August 04, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

      रायपुर / शौर्यपथ 

                राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान की प्रतीक के रूप में, भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एआईएमएस), रायपुर के दो प्रतिष्ठित संकाय सदस्यों को प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के संस्थान मंडलों में सदस्य के रूप में नामित किया है। डॉ. एलि मोहनपात्र, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, जैव रसायन (बायोकेमिस्ट्री) और डीन (अकादमिक्स), एआईएमएस रायपुर को एआईएमएस गुवाहाटी के संस्थान मंडल का सदस्य नियुक्त किया गया है, जबकि डॉ. निघत हुसैन, प्रोफेसर, विभाग पाथोलॉजी और एसोसिएट डीन (अकादमिक्स), एआईएमएस रायपुर को एआईएमएस पटना के संस्थान मंडल का सदस्य बनाया गया है। ये नियुक्तियां 30 दिसंबर 2025 को जारी अलग-अलग राजपत्र नोटिफिकेशन्स के माध्यम से औपचारिक रूप से की गईं।
    संस्थान मंडल संस्थान का सर्वोच्च वैधानिक निकाय है, जो समग्र संचालन, रणनीतिक दिशा और नीतिगत ढांचे के निर्धारण के लिए उत्तरदायी है। यह चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, रोगी देखभाल और संस्थागत विकास जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की निगरानी करता है और अकादमिक मानक, वित्तीय प्रबंधन और संकाय चयन जैसी विशेष जिम्मेदारियों के लिए गवर्निंग बॉडी और फाइनेंस कमेटी जैसे उपसमितियों के साथ समन्वय करता है।
    डॉ. मोहनपात्र और डॉ. हुसैन की इस प्रतिष्ठित संस्थान मंडल में नियुक्ति उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक नेतृत्व, प्रशासनिक क्षमता और चिकित्सा शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान का प्रमाण है। यह एआईएमएस रायपुर के संकाय की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा और भारत के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
    एआईएमएस रायपुर ने विश्वास व्यक्त किया है कि दोनों सदस्यों का अनुभव और दृष्टिकोण एआईएमएस गुवाहाटी और एआईएमएस पटना के अकादमिक, प्रशासनिक और रणनीतिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। पूरी एआईएमएस रायपुर टीम डॉ. एलि मोहनपात्र और डॉ. निघत हुसैन को इस प्रतिष्ठित जिम्मेदारी के लिए बधाई देती है और उनके नए कार्यभार में सफलता की शुभकामनाएं देती है।

     

    भिलाई।
    भिलाई शहर के मंदिरों में हो रही चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक महिला एवं एक बुजुर्ग आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपियों के कब्जे से हनुमानजी का चाँदी का मुकुट, स्टील के बर्तन तथा लड्डू गोपाल की पीतल की मूर्ति सहित झूला-जुमला, कुल कीमती लगभग 20 हजार रुपये का मशरूका बरामद किया गया है।

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री सुखनंदन राठौर ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रार्थी द्वारा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि वह इच्छापूर्ति दुर्गा गणेश मंदिर, मटका लाईन, कैम्प-02 भिलाई समिति का अध्यक्ष है। मंदिर में पंडित भोला महाराज पूजा-पाठ का कार्य करते हैं एवं मंदिर के ऊपर बने कक्ष में निवास करते हैं।

    प्रार्थी के अनुसार मंदिर प्रतिदिन प्रातः 7 बजे खुलता है एवं दोपहर 12 बजे बंद होता है, पुनः शाम 4 बजे खुलकर रात्रि 9 बजे बंद किया जाता है। दिनांक 9 जनवरी 2026 को शाम लगभग 4 बजे पंडित भोला महाराज मंदिर का गेट खोलकर स्नान हेतु अपने कक्ष में चले गए थे। शाम करीब 6 बजे जब वे मंदिर लौटे तो पाया कि हनुमानजी की मूर्ति पर लगा चाँदी का मुकुट, स्टील के बर्तन तथा लड्डू गोपाल की पीतल की मूर्ति मय झूला-जुमला मंदिर से गायब थे।

    प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलिस द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। चोरी गए मशरूका एवं अज्ञात आरोपियों की पतासाजी हेतु सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए एवं मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया। जांच के दौरान प्राप्त सूचना के आधार पर संदेहियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने चोरी की घटना को स्वीकार किया। आरोपियों के कब्जे से चोरी गया समस्त सामान बरामद कर लिया गया है।

    गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया

    गिरफ्तार आरोपी:

    1. रीना द्विवेदी, उम्र 48 वर्ष, निवासी – इस्पात नगर, रिसाली

    2. बालमुकुंद सोनी, उम्र 65 वर्ष, निवासी – इस्पात नगर, रिसाली

     

    भिलाई।
      प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी 16 जनवरी 2026 को डॉ. अंबेडकर नगर वार्ड में राज्य स्तरीय बौद्ध मेला महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह भव्य आयोजन संध्या 5 बजे से प्रारंभ होगा, जिसमें प्रदेशभर से बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बौद्ध अनुयायी शामिल होंगे।

    इस महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में श्री गजेन्द्र यादव (केबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन) उपस्थित रहेंगे। वहीं प्रमुख अतिथि के रूप में मा. विजय बघेल (सांसद, दुर्ग लोकसभा), रिकेश सेन (विधायक, वैशाली नगर विधानसभा), अरविंद सिंह खुराना (अध्यक्ष अल्पसंख्यक आयोग, दुर्ग), मा. इंद्रजीत सिंह (छोटू) समाजसेवी, अजीत वैद्य (पार्षद, शंकर नगर), मा. एम.डी. कावरे (संभाग आयुक्त, रायपुर), दिलीप वासनीकर (छत्तीसगढ़ जांच आयोग), रतनलाल डांगी (आईजी, रायपुर), मा. के.एन. कांडे (एमडी, अपेक्स बैंक छत्तीसगढ़), सुनील रामटेके (चेयरमैन, ऑल PSU एससी-एसटी फेडरेशन), मा. डॉ. उदय कुमार ढाबरडे (सीएमओ, सेक्टर-9 अस्पताल), मा. बालेश्वर चौरे (प्रदेश अध्यक्ष, ब्राइड एसोसिएशन), उमाकांत सुखदेवे (जल संसाधन विभाग), अरविंद चौहान (राजमार्ग विभाग), विनोद वासनिक (अध्यक्ष, भारतीय बौद्ध महासभा, भिलाई), मा. एस.आर. कांडे (ट्रस्टी, भारतीय बौद्ध महासभा), भोजराज गौरखेड़े (प्रदेश अध्यक्ष, दि बुद्धिस्ट सोसायटी), सी.एल. माहेश्वरी (राष्ट्रीय सलाहकार, दि बुद्धिस्ट सोसायटी), अनिल गजभिए (प्रदेश अध्यक्ष, पैंथर सेना) एवं मा. वर्षा बागड़े (अध्यक्ष, दि बुद्धिस्ट सोसायटी, भिलाई) विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

    कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य की जानकारी कार्यक्रम संयोजक मा. सुनील रामटेके द्वारा दी गई। इस अवसर पर आयोजित बैठक में योगेन्द्र (बबलू) चौरे (अध्यक्ष), जितेंद्र मडामे (कार्यकारी अध्यक्ष), सुनील श्यामकुंवर (उपाध्यक्ष), अविनाश अड़कने (कोषाध्यक्ष), संजय डहाट (सचिव), सेवक राम बागरे (संयुक्त सचिव) सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

    आयोजकों ने सभी सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों से कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

    महोत्सव के अंतर्गत संध्या को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बुद्ध एवं भीम गीतों पर आधारित प्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रम में राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कव्वाल प्रकाश नाथ पाटनकर (नागपुर, महाराष्ट्र) एवं कव्वाल अजय कुमार (युवा प्रबोधनकार, टीवी एवं रेडियो सिंगर) अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इस अवसर पर भोजन दानदाता के रूप में सुनंदा एवं राजकुमार खोबरागड़े सहयोग प्रदान करेंगे।

     

    भिलाईनगर।
       शासन की मंशा के अनुरूप नागरिकों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर पालिक निगम भिलाई के सभागार कक्ष में बुधवार को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास आबंटन हेतु लॉटरी का आयोजन किया गया। लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से कुल 60 पात्र हितग्राहियों को आवास आबंटित कर लाभान्वित किया गया

    लॉटरी कार्यक्रम में वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन, महापौर श्री नीरज पाल, सभापति श्री गिरवर बंटी साहू, आयुक्त श्री राजीव कुमार पाण्डेय, नेता प्रतिपक्ष श्री भोजराज सिन्हा, पार्षद श्री हरिओम तिवारी तथा अधीक्षण अभियंता सह नोडल अधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति में पारदर्शी प्रक्रिया के तहत हितग्राहियों के नाम निकालकर आवास आबंटन किया गया।

    नगर निगम क्षेत्र में निवास करने वाले ऐसे नागरिक जिनके पास देश के किसी भी भाग में स्वयं का पक्का मकान नहीं है, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए पात्र नागरिकों द्वारा नगर निगम भिलाई के आवास शाखा में नियमानुसार आवेदन प्रस्तुत किए जाते हैं। प्राप्त आवेदनों की सक्षम स्तर पर स्वीकृति उपरांत आवास आबंटन हेतु लॉटरी आयोजित की जाती है।

    आज आयोजित लॉटरी में जिन हितग्राहियों के नाम निकले, उन्हें लॉटरी पर्ची में अंकित ब्लॉक एवं मकान क्रमांक के अनुसार आवास आबंटित किया गया। आवास प्राप्त होने पर सभी हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन एवं नगर निगम प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

    लॉटरी प्रक्रिया के दौरान उप अभियंता श्री दीपक देवांगन, आवास प्रभारी श्री विद्याधर देवांगन, सीएलटीसी श्रीमती किरण चतुर्वेदी, श्री जी. मोहन राव सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

    दुर्ग / रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले का कुख्यात गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी, जिसे प्रदेश में ‘गुटखा किंग’ के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर कानून के शिकंजे…

    संभल / लखनऊ।

       संभल में नवंबर 2024 की जामा मस्जिद सर्वे हिंसा से जुड़े बहुचर्चित मामले में न्यायपालिका ने बड़ा और दूरगामी असर डालने वाला आदेश दिया है। चंदौसी स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर की अदालत ने 13 जनवरी 2026 को तत्कालीन क्षेत्राधिकारी अनुज चौधरी (वर्तमान में एएसपी), इंस्पेक्टर अनुज तोमर तथा 15–20 अन्य अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी किया है।

    24 वर्षीय युवक को गोली लगने का आरोप

    यह आदेश यामीन, निवासी खग्गू सराय अंजुमन, की याचिका पर दिया गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि 24 नवंबर 2024 को संभल की जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा के समय उनका 24 वर्षीय बेटा आलम, जो बिस्कुट और रस बेचने घर से निकला था, को पुलिस द्वारा कथित रूप से गोली मारी गई। गोली लगने से आलम गंभीर रूप से घायल हो गया था।

    याचिका में दावा किया गया है कि युवक हिंसा में शामिल नहीं था, इसके बावजूद पुलिस ने उस पर फायरिंग की।

    अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला

    कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह आदेश पुलिस अधिकारियों के लिए चेतावनी है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा—

    “अब कोई बचाने नहीं आएगा। भाजपा का फॉर्मूला है—पहले इस्तेमाल करो, फिर बर्बाद करो।”

    पुलिस ने आदेश मानने से किया इनकार

    वहीं, संभल पुलिस प्रशासन ने इस न्यायिक आदेश को मानने से फिलहाल इनकार कर दिया है। संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने अदालत के आदेश को “अवैध” बताते हुए कहा कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच पहले ही पूरी हो चुकी है, जिसमें पुलिस को क्लीन चिट दी जा चुकी है।

    एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस इस आदेश को ऊपरी अदालत में चुनौती देगी

    हिंसा की पृष्ठभूमि

    गौरतलब है कि 24 नवंबर 2024 को संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान पत्थरबाजी और गोलीबारी की घटनाएं सामने आई थीं, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई पुलिसकर्मी और नागरिक घायल हुए थे। यह मामला प्रदेश भर में कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर लंबे समय तक चर्चा में रहा।

    कानूनी और प्रशासनिक टकराव

    इस प्रकरण में अब न्यायपालिका के आदेश और पुलिस प्रशासन के रुख के बीच स्पष्ट टकराव नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला न केवल कानूनी बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा मुद्दा बनने की संभावना जता रहा है।

    नई दिल्ली।
    भारत–चीन संबंधों में तनाव के दौर के बीच राजनीतिक संवाद की दिशा में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। 12 जनवरी 2026 को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यालय का दौरा किया और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की।

    चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सन हैयान ने किया

    चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व CPC के अंतरराष्ट्रीय विभाग (IDCPC) की उप-मंत्री सन हैयान (Sun Haiyan) ने किया। बैठक में भारत में चीन के राजदूत जू फीहोंग (Xu Feihong) भी उपस्थित रहे। इस मुलाकात को कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर 2020 के गलवान संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में आई तल्खी के संदर्भ में।

    भाजपा की ओर से अरुण सिंह और विजय चौथाईवाले शामिल

    भाजपा की ओर से राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह और विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी विजय चौथाईवाले ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बैठक के दौरान दोनों राजनीतिक दलों के बीच संवाद और संपर्क बढ़ाने (Inter-party Communication) के उपायों पर चर्चा की गई।

    भाजपा नेताओं ने इसे औपचारिक, संस्थागत और पारदर्शी संवाद बताते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के बीच बातचीत अंतरराष्ट्रीय संबंधों को बेहतर समझने में सहायक होती है।

    RSS और अन्य दलों से भी मुलाकात

    अपने भारत दौरे के दौरान चीनी प्रतिनिधिमंडल ने 13 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले से भी मुलाकात की। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस के विदेश विभाग के प्रमुख सलमान खुर्शीद तथा वामपंथी दलों के नेताओं से भी अलग-अलग बैठकें कीं।

    कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया ‘दोगलेपन’ का आरोप

    इस मुलाकात को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर “दोगलापन” का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर चीन को लेकर सख्त बयान दिए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर पार्टी स्तर पर बैठकें की जा रही हैं। कांग्रेस ने बैठक के एजेंडे और चर्चा के बिंदुओं को सार्वजनिक करने की मांग की है।

    भाजपा का जवाब

    भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह बैठक किसी गुप्त एजेंडे के तहत नहीं बल्कि राजनीतिक दलों के बीच सामान्य कूटनीतिक संवाद का हिस्सा थी। पार्टी का कहना है कि संवाद से पीछे हटना समाधान नहीं है और ऐसे संपर्क वैश्विक राजनीति में सामान्य प्रक्रिया हैं।

    राजनीतिक और कूटनीतिक मायने

    विशेषज्ञों के अनुसार, यह बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत–चीन संबंध अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। ऐसे में यह संवाद भविष्य की कूटनीतिक दिशा, राजनीतिक संदेश और आंतरिक राजनीति—तीनों स्तरों पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    नई दिल्ली/कोलकाता।
    प्रवर्तन निदेशालय (ED) और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच चल रहा कानूनी टकराव अब देश की शीर्ष अदालत तक पहुंच चुका है। 14 और 15 जनवरी 2026 को कलकत्ता उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई ने इस विवाद को संवैधानिक, प्रशासनिक और राजनीतिक संकट के रूप में स्थापित कर दिया है।


    कलकत्ता हाई कोर्ट: TMC की याचिका खारिज, ED ने लगाए गंभीर आरोप

    14 जनवरी 2026 को कलकत्ता उच्च न्यायालय में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में मांग की गई थी कि I-PAC कार्यालय पर छापेमारी के दौरान जब्त किए गए पार्टी के संवेदनशील चुनावी डेटा को सुरक्षित रखा जाए।

    हालांकि, ED के वकील ने अदालत को स्पष्ट किया कि छापेमारी के दौरान कोई भी डेटा या दस्तावेज जब्त नहीं किया गया। इस बयान के बाद न्यायमूर्ति सुभ्रा घोष ने TMC की याचिका को निपटा दिया।

    इसी सुनवाई के दौरान ED ने अभूतपूर्व और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कोयला तस्करी मामले की जांच के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं I-PAC कार्यालय पहुंचीं और जांच से जुड़े अहम सबूत—एक लैपटॉप और एक ‘हरा फोल्डर’—अपने साथ ले गईं।

    ED ने इसे जांच में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप बताते हुए मुख्यमंत्री और राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों के खिलाफ CBI जांच की मांग की। लेकिन, चूंकि इसी विषय पर ED पहले ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुकी थी, इसलिए हाई कोर्ट ने अपनी कार्यवाही स्थगित कर दी।


    सुप्रीम कोर्ट: FIR पर रोक, CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश

    15 जनवरी 2026 को मामला सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए आया। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने इस मामले को “अत्यंत गंभीर” करार दिया।

    शीर्ष अदालत ने—

    • मुख्यमंत्री ममता बनर्जी,

    • पश्चिम बंगाल सरकार,

    • पुलिस महानिदेशक (DGP) और

    • कोलकाता पुलिस कमिश्नर

    को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

    साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR पर तत्काल अंतरिम रोक लगा दी और स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक ED अधिकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।

    कोर्ट ने राज्य सरकार को यह भी आदेश दिया कि 8 जनवरी 2026 को I-PAC कार्यालय और उसके आसपास की सभी CCTV फुटेज व इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं, ताकि सबूतों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो।


    अदालत की कड़ी टिप्पणियाँ

    सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि—

    “केंद्रीय जांच एजेंसियों के काम में राज्य एजेंसियों का हस्तक्षेप अराजकता (lawlessness) की स्थिति पैदा कर सकता है।”

    ED की ओर से अदालत में कहा गया कि यह मामला केवल ‘दखल’ का नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई ‘चोरी’ और ‘डकैती’ का है, क्योंकि वह सशस्त्र पुलिस बल के साथ जांच में बाधा डालने पहुंचीं।

    वहीं, मुख्यमंत्री की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि ममता बनर्जी वहां पार्टी के गोपनीय और संवेदनशील डेटा की सुरक्षा के लिए गई थीं और ED की कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण व राजनीतिक रूप से प्रेरित है।


    अब क्या तय करेगा सुप्रीम कोर्ट?

    सुप्रीम कोर्ट अब इस मूल प्रश्न पर विचार करेगा कि—

    • क्या किसी मुख्यमंत्री का छापेमारी स्थल पर पहुंचना,

    • और वहां से कथित रूप से दस्तावेज ले जाना,
      कानूनी रूप से “जांच में बाधा” और आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है या नहीं।

    मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी 2026 को निर्धारित की गई है।


    राजनीतिक और संवैधानिक मायने

    यह मामला केवल कानून तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह केंद्र बनाम राज्य, संवैधानिक मर्यादा, और जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। आने वाली सुनवाई देश की राजनीति और संघीय ढांचे के लिए दूरगामी प्रभाव डाल सकती है।

    27% ओबीसी आरक्षण सहित 28 सूत्रीय मांगों पर ओबीसी महासभा जिला इकाई दुर्ग का ज्ञापन

    दुर्ग/पाटन।
    अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक हितों के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ओबीसी महासभा जिला इकाई दुर्ग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

    यह ज्ञापन प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी महासभा श्री राधेश्याम साहू के निर्देशानुसार, माननीय तहसीलदार महोदय पाटन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। ज्ञापन में छत्तीसगढ़ राज्य में लंबित 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू करने सहित कुल 28 बिंदुओं पर आधारित मांगें रखी गईं।


    जनकल्याणकारी योजनाओं में समानुपातिक हिस्सेदारी की मांग

    ज्ञापन में यह प्रमुख रूप से उल्लेख किया गया कि अन्य पिछड़ा वर्ग को केंद्र एवं राज्य शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं में उनकी जनसंख्या के अनुपात में समुचित हिस्सेदारी प्रदान की जाए, जिससे सामाजिक न्याय की अवधारणा को साकार किया जा सके।


    इनके नाम रहा संबोधित ज्ञापन

    ज्ञापन की प्रतिलिपि—

    • माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार,

    • माननीय गृह मंत्री भारत सरकार,

    • माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, तथा

    • महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़

    के नाम भी प्रेषित की गई है।


    कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित

    इस अवसर पर ओबीसी महासभा जिला दुर्ग के जिलाध्यक्ष श्री भानु प्रताप यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे, जिनमें—

    अधिवक्ता रेखराम साहू, ओमप्रकाश यादव, हीरालाल, राहुल यादव, दीपक कुमार यादव, पीताम्बर साहू, योगेश कुमार, चोवाराम, विजय मेश्राम, रमन साहू, शिवकुमार सोनवानी, नंदू वर्मा, सुरेश सिंगोर, वागेस वासा, शंकर, इंदा, हिमांशी नायक सहित अन्य कार्यकर्ता एवं समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


    ओबीसी समाज के अधिकारों को लेकर सतत संघर्ष

    जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने कहा कि ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा एवं उन्हें उनका वास्तविक हक दिलाने के लिए महासभा का संघर्ष निरंतर और संगठित रूप से जारी रहेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शासन स्तर पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

    बालोद / शौर्यपथ /
    जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की तत्परता एवं मुश्तैदी से गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम कचांदुर में प्रस्तावित बाल विवाह को समय रहते रोक लिया गया।

    इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री समीर पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार 12 जनवरी को ग्राम कचांदुर में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होते ही विभागीय टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए वर विशाल पिता राजकुमार के निवास स्थल पर पहुँचकर आवश्यक हस्तक्षेप किया गया। मौके पर उपस्थित राजकुमार एवं उनके परिजनों को बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों से अवगत कराते हुए समझाइश दी गई।

    समझाइश के उपरांत नाबालिक युवक राजकुमार (उम्र 19 वर्ष) एवं उनके माता-पिता द्वारा अपनी त्रुटि स्वीकार की गई तथा युवक की 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने के पश्चात ही विवाह करने की सहमति व्यक्त की गई।

    जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री पाण्डेय ने बताया कि इस कार्रवाई के माध्यम से जिले में बाल विवाह की रोकथाम सुनिश्चित की गई है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत के सरपंच, उप सरपंच, सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे, जिनकी मौजूदगी में नियमानुसार पंचनामा भी तैयार किया गया

    महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में बाल विवाह रोकने हेतु सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई का कार्य निरंतर जारी है।

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