August 16, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    मुख्यमंत्री ने जांजगीर-चाम्पा जिले को दी 1083 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
    सम्मेलन में 1051 हितग्राहियों को 1.12 करोड़ की सामग्री एवं चेक वितरित
    चन्द्रपुर इलाके की तीन नहरों के संधारण कार्यों को मुख्यमंत्री की स्वीकृति
    राजीव गांधी किसान न्याय योजना जारी रहेगी
    किसानों की तरक्की से ही छत्तीसगढ़ बनेगा समृद्ध राज्य: मुख्यमंत्री बघेल

    जांजगीर - चांपा / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में अगला सरकारी मेडिकल कॉलेज जांजगीर-चाम्पा जिले में खोला जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जिला मुख्यालय जांजगीर के हाई स्कूल मैदान में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए इस आशय की घोषणा की है।
    मुख्यमंत्री ने आज जिले की जनता को 1083 करोड़ रुपये के 1255 विकास कार्यों की सौगातें दी हैं। इनमें 262 करोड़ रुपये के 419 विकास कार्यों का लोकार्पण और 821 करोड़ रुपये के 836 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। उन्होंने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 1051 हितग्राहियों को 1 करोड़ 12 लाख रुपये की सामग्री एवं चेक वितरित किये। मुख्यमंत्री बघेल ने सम्मेलन में हसदेव नहर परियोजना के चन्द्रपुर क्षेत्र की तीन नहरों के संधारण कार्यों की स्वीकृति की घोषणा भी की। किसान सम्मेलन की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने की। विशेष अतिथि के रूप में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री टीएस सिंहदेव, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री प्रेमसिंह टेकाम, कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्स्ना महंत विधायक रामकुमार यादव, श्रीमती इंदु बंजारे और केशव प्रशाद चंद्रा उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महती सभा में किसानों के प्रति किये गये अपनी सरकार के वायदों को फिर से दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के धान का उचित दाम दिलाने के लिए वचनबद्व है। इसके लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना में धान के साथ मक्का और गन्ना की खेती को प्रोत्साहन के लिए किसानों को 10 हजार रूपए प्रति एकड़ के मान से आदान सहायता राशि दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी न्याय योजना के अंतर्गत दी जा रही राशि किसानों को धान उत्पादन के लिए बोनस नहीं बल्कि उनकी मेहनत के प्रति सम्मान स्वरूप दे रही है। प्रति एकड़ 10 हजार रूपये के हिसाब से यह राशि आगे भी निरंतर जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना से किसानों में खेती के प्रति उत्साह बढ़ा है। इतनी बड़ी राशि मिलने से उनमें समृद्धि भी आई है। इसका असर बाजार पर भी देखने को मिला है। यहां तक कि किसानों और ग्रामीणों की बदौलत ही हमने आर्थिक मंदी का भी सफलता के साथ मुकाबला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा दिनों-दिन हम ज्यादा से ज्यादा किसानों को समर्थन मूल्य खरीदी के दायरे में ला रहे हैं। आज से दो साल पहले हमने 83 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी किये थे। इस साल अब तक लगभग 54 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है।
    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ किसानों और मजदूरों की बहुतायत वाला प्रदेश है। उनकी मजबूती में ही राज्य का विकास निहित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल की कठिन चुनौती के बावजूद भी हमने विकास कार्य की गति धीमी होने नहीं दी। एक तरफ जहां सांसद निधि और वेतन कटौती जैसी अन्य उपाय कई सरकारों ने किये, लेकिन हमनें इन सभी से छत्तीसगढ़ को अछूता रखा। विधायक निधि के 2 करोड़ सहित तमाम विकास के कार्य पूर्व की तरह चल रहे हैं। हजारों करोड़ रूपये के विकास कार्यों को गति देने के लिए ही हमने जिलों का सघन दौरा करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत खेती किसानी और तीज तिहार के उचित मौके पर ही हमने किसानों को राशि उपलब्ध कराई है। तीन किश्त अब तक दिये जा चुके हैं। चौथी किश्त चालू वित्तीय वर्ष में वितरित करा दी जाएगी। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि एफसीआई द्वारा चावल उपार्जन की अनुमति इस साल विलंब से मिली है। आम तौर पर धान खरीदी की शुरूआत में ही अनुमति मिल जाया करती हैैैै।
    मुख्यमंत्री ने जांजगीर जिले के किसानों की तारीफ करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा धान का उत्पादन इसी जिले से होता है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता, बिसाहूदास महंत जैसे हमारे महान पुरखों की दूर-दर्शिता के वजह से जांजगीर आज राज्य के सर्वाधिक सिंचित जिले में शुमार है। हसदेव नहर परियोजना का जांजगीर जिले में विस्तार का श्रेय इन्ही राजनेताओं को जाता है। इसका लाभ उठाकर जिले के किसान समृद्ध और खुशहाल हो रहे हैं। श्री बघेल ने कहा कि धान बेचकर फटफटी खरीदने की बात अब पुरानी हो गई। गोबर बेचकर फटफटी खरीदने का नया चलन अब शुरू हो गया है। गोधन न्याय योजना की सफलता का यह कमाल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी 11 हजार ग्राम पंचायतों में गौठान बनाये जाएंगे। अब तक 7400 स्वीकृत हो चुके हैं। इनमें से 4100 में गोबर खरीदी का काम हो रहा है। ये गौठान केवल गाय एवं बैलों के आरामगाह नहीं बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के लिए संपूर्ण आजीविका के केन्द्र के रूप में विकसित किये जाएंगे।
    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री का अपने गृह जिले में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसानों, मजदूरों सहित नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी का मौके पर हाल-चाल जानने के लिए सभी जिलों का सघन दौरा कर रहे हैं। इस दौरान वे अफसरों से आत्मीय वातावरण में बात करते हैं। यह अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि हमारे पुरखों के प्रयासों से जांजगीर जिले में सर्वाधिक सिंचाई और नहरों का जाल फैला हुआ है। पिछले साल के 7.86 लाख मीटरिक टन से इस साल ज्यादा धान के आवक का अनुमान लगाया गया है। उन्होंने बताया कि जांजगीर जिले से अनेक युवा अमेरिका सहित अन्य यूरोपीय देशों मे रहते हैं। उन लोगों तक छत्तीसगढ़ के नरवा, गरवा और छत्तीसगढ़ी संस्कृति के पुर्नजागरण की गुंज सुनाई देती है।
    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एवं जांजगीर जिले प्रभारी मंत्री टी.एस.सिंहदेव ने कहा कि चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार ने पिछले दो साल में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल किये हैं। कई योजनाओं के क्रियान्वयन में तो सरकार को प्रथम स्थान मिला है। उन्होंने कहा कि कोरोना का संक्रमण अब घटने लगा है। उन्होंने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों की मांग पर मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग पर सहमति जताई और अनुशंसा सहित प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा मेडिकल कॉलेज खोलने की अनुमति केन्द्र सरकार द्वारा दी जाती है। विधायक रामकुमार यादव, केशव प्रसाद चन्द्रा और श्रीमती इंदु बंजारे ने भी समारोह को सम्बोधित किया। जिला कलेक्टर यशवन्त कुमार ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने विगत दो सालों मे राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं के अंतर्गत हुए महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी दी। इस अवसर पर राज्यसभा के पूर्व सांसद रामाधार कश्यप, पूर्व विधायक मोतीलाल देवांगन, चुन्नीलाल साहू, चैनसिंह सामले, राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री बैजनाथ चन्द्राकर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण किसान उपस्थित थे।

    जिले में 46 लाख 70 हजार 226 क्विंटल धान की खरीदी
    नये धान खरीदी केन्द्र के खुलने से किसानों को मिल रही सुविधा
    राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिले के 139 धान खरीदी केन्द्र में लगातार धान की खरीदी की जा रही है। इस वर्ष 22 नये केन्द्रों में धान की खरीदी प्रारंभ हुई है। नये धान खरीदी केन्द्र के खुलने से किसानों को धान विक्रय में सुविधा हुई है। अब गांव के पास में ही अपने धान का विक्रय कर रहे हैं। इससे किसानों के धान परिवहन में सुविधा मिली है। वहीं आने-जाने में लगने वाला समय और संसाधान की भी बचत हुई है।
    खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में अब तक 1 लाख 20 हजार 94 किसानों ने अपने धान का विक्रय किया है। लगभग 46 लाख 70 हजार 226 क्विंटल धान की खरीदी हो गई है। जो पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक है। अब तक कस्टम मिलिंग के तहत 6 लाख 44 हजार 25 क्विंटल धान का उठाव मिलर्स द्वारा किया जा चुका है। वहीं संग्रहण केन्द्र में 5 लाख 87 हजार 476 क्विंटल धान का उठाव किया गया है।

    प्रदेश में एक आदर्श निगम की ओर बढ़ता कदम , आम जनता की सुविधाओ के लिए हमेशा तत्पर -महापौर बाकलीवाल दुर्ग / शौर्यपथ / 6 जनवरी 2021 को दुर्ग निगम…

    धान खरीदी केन्द्र में की जा रही बारदाने की व्यवस्था
    जिले में अब तक 1 लाख 20 हजार 94 किसानों ने किया धान का विक्रय

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि जिले में धान की खरीदी लगातार जारी है। धान खरीदी केन्द्र में मिलर्स द्वारा धान का उठाव किया जा रहा है तथा बारदाने की उपलब्धता कराई जा रही है। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र में धान खरीदी की व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। धान खरीदी केन्द्र में बारदाना लगातार पहुँचाया जा रहा है और धान का उठाव भी किया जा रहा है। किसी भी केन्द्र में धान खरीदी नहीं रूकनी चाहिए। धान खरीदी में जिन सोसायटियों द्वारा लापरवाही की जा रही है उन पर कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी धान खरीदी केन्द्रों में धान की खरीदी लगातार चलनी चाहिए। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मिलर्स द्वारा प्राप्त बारदाना गुणवत्ता पूर्ण हो यह ध्यान रखा जाए। किसानों द्वारा भी बारदाने लाए जा रहे हैं जिसमें उनके धान की खरीदी लगातार करें। उन्होंने कहा कि धान खरीदी में सभी समन्वय के साथ कार्य करें और सभी संसाधनों का पूरा उपयोग किया जाना चाहिए। धान खरीदी की व्यवस्था के लिए सभी एसडीएम, तहसीलदार तथा नोडल अधिकारियों को मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि धान की गुणवत्ता सही होनी चाहिए। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष ज्यादा धान की खरीदी की जा चुकी है। जिले में अब तक 1 लाख 20 हजार 94 किसानों ने धान विक्रय किया है।
    कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि गौठानों में गोबर की खरीदी तथा वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण सुचारू रूप से चलनी चाहिए तथा इसके लिए बनाए एप में एन्ट्री किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट का विक्रय के लिए योजना बनाए। जिले के बड़े किसान तथा शासकीय विभागों द्वारा इसका उपयोग किया जाए। किसानों को वर्मी कम्पोस्ट खरीदी के लिए प्रेरित करें। इसका विक्रय भी लगातार होना चाहिए। वर्मी कम्पोस्ट विक्रय से आमदनी होने पर गौठान को सेल्फ सस्टेनेबल मॉडल के रूप में तैयार किया जा सकता है। आंकाक्षी जिले के संकेतकों की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य और पोषण में गंभीरता से कार्य करने की जरूरत है। गर्भवती माताओं की एएनसी चेकअप तथा उनकी लगातार मॉनिटरिंग करें। गर्भवती महिलाओं को विभिन्न टीका और दवाईयों की जरूरत होती है, उन्हें उपलब्ध कराएं।
    कलेक्टर वर्मा ने वनधन केन्द्र के भवन निर्माण की जानकारी लेते हुए कहा कि जिन ठेकेदारों ने निर्माण कार्य पूरा नहीं किया है उन पर कार्रवाई करें। उन्होंने हाट बाजार क्लीनिक योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले के सभी हाट बाजारों में स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रहे और लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएं। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि कोविड-19 की सुरक्षा को देखते हुए इस वर्ष मड़ई-मेले के आयोजन को प्रतिबंध किया गया है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि इसका आयोजन नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में कोविड मरीजों की संख्या में कमी आई है लेकिन कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करना आवश्यक है। जिले में कोविड-19 की सुरक्षा के लिए मास्क, सोशल डिस्टेसिंग के लिए अभियान चलाया जाए। विभिन्न स्थानों पर भीड़ नियंत्रण करने के लिए लगातार कार्य करें। कोविड वेक्सिनेशन के लिए शहर में सेंटर बनाए गए हैं। सभी सेंटरों में पूरी व्यवस्था होनी चाहिए।
    कलेक्टर वर्मा ने समय-सीमा में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि प्रकरणों का निराकरण होने के बाद इसकी जानकारी संबंधित व्यक्तियों को दिया जाए। अवैध प्लाटिंग की शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नामांतरण, बटांकन, सीमांकन, वन अधिकार पत्रों का पुर्नविलोकन, सामुदायिक वन अधिकार पट्टे, सामुदायिक वन संसाधन पत्र सहित अन्य लंबित प्रकरणों की जानकारी ली और निराकरण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अजीत वसंत, वनमंडलाधिकारी राजनांदगांव बीपी सिंह, वनमंडलाधिकारी खैरागढ़ संजय यादव, अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए विकासखंड स्तरीय अधिकारी जुड़े रहे।

    धमतरी / शौर्यपथ / कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य की अध्यक्षता में बुधवार 06 जनवरी को उन्मुखीकरण प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर मौर्य के निर्देशानुसार अशासकीय स्कूलों में विद्यालय फीस समिति और नौ सदस्यीय जिला फीस समिति का गठन किया गया है। जिले में फीस अधिनियमन का परिचालन सुचारू रूप से हो एवं समिति द्वारा अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करने के मद्देनजर उक्त प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है।
    इसमें समिति के अध्यक्ष, प्राचार्य, कलेक्टर द्वारा नामांकित एक अभिभावक, अशासकीय संस्था के प्राचार्य द्वारा नामांकित एक अभिभावक एवं संस्था प्रमुख को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने कहा गया है। स्थानीय बिलाईमाता मंदिर के पीछे स्थित शहीद वीर नारायण सिंह सामुदायिक भवन में सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक धमतरी विकासखण्ड और दोपहर दो से तीन बजे तक कुरूद, मगरलोड और नगरी विकासखण्ड के लिए यह प्रशिक्षण रखा गया है।


    प्रत्येक परिवार को मिला 100 दिन का रोजगारWhatsApp Image 2021-01-05 at 5.37.21 PM.jpeg

     धमतरी / शौर्यपथ /   गांव का समृद्ध विकास एक कुशल शासक के कार्य को दर्शाता है। जब यह कार्य गांव के हित में हो तो निश्चित इसकी चर्चा चहूं ओर होती है। गांव का विकास, योजना से निर्मित परिसंपत्ति का संरक्षण, संवर्धन होने से विकास कार्यों के प्रति लोगों के सोच में परिवर्तन आने लगता है। सकारात्मक सोच का परिणाम शासन की महत्वाकांक्षी योजना को बिना आड़े आये आबाद गति से क्रियान्वित करती है। 
    ग्राम पंचायत गोजी विकासखंड कुरूद मुख्यालय से 17 किलोमीटर की दूरी और धमतरी जिला मुख्यालय से 42 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ज्यादातर ग्रामीण कृषि पर निर्भर है। कृषि कार्य हेतु ट्रैक्टर, बैलगाड़ी एवं पशुपालकों के मवेशियों के आने-जाने के लिए बड़ी समस्या थी। बरसात कि दिनों में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। विकास कार्यों में आ रही समस्याओं का समाधान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से पूर्ण हुआ। वर्ष 2019-20 में हीरा से गोसाईं खेत तक मिट्टी धरसा सड़क निर्माण कार्य राशि 6.93 लाख रूपये, वर्ष 2020-21 में बजरंगबली मंदिर से रोहित घर तक धरसा सड़क निर्माण कार्य राशि 5.94 लाख रूपये, मुख्य मार्ग से शमशान घाट तक धरसा मिट्टी सड़क निर्माण कार्य राशि 3.29 लाख रूपये, लक्ष्मण घर से राधाकृष्ण मंदिर धरसा मिट्टी सड़क निर्माण कार्य राशि 4.18 लाख रूपये, विश्वा यादव खेत से बिसे ब्यारा तक धरसा मिट्टी सड़क निर्माण कार्य राशि 4.61 लाख रूपये के कार्य कराये गये। धरसा सड़क निर्माण हेतु किसानों की लंबी मांग थी। अब किसानों की सारी समस्याएं दूर हुई और आवागमन का मार्ग प्रशस्त हुआ। 
    इसी तरह वर्ष 2019-20 में नया तालाब निर्माण कार्य राशि 9.97 लाख,  रूपये, शमशान घाट तालाब सह घाट निर्माण कार्य राशि 9.66 लाख, वर्ष 2020-21 में रामसागर तालाब गहरीकरण सह पींिचंग निर्माण कार्य राशि 9.97 लाख रूपये, जुन्ना तालाब गहरीकरण सह पीचिंग निर्माण कार्य राशि 10.00 लाख रूपये, हीरा तालाब गहरीकरण सह पीचिंग निर्माण कार्य राशि 9.98 लाख रूपये जिला कार्यालय से स्वीकृति दी गई। 
    अब तक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से राशि 59.25 लाख रूपये के कार्य कराये जा चुके हैं। जाॅबकार्डधारी परिवारों की सक्रिय भागीदारी से पंचायत के कार्योंं को नया आयाम दिया गया। इस तरह 257 जाॅबकार्डधारी परिवार के कुल 450 श्रमिकों ने रोजगार नियोजित कर 27729 मानव दिवस अर्जित किया गया। तथा 197 नियोजित श्रमिकों को 100 दिवस का रोजगार दिया गया। कोरोना वायरस (कोविड-19) लाॅकडाउन के दौरान तत्काल उनके खाते में मजदूरी का भुगतान कराया गया। 
    जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि-कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराकर जीविकोपार्जन हेतु आर्थिक समृद्धि का सुरक्षा दिया गया। संकट के समय यह राशि श्रमिकों के परिवार में संजीवनी की तरह काम आये। मनरेगा से श्रमिकों को आर्थिक समृद्धि का बढ़ावा देना योजना का मुख्य लक्ष्य है।
    सुश्री कुंती देवांगन कार्यक्रम अधिकारी जनपद पंचायत कुरूद ने बताया कि-उच्चाधिकारियों के  निर्देशानुसार प्रत्येक पंचायतों में कार्य स्वीकृत कराने के निर्देश दिये गये थे। पंचायत की सजगता से ग्रामीण श्रमिकों को मांग अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया गया। लाॅकडाउन में मनरेगा कार्य से इन श्रमिकों को बड़ी राहत मिली।
    सरपंच श्री थानेश्वर तारक ने बताया कि-ग्रामीण एवं श्रमिकों के समन्वय से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से विकास कार्यों की सहभागिता सुनिश्चित हुई। आवश्यकतानुसार मूलभूत के कार्य होने से ग्रामीण कृषकों को भी आवागमन के साधन से मुश्किल आसान हुई। पंचायत का सपना साकार हुआ। लोगों में शासन के प्रति विश्वास बढ़ा। 

    धमतरी / शौर्यपथ / कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने आज दोपहर राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और ई-कोर्ट के प्रकरणों को विशेष रूप से फोकस करते हुए लंबित मामलों का निराकरण आगामी 15 फरवरी तक करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने राजस्व के विभिन्न प्रकरणों का तहसीलवार एवं कोर्टवार समीक्षा करते हुए प्रकरणों में गति लाने के लिए निर्देशित किया।
    कलेक्टोरेट सभाकक्ष मंे आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि राजस्व के अधिकांश प्रकरण चूंकि आमजनता की समस्याओं से जुड़े रहते हैं, इसलिए उनका निराकरण प्राथमिकता से किया जाना चाहिए। नामांतरण के मामलों में पटवारी प्रतिवेदन शीघ्रता से प्राप्त कर प्रकरणों का डिस्पोजल करें। इस दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि यदि पटवारी प्रतिवेदन एक माह के बाद भी प्राप्त नहीं होता तो संबंधित पटवारी को कोर्ट में बुलाकर जवाबतलब करें। अगर पटवारी प्रतिवेदन समय पर प्राप्त कर लें तो केस के निराकरण में भी गति आएगी। उन्होंने ई-कोर्ट के मामले मंे जिले को श्रेष्ठ बनाने की बात कही। इसी तरह अविवादित नामांतरण के निराकरण के लिए संबंधित पंचायत से प्रस्ताव पारित कर सरलीकृत प्रक्रिया अपनाएं, लेकिन आवेदकांे को पर्याप्त अपील के अवसर भी दें।
    बैठक में कलेक्टर ने बताया कि धान-खरीदी के मामले में जिले में अपनाई गई टोकन वितरण की प्रक्रिया बेहतर है, जिसके चलते किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिल रही है। खाद्य अधिकारी ने बताया कि जिले में पंजीकृत 1.11 किसान में से अब तक 87 हजार 500 किसानों ने 27 लाख क्विंटल यानी 507 करोड़ रूपए का धान बेच चुके हैं। साॅफ्टवेयर की समस्या की वजह से कुछ भुगतान शेष थे, उनका भी शीघ्रता से भुगतान किया जा रहा है। कलेक्टर ने माह के पहले व चैथे शनिवार को ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित किए जाने वाले जनचैपाल के माध्यम अधिकांश प्रकरणों का मौके पर निराकृत करने के निर्देश सभी एसडीएम को दिए। इसी तरह जिले के 20 माॅडल गौठानों में बहु गतिविधि संचालित करने के लिए लगातार दौरा कर उसमें ग्रामीण आजीविका को जोड़ने के लिए संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश कलेक्टर ने बैठक में दिए। इसके अलावा पटेल एवं कोटवार नियुक्ति, स्लम पट्टा नवीनीकरण, भुइयां पोर्टल अद्यतीकरण, डिजिटल हस्ताक्षर, लोक सेवा केन्द्र के प्रकरण सहित तहसील कोर्ट में लंबित प्रकरणों की प्रगति की सिलसिलावार समीक्षा कलेक्टर ने की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर दिलीप अग्रवाल, तीनों अनुविभाग के एसडीएम सहित डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार बैठक में उपस्थित रहे।

    धमतरी / शौर्यपथ / खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में जिले के 74 सहकारी समितियों के 89 खरीदी केन्द्रों के जरिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। अब तक 87 हजार 531 पंजीकृत किसानों से पांच अरब सात करोड़ रूपए के दो लाख 70 हजार मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है। इसके तहत अब तक दो अरब 70 करोड़ 50 लाख रूपए का भुगतान किसानों के खातों में कर दिया गया है। खाद्य अधिकारी श्री बी.के.कोर्राम ने बताया कि जिन किसानों का एक दिसम्बर का भुगतान पब्लिक फायनेंस मैनेजमेंट सिस्टम में तकनीकी दिक्कतों की वजह से रूका हुआ था, उसका निराकरण कर लिया गया है तथा उनके खाते में भी राशि डाल दी गई है।
    गौरतलब है कि जिले के 183 पंजीकृत राईस मिलर्स से चार लाख 80 हजार 608 मीट्रिक टन धान उठाव के लिए अनुबंध किया गया है, जिसके विरूद्ध अब तक 50 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव मिलर्स द्वारा किया गया है। कलेक्टर श्री जय प्रकाश मौर्य ने जिले के उसना मिलर्स को शीघ्र अनुबंध कर धान खरीदी केन्द्रों से धान उठाव करने के निर्देश दिए हैं, ताकि खरीदी केन्द्रों में सुव्यवस्थित तरीके से धान खरीदी आगे भी जारी रह सके।
    खाद्य अधिकारी ने बताया कि जिले के संग्रहण केन्द्र भाठागांव और भोयना में आठ हजार मीट्रिक टन का डी.ओ. जारी कर लगातार धान का परिवहन किया जा रहा है। जिले में अनुमानित चार लाख 40 हजार मीट्रिक टन धान खरीदी के विरूद्ध 22 हजार गठान बारदाने की जरूरत होगी। इसके हिसाब से अब 17 हजार चार सौ गठान बारदाने जिले में उपलब्ध हैं। मिलर्स और उचित मूल्य की दुकान से लगातार बारदाने प्राप्त किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जिले के खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में बारदाने हैं।

    दुर्ग / शौर्यपथ / राजेश श्रीवास्तव जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में 3 जनवरी से 10 जनवरी 2021 तक वाहन चालन संबंधी विषेश जागरूकता अभियान, राजेन्द्र प्रसाद चौक दुर्ग में चलाया जा रहा है। जिसके तहत् आज कुल 850 ऐसे वाहन चालक जो यातायात नियमों की अनदेखी करते पाए गए, उन्हें नियमों की जानकारी देते हुए बंधपत्र भरवाया गया।
    श्री प्रशांत देवागंन न्यायिक मजिस्ट्रेट, दुर्ग के द्वारा वाहन चालको को समझाइश दी जिन्हें नियमों के विरूद्व वाहन चालक का कार्य करते हुए पाया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री प्रशांत देवागंन ने पंडाल में उपस्थित वाहन चालकों को यह जानकारी दी कि ÓÓ बिना बीमा के मोटर यान चलाना अपराध है तथा यदि बिना बीमा के मोटर यान से किसी की मृत्यु हो जाने पर मृत के दुर्घटना दावा का भुगतान वाहन स्वामी या वाहन चालक द्वारा किया जाता है। यदि वाहन को बिना बीमा के चलवाया जाता है तो चालक के साथ -साथ वाह स्वामी भी दायित्वाधीन होता है।
    वाहन चालकों को यह भी जानकारी दिया गया कि 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति द्वारा वाहन चलाया जाना अपराध है तथा 18 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति द्वारा बिना अनुज्ञा पत्र के लोक मार्ग पर वाहन चलाना अपराध है। यदि कोई वाहन का स्वामी अपनी वाहन को 18 वर्ष से कम व्यक्ति को लचाने देता है तो चालक के साथ-साथ वाहन स्वामी भी अपराध का भगी होता है। कोई भी वाहन लोक मार्ग पर बिना पंजीयन के नही चलाया जा सकता बिना पंजीयन के वाहन चलाना अपराध होता है यदि कोई व्यक्ति वाहन बेचता है तो वाहन बेचे जाने के 15 दिनों के अंदर उक्त वाहन का पंजीयन एवं बीमा का ट्रांसफर करा लेना चाहिए।
    वाहन के स्वामी को मजिस्ट्रेट के द्वारा यह भी जानकारी दिया गया कि वाहन चलाते समय सुरक्षा मानको का ध्यान रखा जाना चाहिए। जैसे मोटर सायकल चलाते समय सुरक्षा टोपी (हेलमेट), चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट आवष्यक रूप से पहनना चाहिए। बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाना ना सिर्फ अपराध है बल्कि जान और माल के लिए भी नुकसान दायक हो सकता है। लोक मार्ग पर दिये गये यातायात संकेतों को पालन करते हुए ही वाहन चलाया जाना चाहिए। वाहन को संकेतों में दिये गये गति सीमा से अधिक गति से वाहन को चलाना भी अपराध होता है।
    वाहन चालन के नियमों को जनमानस को दिये जाने हेतु यह जागरूकता अभियान 10 तारीख तक आयोजित की जा रही है। नियमों के विरूद्व वाहन का चालन कर रहे वाहन चालकों से बंधपत्र भरवाया जा रहा है तथा उन्हें मोटर यान अधिनिमय के तहत् लगने वाले जुर्माने की राषि की भी जानकारी दी जा रही है।

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