Google Analytics —— Meta Pixel
April 05, 2026
Hindi Hindi
शौर्यपथ

शौर्यपथ

मुख्यमंत्री साय का 7 एवं 8 सितंबर को रायगढ़ प्रवास
   रायगढ़ / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 7 एवं 8 सितम्बर 2024 को रायगढ़ प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री साय 7 सितम्बर को दोपहर 2.15 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रायपुर से प्रस्थान कर अपरान्ह 3.15 बजे शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम रायगढ़ पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय अपरान्ह 3.30 से 4.15 बजे तक शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालय गढ़उमरिया के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सर्किट हाऊस रायगढ़ पहंुचेंगे। मुख्यमंत्री साय शाम 5.30 बजे से रामलीला मैदान में आयोजित चक्रधर समारोह-2024 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय रात्रि 8.35 बजे नटवर स्कूल मैदान में आयोजित महाराष्ट्र मंडल के 85वें सार्वजनिक गणेशोत्सव में शामिल होंगेे। मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम रायगढ़ में करेंगे।
  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 8 सितम्बर को प्रातः 10.35 बजे हेलीकॉप्टर से ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी हेलीपैड जाएंगे और वहां से पूंजीपथरा स्थित बंजारी माई धाम में पूजा तथा मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री साय पूर्वान्ह 11.40 बजे थाना परिसर पूंजीपथरा में आयोजित ‘एक पेड़ मां के नाम‘ कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री साय दोपहर 12.30 बजे ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी हेलीपेड से हेलीकॉप्टर से प्रस्थान कर दोपहर 1.30 बजे रायपुर लौट आयेंगे।
  मुख्यमंत्री साय 8 सितंबर को राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में संध्या 4 से 5 बजे तक राजधानी रायपुर आयोजित अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस समारोह एवं उल्लास मेला में शामिल होंगे।

रायपुर / शौर्यपथ / राजनांदगांव जिले के बागतराई गांव के सभी घरों में अब नल के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंचने लगा है। इससे गांवों की महिलाओं ने खुशी का माहौल है। पानी की व्यवस्था के लिए न उन्हें अब हैण्डपंप चलाने की झंझट रही, न ही कुंए से पानी निकालने की मशक्कत। बागतराई के ग्रामीण परिवारों को यह सुविधा जल जीवन मिशन के माध्यम से सुलभ हुई है।  
  यहां यह उल्लेखनीय है कि जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों के प्रत्येक घर में नल से जल पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। बागतराई के हर घर में नल से जल पहुंचाने के लिए 240 मीटर डिस्ट्रीब्यूशन एवं 4600 मीटर राइजिंग मेन पाइप लाइन बिछायी गई है। इससे गांव के 242 परिवारों को नल कनेक्शन से शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने लगा है।
  बागतराई निवासी श्रीमती रश्मि राजपूत अपने घर में नल से जल की आपूर्ति पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि सरकार ने हम ग्रामीणों को बहुत बड़ी सुविधा उपलब्ध करा दी है। अब गांव के सभी घरों में नल से पानी आने लगा है। श्रीमती रश्मि ने बताया कि उनके विवाह को 11 वर्ष हो चुका है। उन्होंने यह नहीं सोचा था कि कभी उनके घर में नल लगेगा और पानी आएगा। लेकिन यह आज हकीकत बन गया है। श्रीमती रश्मि ने बताया कि पूर्व में कुएं, हैंडपंप और तालाब से पानी भरना पड़ता था, जिसमें मेहनत और काफी समय लगता था। सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल लगाकर पेय जल की समस्या का स्थायी निदान कर दिया है। उन्होंने गांव के प्रत्येक घर में नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी और प्रदेश के मुखिया श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया है।

समाचार सार ...
दुर्ग जिले मे गांजा तस्करी के हर कड़ी पर पुलिस ने किया कड़ा प्रहार
जप्त हुए 45 किलोग्राम गांजा का ’’फार्वड लिंक’’ एवं ’’बैकवर्ड लिंक’’
स्थापित कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया
गांजा तस्करी का वित्तीय जॉच करते हुए आरोपियों के बैंक एकाउन्ट को होल्ड करवाया जा रहा है
राष्ट्रीय एजेंसी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो एवं राज्य स्तरीय विशेष टीम के सहयोग से कार्यवाही की गई, जिसकी विवेचना जारी है
दुर्ग आईजी राम गोपाल गर्ग के निर्देशन में दुर्ग एसपी जितेन्द्र शुक्ला की कार्यवाही

दुर्ग / शौर्यपथ / 5 सितंबर को दोपहर 2.20 बजेे मुखबीर से सूचना मिली कि पिन्तू कुमार साहनी जो कि ओड़िशा से अवैध रूप से अवैध धन लाभ करने हेतु गांजा जैसे मादक पदार्थ लाकर जी. सरोजनी के मकान के पास एक अन्य मकान गणेश मंदिर के पास बालाजी नगर खुर्सीपार में लाकर रखा है और पिन्तू नामक लड़का जिसकी हाईट छोटी है और वह नीला कलर का लोवर, जिसमें सफेद रंग का पटटी है और भूरा कलर का टी-शर्ट पहना है, जो उक्त गांजा की रखवाली कर गांजा को अवैध रूप से गांजा बिक्री पिन्तू कुमार साहनी एवं जी. सरोजनी दोनांे मिलकर कर रहे है। जिसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिस पर पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग श्री राम गोपाल गर्ग के निर्देशन पर पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री जितेन्द्र शुक्ला के मार्गदर्शन पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही करने आदेश प्राप्त होने पश्चात उप निरीक्षक युवराज साहू, हमराह हर्ष देवांगन, अमन शर्मा एवं वैशाली नगर के महिला आरक्षक ममता वासनीक, महिला आरक्षक श्रेया राजपूत एवं गवाहों के साथ समस्त आवश्यक किट सामाग्री सील चपडा सहित तस्दीक एवं वैधानिक कार्यवाही हेतु गणेश मंदिर के पास बालाजी नगर खुर्सीपार पहुंचकर रेड कार्यवाही किये। मौके पर उपस्थित महिला एवं पुरूष से पूछताछ करने पर अपना नाम 1. जी. सरोजनी 2.पिन्तू कुमार साहनीं मिले। चेक करने जी. सरोजनी के अपने मकान के अंदर कब्जे में रखे चार काला कलर का जिसमें पृथक-पृथक अखबार के कागज के पुडिया मे लपेटा हुआ गांजा मादक द्रव्य पदार्थ क्रमशः 08 किलो 525 ग्राम एवं 09 किलो 80 ग्राम, 08 किलो 530 ग्राम, 06 किलो 010 ग्राम गांजा जैसा मादक द्रव्य पदार्थ एवं पिन्तू कुमार साहनी से 03 नग मोबाइल फोन एवं वहीं पर रखे एक पीला, काला, नीला, सफेद रंग का प्लास्टिक बोरी में अखबार के कागज के पुड़िया में लपेटा हुआ गांजा मादक द्रव्य पदार्थ कुल 05 किलो 830 ग्राम एवं एक पल्सर मोटर सायकल क्रमांक सीजी 07 एजे 6067 कीमती 01 लाख रूपये जप्त की गई। दोनों के मेमोरेण्डम पर से अजय साहनी, अजय प्रसाद एवं ऐबी साहनी जो गांजा लेकर अपने चार पहिया वाहन दो सफेद रंग के कार में गांजा रखा है। इसमें सफेदा एवं मार्कर पेन से नाम और सरनेम का प्रथम अक्षर लिखा हुआ बताया पिन्तू कुमार साहनी से बारिकी से पूछताछ करने पर बताया कि वह ओड़िशा के किसी व्यक्ति से गांजा खरीदता है एक ट्रीप का 06 लाख रूपए देना बताये। ए.बी. साहनी और अजय साहनी स्कोडा कार क्रमांक सीजी 04 केपी 4604 कीमत 6,00000 रूपये में ओड़िशा से विभिन्न नम्बर प्लेट बदलकर गाड़ी चलवाते थे। ऐ.बी. साहनी एवं अजय साहनी के द्वारा अपने डिक्की में रखे गांजा को निकाल कर देने पर एक आशिकी पान मसाला झोले में जिसमें ए.बी. साहनी व अजय साहनी झोले में रखा अखबार में लपेटा हुआ गांजा जैसे पदार्थ निकाल कर पेश किया। तौल करने पर 03 किलो 370 ग्राम गांजा एवं 02 नग मोबाईल फोन मिला एवं फाक्स वेगन कार क्रमांक सीजी 04 एचसी 2080 कीमत 6,00000 रूपये में बैठे अजय प्रसाद के द्वारा अपने डिक्की में रखे गांजा को निकाल कर देने पर एक विमल पान मसाला झोले में रखा अखबार में लपेटा हुआ गांजा जैसे पदार्थ निकालकर पेश करने पर 03 किलो 380 ग्राम गांजा झोला सहित अखबार में लपेटा हुआ गांजा मिला।

कुल मादक पदार्थ गांजा 45.145 किलोग्राम जिसकी अवैध बाजार में कीमत लगभग 4.5 लाख रूपये दो नग कार कीमत 12 लाख एक पल्सर मोटर सायकल क्रमांक सीजी 07 ऐजे 6067 कीमत 01 लाख रूपये जुमला कीमत 17.5 लाख रूपये को गवाहों के समक्ष जप्त किया गया। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है। दुर्ग जिले में पहली बार गांजा का ’’फार्वड लिंक’’ एवं ’’बैकवर्ड लिंक’’ स्थापित कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
  आरोपियों के विरूद्ध पूर्व में भी एनडीपीएस के मामले दर्ज हैं। पिन्तू साहनी के खिलाफ एक मामला एवं जी. सरोजनी के खिलाफ दो मामले दर्ज हैं। कार्यवाही में इंचार्ज प्रभारी खुर्सीपार युवराज साहू, सहायक उप निरीक्षक यशवंत श्रीवास्तव और नागेन्द्र बंछोर, आरक्षक हर्षकांत देवांगन, अमन शर्मा की विशेष भूमिका रही।

  रायपुर /शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से कल रात यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मंडल ने प्रांताध्यक्ष श्री शिशुपाल शोरी के नेतृत्व में सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के नव निर्वाचित पदाधिकारियों के रायपुर में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधि मंडल को धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम में आने की सहमति दी।
   प्रतिनिधि मंडल में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के सर्वश्री बी.पी. एस नेताम, भारत सिंह, पूर्व विधायक श्री राजेंद्र कुमार राय, श्रीमती लक्ष्मी ध्रुव और श्री श्यामलाल कंवर, सर्वश्री एम आर ठाकुर,  देवरतन सिंह, आर बी सिंह, फूल सिंह नेताम, मोहिंदर कंवर, गणेश ध्रुव, कुंदन सिंह ठाकुर, शिव प्रसाद ध्रुव, सनम सिंह, श्रीमती हेमलता परते, श्रीमती उमा शर्मा, सुश्री अलका परते, श्री उपेंद्र ठाकुर डॉ शंकर उईके सहित अनेक पदाधिकारी और सदस्य शामिल थे।

डबरी से मिली सिंचाई की सुविधा
    रायपुर/शौर्यपथ /मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के मनेंद्रगढ़ विकासखण्ड के ग्राम पंचायत पिपरिया की भौगोलिक स्थिति वनांचल जैसी है। लेकिन यहां किसानों को सिंचाई के लिए पानी की समस्या हमेशा बनी रहती है। वंचित वर्ग में आने वाले ऐसे ही एक आदिवासी परिवार के लिए खेती योग्य भूमि होने के बाद भी पानी का संसाधन ना होना एक बड़ी समस्या थी। ऐसे में मनरेगा के तहत बनी एक डबरी में सिंचाई की कमी पूरी कर खुशहाली का माध्यम बन गई। पहले केवल मानसूनी बारिश पर आधारित धान की खेती करने वाले आदिवासी किसान रामप्यारे के खेत में अक्सर सिंचाई के लिए पानी की कमी हो जाती थी। ऐसे में मेहनत करने के बाद भी उन्हें अपनी फसल से कोई लाभ नहीं मिल पाता था। परंतु इस बार सिंचाई की सुविधा पाकर रामप्यारे के परिवार ने समय पर अपने खेतों में रोपाई का कार्य पूरा कर लिया है और उनकी धान की फसल भी लहलहा रही है। इस खुशहाली के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत बनी एक डबरी इस किसान परिवार के लिए वरदान साबित हो रही है।
     पहले श्री रामप्यारे की समस्या का निराकरण ग्राम सभा की बैठक में हुआ, जहां उन्होंने अपने खेतों में महात्मा गांधी नरेगा के तहत एक डबरी बनाए जाने का आवेदन प्रस्तुत किया। उनके आवेदन के आधार पर ग्राम सभा ने डबरी बनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया और ग्राम पंचायत को एजेंसी बनाया और डबरी का निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया। इसमें अकुशल मजदूरी करके इस परिवार को सौ दिवस का रोजगार भी प्राप्त हुआ। डबरी बन जाने के बाद रामप्यारे बताते हैं कि सब्जी लगाकर वह लगभग 20 हजार रुपए की आमदनी ले चुके हैं और इस बार उनके खेतों में समय पर धान की रोपाई का काम पूरा हुआ है। डबरी में पर्याप्त पानी होने के कारण वह इसमें अगले साल से मछली पालन करने की योजना बना रहे हैं। रामप्यारे के अनुसार लगभग तीन एकड़ खेतों में इस बार धान की अच्छी फसल होने से उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा। मनरेगा से बना एक संसाधन इस परिवार के लिए आजीविका की नई राहें बना रहा है। इसके लिए रामप्यारे ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

घर जाकर एक शिक्षक की तरह पढ़ाया ऐसा पाठ कि अब विद्यार्थियों को पढ़ा रही किताब
कलेक्टर पी दयानंद की प्रेरणा ने बदल दी पहाड़ी कोरवा ममता की जिंदगी
    रायपुर/शौर्यपथ /तब गांव आंछीमार के पहाड़ी कोरवा मंगल सिंह घर पर नहीं थे। उनकी बेटी ममता कोरवा शायद स्कूल जाने के लिए झटपट तैयार हो रही थी। अचानक से ममता तक खबर आई कि उनके घर के बाहर कोरबा के कलेक्टर आए हैं। वह अपनी जूती भी नहीं पहन पाई थी और सफेद मोजे पहने हुए स्कूल ड्रेस में भागती हुई बाहर आई। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि पहाड़ी कोरवाओं की इस छोटी सी बस्ती और तंग गली में कभी मोटर सायकल भी नहीं आता-जाता, उस गली से होकर उनके द्वार तक कलेक्टर की गाड़ी और स्वयं कलेक्टर आए हैं। ममता की खुशी का ठिकाना नहीं था। कलेक्टर ने जब उनसे पूछा...कौन से क्लास में हो...नाम क्या है ? मैं कोरबा कलेक्टर पी दयानंद हूं...तो सबसे पहले ममता ने मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया और नाम बताते हुए कहा...तो सर आप ही कलेक्टर..है.! कलेक्टर से हाथ मिलाते ही उलझनों के मोड़ में उलझी ममता को कलेक्टर पी दयानंद से ऐसा ज्ञान और प्रोत्साहन मिला कि एक दिन उसकी जिंदगी बदल गई।
   आठ साल पहले स्कूल खुलने के दिन यानी एक जुलाई को ग्राम आंछीमार की पहाड़ी कोरवा ममता तब कक्षा दसवीं पास करके कक्षा 11वीं में ही पहुंची थीं। तब वह बहुत असमंजस में थी कि 11 वीं में कौन सा विषय लिया जाए, जो विषय ली है, वह ठीक है या नहीं..? उसके समाज में कोई ऐसा परिचित भी उन्हें नहीं मिल रहा था कि वह उससे पूछ सकें...। विषय चयन सहित आगे की पढ़ाई को लेकर एक मोड़ पर उलझी ममता के लिए अचानक से कलेक्टर का घर आना उनके भविष्य के लिए एक नया रास्ता था। कलेक्टर पी दयानंद ने तब उन्हें एक शिक्षक की तरह समझाते हुए बायोलॉजी सब्जेक्ट चयन करने और इससे बनने वाले कैरियर के विषय में बताते हुए एकाग्रता के साथ मन लगाकर पढ़ाई करने तथा पहाड़ी कोरवा समाज की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनने की बात कही। पहाड़ी कोरवा ममता के लिए यहीं एक ऐसा मोड़ था जिससे उनकी उलझने दूर हुई और ममता की जिंदगी बदल गई। कलेक्टर की बातों को गांठ बांधकर पूरा ध्यान पढ़ाई में लगाया और बायोलॉजी से पहले 11वीं और 12वीं पास करने के बाद बीएससी, डीसीए, एमए की पढ़ाई पूरी की। किसी शिक्षक के रूप में एक कलेक्टर से मिले ज्ञान और अपनी पढ़ाई की बदौलत ममता ने आखिरकार कामयाबी हासिल की। अब वह शिक्षिका बन गई है और प्रभारी प्रधानपाठक का दायित्व सम्हालने के साथ ही ग्रामीण विद्यार्थियों को ज्ञान की किताब पढ़ा रही है।
    कोरबा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम आंछीमार की पहाड़ी कोरवा ममता शिक्षिका के रूप में प्राथमिक शाला चीतापाली में पढ़ाती है। उसने बताया कि वह जिस समाज से आती है, उसमें बहुत ही कम लोग 10वीं, बारहवीं तक की पढ़ाई किए हुए हैं। कॉलेज की पढ़ाई करने वाले गिनती के ही लोग है। उसे भी लगता था कि वह बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी कर पायेगी या नहीं। 10वीं कक्षा पास करने के बाद कलेक्टर श्री पी दयानंद के घर आने और उनसे मिली प्रेरणा के विषय में बताती हुई ममता कहती है कि वह दिन सचमुच मेरी जिंदगी में एक नया मोड़ के समान था। कलेक्टर सर का चेहरा, उनकी बातें मुझे पढ़ाई के लिए हमेशा प्रेरित करती रही। ममता ने बताया कि उनके दादा-दादी, माता-पिता की जिंदगी संघर्षों के बीच बीती है। समाज में लड़कियां 5वीं, 8वीं पढ़ लेती थीं, वहीं उनकी उपलब्धि थी और इसके बाद शादी के बंधन में बंध जाती थी। ऐसे में उन्हें भी लगता था कि 10वीं के बाद पता नहीं कब उनका भी रिश्ता तय कर दिया जाए और पढ़ाई वहीं बंद हो जाए। ममता कहती है कि कलेक्टर के घर आकर उनसे मिलने से घर का पूरा माहौल बदला। उनके निर्देश पर हास्टल में जगह मिली। माता-पिता ने उन्हें आगे पढ़ाई पूरी करने में पूरा सहयोग दिया और नौकरी मिलते तक शादी भी नहीं की। समाज के अन्य लोगों को भी यह जानकार खुशी हुई कि कलेक्टर साहब उनके घर आए थे और उन्होंने भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने का काम किया। ममता ने बताया कि कॉलेज की पढ़ाई करने के बाद वह एनआरएलएम से जुड़ी और सक्रिय महिला सदस्य के रूप में दिल्ली में कार्यक्रम में सम्मिलित भी हुई। उन्होंने बताया कि कलेक्टर के घर आने के बाद वह भी अधिकारी बनना चाहती थी, लेकिन शिक्षिका के रूप में नौकरी लगने के बाद अहसास हुआ कि यह फील्ड उनके लिए बहुत अच्छा है और इस नौकरी की बदौलत अपने समाज के बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित कर सकती है।
 अपने से अधिक पढ़ाई वाला या बड़ा नौकरी वाला पति नहीं ढूंढी-
   ममता बताती है कि अधिक पढ़ाई करने के बाद भले ही कुछ लड़कियों का सपना होता है कि वह उनके जैसा या उनसे अधिक पढ़ाई करने वाला लड़के से शादी करेगी। ममता ने बताया कि वह भी ऐसा कर सकती थी, लेकिन उन्होंने 12वीं पास लड़के से विवाह किया है। पति मुकेश कुमार को हाल ही में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने अतिथि शिक्षक के रूप में स्कूल में नौकरी प्रदान की है। ममता कहती है कि हमारी किस्मत बदल रही है। आने वाले समय में हमारा भविष्य बेहतर होगा। हम शासन-प्रशासन से मिले सहयोग से अपना ही भविष्य नहीं संवार रहे है, अपितु आने वाले पीढ़ियों का भी भविष्य संवारने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
शिक्षा और शिक्षक के भूमिका को बताया महत्वपूर्ण -
    पहाड़ी कोरवा ममता कहती है कि मैं जो कुछ हूं अपनी शिक्षा और स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षा से लेकर कलेक्टर द्वारा शिक्षक के रूप में घर आकर दिए गए प्रेरणा से ही हूं। मैं पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी होती तो आज मेरा भविष्य जंगलों में गुम हो जाता। बकरी चरा रही होती। आर्थिक रूप से भी मजबूत नहीं होती। मेरे आने वाले बच्चों का भविष्य भी गरीबी से गुजरता। अब ऐसा नहीं है। हर महीने वेतन मिलती है और यह राशि मेरी जरूरतों को पूरा करने में मददगार बनती है। ममता ने बताया कि वेतन के पैसे से उन्होंने अपने स्कूल आने के लिए स्कूटी ली है और घर का कुछ सामान, आभूषण ली है तथा बचत भी कर रही है। उन्होंने समाज के बच्चों को स्कूल जाने वाले मन लगाकर पढ़ाई करने तथा शिक्षकों को भी बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने की अपील की।

जनक राम को साल में 7 लाख रुपए का हुआ मुनाफा
   जशपुरनगर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए मच्छली पालन, मुर्गीपालन और धान के साथ अन्य फसल लेने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। दूरस्थ अंचल के किसानों की आय को दोगुना करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। देश की अर्थव्यवस्था में   कृषि का अहम् योगदान है। किसान भाई अन्नदाताओं के मेहनत से अच्छी फसल होती है और अनाज, दाल, सब्जियॉ सहित अन्य चीजों का उपयोग लोग बेहतर तरीके से करते हैं।
           मुख्यमंत्री श्री साय वर्तमान समय में मछली पालन अर्थात जलीय कृषि करनें वाले किसानों को बढ़ावा देने के लिए भारत मत्स्य पालन को बढ़ावा दे रहे हैं।
         इसी कड़ी में बगीचा विकासखण्ड के भितघरा ग्राम के श्री जनक राम यादव 01 वर्ष से मछली पालन का कार्य कर रहे हैं। इनके द्वारा वर्ष 2023-24 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत् स्वयं की भूमि में 0.500 हेक्टर पर तालाब निर्माण कर मत्स्य पालन कर रहे हैं। निर्मित जलक्षेत्र के लिए योजनानुसार अनुदान राशि 1 लाख 40 हजार विभाग से प्राप्त हुआ। अब तक हितग्राही द्वारा मछली पालन किया जा रहा है। जिससे 7 लाख रूपए का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है।

छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री ने नई दिल्ली में 'उद्योग समागम' में की भागीदारी*
    रायपुर/शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज नई दिल्ली में आयोजित 'उद्योग समागम' सम्मेलन में भाग लिया। यह कार्यक्रम केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जिसमें सभी राज्यों के उद्योग मंत्री और प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। इस सम्मेलन में देश भर के उद्योगपतियों, उद्यमियों और निवेशकों ने भाग लिया, जिसमें व्यापार, उद्योग और आर्थिक विकास से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
   श्री देवांगन ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में निवेश की विशाल संभावनाओं और राज्य सरकार द्वारा व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। साथ ही, उन्होंने निवेशकों को राज्य में आकर्षित करने के लिए बेहतर नीतियों और बुनियादी ढांचे के विकास पर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
   उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए कई विशेष योजनाएं और सुविधाएं प्रदान कर रही है, जिससे न केवल राज्य का आर्थिक विकास होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
   मंत्री श्री देवांगन ने कहा छत्तीसगढ़ निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थल के रूप में उभर रहा है। प्रदेश खनिज उत्पादन वाले प्रमुख राज्यों में शामिल है। यहां उद्योग स्थापित करने के लिए अनुकूल माहौल है। प्रदेश में नए उद्योगों को सर्वसुविधा उपलब्ध कराने के नई रणनीति बनाई गई है। उन्होंने कहा राज्य में निवेश बढ़ाने व उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए वित्तीय प्रोत्साहन व छूट भी दी जा रही है।
  उन्होंने कहा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 की लांचिंग किया गया है, इससे नए उद्योग शुरू करने वाले व्यापारियों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा 1 नवंबर 2024 से प्रदेश की नई उद्योग नीति भी लागू हो जाएगी। नई नीति उद्यमियों के सहूलियत को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में तैयार किया जा रहा है।
  सम्मेलन के दौरान उपस्थित उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश के प्रति गहरी रुचि दिखाई और राज्य में भविष्य में निवेश करने की संभावनाओं पर विचार किया।
  कार्यक्रम में उद्योग विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सुश्री रितु सेन, सीएसआईडीसी के कार्यपालन संचालक आलोक त्रिवेदी भी उपस्थित रहे।

महिलाएं जता रही है विष्णु भईया के स्नेह भरे तोहफे के लिए आभार
   रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ में गांव-गांव मनाए जा रहे तीजा त्यौहार की खुशी महतारी वंदन योजना ने बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पोला त्योहार के अवसर पर महतारी वंदन योजना की सातवीं किश्त की राशि महिलाओं के खातों में जमा की। इस योजना के तहत मिली सहायता राशि ने महिलाओं के लिए तीजा की तैयारियों को और भी खास बना दिया।
  बलौदाबाजार के ग्राम सकरी में निवास करने वाली श्रीमती धारणा साहू और श्रीमती रांति साहू ने खुशी-खुशी बताया, “तीजा का यह त्यौहार हमारे लिए बेहद खास हो गया है। मुख्यमंत्री जी ने हमें महतारी वंदन योजना के माध्यम से जो राशि दी है उससे हम साड़ी और तीज के लिए श्रृंगार का सामान खरीदेंगी। यह भाई के स्नेह जैसा तोहफा है जिसके लिए हम मुख्यमंत्री जी का दिल से धन्यवाद करते हैं।
   छत्तीसगढ़ में तीजा का त्यौहार महिलाओं के जीवन में एक विशेष स्थान रखता है। यह त्यौहार न केवल पारिवारिक प्यार और बंधनों को मजबूत करता है, अपितु पति के दीर्घायु के साथ ही पति और पत्नी में आपसी प्रेम व स्नेह को भी बढ़ाता है। इस बार तीजा के मौके पर बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम सकरी की दो महिलाएं श्रीमती धारणा साहू (भतीजी) और श्रीमती रांति साहू (बुआ) अपने मायके में त्यौहार की खुशियों को साझा करने आईं।  
   श्रीमती धारणा साहू की शादी दो साल पहले नंद किशोर साहू से हुई थी। उनके पति ग्राम जारा विकासखंड पलारी में किराना दुकान चलाते हैं। परिवार में ससुर, सास और एक देवर के साथ कुल पांच सदस्य हैं। वहीं, श्रीमती रांति साहू अपने जीवन में कठिनाइयों का सामना कर रही हैं। उनके पति महेंद्र साहू, का सात साल पहले बीमारी के कारण निधन हो गया था। रांति साहू खरोरा के एक निजी स्कूल में स्वीपर का काम करती हैं।श्रीमती रांती अपनी बेटी के साथ ससुराल, ग्राम मोहरेंगा (रायपुर जिला) में रहती हैं। उनकी बेटी कक्षा 5 वीं में पढ़ती है, जबकि बेटा अपने नाना के घर रहकर कक्षा 4थीं की पढ़ाई कर रहा है।
   इस योजना के माध्यम से महिलाओं को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलने से उनके चेहरे पर सुकून और खुशी साफ झलक रही थी। त्यौहार की रौनक के बीच,यह मदद उनके लिए एक नया उत्साह लेकर आई, जिससे वे अपने परिवार के साथ तीजा का पर्व और भी आनंद से मना सकेंगी।

प्रतिभाओं के विकास में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण
देश उत्तम शिक्षा के मामले में हमेशा से समृद्ध - श्री विष्णुदेव साय
राजभवन में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह सम्पन्न
     रायपुर/शौर्यपथ /राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन गरिमामयी समारोह में वर्ष 2023-24 के उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया। राज्यपाल श्री डेका ने कहा शिक्षक विद्यार्थियों को बड़ा सपना देखने प्रेरित और पूरा करने प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की भी शिक्षा देना सुनिश्चित करें।
   राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023-2024 के लिए सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। प्रदेश के तीन महान साहित्यकारों के नाम पर 03 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार तथा 52 शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य शिक्षक सम्मान वर्ष 2024-25 के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की घोषणा की।
   राजभवन के दरबार हॉल में आज आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में तीन उत्कृष्ट शिक्षकों बिलासपुर जिले की डॉ. रश्मि सिंह धुर्वे को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार, कबीरधाम जिले के श्री राजर्षि पाण्डेय को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार और दुर्ग जिले की डॉ. श्रीमती सरिता साहू को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस तरह प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., शिक्षक एल.बी., सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक एल.बी वर्ग के 52 शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया।
  इस गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण प्रतिभाआंे के विकास में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। शिक्षक समाज के प्रमुख नागरिक हैं। राज्यपाल ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष बाद लार्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति में बड़ा परिवर्तन हो रहा हैै, जिसका परिणाम भी अच्छा होगा।
   राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि आज हर क्षेत्र में क्रांति हो रही है और शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रांति हो रही है। शिक्षक इस क्रांति का एक हिस्सा है। शिक्षकों के पढ़ाने का तरीका बदल गया है, लेकिन इस बदलाव के साथ-साथ शिक्षा के गुणवत्ता पर भी ध्यान देना होगा। बच्चों में नैतिक मूल्यांे का विकास करने की जवाबदारी भी शिक्षकों की है।
  श्री डेका ने कहा कि माता-पिता एक बच्चे को जन्म देते हैं जबकि शिक्षक उस बच्चे के व्यक्तित्व को गढ़ते हैं और उसे उज्ज्वल भविष्य प्रदान करते हैं। शिक्षा के अलावा, शिक्षक बेहतर इंसान बनने के लिए मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और प्रेरणा देने के लिए हर कदम पर हमारे साथ खड़े रहते हैं। शिक्षक ज्ञान और बुद्धि का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक देश उतना ही अच्छा होता है जितने उसके लोग, उसी प्रकार उसके नागरिक भी उतने ही अच्छे होते हैं जितने उसके शिक्षक। इसलिए बहुत कुछ शिक्षकों पर निर्भर करता है कि बच्चों को अच्छी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें। मैं सभी शिक्षकों को उनके जुनून, समर्पण, प्रतिबद्धता और योगदान के लिए सलाम करता हूं।
  राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि शिक्षण सभी व्यवसायों की जननी है। शिक्षक दिवस हमें भविष्य की पीढ़ियों को और भी अधिक चुनौतियों का सामना करने और हमारे देश को मानव कल्याण के प्रति उच्च संवेदनशीलता के साथ एक उन्नत और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए जिम्मेदारियों और प्रतिबद्धताओं की याद दिलाता है।
   मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत में शिक्षक दिवस का जितना उत्साह और महत्व है वैसा शायद ही कहीं और देखने को नहीं मिलता। भूतपूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन की जयंती को हम सब शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं। श्री साय ने कहा कि भारत देश उत्तम शिक्षा के मामले में हमेशा से समृद्ध रहा है। गणित के क्षेत्र में शून्य भारत ने ही विश्व को दिया, आर्यभट्ट जैसे वैज्ञानिक और भाष्कराचार्य जैसे गणितज्ञ भारत में ही पैदा हुए। नागार्जुन जैसे रसायनज्ञ यहाँ हुए। शिक्षकों ने देश को हमेशा नई दिशा दिखाई है। भले ही आज इंटरनेट की दुनिया में ज्ञान एक क्लिक पर उपलब्ध है लेकिन अनुभव भरा ज्ञान, संस्कारपूर्ण शिक्षा, जीवन जीने की कला, कौशल, उत्तम शैली की सीख केवल विद्यालयों में शिक्षकों के जरिए ही संभव है। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इसकी जरूरत को समझा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लेकर आए। इस नीति के माध्यम से हमारी शिक्षा में आमूलचूल बदलाव की संभावना तैयार हुई है, जिसमें लोकल से वोकल तक के ज्ञान, सीख व समझ का समावेश किया गया है।
  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को हमने प्रदेश में भी लागू कर दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हमने प्रदेश में 9438 बालवाड़ियाँ आरंभ की हैं। हमने 18 स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई की शुरुआत की है। इसके लिए किताबें बनाई हैं और शिक्षक इसे पढ़ा रहे हैं। यह बच्चों की नींव तैयार करने में काफी महत्वपूर्ण है। शिक्षा से नक्सलवाद का अँधियारा छँटने से बस्तर में अब शिक्षा की रोशनी भी तेजी से फैल रही है। बस्तर में वर्षों से बंद 29 स्कूलों को पुनः शुरू किया गया है।
   मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक समय एआई तथा रोबोटिक्स का है। हमारे बच्चे भी इसमें पीछे नहीं रहेंगे। हमने आदिवासी क्षेत्र के बच्चों के लिए भी स्कूलों में रोबोटिक्स तथा एआई की शिक्षा आरंभ कर दी है। नक्सल प्रभावित जिलों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए हम बिना ब्याज के शिक्षा ऋण दे रहे हैं। हमारा सबसे ज्यादा ध्यान कौशल विकास पर है। छोटे-छोटे ट्रेड में बच्चों को थोड़ा भी प्रशिक्षित कर दें, तो उनके लिए बेहतर भविष्य की राह खुल जाती है। हम हाइटेक स्कूल तैयार कर रहे हैं। प्रदेश में पीएम श्री योजना के अंतर्गत 211 स्कूलों का शुभारंभ किया गया है। इसके अलावा 52 स्कूलों की और स्वीकृति मिल गई है। यहाँ गुणवत्तायुक्त शिक्षा बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही है। हमारी सरकार ने 13 नगरीय निकायों में नालंदा की तरह हाइटेक लाइब्रेरी की स्थापना का निर्णय लिया है।
   मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने स्कूलों में न्योता भोज की भी पहल की है, इससे सामुदायिक सहयोग से स्कूलों में बच्चों को रूचिकर पोषण आहार मिल रहा।
   इस अवसर पर स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने स्वागत उद्बोधन के साथ प्रतिवेदन का वाचन किया। आभार प्रदर्शन संचालक लोक शिक्षण श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने किया। स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने राज्यपाल श्री डेका और मुख्यमंत्री श्री साय को स्मृति चिन्ह स्वरूप पुस्तक भेंट की।
   कार्यक्रम में आयुक्त जनसंपर्क श्री मयंक श्रीवास्तव, राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय, समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक श्री संजीव झा, राज्यपाल की संयुक्त सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, पत्रकारगण उपस्थित थे।

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)