August 06, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    मुंगेली / शौर्यपथ / बता दें कि 10-10-2020 को जिला मुख्यालय मुंगेली के रामगढ़ में बुजुर्ग महिला की हत्या कर व 5 लाख की लूट का मामला सामने आया था। ज्ञात हो कि प्रार्थी लक्छमण साहू उम्र 63 वर्ष साकिन महामाया मंदिर के पास रामगढ़ थाना सिटी कोतवाली रामगढ़ ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि रात करीब एक बजे दो नकाब पोस व्यक्ति मेरे घर के अंदर आकर मेरा गला दबाकर मुझे बेहोश कर दिये एवं मेरी पत्नी खोरबहरीन साहू का गला दबाकर हत्या कर घर में रखे 5 लाख रुपये लूट कर ले गये।ज्ञात हो कि बुजुर्ग दंपति रामगढ़ में अपने घर पर अकेले निवास करते थे ,जिनका कोई नहीं था ,नि:संतान दंपति कुछ दिन पहले ही अपनी जमीन बेचा था जिसका कुछ पैसा उनको मिला था जिसकी जानकारी हत्यारों को लग गई थी ,जिसकी लूट का योजना बनाकर 10 अक्टूबर को रात के अंधेरे में लूट व हत्या को अंजाम दिये ।
    लूट व हत्या का सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार कुजूर के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश्वर चंदेल , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सी डी तिर्की, एस डी ओ पी तेजराम पटेल के मार्ग दर्शन पर पुलिस अपराधियों की पता साजी में जुट गई ,महज 5 दिनों में पुलिस ने शक के आधार पर उमेश कुमार विश्वकर्मा पिता किशोर विश्वकर्मा 31वर्ष ,टेक राम यादव पिता अनुज यादव 19 वर्ष ,अनिल यादव पिता चंद्रिका यादव 26 वर्ष ,कलेश्वर दास पिता संतोष दास 19 वर्ष ,हत्यारों को रुपये 4,60,000 साथ में 02 मोटर साइकिल ,,03 मोबाइल , पलास आदि वस्तुओं के साथ खोज निकाला व अपराध क्रमांक 602/20 धारा 450 ,302 ,304 ,394 -34 लगाकर गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड में जेल भेज दिया गया ।
    पुलिस अधीक्षक एस पी कुजूर ने अपराधियों के पतासाजी में लगे हुए पुलिस कर्मचारियों को उनके सफलता पूर्वक काम को देखकर साथ ही उनका उत्साहवर्धन हेतु खुद अपनी ओर से 10000 रुपये की राशि प्रदान किये ।
    इस कार्रवाहि में मुख्य रूप से एस डी ओ पी तेज राम पटेल , थाना प्रभारी सिटी कोटवाली विश्वजीत सिंह ,उप निरीक्षक शिव कुमार कोशरिया ,उप निरीक्षक संजीव ठाकुर ,सउनि बी. आर. राजपूत ,मनीष सिंह ,दिलीप प्रभाकर ,दिलीप साहू, दयाल गावस्कर ,संजय यादव ,गिरिराज परिहार ,रवि जांगड़े का सराहनीय योगदान रहा ।

    मुंगेली / शौर्यपथ / देश भर में आज बलात्कार ज्वलंत मुद्दा है , इसे लेकर हर तरफ चर्चा होने के बाद भी ऐसे मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। खासकर प्रेम संबंधों के बाद बने शारीरिक संबंधों में उलझन आते ही जिस तरह से बलात्कार के मामले दर्ज कराए जा रहे हैं वह चिंताजनक है। मुंगेली क्षेत्र में डेरहा कापा, थाना लालपुर में रहने वाली 24 वर्षीय युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बिल्हा निवासी सूर्यकांत भरद्वाज ने शादी का प्रलोभन देकर , मना करने के बावजूद उससे शारीरिक संबंध बनाया।
    इस मामले में पुलिस ने जांच प्रक्रिया पूरी कर धारा 376 के तहत मामला पंजीबद्ध किया और फिर 12 घंटे के भीतर ही आरोपी सूर्यकांत भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया। युवती ने स्वयं आरोप लगाया है कि युवक ने उसे शादी का प्रलोभन दिया था , अर्थात अगर उसके साथ जबरदस्ती करने के बाद भी सूर्यकांत भारद्वाज उससे शादी कर लेता तो युवती को इस बलात्कार से कोई आपत्ति नहीं थी लेकिन अब शादी से मुकरने की वजह से पीड़ित युवती नाराज है, जिस कारण से उसने सूर्यकांत के ऊपर बलात्कार का गंभीर आरोप लगाया है । पुलिस ने भी कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

    भिलाईनगर / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम, भिलाई क्षेत्रांन्तर्गत गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी केन्द्रों में गोबर से कंडे तैयार किए जा रहे हैं। तैयार किए जा रहे कंडे की तादाद बढ़ती जा रही है। प्रत्येक जोन में इसका कार्य तीव्रता से हो रहा है। महिला समूहों द्वारा बनाये जा रहे कंडे की विक्रय की व्यवस्था निगम ने प्रारंभ कर दिया है। आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने आज अपने निरीक्षण के दौरान उपायुक्त एवं नोडल अधिकारी गोधन न्याय योजना अशोक द्विवेदी को इसके कार्ययोजना तैयार करने को लेकर निर्देशित किया है। आयुक्त रघुवंशी गोधन न्याय योजना को लेकर बेहद गंभीर है, शासन के मुख्य योजना पर कोई भी लापरवाही नही चाहते है। इसके संर्दभ में उन्होंने जोन आयुक्तों को कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिये है। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त तरुण पाल लहरें मौजूद रहे!
    पर्यावरण प्रदूषण कम करने के कारगार साबित होगा गोबर का कंडा
    प्रत्येक जोन क्षेत्रों में तीव्र गति से गोबर से कंडे बनाये जाने का काम किया जा रहा है। जोन कं. 02 एवं 03 को अधिक से अधिक कंडे तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। मुक्तिधाम में कंडे से दाह संस्कार होने से प्रदूषण में कमी आयेगी। लकड़ी का उपयोग कम होगा। कंडा की खासियत यह है कि यह पूरी तरह से जल जाता है, राख के अलावा कोई भी अवशेष नहीं बचता। गोबर और भूंसे के इस्तेमाल से बना कंडा तीव्रता से जलता है। जिसका उपयोग मुक्तिधाम में लकड़ी के साथ किया जाता रहा है। अब स्व सहायता समूह की महिलाओं से गोबर कंडा खरीद कर मुक्तिधाम में इसका व्यापक उपयोग निगम भिलाई करेगा!
    महिलाओं को रोजगार मिलने के साथ राजस्व की होगी बचत
    गोबर से बने कंडे को निगम खरीदेगी और इसका उपयोग दाह संस्कार के लिए रामनगर और छावनी मुक्तिधाम में किया जाएगा। 2रू प्रतिकिलो की दर से क्रय किये जा रहे गोबर से कंडे तैयार करने में आ रही लागत का आंकलन व प्रचलित बाजार दरो की तुलना करते हुए निगम कंडे क्रय करके मुक्तिधाम में दाह संस्कार के लिये उपयोग करेगी। महिलाओं को कंडे बेचने से प्राॅफिट भी होगा और रोजगार भी मिलेगा। लकड़ी खरीदी में लागत अधिक लगता है इसमें भी कमी आयेगी इससे निगम का राजस्व भी बचेगा। रामनगर मुक्तिधाम में अक्टूबर माह के डेथ रेट में कमी आई है, एक शव के लिये लगभग 300 कंडे की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया है!

    मोदी सरकार की तानाशाही और सौतेले व्यवहार के आगे अपना मुंह नही खोल पा रहे है भाजपा के नौ सांसद
    मुँह में दही जमा कर बैठे है भाजपा सांसदो की हरकत से प्रदेश की जनता आहत है, दुःखी है
    केंद्रीय ग्रामीण स्वामित्व योजना में छत्तीसगढ़ राज्य को शामिल नहीं किया गया है जबकि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश सहित हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश को शामिल किया गया है
    किसान सम्मान निधि का लाभ छत्तीसगढ़ राज्य को मोदी सरकार विवरण नहीं दिया जा रहा है राज्य में 34 लाख किसानों की सूची भेजी गई थी और मोदी सरकार द्वारा 18 लाख को शामिल नहीं किया गया
    वन नेशन वन राशन कार्ड के दूसरे चरण में छत्तीसगढ़ राज्य को शामिल नहीं करना मोदी सरकार का सौतेला व्यवहार है

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लगातार प्रदेश की उपेक्षा की जा रही है और छत्तीसगढ़ राज्य को अपमानित किया जा रहा है। कोरोना कोविड-19 महामारी के कठिन समय में पूरा देश और प्रदेश आर्थिक तंगी से जूझ रहा है और विषम परिस्थितियों को भी नजरअंदाज करते हुए मोदी सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य को उपेक्षित रखा जा रहा है और सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा कोरोना महामारी से निपटने, प्रदेश को विकास की पटरी में लाने और आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए 30 हजार करोड़ की मांग प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर की गई थी, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा राशि देना तो दूर छत्तीसगढ़ राज्य का हक का पैसा भी नही दिया जा रहा है। राजनीतिक प्रतिशोध के कारण यह व्यवहार किया जा रहा है।

    कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार की चौथी बड़ी योजना केंद्रीय ग्रामीण स्वामित्व योजना में छत्तीसगढ़ राज्य को शामिल नहीं किया गया है जबकि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश सहित हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश को शामिल किया गया है। यह छत्तीसगढ़ राज्य की उपेक्षा का सीधा जागता उदाहरण है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में भी छत्तीसगढ़ राज्य की उपेक्षा की गई जबकि कोरोना महामारी के समय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अथक मेहनत और प्रयासों के बाद पांच लाख से अधिक श्रमिक छत्तीसगढ़ राज्य में वापस लौटे। किसान सम्मान निधि योजना का लाभ भी छत्तीसगढ़ राज्य को नहीं दिया जा रहा है राज्य के द्वारा 34 लाख किसानों की सूची केंद्र को भेजी गई थी जिसमें 18 लाख किसानों को शामिल नही किया गया। अन्य योजनाओं और टैक्स से लेकर अनुदान तक देने में भेदभाव किया जा रहा है। टैक्स के शेयर के रूप में प्रदेश को 26 हजार करोड़ मिलने थे और मोदी सरकार द्वारा मात्र 10 हजार करोड़ ही प्रदान किया गया है। जीएसटी की क्षतिपूर्ति में भी छत्तीसगढ़ राज्य की अनदेखी की गई है, राज्य को 9 हजार करोड़ रुपए मिलने से लेकिन इस वर्ष मात्र 350 करोड़ ही जारी किए गए हैं। जबकि कोरोना महामारी के समय जीएसटी संकलन में छत्तीसगढ़ राज्य पूरे देश में दूसरे स्थान पर रहा है।

    प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि आदिवासियों के नाम पर घड़ियाली आंसू रोने वाले भारतीय जनता पार्टी के द्वारा प्रदेश में बांटे जाने वाले वन अधिकार पट्टा बांटने की योजना में भी छत्तीसगढ़ राज्य की उपेक्षा की गई है और भाजपा शासित राज्यों को तवज्जो दिया गया है। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के साथ किए जा रहे हैं सौतेले व्यवहार पर भाजपा के प्रदेश के 9 सांसद चुप्पी साध रखे हैं उनके मुंह पर दही जमा हुआ है। जबकि छत्तीसगढ़ राज्य की जनता ने 11 में से 9 सांसदों को जीता कर इसलिए भेजा था ताकि वह केंद्र सरकार से प्रदेश के हित के लिए और उन्नति के लिए अथक प्रयास करेंगे। जबकि हो और इसका उल्टा रहा है छत्तीसगढ़ राज्य की जनता भाजपा सांसदों से यह पूछ रही है कि लगातार छत्तीसगढ़ राज्य की सुरक्षा पर वह खामोश क्यों है और मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ वह आवाज बुलंद क्यों नहीं कर रहे हैं? कोरोना महामारी के कारण प्रदेश को आर्थिक नुकसान पहुंच रहा है वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार के तानाशाही के कारण प्रदेश के हक को भी मारा जा रहा है।

    कोरोना संकट के समय युवाओं को रोजगार मिलने पर प्रभारी मंत्री ने की सराहना
    कोविड-19 पॉजिटिव मरीज के होम आइसोलेशन एवं मिशो ऑनलाईन शॉपिंग कॉल सेंटर के लिए दी जा रही सेवाएं

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / परिवहन, विधि विधायी, आवास एवं पर्यावरण, वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज टेडेसरा में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्थित आरोहण बीपीओ सेन्टर का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि कोरोना संकट के समय जिले के 242 युवाओं को रोजगार मिला है। इस अवसर पर उन्होंने मिशो ऑनलाईन शॉपिंग कॉल सेंटर का निरीक्षण किया, जहां 230 युवा कार्यरत है। उन्होंने कोविड-19 केयर कॉल सेंटर का भी अवलोकन किया जहां 12 युवाओं को रोजगार मिला है।
    कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। एसडीएम मुकेश रावटे ने बताया कि होम आइसोलेशन के लिए कॉल सेंटर की मदद ली जा रही है। जिसके अच्छे परिणाम रहे हैं और व्यवस्थित तरीके से कार्य किया जा रहा है। कॉल सेंटर से मरीज की वास्तविक स्थिति का पता लगाकर उन्हें दवाई पहुंचाने तथा एम्बुलेंस जैसी कारगर सेवाएं दी जा रही है। इसमें उपभोक्ताओं को आरोहण बीपीओ सेंटर का नंबर दिया गया है।
    इस अवसर पर टेक्नोटॉस्क बिजनेस सोल्यूशन प्रायवेट लिमिटेड कंपनी के राहुल दीक्षित ने बताया कि मिशो ऑनलाईन शॉपिंग कॉल सेंटर में ग्राहकों की जिज्ञासाओं के समाधान फोन पर दिए जाते हैं इस कार्य में 230 युवा कार्यरत है। वहीं कोविड-19 टेस्ट के डाटा एन्ट्री के कार्य भी टेक्नोटॉस्क के द्वारा किया जा रहा है। जिसमें मरीजों की जानकारी को स्वास्थ्य विभाग के यूआरएल पर अपडेट किया जाता है। होम क्वारेंटाईन के मरीजों को कॉल सेंटर द्वारा सहायता एवं मदद दी जा रही है एवं ऐसे मरीज हॉस्पिटल जाना चाहते हैं उनके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय भी किया जा रहा है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तनुजा सलाम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, सीएसईबी के कार्यपालन अभियंता श्री आर के मूर्ति, एसडीएम मुकेश रावटे, डीपीएम गिरीश कुर्रे, ई-जिला प्रबंधक सौरभ मिश्रा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    पटवारी को मुख्यालय में रहने तथा उनके कार्यों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए
    खैरागढ़ एवं डोंगरगांव अनुविभाग में कार्य में निष्क्रियता बरतने के कारण वहां तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को स्थानांतरित करने के निर्देश दिए

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / परिवहन, विधि विधायी, आवास एवं पर्यावरण, वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कोविड-19, खनिज संस्थान न्यास निधि शासी परिषद (डीएमएफ) एवं विभागीय कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर संसदीय सचिव श्री इन्द्रशाह मंडावी, अध्यक्ष अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू, अध्यक्ष अनुसूचित जाति क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं डोंगरगढ़ विधायक भुनेश्वर बघेल, खैरागढ़ विधायक देवव्रत सिंह, विधायक प्रतिनिधि लीलाराम भोजवानी, महापौर श्रीमती हेमा देशमुख, कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक डी श्रवण उपस्थित थे।
    प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने कोविड-19 के संबंध में की गई व्यवस्था की जानकारी ली। कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि जिले में 4 मोबाईल मेडिकल यूनिट संचालित है। जिसमें बस में डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन, फार्मास्टि एवं नर्स की टीम कोविड-19 के मरीजों का परीक्षण कर रही है। मंत्री मोहम्मद अकबर ने होम क्वारेंटाईन के संबंध में भी जानकारी ली।
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि जिले में कोविड-19 प्रकरणों में कुल कोरोना पॉजिटिव प्रकरण 10223, स्वस्थ होकर डिस्चार्ज, 8682, सक्रिय प्रकरण 1456 है तथा 85 लोगों की मृत्यु हो गई है। जिले में कोविड-19 संक्रमण से रोकथाम एवं बचाव के लिए एक युद्ध कोरोना के विरूद्ध, मुख्यमंत्री शहरी स्लम कार्यक्रम, कोरोना मुक्त ग्राम पंचायत एवं कोरोना मुक्त वार्ड का संचालन, कोरोना सघन सामुदायिक सर्वे अभियान तथा कोरोना सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
    प्रभारी मंत्री ने कहा कि खनिज विभाग निर्माण कार्य एजेंसी को पत्र भी जारी करें, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ हो सके। एसडीएम श्री मुकेश रावटे ने डीएमएफ के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीएमएफ में अभी वर्तमान में 9 करोड़ रूपए की राशि है जिसे खनिज प्रभावित प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष क्षेत्रों के विकास के लिए कार्य किया जाना है। प्रभारी मंत्री अकबर ने खैरागढ़ एवं डोंगरगांव अनुविभाग में कार्य में निष्क्रियता बरतने के कारण वहां के तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग के अविवादित नामांतरण, विवादित नामांतरण, अविवादित बंटवारा, विवादित बंटवारा, भुईयां साफ्टवेयर में राजस्व अभिलेखों का डिजिटलाईजेशन की समीक्षा की।
    अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय ने उन्हें राजस्व विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। प्रभारी मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पटवारी मुख्यालय में नहीं रहते उनकी शिकायतों को देखते हुए अधिकारियों को पटवारियों पर नियंत्रण रखने के लिए कहा और इनके कार्यों का सतत निरीक्षण करने कहा। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित करें कि पटवारी मुख्यालय में रहें। सभी अनुविभागों में पटवारियों की नियुक्ति में साम्यता होनी चाहिए। इस अवसर पर वामपंथ उग्रवाद (नक्सल प्रभावित) क्षेत्रों के लिए स्वीकृत राशि की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जनपद पंचायत को पंचायतों में निर्माण कार्य के लिए राजनांदगांव अनुविभाग से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इस अवसर पर कोरोना सुरक्षा सप्ताह के तहत कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की शपथ ली गई। इस मौके पर वनमंडलाधिकारी राजनांदगांव बीपी सिंह, वनमंडलाधिकारी खैरागढ़ रामावतार दुबे, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती तनुजा सलाम, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, जिला स्तरीय अधिकारी एवं सभी अनुविभागों के एसडीएम उपस्थित थे।

    भिलाईनगर/ शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र का एक ऐसा डंपिंग साइट जिसमें वर्ष 1995 से समस्त जोन क्षेत्र के कचरे को एकत्र कर निरंतर कचरा डाला जाता रहा है! यह डंपिंग साइट अब धीरे-धीरे समाप्ति की ओर है! भिलाई निगम के संपूर्ण क्षेत्र से निकलने वाला कचरा कुरूद के ट्रेंचिंग ग्राउंड में डाला जाता रहा है! वहां कचरा इस कदर जमा हो गया था कि 200-300 मीटर के क्षेत्र में बदबू का आलम हो गया था! रहवासी परेशान थे! साथ ही इस रास्ते से गुजरना मुमकिन नहीं था! कचरे का ढेर 25 फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया था! इस स्थल पर वाहनों का आवागमन तो दूर व्यक्ति के खड़े होने की जगह नहीं बची थी! चारों ओर केवल कचरा ही कचरा नजर आता था!
    कचरे के ढेर के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरने के कारण आए दिन कचरे में आग लगने की शिकायत प्राप्त होने लगी! उस दौरान 300 टन कचरा प्रतिदिन पूरे निगम क्षेत्र से निकलकर सीधे ट्रेंचिंग ग्राउंड में पहुंचता था! तब एक भी एसएलआरएम सेंटर निगम क्षेत्र में नहीं बना था, जिससे कचरे का निष्पादन किया जाता! इन परिस्थितियों को देखते हुए महापौर एवं भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने कुरूद स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड के डंपिंग साइट को पूर्ण रूप से समाप्त करने का फैसला लेते हुए अधिकारियों को कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए! वर्ष 2016 में निगम क्षेत्र में पहला एसएलआरएम सेंटर नेहरू नगर ऑक्सीडेशन पॉन्ड में तैयार किया गया! जिसके तैयार होने से कचरे के ढेर में कमी होने लगी! एक एसएलआरएम सेंटर होने के कारण कुरूद का कचरा डंपिंग साइट को पूर्ण रूप से समाप्त करना एक बड़ी चुनौती थी!
    महापौर यादव के निर्देश पर वर्ष 2018 में डंपिंग साइट को पूर्णत: विलोपित करने का कार्य प्रारंभ किया गया! सिस्टम था बायोरेमेडीएशन जैसी आधुनिक तकनीक का! डंपिंग साइट समाप्त करने की कड़ी चुनौती को महापौर ने स्वीकार करते हुए कार्य प्रारंभ कराया और प्रतिदिन 10 टन कचरे की छनाई शुरू हुई, इसमें से 2 टन खाद के अलावा, पॉलिथीन तथा अन्य प्रकार के कचरे अलग अलग होते गए, कचरा का ढेर धीरे-धीरे समाप्त होने लगा! इसी बीच खुर्सीपार सहित अन्य क्षेत्रों में एसएलआर सेंटर का निर्माण हुआ! कुरूद स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड का कचरा धीरे-धीरे सिमटने लगा! ट्रेंचिंग ग्राउंड से निर्मित हुए खाद को विक्रय किया गया और अब तक 700 टन खाद तैयार होकर विक्रय हो चुका है, जिससे निगम को 15 लाख 40 हजार का राजस्व प्राप्त हुआ है!
    आयुक्त रघुवंशी ने निगम की पदस्थापना के बाद से ही इस पर फोकस किया और लगातार फीडबैक लेते रहे अब स्थिति यह है कि कुरूद स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड का कचरे का ढेर 80 से 90% तक समाप्त किया जा चुका है! संबंधित ठेकेदार ने बताया कि बचे हुए कचरे को जल्द ही समाप्त कर दिया जाएगा!

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्य मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और उसके सुनिश्चित क्रियांवयन के उद्देश्य से राज्य में पांचों संभाग में संभाग स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा मंडल का गठन किया गया है। इसका प्रावधान मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 की धारा 73 (3‌) के अनुसार है ।
    मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में गति लाने के उद्देश्य से राज्य में संभाग स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा मंडल का गठन किया गया है । इस समीक्षा मंडल का मुख्य कार्य मानसिक रोग से पीड़ित लोगों को गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करना है । इसके द्वारा मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत दी जाने वाली सेवाओं की समीक्षा भी सुनिश्चित की जायेगी । यह समीक्षा मंडल मानसिक स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करने वाले केंद्रों का निरीक्षण करेगा और उनकी गुणवत्ता पर भी ध्यान देगा साथ ही मानव संसाधनों की समस्या का भी निराकरण करेगा । इसके अतिरिक्त सभी स्तरों पर उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य के उपचार की व्यवस्था भी देखेगा।
    घरेलू हिंसा पीड़ितों, चिल्ड्रेन्स होम, वरिष्ठ नागरिक, डे-केयर शेल्टर होम्स के लिए मानसिक स्वास्थ्य उपचार की सुविधा प्रदान कराने में भी मदद करेगा जिससे । इसलिए यह कहा जा सकता है कि अब जरुरतमंद लोग अब मानसिक स्वास्थ्य से सम्बंधित रोगों का उपचार आसानी से करा सकेंगे ।
    रायपुर में संभाग स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा मंडल ज़िला न्यायधीश, अध्यक्ष होंगे,ज़िला मजिस्ट्रेट द्वारा मनोनित अधिकारी सदस्य होंगे, मंडल में डॉ.अविनाश शुक्ला,चिकित्सा अधिकारी,डॉ.सोनिया परियल, मनोचिकित्सक,डॉ. संजीव मेश्राम तथा ममता गिरी गोस्वामी और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने वाले एनजीओ के सदस्य को सदस्य बनाया गया है।
    वहीं दुर्ग संभाग में संभाग स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा मंडल जिला न्यायधीश अध्यक्ष होंगे, डिप्टी कलेक्टर,, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक जिला दुर्ग, डॉ. आकांक्षा गुप्ता, मनोचिकित्सक, डॉ प्रमोद गुप्ता,निजी रोग विशेषज्ञ, मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने वाले एनजीओ के सदस्य इसमें मंडल मे सदस्य होंगे ।
    बिलासपुर संभाग के समीक्षा मंडल में जिला न्यायधीश, अध्यक्ष होंगे, अपर कलेक्टर, जिला बिलासपुर डॉ.सतीश श्रीवास्तव, मनोरोग विशेषज्ञ,डॉ.प्रदीप सिहारे, शिशु रोग विशेषज्ञ, एस.पी चतुर्वेदी तथा प्रमोद वर्मा, मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्य करने वाले एनजीओ के सदस्य इस समिति में सदस्य होंगे ।
    बस्तर संभाग के संभाग स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा मंडल में जिला न्यायाधीश, अध्यक्ष होंगे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी,बस्तर डॉ.वत्सला मरियम,मनोचिकित्सक, डॉ.ऋषभ साव, मेडिकल प्रेक्टिशनर और अर्शिल शिक्षण एवं प्रशिक्षण वेलफेयर सोसायटी तथा आशीर्वाद मेंटल रिहैबिलिटेशन सेंटर जिला बस्तर और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने वाले एनजीओ के सदस्य इस समीक्षा मंडल में सदस्य होंगे ।
    सरगुजा संभाग की संभाग स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा मंडल में जिला न्यायधीश अध्यक्ष होंगे वही मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सरगुजा डॉ. पीके सिन्हा, चर्म रोग विशेषज्ञ, डॉ. पी.संदीप मनोचिकित्सक, श्रीमती नीतू शर्मा एवं अन्नि लकड़ा, होली क्रॉस आशा निकुंज हैंडीक्राफ्ट सेंटर मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने वाले एनजीओ के सदस्य समीक्षा मंडल में सदस्य होंगे ।

    लाइफस्टाइल /शौर्यपथ / क्या आप हर रात कुछ न कुछ सोचते रहते हैं और कई तरह के ख्याल आपकी नींद उड़ा देते हैं? अगर आपका जवाब हां है, तो आप मेडिटेशन के साथ अखरोट खाना शुरू कर दीजिए, इससे आपकी यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। आज हम आपको खाली पेट भिगाए हुए अखरोट खाने के फायदे बता रहे हैं।
    सूखे अखरोट की बजाय खाएं भीगा हुआ अखरोट
    अखरोट को कच्चा खाने की बजाए अगर भिगोकर खाया जाए, तो इसके फायदे कई गुणा बढ़ जाते हैं। इसके लिए रात में 2 अखरोट को भिगोकर रख दें और सुबह के समय खाली पेट इसे खा लें। यकीन मानिए भीगे हुए बादाम खाना जितना फायदेमंद है उतना ही फायदेमंद भीगे हुए अखरोट खाना भी है। भीगा हुआ अखरोट कई बीमारियों से निजात दिलाने में मदद करता है।
    डायबिटीज का खतरा करता है कम
    ब्लड शुगर और डायबिटीज से बचना चाहते हैं, तो भीगे हुए अखरोट का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। बहुत सी स्टडीज में यह बात सामने आयी है कि जो लोग रोजाना 2 से 3 चम्मच अखरोट का सेवन करते हैं, उनमें टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा कम हो जाता है। अखरोट ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है जिससे डायबिटीज का खतरा कम हो जाता है।
    पाचन शक्ति होती है बेहतर
    अखरोट फाइबर से भरपूर होता है, जो आपकी पाचन प्रणाली को दुरुस्त रखता है। पेट सही रखने और कब्ज से बचने के लिए फाइबर युक्त चीजें खानी जरूरी है। ऐसे में अगर आप रोजाना अखरोट का सेवन करते हैं, तो आपका पेट भी सही रहेगा और कब्ज भी नहीं होगा। भीगे हुए अखरोट को पचाना भी आसान हो जाता है।
    हड्डियों की मजबूती के लिए खाएं अखरोट
    अखरोट में ऐसे कई घटक और प्रॉपर्टीज पाए जाते हैं जो आपकी हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाते हैं। अखरोट में अल्फा-लिनोलेनिक ऐसिड पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत करने में मदद करता है। इसके अलावा, अखरोट में मौजूद ओमेगा-3 फैटी ऐसिड सूजन को भी दूर करता है।
    तनाव को दूर करने में कारगर
    अखरोट खाने से कई मायनों में आपका तनाव और स्ट्रेस कम होता है और आपको अच्छी नींद भी आती है। अखरोट में मेलाटोनिन होता है, जो बेहतर नींद लाने में मदद करता है। वहीं, ओमेगा-3 फैटी ऐसिड ब्लड प्रेशर को संतुलित कर तनाव से राहत दिलाता है। भीगे अखरोट खाने से आपका मूड भी अच्छा होता है और फिर ऑटोमैटिकली आपका स्ट्रेस कम हो जाता है।
    वेट लॉस करके आपको फिट रखता है अखरोट
    अखरोट वजन कम करने में अहम भूमिका निभाता है। ये बॉडी के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और आपकी बॉडी से एक्स्ट्राभ फैट कम करने में हेल्प करता है। इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन व कैलरी होती है, जो वजन को नियंत्रित रखने में मदद करती है। शोध में भी यह बात साबित हो चुकी है कि अखरोट का सेवन न सिर्फ वजन कम करता है, बल्कि उसे कंट्रोल में रखने में भी मदद करता है।

    खाना खजाना / शौर्यपथ / नवरात्रि में व्रत रखने के दौरान कई बार ऐसा होता है कि शरीर में कमजोरी हो जाती है जिसकी वजह से कभी-कभी चक्कर भी आने लगते हैं। ऐसे में बहुत जरूरी है कि अपने शरीर का भी ध्यान रखा जाए। आज हम आपको व्रत की ऐसी ही हेल्दी रेसिपी बता रहे हैं, जिसे व्रत के दौरान खाने से आपको कमजोरी और ज्यादा भूख भी नहीं लगेगी। रोजाना एक लड्डू के सेवन करने से आपकी इम्युनिटी भी बढ़ेगी।

     सिंघाड़े के आटे के फायदे
    सिंघाड़े में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन बी व सी, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस जैसे मिनरल्स, रायबोफ्लेबिन जैसे तत्व पर्याप्त मात्रा में मिलते हैं। आयुर्वेद में कहा गया है कि सिंघाड़े में भैंस के दूध की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक खनिज लवण और क्षार तत्व पाए जाते हैं। वैज्ञानिकों ने तो अमृत तुल्य बताते हुए इसे ताकतवर और पौष्टिक तत्वों का खजाना बताया है। इस फल में कई औषधीय गुण हैं, जिनसे शुगर, अल्सर, हृदय रोग, गठिया जैसे रोगों से बचाव हो सकता है। बुजुर्गों व गर्भवती महिलाओं के लिए तो यह काफी गुणकारी है।

    सामग्री :
    सिंघाड़े का आटा
    गुड़
    सोंठ पाउडर
    देसी घी
    काजू-बादाम

    विधि :
    सबसे पहले सिंघाड़े के आटे को छान लीजिए। अगर सिंघाड़े का आटा थोड़ा मोटा रहेगा तो लड्डू सोंधे बनेंगे।
    गुड़ को अच्छी तरह से फोड़ लीजिए। गुड़ में एक भी गांठ नहीं रहनी चाहिए।
    कटे हुए मेवे को तवे पर हल्का सा भून लीजिए।
    कड़ाही में करीब 150 ग्राम घी गर्म कर लीजिए। आपका करीब 100 ग्राम घी बचा रहेगा, इसका बाद में इस्तेमाल करेंगे।
    गैस की आंच मीडियम करके सिंघाड़े के आटे को अच्छी तरह से भून लीजिए। जब आटे से सोंधी खुशबू आने लगे और ये गुलाबी हो जाए तो समझिए की ये भून गया है।अब पिटे हुए गुड़ के ऊपर गरम-गरम सिंघाड़े के आटे को इस तरह से डालिए कि गुड़ पूरी तरह से ढक जाए। आटे की गर्मी से गुड़ नरम हो जाएगा और सिंघाड़े का लड्डू बनाने में आसानी होगी।आटे के ऊपर अब सोंठ, घी और मेवे डालकर चम्मच की मदद से अच्छी तरह मिला लीजिए। ध्यान रहे कि मिश्रण ठंडा होने से पहले ही आप इसे मिला लें।
    जब मिश्रण इतना गरम रह जाए कि आप इसे हाथ से छू सकें, तब इसे एक बार हाथ से भी अच्छी तरह मिक्स कर लीजिए।
    अब आपको फटाफट लड्डू बनाना है क्योंकि अगर मिश्रण ठंडा हो गया तो लड्डू बनाना मुश्किल हो जाएगा।
    दोनों हाथ से लड्डू बनाने की कोशिश करें इससे ये मिश्रण के गर्म रहते ही

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