August 13, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    रायपुर / / शौर्यपथ /मुख्यमंत्री बघेल 19 नवम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी की जयंती पर महिलाओं के लिए स्पेशल क्लीनिक दाई-दीदी क्लीनिक का शुभारंभ करेंगे। महिलाओं के लिए शुरू की जाने वाली यह स्पेशल महिला मेडिकल मोबाइल क्लीनिक देश में अपनी तरह की पहली अनूठी क्लीनिक होगी। क्लीनिक की गाड़ियों में केवल महिला मरीजों को ही निःशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। दाई-दीदी क्लीनिक गाड़ियों में केवल महिला स्टाफ तथा महिला डॉक्टर, महिला लैब टेक्नीशियन एवं महिला एएनएम ही कार्यरत रहेंगे। इस क्लीनिक के शुरू होने से महिला श्रमिकों एवं स्लम क्षेत्रों में निवासरत महिलाओं एवं बच्चियों को अपने घर के निकट ही महिला डॉक्टरों के माध्यम से इलाज की सुविधा मिलेगी।
    इस क्लीनिक का संचालन मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश के तीन बड़े नगर पालिक निगम रायपुर, भिलाई एवं बिलासपुर में महिलाओं के लिए एक-एक दाई-दीदी क्लीनिक शुरू की जा रही है। इस क्लीनिक में महिलाओं के प्राथमिक उपचार के साथ-साथ महिला चिकित्सक द्वारा स्तन कैंसर की जांच, हितग्राहियों को स्व स्तन जांच का प्रशिक्षण, गर्भवती महिलाओं की नियमित एवं विशेष जांच आदि की अतिरिक्त सुविधा होगी। महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से शहरों में स्थित आंगनबाड़ी के निकट पूर्व निर्धारित दिवसों में यह क्लीनिक स्लम क्षेत्र में लगाया जाएगा। इस क्लीनिक के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं, बच्चों आदि के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न हितग्राहीमूलक परियोजना का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।
    गौरतलब है कि जनरल क्लीनिक में महिलाओं के लिए पृथक जांच कक्ष और काउंसलर नहीं होने से महिलाएं परिवार नियोजन के साधन, कॉपर-टी निवेशन, आपातकालीन पिल्स की उपलब्धता, गर्भनिरोधक गोलियां, साप्ताहिक गर्भनिरोधक गोली, गर्भनिरोधक इंजेक्शन, परिवार नियोजन परामर्श, एसटीडी परामर्श में शर्म का अनुभव करती है। इस महिला क्लीनिक में डेडीकेटेड महिला स्टाफ होने से अब इस प्रकार के परामर्श निःसंकोच ले सकेंगी।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ राज्य खाद्य आयोग की वेबसाइट khadya.cg.nic.in/cgsfc/ का लोकर्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि इस वेबसाइट के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली सहित खाद्य और पोषण सुरक्षा से जुड़ी 5 योजनाओं की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी तरीके से निराकरण हो सकेगा। इन योजनाओं के हितग्राही आवश्यकता होने पर सीधे वेबसाइट पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें राज्य खाद्य आयोग के कार्यालय या इससे संबंधित कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य खाद्य आयोग का गठन सार्वजनिक वितरण प्रणाली, मध्यान्ह भोजन योजना, पूरक पोषण आहार योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना और छात्रावास आश्रमों को बीपीएल दर पर पोषण आहार सहायता योजना के क्रियान्वयन की निगरानी और शिकायत निवारण के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के भ्रमण में जाने पर कई बार इन योजनाओं के संबंध में शिकायतें मिलती रही हैं। लेकिन शिकायतों के निवारण के लिए अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं बन पाई थी। खाद्य आयोग की इस वेबसाइट के माध्यम से ऐसी शिकायतों का पारदर्शी तरीके से त्वरित निराकरण हो सकेगा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गठित किए गए इस आयोग के माध्यम से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा संबंधी योजनाओं की सतत् निगरानी और मूल्यांकन किया जाएगा। तकनीक का उपयोग कर शिकायत निवारण की बेहतर प्रणाली आयोग द्वारा बनायी गई है। इस वेबसाइट पर कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थान से अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। वेबसाइट पर ही शिकायत के निराकरण की स्थिति की जानकारी भी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि केन्द्र की यूपीए सरकार ने भोजन का अधिकार कानून के तहत हर व्यक्ति को पांच किलो अनाज देने का अधिकार दिया था। छत्तीसगढ़ में प्रति परिवार 35 किलो चावल दिया जा रहा है। उन्होंने इस अच्छी पहल के लिए राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष सहित अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।
    खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने इस अवसर पर कहा कि हमारी कोशिश है कि राज्य सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन सही ढंग से पारदर्शिता के साथ हो। इस वेबसाइट से इस कार्य में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि वेबसाइट के माध्यम से आयोग की कार्य प्रणाली का लोगों के बीच अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार होगा और वे योजनाओं का लाभ बेहतर ढंग से उठा सकेंगे। राज्य सरकार के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ेगा। छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री गुरूप्रीत सिंह बाबरा ने कहा कि काफी कम समय में राज्य खाद्य आयोग द्वारा यह वेबसाइट तैयार की गई है। इसके माध्यम से लोगों की शिकायतों का त्वरित निराकरण हो सकेगा। खाद्य सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने आयोग की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य खाद्य आयोग द्वारा जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को शिकायत निवारण अधिकारी बनाया गया है। शिकायतकर्ता सीधे राज्य खाद्य आयोग में भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। राज्य खाद्य आयोग स्वयं भी शिकायतों के बारे में संज्ञान ले सकेगा। राज्य खाद्य आयोग को सिविल कोर्ट का दर्जा प्राप्त है।
    राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव राजीव जायसवाल ने बताया कि अब तक 634 शिकायतें दर्ज की गई थी, जिनमें से 560 निराकृत कर दी गई है। कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि खाद्य और पोषण सुरक्षा योजनाओं के हितग्राही इस वेबसाइट पर अपने सुझाव भी दर्ज करा सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य खाद्य आयोग की निगरानी के अधीन योजनाओं के हितग्राहियों को पात्रतानुसार नियमित रूप से निर्धारित गुणवत्ता की राशन सामग्री प्राप्त न होने की दशा में राज्य खाद्य आयोग की वेबसाइट, खाद्य विभाग के कालसेंटर नम्बर 1967, 1800-233-3663 अथवा राज्य खाद्य आयोग के नंबर 0771-2972924 में सीधे शिकायत दर्ज करायी जा सकती है। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष महेन्द्र छाबड़ा, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा सहित प्रदीप चौबे और राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक निरंजनदास भी उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उत्तर भारतीय और भोजपुरी समाज सहित समस्त प्रदेशवासियों को छठ महापर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होंने सभी लोगों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की है। मुख्यमंत्री बघेल ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि छठ पूजा सूर्य और छठी मइया की उपासना का पर्व है। इस पर्व में माताओं और बहनों द्वारा कठिन तपस्या कर परिवार की बेहतरी और सुख-समृृद्धि के लिए नदी, तालाब के किनारे सूर्य को अर्ध्य देकर मंगल कामना की जाती है। भारत के विभिन्न प्रदेशों के समान छत्तीसगढ़ में भी बड़ी संख्या में लोग छठ पूजा करते हैं। श्री बघेल ने कहा कि लोगों की धार्मिक आस्था और भावना का सम्मान करते हुए बिहार के बाद छत्तीसगढ़ में छठ पूजा के दिन सामान्य अवकाश घोषित किया गया है।
    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि सूर्य जीवन ऊर्जा का स्रोत और आधार है। छठ पूजा सूर्य देव के प्रति कृतज्ञता और आभार प्रकट करने का पर्व हैं। यह पर्व भाईचारा, सामुदायिक सौहार्द लाने के साथ-साथ लोगों को प्रकृति के करीब लाता है। श्री बघेल ने कहा कि कोराना संकट अभी टला नहीं है। कोरोना संक्रमण के दौर में पूजा के साथ अपनों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। उन्होंने अपील की है कि सभी लोग छठ पूजा के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करें।

    दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग महानदी भवन, नवा रायपुर के पत्र के अनुसार कंटेनमेंट जोन के बाहर के क्षेत्र में धार्मिक एवं अन्य कार्यक्रम का आयोजन…

    नवागढ़ / शौर्यपथ / भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ नई दिल्ली व राज्य सहकारी संघ मर्यादित रायपुर के मार्गदर्शन में 67 वें सहकारी सप्ताह के 5 वें दिवस का आयोजन राज्य सहकारी संघ रायपुर, बेमेतरा जिला सहकारी संघ और इफको बेमेतरा के संयुक्त तत्वाधान में सेवा सहकारी समिति मर्यादित हटहाडाडू के प्रांगण में हुआ
    सहकारी सप्ताह कार्यक्रम के आरम्भ में भारतमाता और राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के तैल्यचित्र में अतिथियों के हाथों दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण कर किया गया,राज्य सहकारी संघ अध्यक्ष झुनमुन गुप्ता ने सहकारी सम्मेलन की बधाई देते हुए कहा कि सहकारिता हमें शक्तिशाली बनाता है,सहकारिता ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए राज्य सहकारी संघ रायपुर, सेवा सहकारी समितियों और जिला सघों ने अपना आर्थिक और शारिरिक सहयोग किए हैं पुनर्गठन के बारे में बताया कि प्रदेश में 725 समितियों का पंजीयन किया गया हैं देश के प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत का नारा दिया और प्रदेश के राज्य सरकार ने नरवा गरवा घुरवा बारी का नारा दिया है,सहकारी सप्ताह इसी तरह प्रति वर्ष आयोजित होगा जिसमें आप सभी का भागीदारी होनी चाहिए,
    राज्य सहकारी संघ उपाध्यक्ष रविन्द्र सिंह भाटिया ने दीपावली की बधाई देते हुए अपनी बात कृषक बंधुओ के समक्ष रखी कहा कि कोरोना काल के चलते पिछले 7-8 माह में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा,कोविड 19 के दौर में बाहर कार्य करने वाले लोग और किसान,नॉकरी पेशा वाले सभी को एक बहुत बड़ी चिंता आगामी समय की सताने लगी लेकिन लोगो ने हार नही मानी,
    नए समितियों के निर्माण में 21 सदस्यों की जरूरत होती थी जिसको ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने एक प्रस्ताव पारित किया की 10 सदस्य मिल कर समिति बना कर कार्य कर सके, उपस्थित कृषक बन्धुओं से आग्रह किया की ऐसे सहकारी समिति का गठन करें जिसमे से उत्पादित पूर्व विधायक एवं जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष डोमेन्द्र भेड़िया ने सहकारिता के नारों के साथ अपनी बात रखी कहा वर्तमान राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसान के हित का कार्य कर रहे हैं तभी 2500 रुपए क्विंटल में भी धान खरीदी करवा रहें हैं
    पुरषोतम पटेल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि बिन सहकार नही उद्धार आप सभी को बताते हुए हर्ष हो रहा है कि कोरोना काल मे हमारे सहकारी बन्धुओ और कृषको ने डट कर कोरोना जैसे महामारी से निपटा है वो काबिले तारीफ़ है,
    राज्य विपरण प्रबंधक एस के चौहान ने बताया कि किसानों के खेतों में खाद के रूप में चौथी बोरी इफको है,राज्य सरकार का धन्यवाद किया गोबर को कम्पोस्ट खाद बनाकर खेतो में खाद के रूप में उपयोग करने को लेकर जागरूक किया है जिससे स्वयं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम किया हैं,हम स्वयं के निर्मिति उत्पादों को मार्केट से या बाहरी कम्पनी से अधिक मूल्य में खरीद कर हम ला रहे है मतलब मेहनत आप हम किये और फायदा और लाभ किसने कमाया वो जो घर मे बैठा है तो आप अपना कीमत पहचाने तभी आपको अपना मूल्य मिल पाएगा,
    विनय कुमार शुक्ला ने कहा यह सहकारिता का महापर्व सहकारिता के माध्यम से घर बैठे हम कार्य कर पैसे कमा सकते हैं और उसको बेच भी सकते हैं,पशुपालन से किस प्रकार कार्य कर आगे बढ़ सकते है किस प्रकार पैसे का आवक हो सकता है।
    कार्यक्रम में मुख्य रूप से अतिथियों में राज्य सहकारी संघ मर्यादित रायपुर अध्यक्ष झुनमुन गुप्ता,राज्य सहकारी संघ मर्यादित रायपुर उपाध्यक्ष रविन्द्र सिंह भाटिया,पूर्व विधायक एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के पूर्व अध्यक्ष डोमेन्द्र भेड़िया,पुरषोत्तम पटेल,संचालक सदस्य हरीश तिवारी,विपरण प्रबंधक एस के चौहान, मुख्य प्रबंधक इफको एस के सिंह,राज्य सहकारी संघ मर्यादित रायपुर सीईओ विनय कुमार शुक्ला, वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक महेन्द्र कुमार टेकाम,जिला सहकारी संघ मर्यादित बेमेतरा प्रबंधक सोमेन्द्र कुमार साहू,समिति प्रबन्धक शेष नारायण टोन्ड्रे,जीवराखन साहू,नजीरुद्दीन शेख,रघुनंदन वैष्णव, लखन लाल साहू,गोपेश साहू,बलभद्र ठाकुर दिनेश गांधी इफको बेमेतरा दिलीप जायसवाल सहित कृषक बन्धु उपस्थित रहे, उक्त समस्त जानकारी बेमेतरा जिला सहकारी संघ मर्यादित बेमेतरा सहायक प्रबंधक सृजन धर दीवान ने दी ।।

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग ग्रामीण के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व छत्तीसगढ शासन के वरिष्ठ मंत्री ताम्रध्वज साहू इन दिनों सीधे तौर पर एक्शन मोड में देखे जा रहे है। लगातार ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों का दौरा कर क्षेत्रवासियों से उनकी समस्याएं व मांगों की जानकारी लेकर उसे पूरा करवाने व उसके लिए जल्द से जल्द भूमिपूजन कर कार्य को शुरू करने को लेकर कार्यकर्ताओं में जोश भरने का कार्य इन दिनों वे कर रहे हैं। उन्होने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ये स्पष्ट लहजे में कहा है कि रिसाली जो नया नगर निगम बना है, उसके लिए चुनाव होना है। हर हाल में हमें रिसाली के इस निगम चुनाव में परचम लहराना है। रिसाली के 40 वार्डो में दो वार्ड करके बैठकों का दौर भी शुरू करने का निर्देश भी कार्यकर्ताओं को दिया है।
    वही स्पष्ट रूप से कार्यकर्ताओं से कहा है कि टेंट लगाना, स्वागत करना, फूलमाला पहनाना, पटाख फोडऩे पर ध्यान नही देते हुए नये कार्यकर्ताओं को अधिक से अधिक जोडऩे का कार्य करे, जिसमें उर्जावान युवाओं को अधिक जोडे जिसके पार्टी को अधिक लाभ मिले। गत दिवस उनके निवास पर नरेश कोठारी, श्री कोरी सहित अन्य नेताओं ने मंत्री श्री साहू से कहा कि नये व उत्साही युवा लोग वार्डों में विकास कार्यों सहित जनसेवा के कार्यों को अंजाम दे रहे हेै, उन्हें पुराने कार्यकर्ता व नेता पचा नही पा रहे हैं। उस पर मंत्री साहू ने कहा कि आप क्षेत्र में विकास को प्राथमिकता दे, बाकी लोगों को मैं समझ लूंगा। इस दौरान नरेश कोठारी ने ताम्रध्वज साहू को यह भी बताया कि हम जहां भाजपा का गढ है, वहां कैसे आगामी निगम चुनाव में कैसे कांग्रेस का परचम लहरा सकते है। आप रिसाली निगम क्षेत्रों सहित अन्य क्षेत्रों में इतना अधिक विकास कार्य करा रहे है लेकिन भाजपाई आपका कोई नाम नही ले रहे हैं। मंत्री साहू ने इस दौरान स्पष्ट कहा कि होने वाले कार्यों का तुरंत नारियल फोडकर भूमिपूजन भी करूंगा, इन क्षेत्रों में विकास के लिए राशि की कोई कमी नही होने दूंगा। दुर्ग ग्रामीण के दौरे के बाद अब शहरी इलाकों में अपना दौरा कार्यक्रम शुरू कर वहां जनता से जानकारी ले रहे है इन क्षेत्रों में किस प्रकार का विकास कार्य कराना है।

    भिलाई / शौर्यपथ / बीएसपी के डॉन यानि बीएसपी के एक बड़े जिम्मेदार विभाग के एक अधिकारी फिल्मों में डान का रोल अदा करके चर्चा में आने वाले इस प्रसिद्ध…

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक डी श्रवण ने आज कोविड-19 संक्रमण के मद्देनर राजनांदगांव शहर के प्रमुख मार्केंट एवं सब्जी बाजार का आकस्मिक निरीक्षण कर मास्क का उपयोग नहीं करने वालों पर चालानी कार्रवाई एवं कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन नहीं करने वाले दुकानों पर सील बंद की कार्रवाई की गई। कलेक्टर, एसपी एवं उनकी टीम ने मानव मंदिर चौक, सिनेमा लाईन, गुड़ाखू लाईन, सब्जी मार्केट एवं जयस्तंभ चौक का भ्रमण कर निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि दीपावली त्यौहार के दौरान लोगों में बिना मास्क के निकलने की प्रवृत्ति बढ़ी है। दुकानदार एवं लोगों को मास्क का प्रयोग आवश्यक रूप से करने के लिए कहा गया है, अन्यथा चालानी एवं दुकान सीलबंद की कार्रवाई की जाएगी।
    उन्होंने कहा कि लोगों की लापरवाही से कोरोना संक्रमण बढऩे की संभावना बनती है। जैसे ही कोरोना के लक्षण दिखाई दे तत्काल जांच कराना चाहिए, ताकि जल्द से जल्द इलाज शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि दीपावली के दौरान लोगों में मास्क लगाने के प्रति सिथिलता आयी है। सभी कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन करें तथा सर्तक एवं सजग रहे।
    इस अवसर पर बिना मास्क के दिखाई देने वाले लोगों पर चालानी कार्रवाई कर उन्हें मास्क लगाने की समझाईश दी गई। कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन नहीं करने पर अग्रवाल मेटल स्टोर्स को सील बंद करने की कार्रवाई की गई। कलेक्टर वर्मा ने कालीचरण गुप्ता के परिवार में उनके परिजनों को कोविड-19 होने के बावजूद दुकान खुला रखने पर राष्ट्रीय आपदा अधिनियम 188 का उल्लंघन करने पर सील बंद करने तथा एफआईआर करने के निर्देश दिए है। भ्रमण के दौरान बिना मास्क के दिखाई देने वाले युवक-युवतियों एवं महिलाओं सभी को कोविड-19 के दुष्परिणामों से आगाह करते हुए समझाईश दी गई। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री चंद्रकांत कौशिक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुरेशा चौबे, एसडीएम मुकेश रावटे, सीएसपी श्री मणिशंकर चंद्रा, प्रशिक्षु डीएसपी मयंक रणविजय एवं रूचि वर्मा सहित जिला, पुलिस, राजस्व एवं नगर निगम की टीम उपस्थित थे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / हिंदी भवन में आज संभाग के सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में अधिकारियों को राजस्व एवं कानून व्यवस्था से जुड़े सैद्धांतिक एवं मैदानी क्षेत्र में उपयोगी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। संभागायुक्त टीसी महावर ने कहा कि राजस्व अधिकारी बहुमुखी अधिकारी होते हैं। वे अपने अधिकारों का पूरी तरह क्रियान्वयन कर जनहित में बेहतरीन कार्य कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि वे भू राजस्व संहिता सहित रेवेन्यू एवं नियमों एवं कानूनों पर लिखी पुस्तकों का नियमित अध्ययन करें। नियमों की जानकारी जितनी ज्यादा होगी, प्रशासनिक रूप से आप उतने ही प्रभावी होंगे। उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक पक्ष के साथ ही अपने मैदानी स्तर की व्यावहारिक समझ एवं संवेदना भी बेहद जरूरी है। पूरे ध्यान से आवेदक की बातें सुने एवं यथासंभव उनकी मदद करें। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारी न्यायालय के लिए नियत दिनों में कोर्ट में बैठकर कोर्ट में न्यायालयीन कार्य करें। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा भ्रमण करने एवं मौके पर ही मामलों के निराकरण के लिये निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि अपने रूटीन कामों के साथ ही शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी विशेष नजर रखें और अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
    इस मौके पर आईजी विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि इस तरह की कार्यशाला बहुत उपयोगी होती है क्योंकि मैदानी स्तर पर की अलग तरह की चुनौतियां होती हैं। पूर्व में वरिष्ठ अधिकारियों ने जिस कुशलता के साथ इन्हें हल किया, उनके अनुभव का लाभ आप लोगों को मिलता है। सीसीफ श्रीमती शालिनी रैना ने कहा कि वनाधिकारपत्रों के मामले में वन विभाग के समन्वय से बहुत सारे लोगों की मदद की जा सकती है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने कहा कि कोर्ट बहुत महत्वपूर्ण होता है। लोग काफी उम्मीद लेकर आते हैं। यथासंभव कोर्ट में मौजूद रहने की कोशिश करें। इस तरह का समन्वय बनायें कि कोर्ट के कार्य प्रभावित न हों। एसपी प्रशांत ठाकुर ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था के बेहतर संचालन के लिए राजस्व विभाग और पुलिस में अच्छा समन्वय बहुत आवश्यक होता है। यहां एक और एक मिलकर दो नहीं होता ग्यारह हो जाते हैं।
    वाजिब उल अर्ज और निस्तार पत्र में क्या अंतर है-
    संभागायुक्त ने कहा कि मैदानी स्तर में लगातार काम करने के दौरान हमारी पढऩे की आदत छूटती हैं और हम अक्सर नियमों से संबंधित किताबें नहीं पढ़ पाते। यह बेहद जरूरी है इससे त्वरित और न्यायपूर्ण निर्णय लेने में मदद मिलती है। उन्होंने प्रश्न भी राजस्व अधिकारियों से पूछे। भू राजस्व संहिता में फारसी के शब्दों के अर्थ और उनका प्रशासनिक उपयोग भी उन्होंने पूछा। मसलन वाजिब उल अर्ज और निस्तार पत्र में क्या अंतर है अथवा तौजियां पत्र किसे कहते हैं इस तरह के प्रश्न, साथ ही उन्होंने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं जैसे गोधन न्याय योजना आदि के नवीन निर्देशों के बारे में भी अधिकारियों से पूछा। उन्होंने राजस्व अधिकारियों से भी अपने विचार रखने कहा।
    टूर सेगमेंट प्रोग्राम पर दिया फोकस-
    संभागायुक्त ने कहा कि टूर सेगमेंट प्रोग्राम राजस्व अधिकारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। इससे अपने कार्यक्षेत्र की समझ बढ़ती है। लोगों से प्राथमिक जानकारी मिलती है जिससे उनके लिए बेहतर कार्य करने की गुंजाइश बनती है। उन्होंने कहा कि दौरे में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की स्थिति, अस्पतालों की स्थिति, स्कूलों में मध्याह्न भोजन, पटवारी हल्कों का निरीक्षण, छात्रावास, पेयजल की उपलब्धता, ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के अप्रत्याशित आवागमन आदि बातों पर भी विशेष ध्यान रखें।
    कार्य की प्राथमिकता और समन्वय सबसे जरूरी-
    संभागायुक्त ने कहा कि राजस्व अधिकारियों के लिए कार्य की प्राथमिकता तय करना और अन्य विभागों से समन्वय बेहद जरूरी है। इन दोनों क्षेत्रों में विशेष ध्यान देकर बेहतरीन कार्य किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सक्रिय मौजूदगी के साथ ही कार्यालयीन प्रणाली में भी दक्षता बेहद आवश्यक है। इन दोनों गुणों का संयोग आपको अच्छा अधिकारी बनाएगा और लोग अच्छे अधिकारी को केवल काम के कारण ही याद करते हैं। संभागायुक्त ने आशा की कि इस कार्यशाला से अधिकारियों को काफी मदद मिलेगी। समय-समय पर इस तरह की कार्यशाला का आयोजन किया जाता रहेगा।

    व्रत /त्यौहार /शौर्यपथ / छठ महापर्व न सिर्फ एक साधना है बल्कि यह आपको बीमारियों से बचने और स्वस्थ रहने की भी सीख देता है।…

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