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मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड की खूबसूरत अदाकारा नोरा फतेही अपने नए गाने नाच मेरी रानी को लेकर चर्चा में है। हाल ही में इस वीडियो सॉन्ग को जारी किया गया, जिसमें वह सिंगर गुरु रंधावा के साथ नजर आईं। अब नोरा का एक और नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वह शो इंडियाज बेस्ट डांसर के सेट पर नजर आ रही हैं।
वीडियो में देखा जा सकता है कि नोरा फतेही शो के मंच पर नाच मेरी रानी गाने पर जबरदस्त डांस करते हुए दिख रही हैं। वहीं, जज गीता कपूर और मलाइका अरोड़ा भी उनका साथ दे रहे हैं। वीडियो को जमकर लाइक और शेयर किया जा रहा है। मालूम हो कि नोरा और सिंगर गुरु रंधावा का गाना नाच मेरी रानी रिलीज होने के बाद से यूट्यूब पर नंबर 1 पर ट्रेंड कर रहा है।
इस गाने को गुरु रंधावा और निकिता गांधी ने मिलकर गाया है। तनिष्क बागची ने इस गाने को लिखा और उन्होंने ही इस कंपोज किया है। वीडियो सॉन्ग को अभी तक 2 करोड़ 18 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं।
बता दें कि नोरा हाल ही में इंडियाज बेस्ट डांसर शो में बतौर जज नजर आई थीं। दरअसल, मलाइका अरोड़ा ने कोरोना से संक्रमित होने के बाद शो से कुछ दिनों का ब्रेक ले लिया था। ऐसे में मलाइका की जगह नोरा फतेही अन्य जजेस के साथ मिलकर शो को जज कर रही थीं हालांकि, मलाइका के वापस लौटने के बाद नोरा ने शो से विदाई ले ली थी।
नोरा के वर्क फ्रंट की बात करें तो वह पिछली बार फिल्म स्ट्रीट डांसर 3डी में नजर आई थीं। इसमें उन्होंने वरुण धवन और श्रद्धा कपूर के साथ काम किया था। अब वह अजय देवगन की फिल्म भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया में नजर आएंगी, जो डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज होने के लिए तैयार है।
सेहत / शौर्यपथ / जब भी आप सब्जी खरीदने जाते होंगे तो साथ में अदरक भी जरूर खरीदते होंगे, आखिर अदरक के बिना घर के कई सदस्यों को चाय नहीं भाती है। अदरक की चाय पीने से सेहत को कई फायदे होते हैं ये तो अधिकतर लोग जानते हैं, लेकिन क्या आपको ये पता हैं कि अदरक का पानी पीना भी बहुत ही फायदेमंद होता है और ये पानी कई सेहत समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है। आइए, जानते हैं अदरक का पानी पीने के सेहत लाभ -
1 त्वचा के लिए फायदेमंद :
अदरक का पानी पीने से खून साफ रहता है, जिसका असर त्वचा पर बढ़ती चमक के रूप में दिखई देता है। साथ ही ये पिंपल्स और स्किन इंफेक्शन जैसी परेशानियां से भी बचाता है।
2 प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
अदरक का पानी पीने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, साथ ही ये सर्दी-खांसी और वायरल इंफेक्शन जैसी बीमारियों की आशंका कम कर देता है।
3 खाना पाचन में फायदेमंद :
इसे पीने से आपका पाचन तंत्र सही काम करता है और खाना आसानी से पचने में मदद मिलती है।
4 वजन कम करने में सहायक :
इसे नियमित पीने से शरीर का अतिरिक्त फैट खत्म होते जाता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है।
5 कैंसर से रक्षा :
अदरक में ऐसे तत्व भी पाए जाते हैं जो कैंसर जैसी बीमारी से लड़ने में असरदार होते हैं। इसलिए ये कैंसर होने की आशंका को कम करने में सहायक होता है।
सेहत / शौर्यपथ /क्या आप जानते हैं, छुहारा और खजूर एक ही पेड़ से उत्पन्न होते हैं। दोनों की तासीर गर्म होती है और दोनों शरीर को मजबूत बनाने में विशेष भूमिका निभाते हैं। गर्म तासीर होने के कारण ही सर्दियों में तो इसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है। आइए, जानें छुहारे के अनूठे फायदे।
1. मासिक धर्म : सर्दी के दिनों में कई महिलाओं को मासिक धर्म से जुड़ी समसयाएं भी होती हैं, इसके लिए छुहारे फायदेमंद है। छुहारे खाने से मासिक धर्म खुलकर आता है और कमर दर्द में भी लाभ होता है।
2. बिस्तर पर पेशाब : छुहारे खाने से पेशाब का रोग दूर होता है। बुढ़ापे में पेशाब बार-बार आता हो तो दिन में दो छुहारे खाने से लाभ होगा। छुहारे वाला दूध भी लाभकारी है। यदि बच्चा बिस्तर पर पेशाब करता हो तो उसे भी रात को छुहारे वाला दूध पिलाएं। यह शक्ति पहुंचाते हैं।
3. रक्तचाप : कम रक्तचाप वाले रोगी 3-4 खजूर गर्म पानी में धोकर गुठली निकाल दें। इन्हें गाय के गर्म दूध के साथ उबाल लें। उबले हुए दूध को सुबह-शाम पीएं। कुछ ही दिनों में कम रक्तचाप से छुटकारा मिल जाएगा।
4 . दांतों का गलना : छुहारे खाकर गर्म दूध पीने से कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग, जैसे दांतों की कमजोरी, हड्डियों का गलना इत्यादि रूक जाते हैं।
5. कब्ज : सुबह-शाम तीन छुहारे खाकर बाद में गर्म पानी पीने से कब्ज दूर होती है। खजूर का अचार भोजन के साथ खाया जाए तो अजीर्ण रोग नहीं होता तथा मुंह का स्वाद भी ठीक रहता है। खजूर का अचार बनाने की विधि थोड़ी कठिन है, इसलिए बना-बनाया अचार ही ले लेना चाहिए।
6. मधुमेह : मधुमेह रोगी जिनके लिए मिठाई, चीनी इत्यादि वर्जित है, सीमित मात्रा में खजूर का हलवा इस्तेमाल कर सकते हैं। खजूर में वह अवगुण नहीं है, जो गन्ने वाली चीनी में पाए जाते हैं।
7. पुराने घाव : पुराने घावों के लिए खजूर की गुठली को जलाकर भस्म बना लें। घावों पर इस भस्म को लगाने से घाव भर जाते हैं।
8. आंखों के रोग : खजूर की गुठली का सुरमा आंखों में डालने से आंखों के रोग दूर होते हैं।
9. खांसी : छुहारे को घी में भूनकर दिन में 2-3 बार सेवन करने से खांसी, छींक, जुकाम और बलगम में राहत मिलती है।
10. जुएं : खजूर की गुठली को पानी में घिसकर सिर पर लगाने से सिर की जुएं मर जाती हैं।
खाना खजाना / शौर्यपथ / 1 कप मैदा, 1 कप दूध, 1 कप शक्कर, 1 चम्मच नींबू का रस, 1 चम्मच सौंफ, घी अथवा रिफाइंड तेल (मोयन और तलने के लिए)
विधि :
पहले एक बर्तन में शक्कर, नींबू का रस और तीन-चौथाई कप पानी डालकर चाशनी बना लें। अब मैदे में 1 चम्मच तेल का मोयन डालें। इसके बाद दूध और सौंफ मिलाकर घोल तैयार करें।
एक कड़ाही में तेल या घी गर्म करें और घोल से एक-एक कड़छी डालकर उसे करारे फ्राई करें और चाशनी में डुबोकर अलग एक बर्तन में रखें। तैयार मालपुए पर कतरे हुए पिस्ता-बादाम बुरकें और पेश करें और भोग लगाएं।
लौकी-खोया का लजीज हलवा, पढ़ें आसान विधि
> > सामग्री :
1 किलो कद्दूकस की हुई लौकी, 50 ग्राम ताजा मावा (खोया), 2 बड़े चम्मच घी, 150 ग्राम शकर, पाव चम्मच इलायची पावडर और 2-3 केसर के लच्छे।
विधि :
सबसे पहले एक कड़ाही में घी डालकर किसी हुई लौकी को हल्का भूनकर अलग रख लें। अब कड़ाही में थोड़ा-सा पानी डालें, फिर चीनी डालें। जब शकर पूरी तरह घुल जाए, तब इसमें भूनी हुई लौकी डालकर चलाएं।
जब शकर का पानी पूरी तरह खत्म हो जाए और चाशनी जैसा गाढ़ा दिखाई देने लगे, तब इसमें मावा डालकर हिलाएं। फिर इलायची पावडर डालें और अच्छी तरह चलाकर 2-3 मिनट तक चलाएं। अब केसर को हाथ से मसलकर ऊपर से बुरकाएं।
लीजिए आपके लिए तैयार है लौकी और खोया का जायकेदार हलवा। व्रत के दिनों में लाभदायी ये हलवा सेहत की दृष्टि से बहुत फायदेमंद है।
झटपट बनाएं फलाहारी नमकीन क्रिस्पी पूरी, पढ़ें 5 स्टेप्स
सामग्री :
2 कटोरी राजगिरे का आटा, 1/2 कटोरी सिंघाड़े का आटा, 1/2 कटोरी मूंगफली दाने, 1 चम्मच सौंफ दरदरी पिसी हुई, 4-5 हरी मिर्च का पेस्ट, 1 चम्मच लाल मिर्च, नमक (सेंधा) स्वादानुसार, हर धनिया बारीक कटा, तेल या घी तलने के लिए।
विधि :
Steps 1. राजगिरे व सिंघाड़े का आटा छानकर हल्का गुलाबी होने तक सेंक लें।
Steps 2. दाने को सेंक कर बारीक पिस लें।
Steps 3. एक थाली में दोनों आटे लेकर उपरोक्त सारी सामग्री डालकर अच्छी तरह मिक्स करके आटा गूंध लें और थोड़ी देर ढंक कर रखें।
Steps 4. अब आटे की छोटी-छोटी लोइयों की पूड़ियां बना कर मूंगफली तेल या शुद्ध घी में कुरकुरी तल लें।
Steps 5. तैयार गरमा-गरम फलाहारी नमकीन क्रिस्पी पूरी हरी चटनी या दही के रायते के साथ परोसें।
धर्म संसार / शौर्यपथ /चंद्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी॥
नवरात्रि में छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इनकी उपासना और आराधना से भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है। उसके रोग, शोक, संताप और भय नष्ट हो जाते हैं। जन्मों के समस्त पाप भी नष्ट हो जाते हैं।
इस देवी को नवरात्रि में छठे दिन पूजा जाता है। कात्य गोत्र में विश्वप्रसिद्ध महर्षि कात्यायन ने भगवती पराम्बा की उपासना की। कठिन तपस्या की। उनकी इच्छा थी कि उन्हें पुत्री प्राप्त हो। मां भगवती ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया।
इसलिए यह देवी कात्यायनी कहलाईं। इनका गुण शोधकार्य है। इसीलिए इस वैज्ञानिक युग में कात्यायनी का महत्व सर्वाधिक हो जाता है। इनकी कृपा से ही सारे कार्य पूरे जो जाते हैं। ये वैद्यनाथ नामक स्थान पर प्रकट होकर पूजी गईं। मां कात्यायनी अमोघ फलदायिनी हैं।
भगवान कृष्ण को पति रूप में पाने के लिए ब्रज की गोपियों ने इन्हीं की पूजा की थी। यह पूजा कालिंदी यमुना के तट पर की गई थी। इसीलिए ये ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी के रूप में प्रतिष्ठित हैं। इनका स्वरूप अत्यंत भव्य और दिव्य है। ये स्वर्ण के समान चमकीली हैं और भास्वर हैं।
इनकी चार भुजाएं हैं। दाईं तरफ का ऊपर वाला हाथ अभयमुद्रा में है तथा नीचे वाला हाथ वर मुद्रा में। मां के बाईं तरफ के ऊपर वाले हाथ में तलवार है व नीचे वाले हाथ में कमल का फूल सुशोभित है। इनका वाहन भी सिंह है। इनकी उपासना और आराधना से भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है।
भक्तों के रोग, शोक, संताप और भय नष्ट हो जाते हैं। जन्मों के समस्त पाप भी नष्ट हो जाते हैं। इसलिए कहा जाता है कि इस देवी की उपासना करने से परम पद की प्राप्ति होती है।
किसान अपनी उपज देश में कहीं भी बेचने के लिये हमेशा से आजाद रहे हैं
एमएसपी पर खरीदी की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर किसान 5 नवंबर को पूरे देश में चक्काजाम करेंगे
केंद्र द्वारा अधिक चांवल की खरीद करने के बदली हुई परिस्थिति में राज्य सरकार प्रति एकड़ 20 क्विंटल की दर से धान खरीदी करे
सरकार दो साल का बोनस देने का वायदा पूरा करे और किसान न्याय योजना के 10 हजार रू. की आदान राशि के साथ जून माह तक एकमुश्त भुगतान करे.
दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन द्वारा अंडा में किसान चौपाल आयोजित किया गया, उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए एड. राजकुमार गुप्त ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि इन कानूनों से किसानों को कोई लाभ नहीं होगा जैसा सरकार प्रचार कर रही है, केंद्र के कानून से अपनी उपज "अपने भाव" देश में कहीं भी बेचने के लिये किसान "आजाद" हो गये हैं सरकार का यह दावा झूठ है किसान अपनी उपज "कहीं भी" बेचने के लिये पहले से ही "आजाद" रहे हैं, उन्होंने किसानों को बताया कि केंद्र के कानून से व्यापारी बिना लाईसेंस के देश में कहीं भी उपज खरीदने के लिये आजाद हो गये हैं, केंद्र के कानून में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उपज की खरीदी होने की कोई कानूनी गारंटी नहीं है इसलिये पूरे देश के किसान केंद्र के कानूनों के खिलाफ संघर्ष कर रहे है,
झबेंद्र भूषण वैष्णव ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य से पिछले साल की तुलना में 17 लाख टन चांवल की खरीद कर रही है इसका फायदा किसानों को मिलना चाहिये और प्रति एकड़ 20 क्वि. की दर से धान की खरीदी 1 नवंबर से शुरू करना चाहिये, उन्होनें आगे कहा कि किसान न्याय योजना में धान की खरीदी की अंतर की राशि सरकार किश्तों में दे रही है कोरोना संकट में ऐसा करने के लिये सरकार की विवशता हो सकती है मगर इस चालू कृषि वर्ष में न्याय योजना की प्रति एकड़ 10 हजार और दो साल के बकाया बोनस की राशि का एकमुश्त भुगतान जून माह तक करना चाहिये,
किसानों को संबोधित करते हुए उत्तम चंंद्राकर ने कहा कि सरकार ने गेहूं, चना आदि उपजों की सरकारी खरीदी करने का चुनावी वायदा किया था जो आजतक पूरा नहीं किया गया है, उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संंगठन के नेतृत्व में 5 नवंबर को दुर्ग के मिनिमाता चौक में किये जा रहे चक्का जाम में शामिल होने की अपील किया
किसान चौपाल में घनश्याम चंद्राकर, सीताराम चंद्राकर, प्रहलाद चंद्राकर, जयराम चंद्राकर, हलधर साहू, कृष्णा धीवर, कमल सिंहा, दयाराम धीवर, मेहतर सिंहा, फेरहा धीवर, कुमार सिंहा, शंकर चंद्राकर, थनवार चंद्राकर, किशोर कुमार चंद्राकर, कोमलसिंह चंद्राकर, अजय चंद्राकर, प्रवीण चंद्राकर, राकेश कुमार, चैतराम यादव, कृष्णा साहू आदि शामिल थे
-कोविड केयर सेंटर को लेकर 89 प्रतिशत लोगों ने दिया पाजिटिव फीडबैक, 85 प्रतिशत से ऊपर का आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग ने फीडबैक में रखा प्लीजंट परफार्मेंस में
-फीडबैक में हेल्थ केयर, दवाएं, खानपान की व्यवस्था, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग तथा सैनिटेशन पर दिये गए थे प्रश्न
दुर्ग / शौर्यपथ / स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में कोविड केयर सेंटर में सुविधाओं के संबंध में दुर्ग का प्रदर्शन शानदार रहा है। कोविड केयर सेंटर के मामले में दुर्ग अग्रणी स्थान पर है। 89 प्रतिशत लोगों ने इस संबंध में पाजिटिव फीडबैक दिया। स्वास्थ्य विभाग थर्ड पार्टी से यह सर्वे कराता है। कोविड केयर सेंटरों के संबंध में 85 प्रतिशत से अधिक लोगों द्वारा पाजिटिव फीडबैक दिये जाने पर प्लीजंट परफार्मेंस की श्रेणी में रखा जाता है। इसके साथ ही होम आइसोलेशन को लेकर भी सर्वे किया गया। 11 से 17 अक्टूबर तक चले सर्वे में होम आइसोलेशन को लेकर दुर्ग से 302 लोगों के फीडबैक लिये गए। सर्वे में होम आइसोलेशन के संबंध में भी फीडबैक लिया गया। इसमें रायपुर जिले का स्कोर 79 प्रतिशत रहा। दुर्ग जिले का स्कोर 70 फीसदी रहा और यह प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। होम आइसोलेशन के सर्वे में डाक्टरों द्वारा की गई मानिटरिंग, दवाओं की नियमितता, स्वास्थ्य कर्मियों के संपर्क, फालोअप से संतुष्टि, कमरे में अलग शौचालय की मौजूदगी, नियमित रूप से पल्स आक्सीमीटर द्वारा चेक किया जाना आदि शामिल है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया सर्वे डेडिकेटेड कोविड हास्पिटल के लिया भी किया गया। डेडिकेटेड कोविड हास्पिटल में 86 प्रतिशत लोगों ने पाजिटिव फीडबैक दिया।
इस संबंध में भी 85 प्रतिशत से अधिक पाजिटिव फीडबैक आने पर प्लीजंट परफार्मेंस की श्रेणी में रखा जाता है। उल्लेखनीय है कि थर्ड पार्टी सर्वे द्वारा लिया गया फीडबैक हर सप्ताह का होता है और अगले सप्ताह पुनः फीडबैक लिया जाता है। चूंकि फीडबैक में हेल्थ केयर, खानपान की व्यवस्था, मास्क तथा सोशल डिस्टेंसिंग के प्रयोग तथा सैनिटाइजेशन जैसी चीजों पर बात होती है अतएव इस संबंध में काफी सारा फीडबैक एकत्रित हो जाता है जिससे व्यवस्था को और अच्छा करने में मदद मिलती है। सर्वे में प्राइवेट हास्पिटल में चल रहे कोविड केयर की भी रैंकिंग की गई।
पूरे प्रदेश में फीडबैक सर्वे के लिए लगभग दस हजार से अधिक लोगों के फीडबैक लिये गए जिसके आधार पर यह रैंकिंग तैयार हुई। उल्लेखनीय है कि दुर्ग जिले में कोविड केयर सेंटर की व्यवस्था बेहतर करने के लिए लगातार कदम उठाये गए। इसमें खानपान की गुणवत्ता से लेकर साफसफाई की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए लगातार मानिटरिंग की गई। मरीजों से फीडबैक लेने की व्यवस्था बनाई गई। उनके फीडबैक के आधार पर व्यवस्था को बेहतर करने में विशेष रूप से मदद मिली।
दुर्ग / शौर्यपथ / जिले में कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के प्रबंधन के अंतर्गत 20 सितंबर जिले में लाॅकडाउन होने के कारण माह सितंबर का शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से खाद्यान्न एवं अन्य राशन सामग्री का वितरण पूर्णरूप से नहीं हो पाया था। इसलिए जिले में माह सितंबर 2020 में वितरण के लिए शेष राशनकार्ड धारियों को माह अक्टूबर 2020 में राशन सामग्रियों का वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से किया जाएगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग संभागायुक्त टी.सी. महावर ने आज जिले के अनेक विकास कार्यों की समीक्षा की। संभागायुक्त ने निर्देशित किया कि वित्तीय वर्ष 19-20 में स्वीकृत सभी कार्यों को वर्षांन्त तक पूर्ण किए जाए। उन्होने सभी कार्यों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होनें लोक निर्माण विभाग अंतर्गत कराए जा रहे कार्यो, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के कार्यों, सहित जिले के अंतर्गत अन्य विभागों के विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक में उपस्थित अधिकारियों से स्वीकृत कार्यों के वर्तमान स्थिति के आधार पर अविलंब पूर्ण कराने कहा। उन्होनें कहा कि कोई भी विकास कार्य क्षेत्र की जरूरत और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुुुए स्वीकृत की जाती है। इन विकास कार्यों से क्षेत्र की जनता की अपेक्षा जुड़ी रहती है। इन कार्यो का समय पर पूर्ण होने से लोगों की अनेक अपेक्षाएं पूर्ण होती है। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे समय पर विकास कार्यों को पूर्ण कर जनता को समर्पित करें ।
समीक्षा के दौरान कार्यपालन अभियंता, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने बताया कि योजनांतर्गत 02 अपूर्ण कार्य को 21 अक्टूबर 2020 तक पूर्ण करा लिया जाएगा। उन्होनें अवगत कराया कि इन सभी कार्य में डामरीकरण का कार्य शेष है। इसी प्रकार 05 वर्ष संधारण अवधि के अन्तर्गत 45 सड़को में संधारण कार्य चल रहा है। उन्होने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के फेस-3 के अतंर्गत वर्ष 2019-20 में स्वीकृत कार्यों का एग्रीमेंट मई 2020 में हो चुका है। इन सड़को के निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। वृहद पुल-पुलियों से संबंधित कार्यों को 1 वर्ष की समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैै। संभागायुक्त ने लोक निर्माण विभाग के कार्याें की समीक्षा के दौरान निर्देशित किया कि मूलभूत न्यूनतम सेवा के अन्तर्गत 22 प्रगतिरत कार्यों को नवम्बर-दिसम्बर 2020 तक पूर्ण कर लिया जाए। जिले के मुख्य सड़क निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं। जिसे नियत समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। अनुसूचित जाति बहुल्य क्षेत्रो में बनाए जा रहे सड़को के निर्माण में प्रगति लाने पर जोर दिया हैं।
पेयजल की हो पर्याप्त व्यवस्था- जिला बेमेतरा अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के परियोजना एवं कार्यपालन अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। नवागढ़ एवं साजा में परियोजना के कार्यों के लिए जल क्षेत्र संरक्षित व आरक्षित किए जाने के लिए अधीक्षण यंत्री को पत्र प्रेषित करने कहा गया। जल जीवन मिशन अभियान की विस्तृत समीक्षा की गई, कार्यपालन अभियंता ने बताया कि दिसम्बर माह में परियोना के अंतर्गत कार्य प्रारंभ कर लिया जाएगा। इसके लिए एजेंसी का निर्धारण किया जा चुका है। संभागायुक्त ने निर्देशित किया कि खराब हैण्डपंप के सुधार की तत्काल कार्यवाही की जाए। नलजल योजना के कार्यों पर विशेष ध्यान दिये जाने एवं कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कर पूर्ण कराने कहा । राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि कुम्हारी में निर्माणधीन पुल मई 2021 तक पुर्ण कर लिया जाए । ट्रांसपोर्ट नगर एवं पावर हाउस के निर्माणाधीन पुल के संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी द्वारा दिसंबर 2021 तक पूर्ण होना बताया गया एवं चन्द्रा मौर्या सुपेला का कार्य एक वर्ष तक पूर्ण किया जा सकेगा। उन्होनें खाद्य, खनिज एवं आबकारी विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की ।
राजस्व वसूली की हो नियमित समीक्षा- खनिज अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि अवैध परिवहन के 46 प्रकरण दर्ज किए गए हैं । अवैध उत्खनन के 3 मामलों में लगभग आवश्यक कार्यवाही की गई है। संभागायुक्त ने अवैध उत्खनन के मामलों में कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होनें जिले में अवैध शराब पर कार्यवाही करने के लिए आबकारी अधिकारी को निर्देशित किया ।
बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर जनमेजय महोबे ने शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी गॉव योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी के तहत आज बालोद विकासखण्ड के ग्राम बेलमंाड, पीपरछेड़ी, चारवाही, बोरी, खपरी और गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम पैरी व ईरागुड़ा पहुॅचकर गौठानों का निरीक्षण किया। उन्होंने गौठानों में गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी, वर्मी टंाका व अन्य गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने गौठानों में स्वसहायता समूहों की सदस्यों से चर्चा कर गोधन न्याय योजना के तहत खरीदे गए गोबर से वर्मी खाद निर्माण में तेजी लाने और वर्मी खाद की पैकेजिंग की तैयारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने वर्मी खाद के उपयोग व उसके लाभ से ग्रामीणों को अवगत कराया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश कुमार चन्द्राकर इस अवसर पर मौजूद थे।
कलेक्टर ने गौठानों के निरीक्षण के दौरान समय-समय पर पशु चिकित्सा शिविर आयोजित होने की जानकारी ग्रामीणों से ली। पशु चिकित्सा शिविर आयोजित नहीं होने की जानकारी पर कलेक्टर ने अप्रसन्नता जतायी। उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे तिथि निर्धारित कर पशु चिकित्सा शिविर लगाएॅ और मवेशियों की देखरेख, बिमारियों से बचाव व दुग्ध उत्पादन के लिए ग्रामीणों को मार्गदर्शन दें। कलेक्टर ने गौठानों में पानी तथा चारा की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने गौठानों में वर्किंग शेड निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश मौके पर उपस्थित नरेगा के सहायक परियोजना अधिकारी को दिए। कलेक्टर ने स्वसहायता समूहों की सदस्यों से कहा कि वर्मी खाद निर्माण की प्रक्रिया नियमित जारी रखें। उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को चारागाहों में चारा लगाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने ग्राम ईरागुड़ा के गौठान में गोधन न्याय योजना के तहत खरीदे गए गोबर को व्यवस्थित नहीं रखने और वर्मी खाद निर्माण में धीमी प्रगति पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को गौठान में गोबर व्यवस्थित रखने तथा पानी निकासी की सुगम व्यवस्था के निर्देश दिए। स्वसहायता समूह की सदस्यों को भी वर्मी खाद निर्माण हेतु प्लानिंग कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने गौठानों में बने वर्मी टंाको में केंचुओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने गौठानों में लगाए गए पौधों की सुरक्षा के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर कृषि विभाग के उप संचालक एन.एल.पाण्डे, उद्यान विभाग की सहायक संचालक श्रीमती आकांक्षा सिन्हा सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी आदि मौजूद थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
