदा की। नींद की आदतें बदलने की वजह से लोगों में चिंता का स्तर काफी बढ़ गया।
मानसिक सेहत पर असर पड़ा
रेडमैन ने कहा, अध्ययन में पाया गया कि मोटापे से ग्रस्त लोगों ने अपनी डाइट में सबसे ज्यादा सुधार किया लेकिन इस बीच उन उनकी मानसिक सेहत पर विपरीत असर पड़ा। वजन बढ़ने का अनुभव करने के साथ-साथ उनका मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ गया। मोटापे से ग्रसित एक तिहाई लोगों ने यह स्वीकार किया कि लॉकडाउन के दौरान उनकी यह बीमारी पहले से ज्यादा बढ़ गई। अध्ययन से पता चलता है कि मोटापे जैसी बीमारी सिर्फ शारीरिक सेहत पर नहीं, बल्कि मन की सेहत पर भी असर डालती है।
अप्रैल माह में हुए इस अध्ययन में 7,754 लोगों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों में से अधिकांश ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन और अमेरिकर के निवासी थे। इनके अलावा इसमें 50 से अधिक अन्य देशों ने भी भाग लिया।
शौर्यपथ /कोरोना महामारी के शुरुआती दौर में गर्भवती महिलाओं के बीच काफी डर था। महामारी के बढ़ते प्रकोप के चलते होने वाले बच्चों को क्या परेशानियां हो सकती है, इस बारे में कुछ भी कहना मुश्किल था लेकिन धीरे-धीरे कई प्रेगनेंसी और डिलीवरी जुड़ी गलतफहमियों को दूर हो गईं। यह बात सच है कि कोरोना महामारी के दौरान जन्म लेने वाले बच्चों की देखभाल में कुछ सावधानियों की जरुरत है लेकिन डर की बजाय कुछ बातों को ध्यान रखकर बच्चे को कोरोना से बचाना आसान है। अर्बन डिक्श नरी डॉट कॉम के अनुसार, साल 2020 में दस्त क देने वाली इस महामारी के दौरान बच्चों के जन्म की दर में इजाफा हुआ है और इस दौर में पैदा हुए जेनरेशन को कोरोनियल कहा गया है। कोरोनियल जेनरेशन के अधिकतर बच्चे दिसंबर 2020 के बाद और साल 2021 में वसंत ऋतु आने तक पैदा होंगे।
कई हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि कोरोना काल में जन्म लेने वाले बच्चों के साथ कुछ फायदे भी जुड़े हुए हैं।
-इस समय कई लोग घर से ही काम कर रहे हैं कि इसलिए वर्किंग मदर्स डिलीवरी के बाद जल्दक ही काम जॉइन करने का ऑप्शन है और उन्हें ऑफिस से ज्यादा लंबी छुट्टी लेने की जरूरत नहीं है, जिससे बच्चे की देखभाल करने में आसानी होगी और बच्चा 24 घंटे मां के नजरों के सामन रहेगा।
-कोरोना काल में कई पुरुष भी घर पर काम कर रहे हैं, तो प्रेगनेंसी के दौरान और डिलीवरी के बाद भी पार्टनर का साथ मिलेगा, जो पहले ऑफिस जाने पर मिलना मुश्किल होता था। इससे बच्चे को माता और पिता दोनों का साथ मिल पाएगा, जिससे उसका ध्यान रखना आसान होगा।
-इस समय घर पर मेहमान भी कम आ रहे हैं, इसलिए आप घर पर शांति से आराम और देखभाल मिलेगी और अपने बच्चे को बार-बार किसी की गोद में देने की भी जरूरत नहीं है।
मनोरंजन / शौर्यपथ / रिएलिटी शो बिग बॉस 14 के वीकेंड का वार एपिसोड का एक प्रोमो वीडियो सामने आया है, जिसमें सलमान खान, जान कुमार सानू पर गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। उन्होंने जान के छिपे हुए पक्ष को लोगों के सामने रखा है। सलमान ने जान पर सभी के साथ दोस्ताना व्यवहार करने का आरोप लगाया है। इसके साथ उन्होंने कहा है कि वह कुछ लोगों के पीठ पीछे उन्हीं के खिलाफ प्लानिंग करते हैं।
प्रोमो वीडियो में सलमान खान जान पर आरोप लगाने के साथ उनसे निक्की की कप्तानी को लेकर सवाल पूछते हैं। वह कहते हैं, “तीन हफ्तों में, सबसे ज्यादा दोस्ती के दावे इसी आदमी ने किए हैं”। सलमान शो में इसके बाद पूछते हैं कि ये किसने कहा कि ‘मैं पागल थोड़ी हूं कि निक्की को कैप्टन बनने दूंगा’। जवाब में रुबीना दिलैक रिप्लाई करती है, “जान ने बोला”।
यह सुनकर निक्की तम्बोली नाराज होकर भागकर वाशरूम में चली जाती है जिसके पीछे-पीछे जान उन्हें मनाने के लिए जाते हैं। बता दें, निक्की और जान अपनी दोस्ती के लिए जाने जाते हैं। हालांकि शो में अभी उन दोनों के बीच में अप-डाउन चल रहा है। बता दें, शुक्रवार के एपिसोड में दोनों एक दूसरे के साथ फ्लर्टिंग करते हुए नजर आ रहे थे। इसने बाद जान, निक्की के लिए गाना गाते हैं और निक्की खुश होकर जान के गाल पर किस करती है।
गौरतलब है, सीजन की शुरुआत में, जान ने निक्की से अपने प्यार का इजहार एक गाना गाकर किया था। इसके जवाब में निक्की ने उन्हें भाईजान कहकर बात को टाल दिया था। उन्होंने कहा था कि वह उन्हें भाई की तरह मानती हैं। इसपर प्रतिक्रिया देते हुए जान की मां रीता ने जूम डिजिटल को बताया था कि ये एक ‘अच्छा टाइमपास’ है और उन्हें अच्छा लग रहा है। वह कहती हैं, “यह सब महज मस्ती थी, मैं इसे एन्जॉय कर रही हूं। यह कोई नहीं जान सकता कि जान क्या करना चाहता है। मैं इसे एन्जॉय कर रही हूं और बाकी सभी लोग भी इसे एन्जॉय कर रहे हैं। यह दोनों ही जवान हैं। यह एक अच्छा टाइमपास है, कम से कम वह दोनों घर में कुछ न कुछ तो कर ही रहे हैं। वह आगे कहती हैं, “मस्ती वाला टाइमपास कर रहे हैं”।
मनोरंजन / शौर्यपथ / पिछले कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि अजय देवगन फिल्म आदिपुरुष का हिस्सा बनेंगे। यह भी बताया गया कि वह भगवान राम का रोल निभाना चाहते थे, लेकिन उन्हें रावण का किरदार ऑफर किया जा रहा था जिसके चलते उन्होंने फिल्म करने से मना कर दिया। अब अजय के प्रवक्ता ने इन खबरों को खारिज कर दिया है।
अजय देवगन के प्रवक्ता ने इन खबरों से इनकार करते हुए कहा कि अजय देवगन को न तो राम और न ही निगेटिव रोल रावण के लिए ऑफर किया गया है। ई-टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रवक्ता ने कहा कि आदिपुरुष के मेकर्स की तरफ से अजय देवगन को किसी भी रोल के लिए अप्रोच नहीं किया गया।
इससे पहले खबरें आई थीं अजय देवगन फिल्म आदिपुरुष में भगवान शिव के रोल में नजर आएंगे। बता दें कि फिल्म आदिपुरुष एक मेगा बजट फिल्म है। इसमें प्रभास भगवान राम के रोल मे नजर आएंगे वहीं, सैफ अली खान फिल्म में निगेटिव भूमिका निभाएंगे। उनके किरदार का नाम लंकेश होगा।
फिल्म का निर्देशन ओम राउत कर रहे हैं। इससे पहले अजय देवगन की फिल्म तान्हाजी: अनसंग वॉरियर का डायरेक्शन किया था। इस फिल्म में सैफ अली खान ने विलेन की भूमिका निभाई थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई थी। काजोल, शरद केलकर भी इस फिल्म का हिस्से थे।
० संयुक्त सचिव ऋचा शर्मा की अगुवाई में पहुंची टीम
० मरीजों को मिल रही सुविधाओं पर जताया संतोष
० जिले भर में व्यवस्था का लिया जायजा
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण की रोकथाम करते हुए लोगों के लिए स्वस्थ जीवन का वातावरण निर्मित करने के प्रति राजनांदगांव जिला प्रशासन गंभीर व सजग है। इस आशय पर अब केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने भी मुहर लगाई है। संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य मंत्रालय भारत शासन ऋचा शर्मा एवं उनकी टीम ने राजनांदगांव के दौरे और विभिन्न बिंदुओं पर निरीक्षण में पाया किए यहां फिलहाल सब कुछ अच्छा है।
संयुक्त सचिव एवं उनकी टीम ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले में कोविड-19 के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान संयुक्त सचिव ऋचा शर्मा ने कहा, जिले में कोविड-19 की रोकथाम की दिशा में अच्छे कार्य किए जा रहे हैं। यहां के लैब बहुत अच्छे हैं और टेस्टिंग भी अच्छी तरह की जा रही है। होम आइसोलेशन में मरीज सही तरीके से आइसोलेट थे और स्वयं मरीजों ने संतुष्टि व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें अच्छा सहयोग मिला है। कोविड-19 केयर सेंटर उदयाचल एवं श्री शांति विजय सेवा समिति में मरीजों के लिए अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। सीसीटीवी से निरीक्षण करने पर भी पता चला कि वहां पर्याप्त देखभाल की जा रही है। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन को और सुदृढ़ बना सकते हैं। इसके अलावा अग्रिम पंक्ति में कार्य कर रहे कुछ कार्यकर्ताओं की कोविड- 19 से मृत्यु भी हुई है, इसमें विशेष ध्यान देते हुए उनके बीमा का प्रावधान सुनिश्चित करें। यह बहुत जरूरी है कि मृत्यु दर को रोकने के लिए कोविड-19 मरीजों की पहचान जल्दी की जाए और उनका इलाज जल्दी शुरू किया जाए। कोविड-19 हॉस्पिटल में ऑक्सीजन सप्लाई बेड की संख्या बढ़ने पर भी समस्या का समाधान होगा। समीक्षा के दौरान कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने उन्हें जानकारी देते हुए बतायाए जिले में डेडिकेटेट कोविड-19 हॉस्पिटल पेंड्री में कोविड के लक्षण वाले मरीजों को तथा लक्षणविहीन मरीजों को कोविड-19 केयर सेंटर में रखा जा रहा है। इसके साथ ही होम आइसोलेशन के मरीज भी हैं। होम आइसोलेशन की अनुमति केवल उन्हीं मरीजों को दी जा रही है जिनके घर में सुविधाएं उपलब्ध हैं। कलेक्टर ने बताया, जिले के दानदाताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, समाजसेवी संस्थाओं एवं सेवाभावी नागरिकों से एक करोड़ 20 लाख रुपये नगद राशि सहयोग के रूप में प्राप्त हुए हैं।
इसके अलावा समय-समय पर नागरिकों ने कूलर, एसी, पीपीई किट, ड्रायर, रेडमिसिविर इंजेक्शन, एवं अन्य आवश्यक सामान कोविड-19 हॉस्पिटल को उपलब्ध कराया है। साथ ही स्वयंसेवी संस्थाएं कोविड-19 केयर सेंटर के रूप में सतत अपनी सेवाएं दे रहीं हैं। इससे पहले टीम ने जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर सोमनी के सीएचसी और कोविड सेंटर तथा काल सेंटर टेड़ेसरा का भी दौरा किया। यहां सीएमएचओ डा. मिथलेश चौधरी ने टीम को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन पर जिले में चल रहे कोरोना नियंत्रण के प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी। केंद्रीय टीम ने इन प्रयासों की सराहना भी की।
इस संबंध में राजनांदगांव कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने बताया, स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार की ओर से संयुक्त सचिव ऋचा शर्मा की अगुवाई में पहुंची टीम ने पूरे जिले में भ्रमण कर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बनाई गई जिला प्रशासन की व्यवस्था का जायजा लिया और कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए संतोष भी जताया। उन्होंने कहा, त्यौहारों को देखते हुए कोविड-19 संक्रमण के मद्देनजर अभी और सजग रहने की जरूरत है। आवश्यकता के अनुरूप व्यवस्थाओं को और भी सुदृढ़ किया जाएगा जिससे कोरोना संक्रमण से बचा जा सके।
संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य मंत्रालय भारत शासन ऋचा शर्मा एवं उनकी टीम के साथ हुई। समीक्षा बैठक में कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा, पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण, मॉनिटरिंग इवोल्यूशन ऑफिसर स्वास्थ्य मंत्रालय भारत शासन डॉ. सुनील गिट्टे, मॉनिटरिंग इवोल्यूशन ऑफिसर स्वास्थ्य विभाग आनंद साहू एवं अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तनुजा सलाम, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी व एसडीएम मुकेश रावटे समेत अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / महामारी के दौर में छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खुशखबरी सामने आई है. प्रदेश को बायो एथेनॉल बनाने की मंजूरी मिल गई है. राज्य का अतिरिक्त धान अब बायो एथेनॉल बनाने में इस्तेमाल होगा. इससे अतिरिक्त धान के भंडारण की समस्या खत्म होगी. छत्तीसगढ़ में धान से एथेनाल बनाने की प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी। वहीं फूड प्रोसेसिंग प्लांट के लिए काम तेज हो गया है। धान से एथेनॉल बनाने की योजना को केन्द्र से मंजूरी मिल चुकी है। प्रदेश के 6 जिलों में प्लांट लगाने का काम भी जल्द शुरु हो जाएगा। जिससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा, छत्तीसगढ् की आर्थिक स्थिति सुदृढ बनेगी। छ.ग.आर्थिक विकास और रोजगार की दिशा में अग्रसर हो रहा है।
जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व महापौर आर.एन.वर्मा ने छ.ग.के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब पहली बार विधानसभा में धान से एथेनाल वाली बात कही थी, तब भाजपा के लोगों ने मजाक बनाया था । भूपेश सरकार की सोच, दूरदर्शिता का ही परिणाम है जो हम आज यह कार्य जनहित में कर रहे है।
एक ओर जहॉ पूरा देश विश्वव्यापी महामारी कोरोना कोविड-19 से जूझ रहा है वहीं छ.ग.की भूपेश सरकार व्दारा लगातार कोरोना संक्रमण काल में भी छत्तीसगढ़ सरकार लोगों को रोजगार दिलाने और नए निवेश के लिए लगातार प्रयास कर रही थी, इसी का परिणाम है कि संक्रमण के इस दौर में भी राज्य के बेहतर प्रयासों के कारण केन्द्र सरकार ने धान से एथेनाल बनाने की अनुमति दे दी है।
आर.एन.वर्मा ने कहा है कि छ.ग.राज्य के सरकार व्दारा प्रदेश के प्रमुख रूप से धान उत्पादक 6 जिलों में एथेनाल प्लांट लगाने का जो निर्णय लिया गया है वह भी प्रशंसनीय एवं कारगर कदम है क्योंकि बालोद, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार और जांजगीर-चांपा में धान का उत्पादन अधिक होता है साथ ही इन जिलों में ज्यादा क्षमता वाले भंडार गृह भी हैं। इन छह जिलों में प्लांट स्थापित होने से वहां के युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। साथ ही निवेशकों को उद्योगनीति के तहत रियायतें दी जाएंगी।
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई नगर विधायक व महापौर देवेंद्र यादव की पहल से खुर्सीपार क्षेत्र का तेजी से विकास हो रहा हैं। क्षेत्र के हर वार्ड में विकास कार्य कराया जा रहा है। पूरे क्षेत्र में करोड़ों रूपए के विकास कार्य किए जा रहे हैं। मूलभूत सुविधाओं के साथ ही सामुदायिक भवनों का भी निर्माण कार्य किया जा रहा है।
इसी प्रकार कुछ माह पहले महापौर देवेंद्र यादव वार्ड निरीक्षण के दौरान वार्ड 29 के नागरिकों से मिले थे। तब क्षेत्र के लोगों ने सामुदायिक भवन की मांग की थी। तब महापौर ने जनता से वादा किया था कि वे जल्द ही भवन निर्माण कराएंगे और अपने वादे के मुताबिक महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने वार्ड 29 में सामुदायिक भवन की स्वीकृति कर निर्माण कार्य के लिए वर्क आर्डर भी जारी करा दिया है। महापौर श्री यादव की पहल से 20 लाख की लागत से भवन निर्माण होगा।
गौरतलब है कि वार्ड के लोगों ने बताया कि वे बीते कई सालों से भवन निर्माण की मांग करते रहे हैं। लेकिन कोई पहल नहीं हुई। वार्ड के लोगों ने कहा कि महापौर श्री यादव ने अपने वादे को पूरी इंमानदारी से निभा रहे हैं। इसके लिए वार्ड के लाेगों के साथ ही वार्ड के सैकड़ों नागरिकों ने भी महापौर श्री यादव का आभार जताया है।
समाजिक कार्य कराने में मिलेगी सुविधा
क्षेत्र के लोगों ने बताया कि भवन के अभाव में सामाजिक कार्य कराने में बड़ी परेशानी होती थी। कोई भवन नहीं था। लेकिन महापौर श्री यादव की पहल से जल्द ही भवन का निर्माण हाेगा। इससे क्षेत्र की जनता को भी लाभ मिलेगा। सामाजिक कार्य के साथ ही पूजा-पाठ, भंडारा, सगाई, शादी आदि कार्यक्रम इस भवन में करा सकेंगे। इससे सब को लाभ होगा।
गुणवत्ता का विशेष ध्यान
जोन आयुक्त अमिताभ शर्मा ने बताया कि 20 लाख की लागत से भवन निर्माण किया जाएगा। इसके लिए वर्क आर्डर जारी कर दिए है। साथ ही संबंधित एजेंसी को निर्देश भी दे दिए हैं कि वे जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू करें और समय सीमा पर काम पूरा करें। साथ ही एजेंसी को यह भी निर्देशित किए है सामुदायिक भवन निर्माण कार्य की गुणवत्ता का विशेष ध्यान दिया जाएगा। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
