July 31, 2026
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    ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / अक्सर लोगों का सवाल रहता है कि बॉलीवुड एक्ट्रेस ऐसा क्या करती हैं, जिससे उनकी स्किन इतनी ग्लोइंग और चमकदार होती है और 50 की उम्र के बाद भी उनकी स्किन  25 जैसी नजर आती है. इसके लिए खानपान का विशेष ध्यान रखना तो जरूरी है और अपनी रूटीन लाइफ में कुछ बदलाव करके आप सेलिब्रिटीज जैसी स्किन पा सकते हैं. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि 50 की उम्र में चेहरे की कसावट को बनाए रखने के लिए आपको क्या करना चाहिए.
    टमाटरके पल्प का करें इस्तेमाल
     जी हां, टमाटर के पल्प में एंटी एजिंग गुण पाए जाते हैं और यह आपकी स्किन को ग्लोइंग बनाने में भी मदद करता है. ऐसे में त्वचा पर कसावट लाने के लिए एक टमाटर को काट लें, फिर इसके एक हिस्से को चेहरे पर रगड़े, ऐसा करने से स्किन टाइट होती है.
    नारियल के तेल का करें इस्तेमाल
     नारियल का तेल भी एंटी एजिंग के लिए बहुत कारगर माना जाता है. आप दिन में दो बार नारियल के तेल से हल्के हाथों से मसाज करें और 10-15 मिनट बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें. ऐसा करने से स्किन हाइड्रेट होती है और चेहरे पर फाइन लाइन और रिंकल्स नजर नहीं आते हैं.
    ऑलिव ऑयल
    50 की उम्र में स्किन नेचुरली ऑयल प्रोड्यूस करना कम कर देती है, ऐसे में स्किन डिहाइड्रेटेड और ड्राई नजर आने लगती है. अपनी स्किन पर ऑयल मेंटेन रखने के लिए आप ऑलिव ऑयल को हाथों में लेकर सर्कुलर मोशन में चेहरे की मसाज करें, इसके बाद इसे आधे घंटे के लिए छोड़ दें और गुनगुने पानी से चेहरा धो लें.
    एलोवेरा
    एलोवेरा में नेचुरल एंटी एजिंग इनग्रेडिएंट होता है, जिसका इस्तेमाल करके आप अपनी स्किन को टाइट बना सकते हैं. इसके लिए फ्रेश एलोवेरा को काटकर इसका पल्प निकाल लें या किसी ऑर्गेनिक एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करके सोने से पहले इससे अपने चेहरे की मसाज करें और सुबह उठकर इसे धो लें.
    कॉफी
    कॉफी न सिर्फ आपको इंस्टेंट एनर्जी देती है, बल्कि स्किन को टाइट और ब्राइट बनाने का भी काम करती है. इसके लिए कॉफी पाउडर में एक चम्मच दही और शक्कर को मिक्स करें, फिर इसे अपने चेहरे पर लगाए, इससे स्किन एक्सफोलिएट होती है और फाइन लाइंस और रिंकल्स भी कम होते हैं.
    केला
    केला एक ऐसा सुपर फूड है, जो सेहत के लिए फायदेमंद होने के साथ स्किन के लिए भी बहुत शानदार इनग्रेडिएंट है. आप पके हुए केले को मैश करके इसमें शहद मिलाएं और इसे 15 मिनट के लिए चेहरे पर लगाएं. इससे त्वचा में कसावट आती है और स्किन ब्राइट भी नजर आती है.

    टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / बच्चों की परवरिश करना आसान नहीं होता है. उन्हें हर तरह से स्ट्रॉन्ग बनाना भी होता है. सिर्फ फिजिकली नहीं बच्चों का मेंटली भी स्ट्रॉन्ग होना बेहद जरूरी होता है. अगर बच्चे मेंटली स्ट्रॉन्गनहीं होते हैं तो कई बार लोग उनका फायदा उठा लेते हैं और वो आपको इस बारे में कुछ बता भी नहीं पाते हैं साथ ही बुली के भी शिकार हो जाते हैं. ऐसे बच्चे बहुत जल्दी या बात-बात पर रो जाते हैं. बच्चे को स्ट्रॉन्ग बनाना जरूरी है. अगर आपका बच्चा भी बात-बात पर रो देता है तो उसे स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए आपको कुछ टिप्स फॉलो करने की जरूरत है. इन टिप्स की मदद से बच्चा इमोशनली स्ट्रॉन्ग बनेगा और बात-बात पर रोना भी बंद हो जाएगा.
    हर काम हमारे हिसाब से नहीं होता
    जब भी आपका बच्चा किसी चीज को लेकर रोने लगे तो आप उसे उस दौरान समझाइए कि हर चीज उनके हिसाब से हो ऐसा जरूरी नहीं होता है. सिचुएशन के साथ मैनेज करना भी जरुरी होता है. बच्चे को दी ये सीख उनकी जिंदगी में आगे तक काम आएगी. साथ ही मुश्किल समय में उन्हें पता होगा कि कैसे रिएक्ट करना है.
    बच्चे को बोलने दें
    कई लोग अपने बच्चों को ज्यादा बोलने नहीं देते हैं. इस वजह से बच्चा अपनी भावनाएं जाहिर नहीं कर पाता है. जो लोग अपनी बात को एक्सप्रेस नहीं कर पाते हैं वो इमोशनली वीक हो जाते हैं इसलिए अपने बच्चे को इमोशनली वीक ना होने दें और उन्हें उनकी बात बोलने दें. जिससे वो अपने इमोशंस को जाहिर कर पाएंगे.
    कॉन्फिडेंस बढ़ाएं
    बच्चे का कॉन्फिडेंस बढ़ा हुआ होता है तो वो किसी भी चीज से डरते नहीं हैं. वो हर मुद्दे पर अपनी बात रखते हैं और अपनी भावनाओं को एक्सप्रेस कर पाते हैं साथ ही नेगेटिविटी से दूर रहते हैं इसलिए अपने बच्चे का कॉन्फिडेंस बढ़ाएं. बच्चे का कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए आप उन्हें किसी हॉबी या स्किल डेवलप करने वाली चीजें करा सकते हैं.
    हर बात पर टोके नहीं
    बच्चे गलती करते हैं पर इसका मतलब ये नहीं की आप उनपर हर बात पर चिल्लाएं या गलत करने से मना करते रहें. अगर बच्चा गलती नहीं करेगा तो चीजें सीखेगा कैसे. गलती के डर से वो कुछ करेगा नहीं और उसका कॉन्फिडेंस भी कम हो जाएगा. ऐसे में बच्चों को हर बात पर टोकना बंद कर दें.

    सेहत टिप्स /शौर्यपथ /मां का दूध बच्चों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. बच्चों के अच्छे और सही विकास में लिए इसे जरूरी माना जाता है. लेकिन सोशल मीडिया के प्रभावों से यह भी अछूता नहीं रह गया है. सोशल मीडिया पर आए दिन नए नए ट्रेंड्स  आते रहते हैं. आजकल एक ट्रेंड जो तेजी से ऑनलाइन दुनिया पर छा रही है वह है ब्रेस्ट मिल्क का फीडिंग के अलावा कई कामों में यूज करना. नई नई बनीं मम्मी अपने बच्चों को नहलाने के लिए ब्रेस्ट मिल्क का यूज कर रही है. यहां तक कि स्किन केयर के लिए भी इसका यूज शुरू हो गया है. इस पर विशेषज्ञों की क्या राय है आइए जानते हैं.
     बच्चे के लिए अच्छा
    विशेषज्ञों के अनुसार मां का दूध बच्चे की उचित विकास के लिए सभी तरह के आवश्यक पोषण से भरपूर होता है. इससे बच्चे को डायरिया, गट इंफेक्शन जैसी बीमारियों से सुरक्षा मिलती है. इसके साथ ही मोटापा, टाइप 1 डाइबिटिज जैसी बीमारियों का खतरा भी कम होता है और इम्यून सिस्टम स्ट्रॉग होता है.
    दूसरे कामों में यूज करना
    विशेषज्ञों के अनुसार  मां के दूध को इन कामों भी यूज किया जा सकता है. बच्चें के डायपर रैश को ठीक करने के लिए मां के दूध का यूज किया जा सकता है. बच्चें के दुत निकलते समय होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए मां के दूध को बच्चे के मसूढ़ों पर लगाने से आराम मिलता है. यह कटने और खरोंच को ठीक करने में मदद करता है. मां के दूध का अन्य कामों में यूज किये जाने का कारण इसमें मौजूद ग्रोथ फैटर, साइटोकिन्स, स्टेम सेल और लैक्टलबुमिन होता है. ये कई चीजों में उपयोगी साबित होते हैं. हालांकि इस पर अभी और रिसर्च की जरूरत है.
    कितना सुरक्षित
    विशेषज्ञों के अनुसार मां का दूध अन्य कामों में लिए पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है. कच्चे दूध से इंफेक्शन, एचआईवी, एचसीवी और सिफलिस जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा हो सकता है.  
    स्किन केयर में ब्रेस्ट मिल्क का यूज
    विशेषज्ञों के अनुसार ब्रेस्ट मिल्क को स्किन केयर में शामल किया जा सकता है. इसके नैचुरल एंटी बैक्टेरिया गुणों के कारण यह पिंपल को कम करने में मदद कर सकता है. हालांकि इस पर अभी और रिसर्च की जरूरत है. 

    सेहत टिप्स /शौर्यपथ /शरीर के हर अंग का खास ध्यान रखना जरुरी होता है. अगर आप शरीर का सही से ध्यान नहीं रखते हैं तो कई बीमारियों के शिकार हो सकते हैं. कई बार गंभीर बीमारियों के संकेत आपके शरीर के बाकी अंगों पर दिखने लगते हैं. इन संकेतों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. खासकर अगर ये संकेत आपके दांतों और मुंह में दिख रहे हो तो तुरंत सतर्क हो जाएं. ये संकेत आपको गंभीर बीमारियों का इशारा कर रहे होते हैं. आज हम आपको उन संकेतों के बारे में बताते हैं जो आपके दांत या मुंह में दिख रहे हैं तो आज ही अपने डॉक्टर के पास चले जाएं.
    दांतों में पीलापन
    दांतों में पीलापन बहुत ही अजीब लगता है. ये आपकी पूरी पर्सनालिटी को खराब भी कर सकता है. कई बार सही तरीके से दांतों को साफ नहीं करने की वजह से पीलेपन की शिकायत होने लगती है लेकिन अगर आपके दांत जरुरत से ज्यादा पीले हो रहे हैं तो लिवर की समस्या का इशारा दे सकती है.
    मुंह से बदबू आना
    कई लोगों के मुंह से बदबू आती है. ऐसा ओरल हाइजीन की वजह से होता है. कई बार ये मसूड़ों की बीमारी का भी इशारा करती है. इसके अलावा डाइजेशन की समस्या की वजह से भी मुंह से बदबू आ सकती है.
    जबड़ेमें दर्द
    कई बार जब आप कुछ बहुत ज्यादा टाइट खा लेते हैं तो जबड़े में दर्द होने लगता है. इसके अलावा जबड़े में दर्द का कारण गठिया या स्ट्रेस भी हो सकता है.
    मसूड़ों से खून आना
    मसूड़ों से खून आना एक बड़ी समस्या है. अगर आपके मसूड़ों से रोजाना खून आता है तो ये जिंजिवाइटिस के साइन हो सकते हैं.
    छाले होना
    कई बार पेट सही तरीके से साफ नहीं होने की वजह से मुंह में छाले होने लगते हैं. मगर हर बार छाले होना पेट की बीमारी का संकेत नहीं होता है. कई बार एचआईवी और ऑटोइम्यून डिसीज की वजह से भी छाले हो सकते हैं.
    दांतों में दर्द
    दांतों में दर्द होना कैविटी और इंफेक्शन के संकेत हो सकते हैं. अगर आपके दांतों में रोजाना तेज दर्द होता है तो इसके लिए आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाने की जरुरत है.

    शौर्यपथ / दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जेल से निकलने के बाद आज दिल्ली के कनॉट प्लेस (सीपी) स्थित हनुमान मंदिर भी जाएंगे. यह मंदिर सीएम केजरीवाल के लिए बेहद खास माना जाता है. चलिए भक्तों को इस मंदिर से जुड़ी कुछ खास बातें बताते हैं. भक्त अगर जपना चाहते हैं विश्व का सबसे लंबा श्रीराम जाप तो चले आइये दिल्ली के कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस में महाभारत कालीन श्री हनुमान जी का एक ऐसा प्राचीन मंदिर है, जिसके बारे में कई मान्यताएं हैं, जहां आप भी जाकर हनुमान लला के दर्शन कर सकते हैं.
    श्रीराम के भक्त और कलयुग के देव कहे जाने वाले पवनपुत्र हनुमान के संबंध में माना जाता है कि जो कोई भक्त पूरी श्रद्धा से उनकी स्तुति करता है, हनुमान जी उस पर अपनी कृपा अवश्य बरसाते हैं. देश में ऐसे कई ऐसे हनुमान मंदिर है, जिनके संबंध में मान्यता है कि इनके दर्शन मात्र से ही सारे कष्ट दूर हो जाते हैं. आज हम आपको हनुमान जी के एक ऐसे ही प्रसिद्ध मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं. दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस में महाभारत कालीन श्री हनुमान जी का एक ऐसा प्राचीन मंदिर है, जिसके बारे में कई मान्यताएं हैं, जहां आप भी जाकर हनुमान लला के दर्शन कर सकते हैं.
    दिल्ली के दिल में बसे पवनपुत्र हनुमान
    दिल्ली की दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस युवाओं का सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है, लेकिन कनॉट प्लेस में मौजूद भगवान हनुमान का मंदिर लोगों के बीच बहुत प्रसिद्ध है. यहां विराजमान पवनपुत्र हनुमान के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त यहां आते हैं. कहा जाता है कि ये मंदिर दिल्ली के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है. इस मंदिर में मंगलवार और शनिवार को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण महाभारत के समय पर हुआ था.
    मंदिर का इतिहास
     कहा जाता है कि दिल्ली का ऐतिहासिक नाम इंद्रप्रस्थ है, जो यमुना नदी के तट पर महाभारत-काल में पांडवों द्वारा बसाया गया था. उस समय कौरव हस्तिनापुर पर और पांडव इंद्रप्रस्थ पर राज किया करते थे. कहा जाता है कि पांडवों ने इंद्रप्रस्थ की स्थापना के समय पांच हनुमान मंदिरों की स्थापना की थी, ये मंदिर उन्हीं पांच में से एक माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि अपनी यात्रा के दौरान यहां प्रसिद्ध भक्तिकालीन संत तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा की रचना की थी. इस मंदिर में 24 घंटे होने वाले 'श्रीराम जय राम, जय जय राम॥' मंत्र का जाप यहां का अद्भुत और खास आकर्षण है. ये विश्व का सबसे लंबा जाप है, जो कई सालों से अनवरत चलता आ रहा है. यही वजह है कि इसकी रिकॉर्डिंग गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी अंकित है.

    व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /भगवान गणेश को विघ्नकर्ता माना जाता है और उनकी पूजा-अर्चना से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी कहा जाता है. इस दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा से जीवन मे सुख-समृद्धि आती है और सभी परेशानियों से मुक्ति मिल जाती है. इस दिन गणेश संकटनाशन स्रोत का पाठ करने से भगवान गणेश भक्तों के सभी कष्टों का नाश कर देते हैं. आइए जानते हैं विनायक चतुर्थी की तिथि और गणेश संकटनाशन स्तोत्र के बारे में.
    विनायक चतुर्थी का मुहूर्त |
    इस साल वैशाख माह में शुक्ल पक्ष 11 मई को दोपहर 2 बजकर 50 मिनट पर चतुर्थी तिथि शुरू होगी और 12 मई को दोपहर 2 बजकर 3 मिनट तक रहेगी. विनायक चतुर्थी 11 मई, शनिवार के दिन मनाई जाएगी. विनायक चतुर्थी पर पूजा का मुहूर्त सुबह 10 बजकर 57 मिनट से 01 बजकर 39 मिनट तक रहेगा.
    विनायक चतुर्थी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान के बाद और व्रत का संकल्प करें. घर के मंदिर में चौकी रखकर उस पर हरे रंग का वस्त्र बिछाएं और भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. प्रतिमा के सामने घी से दिया जलाएं और प्रभु को  गंगाजल से अभिषेक करवाएं. इसके बाद फूल, दूब, सिंदूर अर्पित करें और भोग के रूप में मोदक या लड्डू चढ़ाएं. अंत में गणेश जी की आरती करें. इस दिन विशेष कृपा प्राप्ति के लिए गणेश जी के मंत्र और गणेश संकटनाशन स्तोत्र का भी पाठ करें.
    गणेश संकटनाशन स्तोत्र
    प्रणम्यं शिरसा देव गौरीपुत्रं विनायकम।
    भक्तावासं: स्मरैनित्यंमायु:कामार्थसिद्धये।।1।।
    प्रथमं वक्रतुंडंच एकदंतं द्वितीयकम।
    तृतीयंकृष्णं पिङा्क्षं गजवक्त्रंचतुर्थकम।।2।।
    लम्बोदरं पंचमंच षष्ठं विकटमेव च।
    सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्णतथाष्टकम्।।3।।
    नवमं भालचन्द्रं च दशमं तुविनायकम।
    एकादशं गणपतिं द्वादशं तुगजाननम।।4।।
    द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्य य: पठेन्नर:।
    न च विघ्नभयं तस्य सर्वासिद्धिकरं प्रभो।।5।।
    विद्यार्थी लभतेविद्यांधनार्थी लभतेधनम्।
    पुत्रार्थी लभतेपुत्रान्मोक्षार्थी लभतेगतिम्।।6।।
    जपेद्वगणपतिस्तोत्रं षड्भिर्मासै: फलंलभेत्।
    संवत्सरेण सिद्धिं च लभतेनात्र संशय: ।।7।।
    अष्टभ्यो ब्राह्मणेभ्यश्च लिखित्वां य: समर्पयेत।
    तस्य विद्या भवेत्सर्वागणेशस्य प्रसादत:।।8।। ॥
    इति श्रीनारदपुराणेसंकष्टनाशनंगणेशस्तोत्रंसम्पूर्णम्॥
    विनायक चतुर्थी के दिन गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करने से भगवान गणेश की कृपा होगी और यह आपको हर तरह के संकटों से बचाने का काम करेगा.

    रसोई टिप्स /शौर्यपथ / हमारे घरों में गेहूं के आटे की रोटियां बनाई जाती हैं. गेहूं का आटा खाने के बहुत फायदे होते हैं, लेकिन अगर आप इसके फायदों को डबल करना चाहते हैं, तो इसमें ये तीन आटे अपने गेहूं के आटे में मिला सकते हैं. आप चाहें तो आटा गूंथते हुए इन आटों को मिला सकते हैं या फिर एक ही साथ आटों को मिलकार कंटेनर में रख सकते हैं. चलिए जातने हैं उन तीन आटों के बारे में जिन्हें आप आपने गेहूं के आटे में मिलकार उसकी ताकत बढ़ा सकते हैं.
    गेहूं के आटे में मिलाएं ये आटा
    अगर आप अपनी रोटी को और सेहतमंद बनाना चाहते हैं तो अपने रेगुलर आटे में इन तीन आटा को मिक्स करें और चमत्कार देखें-
    चने का आटा : चने के आटे की तासीर ठंडी होती है. तो अगर आप गर्मी के मौसम में अपने रेगुलर गेहूं के आटे में चने का आटा मिक्स करेंगे तो यह आपको गर्मी से राहत दे सकता है. आप गेहूं के आटे में 25 से लेकर 50 प्रतिशत तक यह आटा मिला सकते हैं.
    रागी का आटा : ये आटा आपकी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है. रागी का आटा आप गेहूं के आटे में तकरीबन 25 फीसदी मिला सकते हैं. यह रोटी का टेस्ट तो बदलेगा ही साथ ही इसमें हेल्थ भी एड करेगा. आप चाहें तो कंटेनर में आटा मिलाकर रख सकते हैं या फिर ताजा आटा तैयार करते समय इसमें जरूरत के अनुसार रागी आटा मिक्स कर सकते हैं. यह हड्डियों को मजबूत करने में मददगार होगा.
    सोयाबीन का आटा : घर में छोटे बच्चे हैं, तो गेहूं के आटे के साथ सोयाबीन का आटा मिलाएं. यह रोटी को प्रोटीन से भरपूर बना सकता है. साथ ही रोटी को नर्म बनाने में भी मददगार है. 2 किलो गेहूं के आटे में 500 ग्राम तक सोयाबीन का आटा मिलाया जा सकता है.
    गेहूं के आटा में रागी, सोयाबीन और चने का आटा मिलाने से सेहत को मिलेंगे बहुत से लाभ
        डायबिटीज के मरीजों को अक्सर गेहूं की रोटी न खाने की सलाह दी जाती है. ऐसे में अगर आप इन आटा को मिला लेंगे तो यह गेहूं का कॉंटेंट कम कर देगी जो डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभदायक होगा. यह ब्लड शुगर का स्तर कम करने में मदद कर सकता है.
        मल्टीग्रेन आटे मांसपेशियां व हड्डियां मजबूत करने में मददगार हैं. इनमें प्रोटीन व कैल्शियम अधिक मात्रा में होते हैं. जो हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूती देते हैं.
        अच्छी सेहत के लिए जरूरी है बेहतर पाचन. यह आटा आपके पाचन को बेहतर करेगा. अगर आपको कब्ज की समस्या रहती है तो इन आटों का मेल आपके लिए चमत्कार कर सकता है. इन आटों में फाइबर होता है जो मल को नर्म करने और पाचन को बेहतर करने में कारगर है. इससे कब्ज जैसी समस्याएं दूर होती हैं.

    सेहत टिप्स /शौर्यपथ /कब्ज एक सामान्य समस्या है जो कई लोगों को प्रभावित करती है. कब्ज के कारण कई हैं, खासकर गर्मियों में डिहाइड्रेशन और तला भुना खाने से कब्ज की समस्या आसानी से हो सकती है. आजकल की अनियमित जीवनशैली और खानपान के कारण यह समस्या बढ़ती जा रही है. कब्ज से छुटकारा पाने के उपाय तो कई हैं, लेकिन बहुत से लोग कब्ज का इलाज और कब्ज के लिए घरेलू नुस्खों की तलाश करते हैं. हालांकि किसी भी नुस्खे पर आंख मूंद के भरोसा करना भी ठीक नहीं. अगर आप इस समस्या से परेशान हैं तो चिंता न करें, क्योंकि कुछ प्राकृतिक तरीकों से इस समस्या को दूर किया जा सकता है. यहां हम आपको कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बता रहे हैं जिनके बीज खाकर आप अपने पेट को साफ कर सकते हैं और कब्ज समस्या से राहत पा सकते हैं.
    कब्ज से छुटकारा दिलाने में मददगार सीड्स |
    1. अलसी के बीज
    फ्लैक्स सीड्स एक बेहतरीन स्रोत हैं जो कब्ज, पाचन संबंधी समस्याओं, और पेट के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं. अलसी के बीज पेट साफ करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. इसमें तत्वों का एक अच्छा स्रोत हैं और इसका नियमित सेवन पेट को साफ करने में मददगार हो सकता है.
    2. सौंठ
    सौंठ के बीज कब्ज से निजात पाने में मदद कर सकते हैं. यह पाचन को बेहतर बनाते हैं और उपाय के रूप में प्राकृतिक तरीके से पेट को साफ करने में सहायक हो सकते हैं.
    3. अनार के बीज
    अनार के बीज कब्ज को दूर करने में मदद कर सकते हैं. इनमें विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जो पेट स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं.
    4. अजवाइन के बीज
    अजवाइन के बीज पेट को साफ करने और कब्ज से राहत प्रदान करने में सहायक हो सकते हैं. इनमें अनेक पाचन-सम्बन्धी लाभ होते हैं जो पेट के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं.
    5. मेथी के बीज
    मेथी के बीज में विटामिन्स, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्व होते हैं जो पाचन को सुधारते हैं और पेट साफ करने में मदद कर सकते हैं. यह कब्ज से निजात पाने में सहायक हो सकते हैं.

    आस्था /शौर्यपथ /केदारनाथ और यमुनोत्री के कपाट छह माह बंद रहने के बाद शुक्रवार को अक्षय तृतीया के पर्व पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए और इसी के साथ इस वर्ष की चारधाम यात्रा आरंभ हो गई. दोनों धामों के कपाट सुबह सात बजे खुले और इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी अपनी पत्नी गीता के साथ केदारनाथ में द्वार खोले जाने की प्रक्रिया के साक्षी बने. 'बम-बम भोले' और 'बाबा केदार की जय' के उद्घोष के साथ प्रात: सात बजे विधि विधान से विशेष पूजा अर्चना के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच केदारनाथ मंदिर का मुख्य द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया.
    इस अवसर पर सेना के ग्रेनेडियर रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुनों के साथ मंदिर परिसर में मौजूद करीब दस हजार श्रद्धालु भक्ति भाव में डूब गए. कुछ श्रद्धालु परिसर में डमरू के साथ नृत्य करते दिखाई दिए. मंदिर को 20 क्विंटल फूलों से सजाया गया है. कपाट खुलते समय तीर्थयात्रियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गयी.
    वहीं उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री धाम के कपाट भी सात बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. इस दौरान परिसर में हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे जो 'मां यमुना की जय' का उद्घोष कर रहे थे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को बधाई दी और देश एवं प्रदेश की खुशहाली की कामना की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों को अच्छी सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है और इस बार चारधाम यात्रा नया कीर्तिमान बनाएगी. गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर बाद खुलेंगे जबकि चारधामों में शामिल बदरीनाथ के द्वार रविवार को खुलेंगे.

      सेहत टिप्स /शौर्यपथ / करी पत्ता हर भारतीय किचन में मिलने वाली आम चीजों में से एक है. करी पत्ते को आमतौर पर खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए कई डिश में इस्तेमाल किया जाता है. करी पत्ते का वैज्ञानिक नाम है मुराया कोएनिजी है. इसे करी पत्ता, कड़ी पत्ता और मीठी नीम जैसे नामों से भी पुकारा जाता है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं रोजाना सुबह खाली पेट इस पत्ती के सेवन से शरीर को कई लाभ मिल सकते हैं. आपको बता दें कि करी पत्ते में कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, कॉपर और विटामिन के गुण मौजूद होते हैं, जो शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मददगार है. तो चलिए बिना किसी देरी के जानते हैं करी पत्ता खाने के फायदे.
    करी पत्ता खाने के फायदे-
    1. वजन घटाने-
    सुबह खाली पेट करी पत्ते का सेवन करने से वजन को कम करने में मदद मिल सकती है. करी पत्ते में डाइक्लोरोमेथेन, एथिल एसीटेट और महानिम्बाइन जैसे जरूरी तत्व पाए जाते हैं. इन तत्वों में वजन घटाने, कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाले गुण मौजूद होते हैं.
    2. दिल के लिए-
    करी पत्ता एक हर्ब है, जो विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है. करी पत्ते को डाइट में शामिल कर हार्ट को हेल्दी रखने में मदद मिल सकती है.
    3. डायबिटीज-
    डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए करी पत्ते का सेवन कर सकते हैं. करी पत्ते में हाइपोग्लाइसेमिक के गुण पाए जाते हैं जो शुगर लेवल को कम करने में मदद कर सकता है.
    4. लिवर-
    करी पत्ते में टैनिन और कार्बाजोल एल्कलॉइड जैसे तत्व मौजूद होते हैं. जो लिवर को हेल्दी रखने में मददगार हैं. 

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