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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से मिली स्वीकृति, विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन को मिलेगी मजबूती
रायपुर। शौर्यपथ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में प्रदेश के छह परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के भवन निर्माण को मंजूरी दी गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से इन भवनों के लिए कुल 2 करोड़ 70 लाख 90 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रथम किस्त के रूप में 67 लाख 72 हजार 500 रुपये जारी करने की सहमति भी दी गई है।
स्वीकृत भवन सूरजपुर जिले के भैयाथान और ओड़गी, रायगढ़ जिले के तमनार तथा बीजापुर जिले के बीजापुर, उसूर और भोपालपटनम में बनाए जाएंगे। प्रत्येक भवन के निर्माण के लिए 45 लाख 15 हजार रुपये निर्धारित किए गए हैं।
परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के नए भवनों से विभागीय कार्यों के संचालन, कर्मचारियों के समन्वय और योजनाओं की निगरानी में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। इससे महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं कल्याण से जुड़ी योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन को मजबूती मिलेगी।
शासन ने अगली किस्त जारी करने के लिए पहली किस्त के उपयोग का प्रमाण-पत्र तथा निर्माण कार्यों की भौतिक और वित्तीय प्रगति का विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य किया है। स्वीकृत राशि का उपयोग निर्धारित नियमों एवं व्यय सीमा के अनुरूप किया जाएगा।
ओ.पी. चौधरी की पहल पर मिली स्वीकृति, निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा पर रहेगा प्रशासन का जोर
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 6-4 से हराया; मैनपाट टाइटन्स और बैलाडीला बुल्स का मुकाबला 3-3 से ड्रॉ
रायपुर। शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के दूसरे दिन रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। चक्रधर चैंपियंस ने संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 6-4 से हराकर अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। टीम की जीत में युवराज वाल्मीकि की शानदार हैट्रिक निर्णायक रही। उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव भी मुकाबला देखने हॉकी स्टेडियम पहुंचे और दोनों टीमों के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
मैच में चक्रधर चैंपियंस ने शुरुआती बढ़त बनाते हुए पहले दो क्वार्टर में अपना दबदबा कायम रखा। युवराज वाल्मीकि और कार्तिक यादव ने गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद वाल्मीकि ने पेनल्टी कॉर्नर के मौके को गोल में बदलकर बढ़त बढ़ाई। संस्कारधानी स्ट्राइकर्स की ओर से शाहरुख ने गोल कर वापसी की कोशिश की, लेकिन वाल्मीकि ने पेनल्टी स्ट्रोक पर अपना दूसरा गोल दाग दिया।
तीसरे क्वार्टर में संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने जोरदार वापसी करते हुए शाहरुख और शमशेर के गोल से स्कोर 4-3 के करीब पहुंचा दिया। अंतिम क्वार्टर में चक्रधर चैंपियंस ने मनीष के गोल और वाल्मीकि की तीसरी सफलता के दम पर मुकाबले पर पकड़ मजबूत की। शमशेर के अंतिम गोल के बावजूद संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 6-4 से हार का सामना करना पड़ा। युवराज वाल्मीकि प्लेयर ऑफ द मैच और शाहरुख स्ट्राइकर ऑफ द मैच चुने गए।
मैनपाट टाइटन्स और बैलाडीला बुल्स का मुकाबला ड्रॉ
दिन के एक अन्य मुकाबले में मैनपाट टाइटन्स और बैलाडीला बुल्स के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। मैनपाट टाइटन्स ने शुरुआती दो क्वार्टर में बढ़त बनाई, लेकिन बैलाडीला बुल्स ने अंतिम दो क्वार्टर में वापसी करते हुए मुकाबला 3-3 से बराबर कर दिया। जसकरण सिंह और राहुल यादव के गोल ने बैलाडीला बुल्स को बराबरी दिलाने में अहम भूमिका निभाई। शानदार प्रदर्शन के लिए प्रहलाद को स्ट्राइकर ऑफ द मैच और करण धानुक को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
मृणेन्द्र चौबे
राजनांदगांव / शौर्यपथ / चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं और मरीजों के प्रति सेवा भाव के लिए चिकित्सक डॉ. प्रकाश खुंटे एमडी मेडिसिन को प्रतिष्ठित छत्तीसगढ़ गौरव अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया। राजधानी रायपुर के सिविल लाइन्स स्थित वृंदावन सभागार में रविवार को वक्ता मंच और दैनिक दबंग स्वर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मान पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किया गया।
आयोजन समिति के अनुसार, इस वर्ष राज्य स्तरीय सम्मान के लिए प्रदेशभर से 500 से अधिक नामांकन प्राप्त हुए थे। निर्णायक मंडल द्वारा नामांकनों की समीक्षा और विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन के बाद 100 विशिष्ट प्रतिभाओं का चयन किया गया। इनमें डॉ. प्रकाश खुंटे भी शामिल रहे।
डॉ. खुंटे को यह सम्मान चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान, मरीजों के प्रति सेवा भावना तथा कोरोना काल से लेकर वर्तमान तक स्वास्थ्य जागरूकता के प्रयासों में सक्रिय भूमिका के लिए प्रदान किया गया।
समारोह में अतिथियों ने उन्हें शॉल, श्रीफल, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में चिकित्सा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वैच्छिक रक्तदान, शिक्षा, लोक कला, साहित्य, खेल और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते, संयोजक शुभम साहू सहित राजधानी के गणमान्य नागरिक, साहित्यकार, वरिष्ठ पत्रकार और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
दुर्ग / जिले में वित्तीय एवं बैंकिंग सेवाओं की समीक्षा के लिए आगामी मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को शाम 5.00 बजे से कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्श दात्री समिति की 195वीं बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा की जाएगी।
अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री संजय गर्ग द्वारा जारी निर्देशानुसार, सभी बैंकों के जिला बैंक समन्वयकों की इस बैठक में उपस्थिति अनिवार्य की गई है। पिछली बैठकों में कुछ समन्वयकों की गैर-मौजूदगी पर कलेक्टर एवं भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई थी तथा अनुपस्थित अधिकारियों के नियंत्रक कार्यालयों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए थे।
बैठक के मुख्य बिंदु साख जमा अनुपात और वार्षिक साख योजना की प्रगति। किसान क्रेडिट कार्ड, शिक्षा ऋण और प्राथमिकता क्षेत्र में ऋण वितरण की समीक्षा। जनधन योजना, मुद्रा योजना, डिजिटल भुगतान और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की स्थिति। पीएम स्वनिधि, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, एनआरएलएम तथा अन्य शासकीय योजनाओं में स्वीकृति एवं लंबित प्रकरणों का निपटारा। क्षतिग्रस्त बैंक भवनों के स्थानांतरण और चुनिंदा बैंक शाखाओं/बीसी पॉइंट से जुड़े प्रशासनिक विषयों पर चर्चा की जाएगी। सभी बैंक समन्वयकों को 30 सितंबर 2026 तक के अद्यतन आंकड़ों एवं पिछली कार्यवाही की रिपोर्ट के साथ समय पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश
रायपुर. / लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने राजनांदगांव-डोंगरगांव-चौकी-मोहला-मानपुर मार्ग सहित मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में प्रगतिरत विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने जिला मुख्यालय मोहला में निर्माणाधीन संयुक्त जिला कार्यालय भवन, सर्किट हाउस तथा लोक निर्माण विभाग के आवासीय परिसर का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया।
श्री बंसल ने मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए तथा कार्यों को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप पूर्ण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा कार्यों में आवश्यक समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए, ताकि निर्माण कार्य समय पर पूर्ण हों सके।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने 99.20 किलोमीटर लंबाई के राजनांदगांव-डोंगरगांव-चौकी-मोहला-मानपुर मार्ग का निरीक्षण कर सड़क की स्थिति एवं संबंधित कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने तथा विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क को मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। पूरी सतर्कता और गंभीरता से इसका रखरखाव होना चाहिए। श्री बंसल के सड़क और निर्माणाधीन कार्यों के निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एन.के. जयंत और अधीक्षण अभियंता श्रीमती अपर्णा चौरपगार भी मौजूद थीं।
छत्तीसगढ़ सरकार और आईआईएम रायपुर की संयुक्त पहल से महिला उद्यमियों को मिलेगा प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ने का अवसर
पूरे राज्य से एक हजार से अधिक आवेदन प्राप्त, 31 अक्टूबर तक आवेदन का अवसर
रायपुर/ छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं को आजीविका से आगे बढ़ाकर सफल उद्यमी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक अभिनव पहल की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ और भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रायपुर के फाउंडेशन फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (एफईडी) की संयुक्त पहल ‘अथ उद्यम’ ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के छोटे व्यवसायों को व्यवस्थित, लाभकारी और विस्तार योग्य उद्यमों के रूप में विकसित करना है।
‘आजीविका से उद्यमिता की ओर’ की अवधारणा पर आधारित इस विशेष इन्क्यूबेशन कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 11 सितंबर 2026 को की थी। पहल को लेकर महिला उद्यमियों में उत्साह देखा जा रहा है। अब तक पूरे राज्य से एक हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इच्छुक महिलाएं 31 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
प्रशिक्षण के साथ सालभर मिलेगा विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
‘अथ उद्यम’ की विशेषता यह है कि इसमें महिलाओं को केवल व्यवसाय शुरू करने या संचालित करने का प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि उनके मौजूदा उद्यमों को आगे बढ़ाने के लिए व्यावहारिक सहायता भी दी जाएगी। चयनित महिला उद्यमियों को 64 घंटे का चरणबद्ध व्यवसाय विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही एक वर्ष तक विशेषज्ञों का परामर्श, व्यक्तिगत मार्गदर्शन, क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग और सफल उद्यमियों के अनुभवों से सीखने के अवसर उपलब्ध होंगे।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को अपने उत्पाद की गुणवत्ता सुधारने, लागत एवं लाभ की गणना करने, बिक्री और व्यय का रिकॉर्ड रखने, उत्पादन एवं वितरण की बेहतर योजना बनाने तथा ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार व्यवसाय विकसित करने के तरीके सिखाए जाएंगे। बाजार की मांग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और वित्तीय प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से बाजार एवं ब्रांड से जुड़ाव के साथ ऋण तथा वित्तीय संस्थानों तक पहुंच बनाने में भी सहयोग किया जाएगा।
गांवों के छोटे व्यवसायों को मिलेगा बड़ा बाजार
इस पहल से खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई एवं वस्त्र निर्माण, हस्तशिल्प, हथकरघा, वनोपज मूल्य संवर्धन, स्थानीय उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और विभिन्न सेवा आधारित गैर-कृषि व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं को लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाएं अपने उत्पादों की बेहतर पहचान स्थापित कर सकेंगी तथा स्थानीय बाजारों से आगे नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने के लिए आवश्यक व्यावसायिक कौशल विकसित कर सकेंगी।
विशेष रूप से उन महिलाओं को अवसर मिलेगा, जो पहले से कोई गैर-कृषि उद्यम संचालित कर रही हैं और अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहती हैं। स्वयं सहायता समूहों की सदस्य अथवा उनसे जुड़े परिवारों की महिला उद्यमी कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकती हैं। केवल सामान की सामान्य खरीद-बिक्री अर्थात ट्रेडिंग करने वाले व्यवसाय इस कार्यक्रम के लिए पात्र नहीं हैं।
252 सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधियों को दिया गया प्रशिक्षण
कार्यक्रम की जानकारी अधिक से अधिक ग्रामीण महिला उद्यमियों तक पहुंचाने के लिए आईआईएम रायपुर द्वारा 252 क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया है। ये सदस्य अपने क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को कार्यक्रम की जानकारी देने और आवेदन के लिए प्रेरित करने में सहयोग कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त आईआईएम रायपुर के प्रबंधन विकास केंद्र में जिला एवं विकासखंड स्तर के परियोजना प्रबंधकों का प्रशिक्षण भी सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है। इससे ग्रामीण स्तर पर कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार, पात्र महिला उद्यमियों की पहचान और आवेदन प्रक्रिया में सहयोग को गति मिल रही है।
आवेदन की सुविधा उपलब्ध
कार्यक्रम के प्रारम्भ में 250 महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण के लिए पात्रता एवं आवेदन मूल्यांकन के आधार पर चयन किया जाएगा। इच्छुक महिलाएं आधिकारिक पोर्टल atha.iimraipur.edu.in पर आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन, क्लस्टर लेवल फेडरेशन, क्षेत्रीय सीआरपी दीदी अथवा विकासखंड स्तरीय बिहान कार्यालय के माध्यम से भी आवेदन संबंधी जानकारी और सहयोग प्राप्त किया जा सकता है।
‘अथ उद्यम’ ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से आगे बढ़ाकर सक्षम व्यवसाय संचालक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे महिलाओं की प्रबंधकीय क्षमता, आर्थिक आत्मनिर्भरता और बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की योग्यता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों के विकास और आजीविका के नए अवसर सृजित होने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर, रायगढ़, नवा रायपुर और आरंग में लगभग 42.17 करोड़ रुपये के आवासों का विक्रय
नवा रायपुर में विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय द्वारा भी 128 फ्लैट्स की खरीदी का निर्णय, लगभग 16.20 करोड़ रुपये के आवासों की होगी बिक्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आवासीय योजनाओं को गति देने राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल
वित्त एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में रिक्त भवनों के बेहतर उपयोग, संस्थागत आवास सुविधा और नई बसाहट को मिल रहा बढ़ावा
पात्र EWS एवं LIG हितग्राहियों को पूर्ववत मिलता रहेगा शासकीय अनुदान का लाभ, अन्य आय वर्ग एवं संस्थाओं को बिना अनुदान आवास क्रय की सुविधा
रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आवासीय योजनाओं को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और जनहितैषी बनाने के लिए लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के लंबे समय से रिक्त आवासों के विक्रय के लिए बल्क परचेस की अनुमति दिए जाने से प्रदेश में आवासीय संपत्तियों के विक्रय को नई गति मिली है। इस निर्णय के फलस्वरूप विभिन्न शासकीय एवं निजी संस्थाओं द्वारा अपने कर्मचारियों की आवासीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बड़ी संख्या में मकानों की खरीदी की जा रही है।
वित्त एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में मंडल द्वारा निर्मित आवासों के बेहतर उपयोग, रिक्त संपत्तियों के विक्रय और आवासीय परिसरों में बसाहट बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बल्क परचेस की व्यवस्था से जहां लंबे समय से खाली पड़े भवनों का उपयोग सुनिश्चित हो रहा है, वहीं मंडल को राजस्व प्राप्त होने के साथ आवासीय परिसरों में नागरिक सुविधाओं और रखरखाव की व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की संभावना है।
छह शहरों में 226 आवासों का विक्रय, लगभग 42.17 करोड़ रुपये का कारोबार
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा संचालित विभिन्न आवासीय योजनाओं के अंतर्गत अब तक दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर, रायगढ़, नवा रायपुर अटल नगर एवं आरंग में संस्थागत खरीदी के माध्यम से कुल 226 आवासों का विक्रय किया गया है। इन आवासों का कुल मूल्य लगभग 42.17 करोड़ रुपये है।
जीएसटी विभाग द्वारा प्रदेश के चार प्रमुख शहरों में कुल 68 आवासों का क्रय किया गया है, जिनका कुल मूल्य लगभग 23.77 करोड़ रुपये है। इनमें दुर्ग में 24 मकान लगभग 6.50 करोड़ रुपये, जगदलपुर में 16 मकान लगभग 6 करोड़ रुपये, बिलासपुर में 25 मकान लगभग 10.35 करोड़ रुपये तथा रायगढ़ में 3 मकान लगभग 92 लाख रुपये की राशि से खरीदे गए हैं। इसी प्रकार नवा रायपुर अटल नगर में प्रधानमंत्री सह मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मेफेयर संस्था द्वारा 128 मकानों का लगभग 16.20 करोड़ रुपये में क्रय किया गया है। वहीं मैट्स विश्वविद्यालय द्वारा आरंग में 30 मकान लगभग 2.20 करोड़ रुपये की राशि से खरीदे गए हैं।
इसके अतिरिक्त नवा रायपुर अटल नगर में विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय द्वारा भी 128 फ्लैट्स की बल्क खरीदी का निर्णय लिया गया है। इन फ्लैट्स का अनुमानित कुल मूल्य लगभग 16.20 करोड़ रुपये है। इस प्रस्तावित खरीदी के पूर्ण होने पर संस्थागत आवास विक्रय का आंकड़ा और बढ़ेगा।
राज्य मंत्रिपरिषद के ऐतिहासिक निर्णय से खुला रिक्त आवासों के उपयोग का रास्ता
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर- 16, 30 एवं 34 में प्रधानमंत्री सह-मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) तथा निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए बड़ी संख्या में आवासों का निर्माण किया गया है। योजना के प्रथम चरण में कुल 6,296 भवनों का क्रियान्वयन किया गया था। इन आवासों के विक्रय के लिए समय-समय पर विज्ञापन जारी किए जाने के बावजूद कुछ भवन लंबे समय तक अविक्रित रहे। इसके कारण भवनों की सुरक्षा, रखरखाव तथा मंडल के वित्तीय संसाधनों के प्रबंधन से संबंधित चुनौतियां सामने आ रही थीं। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद ने 14 नवंबर 2025 को महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके अंतर्गत तीन बार विज्ञापन जारी होने के बाद भी अविक्रित रहने वाले आवासों को पात्र हितग्राहियों के अतिरिक्त अन्य आय वर्ग के व्यक्तियों एवं संस्थाओं को भी विक्रय करने की अनुमति प्रदान की गई।
इस निर्णय में यह भी स्पष्ट किया गया कि अन्य आय वर्ग के व्यक्तियों एवं संस्थाओं को आवास क्रय करने पर शासन द्वारा प्रदत्त अनुदान का लाभ नहीं मिलेगा। इससे मूल पात्र हितग्राहियों के हितों को सुरक्षित रखते हुए रिक्त आवासों के उपयोग का नया रास्ता खुला है।
आवासीय योजनाओं की सफलता का आधार उनमें लोगों की बसाहट होना- अध्यक्ष अनुराग सिंह देव
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा लिया गया यह निर्णय दूरदर्शिता, व्यावहारिक सोच और जनहित का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने कहा कि किसी भी आवासीय योजना की वास्तविक सफलता केवल भवनों के निर्माण से नहीं, बल्कि उनमें लोगों की बसाहट और उनके बेहतर उपयोग से सुनिश्चित होती है। लंबे समय तक रिक्त रहने वाले भवनों की सुरक्षा एवं रखरखाव पर अतिरिक्त संसाधन खर्च होते हैं। शासन के इस निर्णय से ऐसे भवनों के उपयोग को बढ़ावा मिलने के साथ मंडल की वित्तीय स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।
अनुराग सिंह देव ने कहा कि बल्क परचेस की सुविधा से शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी संस्थाओं को अपने कर्मचारियों के लिए एक ही परिसर में व्यवस्थित आवास उपलब्ध कराने का अवसर मिल रहा है। इससे कर्मचारियों को बेहतर आवासीय वातावरण मिलेगा और आवासीय परिसरों में बसाहट बढ़ने से आसपास की आर्थिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री सह मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत EWS एवं LIG वर्ग के पात्र हितग्राहियों को निर्धारित केंद्रीय एवं राज्य शासन के अनुदान का लाभ पूर्ववत मिलता रहेगा। अन्य आय वर्ग के व्यक्तियों और संस्थाओं को अनुदान के बिना आवास क्रय करने की सुविधा दी गई है। इस प्रकार शासन ने पात्र हितग्राहियों के हितों की सुरक्षा के साथ रिक्त संपत्तियों के बेहतर उपयोग के बीच संतुलन स्थापित किया है।
बल्क परचेस के प्रति संस्थाओं की बढ़ती रुचि शासन की नीति का सकारात्मक परिणाम-आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने बताया कि शासन के निर्णय के बाद विभिन्न शासकीय एवं निजी संस्थाओं द्वारा मंडल की आवासीय योजनाओं में बल्क परचेस के प्रति रुचि दिखाई जा रही है। उन्होंने बताया कि जीएसटी विभाग द्वारा दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर एवं रायगढ़ में कुल 68 आवासों की खरीदी तथा मेफेयर और मैट्स विश्वविद्यालय जैसी संस्थाओं द्वारा बड़ी संख्या में आवासों का क्रय किया जाना इस दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके अतिरिक्त विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय द्वारा नवा रायपुर में 128 फ्लैट्स की बल्क खरीदी का निर्णय संस्थागत आवासीय मांग और शासन की नीति के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है।
आयुक्त शरण ने बताया कि मंडल द्वारा आवासों के विक्रय की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार ऑनलाइन ऑफर के माध्यम से संचालित की जा रही है। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और समान अवसर सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
रिक्त आवासों के बेहतर उपयोग से बढ़ेगी बसाहट, स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा लाभ
राज्य शासन की इस पहल से आवासीय योजनाओं में निर्मित संपत्तियों के बेहतर उपयोग के साथ नई बसाहट को प्रोत्साहन मिल रहा है। बड़ी संख्या में कर्मचारियों और उनके परिवारों के आवासीय परिसरों में निवास करने से स्थानीय बाजार, परिवहन, दैनिक उपयोग की वस्तुओं तथा अन्य सेवाओं की मांग भी बढ़ेगी। इसके साथ ही आवासीय परिसरों में नियमित बसाहट होने से भवनों की सुरक्षा, रखरखाव और उपलब्ध नागरिक सुविधाओं के प्रभावी उपयोग में भी सहायता मिलेगी। संस्थागत खरीदी से मंडल को प्राप्त होने वाले राजस्व का उपयोग भविष्य की आवासीय एवं अधोसंरचना विकास गतिविधियों को गति देने में भी सहायक हो सकेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबके लिए आवास के विजन के अनुरूप मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार आवासीय सुविधाओं के विस्तार और निर्मित आवासों के प्रभावी उपयोग की दिशा में कार्य कर रही है। शासन की बल्क परचेस नीति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है, जिससे प्रदेश में आवासीय विकास, संस्थागत सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्थित शहरी बसाहट को नई गति मिल रही है।
रायपुर / राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के समापन पर स्वामी विवेकानंद विमानतल, रायपुर से रवाना हुईं।
इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति को आत्मीय विदाई दी। विमानतल पर मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे।
राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय थे उपस्थित
बस्तर की आराध्य देवी के दर्शन कर राष्ट्रपति ने देश में सुख, शांति और समृद्धि के लिए की प्रार्थना
माँ दंतेश्वरी मंदिर बस्तर की अटूट आस्था, समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख केंद्र
रायपुर / राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज अपने बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर स्थित बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। राष्ट्रपति ने माँ दंतेश्वरी से देशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने मंदिर में माँ दंतेश्वरी के दर्शन किए और श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में राष्ट्रपति का परंपरागत ढंग से स्वागत किया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माँ दंतेश्वरी के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के प्रति अंचल के लोगों की अटूट श्रद्धा है। माँ दंतेश्वरी बस्तर की आस्था और लोकजीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी का माँ दंतेश्वरी के दर्शन-पूजन के लिए आगमन बस्तर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का अवसर है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अपनी अनुपम जनजातीय संस्कृति, प्राचीन परंपराओं और विशिष्ट जीवन मूल्यों के लिए देश-दुनिया में अलग पहचान रखता है। यहाँ की परंपराओं में प्रकृति, आस्था और समाज के बीच गहरा संबंध दिखाई देता है। राष्ट्रपति जी के प्रवास से बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और सम्मान मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि माँ दंतेश्वरी बस्तर अंचल की आराध्य देवी हैं। माँ दंतेश्वरी के प्रति बस्तरवासियों की गहरी आस्था है और उनकी उपासना क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा में विशेष स्थान रखती है। माँ दंतेश्वरी से जुड़ी आस्था बस्तर की सदियों पुरानी परंपराओं और यहां के सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन में गहराई से रची-बसी है।
रायपुर / मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ राज्य के प्रमुख विषयों और उत्कृष्ट पहलों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने के लिए आज मंत्रालय महानदी भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पिछले राष्ट्रीय सम्मेलन से जुड़े विषयों पर चर्चा के साथ-साथ श्एक्शन ट्रैकिंग एंड मॉनिटरिंग सिस्टमश् के माध्यम से कार्यों की प्रगति और गुणात्मक सुधार की समीक्षा की गई।
शिक्षा, स्वास्थ्य और नवाचारों पर विशेष जोर
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों के सचिवों को निर्देश दिए कि आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्य के नवाचारों और गुणात्मक सुधारों को प्रमुखता से रखा जाए। उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य और पोषण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों की जानकारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर तैयार करने के निर्देश दिए ताकि राज्य के प्रयासों और सकारात्मक परिणामों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।
आंगनबाड़ी केंद्रों में खिलौना बैंक की अनूठी पहल
बैठक के दौरान राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित खिलौना बैंक की पहल की विशेष रूप से सराहना की गई। इस अभिनव योजना के तहत लोग अपने बच्चों के पुराने खिलौने जमा करते हैं, जिनका उपयोग आंगनबाड़ी के बच्चों के मानसिक विकास और उनके सुपोषण के प्रति जनजागुरूकेंट बढ़ाने के लिए किया जाता है। अब तक इस पहल के अंतर्गत एक लाख से अधिक खिलौने जमा किए जा चुके हैं।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों पर केंद्रित सत्र
बैठक में यह जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय सम्मेलन में विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए मुख्य रूप से चार सत्र आयोजित किए जाएंगे। विकसित भारत के लिए विशिष्ट प्राथमिकताएं और उद्देश्य, आर्थिक विकास एवं राज्य के वित्त को मजबूत बनाने में खनन क्षेत्र की भूमिका,
सुशासन में तकनीक का प्रभावी उपयोग, सड़क व अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए नए विचार और बेहतर कार्यप्रणाली पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य एवं पोषण, गैर-कृषि कार्यों में उर्वरकों के दुरुपयोग पर नियंत्रण, प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ावा देने और अंतरराज्यीय प्रतिस्पर्धा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, खाद्य विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, कौशल विकास विभाग के सचिव श्री बसवराजू एस., राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, आदिम जाति विभाग के सचिव श्री भूवनेश यादव, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा, तथा मुख्यमंत्री के विशेष सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क श्री रजत बंसल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जगदलपुर में राष्ट्रपति का संदेश—जनजातीय समाज की प्रकृति-पोषक जीवनशैली से सीखें; समावेशी विकास और विकसित भारत के लक्ष्य पर दिया जोर
जगदलपुर। शौर्यपथ। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को बस्तर दशहरा के अवसर पर जगदलपुर में आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, जनजातीय समाज की प्रकृति के प्रति संवेदनशील जीवनशैली और सामूहिक सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय समुदाय की प्रकृति-पोषक जीवन पद्धति से सभी को मूल्यवान शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में बस्तर दशहरा को छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक गौरव और सामूहिक आस्था का जीवंत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस उत्सव में समाज के विभिन्न वर्गों की व्यापक सहभागिता और लोगों को आत्मीयता से जोड़ने वाले अनुष्ठान इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। बस्तर दशहरा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकजुटता का भी प्रतीक है।
जनजातीय जीवनशैली में प्रकृति संरक्षण का संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि जनजातीय समुदाय प्रकृति को जीवनदायिनी मानते हुए उसकी पूजा और संरक्षण की परंपरा का पालन करते हैं। विकास की यात्रा में समाज को इस जीवन पद्धति से उपयोगी सीख लेनी चाहिए। उन्होंने प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विकास के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी भी आवश्यक है।
उनका संदेश ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। जनजातीय समाज की पारंपरिक जीवनशैली प्राकृतिक संसाधनों के महत्व और उनके संरक्षण की आवश्यकता को समझने का अवसर प्रदान करती है।
नक्सलवाद से आगे बढ़ते बस्तर में विकास की उम्मीद
राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ में लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण उत्पन्न चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आए हैं और बस्तर अब प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने जनजातीय उद्यमियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने और उन्हें बाजार से जोड़ने की पहलों पर प्रसन्नता व्यक्त की। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि ऐसे प्रयास जनजातीय समुदायों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और समतामूलक एवं समावेशी विकास को गति देने में सहायक होंगे। उन्होंने इन पहलों को वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से भी जोड़ा।
मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन, मुरिया दरबार में संवाद
सार्वजनिक कार्यक्रम से पहले राष्ट्रपति ने जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने मुरिया दरबार में स्थानीय मांझी और चालकी समुदाय के प्रतिनिधियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था और जनजातीय समाज से जुड़े लोगों के साथ संवाद किया।
राष्ट्रपति ने जगदलपुर में आयोजित रंगोली और दशहरा प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। बस्तर दशहरा के अवसर पर उनका यह दौरा क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं, प्रकृति संरक्षण और समावेशी विकास के महत्व को रेखांकित करने वाला रहा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
