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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
रायपुर/शौर्यपथ / उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने आज सूरजपुर जिला एवं सत्र न्यायालय का निरीक्षण किया। मुख्य न्यायाधीश का जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सूरजपुर श्री गोविन्द नारायण जांगड़े के साथ समस्त न्यायाधीश गण, कलेक्टर व अन्य राजस्व अधिकारियों द्वारा पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया। मुख्य न्यायाधीश ने जिला एवं सत्र न्यायालय सूरजपुर के कार्यालय, समस्त न्यायालयों, समस्त अनुभागों यथा- न्यायिक अभिलेखागार, लाईब्रेरी, वीडियो कॉन्फ्रेसिंग रूम, सर्वर रूम, कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रतिलिपि अनुभाग, नजारत अनुभाग, न्यायालय स्थित महिला एव पुरूष बंदी गृह का निरीक्षण किया गया। उन्होंने जिला न्यायालय परिसर सूरजपुर की साफ सफाई व अन्य व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इसी प्रकार साफ-सफाई व अन्य व्यवस्था रखे जाने हेतु जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निर्देशित किया।
निरीक्षण उपरान्त जिला अधिवक्ता संघ के सदस्यों के अनुरोध पर मुख्य न्यायाधीश जिला अधिवक्ता संघ सूरजपुर अधिवक्ता संघ के कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। जिला अधिवक्ता संघ सूरजपुर के अध्यक्ष श्री जी.एस. मिश्रा वरिष्ठ अधिवक्ता श्री बी.एन. तिवारी द्वारा मुख्य न्यायाधीश का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि बार और बेंच के संबंध अच्छे रहे साथ ही उन्होंने सूरजपुर के संघ के प्रति खुशी जाहिर करते हुये न्यायालय की साफ सफाई और व्यवस्था के प्रति प्रसन्नता व्यक्त की। मुख्य न्यायाधीश तथा रजिस्ट्रार जनरल द्वारा न्यायालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया।
इस अवसर पर श्री अरविन्द कुमार वर्मा रजिस्ट्रार जनरल, श्री एम.व्ही.एल.एन. सुब्रम्यणम अतिरिक्त रजिस्ट्रार, श्री रविन्द्र सिंह नेगी प्रोटोकॉल ऑफिसर, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के साथ जिला स्थापना सूरजपुर के न्यायिक अधिकारी गण उपस्थित थे।
सीजीएमपी न्यूरोकॉन 2023 कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश की भारत के नक्शे में स्थिति ऐसी है कि यहां एक बड़ा मेडिकल हब बनने की असीम संभावनाएं हैं। यहां की भौगोलिक स्थिति और वातावरण स्वास्थ्य के अनुकूल है। वे आज शाम राजधानी रायपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित 21 वें सीजीएमपी न्यूरोकॉन 2023 कार्यक्रम के संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने वरिष्ठ न्यूरोसर्जन द्वारा लिखी पुस्तक ’ब्रेन डेथ, ऑर्गन डोनेशन और ट्रांसप्लांटेशन’ का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कार्यक्रम में आगे कहा कि पिछले पौने पांच सालों में हमने छत्तीसगढ़ में बड़ा मेडिकल-नेटवर्क स्थापित करने में कामयाबी हासिल की है। यहां शासकीय और निजी क्षेत्र के मेडिकल संस्थानों ने अद्भुत तालमेल और प्रतिभा से इस उपलब्धि को हासिल किया है। प्रदेश में न्यूरो चिकित्सा के क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाएं सुलभ हुई है और विशेषज्ञ चिकित्सकों का लाभ छत्तीसगढ़ के मरीजों को लगातार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 5 साल पहले यह स्थिति थी कि मलेरिया से लोगों की जानें जाती थी, मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने में हम सफल हुए हैं। आज हाट-बाजार क्लिनिक योजना से स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है और दूर-दराज के इलाकों तक स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा बढ़ा है। मुझे यह कहते हुए गर्व होता है कि आज हमारे यहां चिकित्सा के क्षेत्र में एक मजबूत अधोसंरचना भी तैयार हो चुकी है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब नक्सलियों पर बात नहीं होती बल्कि कृषि, संस्कृति, सामाजिक उत्थान और नए छत्तीसगढ़ को लेकर बातें हाती है जिससे प्रदेश की नई पहचान बनी है। कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष श्री गौतम चौड़रिया और वरिष्ठ चिकित्सक श्री एस एन मढ़रिया और श्री संदीप दवे ने भी संबोधित किया।
केंद्रीय जेल सहित बाल संप्रेषण गृह, नारी निकेतन पहुंचकर व्यवस्थाओं का लिया जायजा, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
रायपुर/शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने जिला सरगुजा प्रवास के दौरान जिला न्यायालय का निरीक्षण किया। उन्होंने जिला कोर्ट के प्रत्येक शाखा जैसे नकल रूम, रिकॉर्ड रूम समस्त सेशन कोर्ट व्यवहार न्यायालय का निरीक्षण करने के बाद जिला अधिवक्ता संघ के साथ बैठक ली। इस दौरान उन्हें शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि अम्बिकापुर में जिला न्यायालय में लगभग 46 करोड़ रूपए की लागत से कंपोजिट बिल्डिंग निर्माण कार्य किया जाएगा, स्वीकृति हेतु शासन को पत्र भेज दिया गया है।
इस दौरान श्री सिन्हा ने अम्बिकापुर में मां महामाया मंदिर दर्शन करने के बाद केंद्रीय जेल का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पुरुष बंदीगृह के सभी बैरकों और महिला बंदीगृह का निरीक्षण किया। इसके साथ ही जेल के अस्पताल का भी निरीक्षण किया। मुख्य न्यायाधीश ने जेल में स्थायी रूप से चिकित्सक की नियुक्ति और बंदियों को दिए जा रहे दवाई की जानकारी ली।
चीफ जस्टिस श्री सिन्हा ने जेल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम, विधिक प्रकोष्ठ का निरीक्षण कर जानकारी ली। इसके साथ ही जेल की कैंटीन, बंदियों की ओर से संचालित बुनाई कक्ष, शिक्षा केन्द्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जेल अधीक्षक से महिला बंदियों के रह रहे बच्चों को मिलने वाली सुविधाएं जैसे कि स्वास्थ्य, शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए व्यवस्था की जानकारी ली और आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने के दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही वे बाल संप्रेषण गृह में औचक निरीक्षण पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बच्चों से बात कर बाल संप्रेक्षण गृह मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान बाल संप्रेषण गृह की कमरों की स्थिति की जांच की। साथ ही बिल्डिंग मेंटनेंस कराने के दिशा-निर्देश दिए। मुख्य न्यायाधीश ने बाल संप्रेषण गृह बालिका एवं नारी निकेतन का निरीक्षण कर वहां मौजूद महिलाओं से बात कर सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायाधीश के साथ रजिस्ट्रार जनरल श्री अरविन्द कुमार वर्मा तथा एडिशनल रजिस्ट्रार कम पीपीएस श्री एम.बी.एल.एन सुब्रहमन्यम भी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि मुख्य न्यायाधीश अपने कुछ माहों के कार्यकाल में ही राज्य के अधिकांश जिला न्यायालयों का भौतिक निरीक्षण करते हुए अधोसंरचना व व्यवस्था में सुधार हेतु अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किये हैं जिसके परिणामस्वरूप कार्य व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन भी दिखाई देना शुरू हो गया है।
रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा कोराना वरियर्स के सम्मान में ‘लड़े हैं जीते हैं‘ कार्यक्रम का आयोजन
रायपुर/शौर्यपथ / उपमुख्यमंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने अंबिकापुर के पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में ‘लड़े हैं जीते हैं’ कार्यक्रम में सरगुजा के लगभग एक हजार से अधिक कोरोना वारियर्स को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ ने कोविड काल में बेहद सक्रीयता से काम किया, हमें अपने स्टाफ पर गर्व है। उन्होंने इस मौके पर कोरोना वारियर्स के योगदान पर आधारित थीम गीत को लॉन्च किया। कार्यक्रम का आयोजन जिला रेडक्रास सोसायटी द्वारा किया गया।
उपमुख्यमंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि कोविड बीमारी के प्रबंधन में समूचे छत्तीसगढ में चिकित्सा क्षेत्र के आधारभूत ढांचे में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी हुई है। सैकडों आई.सी.यू. बेड तैयार हुए हैं। सभी प्रमुख सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हुए हैं। कोविड के दौरान चेस्ट स्केन की सुविधा स्थापित करने के लिये सभी जिला चिकित्सालयों में सिटी स्केन मशीन लगाया गया, जो आज दूसरी व्याधियों के लिये उपयोग में आ रहा है। कोविडकाल में पूरे देश में मात्र पुणे में कोविड का वॉयरोलॉजी लैब था। आज अकेले छत्तीसगढ़ में ऐसे लैब की संख्या 14 से अधिक है।
श्री सिंहदेव ने कहा कि कोरोना संकट को स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही भांप लिया था। छत्तीसगढ़ में जब 18 मार्च 2020 को कोविड का पहला केस आया था उसके तीन चार माह पूर्व ही उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर इस बीमारी से निपटने के लिये एक आधारभूत चिकित्सीय ढांचे का निर्माण कर लिया था। सभी जिला अस्पतालों में भी तेजी से कोविड चिकित्सा इकाईयों का गठन किया गया। कार्यक्रम को जिला रेडक्रास सोसायटी के चेयरमेन आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने भी सम्बोधित किया।
कार्यक्रम में सम्मानित किए गए कोरोना वरियर्स में मितानिनें, मरीज़ों की सेवा करने वाले निजी अस्पताल, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और मीडिया कर्मी, नर्स, आरएचओ, पुलिस कर्मियों, लैब टेक्नीशियन, कंटेनमेंट ज़ोन की पहचान और दवा का किट वितरण करने वाले लोग के साथ ही ऑक्सीजन की आपूर्ति में योगदान देने वाले एनजीओ शामिल हैं। पैनल डिस्कशन और जन संवाद कार्यक्रम के दौरान शहर के गणमान्य नागरिकों ने कोरोना काल में अपना अनुभव साझा किया।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव को कोरोना वारियर्स के रूप में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में ड्यूटी के दौरान संक्रमण से मृत कोरोना वारियर्स को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर सीजीएमएससी अध्यक्ष एवं लुण्ड्रा विधायक डॉ प्रीतम राम, औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु सिंह, सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।
मरीन ड्राइव पर मतदाता जागरूकता के लिए दौड़ा रायपुर
रायपुर/शौर्यपथ / राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं को मतदान के लिए जागरूक करने आज मरीन ड्राइव तेलीबांधा से वाकेथॉन का आयोजन किया गया। वाकेथॉन के द्वारा शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने और 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल करने प्रेरित किया गया। दौड़ेगा रायपुर, वोट करेगा रायपुर का उद्देश्य लेकर आयोजित हो रही इस वाकेथॉन में शहर के युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, तृतीय लिंग समुदाय के लोग, समाज सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित शासकीय अधिकारी कर्मचारी और नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। यह वाकेथॉन सुबह तेलीबांधा तालाब स्थित मरीन ड्राइव से शुरू हुई। मरीन ड्राइव से शुरू हो घड़ीचौक-कलेक्टोरेट होकर वाकेथॉन वापस मरीन ड्राइव पर समाप्त हुई। वाकेथान की शुरुआत पर निर्वाचन आयोग के सदस्यों ने बोर्ड पर हस्ताक्षर कर लोगों को मतदान के लिए संदेश लिखें और आगामी चुनाव में मत अधिकार का उपयोग करने की अपील की।
इस वाकेथॉन भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री राजीव कुमारके साथ आयुक्त द्वय श्री अनूप चंद्र पांडेय और श्री अरूण गोयल, भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त श्री हृदेश कुमार, वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त श्री धर्मेन्द्र शर्मा और श्री नितेश व्यास, उप निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज कुमार साहू और श्री आर.के. गुप्ता, उप निर्वाचन आयुक्त श्री अजय भादू, महानिदेशक श्री बी नारायणन, निदेशक श्री यशवेंद्र सिंह, निदेशक (आई टी) श्री अशोक कुमार, वरिष्ठ प्रधान सचिव श्री एन.एन. बुटोलिया, प्रधान सचिव श्री एस.बी. जोशी, संयुक्त निदेशक श्री अनुज चांडक और अवर सचिव श्री रितेश सिंह भी शामिल हुए। इस दौरान छतीसगढ़ की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुश्री रीना बाबा साहब कंगाले, कमिश्नर श्री संजय अलंग, पुलिस महानिरीक्षक श्री रतन लाल डांगी, कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर भुरे, एसएसपी श्री प्रशांत अग्रवाल सहित नगर निगम आयुक्त श्री मयंक चतुर्वेदी और सीईओ ज़िला पंचायत श्री अविनाश मिश्रा भी उपस्थित रहें।
वाकेथान-2023 लोकतंत्र के उत्सव में जनसामान्य में रहा अभूतपूर्व उत्साह
मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री राजीव कुमार ने आयोग की तरफ़ से मताधिकार का प्रयोग करने के लिए नागरिकों से की अपील*
बड़ी संख्या में बच्चे, युवा, बुजुर्ग, नववधु, दिव्यांगजन एवं जनसामान्य मतदाता जागरूकता वाकेथान में हुए शामिल
रायपुर /शौर्यपथ / लोकतंत्र के उत्सव में स्वीप अंतर्गत आज तेलीबांधा मेरीन ड्राइव गौरव पथ पर आयोजित वाकेथान में जनसामान्य में अभूतपूर्व उत्साह रहा। मतदाता जागरूकता के लिए स्वीप कार्यक्रम के तहत आयोजित इस वाकेथान में बड़ी संख्या में बच्चे, युवा, बुजुर्ग, नववधु, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर एवं जनसामान्य मतदाता उमंग एवं ऊर्जा के साथ शामिल हुए। हाथों में तिरंगा और मतदाता जागरूकता के स्लोगन लिखे तख्तियाँ लिए लोगों को मतदान का संदेश दिया। सभी ने स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन का संकल्प लिया । सभी ने निर्भीक होकर धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करने का संकल्प लिया।
वाकेथान में भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य सदस्यों ने सभी को मतदान के लिए प्रेरित किया।छतीसगढ़ की पहचान बने कर्मा लोकनृत्य के साथ सभी म्यूजिक बैंड की मधुर धुन पर भारत निर्वाचन आयोग के गीत मैं भारत हूं..., माँ तुझे सलाम..., भारत देश मेरा...चक दे इंडिया .गीतों ने खुशनुमा माहौल में उमंग एवं उल्लास भर दिया। इस दौरान सौहार्द्रपूर्ण, एकता और विविधता लिए रंग-बिरंगे भारत की एक खुबसूरत तस्वीर दिखाई दी। लोग छत्तीसगढ़ की परंपरागत वेशभूषा और परिधानों में इस मतदाता जागरूकता वाक्थान में शामिल हुए ।जुंबा डांस ने उपस्थित जन समुदाय में अतिरिक्त ऊर्जा का संचार किया।
वोट डालने जाना है अपना फर्ज निभाना है, लोकतंत्र का भाग्य विधाता होता जागरूक मतदाता, वोट डालने जाएं अपना वोट काम में लाएं, वोट हमारा हैं अनमोल कभी ना लेंगे इसका मोल, प्रजातंत्र से नाता है भारत के मतदाता हैं, चुनाव आयोग का है आव्हान सबको करना है मतदान, एक दो और तीन चार मतदान का दृढ़ विचार, एक वोट से होता फैसला मतदाता का यही हौसला, कर्तव्यों से कोई न रूठे किसी का वोट कभी न छूटे, मतदान हमारा अधिकार है इससे बनती सरकार है, भारत देश महान है करते सब मतदान है, वोटर लिस्ट में नाम लिखाएं वोटर कार्ड सभी बनवाएं नारे लिखी तख्तियाँ लेकर निकले जनसमुदाय ने लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने स्वामी आत्मानंद की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने समाज सुधारक और शिक्षाविद् स्वामी आत्मानंद की पुण्यतिथि 27 अगस्त पर उन्हें नमन करते हुए कहा है कि उन्होंने छत्तीसगढ़ में मानव सेवा एवं शिक्षा संस्कार की अलख जगाई। पीड़ित मानवता की सेवा को उन्होंने सबसे बड़ा धर्म बताया। छत्तीसगढ़ उनकी कर्मभूमि रही है। स्वामी आत्मानंद ने शहरी और आदिवासी क्षेत्र में बच्चों में संस्कार, युवाओं में सेवा भाव और बुजुर्गों में आत्मिक संतोष का संचार किया। स्वामी विवेकानंद के विचारों का भी उन पर भी गहरा असर हुआ और उन्होंने अपना पूरा जीवन दीन-दुःखियों की सेवा में बिता दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने स्वामी आत्मानंद के पद चिन्हों पर चलते हुए किसानों, वनवासियों, गरीबों और मजदूरों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के हर संभव प्रयास कर रही है। अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वामी आत्मानंद जी के मानव सेवा के क्षेत्र में किए गए कार्य अनुकरणीय और प्रेरणास्पद है। स्वामी आत्मानंद जी ने वनवासियों के उत्थान के लिए नारायणपुर आश्रम में उच्च स्तरीय शिक्षा केन्द्र की स्थापना की। राज्य सरकार ने इससे प्रेरणा लेते हुए उनके नाम पर स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू किए हैं, जिनमें हर वर्ग के बच्चों को अच्छी कक्षा, पुस्तकालय, खेल मैदान सहित अच्छी पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने आदिवासियों के सम्मान एवं उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए अबूझमाड़ प्रकल्प की स्थापना की। नारायणपुर में वनवासी सेवा केन्द्र प्रारंभ कर वनवासियों की दशा और दिशा सुधारने के प्रयास किए। श्री बघेल ने कहा कि स्वामी अत्मानंद जी के आदर्श और जीवन मूल्य सदा जनसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
छत्तीसगढ़ के महुआ की महक पहुंचने लगी देश-विदेश तक
फूड ग्रेड महुआ फूल के संग्रहण से मिल रहा अतिरिक्त मुनाफा और रोजगार
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ में संग्रहित फूड ग्रेड महुआ फूल को राज्य लघुवनोंपज संघ द्वारा विदेश में विपणन करने की महत्वपूर्ण योजना है। इसके माध्यम से महुआ फूल से अतिरिक्त लाभ मिलता है। उल्लेखनीय है कि राज्य में वर्ष 2023-24 में संग्रहित 694.94 क्विंटल फूड ग्रेड महुआ फूल में से 503.65 क्विंटल फूड ग्रेड महुआ फूल का संग्रहण केवल मनेन्द्रगढ़ वनमंडल द्वारा किया गया है। इस तरह वनमंडल मनेन्द्रगढ़ फूड ग्रेड महुआ फूल संग्रहण कार्य में छत्तीसगढ़ में इस वर्ष प्रथम रैंक पर रहा।
छत्तीसगढ़ में महुआ फूल की अपनी गुणवत्ता और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही नई तकनीक आदि की सुविधा से इसकी महक अब देश-विदेश तक पहुंचने लगी है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य में वनवासियों को लघुवनोंपजों के संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण आदि कार्यो से संग्राहकों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने निरंतर प्रयास हो रहे है। इसी कड़ी में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि फूड ग्रेड महुआ फूल का संग्रहण संग्राहकों के लिए बहुत फलदायी साबित हो रहा है।
वनमंडलाधिकारी मनेन्द्रगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला यूनियन मनेन्द्रगढ़ की प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति भौंता, बेलबहरा, घुटरा, कछौड़, केल्हारी, बेलगांव, जुनंवा एवं माड़ीसरई के अंतर्गत फूड ग्रेड महुआ फूल (कच्चा महुआ) का नेट के माध्यम से संग्रहण कराया गया । संग्राहकों से 10.00 रु. प्रति किलोग्राम की दर से 503.65 क्विंटल कच्चा महुआ फूल संग्रहित किया गया है। संग्रहण उपरांत महुआ फूल सोलर ड्रायर के माध्यम से सुखाया गया । महुआ फूल के संग्रहण पारिश्रमिक के रूप में संग्राहकों को 5 लाख 3 हजार 650 रूपए का भुगतान किया गया। सोलर ड्रायर में सुखाकर प्रसंस्करण के उपरांत कुल 99.60 क्विंटल (ए ग्रेड- 78.30 क्विंटल एवं बी ग्रेड-21.30 क्विंटल) फूड ग्रेड महुआ फूल प्राप्त हुआ । उक्त कच्चा महुआ फूल का प्रसंस्करण कार्य वन धन विकास केन्द्र जनकपुर एवं कठौतिया अंतर्गत स्व-सहायता समूह के 20-20 महिलाओं सदस्यों द्वारा संपन्न किया गया है। समूह की महिलाओं को माह अप्रैल से मई 2023 के मध्य 60 दिवस का रोजगार प्रदाय किया गया। महिलाओं को प्रतिदिन 200 रूपये की दर से पारिश्रमिक भुगतान किया गया है। प्रसंस्करण उपरांत प्राप्त महुआ फूल ए एवं बी ग्रेड का बोरा भर्ती उपरांत एक्वाफुड एंड फोल्ड स्टोरेज, बिलासपुर बायपास, रिंग रोड नंबर 03 विधानसभा रोड गिरौद रायपुर में सुरक्षित भंडारण कराया गया है ।
इस संबंध में प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ श्री अनिल राय ने बताया कि फूड ग्रेड महुआ फूल को सुखाने से 5 किलोग्राम महुआ फूल से 1 किलोग्राम सूखा महुआ फूल प्राप्त होता है। इस प्रकार सुखा महुआ का खरीदी दर 50 रूपए प्रति किलोग्राम प्राप्त हुआ जबकि बाजार में सूखा महुआ फूल की खरीदी दर 30 से 35 रूपए प्रति किलोग्राम था। इस तरह फूड ग्रेड महुआ फूल संग्रहण से हितग्राहियों को अतिरिक्त लाभ प्राप्त हुआ। साथ ही महुआ पेड़ों के नीचे नेट बांधकर महुआ फूल संग्रहण करने पर तेज गर्मी के मौसम मे एक-एक महुआ फूल एकत्र करने के मेहनत से संग्राहक बच गये। महुआ फूल का संग्रहण आसान हो गया। महुआ फूल को बेचने हेतु बाजार ले जाने की आवश्यकता नही पड़ी। वित्तीय वर्ष 2023-24 मे 123 महुआ हितग्राहियों के द्वारा 213 महुआ वृक्षों के नीचे नेट बांधकर फूड ग्रेड महुआ एकत्र किया गया।
फूड ग्रेड महुआ फूल के संग्रहण कार्य को ग्रामीणों द्वारा बहुत पसन्द किया जा रहा है और आगामी वर्षों में अधिक संख्या में हितग्राही नेट के माध्यम से फूड ग्रेड महुआ फूल संग्रहण करने के लिए तैयार हुए है। हितग्राही इस कार्य के लिए काफी उत्साहित है। फूड ग्रेड महुआ संग्रहण के दौरान पेड़ों में नेट बांधने, संग्रहण, परिवहन, ड्रायर में सुखाने, बोरा भर्ती एवं जीरा निकालने के कार्य से स्व-सहायता समूहों को अतिरिक्त रोजगार प्राप्त हुआ।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के तीन चरण की प्रतियोगिता के समापन के उपरांत अब जिला स्तर पर यह स्पर्धा आयोजित होगी। 27 अगस्त से शुरू होने वाली चौथे चरण की इस प्रतियोगिता का समापन 04 सितंबर का होगा। जिला स्तरीय प्रत्येक खेल प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागी एवं दल आयुवार एवं वर्गवार संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री उमेश पटेल के मार्गदर्शन पर वर्ष 2022 को शुरू की गई पहली छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को अभूतपूर्व लोकप्रियता मिली थी। बूढ़े, बच्चों एवं महिलाओं ने इसमें बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। दिव्यांगजनों ने भी इस ओलंपिक में भाग लिया और कई प्रतिस्पर्घा के विजेता भी रहे। अभी चल रहे छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को लेकर लोगों का उत्साह देखते ही बनता है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में लंबी कूद, 100 मीटर दौड़ एवं कुश्ती के खेल में 18 से 40 वर्ष की आयु वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित करने की घोषणा की है। यह प्रावधान इसी सत्र से लागू होगा।
जिला स्तर की स्पर्धा में तीसरे चरण में आयोजित विकासखंड एवं नगरीय क्लस्टर स्तरीय प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागी एवं दल शामिल होंगे। इस प्रतियोगिता के समापन के बाद पांचवे चरण में संभाग स्तर पर स्पर्धा 10 सितंबर से 20 सितंबर तक और अंतिम में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं 25 सितंबर से 27 सितंबर तक आयोजित होंगी। इस वर्ष छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरूआत हरेली त्योहार के दिन 17 जुलाई से हुई। राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर हुई पहले चरण की इस प्रतियोगिता का समापन 22 जुलाई का हुआ। दूसरे चरण में जोन स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 26 जुलाई से 31 जुलाई तक एवं तीसरे चरण में विकासखंड व नगरीय क्लस्टर स्तर की प्रतियोगिताएं 18 अगस्त से 23 अगस्त तक आयोजित की गई थी।
छत्तीसगढ़ के 16 पारम्परिक खेल प्रतियोगिता दलीय व एकल दो श्रेणी में आयोजित की जा रही है। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में दलीय श्रेणी में गिल्ली डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी और बांटी (कंचा) जैसी खेल विधाएं शामिल की गई हैं। वहीं एकल श्रेणी की खेल विधा में बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़, लम्बी कूद, रस्सी कूद एवं कुश्ती शामिल हैं।
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