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May 23, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

 दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन एवं सेन समाज युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. प्रतीक उमरे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र प्रेषित कर दुर्ग शहर से भाजपा प्रत्याशी बनाने का आग्रह किया था जिसपर प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए पत्र को प्रधानमंत्री कार्यालय के अवर सचिव मुकुल दीक्षित को अग्रेषित किया है। भाजपा के पूर्व एल्डरमैन डॉ. प्रतीक उमरे ने छत्तीसगढ़ के आगामी विधानसभा चुनाव में दुर्ग शहर विधानसभा से चुनाव लड़ने की अपनी मंशा से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अवगत कराया था।उन्होंने दुर्ग शहर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी बनाने का आग्रह भी किया था।उन्होंने उक्त पत्र में लिखा था कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के बाद से आज तक भारतीय जनता पार्टी द्वारा सेन समाज से पूरे राज्य में किसी भी व्यक्ति को विधानसभा का प्रत्याशी नही बनाया गया जबकि छत्तीसगढ़ प्रदेश में सेन समाज की जनसंख्या 24 लाख से ज्यादा है,लेकिन प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी द्वारा सेन समाज की उपेक्षा से भाजपा के प्रति सेन समाज के लोगों की नाराजगी बढ़ रही है, सेन समाज युवा प्रकोष्ठ का अध्यक्ष होने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी से दुर्ग नगर निगम का पूर्व एल्डरमैन रहते हुए  15 वर्षो से पार्टी के विभिन्न पदों पर रहे हैं।भारतीय जनता पार्टी का 15 साल से सदस्य रहते हुए सामाजिक एवं अपने एल्डरमैन कार्यकाल में किये गए जनहित के कार्यों की जानकारी भी साझा किया था,तथा बताया था कि 18 साल की उम्र में जब मेरे दोस्त उत्सव मेला देखने जाते थे उस समय मैं भाजपा का झंडा थामे केंद्र की कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में होता था।घर से उस समय 2500 रुपये पॉकेट मनी मिलता था उसे भी पार्टी के कार्यक्रमों के लिए खर्च कर देता था।15 साल से भाजपा का कार्यकर्ता रहते हुए जनहित के मुद्दों पर हमेशा मुखर रहे हैं। विभिन्न माध्यमों से सर्वे भी कराए गये होंगे जिससे ज्ञात होगा इस बार दुर्ग शहर की जनता युवा विधायक चाहती है,इसलिए प्रधानमंत्री से आग्रह किया था कि 15 साल के पार्टी के समर्पण को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्रत्याशी बनाया जाए।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आश्वस्त किया था कि दुर्ग शहर विधानसभा सीट में भारतीय जनता पार्टी का परचम फिर से लहराएगा।

दुखहरण सिंह ठाकुर
कवर्धा / शौर्यपथ / भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रवास योजना से कवर्धा विधानसभा में दौरा कर रहे सहरसा बिहार के विधायक आलोक रंजन झा ने जिले के शहीद नरेंद्र शर्मा के परिजनों से उनके ग्राम दुल्लापुर में मुलाकात की. श्री झा ने स्व. नरेंद्र शर्मा की प्रतिमा पर अपने श्रद्धा सुमन भी अर्पित किए. विधायक श्री झा के साथ मौजूद भाजपा जिला मीडिया प्रभारी जसविंदर बग्गा ने बताया कि इस मौके पर परिजनों तथा उपस्थित ग्रामवासियों से चर्चा करते हुए श्री झा ने देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले मां भारती के सपूतों की गाथाएं सुनाई. उन्होंने कहा कि देश की आन बान और शान के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देने वाले इन शहीदों से ही आज देश और नागरिक सुरक्षित हैं. आज शहीद नरेंद्र शर्मा की जन्मभूमि के दर्शन कर मैं अपने को सौभाग्यशाली मान रहा हूं.
कौन हैं शहीद नरेंद्र शर्मा
सन् 1971 में बांग्लादेश को लेकर भारत-पाकिस्तान में युद्ध हुआ था। इसी युद्ध में कबीरधाम जिले के गाँव दुल्लापुर (रबेली) निवासी श्री नरेन्द्र शर्मा देश के लिए शहीद हुए थे। 20 वर्ष की छोटी सी उम्र में स्वदेश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर शहीद नरेन्द्र शर्मा का जन्म 12 दिसम्बर 1951 को दुल्लापुर की पावन धरा में हुआ था।
11 जनवरी 1971 को राजस्थान रेजिमेंट अंतर्गत् भारतीय सेना में शामिल होकर वे देश की सेवा करने लगे। इसी बीच भारत पाकिस्तान का युद्ध छिड़ गया। 1971 का युद्ध पाकिस्तानी सैनिकों के आत्मसमर्पण व बांग्लादेश के विभाजन से समाप्त हुआ,जिसमें छत्तीसगढ़ के 40 से अधिक योद्धाओ ने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए दुश्मनों से लोहा लिया था।
इसी लड़ाई में गांव के गौरव श्री नरेन्द्र शर्मा मातृभूमि के लिए शहीद हो गये।विधायक श्री झा के शहीद परिवार से भेंट के समय शहीद के परिजन पेखन प्रसाद शर्मा,भोलेश्वर शर्मा,रामरतन शर्मा ,ओमप्रकाश शर्मा,हीरेन्द्र शर्मा,जितेंद्र शर्मा,ललित शर्मा,हेमन्त शर्मा,शुभम शर्मा,नकुल चंद्रवंशी,अशोक चंद्रवंशी,लोकेश साहू नेता प्रतिपक्ष, नीतीश चंद्रवंशी, अश्वन साहू भाजयुमो मंडल अध्यक्ष सहित ग्रामवासी उपस्थित थे।

दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग के रोमन पार्क में कल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा आयोजित विधानसभा स्तरीय संकल्प सिविल में शामिल होने पहुंचे छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का प्रथम दुर्ग आगमन पर छत्तीसगढ़ एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष सोनू साहू के नेतृत्व में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या बल के साथ आयोजन स्थल से पहले अध्यक्ष का जोरदार स्वागत कर संकल्प शिविर कार्यक्रम में करीब 300 से अधिक संख्या में दुर्ग NSUI के कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होकर आगामी विधानसभा चुनाव हेतु प्रशिक्षण देने पहुंचे सभी वक्ताओं से बूथ मैनेजमेंट और भूपेश बघेल सरकार की योजनाओं की जानकारी संबंधित जानकारी प्राप्त किए .
सोनू साहू ने बताया कि दीपक बैज जो को खुद एनएसयूआई के छात्र राजनीति से अपनी राजनीति की शुरुआत कर आज वे विधायक सांसद से लेकर छःग प्रदेश कांग्रेस के कमेटी के नेतृत्व कर रहे हैं निश्चित ही माननीय अध्यक्ष जी से मिलकर उनकी बातों सुनकर युवा साथियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला भविष्य में पार्टी जो भी जिम्मेदारी साथियों देगी उसे पूरा ईमानदारी के साथ आगामी विधानसभा चुनाव में हर एक एनएसयूआई के कार्यकर्ता पूरी ऊर्जा से अब की 75 पार सीट जीतने के लिए पूरी मजबूती के साथ बूथ ब्लॉक सेक्टर में जाकर कार्य करेगी और पुनः छःग में कांग्रेस की सरकार बनाने में अपना योगदान देगी वही मुख्यमंत्री जी के सलाहकार विनोद वर्मा एवं राजेश तिवारी ने संकल्प शिविर में आए हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सम्बोधित किया इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पूरी जोश ऊर्जा के साथ संकल्प शिविर में कार्यकर्ताओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

दुर्ग / शौर्यपथ / छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के तत्वाधान में एवं जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग श्रीमती नीता यादव के मार्गदर्शन में ’’माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007’’ के संबंध में एक दिवसीय कार्यशाला/प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन आज दिनांक 25/08/2023 को दोपहर 2ः00 बजे जिला न्यायालय, दुर्ग के सभागार स्थल पर आयोजित की गयी है।
उक्त आयोजित कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन के रूप में श्री संजीव कुमार टॉमक, प्रथम अति. जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग, श्री विवेक नेताम, नवम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 दुर्ग, कु0 पॉयल टोप्नो, षष्ठदश व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 दुर्ग, श्री आशीष डहरिया, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। वहीं कार्यशाला में प्रतिभागियों के रूप में श्री विनय कुमार सोनी, संयुक्त कलेक्टर, दुर्ग/अनुविभागीय अधिकारी (रा.) धमधा , श्री विपुल कुमार गुप्ता, संयुक्त कलेक्टर दुर्ग/अनुविभागीय अधिकारी (रा.) पाटन तथा श्री सी.एस.कनवर, तहसीलदार धमधा, श्री प्रफुल्ला गुप्ता अति. तहसीलदार दुर्ग, के अलावा लीगल एड डिफेंस कौंसिल सिस्टम दुर्ग के समस्त कौंसिलगण, पेनल अधिवक्तागण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के समस्त पैरालीगल वार्लेिन्टयर्स बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।
’’माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007’’ के संबंध में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए श्री संजीव कुमार टॉमक, प्रथम अति. जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग, द्वारा कार्यशाला में उपस्थिति प्रतिभागियों को उक्त एक्ट की स्थापना माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों को दिलाने हेतु होना बताते
हुए, आज माता-पिता व वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकार से वंचित होने को समाज के बदलते स्वरूप को जिम्मेदार होना बताते हुए कहा गया कि समाज/घर में अधिकांश लोग आज किस ओर जा रहे हैं उनकी भूमिका समाज/घर में क्या होनी चाहिए ये समझने वाला कोई नहीं है। हमें इसी बात को आमजनों/समाज के लोगों को समझाना है कि समाज/घर में उनकी भूमिका क्या होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त कार्यशाला में उपस्थित ट्रिब्यूनल के प्रतिभागियों /अधिकारियों को उक्त अधिनियम के तहत ट्रिब्यूनल में संपादित होने वाले कार्य संपादन के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उक्त एक्ट के तहत पुलिस विभाग व चिकित्सा विभाग तथा अन्य विभागों की मदद कैसे ली जा सकती है के बारे में बताया गया तथा उपस्थित पैरालीगल वालेन्टियर्स को संबंधित अधिनियम के तहत उनकी भूमिका क्या होनी चाहिए के बारे में बताते हुए उन्हें वरिष्ठ नागरिकों की हरसंभव मदद करते हुए तथा उन्हें उनके अधिकार दिलाने में विधिवत आवश्यक रूप से सहायता प्रदत्त करने प्रेरित करते हुए कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को उनके द्वारा पूछे गये विभिन्न प्रश्नों का विधिनुरूप समुचित उत्तर देते हुए उनकी शंकाओं का समाधान किया गया।
रिसार्स पर्सन श्री विवेक नेताम, नवम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 दुर्ग द्वारा अपने उद्बोधन में ’’माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007’’ के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए उक्त अधिनियम की धारा 4, 7, 10 धारा 11 एवं धारा 11(2), धारा 12, 15, 16, 23, 19, 20, 24 27 एवं धारा 34 की विस्तार से व्याख्या की गयी।
कु. पॉयल टोप्नो, षष्ठदश व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 दुर्ग, ने अपने उद्बोधन में उपस्थित प्रतिभागियों को संबंधित अधिनियम की धारा 32 के बारे में बताते हुए उक्त अधिनियम के प्रयोजनों को कार्र्यािन्वत करने के नियमों के बारे में बताते हुए कहा गया कि तत्संबंध में मामला ट्रिब्यूनल में प्रस्तुत किया जा सकता है तथा ट्रिब्यूनल में मामला प्रस्तुत होने उपरांत उसके निराकरण की प्रक्रिया क्या होगी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी।

दुर्ग / शौर्यपथ / खरीफ 2023 में जिले के कृषकों हेतु उच्च गुणवत्तायुक्त आदान सामग्री यथा-खाद, बीज एवं कीटनाशक दवाई की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिये कृषि विभाग द्वारा सघन अभियान चलाते हुए जिले के निजी एवं सहकारी प्रतिष्ठानों का सतत् निरीक्षण किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा के निर्देशानुसार उप संचालक कृषि ललित मोहन भगत, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सौरभ वर्मा, विकासखण्ड निरीक्षक दुर्ग नवीन खोब्रागड़े, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अनिल कुमार चन्द्राकर, वाहन चालक यदुसुदन ठाकरे के संयुक्त दल द्वारा विकासखंड-दुर्ग में प्रतिस्थापित मिश्रित उर्वरक निर्माण फैक्ट्री मेसर्स सुहाने एग्रो (इंडिया) प्रा.लि. हथखोज का 25 अगस्त 2023 को औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण उपरांत मिश्रित उर्वरक निर्माण फैक्ट्री से निर्मित उर्वरक 1630:0-3 नमूने, 20:20:10-1 नमूने, सिंगल सुपर फास्फेट 16 प्रतिशत (Raw Material) का 01 नमूना लिया जा कर गुणवत्ता परीक्षण हेतु प्रयोगशाला प्रेषित किया गया। निरीक्षण के दौरान मिश्रित उर्वरक निर्माण फैक्ट्री में 10 वर्ष पु्राना कच्चे सामग्री का उपयोग एवं भण्डारण पाया गया। जिससे निर्मित उर्वरको की गुणवत्ता में कमियां सुनिश्चित है तथा निर्माण संबंधी संधारित स्कंध पंजी एवं अन्य दस्तावेजों का अवलोकन नहीं कराने के कारण संबंधित निर्माता कम्पनी को कारण बताओं नोटिस जारी कर जवाब 03 दिवस के भीतर प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है। साथ ही समयावधि में समाधान कारक जवाब प्रस्तुत नहीं करने की दशा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों के तहत मिश्रित उर्वरक निर्माण फैक्ट्री को सील करने की कार्यवाही की जावेगी। उप संचालक कृषि द्वारा निर्माता को उर्वरकों की अच्छी गुणवत्ता युक्त आदान सामग्री का निर्माण एवं सुखे हवादार जगहों पर नियमानुसार उर्वरकों का भण्डारण करने हेतु निर्देश दिये गये।

वंचित परिवारों को सुविधा देने का अनुरोध किया, निर्माण प्रोत्साहन 12000 से बढ़ाकर 30000 रुपए करने की मांग
पिछली सरकार ने 4000 करोड़ खर्च कर बनाए थे 32 लाख शौचालय, तब भी 23.2 प्रतिशत परिवार वंचित
”अतिवाद प्रभावित तथा दुर्गम क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों के माध्यम निर्माण की स्वीकृति मिले”

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर चिंताई जताई है कि पिछली सरकार द्वारा राज्य को ओडीएफ घोषित किए जाने के बावजूद 15 लाख परिवार उन्नत शौचालय सुविधा से वंचित हैं। श्री बघेल ने इन परिवारों को यह सुविधा उपलब्ध कराने की मांग प्रधानमंत्री से की है। साथ ही कहा है कि उन्नत शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि 12000 रुपए प्रति परिवार से बढ़ाकर 30000 रुपए की जानी चाहिए। उन्होंने अतिवाद प्रभावित तथा दुर्गम क्षेत्रों में ऐसे शौचालयों का निर्माण ग्राम पंचायतों के माध्यम से स्वीकृत करने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्र में लिखा है कि भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के तत्वावधान में कराये गये राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 6 (2019-21 ) में यह पाया गया है कि छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में 88.2 प्रतिशत परिवार एवं ग्रामीण क्षेत्रों के 73.5 प्रतिशत परिवार उन्नत शौचालय सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। इस तरह राज्य के कुल परिवारों में से 76.8 प्रतिशत परिवार उन्नत शौचालय सुविधा का उपयोग कर रहे हैं तथा 23.2 प्रतिशत परिवार इस सुविधा से वंचित हैं। विगत माह राज्य सरकार द्वारा कराये गये सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण के दौरान शौचालयों के भौतिक सत्यापन से राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के जारी आंकड़ों की पुष्टि होती है।
मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में आगे कहा है कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में राज्य में 32 लाख से अधिक शौचालय निर्मित किये हुये थे तथा जनवरी 2018 में संपूर्ण राज्य को ओ.डी.एफ घोषित किया गया था। शौचालयों के निर्माण में लगभग 4,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि का व्यय हुआ था। इतनी राशि व्यय करने के बाद भी राज्य के लगभग 15 लाख परिवारों को वर्तमान में उन्नत शौचालय की सुविधा न होना चिंता एवं जांच का विषय है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र के माध्यम से अनुरोध करते हुए लिखा है कि भारत सरकार के प्रशासकीय विभाग द्वारा स्वतंत्र तृतीय पक्ष के माध्यम से वस्तुस्थिति की जांच करायी जाये तथा राज्य की भौगोलिक एवं जनांकिकीय स्थिति को ध्यान में रखते हुये उन्नत शौचालय सुविधा रहित परिवारों के लिए शौचालय निर्माण हेतु प्रति परिवार प्रोत्साहन राशि को 12,000 रू के स्थान पर 30,000 रू करते हुए राशि स्वीकृत की जावे एवं अतिवाद प्रभावित तथा दुर्गम क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों के माध्यम से शौचालय निर्माण की सहमति दी जाये।

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश की भारत के नक्शे में स्थिति ऐसी है कि यहां एक बड़ा मेडिकल हब बनने की असीम संभावनाएं हैं। यहां की भौगोलिक स्थिति और वातावरण स्वास्थ्य के अनुकूल है। वे आज शाम राजधानी रायपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित 21 वें सीजीएमपी न्यूरोकॉन 2023 कार्यक्रम के संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने वरिष्ठ न्यूरोसर्जन द्वारा लिखी पुस्तक ’ब्रेन डेथ, ऑर्गन डोनेशन और ट्रांसप्लांटेशन’ का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम में आगे कहा कि पिछले पौने पांच सालों में हमने छत्तीसगढ़ में बड़ा मेडिकल-नेटवर्क स्थापित करने में कामयाबी हासिल की है। यहां शासकीय और निजी क्षेत्र के मेडिकल संस्थानों ने अद्भुत तालमेल और प्रतिभा से इस उपलब्धि को हासिल किया है। प्रदेश में न्यूरो चिकित्सा के क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाएं सुलभ हुई है और विशेषज्ञ चिकित्सकों का लाभ छत्तीसगढ़ के मरीजों को लगातार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 5 साल पहले यह स्थिति थी कि मलेरिया से लोगों की जानें जाती थी, मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने में हम सफल हुए हैं। आज हाट-बाजार क्लिनिक योजना से स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है और दूर-दराज के इलाकों तक स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा बढ़ा है। मुझे यह कहते हुए गर्व होता है कि आज हमारे यहां चिकित्सा के क्षेत्र में एक मजबूत अधोसंरचना भी तैयार हो चुकी है।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब नक्सलियों पर बात नहीं होती बल्कि कृषि, संस्कृति, सामाजिक उत्थान और नए छत्तीसगढ़ को लेकर बातें हाती है जिससे प्रदेश की नई पहचान बनी है। कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष गौतम चौड़रिया और वरिष्ठ चिकित्सक एस एन मढ़रिया और संदीप दवे ने भी संबोधित किया।

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में समाज सुधारक और शिक्षाविद् स्वामी आत्मानंद की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी आत्मानंद ने छत्तीसगढ़ में मानव सेवा एवं शिक्षा संस्कार की अलख जगाई। पीड़ित मानवता की सेवा को उन्होंने सबसे बड़ा धर्म बताया। छत्तीसगढ़ उनकी कर्मभूमि रही है। स्वामी आत्मानंद ने शहरी और आदिवासी क्षेत्र में बच्चों में संस्कार, युवाओं में सेवा भाव और बुजुर्गों में आत्मिक संतोष का संचार किया। स्वामी विवेकानंद के विचारों का भी उन पर भी गहरा असर हुआ और उन्होंने अपना पूरा जीवन दीन-दुःखियों की सेवा में बिता दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने स्वामी आत्मानंद के पद चिन्हों पर चलते हुए किसानों, वनवासियों, गरीबों और मजदूरों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के हर संभव प्रयास कर रही है। अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वामी आत्मानंद जी के मानव सेवा के क्षेत्र में किए गए कार्य अनुकरणीय और प्रेरणास्पद है। स्वामी आत्मानंद जी ने वनवासियों के उत्थान के लिए नारायणपुर आश्रम में उच्च स्तरीय शिक्षा केन्द्र की स्थापना की। राज्य सरकार ने इससे प्रेरणा लेते हुए उनके नाम पर स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू किए हैं, जिनमें हर वर्ग के बच्चों को अच्छी कक्षा, पुस्तकालय, खेल मैदान सहित अच्छी पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने आदिवासियों के सम्मान एवं उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए अबूझमाड़ प्रकल्प की स्थापना की। नारायणपुर में वनवासी सेवा केन्द्र प्रारंभ कर वनवासियों की दशा और दिशा सुधारने के प्रयास किए। श्री बघेल ने कहा कि स्वामी अत्मानंद जी के आदर्श और जीवन मूल्य सदा जनसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

दुर्ग / शौर्यपथ / राज्य सभा सांसद सरोज पाण्डेय के द्वारा महतारी खेल महोत्सव का आयोजन किया गया जिसमे समाज के माध्यम वर्ग एवं निम्न वर्ग के शायद ही किसी को शामिल किया गया हो . दुर्ग में ऐसी राजनितिक चर्चा तेज है कि सुश्री सरोज पाण्डेय जिनकी कर्म भूमि दुर्ग निगम क्षेत्र है . रिसाली मैत्री नगर की मूल निवासी होने के बावजूद दुर्ग निगम क्षेत्र की जनता ने उन्हें भरपूर प्यार और साथ दिया दुर्ग निगम क्षेत्र से राजनीती की शुरुवात करते हुए आज केन्द्रीय नेत्री के रूप में पहचान बना चुकी है . महापौर के कार्यकाल के वक्त किये गए कार्यो की आज भी सराहना होती है और उसी कार्यकाल का परिणाम है कि महापौर से विधायक , सांसद , राष्ट्रिय महासचिव , राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रिय उपाध्यक्ष सहित कई महत्तव पूर्ण पदों की जिम्मेदारी निभाते हुए भाजपा को आगे बढाने के लिए कार्यरत है .
किन्तु वही दूसरा पहलु देखे तो उनके दस साल के कार्यकाल का जो प्रतिसाद उन्हें मिला उसके बदले अब दुर्ग शहर को क्या मिला . आज दुर्ग शहर में आम जनो के बीच महीनो में कभी पहुच जाए तो चर्चा का विषय बनता है .आम जनता अगर अपनी कोई बात रखना चाहे तो मुलाक़ात मुश्किल है . लोकसभा सांसद और राज्य सभा संसद के कार्यकाल के दौरान दुर्ग शहर में सुश्री सरोज पाण्डेय के किये कार्यो का ऐसा कोई उपलब्धि नहीं जिसे जनता के सामने रखा जा सके .
एक मुक्तिधाम सौन्दर्यीकरण का कार्य है जो पिछले 10 सालो के कार्यो की उपलब्धि कही जा सकती है . दुर्ग भाजपा में सांसद के समर्थको की फौज तो है किन्तु आम जनता से दुरी का ही परिणाम रहा कि मोदी लहर में भी सांसद चुनाव में हार का सामना करना पड़ा , विधायन सभा चुनाव २०१८ में भी भाजपा की करारी हार हुई उसके बाद निगम चुनाव की बात करे तो उनके द्वारा उतारे गए कई प्रत्याशियों को निर्दली प्रत्याशियों से भी कम मत मिले और करारी हार हुई . निष्क्रिय संगठन के रूप में दुर्ग भाजपा की चर्चा होने लगी . गाहे बगाहे शक्ति प्रदर्शन कर निगम प्रशसन को घेरने की बात जरुर हुई किन्तु यह आन्दोलन भी सिर्फ शक्ति प्रदर्शन का रूप लेकर ही खत्म हो गया जिन समस्याओ के निराकरण के लिए आन्दोलन किया गया वह समस्या आज भी जिवंत है . दुर्ग की आम जनता से आज भी जल परिसर की दुरी बरकरार है ऐसे में शहर में आम जनता के बीच चुनावी मौसम में एक बार फिर चर्चा जोरो पर है कि इस बार भी चुनावी जंग एक तरफ़ा होगी अगर प्रत्याशी बंगले की पसंद का होगा तो . वैसे पिछले साल भर से संगठन को सक्रीय करने एवं रूठो को मना कर एक बार फिर संगठन को मजबूत करने में नई टीम मेहनत कर रही किन्तु यह मेहनत कितनी कारागार होगी यह भविष्य में निर्धारित होगा किन्तु दुर्ग की आम जनता के लिए वर्तमान में अभि भी बंगले का सफ़र बहुत लम्बा है और बंगले से आशीर्वाद प्राप्त कार्यकर्ता आम जनता से दुरी बनाए रखे हुए .
लेख -दुर्ग शहर की आम जनता से चर्चा पर आधारित

 नगरी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एकवारी के जंगल में नक्सलियों के इकट्ठा होने की सूचना के बाद डीआरजी. धमतरी टीम एवं डीआरजी. गरियाबंद की संयुक्त नक्सल ऑपरेशन टीम द्वारा एक नक्सली को मार गिराया गया।

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