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खेल / शौर्यपथ / आईपीएल 2020 के 34वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स की टीम को 5 विकेट से हराया। दिल्ली की इस जीत के हीरो रहे अनुभवी ओपनर बल्लेबाज शिखर धवन, जिन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 58 गेंदों में नॉटआउट 101 रनों की पारी खेली। शिखर ने अपने 13 साल के आईपीएल करियर में यह पहला शतक लगाया है। धवन ने शतकीय पारी के बावजूद एक शर्मनाक रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया है और इस लिस्ट में उनके बाद विराट कोहली का नाम दर्ज है।
दरअसल, शिखर धवन ने आईपीएल में पहला शतक लगाने के लिए सबसे ज्यादा पारियां ली हैं, उन्होंने 167वीं पारी में इंडियन प्रीमियर लीग की अपनी पहली सेंचरी लगाई है। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विराट कोहली का नाम है, उन्होंने आईपीएल में पहला शतक लगाने के लिए 120 पारियां ली थी। लिस्ट में तीसरे नंबर पर अंबाती रायुडू (119) और चौथे नंबर पर सुरेश रैना (88) का नाम दर्ज है। मनीष पांडे पहले भारतीय बल्लेबाज हैं, जिन्होंने आईपीएल 2009 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की तरफ से खेलते हुए शतक लगाया था।
धवन इस आईपीएल में अबतक बेहद अच्छी लय में नजर आए हैं, उन्होंने दिल्ली कैपटिल्स की तरफ से खेले 9 मैचों में 143.02 के स्ट्राइक रेट से 359 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और दो अर्धशतकीय पारियां भी निकली हैं। चेन्नई के खिलाफ मिली जीत के साथ ही दिल्ली की टीम प्वॉइंट टेबल में 9 मैचों में 7 जीत के साथ पहले नंबर पर पहुंच गई है। टीम का अगला मैच मंगलवार (20 अक्टूबर) को दुबई में किंग्स इलेवन पंजाब से होगा।
मनोरंजन / शौर्यपथ / बिग बॉस 14 में निक्की तंबोली और जान कुमार सानू की जोड़ी को दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया रहा है। यह जोड़ी अपनी दोस्ती, प्यार, तकरार से सभी दर्शकों का दिल जीत रही है। लेकिन अब उन दोनों के बीच दरार पड़ती नजर आ रही है। लेकिन शनिवार को जान और निक्की के बीच हुई बहस के बाद उन्हें 'डबल ढोकलीÓ कह डाला।
दरअसल, रुबीना नहीं चाहती हैं कि बिग बॉस के घर में निक्की के स्टेटस को 'कन्फर्मÓ किया जाए वह चाहती हैं कि उनके स्टेटस को 'टू बी कन्फम्र्डÓ किया जाए। उन्हें लगता है कि निक्की काफी घमंडी हैं और वह घर में रहने की हकदार नहीं हैं। इस बीच रुबीना घर के दूसरे सदस्यों के सामने निक्की के बारे में बात करते हुए कहती हैं कि वह घर में रहने की हकदार नहीं हैं और इतनी गलतियां गिनवाने के बाद भी हम डबल ढोकली को वोट क्यों दें?
इसके बाद रुबीना ने कैमरे की तरफ देखकर दर्शकों से अपील की कि वे एजाज को ही वोट दें।
बता दें कि बिग बॉस के घर में निक्की के स्टेटस कन्फर्म होने के बाद से ही उनके बर्ताव में बदलाव आया है। जब जान और निशांत ने यही बात उन्हें समझाने की कोशिश की तो निक्की उनसे यह कहते हुए लडऩे लगी कि वह उनके सच्चे दोस्त नहीं हैं और उन्हें उनकी गलतियों को बताना चाहिए था। उन्होंने कहा कि आप दोनों मेरे सच्चे दोस्त नहीं हैं। आपको अगर लगता था कि मेरी गलतियां हैं तो आपको मुझे बताना चाहिए था घर के अन्य सदस्यों के सामने नहीं।
जिसके बाद रुबीना, जान का साथ देते हुए कहती हैं कि उन्हें उनपर गर्व है कि वो निक्की के 'ईगोÓ के बारे में खुलकर बात कर रहे हैं। हालांकि अभी निक्की घर की कनफम्र्ड सदस्य हैं। बिग बॉस ने घरवालों की आम सहमति ना बनने के कारण निक्की के स्टेटस को 'कन्फर्मÓ ही रखा ।
बता दें, कि इससे पहले राहुल वैद्य और जान कुमार सानू के बीच एक म्यूजिकल कॉन्सर्ट होता है जिसमें गाने से खुश होकर निक्की जान को किस कर देती हैं।
मनोरंजन / शौर्यपथ / उदित नारायण के बेटे आदित्य नारायण गर्लफ्रेंड श्वेता से शादी करने वाले हैं। उदित ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान बेटे की शादी पर अपना रिएक्शन दिया है। उदित ने कहा, मैं श्वेता को कई साल से जानता हूं लेकिन सिर्फ बेटे की दोस्त के तौर पर। आदित्य एक दिन मेरे पास आया और उसने मुझे बताया कि वह श्वेता से शादी करना चाहता है। मैंने आदित्य को सिर्फ इतना कहा कि आगे चलकर कुछ हुआ तो मम्मी-पापा को दोष मत देना।
उदित ने आगे कहा, 'हम आदित्य की शादी धूम-धाम से करना चाहते थे लेकिन कोरोना ने हमारी सभी ख्वाहिशों पर पानी फेर दिया। कम लोगों के बीच ही मुंबई में शागी होगी। मैं तो चाहता था कि आदित्य की शादी का सेलिब्रेशन ग्रैंड तरीके से करूं और कई लोगों को बुलाऊं। लेकिन मैं सरकार के फैसले के खिलाफ नहीं जाऊंगा। उम्मीद करता हूं कि दिसंबर तक सिचुएशन ठीक हो जाए ताकि इकलौते बेटे की शादी को एंजॉय कर सकूं।Ó
इससे पहले आदित्य ने बताया था कि वह 1 दिसंबर को श्वेता से शादी करेंगे। कोविड 19 की वजह से वह सिर्फ परिवार और करीबी दोस्तों के बीच शादी करेंगे क्योंकि महाराष्ट्र में 50 से ज्यादा मेहमान की अनुमति नहीं है। आदित्य ने कहा, 'हम मंदिर में बहुत ही सिंपल तरीके शादी करेंगे। आगे सिचुएशन बेहतर होती है तो हम तब बड़ी रिस्पेशन पार्टी देंगे।Ó
श्वेता, आदित्य को समझती थीं वुमनाइजर
आदित्य ने बताया कि शुरुआत में श्वेता को वह वुमनाइजर लगते थे। श्वेता को लगता था आदित्य लड़कियां घुमाते हैं। लेकिन जब श्वेता ने आदित्य को अपने परिवार के साथ देखा तो तब उन्हें समझ आया कि आदित्य एक फैमिली मैन हैं। इसके बाद श्वेता को एहसास हो गया था कि मुझे भी रिश्तों की कद्र है।
श्वेता के साथ अपनी पहली डेट के बारे में बताते हुए आदित्य ने कहा था, हम दोनों फिल्म शापित के सेट पर मिले थे। एक दिन मैंने श्वेता को बोला कि साथ में लंच करते हैं, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। फिर मेरी मां ने श्वेता को समझाया था कि हम दोनों साथ में काम कर रहे हैं तो हमें लंच पर जाना चाहिए। हम साथ में गए, लेकिन वह वहां मुंह फुलाए बैठी थी।
धर्म संसार / शौर्यपथ / नवरात्रि का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित होता है। नवरात्रि के 9 दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। कहते हैं कि मां ब्रह्मचारिणी को हरा रंग बेहद प्रिय होता है। माना जाता है कि मां ब्रह्मचारिणी को हरे रंग का भोग अर्पित करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही भक्त की मन की मुरादें भी पूरी होती हैं। मां ब्रह्मचारिणी की कृपा से सिद्धी की प्राप्ति होती है। तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम पाने के लिए देवी ब्रह्मचारिणी की उपासना की जाती है।
इनका पूजन मंत्र है-
दधाना करपाद्माभ्याम, अक्षमालाकमण्डलु।
देवी प्रसीदतु मयि, ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।
मां ब्रह्मचारिणी के पूजन में हरे वस्त्रों को धारण करें। हरा रंग आध्यात्मिक ज्ञान का प्रतीक है। हरा रंग प्रकृति, शांति और प्रगति का प्रतीक है। साथ ही साथ यह नई शुरुआत का भी प्रतीक है। सच्चे मन से मां ब्रह्मचारिणी का पूजन करें। मां सभी मनोकामनाएं पूर्ण करेंगी।
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। यहां ब्रह्म का अर्थ तपस्या से है। शास्त्रों के अनुसार ब्रह्मचारिणी का अर्थ तप की चारिणी यानि तप का आचरण करने
वाली बताया गया है। मां ब्रह्मचारिणी के एक हाथ में जप की माला है और बाएं हाथ में कमंडल है। नारद जी के आदेशानुसार भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए देवी ने वर्षों तक कठिन तपस्या की। एक हजार वर्षों तक माता ने सिर्फ फल-फूल खाकर जावन यापन किया।
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा आज, अपनों को माता की भक्ति से भरें भेजें ये इमेज और स्रूस्
नवरात्रि का त्योहार 17 अक्टूबर, 2020 से शुरू हो चुका है। आज नवरात्रि का दूसरा दिन है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के देवी ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शंकर को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कई हजार सालों तक ब्रह्मचारी रहकर घोर तपस्या की थी। उनकी इस कठिन तपस्या के कारण ही उनका नाम तपचारिणी यानी ब्रह्मचारिणी पड़ गया। नवरात्रि के पर्व की लोग अपनों को माता की भक्ति से भरे मैसेज और इमेज से बधाई देते हैं। हम आपको बता रहे हैं ऐसे कुछ स्रूस्, इमेज और मैसेज जिनसे आप नवरात्रि के दूसरे दिन की दे सकते हैं बधाई-
1. जब जब याद किया तुझे ए मां
तूने आंचल में अपने आसरा दिया.
कलयुगी इस जहां में, एक तूने ही सहारा दिया.
शुभ नवरात्रि।
2. जब जब याद किया तुझे ए मां
तूने आंचल में अपने आसरा दिया.
कलयुगी इस जहां में, एक तूने ही सहारा दिया.
शुभ नवरात्रि।
3. मां अम्बे आपको
सुख समृद्धि वैभव ख्याति प्रदान करें.
जय माता दी.
नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं।
4. लाल रंग की चुनरी से सजा मां का दरबार
हर्षित हुआ मन, पुलकित हुआ संसार
नन्हें-नन्हें कदमों से मां आए आपके द्वार
इस नवरात्रि यही हैं हमारी दुआ
जय माता दी.
हैप्पी नवरात्रि 2020
5. माता रानी वरदान ना देना हमें,
बस थोड़ा सा प्यार देना हमें,
तेरे चरणों में बीते ये जीवन सारा,
एक बस यही आशीर्वाद देना हमें
आप सभी को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं
शुभ नवरात्रि 2020
6. जब दु:ख बढ़ जाता हैं,
हल कहीं नहीं मिल पाता हैं,
तब वो मां के दरबार आता हैं,
चेहरे पर मुस्कान लेकर जाता हैं।
हैप्पी नवरात्रि 2020
आस्था / शौर्यपथ /और शक्ति का प्रतीक शारदीय नवरात्रि का उत्सव 17 अक्तूबर से शुरु हो चुका है। नवरात्रि के दौरान पूरे 9 दिन प्रसाद के रूप में मां को अलग-अलग चीजों का भोग लगाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के हर दिन अलग रंग पहनकर मां की अराधना करने से भी व्यक्ति को विशेष फल की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं नवरात्रि के 9 दिनों में किस दिन कौन से रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
पहले दिन-
नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप माता शैलपुत्री की पूजा होती है। इस दिन मां के भक्तों को पीले रंग के वस्त्र पहनने चाहिए।
दूसरा दिन-
नवरात्रि के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। इस दिन भक्तों को हरे रंगे के वस्त्र पहनने चाहिए।
तीसरा दिन-
नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। इस दिन भक्तों को भूरे रंग के वस्त्र पहनने चाहिए।
चौथा दिन-
नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा की जाती है। इस दिन भक्तों को नारंगी रंग के वस्त्र पहनने चाहिए।
पांचवा दिन-
नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। इस दिन भक्तों को सफेद रंग के वस्त्र पहनने चाहिए।
छठा दिन-
नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इस दिन भक्तों को लाल रंग के वस्त्र पहनने चाहिए।
सातवां दिन-
नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। इस दिन भक्तों को नीले रंग के वस्त्र पहनने चाहिए।
आठवां दिन-
नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। इस दिन भक्तों को गुलाबी रंग के वस्त्र पहनने चाहिए।
नौवें दिन-
नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इस दिन भक्तों को जामुनी रंग के वस्त्र पहनने चाहिए।
ख़ास बात ....
सेन्टर फाॅर माॅनिटरिंग इंडियन इकानामी के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी की दर घटकर हुई 2 प्रतिशत
देश में असम के बाद छत्तीसगढ़ में सबसे कम बेरोजगारी की दर
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी की दर सितंबर 2020 में घटकर 2 प्रतिशत रह गयी है, जो राष्ट्रीय स्तर पर देश में बेरोजगारी की दर 6.8 प्रतिशत से काफी कम है। देश में शहरी क्षेत्रों में यह दर 7.9 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 6.3 प्रतिशत रही। सेन्टर फाॅर माॅनिटरिंग इंडियन इकानामी (सीएमआईई) द्वारा 16 अक्टूबर को जारी बेरोजगारी दर के ताजा आंकड़ों के अनुसार बेरोजगारी की दर असम में 1.2 प्रतिशत के बाद छत्तीसगढ़ में सबसे कम 2 प्रतिशत है। जो देश के बड़े और विकसित राज्यों से काफी कम है।
राजस्थान में बेरोजगारी की दर 15.3 प्रतिशत, दिल्ली में 12.2 प्रतिशत, बिहार में 11.9 प्रतिशत, हरियाणा में 19.1 प्रतिशत, पंजाब में 9.6 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 4.5 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 9.3 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 4.2 प्रतिशत, झारखण्ड में 8.2 प्रतिशत, ओडिसा में 2.1 प्रतिशत है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों और फैसलों से छत्तीसगढ़ में उद्योगों सहित कृषि क्षेत्र में गतिविधियां तेजी से संचालित हो रही हैं, जिससे छत्तीसगढ़ में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं और बेरोजगारी की दर में कमी दर्ज की जा रही है। इसके पहले छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी की दर जून माह में 14.4 से घटकर जुलाई माह में 9 प्रतिशत के स्तर पर आ गयी थी। राज्य सरकार द्वारा लिए गए फैसलों से कोरोना काल में भी राज्य में लोगों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर रखा गया।
छत्तीसगढ़ में अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह से ही औद्योगिक गतिविधियां प्रारंभ हो गई थी। वर्तमान में लगभग शत-प्रतिशत उद्योगों में कोरोना से रोकथाम और बचाव के साथ काम शुरू हो गया है। अच्छी बारिश से राज्य में कृषि की गतिविधियों में तेजी आयी है। मनरेगा में अधिक से अधिक रोजगार मूलक कार्यों के संचालन और लघुवनोपज की खरीदी से प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़े। राजीव गांधी किसान न्याय योजना सहित किसान हितैषी योजनाओं तथा जनकल्याणकारी फैसलों से उत्साहजनक वातावरण बना है। अनलॉक होते ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था ने गति पकड़ी, जिसकी वहज से छत्तीसगढ़ में जीएसटी कलेक्शन बढ़ा, ऑटोमोबाईल, कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में तेजी आयी।
शौर्यपथ / केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि समाचार पत्र पूरी तरह सुरक्षित हैं। ये कोरोना वायरस के प्रसार का स्रोत नहीं हैं। सोशल मीडिया पर संडे संवाद के दौरान उन्होंने यह बात कही। उन्होंने लोगों से अपील की कि त्योहारों के मौसम में कोरोना अनुकूल व्यवहार का पालन करें ताकि संक्रमण बढ़ने से रोका जा सके।
सुबह की चाय के साथ समाचार पत्र पढ़ने का अवसर नहीं मिलने के कारण आनंद की अनुभूति नहीं होने से संबंधित एक सवाल पर डॉ. हर्षवर्धन ने भरोसा दिलाया कि कोई ऐसा वैज्ञानिक प्रमाण नहीं, जो साबित कर सके कि समाचार पत्रों से कोरोना वायरस का प्रसार होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाचार पत्र पढ़ना कोविड-19 महामारी के दौरान भी पूरी तरह सुरक्षित है।
डॉ. हर्षवर्धन ने हाल ही में केरल में कोरोना मामलों में उछाल को लेकर अपने विचार साझा किए। केरल ओणम त्योहार के दौरान हुई घोर लापरवाही की कीमत भुगत रहा है। जब राज्य में अनलॉक अवधि के दौरान गतिविधियों जैसे व्यापार और पर्यटन के लिए अंतरराज्यीय यात्रा को शुरू किया जा रहा था, तब राज्य के विभिन्न जिलों में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई।
केरल की तस्वीर पूरी तरह बदल गई और दैनिक मामले दोगुना हो गए। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इससे उन सभी राज्यों को सबक लेना चाहिए, जो त्योहारों के मौसम के दिशा-निर्देश जारी करने में लापरवाह रहते हैं।
चीन के इस दावे पर कि पिछले वर्ष कई देशों में एक साथ कोरोना वायरस का फैलाव हुआ था, डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि इस बात का कोई प्रमाण नहीं है, जिससे इस दावे की वैधता साबित हो सके। हालांकि, चीन के वुहान को विश्व में कोरोना के पहले मामले की रिपोर्ट करने के लिए अब भी माना जाता है।
एफडीआई स्वीकृत पल्स ऑक्सीमीटर खरीदने की सलाह
बाजारों में चीन द्वारा निर्मित ऑक्सीमीटर की भरमार होने के एक प्रश्न के उत्तर में डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि उपभोक्ताओं को बाजार से या ऑनलाइन विक्रेताओं से पल्स ऑक्सीमीटर खरीदते समय एफडीए/सीई स्वीकृत उत्पादों और उनके साथ आईएसओ/आईईसी विनिर्दिष्टताओं को देखना चाहिए।
यद्यपि उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑक्सीजन स्तर में कमी कोविड-19 का लक्षण नहीं है, क्योंकि ऐसा कुछ अन्य चिकित्सीय स्थितियों के कारण भी हो सकता है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि राज्यों को दूसरे चरण का कोरोना पैकेज जारी कर दिया गया है। कुल 1352 करोड़ दिए गए हैं।
लाइफस्टाइल / शौर्यपथ /जानलेवा कोरोना वायरस के कारण जारी लॉकडाउन में इंसानी गतिविधियां कम होने का कुछ जीवों को फायदा भी मिला है। एक अध्ययन ने इस बात का खुलासा किया है कि इसी बदलाव के कारण पक्षियों के गाने का अंदाज में भी बदलाव आ गया है। महामारी ने इंसानों को घर में समेट कर रख दिया है। इसका दुनिया के कई शहरों में रहने वाले जीवों पर भी असर हुआ है।
कैल पॉली के शोधकर्ता जेनिफर फिलिप्स और नॉक्सविले में टेनेसी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एलिजाबेथ डेरीबेरी ने अपने शोध में यह खुलासा किया है। उन्होंने लॉकडाउन से पहले और बाद में सैन फ्रांसिस्को क्षेत्र सफेद गौरैया की ध्वनि और गीतों की तुलना की। उन्होंने पाया कि अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर की गलियां महामारी के चलते लगे लॉकडाउन के चलते शुरुआती महीनों में खाली हो गई थीं।
इस वजह से शोर बहुत कम होने से वहां गौरैया ने भी बदलते हालात के अनुसार अपने गाना की आवाज धीमी कर दी। ज्यादातर पक्षी अब बहुत मधुर और बेहतर अंदाज में गीत गाने लगे हैं। जब शहर में शोर ज्यादा था तो उन्हें तेज आवाज में गाना पड़ता था लेकिन जब ट्रैफिक रुकने से ध्वनि प्रदूषण कम हुआ तो अब पक्षी धीमी आवाज में और पहले से मधुर गीत गा रहे हैं।
शोधकर्ताओं का कहना है कि उनके इस अध्ययन से यह बात साफ हो गई है कि मानवीय व्यवहार और गतिविधियां सीधे तौर पर वन्य जीवों को प्रभावित करती हैं।
ख़ास बात ...
सुपेबेड़ा के डायलिसिस वाले मरीजों को अब नहीं आना पड़ेगा रायपुर
स्वास्थ्य मंत्री की पहल पर सुपेबेड़ा में पेरेटोनियल डायलिसिस के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और रायपुर एम्स का पायलट प्रोजेक्ट
रायपुर / शौर्यपथ / किडनी रोग से प्रभावित सुपेबेड़ा के लोगों को अब पेरेटोनियल डायलिसिस के लिए जरूरी फ्लूइड (Fluid) लेने रायपुर नहीं आना पड़ेगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की राज्य इकाई ने इसके लिए फ्लूइड अब देवभोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही उपलब्ध करा दिया है। नियमित पेरेटोनियल डायलिसिस कराने वाले सुपेबेड़ा के एक मरीज को इसके लिए फ्लूइड 17 अक्टूबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से दिया गया। देवभोग में ही फ्लूइड मिलने से कोरोना संक्रमण के खतरों के बीच अब मरीजों को डायलिसिस के लिए बार-बार रायपुर नहीं आना पड़ेगा। किडनी के मरीजों में कोरोना संक्रमण घातक होता है। स्थानीय स्तर पर फ्लूइड मिलने से मरीजों और उसके परिजनों के रायपुर आने-जाने में लगने वाले समय, श्रम और धन की बचत होगी।
स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव की पहल पर सुपेबेड़ा के किडनी प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और एम्स रायपुर द्वारा पेरेटोनियल डायलिसिस के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।इसके तहत डायलिसिस के लिए एम्स द्वारा मरीज और उनके परिजनों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। देवभोग स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों एवं स्टॉफ को भी किडनी रोग के इलाज के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। ये डायलिसिस वाले मरीजों की नियमित निगरानी कर उनका फालो-अप लेंगे। सुपेबेड़ा में डायलिसिस के लिए जरूरी फ्लूइड की आपूर्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा की जा रही है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि सुपेबेड़ा के मरीजों के पेरेटोनियल डायलिसिस के लिए दो करोड़ 40 लाख रूपए का बजट स्वीकृत किया गया है। इसके अंतर्गत वहां 100 मरीजों के डायलिसिस का प्रबंध किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के परिणाम को देखते हुए जरूरत के अनुसार बजट बढ़ाया जाएगा। घर में किए जाने वाले पेरेटोनियल डायलिसिस के दौरान किसी तरह की समस्या आने पर मरीज को तुरंत उपचार के लिए देवभोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया जा सकता है। गंभीर मरीजों को वहां से रायपुर भी रिफर किया जाएगा।
खाना खजाना / शौर्यपथ / नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के भक्त मां को प्रसन्न करने के लिए कई चीजों का भोग लगाते हैं। आस्था और शक्ति के इस पर्व पर हर कोई मां को अपनी भक्ति और श्रद्धा से प्रसन्न कर लेना चाहता है। अगर इस नवरात्री आप भी माता के भोग के लिए कुछ अलग हटकर ट्राई करना चाहते हैं तो बना सकते हैं कच्चे केले का हलवा। यह बहुत ही टेस्टी रेसिपी है जो झटपट बनकर तैयार हो जाती है। तो आइए जानचे हैं कैसे बनता है कच्चे केले का हलवा।
केले का हलवा बनाने के लिए साम्रगी-
-3 कच्चे केले
-3-4 कप चीनी
-5 चम्मच घी
-1/5 कप दूध
-10-12 काजू
-10-12 बादाम
-25 किशमिश
-आधा चम्मच इलायची पाउडर
कच्चे केले का हलवा बनाने का तरीका-
कच्चे केले का हलवा बनाने के लिए सबसे पहले कच्चे केलों को उबालकर उन्हें पका लें। इसके बाद केलों के छिलके उतार कर अच्छे से मसल लें। अब कढ़ाई में 5 चम्मच देसी घी डालकर उसमें मसले हुए केले को डालकर मध्यम आंच पर पकाएं। केले का रंग सुनहरा होने पर या घी केले से अलग होने लगे तब आप इसमें चीनी और दूध डालकर, दो उबाल लगा दें। जब उबाल आ जाए तब इसमें आप काजू , बादाम और किशमिश डाल लें। हलवे के गाढ़ा होने तक इसे पकाएं। इसके बाद आप इसमें इलायची पाउडर डालें। आपका केले का हलवा बनकर तैयार है। हलवे के ऊपर ड्राई फ्रूट्स डालकर गार्निश करके सर्व करें।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
