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May 22, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

अब तक करीब 55 लाख लोगों ने उठाया फायदा
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक सम्पन्न
    रायपुर/शौर्यपथ /मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अंतर्गत राज्य प्रवर्तित मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के लिए गठित राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में योजना के तहत राज्य के सभी नगरीय क्षेत्रों की स्लम बस्तियों में चिकित्सक, मेडिकल स्टाफ, मेडिकल उपकरण एवं जरूरी दवाओं की उपलब्धता के साथ मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से लोगों को घर के पास ही निःशुल्क ईलाज की सुविधा प्रदान करने की जिलेवार समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को मोबाइल मेडिकल यूनिट में ईलाज कराने वाले मरीजों को जरूरत पड़ने पर अन्य अस्पतालों में रिफर करने के संबंध में भी आवश्यक कार्यवाही करने कहा है। इस संबंध में उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग में आवश्यक समन्वय की भी बात कही।
       नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि शहरी क्षेत्र के स्लम एवं नगर के अन्य क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क उपचार की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के माध्यम से अब तक करीब 55 लाख जरूरतमंदों का इलाज मोबाइल मेडिकल यूनिट के चिकित्सा दल द्वारा स्लम बस्तियों में लोगों के घरों के पास ही पहुंचकर किया गया है। इस योजना के माध्यम से अब तक 14 लाख 87 हजार 651 मरीजों की पैथालॉजी टेस्ट की जा चुकी है। साथ ही 47 लाख 75 हजार 845 से अधिक मरीजों को निःशुल्क दवाएं भी दी गई हैं।
         मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत राज्य के नगरीय निकायों की स्लम बस्तियों में 72 हजार 724 कैम्प लगाकर लोगों की निःशुल्क जांच व उपचार कर दवाईयां दी गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के नगरीय क्षेत्रों में 144 मेडिकल मोबाइल यूनिट वर्तमान में संचालित है। अधिकारियांे ने बताया कि शीघ्र ही 6 और मेडिकल मोबाइल यूनिट संचालित किए जाएंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित इस बैठक में नगरीय प्रशासन विकास विभाग के विशेष सचिव डॉ. अयाज तम्बोली, शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सौमिल रंजन चौबे सहित स्वास्थ्य एवं राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग समिति के अन्य सदस्य शामिल हुए।

अब तक करीब 129 करोड़ रूपए से ज्यादा की हुई बचत
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक सम्पन्न
      रायपुर/शौर्यपथ /मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य प्रवर्तित श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने राज्य के विभिन्न जिलों के नगरीय निकाय क्षेत्रों में संचालित की जा रही करीब 197 जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स में नागरिकों को सस्ती दर पर उच्च गुणवत्ता की जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों से जिलेवार विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने जिले के कलेक्टरों से समय-समय पर धनवंतरी मेडिकल स्टोर के निरीक्षण कर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा है। मुख्य सचिव ने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों से कहा है कि राज्य शासन की नागरिकांे को अच्छी गुणवत्ता की जेनेरिक दवाएं सस्ती दर पर धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना से उपलब्ध करायी जा रही है। यह महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स की लगातार मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए है।
राज्य प्रवर्तित श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना की राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े राज्य शहरी विकास अभिकरण के सीईओ श्री सौमिल रंजन चौबे ने प्रस्तुतीकरण के जरिए बताया कि प्रदेश के नागरिकों के ईलाज हेतु आसानी से जेनेरिक दवाएं सस्ते दर पर उपलब्ध हो इसके लिए राज्य शासन द्वारा प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर खोले गए हैं। इन मेडिकल स्टोरों पर करीब 329 जेनेरिक मेडिसन और 26 सर्जिकल आइटम सस्ती दरों पर उपलब्ध हैं। मेडिकल स्टोरों पर एमआरपी पर से करीब 50 से 72 प्रतिशत डिसकाउंट पर दवाएं उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि धन्वंतरी दवा दुकानों में सर्दी, खांसी, बुखार, ब्लड प्रेशर, इन्सुलिन के साथ गंभीर बीमारियों की दवा, एंटीबायोटिक, सर्जिकल आईटम भी रियायती मूल्य पर जरूरतमंदों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना 20 अक्टूबर 2021 से शुरू की गई है। योजना के तहत राज्य के समस्त 169 नगरीय निकायों में 197 श्री धनवंतरी मेडिकल स्टोर खोले गए। शासकीय चिकित्सकों को अस्पताल में इलाज हेतु आने वाले मरीजों को जेनेरिक दवाई लिखना अनिवार्य किया गया है। योजना से अब तक 212 करोड़ रूपए एम.आर.पी. की दवाओं को 83 करोड़ 77 हजार रूपए में विक्रय किया गया। इससे करीब नागरिकों को 129 करोड़ रूपए से ज्यादा की बचत हुई है। गौरतलब है कि प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकाय में संचालित धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल की दुकानों से 73 लाख 92 हजार से अधिक नागरिकों ने सस्ती दवायें खरीदी है। जिससे लोगों को काफी राहत मिली है और कम मूल्य पर दवा उपलब्ध होने से उन्हें बचत हो रही है।
वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित इस बैठक में नगरीय प्रशासन विकास विभाग के विशेष सचिव डॉ. अयाज तम्बोली, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्री जयप्रकाश मौर्य, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के संचालक श्री अनिल राय और संयुक्त सचिव वन श्रीमती पुष्पा साहू सहित स्वास्थ्य, वन और अन्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

 लाख रुपए से अधिक के मिलेट्स उत्पादों का कर चुके हैं विक्रय
   रायपुर/शौर्यपथ / सामान्य कृषक परिवार से आने वाले श्री जय प्रकाश पटेल आज आज एक सफल उद्यमी बनने की ओर अग्रसर हैं। रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत डोंगीतराई के रहने वाले श्री पटेल प्रतिदिन 400-500 किलो मिलेट्स जैसे कोदो, बाजरा, रागी आदि प्रोसेस एवं पैक करके बाजार में विक्रय कर रहे हैं। साथ ही वे आसपास के अन्य किसानों को भी कोदो एवं अन्य मिलेट के उत्पादन हेतु प्रोत्साहित कर रहे है। श्री पटेल अब तक 7 लाख रूपये से अधिक की बिक्री कर लगभग 90 हजार रूपये तक का शुद्ध लाभ प्राप्त कर चुके है। श्री जय प्रकाश पटेल की उद्यमी बनने की राह आसान की महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) ने। रीपा के तहत 25 लाख रूपये की लागत से मिलेट, अनाज प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग यूनिट स्थापित करने के लिए  उन्हें बैंक द्वारा 10 लाख रुपये का ऋण पीएमईजीपी के अंतर्गत 5 लाख रूपए का ऋण एवं रीपा की ओर से 10 रूपए लाख रूपए की राशि दी गई है।
    श्री जय प्रकाश पटेल एक सामान्य कृषक परिवार से आते हैं। पिता के साथ बचपन से ही कृषि कार्य में हाथ बटाते हुए उन्होंने एमए तक अपनी पढ़ाई भी पूरी की। पढ़ाई पूरी करने के पश्चात उन्होंने फसल  बाजार कंपनी मे सेल्स मेन की नौकरी की एवं कृषि उत्पादों को बेचने के गुर सीखे। उन्हें अपने सपनों की उड़ान रीपा योजना से जुडऩे के पश्चात मिली। रीपा योजना से जुड़कर अन्य युवा भी अपने सपने को पूर्ण करने में सफल हो रहे हैं।
     छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी एवं जन कल्याणकारी योजना महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) ग्रामीण युवाओं के उद्यमी बनने के सपने को साकार करने का मौका दे रही है। यही कारण है कि आज रीपा योजना से ग्रामीण युवाओं एवं महिला समूहों के लिए रोजगार के अवसर खुल रहे हैं।

आगामी विधानसभा निर्वाचन में मतदाता प्रलोभन पर करें कड़ी कार्यवाही- मुख्य निर्वाचन आयुक्त
   रायपुर/शौर्यपथ / भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री राजीव कुमार ने आज एनफोर्समेट एजेंसियों की बैठक में आगामी विधानसभा निर्वाचन की तैयारियों की समीक्षा की तथा एनफोर्समेंट एजेंसियों के अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन हेतु समस्त आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा निर्वाचन में मतदाता प्रलोभन पर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के समस्त दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए।
    भारत निर्वाचन आयोग के निर्वाचन आयुक्त श्री अनूप चंद्र पांडेय, निर्वाचन आयुक्त श्री अरूण गोयल, भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त श्री हृदेश कुमार, वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त श्री धर्मेन्द्र शर्मा और श्री नितेश व्यास, उप निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज कुमार साहू और श्री आर.के. गुप्ता, उप निर्वाचन आयुक्त श्री अजय भादू, महानिदेशक श्री बी नारायणन, निदेशक श्री यशवेंद्र सिंह, निदेशक (आई टी) श्री अशोक कुमार, वरिष्ठ प्रधान सचिव श्री एन.एन. बुटोलिया, प्रधान सचिव श्री एस.बी. जोशी, संयुक्त निदेशक श्री अनुज चांडक और अवर सचिव श्री रितेश सिंह ने  बैठक में विस्तार से विधानसभा निर्वाचन 2023 की तैयारियों की समीक्षा की।बैठक में  अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन में आने वाली बाधाओं को दूर करने तथा धनबल का दुरुपयोग न हो, यह पूर्णतः सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
        बैठक में पुलिस, आयकर, आबकारी, वन, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, डी आर आई, परिवहन विभाग, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, रिजर्व बैंक, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, सी जी एस टी, एस जी एस टी, डाक विभाग, उड्डयन विभाग, प्रवर्तन निदेशालय, भारतीय रेलवे, ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन अथारिटी  सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
     इसके पश्चात मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने बैठक में विधानसभा निर्वाचन 2023 की तैयारियों के संबंध में विस्तार से आयोग को अवगत कराया।साथ ही नोडल अधिकारी पुलिस श्री ओ पी पाल ने  विधानसभा निर्वाचन 2023 के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों के संबंध में आयोग को अवगत कराया।

प्रशिक्षण अधिकारी भर्ती 2023 की दावा-आपत्ति 25 अगस्त शाम 5 बजे तक
   रायपुर/शौर्यपथ / प्रशिक्षण अधिकारी भर्ती 2023 के लिए दावा-आपत्ति 25 अगस्त शाम 5 बजे तक कार्यालय प्राचार्य, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था रायपुर में उपस्थित होकर प्रस्तुत किया जा सकता है। संयुक्त संचालक (प्रशिक्षण) औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाएं, क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर से मिली जानकारी के अनुसार प्रशिक्षण अधिकारी भर्ती 2023 में क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर स्तर पर दस्तावेज सत्यापन के उपरांत पात्र, अपात्र एवं होल्ड की दावा आपत्ति की सूची कार्यालय संयुक्त संचालक (प्रशिक्षण) औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाएं क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था रायपुर के सूचना पटल पर चस्पा की गई है।
     जो अभ्यर्थी दावा-आपत्ति प्रस्तुत करना चाहते हैं, वे 25 अगस्त शाम 5 बजे तक कार्यालय प्राचार्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था रायपुर में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित समय के पश्चात प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। संयुक्त संचालक (प्रशिक्षण) ने बताया कि प्राप्त आवेदनों के परीक्षण उपरांत अंतिम सूची 26 अगस्त को शाम 4 बजे तक सूचना पटल पर चस्पा की जाएगी।

   उप मुख्यमंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने स्वच्छता, और संक्रमण की रोकथाम के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले 25 आयुष संस्थाओं को दिए पुरस्कार
    आयुष संस्थाओं में स्वच्छता को बढ़ावा देने और संक्रमण की रोकथाम के लिए कायाकल्प-आयुष का क्रियान्वयन, छत्तीसगढ़ ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य
   जिला आयुर्वेद चिकित्सालय श्रेणी में जगदलपुर, आयुष विंग श्रेणी में जगदलपुर जिला चिकित्सालय और आयुष स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर में सूरजपुर को प्रथम पुरस्कार
   इन तीनों संस्थाओं को क्रमशः दो लाख, डेढ़ लाख और सवा लाख रूपए की पुरस्कार राशि दी गई
       रायपुर/शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने स्वच्छता को बढ़ावा देने, संक्रमण की रोकथाम और अपशिष्ट प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राज्य के 25 आयुष संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने आज रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कायाकल्प-आयुष पुरस्कार समारोह में ये पुरस्कार वितरित किए। स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का चार चरणों में मूल्यांकन के बाद उत्कृष्ट पाए गए 25 आयुष संस्थाओं का इन पुरस्कारों के लिए चयन किया गया था। राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत केन्द्रीय आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशानुसार आयुष संस्थाओं में स्वच्छता को बढ़ावा देने, संक्रमण की रोकथाम तथा अपशिष्ट प्रबंधन के साथ गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रदेश में कायाकल्प-आयुष का क्रियान्वयन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य है।
     कायाकल्प-आयुष की शुरूआत के बाद पूरे देश में आज पहली बार छत्तीसगढ़ में आयुष संस्थाओं के मूल्यांकन के बाद चयनित संस्थाओं को पुरस्कृत किया गया। संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री कुलदीप जुनेजा, विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा, रायपुर नगर निगम के सभापति श्री प्रमोद दुबे, रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती डोमेश्वरी वर्मा, केन्द्रीय आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती कविता गर्ग और चिकित्सा शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्लै भी कायाकल्प-आयुष पुरस्कार समारोह में शामिल हुईं।
     उप मुख्यमंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आयुर्वेद में हजारों साल से जानकारी है। इसके इस्तेमाल से लोगों को सदियों से उपचार और राहत मिल रही है। पूरी दुनिया में अभी परंपरागत औषधियों  को लेकर बात हो रही है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद आयुष डॉक्टरों से कहा कि आप लोगों के पास इस ज्ञान की धरोहर है जिसके माध्यम से आप लोग मरीजों का इलाज कर रहे हैं। आप लोग इस ज्ञान और इन पद्धतियों को आत्मविश्वास के साथ लोगों तक पहुंचाएं।
       उप मुख्यमंत्री श्री सिंहदेव ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश की आयुष संस्थाओं में काफी बदलाव आया है। राज्य और केंद्र सरकार से इसके लिए लगातार सहयोग और राशि मिल रही है। उन्होंने इनका सदुपयोग करते हुए इन पद्धतियों का ज्यादा से ज्यादा लाभ लोगों तक पहुंचाने तथा आयुष संस्थाओं को सुदृढ़ बनाने में करने को कहा। उन्होंने आयुष संस्थाओं के डॉक्टरों और स्टॉफ को बधाई देते हुए कहा कि आप लोगों ने छत्तीसगढ़ को गौरव प्रदान किया है। इसके लिए मैं आप लोगों को धन्यवाद देता हूं। पूरे देश में आज पहली बार आयुष संस्थाओं के मूल्यांकन के बाद उन्हें पुरस्कार दिए जा रहे हैं। जिन संस्थाओं को आज पुरस्कार मिल रहा है वे अन्य संस्थाओं के लिए पथ प्रदर्शक बनने के साथ ही अपना स्तर लगातार आगे लेकर जाएं।
       केन्द्रीय आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव और राष्ट्रीय आयुष मिशन की प्रभारी श्रीमती कविता गर्ग ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक परिदृश्य में आयुष लगातार अपना स्थान बना रहा है। भारत पूरी दुनिया में इसका अगुवा बन सकता है। उन्होंने आयुष को बढ़ावा देने और आयुष संस्थानों की मजबूती के लिए छत्तीसगढ़ द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि यहां 400 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स फंक्शनल है। छत्तीसगढ़ को इसके लिए जो लक्ष्य दिया गया था उसे राज्य ने शत-प्रतिशत हासिल किया है। श्रीमती गर्ग ने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत कायाकल्प-आयुष के क्रियान्वयन को भी काफी सराहा। उन्होंने कहा कि यहां की आयुष संस्थाएं वॉलिंटियर (Volunteer) कर पूरे भारत में जाएं और दूसरे राज्यों के अस्पतालों को बताएं कि उन्होंने यहां इसे कैसे अंजाम दिया।
       चिकित्सा शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्लै ने समारोह में बताया कि 1174 आयुष संस्थाओं में से 1054 संस्थाओं ने कायाकल्प-आयुष में भागीदारी की। राज्य की 90 प्रतिशत संस्थाओं की सहभागिता काफी उत्साहवर्धक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में राज्य की सभी आयुष संस्थाएं इसमें हिस्सा लेंगी। उन्होंने राज्य की आयुष संस्थाओं में स्वच्छता, संक्रमण पर नियंत्रण और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए किए गए कार्यों के लिए सभी संस्थाओं और वहां की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कार्यस्थल में अपने काम के प्रति गौरव को बढ़ाता है। यह मरीजों और उनके परिजनों के साथ-साथ अस्पताल के स्टॉफ को भी सुरक्षित रखता है।
       आयुष विभाग की संचालक सुश्री नम्रता गांधी ने कार्यक्रम में आयुष संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं और कायाकल्प-आयुष के तहत आयुष संस्थाओं के मूल्यांकन के बारे में भी बताया। समारोह में एनएबीएच (National Accreditation Board for Hospitals & Healthcare Providers) के फैकल्टी डॉ. किरण पंडित ने ‘आयुष संस्थाओं में गुणवत्ता उन्नयन का महत्व एवं संभावनाएं’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने इस दौरान अस्पतालों के लिए निर्धारित अलग-अलग मानकों की जानकारी दी। उन्होंने एनएबीएच मानक हासिल करने की प्रक्रिया और मूल्यांकन पद्धति के बारे में भी बताया। शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर के छात्र-छात्राओं ने समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।
इन अस्पतालों को मिला पुरस्कार
       कायाकल्प-आयुष के अंतर्गत जिला आयुर्वेद चिकित्सालय श्रेणी में जिला आयुर्वेद चिकित्सालय जगदलपुर को प्रथम पुरस्कार मिला। जिला एलोपैथी चिकित्सालय जगदलपुर में सहस्थापित आयुष विंग तथा आयुष स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर सूरजपुर को अपनी-अपनी श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। इन तीनों संस्थाओं को क्रमशः दो लाख रूपए, डेढ़ लाख रूपए और सवा लाख रूपए की पुरस्कार राशि दी गई। राजनांदगांव जिले के आयुष स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर डोंगरगढ़ को 50 हजार रूपए का द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
       आयुष औषधालय श्रेणी में हर संभाग के तीन-तीन संस्थाओं को पुरस्कृत किया गया। इन्हें प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमशः 75 हजार रूपए, 50 हजार रूपए और 25 हजार रूपए की पुरस्कार राशि दी गई। रायपुर संभाग में गरियाबंद जिले के आयुर्वेद औषधालय अकलवारा को प्रथम, धमतरी के आयुर्वेद औषधालय परसापानी को द्वितीय और रायपुर के आयुर्वेद औषधालय टेकारी (जुलुम) को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। बिलासपुर संभाग में रायगढ़ जिले के बर्रा, भेडवन और समकेरा आयुर्वेद औषधालय को क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिया गया। सरगुजा संभाग के अंतर्गत बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के होम्योपैथी औषधालय वाड्रफनगर को प्रथम और इसी जिले के होम्योपैथी औषधालय पेंड्री को द्वितीय तथा जशपुर जिले के आयुर्वेद औषधालय बंदरचुआ को तृतीय पुरस्कार मिला। बस्तर संभाग में कोंडागांव जिले के आयुर्वेद औषधालय बोरगांव को प्रथम, कांकेर जिले के आयुर्वेद औषधालय तरहुल को द्वितीय और इसी जिले के आयुर्वेद औषधालय दबेना को तृतीय पुरस्कार दिया गया। दुर्ग संभाग के तहत राजनांदगांव जिले के आयुर्वेद औषधालय पदुमतरा को प्रथम, राजनांदगांव के ही आयुर्वेद औषधालय विचारपुर को द्वितीय तथा कबीरधाम के आयुर्वेद औषधालय सिंघनगढ़ को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
        आयुष केंद्र एवं स्पेशलिटी क्लीनिक श्रेणी में बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर संभाग के दो-दो आयुष संस्थाओं को पुरस्कृत किया गया। इस श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के रूप में 75 हजार रूपए और द्वितीय पुरस्कार के तौर पर 50 हजार रूपए की राशि दी गई। बिलासपुर संभाग के रायगढ़ जिले के आयुष केन्द्र कनकबीरा को प्रथम और कोरबा के आयुष स्पेशलिटी क्लीनिक लेमरू को द्वितीय पुरस्कार से नवाजा गया। सरगुजा संभाग के अंतर्गत सूरजपुर के आयुष स्पेशलिटी क्लीनिक बसदेई को प्रथम एवं जशपुर के आयुष केन्द्र भेंलवां को द्वितीय पुरस्कार दिया गया। बस्तर संभाग के तहत कांकेर जिले के आयुष केन्द्र कोटतरा को प्रथम और कोंडागांव के आयुष केन्द्र अनतपुर को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

दुर्ग / शौर्यपथ / ब्रम्ह्कमल एक ऐसा फुल है जिसकी महत्ता वेद पुराणों में भी है ब्रम्ह कमल के विषय में कहा जाता है कि…

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार की अगुआई में भारत निर्वाचन आयोग का दल छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा निर्वाचन के लिए की जा रही प्रारंभिक तैयारियों की समीक्षा के लिए आया हुआ है। आज मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार ने निर्वाचन आयुक्त अनूप चन्द्र पांडेय और श्री अरुण गोयल के साथ बूढ़ा तालाब विवेकानंद सरोवर परिसर में आयोजित मतदाता महोत्सव में शिरकत की। उनके साथ निर्वाचन आयोग के आयुक्त अनूप चन्द्र पांडेय और अरुण गोयल तथा अन्य सदस्यों सहित राज्य की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुश्री रीना बाबा साहब कंगाले ने बूढ़ा तालाब में दीप दान कर मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित किया। सीईसी श्री कुमार और राज्य की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुश्री कंगाले ने अधिक से अधिक लोगों से दीप दान के साथ मतदान करने का संकल्प लेने की अपील की। महोत्सव में भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को मतदान का महत्व भी बताया।
सुश्री रीना बाबा साहब कंगाले ने मतदाता महोत्सव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने राज्य चल रहे मतदान और निर्वाचन संबंधी जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी भी दी। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे ने भारत निर्वाचन आयोग का आभार प्रदर्शन किया और आश्वस्त किया कि आयोग द्वारा निर्धारित नियमों, प्रक्रियाओं और मापदण्डों के अनुसार ही राज्य में विधानसभा निर्वाचन सम्पन्न कराया जाएगा।
सीईसी श्री कुमार ने महोत्सव में मतदान के लिए लोगों को जागरूक करने का संदेश देने वाली फोटो
प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में राज्य में मतदान और मतदान प्रक्रिया से लोगों को अवगत कराने अब तक किए गए प्रयासों का प्रदर्शन किया गया है। राज्य में विशेषतः अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में मतदान सुनिश्चित करने के लिए किए गए उपायों और निर्वाचन-दर-निर्वाचन आये सकारात्मक परिणामों का भी प्रदर्शन किया गया।
श्री राजीव कुमार ने मतदाता महोत्सव के दौरान मतदान प्रतिशत बढ़ने और निर्वाचन प्रक्रिया के सहज- सरल तरीके से पूरे होने में राज्य की महिला मतदाताओं की सहभागिता प्रदर्शित करती हुई पुस्तक ’’शक्ति’’ का भी विमोचन किया। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अनुशंसित गीत ’’मैं भारत हूं’’ के छत्तीसगढ़ी अनुवाद का भी विमोचन किया। महोत्सव में नये युवा मतदाताओं, विशेष पिछड़ी जनजातियों के मतदाताओं को इपिक कार्ड का वितरण भी किया गया।
मतदाता महोत्सव के दौरान राज्य के पांचों संभागों से चयनित पांच श्रेष्ठ बीएलओ का भी सम्मान किया गया। इन बूथ स्तरीय अधिकारियों ने मतदाता सूची पुनरीक्षण के काम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। इसके साथ ही मतदाता सूचियों में वर्तमान पतें पर नाम जोड़ने और पूर्व पते से नाम कटवाने का संदेश देने के लिए पांच नव विवाहित वधुओं को भी महोत्सव में सीईसी ने इपिक कार्ड प्रदान किए।
मलखम्ब से शरीर और मतदान से लोकतंत्र होता है मजबूत- कार्यक्रम में मतदान के लिए लोगों को प्रेरित करने, मतदान का महत्व बताने और आगामी निर्वाचन में शत-प्रतिशत मतदान करने के लिए जागरूक करने मलखम्ब प्रदर्शन भी किया गया। मलखम्ब देश का अद्भुत खेल है जिसके योग, कुश्ती और जिमनास्टिक का समन्वय है। इस खेल से जहां शरीर निरोगी और स्वस्थ्य होता है। वहीं मतदान से लोकतंत्र को मजबूती मिलती है। भारत निर्वाचन आयोग ने सभी मतदाताओं से आगामी विधानसभा चुनाव में अपना मतदान अवश्य ही करने की अपील भी की।
महोत्सव में मलखम्ब का प्रदर्शन अबूझमाड़ मलखम्ब अकादमी के खिलाड़ियों ने किया। थोड़े ही समय में मलखम्ब खेल ने छत्तीसगढ़ को बड़ी पहचान दिलाई है। मलखम्ब के खिलाड़ियों ने राज्य स्तर पर 90 पदक, राष्ट्रीय स्तर पर 45 पदक और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 03 स्वर्ण पदक भी जीते है। इंडिया गॉड टैलेंट जैसे रियलिटी शो के जरिये भी अबूझमाड़ के इन खिलाड़ियों ने छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है। प्रदेश में स्वतंत्र निष्पक्ष तरीके से मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए इन खिलाड़ियों का सहयोग स्वीप गतिविधियों में किया जा रहा है।
मतदाता महोत्सव में खैरागढ़ के इंदिरा संगीत कला विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने निर्वाचन में मतदान के महत्व पर आधारित लघु नाटिका का भी मंचन किया और एक-एक वोट की अहमियत बताई। लघु नाटिका के माध्यम से भी लोगों को अनिवार्य रूप से मतदान के लिए प्रेरित किया गया।

अबूझमाड़ मलखम्ब एकेडमी की टीम ने दी शानदार प्रस्तुति
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के आगमन पर राजधानी रायपुर स्थित बूढ़ा तालाब में आयोजित मतदाता महोत्सव में नारायणपुर के अबूझमाड़ मलखम्ब एकेडमी की टीम ने शानदार प्रस्तुति दी।
बेहतरीन समन्वय के साथ मैं भारत हूँ भारत है मुझमें/मैं ताकत हूँ ताकत है मुझमें, गीत पर मलखम्ब की प्रस्तुति ने ख़ूब वाहवाही बटोरी।

मतदाता जागरूकता पर नाटक का मंचन
खैरागढ़ संगीत कला विश्वविद्यालय से आए छात्रों ने मतदाता जागरूकता पर नाटक का मंचन किया। उन्होंने न नशे से न नोट से/सरकार चलेगी वोट से, युवा हो तुम देश की शान/जागो उठो करो मतदान जैसे नारों के साथ नाटक का मंचन किया।
‘मैं भारत हूँ भारत है मुझमें‘ गीत का छत्तीसगढ़ी भाषा में अनुवाद का हुआ विमोचन

मैं भारत हूँ भारत है मुझमें/ मैं ताकत हूँ ताकत है मुझमें, गीत का छत्तीसगढ़ी भाषा में अनुवाद का विमोचन भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री राजीव कुमार द्वारा किया गया। इस गीत में छत्तीसगढ़ के कला, निर्देशन, अभिनय और स्पोर्ट्स जैसे विविध क्षेत्रों से जुड़े लोगों का फिल्मांकन है। गीत में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, सभ्यता और ऐतिहासिक विरासतों के फिल्मांकन के साथ मतदाता जागरूकता का संदेश दिया गया है।

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मुंगेली। शौर्यपथ । छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री थानेश्वर साहू के छोटे पुत्र मनु साहू का कल आकस्मिक निधन हो गया जिनका अंतिम  संस्कार आज दिनांक 25 अगस्त को मुंगेली में किया जाएगा ।श्री थानेश्वर साहू के पुत्र के निधन पर आयोग के उपाध्यक्ष श्री आर्यन वर्मा ने अपनी संवैदना प्रकट की एवं मृत आत्मा को श्रद्धांजलि दी श्री आर एन वर्मा ने कहा कि दुख की घड़ी में ईश्वर श्री धनेश्वर साहू जी एवं उनके परिवार को संभल प्रदान करें

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