August 06, 2026
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    शौर्यपथ

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    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लोकवाणी में इस बार "बालक-बालिकाओं की पढ़ाई, खेलकूद, भविष्य आदि " विषय पर प्रदेशवासियों से बात करेंगे।
    इस संबंध में 16 वर्ष से कम आयु के बालक-बालिकाएं आकाशवाणी रायपुर के दूरभाष नंबर 0771-2430501, 2430502, 2430503 पर 28, 29 एवं 30 अक्तूबर को अपरान्ह 3 से 4 बजे के बीच फोन करके अपने सवाल रिकाॅर्ड करा सकते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मासिक रेडियो वार्ता लोकवाणी की 12वीं कड़ी का प्रसारण 8 नवंबर को होगा। लोकवाणी का प्रसारण छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी के सभी केंद्रों,एफएम रेडियो और क्षेत्रीय समाचार चैनलों से सुबह 10.30 से 11 बजे तक होगा I

     

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / बक्सर बिहार विधानसभा चुनाव का प्रचार जोरों पर है. चुनावों में शिक्षा, चिकित्सा दशकों से एक मुद्दा रहा है. केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे भी अपने संसदीय क्षेत्र बक्सर में चुनाव प्रचार में जुटे हैं. उनके संसदीय इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं की सेहत कैसी है? एनडीटीवी ने इसका जायजा ग्राउंड जीरो पर लिया. बक्सर का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल सदर अस्पताल है. इस अस्पताल के अंदर स्वास्थ्य मंत्री के लोकार्पण का चमचमाता बोर्ड लगा है...लेकिन बोर्ड से कुछ ही दूरी पर मनीष की मां को ऑक्सीजन लगे होने के बावजूद रह-रह कर उनकी सांस उखड़ रही है. मनीष ने बक्सर से 40 किलोमीटर दूर मोरारका कस्बे से बीमार मां को जिला अस्पताल में दाखिल कराया है लेकिन यहां वेंटीलेटर न होने से अब डॉक्टर उन्हें 135 किमी दूर पटना रेफर कर रहे हैं.
    मनीष इससे परेशान हैं. वो कहते हैं, "यह स्वास्थ्य मंत्री का इलाका है लेकिन एक वेंटीलेटर तक नहीं है. डाक्टर बोल रहे हैं , पटना लेकर जाओ. मेरे पास पटना ले जाने की क्षमता नहीं है." सदर अस्पताल से करीब पांच किमी दूर बक्सर का वेलनेस सेंटर है. यहां स्वास्थ्य राज्य मंत्री के एक-दो नहीं, बल्कि तीन-तीन उद्घाटन बोर्ड लगे हैं. पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का फिर उसी बिल्डिंग में वेलनेस सेंटर का उदघाटन हुआ.
    स्थानीय पत्रकार पुष्पेंद्र बताते हैं कि यहां स्वास्थ्य ATM वैन का उद्घाटन हुआ लेकिन उसके बाद से ही वैन गायब है. इसके लिए FIR भी हुई लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकल सका है. वेलनेस सेंटर के अंदर मॉडर्न टीकाकरण का कमरा जरूर शानदार है लेकिन हेल्थ ATM खराब पड़ा है. वेलनेस सेंटर के सामने ब्लड बैंक है लेकिन उसकी बिल्डिंग की हालत जर्जर है. खून देने वालों को खरीदकर पानी तक लाना पड़ता है.
    ब्लड बैंक वाली बिल्डिंग की पूरी छत टपकती है. जो भी लोग वहां खून देने आते हैं उन्हें छाता लगाकर खड़ा रहना पड़ता है. अगर बिजली चली गई तो लोगों को ही जनरेटर स्टार्ट करना पड़ता है. कोविड सेंटर के बारे में पूछने पर पता चला कि सेंटर को बंद करके सदर अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है लेकिन यहां कोविड टेस्ट कराना आसान नहीं है. लोग कहते हैं कि कर्मचारी यहां-वहां भटकाते हैं. फिर भटकने के बीद जांच में तीन घंटे लग जाते हैं. जैसी अस्पतालों की स्थिति है, वैसी ही डॉक्टरों की उपलब्धता भी है. बक्सर में 191 डॉक्टरों की जगह केवल 130 डॉक्टर ही कार्यरत हैं.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / बेंगलुरु कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में शुक्रवार को पूरी रात मूसलाधार बारिश हुई, जिसके चलते शहर के विभिन्न हिस्सों और आसपास के इलाकों में जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया. हालात ऐसे हो गए कि गलियों में बाढ़ सा नजारा दिखने लगा और सड़कों पर वाहन पानी की तेज धारा में बहते दिखे. 30 सेकंड के वीडियो में एक कार पानी की तेज धारा में बहती हुई दिखाई दे रही है. कथित तौर पर यह वीडियो बेंगलुरु के बाहरी इलाके में होसाकेरेहल्ली क्षेत्र का बताया जा रहा है.

    बेंगलुरु में शुक्रवार को दोपहर 2.30 से शाम 5.30 बजे तक 13.2 मिलीमीटर बारिश हुई. इसके बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसा नजारा देखने को मिला. वीडियो में दिखाई पड़ रहा है कि राजधानी के निचले इलाकों में गाड़ियां पानी में बह गईं. कई जगहों पर कई फुट पानी होने की वजह से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई.
    इसके अलावा, बेंगलुरु में 15 दिन के बच्चे की कुछ लोगों द्वारा जान बचाए जाने का वीडियो भी वायरल हो रहा है. वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक शख्स 15 दिन के बच्चे को हाथ में उठाकर पानी से बचाता हुआ ले जा रहा है और फिर उस बच्चे को एक महिला को सौंप देता है. बाद में उस शख्स को दूसरे बाढ़ प्रभावित घर की ओर जाते देखा जा रहा है. इस दौरान, पास ही खड़े कुछ अन्य लोग उसे निर्देश दे रहे हैं.
    उस युवक ने दक्षिण बेंगलुरु इलाके में बाढ़ से प्रभावित घर में फंसी एक बच्ची को भी बचाया. बेंगलुरु में पूरी रात हुई बारिश से सड़कें पानी में डूब गई और लोग अपना घर छोड़कर जाने के लिए मजबूर हैं.
    मौसम विभाग के मुताबिक, "हल्की से मध्यम" बारिश की वजह से बेंगलुरु ग्रामीण, बेंगलुरु शहर, टुमकुर कोलार, चिक्कबल्लापुर, हासन और दक्षिण कन्नड़ जिलों में कई इलाकों में बाढ़ आ गई." मौसम विभाग के मुताबिक, बेंगलुरु शहर में आज हल्की से मध्यम वर्षा होने की आशंका है.

    नई दिल्ली/शौर्यपथ / ग्रेटर नोएडा केंद्र सरकार ने दुर्गम चोटियों पर देश की सुरक्षा में मुस्तैद और कोरोना वायरस की महामारी के खिलाफ भी आईटीबीपी की मोर्चेबंदी की सराहना की है. भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की स्थापना के 58 साल पूरे होने पर गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने सुरक्षा बल की सेवा और समर्पण की प्रशंसा की.
    आईटीबीपी की स्थापना दिवस समारोह ग्रेटर नोएडा में मनाया गया. 59वें Foundation Day पर मुख्य अतिथि रेड्डी ने आईटीबीपी के शहीदों को श्रद्धांजलि दी. रेड्डी ने कहा कि आईटीबीपी देश के हिमालयी क्षेत्रों में दुर्गम अग्रिम चौकियों की चौकसी से सुरक्षा कर रही है. आईटीबीपी कोविड-19 की महामारी के दौरान भी पूरे समर्पण से सेवा दे रही है. क्वारंटाइन केंद्र बनाने से लेकर विश्व के सबसे बड़े कोविड केयर सेंटर तक स्थापित करने तक मिसाल कायम की है.
    आईटीबीपी के महानिदेशक एसएस देसवाल ने ने सुरक्षाबल की विभिन्न उपलब्धियों पर प्रकाश डाला. इस मौके पर आईटीबीपी के अनेकों पदाधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से विभूषित किया गया. आईटीबीपी के अपर महानिदेशक अमृत मोहन प्रसाद ने धन्यवाद भाषण में कहा कि आईटीबीपी देश की सुरक्षा और सेवा के लिए हमेशा समर्पित है.
    विभिन्न क्षेत्रों में आईटीबीपी की बटालियन को उत्कृष्ट कार्य के आधार 10वीं वाहिनी को सर्वश्रेष्ठ बॉर्डर बटालियन, 26वीं वाहिनी को सर्वश्रेष्ठ नॉन बॉर्डर बटालियन और 53वीं वाहिनी को सर्वश्रेष्ठ एएनओ बटालियन, 36वीं वाहिनी को सर्वश्रेष्ठ ग्रीन बटालियन, और 41 वीं वाहिनी को स्वच्छता के लिए सर्वोत्तम बटालियन घोषित किया गया और ट्राफी देकर सम्मानित किया गया.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ /वित्त मंत्रालय ने व्यक्तिगत करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाने का फैसला किया है. व्यक्तिगत करदाताओं के लिए वित्त वर्ष 2019-20 का आयकर रिटर्न फाइल करने की समयसीमा को एक महीने और बढ़ाकर 31 दिसंबर 2020 कर दिया गया है. इससे पहले, करदाताओं के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर थी. वित्त मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी.
    मंत्रालय ने कहा कि जिन करदाताओं के खाताओं की ऑडिट करने की जरूरत है, उनके लिये आईटीआर दाखिल करने की समय-सीमा दो महीने बढ़ाकर 31 जनवरी 2021 कर दी गयी है.
    केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने एक बयान में कहा, ‘‘जिन करदाताओं के लिये आयकर रिटर्न भरने की समय-सीमा विस्तार से पहले 31 जुलाई 2020 थी, उनके लिये समय-सीमा 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ा दी गयी है.''इसी तरह जिन करदाताओं के खाताओं की ऑडिट किये जाने की जरूरत है और जिनकी समयसीमा पहले 31 अक्टूबर 2020 थी, वे अब 31 जनवरी 2021 तक आईटीआर भर सकते हैं.

    सीबीडीटी ने कहा कि करदाताओं को आईटीआर भरने में अधिक समय देने के लिये समय-सीमा बढ़ायी गयी है. इससे पहले, सरकार ने मई में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 किया था.
    2018-19 का आईटीआर दाखिल करने के लिए बढ़ाई गई थी तारीख
    हाल ही में आयकर विभाग ने 2018-19 के आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख दो महीने बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी थी. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने आदेश में कहा था कि कोरोना वायरस संकट के चलते करदाताओं को पेश आ रही परेशानियों को देखते हुए यह निर्णय किया गया है. आकलन वर्ष 2019-20 के लिए देरी से या संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की तारीख 30 सितंबर 2020 से बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 कर दी गयी है. कोविड-19 संकट के चलते वित्त वर्ष 2018-19 का आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए सरकार की ओर से यह चौथी बार समयसीमा बढ़ाई गई.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / मैसूर के मशहूर शाही दशहरा की भव्यता पर भी कोरोना का असर पड़ा है. इस बार हाथियों की सवारी शहर के रास्तों पर नही निकाली जाएगी. इसे देखने के लिए पांच किलोमीटर के रास्ते पर देसी विदेशी लाखों सैलानियों के हुजूम इकठ्ठा होता था.
    आय़ोजकों का कहना है कि सदियों पुरानी परंपरा न टूटे इसलिए जंबो सवारी इस बार मैसूर राजमहल परिसर में ही निकाली जाएगी. इसके बाहर जुलूस की इजाजत प्रशासन ने नहीं दी है. पूजा भी पुराने रस्मोरिवाज की तरह राज परिवार मुख्यमंत्री और दूसरे जाने-माने लोगों की मौजूदगी में होगी. हालांकि पहले जैसी भव्यता नहीं होगी. मैसूर राजमहल यानी वाणी विलास पैलेस में शाही दशहरे की तैयारी चल रही है. कोरोना वायरस की वजह से पूरे शहर में होने वाले कार्यक्रम को मैसूर पैलेस में सीमित कर दिया गया है. व्यापारी भी निराश है और स्थानीय लोग भी इस बार मायूस हैं.

    750 किलो का सोने का सिंहासन
    शुद्ध सोने से बना 750 किलो का ये सिंहासन और इसमे विराजती माता चामुंडेश्वरी की सवारी इस दशहरे की शान कहलाती है. मुख्य पूजा मुख्यमंत्री करेंगे. इसके बाद हाथी और दूसरे घोड़े जानवर पैलेस के अंदर ही परिक्रमा करेंगे और इसी के साथ दशहरा जश्न यहीं खत्म हो जाएगा. लोगों का कहना है कि पिछले 62 सालों से मैं इसे देखता रहा था इस बार नहीं देख पाऊंगा यह हमारी बदनसीबी है.

    दशहरे का इतिहास 400 पुराना
    मैसूर दशहरा का इतिहास तक़रीबन 400 पुराना है. विजयनगर साम्राज्य के वक्त 16वी सदी में श्रीरंगापट्टनम में विजयनगर साम्राज्य के प्रतापी राजा कृष्ण देव राय ने की थी. जब सत्ता विजयनगर साम्राज्य से वोडेयार घराने के पास आई और राजधानी मैसूर बनाई गई तो दशहरा मैसूर पहुंच गया.

     

    पटना / शौर्यपथ / बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी सभा में विरोध करने वालों को अमूमन नज़रअंदाज़ करते हैं, क्योंकि उन्हें इस बात का आभास होता हैं कि ऐसे लोगों को मीडिया में खूब जगह मिलती हैं .लेकिन शनिवार को तेघडा विधानसभा में अपनी पार्टी के प्रत्याशी वीरेंद्र कुमार के समर्थन में जब वो प्रचार करने के बाद माला पहनाने की औपचारिकता पूरी कर रहे थे, तभी कुछ लोगों ने नौकरी के सवाल पर उनका विरोध किया. इस पर नीतीश कुमार अचानक आपा खो बैठे और उन्होंने कहा, "मत देना तुम लोग, पंद्रह-बीस लोग हो, यहां हज़ारों लोग हैं."
    उन्होंने अपने समर्थकों को फिर से हाथ उठाने के लिए कहा और विरोधियों को कहा, "देख लो, देख लो, अरे देखो ना, पीछे अग़ल-बग़ल देखो ना, देख लो...तुम लोगों को समझ में आ जाएगा. जिसके लिए कर रहे हो, ये सब लोग तुम लोगों का पूरा जवाब दे देंगे और उन लोगों का हाल ठीक-ठाक कर देंगे, बुरा हाल कर देंगे."
    नीतीश ने फिर इतना कहने के बाद लोगों के ताली बजने पर कहा, "आप लोगों ने स्वस्पष्ट किया है, तो आप क्या जीत का माला पहना दें?" फिर उन्होंने प्रत्याशी आनंद कुमार को माला पहनाई और मंच पर मौजूद अन्य ज़िले के प्रत्याशियों का नाम लिया और फिर जनता की इजाज़त लेकर अन्य उम्मीदवारों को भी जीत की माला पहनाई. लेकिन नीतीश की प्रतिक्रिया से मंच पर उनके समर्थक भी हैरान थे.
    दरअसल जनता दल यूनाइटेड के प्रत्याशी वीरेंद्र कुमार जो नीतीश के कॉलेज के ज़माने के मित्र रहे हैं, उनके पिछले बार राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर विधायक बनने के बाद इलाक़े से नदारद रहने की काफ़ी शिकायत आती थी. इसलिए इस बार उनकी उम्मीदवारी को लेकर जेडीयू के कार्यकर्ता ही बहुत ज़्यादा उत्साह नहीं है और इसी पृष्ठभूमि में नीतीश कुमार ने शनिवार को वहां पर सभा संबोधित करने का कार्यक्रम रखा था. लेकिन उन्हें भी इस बात का अंदाज़ा हो गया कि उनकी जीत इतनी आसान नहीं हैं .

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / दिल्ली पुलिस ने 150 से ज्यादा वारदात करने वाले शातिर सेंधमार हंसराज को गिरफ्तार किया है. उसने दिल्ली ,यूपी गुजरात, हरियाणा, उत्तराखण्ड समेत राजस्थान में इन वारदातों को अंजाम दिया था.
    दक्षिणी दिल्ली पुलिस के अनुसार, हंसराज और उसके साथी पनीर सेल्वम राज्यों में घूम-घूम कर चोरी और सेंधमारी करते थे. हंसराज ने कबूल किया है कि अब तक दिल्ली ,यूपी गुजरात, हरियाणा,उत्तराखण्ड और राजस्थान में सेंधमारी की 150 से ज्यादा वारदात को अंजाम दिया है. पुलिस जब उसे पकड़ने गई तो वो छत पर पानी की टंकी में छिपकर बैठ गया था.
    दक्षिणी दिल्ली के डीसीपी अतुल ठाकुर के मुताबिक, 20 अक्टूबर की रात ग्रेटर कैलाश की एम ब्लॉक मार्किट में सुबह तड़के दो दुकानों का शटर तोड़कर चोरी कर ली गई थी. इसमें कुछ मेकअप का सामान, कुछ इलेक्ट्रॉनिक आइटम और कुछ महंगे शॉल शामिल थे. दुकानों के आसपास की सीसीटीवी फुटेज को देखा गया. इसमें एक संदिग्ध स्कूटी आते-जाते दिखी, जिसकी रजिस्ट्रेशन प्लेट मुड़ी हुई थी. इस मामले में मैदानगढ़ी थाने की पुलिस ने जांच के बाद वारदात में शामिल लोगों की पहचान कर ली. जांच में खुलासा हुआ कि वारदात को अंजाम देने वाला शातिर सेंधमार हंसराज है.
    इसके बाद पुलिस ने उसके कृष्णा नगर के घर में छापेमारी की. पुलिस से बचने के लिए वो छत पर पानी की टंकी में घुस गया, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया. उसकी निशानदेही पर उसका दूसरा साथी पनीर सेल्वम भी पकड़ा गया. पुलिस के मुताबिक हंसराज एक शातिर सेंधमार है,जो 150 से ज्यादा अपराधों को अंजाम दे चुका है. उस पर दक्षिणी दिल्ली पुलिस पहले ही मकोका लगा चुकी है.

    राजनांदगांव। शौर्यपथ । ( मृनेन्द्र चौबे की रिपोर्ट ) इंडियन प्रिमियर लीग (आईपीएल) में सट्टेबाजी पर कोई लगाम नहीं लग पा रही है. शहर में कई बुकी, खाईवाल सक्रिय हैं. लगभग हर वर्ग इस सट्टेबाजी का हिस्सा बन चुका है. इस सट्टेबाजी के खेल में कई हैं जो अपनी जेबें गर्म कर रहे हैं. बुकी के तौर पर किसी *एमएस* का नाम सामने आ रहा है जो कि महाराष्ट्र के खाईवालों से मिलकर यहां आईपीएल पर दांव लगवा रहा है. बताया जाता है कि सट्टे में नफा-नुकसान की दर मोबाईल एप्प से तय की जा रही है. उक्त बुकी संस्कारधानी में रोज़ाना लाखों के सौदे ले रहा है. प्रतिष्ठित व्यवसायी भी उसके संपर्क में हैं और शहर के कुछ नामी परिवारों के युवा भी उसके ही सहारे सट्टेबाजी में हाथ आजमा रहे हैं. खबर है कि पुलिस ने पिछले दिनों बुकी राजा गिड़िया को गिरफ्तार किया था उसने भी कई औरों के नाम उगले हैं. इसके अलावा उसके पास से जब्त किए गए मोबाईल से भी पुलिस के हाथ बड़ी जानकारी लगी है. बताया जा रहा है कि पुलिस इस *एमएस* की तलाश में जुटी है.

    राजनांदगांव में दबी जुबान में चर्चा यह भी है कि इस मामले में पुलिस विभाग के किसी व्यक्ति की भी मिली भगत है और इस सहयोग के बदले नए चार पहिया वाहन उपहार के लेनदेन की भी बात हो रही है । जिसकी जानकारी शायद उच्च अधिकारियों के पाश नही है । पुलिस विभाग अगर मामले की तह तक जाए तो कई चौकाने वाले खुलासे हो सकते है । कोरोना आपदा में इस तरह के सट्टा व्यपार पर लगाम लगाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है । 

    धर्म संसार /शौर्यपथ / या देवी सर्वभू‍तेषु मां सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
    अर्थ : हे मां! सर्वत्र विराजमान और मां सिद्धिदात्री के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूं। हे मां, मुझे अपनी कृपा का पात्र बनाओ।
    मां दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं। नवरात्रि-पूजन के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है। इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है। सृष्टि में कुछ भी उसके लिए अगम्य नहीं रह जाता है। ब्रह्मांड पर पूर्ण विजय प्राप्त करने की सामर्थ्य उसमें आ जाती है।
    मार्कण्डेय पुराण के अनुसार अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व- ये आठ सिद्धियां होती हैं। ब्रह्मवैवर्तपुराण के श्रीकृष्ण जन्म खंड में यह संख्या अठारह बताई गई है।
    इनके नाम इस प्रकार हैं -
    1. अणिमा 2. लघिमा 3. प्राप्ति 4. प्राकाम्य 5. महिमा 6. ईशित्व,वाशित्व 7. सर्वकामावसायिता 8. सर्वज्ञत्व 9. दूरश्रवण 10. परकायप्रवेशन 11. वाक्‌सिद्धि 12. कल्पवृक्षत्व 13. सृष्टि 14. संहारकरणसामर्थ्य 15. अमरत्व 16. सर्वन्यायकत्व 17. भावना 18. सिद्धि
    मां सिद्धिदात्री भक्तों और साधकों को ये सभी सिद्धियां प्रदान करने में समर्थ हैं। देवीपुराण के अनुसार भगवान शिव ने इनकी कृपा से ही इन सिद्धियों को प्राप्त किया था। इनकी अनुकम्पा से ही भगवान शिव का आधा शरीर देवी का हुआ था। इसी कारण वे लोक में 'अर्द्धनारीश्वर' नाम से प्रसिद्ध हुए।
    मां सिद्धिदात्री चार भुजाओं वाली हैं। इनका वाहन सिंह है। ये कमल पुष्प पर भी आसीन होती हैं। इनकी दाहिनी तरफ के नीचे वाले हाथ में कमलपुष्प है। प्रत्येक मनुष्य का यह कर्तव्य है कि वह मां सिद्धिदात्री की कृपा प्राप्त करने का निरंतर प्रयत्न करें। उनकी आराधना की ओर अग्रसर हो। इनकी कृपा से अनंत दुख रूप संसार से निर्लिप्त रहकर सारे सुखों का भोग करता हुआ वह मोक्ष को प्राप्त कर सकता है।
    नवदुर्गाओं में मां सिद्धिदात्री अंतिम हैं। अन्य आठ दुर्गाओं की पूजा उपासना शास्त्रीय विधि-विधान के अनुसार करते हुए भक्त दुर्गा पूजा के नौवें दिन इनकी उपासना में प्रवत्त होते हैं। इन सिद्धिदात्री मां की उपासना पूर्ण कर लेने के बाद भक्तों और साधकों की लौकिक, पारलौकिक सभी प्रकार की कामनाओं की पूर्ति हो जाती है।
    सिद्धिदात्री मां के कृपापात्र भक्त के भीतर कोई ऐसी कामना शेष बचती ही नहीं है, जिसे वह पूर्ण करना चाहे। वह सभी सांसारिक इच्छाओं, आवश्यकताओं और स्पृहाओं से ऊपर उठकर मानसिक रूप से मां भगवती के दिव्य लोकों में विचरण करता हुआ उनके कृपा-रस-पीयूष का निरंतर पान करता हुआ, विषय-भोग-शून्य हो जाता है। मां भगवती का परम सान्निध्य ही उसका सर्वस्व हो जाता है। इस परम पद को पाने के बाद उसे अन्य किसी भी वस्तु की आवश्यकता नहीं रह जाती।
    मां के चरणों का यह सान्निध्य प्राप्त करने के लिए हमें निरंतर नियमनिष्ठ रहकर उनकी उपासना करनी चाहिए। मां भगवती का स्मरण, ध्यान, पूजन, हमें इस संसार की असारता का बोध कराते हुए वास्तविक परम शांतिदायक अमृत पद की ओर ले जाने वाला है।
    इनकी आराधना से जातक को अणिमा, लधिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, महिमा, ईशित्व, सर्वकामावसायिता, दूर श्रवण, परकामा प्रवेश, वाकसिद्ध, अमरत्व भावना सिद्धि आदि समस्त सिद्धियों नव निधियों की प्राप्ति होती है। आज के युग में इतना कठिन तप तो कोई नहीं कर सकता लेकिन अपनी शक्तिनुसार जप, तप, पूजा-अर्चना कर कुछ तो मां की कृपा का पात्र बनता ही है। प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। मां जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में नवमी के दिन इसका जाप करना चाहिए।
    नवरात्रि के अंतिम दिन पूजी जाती हैं मां सिद्धिदात्री, शिव भी करते हैं उपासना
    नवरात्रि के आखिरी दिन यानी नवमी को मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती हैं। यह मां दुर्गा का नौंवा रूप हैं। कमल पर विराजमान चार भुजाओं वाली मां सिद्धिदात्री लाल साड़ी में विराजित हैं।

    इनके चारों हाथों में सुदर्शन चक्र, शंख, गदा और कमल रहता है। सिर पर ऊंचा सा मुकूट और चेहरे पर मंद मुस्कान ही मां सिद्धिदात्री की पहचान है। इस दिन भी कई भक्त अपने घरों में कुंजिकाओं को बिठाते हैं और उन्हें भोजन कराते हैं।
    कैसे करें सिद्धिदात्री की पूजा
    घी का दीपक जलाने के साथ-साथ मां सिद्धिदात्री को कमल का फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है।
    इसके अलावा जो भी फल या भोजन मां को अर्पित करें वो लाल वस्त्र में लपेट कर दें।
    निर्धनों को भोजन कराने के बाद ही खुद खाएं।
    कौन हैं मां सिद्धिदात्री?
    भगवान शिव ने मां सिद्धिदात्री की कृपा से ही 8 सिद्धियों को प्राप्त किया था। इन सिद्धियों में अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व शामिल हैं। इन्हीं माता की वजह से भगवान शिव को अर्द्धनारीश्वर नाम मिला, क्योंकि सिद्धिदात्री के कारण ही शिव जी का आधा शरीर देवी का बना। हिमाचल का नंदा पर्वत इनका प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है।
    मान्यता है कि जिस प्रकार इस देवी की कृपा से भगवान शिव को आठ सिद्धियों की प्राप्ति हुई ठीक उसी तरह इनकी उपासना करने से अष्ट सिद्धि और नव निधि, बुद्धि और विवेक की प्राप्ति होती है।

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