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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
कैबिनेट से उम्मीद टूटी तो आंदोलन हुआ और उग्र, खून से लिखा पत्र, इच्छामृत्यु की मांग, भीख मांगकर और एक पैर पर खड़े होकर जताया विरोध
दुर्ग ।
छत्तीसगढ़ में अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। 1 जुलाई से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है और 8 जुलाई की राज्य कैबिनेट बैठक में संविलियन और समायोजन को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं होने के बाद शिक्षकों का आक्रोश और तेज हो गया है। खास बात यह है कि आंदोलन का सबसे बड़ा केंद्र दुर्ग जिला बना हुआ है, जो प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का गृह क्षेत्र भी है।
कैबिनेट बैठक के बाद फूटा आक्रोश
कैबिनेट बैठक से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद लगाए बैठे अतिथि शिक्षकों को जब कोई राहत नहीं मिली, तो आंदोलन और अधिक उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने रैली निकालकर दुर्ग कलेक्ट्रेट का घेराव किया और शासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
भावुक शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के नाम अपने खून से पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की अनुमति तक मांग डाली। उनका कहना है कि वर्षों तक सेवा देने के बावजूद उन्हें न तो सम्मान मिला और न ही भविष्य की कोई सुरक्षा।
बारिश में भी नहीं डिगा आंदोलन
लगातार बारिश के बावजूद हजारों अतिथि शिक्षक धरना स्थल पर डटे हुए हैं। शासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए उन्होंने कई अनोखे तरीके अपनाए हैं।
एक पैर पर खड़े होकर विरोध प्रदर्शन।
हाथों में कटोरा लेकर भीख मांगते हुए प्रदर्शन।
खून से पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की मांग।
लगातार धरना और रैलियों के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास।
इन प्रदर्शनों ने प्रदेशभर में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।
क्या हैं शिक्षकों की प्रमुख मांगें?
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले 10 से 12 वर्षों से दूरस्थ और ग्रामीण सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें केवल लगभग ₹20,000 मासिक मानदेय पर कार्य करना पड़ रहा है।
उनकी प्रमुख मांगें हैं—
संविलियन (नियमितीकरण)
समान कार्य के लिए समान वेतन
पूर्ण सेवा सुरक्षा
सम्मानजनक रोजगार एवं भविष्य की स्थायी व्यवस्था
₹2,000 बढ़ोतरी का प्रस्ताव ठुकराया
सूत्रों के अनुसार सरकार की ओर से ₹2,000 मानदेय वृद्धि और 12 महीने के भुगतान से जुड़ा एक प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन अतिथि शिक्षक संघ ने इसे पूरी तरह अस्वीकार कर दिया।
संघ का स्पष्ट कहना है कि उनका आंदोलन केवल वेतन वृद्धि के लिए नहीं, बल्कि संविलियन और स्थायी सेवा सुरक्षा के लिए है। जब तक इस संबंध में ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा है कि सरकार शिक्षकों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है और कई विषयों पर प्रक्रिया जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों को रायपुर में आंदोलन करना चाहिए क्योंकि वे पूरे प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए हैं।
मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि शिक्षकों की कुछ व्यावहारिक मांगों, जैसे रविवार अवकाश आदि, पर शासन सकारात्मक दृष्टिकोण रखता है।
कांग्रेस का भी मिला समर्थन
अतिथि शिक्षकों के आंदोलन को विपक्षी दल कांग्रेस का भी समर्थन मिला है। कांग्रेस नेताओं ने धरना स्थल पहुंचकर आंदोलनरत शिक्षकों के साथ एकजुटता जताई और सरकार से शीघ्र समाधान निकालने की मांग की।
सरकार के सामने बढ़ती चुनौती
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जल्द कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सरकार के लिए भी बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकता है। नई शिक्षा सत्र की शुरुआत के बीच हजारों अतिथि शिक्षकों की हड़ताल का सीधा असर स्कूलों में पढ़ाई पर पड़ने लगा है।
अब सबकी निगाहें सरकार पर
अतिथि शिक्षक संघ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द संविलियन और सेवा सुरक्षा पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। ऐसे में अब पूरे प्रदेश की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है कि क्या संवाद से समाधान निकलेगा या फिर यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप लेगा।
भव्य कांवर यात्रा की तैयारियां तेज, हजारों शिवभक्त होंगे शामिल; सेवा, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का बनेगा संगम
पाटन। बोल बम कांवर यात्रा समिति, पाटन की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को रेस्ट हाउस पाटन में समिति के संयोजक श्री जितेन्द्र वर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सावन के तीसरे सोमवार, 17 अगस्त को पाटन से टोलाघाट तक भव्य एवं विशाल कांवर यात्रा निकाली जाएगी। आयोजन को अधिक व्यवस्थित, भव्य और श्रद्धामय बनाने के लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
इस वर्ष की यात्रा का विशेष आकर्षण "एक मुठ्ठी अन्नदान" अभियान रहेगा। भगवान शिव के नाम पर शिवभक्तों से प्राप्त एक-एक मुठ्ठी अन्न से महाप्रसाद तैयार किया जाएगा, जो सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता का अनूठा संदेश देगा।
समिति के संयोजक श्री जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि कांवर यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था, अनुशासन, सेवा और सामाजिक एकता का महापर्व है। प्रत्येक वर्ष हजारों शिवभक्त "बोल बम" के जयघोष के साथ भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए इस यात्रा में शामिल होते हैं। इस वर्ष भी यात्रा पाटन ओग्गर तालाब स्थित भगवान भोलेनाथ मंदिर से आशीर्वाद लेकर टोलाघाट के लिए रवाना होगी।
बैठक में यात्रा मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सहायता, पेयजल, भोजन, विश्राम स्थल, यातायात समन्वय, स्वच्छता, प्रचार-प्रसार तथा स्वयंसेवकों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए विभिन्न दायित्वों का निर्धारण किया गया।
बैठक के अंत में श्री जितेन्द्र वर्मा ने पाटन क्षेत्र के सभी सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों, युवा मंडलों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, स्वयंसेवकों एवं शिवभक्तों से अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसी एक व्यक्ति या समिति का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आस्था और सामूहिक सहभागिता का महापर्व है।
बैठक में भाजपा प्रदेश मंत्री श्री जितेन्द्र वर्मा, भाजपा महामंत्री श्री दिलीप साहू, योगेश (निक्की) भाले, कमलेश वर्मा, रानी केशव बंछोर, कमलेश चंद्राकर, धर्मेन्द्र सिन्हा, ज्योतिप्रकाश साहू, पी.एन. दुबे, राकेश पाण्डेय, निशा सोनी सहित बड़ी संख्या में समिति के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिवभक्त उपस्थित रहे।
जुलाई-अगस्त में लगेंगे चार और शिविर, नामांतरण, सीमांकन, प्रमाण पत्र एवं राजस्व संबंधी समस्याओं का होगा त्वरित समाधान
रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा तहसील में विशेष राजस्व समस्या निवारण शिविरों की शुरुआत शनिवार को मंगल भवन में हुई। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित प्रथम शिविर में राजस्व संबंधी आवेदनों का त्वरित निराकरण करते हुए आम नागरिकों को राहत प्रदान की गई।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने कहा कि उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार आयोजित इन विशेष शिविरों का उद्देश्य राजस्व मामलों का शीघ्र, सरल और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि जुलाई और अगस्त माह में सहसपुर लोहारा तहसील मुख्यालय में कुल पांच विशेष राजस्व शिविर आयोजित किए जाएंगे।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी ने बताया कि शिविरों के माध्यम से सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, अभिलेख शुद्धता, त्रुटि सुधार सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है तथा आवेदकों को आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव है, उनका मौके पर ही निराकरण किया जाए। जिन प्रकरणों में न्यायालयीन प्रक्रिया आवश्यक हो, उनमें भी शीघ्र कार्रवाई करते हुए आवेदकों को पूरी प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
शिविर के दौरान सिंघनपुरी निवासी रामकुमार एवं पिरचाटोला निवासी खेमसिंह को मौके पर ही ऋण पुस्तिका प्रदान की गई। शिविर में जाति प्रमाण पत्र, अभिलेख सुधार, फौती नामांतरण, जन्म प्रमाण पत्र, ऋण पुस्तिका, भू-अधिकार पट्टा, बिक्री नकल, राशन कार्ड तथा बिजली कनेक्शन सहित विभिन्न विषयों के कुल 96 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 85 प्रकरणों का तत्काल निराकरण कर दिया गया, जबकि शेष 11 मामलों में न्यायालयीन प्रक्रिया प्रारंभ की गई।
कार्यक्रम में सौरभ श्रीवास्तव, दानी मिश्रा, रेखचंद पटेल, भागवत साहू, शिवचरण पटेल, अपर कलेक्टर श्री नरेंद्र पैंकरा, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्री विकास चौधरी, एसडीएम श्रीमती शिल्पा देवांगन, तहसीलदार श्री विवेक गोहिया सहित राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
चार और विशेष राजस्व शिविर होंगे आयोजित
अपर कलेक्टर नरेंद्र पैंकरा ने बताया कि 21 जुलाई, 1 अगस्त, 11 अगस्त और 21 अगस्त को मंगल भवन, सहसपुर लोहारा में चार और विशेष राजस्व समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, ऋण पुस्तिका वितरण, नक्शा अद्यतन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, डिजिटल हस्ताक्षर, आधार एवं मोबाइल नंबर अद्यतन, अभिलेख शुद्धता, त्रुटि सुधार, व्यपवर्तन तथा स्वामित्व योजना सहित सभी प्रकार के राजस्व प्रकरणों के आवेदन प्राप्त कर उनका त्वरित निराकरण किया जाएगा।
63.81 लाख रुपये की लागत से बने सर्वसुविधायुक्त भवन में 10 कक्ष, पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश
रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने अपने कांकेर प्रवास के दौरान सरोना में नवनिर्मित तहसील कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने भवन के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया तथा परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
लोक निर्माण विभाग द्वारा 63 लाख 81 हजार रुपये की लागत से निर्मित इस आधुनिक तहसील कार्यालय भवन में 10 सर्वसुविधायुक्त कक्ष बनाए गए हैं, जहां विभिन्न प्रशासनिक शाखाओं का संचालन किया जाएगा। नए भवन के शुरू होने से क्षेत्र के नागरिकों को राजस्व एवं प्रशासनिक सेवाएं अधिक सुगमता और व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध हो सकेंगी।
लोकार्पण समारोह में कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक श्री आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरुण कौशिक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मण्डावी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह में नए भवन को क्षेत्र के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।
20 सदस्यीय समिति का गठन, चार पंचायतों के जनप्रतिनिधि, पालक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिनों की रही सहभागिता
धमतरी / शौर्यपथ / धमतरी नगरी विकासखंड के शासकीय हाई स्कूल तुमडी बाहर में छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) का गठन किया गया। प्रभारी प्राचार्य नंदनी ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित बैठक में शासन की नियमावली का वाचन कर सर्वसम्मति से 20 सदस्यीय समिति का गठन किया गया। गठन प्रक्रिया में वनांचल क्षेत्र की चार पंचायतों के जनप्रतिनिधि, पालक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, पूर्व पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।
बैठक में सर्वसम्मति से छत्तर सिंह यादव को विद्यालय प्रबंधन समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया। वहीं विक्रम सिंह नेताम को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। अध्यक्ष चुने जाने के बाद छत्तर सिंह यादव ने विद्यालय के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति तथा शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी सदस्यों को साथ लेकर कार्य करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि विद्यालय को शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए समिति पूरी निष्ठा से कार्य करेगी।
समिति के सदस्यों में घनाराम गौर, ठेनही, बिरेंद्र नागवंशी, छोटे गोबरा, पेमिन यादव, रमशीला यादव, संतोषी ध्रुव, देवराज ओटी तुमडी बाहर आलम सिंह नेताम अर्जूनी नंदेश्वरी नेताम, गोदावरी बारला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, नरेश मांझी गाताभरी प्रेम सिंह कोमर्रा, रेखा नेताम, यशोदा नागेश, देवकुमार नागेश बेलर बहारा मानबाई नागेश, अनशुईया बाई मेंचका पुनारद ओटी खालगढ़ तथा नंदलाल नेताम अरसीकनहार को शामिल किया गया।
नवनियुक्त अध्यक्ष एवं समिति के सभी पदाधिकारियों का उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया तथा नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष वोषित कौशल, दिनेश यादव, नरेश मांझी, सिरधन सोम, रूपेश नाग, बिमला ध्रुवा सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में प्रभारी प्राचार्य नंदनी ठाकुर ने सभी नवगठित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए विद्यालय के विकास, विद्यार्थियों के हित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सामूहिक सहभागिता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन समिति की सक्रिय भूमिका से शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा विद्यालय को नई दिशा मिलेगी।
बालोद
430 से अधिक मरीजों ने लिया लाभ। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने दी सेवाएं*।
दल्लीराजहरा नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजहरा व्यापारी संघ एव छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के तत्वावधान में 10 जुलाई को सिंधी भवन, रेलवे कॉलोनी रोड में एक दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में रायपुर से आई विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मरीजों का परीक्षण कर निःशुल्क परामर्श और उपचार किया। शिविर में सुबह से ही मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। कुल 430 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराकर लाभ लिया। चर्म रोग, बीपी, शुगर की जांच के साथ-साथ सोनोग्राफी जैसी आधुनिक सुविधाएं भी शिविर में निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।
रायपुर के विशेषज्ञों ने दिए स्वास्थ्य टिप्स-
शिविर में रायपुर से पधारे डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ मनोज चेलानी,डॉ अनूप तिग्गा,डॉ सोनल बघेल,डॉ प्रेमराज डेपप्टा,डॉ मोहित पटेल, डॉ सत्यम सोनी, डॉ निशा सोनी, डॉ सोनिया, डॉ आशुतोष,उनकी पूरी टीम
एवं गौतम नर्सिंग के स्टाफ का विशेष योगदान रहा। डॉक्टरों ने मरीजों को खान-पान, जीवनशैली और बीमारियों से बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कई मरीजों को आगे के उपचार के लिए उचित सलाह भी दी गई।
अधिकारी भी हुए शामिल-
शिविर के मुख्य अतिथि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सुरेश कुमार साहू थे। विशेष अतिथि के रूप में राजहरा सीएसपी विकास पाटले और थाना प्रभारी अविनाश सिंह उपस्थित रहे। अधिकारियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के शिविर से आम जनता को बड़ी राहत मिलती है। उन्होंने व्यापारी संघ के इस सामाजिक कार्य की प्रशंसा की।
“हर माह लगेगा शिविर”-गोविंद वाधवानी
कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए राजहरा व्यापारी संघ के अध्यक्ष गोविंद वाधवानी ने कहा कि दल्लीराजहरा और आसपास के क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव लंबे समय से समस्या बना हुआ है। छोटी-छोटी बीमारी के लिए भी लोगों को रायपुर, दुर्ग और भिलाई जाना पड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए व्यापारी संघ ने यह पहल की है।
उन्होंने घोषणा की कि अब इस निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन हर माह करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि नगर सहित आसपास के गांवों के गरीब और जरूरतमंद लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
सेवा भाव से भरा रहा पूरा दिन-
शिविर को सफल बनाने में व्यापारी संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने दिनभर सेवा दी। राजहरा व्यापारी संघ अध्यक्ष गोविंद वाधवानी, अशोक लोहिया,सतीश कांबले, प्रेम जायसवाल, कैलाश छाजेड़, शंकर कुकरेजा, राघवेंद्र शर्मा, क्रांति जैन, अमित जायसवाल, राजू सोनी,स्वाधीन जैन ,पवन सोनी, महावीर चोपड़ा, संदीप गोगड़, अर्पित गुणधर, आलोक गुणधर रमेश जैन, झूमर लाल छाजेड़, महेंद्र भाई पटेल, किशोर कराडे सहित अन्य सदस्यों ने मरीजों के पंजीयन, दवा वितरण और व्यवस्था संभालने में मदद की।
मरीजों ने शिविर की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की सुविधा से उन्हें शहर जाने के खर्च और समय दोनों की बचत हुई। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने भी बड़ी संख्या में शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य जांच कराई। राजहरा व्यापारी संघ का यह प्रयास नगर में स्वास्थ्य जागरूकता के साथ सामाजिक सेवा का भी उदाहरण बना। आयोजकों ने कहा कि आने वाले समय में शिविर में और अधिक विशेषज्ञों को जोड़ा जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके।
धमतरी। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी–छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना द्वारा 15 जुलाई को सिहावा स्थित शीतला माता मंदिर प्रांगण में कार्यकारिणी विस्तार एवं सघन सदस्यता अभियान को लेकर बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के नागरिक शामिल होंगे।
बैठक की तैयारियों के लिए सामाजिक कार्यकर्ता चन्द्र कुमार मरकाम एवं पूनम प्रजापति के नेतृत्व में क्षेत्रभर में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। गांव-गांव जाकर लोगों से बैठक में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की जा रही है।
चन्द्र कुमार मरकाम ने कहा कि सिहावा–नगरी क्षेत्र की जनता लंबे समय से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और रोजगार जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय दलों की उपेक्षा के कारण क्षेत्र अपेक्षित विकास से वंचित रहा है, इसलिए एक मजबूत क्षेत्रीय राजनीतिक विकल्प की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
बैठक में संगठन के विस्तार, नई कार्यकारिणी के गठन, सदस्यता अभियान की रूपरेखा तथा जनहित के मुद्दों को लेकर आगामी जनआंदोलनों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। संगठन ने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जनजागरण अभियान चलाने और जनता की आवाज शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया।
रायपुर, । यूनाइटेड ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस काउंसिल (UHRSJC) द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय सम्मेलन एवं विधि प्रशिक्षण कार्यक्रम रायपुर में संपन्न हुआ। सम्मेलन में प्रदेशभर से अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, चिकित्सक, पत्रकार, युवा प्रतिनिधि तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
कार्यक्रम में मानव अधिकार संरक्षण, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, विधिक साक्षरता, जनहित, सुशासन एवं नागरिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया। वक्ताओं ने कहा कि न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लिए नागरिकों का अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना आवश्यक है।
काउंसिल के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता घासीदास भारद्वाज ने कहा कि राष्ट्र की वास्तविक शक्ति जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों में निहित होती है। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव तभी संभव है, जब लोग विधिक रूप से सशक्त हों और न्याय, समानता तथा मानवता के मूल्यों का पालन करें। उन्होंने बताया कि काउंसिल प्रदेशभर में मानव अधिकार, विधिक जागरूकता, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर सुरक्षा तथा जनसशक्तिकरण से जुड़े अभियान लगातार चला रही है।
सम्मेलन में संविधान के प्रति सम्मान, विधि के शासन, महिला सुरक्षा, युवा सशक्तिकरण और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर भी विचार रखे गए। इस दौरान विभिन्न जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों के शुभकामना संदेशों का वाचन किया गया, जिनमें काउंसिल के जनहित कार्यों की सराहना की गई।
कार्यक्रम के अंत में काउंसिल ने अधिवक्ताओं, शिक्षकों, चिकित्सकों, पत्रकारों, युवाओं और आम नागरिकों से मानव अधिकार संरक्षण, सामाजिक न्याय और विधिक जागरूकता के अभियान से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
काउंसिल का संकल्प:
"सशक्त नागरिक • सुरक्षित समाज • न्यायपूर्ण सुशासन • जागरूक एवं सशक्त राष्ट्र"
धमतरी। नगर पंचायत नगरी के अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा ने अपना जन्मदिन निजी उत्सव के बजाय जनसेवा और नगर विकास को समर्पित कर एक अलग मिसाल पेश की। उन्होंने पूरे दिन केक-कटिंग और भव्य समारोहों से दूरी बनाकर नगर के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया, पौधारोपण किया तथा वरिष्ठ नागरिकों से आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम की शुरुआत नगर पंचायत अध्यक्ष कक्ष में भगवान श्री गणेश की महाआरती से हुई। इसके बाद उपाध्यक्ष, पार्षदों, एल्डरमैन एवं जनप्रतिनिधियों के साथ मुक्तिधाम में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
जन्मदिन के अवसर पर अध्यक्ष ने विभिन्न वार्डों में जनसुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों की सौगात दी। वार्ड क्रमांक 10 में 8 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन, वार्ड 11 में 3 लाख रुपये की लागत से पाथवे एवं चेकर टाइल्स तथा वार्ड 12 में 10 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन का भूमि पूजन किया गया। वहीं वार्ड 13 में 6 लाख रुपये की लागत से निर्मित महिला भवन का लोकार्पण किया गया।
इसके अलावा वार्ड 7 स्थित प्रयोगशाला में 3 लाख रुपये की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण किया गया। वार्ड 7 एवं वार्ड 6 में 2.50-2.50 लाख रुपये की लागत से चेकर टाइल्स निर्माण कार्यों का भूमि पूजन किया गया। वार्ड 4 में पार्षद निधि से विकसित मिनी गार्डन एवं महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण तथा लोकार्पण किया गया, जबकि वार्ड 3 में 2 लाख रुपये की लागत से बनने वाली सीसी सड़क का भूमि पूजन किया गया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय किसान मोर्चा मंत्री पिंकी शिवराज शाह की उपस्थिति में नगर पंचायत के 60 वर्ष से अधिक आयु वाले तीन कर्मचारियों को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा ने नगर के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर वरिष्ठ नागरिकों से मुलाकात की, उनका आशीर्वाद लिया और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम में सिहावा विधायक अंबिका मरकाम, पूर्व विधायक पिंकी शिवराज शाह, नगर पंचायत उपाध्यक्ष विकास बोहरा, पूर्व अध्यक्ष नागेंद्र शुक्ला, पूर्व उपाध्यक्ष अजय नाहटा सहित पार्षद, एल्डरमैन, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा ने कहा, "मेरे लिए जन्मदिन का सबसे बड़ा उत्सव जनता की सेवा है। नगरवासियों का स्नेह और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है। मेरा संकल्प है कि नगर के प्रत्येक वार्ड तक विकास पहुंचे और हर नागरिक को बेहतर सुविधाएं मिलें।"
दुर्ग। भारतीय जनता पार्टी अंजोरा मंडल एवं अंडा निकुम मंडल युवा मोर्चा के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की परिचयात्मक बैठक शनिवार को अंजोरा (ख) में आयोजित हुई। मुख्य अतिथि दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए संगठन को बूथ स्तर से लेकर गांव-गांव तक मजबूत बनाने का आह्वान किया।
विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा राष्ट्र निर्माण की ऊर्जा और संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने युवाओं से संगठन की विचारधारा और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज सेवा और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही संगठन की नींव और मजबूत होती है।
जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष हिमांशु सिंह ने कहा कि युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं पर संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने सेवा, समर्पण और अनुशासन के साथ कार्य करते हुए सरकार की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में अंजोरा मंडल अध्यक्ष हेमंत सिन्हा, जिला मंत्री गिरेश साहू, अंडा निकुम मंडल अध्यक्ष लिकेश्वर देशमुख, महिला मोर्चा अध्यक्ष रामकली साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष माया बेलचंदन, जनपद सदस्य संगीता साहू, जिला महामंत्री अनिकेत यादव सहित बड़ी संख्या में युवा मोर्चा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
दुर्ग। दुर्ग पुलिस द्वारा "जन मित्र" अभियान के तहत मेघगंगा ग्रुप एवं स्पर्श अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में नई पुलिस लाइन, थगड़ा बांध में रविवार को एक दिवसीय मेगा मेडिकल कैंप आयोजित किया गया। शिविर का शुभारंभ पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने वृक्षारोपण एवं फीता काटकर किया। इस दौरान 843 पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी तथा उनके परिजनों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने कहा कि पुलिसकर्मी तनावपूर्ण एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं, इसलिए उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ पुलिस बल ही बेहतर कानून व्यवस्था की आधारशिला है।
कार्यक्रम में अभिषेक शांडिल्य ने कहा कि अनियमित दिनचर्या के कारण पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे स्वास्थ्य शिविर गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करने और पुलिस बल को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं विजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि शिविर का उद्देश्य पुलिसकर्मियों के साथ-साथ सेवानिवृत्त कर्मियों एवं उनके परिवारों को भी विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
मेगा मेडिकल कैंप में 22 विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सेवाएं प्रदान कीं। शिविर में NABL प्रमाणित पैथोलॉजी जांच, नेत्र एवं दंत परीक्षण, संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण तथा विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं। विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य परीक्षण के साथ आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी दिया।
इस अवसर पर कलेक्टर अभिजीत सिंह, पुलिस विभाग एवं नगर सेना के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में उनके परिजन उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मेघगंगा ग्रुप, स्पर्श अस्पताल और लाइफ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर के सहयोग की सराहना करते हुए शिविर को पुलिस कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के अपर आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग, नवा रायपुर में स्थानांतरण पर निगम परिवार ने होटल अमित पार्क इंटरनेशनल में भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके कार्यकाल, कुशल प्रशासन, सौम्य व्यवहार एवं विकास कार्यों में योगदान को याद करते हुए शुभकामनाएं दीं।
अपने संबोधन में राजीव कुमार पांडेय ने निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, निर्माणाधीन स्विमिंग पूल, नालंदा परिसर, हॉर्स राइडिंग, स्केटिंग ट्रैक एवं रेलवे किनारे बायपास रोड जैसी प्रमुख परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर जोर दिया। साथ ही कार्यकाल के दौरान अनजाने में हुई किसी भी त्रुटि के लिए खेद भी व्यक्त किया।
समारोह में मुख्य अभियंता अजीत कुमार तिग्गा, उपायुक्त डी.के. कोसरिया, जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, येशा लहरे, कुलदीप गुप्ता सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने श्री पांडेय को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य और नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई संपत्ति पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट का सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है, जिससे हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिला है और महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी तेजी से बढ़ी है।
32 प्रतिशत से बढ़कर 41 प्रतिशत हुई महिलाओं की हिस्सेदारी
पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग द्वारा 6 मई से 30 जून 2026 की अवधि का पिछले वर्ष की समान अवधि से तुलनात्मक अध्ययन किया गया। इसके अनुसार वर्ष 2025 में महिलाओं के पक्ष में पंजीकृत विक्रय विलेखों की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2026 में बढ़कर 41 प्रतिशत हो गई। वहीं महिलाओं के नाम पंजीकृत दस्तावेजों की संख्या 14,668 से बढ़कर 21,292 हो गई, जो लगभग 45 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।
75 प्रतिशत जिलों में दर्ज हुई उल्लेखनीय बढ़ोतरी
राज्य के लगभग 75 प्रतिशत जिलों में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में 20 प्रतिशत से अधिक वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। विशेष रूप से जांजगीर-चांपा, बलोद, कोरिया, रायपुर और कांकेर जैसे जिलों में इस योजना के बेहतर परिणाम सामने आए हैं।
50.14 करोड़ रुपये का मिला प्रत्यक्ष लाभ
पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट के कारण इस अवधि में नागरिकों को करीब 50.14 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिला। इस पहल से न केवल परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हुआ, बल्कि महिलाओं के नाम संपत्ति दर्ज कराने की प्रवृत्ति को भी उल्लेखनीय बढ़ावा मिला।
महिलाओं का संपत्ति स्वामित्व सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट का निर्णय इसी सोच का परिणाम है। संपत्ति का स्वामित्व महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा के साथ परिवार और समाज में सम्मान तथा निर्णय लेने की क्षमता भी प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय से बड़ी संख्या में परिवार लाभान्वित हुए हैं और महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार ऐसी नीतियों को लगातार बढ़ावा दे रही है, जो महिलाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और विकास यात्रा की समान भागीदार बनाएं।
सिर्फ आंकड़े नहीं, सामाजिक बदलाव का संकेत : ओ.पी. चौधरी
वित्त एवं वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में हुई यह वृद्धि केवल एक सांख्यिकीय उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का संकेत है। जब किसी महिला के नाम संपत्ति होती है तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है, परिवार में उसकी निर्णयात्मक भूमिका मजबूत होती है और आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को विकास प्रक्रिया के केंद्र में रखकर कार्य कर रही है। पंजीयन शुल्क में दी गई 50 प्रतिशत छूट का उद्देश्य केवल आर्थिक राहत देना नहीं, बल्कि महिलाओं को संपत्ति स्वामित्व से जोड़कर उन्हें वास्तविक अर्थों में सशक्त बनाना है। प्रारंभिक परिणाम इस नीति की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और समावेशी पंजीयन व्यवस्था विकसित करने के लिए लगातार सुधार कर रही है। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के सुधारात्मक और प्रोत्साहनात्मक प्रयासों का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री रविवार शाम राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। उन्होंने कथा व्यास श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया तथा श्रीमद्भागवत जी की विधिवत आरती एवं वंदन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका होने के साथ-साथ भगवान श्रीराम की वनगमन स्थली भी है, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान और अधिक गौरवशाली बनती है। उन्होंने शिवरीनारायण, राजिम कुंभ तथा प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये स्थल छत्तीसगढ़ की समृद्ध धार्मिक परंपरा के प्रतीक हैं।
श्री साय ने बताया कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का प्रभावी संचालन कर रही है। उन्होंने कहा कि अब तक करीब 50 हजार श्रद्धालु रामलला दर्शन योजना का लाभ ले चुके हैं, जबकि बुजुर्गों को विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन भी कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए राज्य सरकार धर्म स्वातंत्र्य कानून को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है। साथ ही गौधाम योजना के माध्यम से गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में सेवा, करुणा, सद्भाव, नैतिकता और लोककल्याण की भावना को मजबूत करते हैं। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीवलोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
