August 16, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    धर्म संसार /शौर्यपथ /साल 2021 में कुल चार ग्रहण लगेंगे। जिसमें से दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे। इस साल का पहला चंद्र…
    सेहत /शौर्यपथ / आयुर्वेद में कुछ ऐसी चीजें बताई गई हैं जिनके नियमित सेवन से न सिर्फ विभिन्न रोगों से मुक्ति मिलती है बल्कि इससे…
    सेहत /शौर्यपथ / आमतौर पर मूली के पत्तों को कई लोग फेंक देते हैं लेकिन आपको बता दें कि मूली के पत्तों में मूली से…
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    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग निगम में भले ही प्रशासनिक सेवा से आये अधिकारी ने पद संभाल लिया किन्तु आज भी दुर्ग निगम में अधिकारियों को जिम्मेदारी पद और वरीयता…

    बिलासपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश में ‘पढ़ई तुहार दुआर‘ कार्यक्रम के अंतर्गत कोरोनाकाल में बच्चों को ऑनलाइन या ऑफलाइन शिक्षा उपलब्ध करायी जा रही है। बिलासपुर जिले के विकासखण्ड कोटा की तहसील रतनपुर के जमुनाही तिलकडीह प्राथमिक शाला के कक्षा 5वीं के छात्र विमल ने स्टोरीविवर के वेबसाइट में 10 कहानियों का स्थानीय भाषा छत्तीसगढ़ी भाषा में अनुवाद कर एक नई शुरूआत की। कहते हैं, “पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती” यह अपने आप में नई मिसाल है।
    कोरोना के कारण देश और प्रदेश में स्कूल बंद है, ऐसी स्थिति में बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग में ‘पढ़ई तुंहर दुआर‘ कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए विभिन्न प्रकार के कारगर उपाय किए गए। इसका लाभ सभी विद्यार्थियों को मिल रहा है।
    विमल की उम्र अभी 10 वर्ष है। उसने हाल ही में अपने बड़े पिता श्री बलदाऊ सिंह श्याम को लैपटॉप में काम करते देख प्रेरित हो स्वयं कहानी लिखने की ठानी। विमल ने पक्के इरादे के साथ स्टोरीविवर की वेबसाइट पर उपलब्ध कहानियों में 10 हिंदी भाषा की कहानी को स्थानीय छत्तीसगढ़ी भाषा मे अनुवाद किया। वर्तमान में छात्र मोबाइल सहित कम्प्यूटर लैपटॉप में काम करने में बिना किसी प्रशिक्षण के काफी जानकारी रखने लगा है। ऑनलाइन से सम्बंधित पढ़ई तुंहर दुआर के तहत चलने वाले ऑनलाइन क्लास में भी विमल नियमित रूप से शामिल होकर पढ़ाई करता है। विमल ने स्टोरीविवर सहित ऑग्मेंटेड रियलिटी वीडियो बनाने का भी काम कर रहा है। वह लगातार ऑनलाइन सहित ऑफलाइन क्लास का लाभ लेते हुए अपनी पढ़ाई को जारी रखा हुआ है।
    ग्रामीण अंचल के छात्र विमल सिंह गोंड जो माता-पिता की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपने बड़े पिता बलदाऊ सिंह श्याम के पास रहकर अपनी पढ़ाई-लिखाई सतत रूप कर रहा है। छात्र के पिता छोटे कृषक है। आर्थिक स्थिति ठीक नही होने के कारण छात्र बड़े पिता बलदाऊ सिंह के पास रहकर पढ़ाई कर रहा है, बलदाऊ सिंह द्वारा भी पढ़ाई में कभी आर्थिक स्थिति कारण न बने इसका ध्यान रखते हुए विमल को आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराते हैं। छात्र विमल इस कोरोनाकाल में अपने बड़े पिता के साथ रहकर सभी ऑनलाइन तकनीकी जानकारी भी रखने लगा है। ऑफलाइन क्लास के रूप में संचालित मोहल्ला क्लास में अपने साथ पढ़ने वाले बच्चों को लगातार क्लास में आने और पढ़ाई निरंतर जारी रखने के लिए प्रेरित करता है।

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाईस्कूल पूरक परीक्षा-2020 उत्तीर्ण विद्यार्थियों को 20 जनवरी तक कक्षा 11वीं में प्रवेश दिया जाएगा। स्कूल…

    रायपुर / शौर्यपथ / खाद्य सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने आज रायपुर जिले के धरसींवा, कूंरा, पंडरभट्टा, खैरखूंट और देवरी धान खरीदी केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। खाद्य सचिव ने इन धान खरीदी केन्द्रों में किसानों से बात-चीत की और धान खरीदी के संबंध में जानकारी ली।
    सचिव डॉ. सिंह ने खरीदी केन्द्रों में धान की समुचित खरीदी, व्यवस्थित रख-रखाव एवं किसानों को भुगतान सहित धान की गुणवत्ता एवं बारदानों की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने खरीदी केन्द्रों में धान की गुणवत्ता और नमी का परीक्षण किया। खरीदी केन्द्रों में उपलब्ध बारदानों का मिलान किया, साथ ही बारदानों को व्यवस्थित रूप से रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। खाद्य सचिव ने धान खरीदी केन्द्र में धान को सुरक्षित रखने के संबंध में पंडरभट्टा, खैरखूंट, देवरी में बनाये गये प्लेटफार्म की जानकारी ली और खरीदे गये धान को व्यवस्थित रूप से स्टेक में रखने तथा आकस्मिक वर्षा को ध्यान में रखते हुये कैप कव्हर लगाने तथा धूप पड़ने पर कैप कव्हर को हटाने एवं पुनः ढक़ने के निर्देश दिए। खाद्य सचिव ने सभी धान खरीदी केन्द्रों में बारदानों की संख्या की जानकारी ली और कहा कि राईस मिलर्स के द्वारा धान उठाव के समय शासन द्वारा निर्धारित प्रतिशत के आधार पर बारदाने लेकर आएं। किसानों से भी धान खरीदी के समय बारदाने उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने मिलर्स द्वारा समयबद्व तरीके से धान उठाव करने के संबंध में खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए।
    निरीक्षण के दौरान सचिव खाद्य को रायपुर के कलेक्टर डॉ. भारतीदासन ने बताया कि धान खरीदी कार्य को सर्वाधिक सर्वोच्च प्राथमिकता से सम्पन्न कराया जा रहा है। किसी भी धान खरीदी केन्द्रों में खरीदी कार्य प्रभावित न हो एवं किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बारदानों की उपलब्धता मांग के अनुसार बनी रहे इसके लिए किसानों की संख्या एवं उनके द्वारा दिये जाने वाले धान की मात्रा के आधार पर योजना तैयार किया गया है। इस दौरान जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहकारिता विभाग के उप पंजीयक, खाद्य नियंत्रक एवं जिला विपणन अधिकारी भी उपस्थित थे।

    7 जिलों के शासकीय पोल्ट्री फार्म से लिए गए सेम्पल की हुई जांचबर्डफ्लू रोकने तथा सीमावर्ती राज्यों से पक्षियों के परिवहन पर कड़ी निगरानी के निर्देश रायपुर / शौर्यपथ /…

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