August 05, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    Uncategorised

    Uncategorised (35171)

    अन्य ख़बर

    अन्य ख़बर (5876)

    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    रायपुर / शौर्यपथ।
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में विधि-विधान से भगवान विश्वकर्मा जयंती की पूजा-अर्चना की।

    इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े तथा छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा भी उपस्थित रहीं।

    मुख्यमंत्री साय ने भगवान विश्वकर्मा को संसार का प्रथम वास्तुकार एवं सृजन-निर्माण का देवता बताते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा—

    “छत्तीसगढ़ के श्रमवीर प्रदेश की प्रगति और निर्माण के वास्तविक आधारस्तंभ हैं। श्रम की सार्थकता और सृजन की भावना को समाज में प्रतिष्ठित करने का श्रेय भगवान विश्वकर्मा को जाता है। विश्वकर्मा जयंती का यह अवसर हम सभी को समर्पण और ईमानदारी से कार्य करने की प्रेरणा देता है।”


    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी की सौजन्य भेंट

    रायपुर / शौर्यपथ।
    राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आज एक महत्वपूर्ण सौजन्य भेंट हुई, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने मुलाकात की।

    बैठक में मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा और बाल शिक्षा को लेकर राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की साझी पहल से इन क्षेत्रों में और ठोस परिणाम सामने आएंगे।

    केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी प्रदेश के प्रयासों की सराहना करते हुए आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार बच्चों और महिलाओं के कल्याणकारी कार्यक्रमों को और मजबूती से आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग करेगी।

    इस अवसर पर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा भी उपस्थित रहीं।

      छत्तीसगढ़ / शौर्यपथ / भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी कुशल संगठन शिल्पी, अद्भुत प्रशासक और विश्व मंच पर भारत की पहचान को ऊँचाई देने वाले सशक्त नेतृत्वकर्ता हैं। मां भारती के वैभव को पुनः स्थापित कर भारत की छवि को विश्व शिखर तक पहुँचाने के उनके संकल्प और प्रयासों के लिए देशवासी सदैव उनके आभारी हैं।

    छत्तीसगढ़ में विश्वास और विकास का जो वातावरण बना है, वह प्रधानमंत्री मोदी जी की गारंटी का ही परिणाम है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के उनके संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना ही उनके जन्मदिन पर हमारी ओर से सच्चा उपहार होगा।

    छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके दीर्घायु और निरंतर नेतृत्व की कामना की।


    राजनांदगांव/ राजनांदगांव में सोमवार को विश्वकर्मा पूजा का पर्व श्रद्धा, उत्साह और सामूहिक सहभागिता के साथ मनाया गया। शहर की कई कंस्ट्रक्शन साइट्स पर श्रमिकों और मिस्त्रियों ने अपने-अपने कार्यस्थलों पर पारंपरिक विधि से भगवान विश्वकर्मा की पूजा की। सुबह से ही निर्माण स्थलों पर विशेष साफ-सफाई की गई और पूजा के लिए स्थान सजाया गया। मिस्त्रियों और मजदूरों ने अपने औजारों – जैसे हथौड़ा, छेनी, गैंती, बेलचा, मिक्सर मशीन आदि को धोकर पूजा के लिए सजाया। पूजा में नारियल, अगरबत्ती, फूल और प्रसाद चढ़ाकर भगवान विश्वकर्मा से सुरक्षा, समृद्धि और कार्य में सफलता की प्रार्थना की गई। पूजा संपन्न होने के बाद सभी श्रमिकों और मिस्त्रियों के लिए सामूहिक भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान आपसी भाईचारे और सहयोग की झलक साफ देखने को मिली। वरिष्ठ मिस्त्री हिरामन साहू,हिरा साहू,सावन साहू,'गोपाल कवरकार्तीक,कोमल,महेन्द ने बताया, “हम सालभर मेहनत करते हैं, लेकिन यह दिन हमारे लिए विशेष होता है जब हम अपने औजारों और मेहनत को पूजते हैं। यह पर्व हमारे आत्मसम्मान और एकता का प्रतीक है।” निर्माण कंपनिऔर ठेकेदारों ने भी आयोजन में सहयोग करते हुए पूजा सामग्री और भोजन की व्यवस्था कराई। इस आयोजन ने मेहनतकश हाथों को नमन करते हुए तकनीकी प्रगति और श्रमिकों के योगदान को सम्मानित करने का संदेश दिया।

    रायपुर / शौर्यपथ /  छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा बस्तर संभाग के न्यायिक अधिकारियों के लिए एक दिवसीय संभागीय न्यायिक सेमिनार का आयोजन प्रेरणा हॉल, कलेक्टरेट भवन, जगदलपुर में किया गया। इस सेमिनार में बस्तर संभाग के चार जिलों जगदलपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव के 43 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया।

    छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा एवं मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी ने वर्चुअल माध्यम से सत्र का उद्घाटन किया। सेमिनार में श्री अमितेंद्र किशोर प्रसाद, न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, पोर्टफोलियो न्यायाधीश, जिला कांकेर की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।

    मुख्य न्यायाधीश ने बस्तर संभाग के न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में न्यायपालिका से अपेक्षाएँ बहुत अधिक हैं। लोग हमसे अत्यधिक आशा रखते हैं। यह सेमिनार केवल सीखने का मंच ही नहीं, बल्कि न्याय, निष्पक्षता और विधि के शासन के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि भी है।

    मुख्य न्यायाधीश ने अपने संबोधन में कहा कि न्यायिक शिक्षा एक बार की प्रक्रिया नहीं है; बल्कि यह सतत प्रक्रिया है। आज के दौर में जहाँ कानून तेजी से विकसित हो रहे हैं और समाज नई चुनौतियों का सामना कर रहा है, वहाँ न्याय के संरक्षक होने के नाते हमें निरंतर अपने ज्ञान को समृद्ध करना और अपनी न्यायिक क्षमता को धार देना अनिवार्य है। सतत प्रशिक्षण सुनिश्चित करता है कि हम अपने संवैधानिक दायित्वों को दक्षता, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निभा सकें।

    मुख्य न्यायाधीश ने आगे यह भी कहा कि बस्तर क्षेत्र अपने विशिष्ट सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक परिदृश्य के साथ न्यायपालिका के लिए चुनौतियाँ और अवसर दोनों प्रस्तुत करता है। हमारा दायित्व है कि न्याय समाज के हर कोने तक पहुँचे, विशेष रूप से वंचित और कमजोर वर्गों तक। यहाँ के न्यायिक अधिकारियों की भूमिका जनता के विश्वास को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है कि न्याय न केवल किया जाए, बल्कि होता हुआ भी दिखाई दे।

    मुख्य न्यायाधीश ने सभी न्यायिक अधिकारियों से आग्रह किया कि वे सहानुभूति, धैर्य और निष्पक्षता के साथ न्यायिक कार्य करें। याद रखें, प्रत्येक मामले के पीछे एक मानवीय कहानी होती है संघर्ष, आशा और न्यायपालिका में विश्वास की। हमें सदैव यह सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए कि न्याय समय पर, पारदर्शी और तर्कपूर्ण तरीके से दिया जाए।

    अंत में मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस प्रकार के सेमिनार समकालीन विधिक मुद्दों पर विचार-विमर्श, अनुभवों के आदान-प्रदान और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को अपनाने का मूल्यवान अवसर प्रदान करते हैं। इस सेमिनार में हुई चर्चाएँ न्यायिक अधिकारियों की दक्षता को बढ़ाएँगी और उन्हें न्यायिक कार्य की जटिलताओं को और अधिक कुशलता से संभालने योग्य बनाएँगी।

    इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के प्रभारी रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। कांकेर, कोंडागांव, जगदलपुर एवं दंतेवाड़ा के जिलों के न्यायिक अधिकारी उपस्थित थे। स्वागत भाषण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जगदलपुर द्वारा दिया गया, परिचयात्मक उद्बोधन छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के निदेशक ने तथा धन्यवाद ज्ञापन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जगदलपुर द्वारा किया गया।

    सेमिनार में बस्तर संभाग के कुल 43 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों द्वारा परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के मामलों की कार्यवाही का अवलोकन तथा इनके निपटारे हेतु नवीन उपकरण और तकनीकें, मध्यस्थता में रेफरल जज की भूमिका, डिक्री का क्रियान्वयन गिरफ्तारी एवं सिविल कारागृह में निरुद्धि तथा संपत्ति की कुर्की द्वारा समयबद्ध और प्रभावी प्रवर्तन हेतु रणनीतियाँ, सलाखों के पीछे या स्वतंत्र रिमांड और जमानत के प्रावधानों का गहन विश्लेषण, माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के नवीनतम निर्णयों के विशेष संदर्भ के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिए गए।

    गंगरेल डुबान क्षेत्र की 11 मछुआ सहकारी समितियों को मिला मछली पालन का पुनः हक
    मुख्यमंत्री साय ने डुबान क्षेत्र में एम्बुलेंस और राष्ट्रीय बैंक शाखा शीघ्र खोलने का दिया आश्वासन
    स्वच्छ भारत मिशन, जनधन योजना और आवास योजना से लोगों के जीवन में आया बदलाव
     

    रायपुर / शौर्यपथ / गंगरेल बांध डुबान क्षेत्र की मछुआ सहकारी समितियों को पुनः मछली पालन का हक मिलने पर प्रभावित समितियों के सदस्यों ने विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास पहुँचकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए अभिनंदन किया। इस अवसर पर गंगरेल डुबान क्षेत्र के तीन जिलों—धमतरी, कांकेर और बालोद की 11 मछुआ सहकारी समितियों के सदस्यगण उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर ग्रामीणों की मांग पर डुबान क्षेत्र में जनसुविधा हेतु एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराने और राष्ट्रीय बैंक की शाखा शीघ्र खोले जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि गरीबों और वंचितों के उत्थान के लिए हमारी सरकार लगातार प्रयासरत है। विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनता को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हों और लोग सीधे लाभान्वित हो सकें।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर में शौचालय निर्माण को बढ़ावा देकर बेटियों और महिलाओं को सम्मान दिलाने का कार्य किया है। आज स्वच्छ भारत मिशन एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से आम नागरिकों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है और विभिन्न योजनाओं का लाभ अब सीधे डीबीटी के माध्यम से हितग्राहियों तक पहुँच रहा है। इस व्यवस्था ने बिचौलियों की भूमिका समाप्त की है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिला स्व-सहायता समूहों को पुनः रेडी-टू-ईट कार्य का जिम्मा सौंपा है, जिससे महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ग के उत्थान और सम्मान के लिए हमारी सरकार सतत कार्य कर रही है।

    इस अवसर पर धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा एवं पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पांडेय उपस्थित थीं। कार्यक्रम में गंगरेल बांध डुबान क्षेत्र की 11 मछुआ समितियों में ग्राम उरपुरी, तेलगुड़ा, मोगरागहन, कोलियारी पुराना, कोलियारी नया, गंगरेल, फुटहामुड़ा, तुमाबुजुर्ग, अलोरी, भिलाई एवं देवीनवागांव के सदस्यगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

        दुर्ग / शौर्यपथ / आगामी नवरात्रि पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से कोतवाली थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी तापेश्वर नेताम ने की।
      बैठक में विभिन्न धूमधाम बाजा समितियों एवं पंडाल आयोजक समितियों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। थाना प्रभारी ने आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी असामाजिक या बाहरी व्यक्ति को पंडाल परिसर में प्रवेश न दिया जाए। साथ ही नशे की हालत में आने वाले व्यक्तियों को रोकने और असामाजिक तत्वों पर सख्त निगरानी रखने पर बल दिया।
      पुलिस प्रशासन ने आयोजकों से अपील की कि वे परंपरागत सांस्कृतिक कार्यक्रमों को मर्यादित ढंग से आयोजित करें, ध्वनि प्रदूषण और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखें। साथ ही समिति के सदस्यों से अपेक्षा की गई कि वे पुलिस को हर संभव सहयोग प्रदान करें, जिससे पर्व का उल्लास और शहर की शांति व्यवस्था दोनों बरकरार रह सकें।
      गणेश चतुर्थी के दस दिवसीय उत्सव के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के बाद अब शहर नवरात्रि की तैयारियों में जुट चुका है। मातारानी की आराधना के नौ दिनों में भक्तों की भारी भीड़ जुटेगी। ऐसे में पुलिस-प्रशासन और आयोजन समितियों का संयुक्त प्रयास ही इस पर्व को सुरक्षित व सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न करा सकेगा।

    सभी अधिकारी-कर्मचारियों को संगठन से जोड़ने का अभियान, सदस्यता शुल्क निर्धारित

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / गोण्डवाना समाज अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ की संभागीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार, 14 सितंबर को जिला मुख्यालय मोहला में आयोजित हुई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, भृत्य, रोजगार सहायक से लेकर उच्च पदों तक के सभी समाज के अधिकारी-कर्मचारियों को संगठन की सदस्यता दिलाई जाएगी। इसके लिए विशेष अभियान चलाने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हुआ।

    सदस्यता सूची बनाने का निर्णय

    संभाग अध्यक्ष मोहन हिड़को को सभी ब्लॉक अध्यक्षों को पत्र लिखकर अपने-अपने क्षेत्र के अधिकारी-कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराने का दायित्व सौंपा गया। ब्लॉक अध्यक्ष, सर्कल अध्यक्षों की मदद से यह सूची तैयार कर संभागीय समिति को सौंपेंगे।

    गरीब विद्यार्थियों और जरूरतमंदों की मदद

    बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समाज के गरीब एवं वंचित विद्यार्थियों को कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए आर्थिक सहयोग दिया जाएगा और स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु गतिविधियां चलाई जाएंगी। इसके लिए समाज का बैंक खाता खोलकर राशि जमा की जाएगी।

    सहयोग राशि का निर्धारण

    प्रत्येक वर्ग के अधिकारी-कर्मचारियों से वार्षिक सहयोग राशि तय की गई है—

    प्रथम श्रेणी अधिकारी – ₹2000
    द्वितीय श्रेणी अधिकारी – ₹1000
    तृतीय श्रेणी अधिकारी – ₹500
    चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी – ₹100

    आगामी बैठक और अनुमोदन

    निर्णय लिया गया कि प्रत्येक माह अलग-अलग विकासखंडों में बैठकें आयोजित होंगी और नियमित रूप से वर्चुअल बैठक भी होगी। सभी प्रस्तावों को आगामी वरिष्ठ प्रभाग की संभागीय बैठक (21 सितंबर, गोण्डवाना भवन मोहला) में अनुमोदन के लिए रखा जाएगा।

    उपस्थित पदाधिकारी

    बैठक में पूर्व महासचिव तुकाराम कोर्राम, पूर्व सचिव पूर्णानंद नेताम, प्रकोष्ठ के संभागीय अध्यक्ष चंद्रेश ठाकुर, कृषि विभाग के उप संचालक श्याम सिंह सेवता, श्याम लाल हिड़को, उपाध्यक्ष मन्ने सिंह मंडावी, कोषाध्यक्ष लखन सोरी, ऑडिटर ओम प्रकाश कोड़ापे, ब्लॉक अध्यक्ष शिव कलामे सहित अनेक पदाधिकारी और समाज प्रतिनिधि मौजूद रहे।
    मीडिया प्रभारी जगत कोरचे, तोमन आचला, सुरेश पडोटी, सुधन कोरेटी, हरि टेकाम, लोचन सलामे भी विशेष रूप से उपस्थित थे।

    बदलते बस्तर में विकास की बयार, नक्सलवाद के अंत की ओर भारत
      सुकमा  / शौर्यपथ / केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि बस्तर की धरती, जो कभी नक्सल हिंसा की पहचान थी, अब विकास और समृद्धि की नई कहानियाँ लिख रही है। गाँव-गाँव में पक्की सड़कें, स्वच्छता और शिक्षा की पहुँच बढ़ रही है, महिलाएँ उज्ज्वला योजना से धुएँ से मुक्ति पा रही हैं और हर गरीब परिवार तक पक्के मकान का सपना साकार हो रहा है। यही बदले हुए हालात अब नये भारत की तस्वीर गढ़ रहे हैं।
      पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सुकमा में “नक्सल मुक्त भारत : समृद्धि और एकता की राह” विषय पर आयोजित वार्तालाप (कार्यशाला) में श्री साहू ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक देश को पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त करना है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक पिछड़ेपन और विकास की कमी से जुड़ा हुआ विषय है। इसी दृष्टि से सरकार ने “पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति 2025” लागू की है, जिसके तहत हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों को आर्थिक सहायता, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ा जा रहा है।

    विकास और सुरक्षा का संयुक्त मॉडल

    श्री साहू ने कहा कि यह केवल सुरक्षा का नहीं, बल्कि समग्र विकास का दूरदर्शी मॉडल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेज़ गति से सतत और समग्र विकास की दिशा में बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना से हर गरीब को पक्का मकान, स्वच्छ भारत अभियान से हर गाँव को साफ-सफाई और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से माताओं-बहनों को धुएँ से मुक्ति मिल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा लिया गया नक्सल मुक्त भारत का संकल्प केवल घोषणा नहीं, बल्कि ठोस रणनीति और निरंतर कार्रवाई का हिस्सा है। बस्तर सहित प्रभावित क्षेत्रों में अधिक से अधिक कैंप स्थापित किए जा रहे हैं ताकि सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएँ सीधे ग्रामीणों तक पहुँचे।

    इस अवसर पर बस्तर के सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि नक्सलवाद ने लंबे समय तक क्षेत्र के विकास को बाधित किया, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने दुर्गम गाँवों को जोड़कर शिक्षा, स्वास्थ्य और बाज़ार तक पहुँच आसान बना दी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों की कड़ी कार्रवाई से नक्सली संगठन बिखर रहे हैं और आने वाले समय में बस्तर भय और हिंसा की नहीं, बल्कि शांति, प्रगति और आत्मनिर्भरता की पहचान बनेगा।

    धरती आबा अभियान से आदिवासी गाँवों में नई ऊर्जा

    श्री कश्यप ने बताया कि सरकार गाँव-गाँव तक बुनियादी सुविधाओं के साथ डिजिटल कनेक्टिविटी, कौशल विकास और आधुनिक कृषि तकनीक पहुँचाने पर काम कर रही है। हाल ही में शुरू “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” लगभग 80,000 करोड़ रुपये की लागत से 63,000 जनजातीय गाँवों का समग्र विकास सुनिश्चित करेगा और पाँच करोड़ से अधिक आदिवासी भाई-बहनों को सीधा लाभ पहुँचाएगा।

    पत्रकारों से संवाद और सुझावों पर आश्वासन

    कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री तोखन साहू ने उपस्थित पत्रकारों से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज की आवाज़ और जनता की नब्ज़ समझने का माध्यम हैं, इसलिए उनके सवाल और सुझाव सरकार की नीतियों और योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। श्री साहू ने आश्वासन दिया कि कार्यक्रम में उठाए गए मुद्दों और सुझावों को गंभीरता से केंद्र सरकार तक पहुँचाया जाएगा। उन्होंने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे सरकार की विकास योजनाओं और सकारात्मक बदलावों की जानकारी आम जनता तक अधिक से अधिक पहुँचाएँ, ताकि लोग उनका लाभ उठा सकें और नई पीढ़ी को हिंसा के रास्ते से दूर रखकर शिक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर किया जा सके।

    रायगढ़ से भिलाई तक 8 जिलों में पदयात्रा, मशाल जुलूस, हस्ताक्षर अभियान, मोटर सायकल रैली आयोजित होगी

    रायपुर/  देश भर में मतदाता सूचियों में की गई गड़बड़ियों और चुनावी निष्पक्षता की मांग को लेकर कांग्रेस छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में ‘‘वोट चोर, गद्दी छोड़ अभियान’’ चला रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी ‘‘वोट चोर, गद्दी छोड़ अभियान’’ के तहत 16 सितंबर से 18 सितंबर तक तीन दिवसीय मैराथन कार्यक्रम आयोजित किया गया है। यह कार्यक्रम तीन दिनों तक रायगढ़ से भिलाई तक पदयात्राएं, हस्ताक्षर अभियान, मशाल जुलूस, मोटर सायकल रैलियां, जनसभाएं आयोजित की जायेगी।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देश की चुनावी प्रणाली विशेष कर मतदाता सूची की गड़बड़ियों के जो साक्ष्य प्रस्तुत किया है वह गंभीर है तथा देश के चुनाव प्रणाली में निष्पक्षता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है। देश के लोकतंत्र और चुनावी प्रणाली को बचाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के द्वारा उठाये गये सवालों की गहन जांच हो और पूरे प्रकरण में जो भी दोषी है उन पर कड़ी कार्यवाही की जाए।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में रही है। महाराष्ट्र चुनाव के नतीजों के बाद वोटों की चोरी का संदेह यकीन में बदल गया। महाराष्ट्र में 5 साल के मुकाबले सिर्फ 5 माह में ज्यादा वोटर्स जोड़े गये वहां पर मतदाताओं की संख्या राज्य की वयस्क आबादी से भी ज्यादा है। यही नहीं महाराष्ट्र के चुनावों में शाम 5 बजे के बाद वोटिंग में अचानक जबर्दस्त उछाल आ गया था। महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट की गड़बड़ी को इंडिया गठबंधन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अनेकों बार उठाया, चुनाव आयोग को चार चिट्ठियां भी लिखी, चुनाव आयोग ने गोलमटोल जवाब दिया।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा डिजिटल वोटर लिस्ट राजनैतिक दलों को इंकार क्यों किया जा रहा, यह भी संदिग्ध है। चुनाव आयोग ने सीसीटीवी फुटेज की उपलब्धता के कानून भी बदल दिया। चुनाव आयोग का आचरण ही बड़ी मिस्ट्री बन गया है। जनता को पूरी चुनाव प्रणाली को जानने का पूरा अधिकार है तथा चुनाव से संबंधित कोई रिकार्ड कानून मिटाया नहीं जा सकता।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा के लोकसभा चुनाव के मतदाता सूची की गड़बड़ियों के पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत किया है। एक प्रधानमंत्री आवास में 80 वोटर, 46 वोटर एक बियर क्लब के पते पर 68 वोटर होना एक ही मतदाता का बार-बार नाम आना और सभी के द्वारा अलग-अलग मतदान करने के साक्ष्य बताते है कि देश के चुनावों में धांधली हो रही है और वोटरों की चोरी हो रही है। चुनाव आयोग, नेता प्रतिपक्ष के साक्ष्यों से मुंह नहीं चुरा सकता।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया कि कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस.सिंहदेव, सचिवगण एस.सम्पत, जरिता लैतफलांग, विजय जांगिड़, सहित प्रदेश के वरिष्ठ नेतागण, पदाधिकारीगण, कार्यकर्ता एवं आमजन शामिल होंगे।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision