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रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने रायपुर के सिविल लाइन स्थित अपने निवास पर राज्य के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल महामाया धाम रतनपुर पर आधारित पुस्तिका ‘छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल रतनपुर’ का विमोचन किया। उन्होंने पुस्तिका का विमोचन करते हुए कहा कि इसमें रतनपुर के सभी मंदिरों, तालाबों और सांस्कृतिक विरासतों की जानकारी दी गई है, जो बाहर से आने वाले तीर्थ यात्रियों एवं पर्यटकों के लिए मार्गदर्शिका के रूप में कार्य करेगी। उन्होंने रतनपुर के तीर्थ स्थल और पर्यटन स्थल के रूप में प्रचार-प्रसार के लिए भी इसे उपयोगी बताया। विमोचन के दौरान पुस्तिका के लेखक श्री बलराम पाण्डेय सहित सर्वश्री कन्हैया यादव, रविंद्र दुबे, संतोष तिवारी, तीरथ यादव, बबलू कश्यप तथा बिलासपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारी सर्वश्री संजय सोनी, वासित अली एवं ताहिर अली भी मौजूद थे।
"देखो अपना देश" अभियान में हिस्सा लें और विभिन्न पर्यटन स्थलों को बनाएं देश का गौरव
रायपुर / शौर्यपथ / बलौदाबाजार कलेक्टर दीपक सोनी ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे "देखो अपना देश" अभियान में सक्रिय भागीदारी करें। इस अभियान के तहत देशभर के नागरिकों को अपने राज्य के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों के लिए वोट करने का मौका मिल रहा है, और छत्तीसगढ़ के अद्वितीय और खूबसूरत गंतव्यों को इस राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का यह एक सुनहरा अवसर है।
श्री सोनी ने कहा,"जिले के प्राकृतिक सौंदर्य,समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक स्थलों को पूरे देश में पहचान दिलाने का यह एक महत्वपूर्ण कदम है। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि वे अपने जिले सहित राज्य के गंतव्यों के लिए वोट करें और इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें।"
वोट कैसे करें
वोटिंग के लिए नागरिकों को वेबसाइट
https://forms.gle/ANvrFcQqxg55EkSw7
का उपयोग करना होगा। इस फॉर्म के माध्यम से लोग छत्तीसगढ़ सहित बलौदाबाजार भाटापारा के उन स्थलों के लिए वोट कर सकते हैं, जिन्हें वे राज्य और देश का गौरव मानते हैं। राज्य सरकार ने भी सभी से आग्रह किया है कि वे इस लिंक को अपने सोशल मीडिया पर साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान में भाग ले सकें।
अंतिम तिथि
इस अभियान में वोट करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2024 है। इसके बाद, चुने गए गंतव्यों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित किया जाएगा, जिससे राज्य सहित जिले में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा होंगे। छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, और यह अवसर हमें अपनी धरोहर, संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता को देशभर में फैलाने का मौका देता है।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल को 10 से 22 सितंबर तक स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित EPPI Con 2024 कांफ्रेंस में शामिल होने का आमंत्रण मिला है। आईआईएम रायपुर के तत्वाधान में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ग्लोबल आउटरीच के डायरेक्टर ने स्वास्थ्य मंत्री को इस कांफ्रेंस में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। इस कांफ्रेंस के माध्यम से छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर चर्चा करने के साथ ही राज्य की प्राथमिक स्वास्थ्य इकाइयों (आशा कार्यकर्ता एवं मितानिन) को मजबूत करने की योजना पर कार्य होगा। कांफ्रेंस के मुख्य उद्देश्य के अनुसार आशा एवं मितानिन कार्यकर्ताओं को डिजिटल साक्षर बनाने के लक्ष्य पर काम करना है तथा उन्हें आईआईएम, आईआईटी, एम्स एवं एनएनएलयू के साथ मिलकर ट्रेनिंग देकर और सक्षम बनाना है ताकि राज्य मे निचले स्तर पर ही बुनियादी एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहें।
124 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए
आवेदन पर तत्काल निराकरण की कार्यवाही कर रहा है विद्युत विभाग
लोगों ने मुख्यमंत्री सहित शासन-प्रशासन को दिया धन्यवाद
जशपुरनगर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप जिले में विकास कार्यों की रूपरेखा बना कर योजनाबद्ध तरीके से क्रियान्यवन किया जा रहा है। आम लोगों के जीवन से जुड़ी सुविधाएं एवं समस्याओं के निराकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री के गृह निवास बगिया में मुख्यमंत्री कार्यालय कैंप की स्थापना इसी दिशा में उठाया गया कदम हैं। जहां लोगों की समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाता है।
जशपुर जिला हाथी विचरण क्षेत्र हैं। जिले के दूरस्थ अंचलों में भी बिजली की संचालन निर्बाध रूप से हो इसके लिए विद्युत विभाग दिन हो या रात लगातार कार्य कर रहा है। आम लोगांे के आवेदन पर विभाग का अमला तत्कार संज्ञान लेकर काम में जुट जाता है। विद्युत विभाग बारिश हो या अंधड़, पेड़ का बिजली के तारों या खंभों में गिरने जैसी चुनौतियों का लगातार सामना करते हुए बिजली की सुविधा उपलब्ध करा रही है। विभाग के द्वारा पिछले लगभग 9 महीने में जशपुर जिलें में 578 ट्रांसफार्मर बदले गए हैं और 124 नया ट्रांसफार्मर नया लगाया गया है। इसके साथ ही विभाग द्वारा नई लाईन बिछाने, केबल, ग्रिप चेंज आदि कार्य भी सतत रूप से किया जा रहा है।
विद्युत विभाग के द्वारा जिलें के विकासखंडों सहित इसके अंतर्गत आने वाले गांवों में विद्युतिकरण कार्य एवं इसके संचालन में आने वाले बाधाओं को तत्काल निराकरण किया जा रहा है। विभाग के द्वारा बिजली की लोड केपिसिटी के हिसाब से 578 ट्रांसफार्मर बदले गए हैं। जिनमें बगीचा विकासखंड में 42 ट्रांसफार्मर बदले गए हैं। इसी तरह दुलदुला विकासखंड में 45, जशपुर विकासखंड में 50, कुनकुरी विकासखंड में 106, मनोरा में 29, सन्ना में 42, पत्थलगांव में 144, कांसांबेल में 55 एवं फरसाबहार में 65 ट्रांसफार्मर बदले गए हैं।
इसी तरह जिले के आठों विकासखंड में 124 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। जिसमें 100 केव्हीए का 16 ट्रांसफार्मर, 63 केव्हीए का 77 ट्रांसफार्मर और 25 केव्हीए का 31 ट्रांसफार्मर लगाया गया है। शहरों के साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था के निर्बाध रूप से संचालन से लोगों ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री सहित शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं।
रायपुर / शौर्यपथ / दंतेवाड़ा में आज सुरक्षा बलों ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 9 नक्सलियों को मार गिराया है। इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन के लिए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने डीआरजी और सीआरपीएफ के वीर जवानों को बधाई दी है।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा "छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद समाप्ति की ओर है और यह हमारे जवानों की दृढ़ता और उनकी भुजाओं की ताकत के कारण संभव हो पा रहा है। बस्तर में शांति स्थापित हो रही है और आने वाले समय में छत्तीसगढ़ पूरी तरह से नक्सल मुक्त हो जाएगा।"
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने आगे कहा कि राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति में सुधार हो रहा है। प्रदेश सरकार इस दिशा में निरंतर कार्यरत है और हम छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने के अपने संकल्प को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
देखे उपमुख्यमंत्री ने क्या कहा जवानो के सफलता के विषय में
https://youtu.be/OJ95C7vL9no?si=qrBreaO6z1Sdb1cg
अब तक 1023 मरीज को मिला स्वास्थ्य लाभ
जिले में स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन नम्बर का हो रहा है सुचारू संचालन
जशपुरनगर। शौर्यपथ । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से जिले में स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन का संचालन किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन प्रत्येक समय मरीज के स्वास्थ्य संबंधित परेशानी के समाधान हेतु उपलब्ध है। विकासखंड, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला चिकित्सालय से संबंधित मरीजों को तत्काल स्वास्थ्य संबंधी लाभ उपलब्ध कराया जाना स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन का उद्देश्य है। जशपुर जिले के अंतर्गत ही नहीं बल्कि मरीज-हितग्राहियों को जिले के बाहर रायपुर अन्य नजदीकी जिले अंबिकापुर, रायगढ़ तथा अन्य राज्य जैसे रांची में भी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन द्वारा कार्य किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत फ़रवरी 2024 से आज पर्यंत 1023 मरीज को स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया गया है।
विदित हो कि सर्वप्रथम आवेदक आवेदन बगिया कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करते हैं। आवेदन प्रस्तुत होने के पश्चात तत्काल 5 मिनट के अंदर कार्यवाही की जाती है। दूरभाष द्वारा संपर्क कर संपूर्ण जानकारी लिया जाता है और स्वास्थ्य संबंधित निराकरण हेतु अन्य संबंधित चिकित्सा अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारी से संपर्क किया जाता है। संपर्क करने के बाद निराकरण करने हेतु मरीज से पुनः कॉल कर उनके स्वास्थ्य संबंधित समस्या का समाधान किया जाता है।
लाइफस्टाइल/शौर्यपथ / अपनी लाइफ को शानदार बनाना भला कौन नहीं चाहता, लेकिन आमतौर पर सबकी जिंदगी उतनी खूबसूरत नहीं हो पाती. नाकामी और बुरे हालातों के लिए लोग कोई न कोई बहाना जरूर बनाते हैं, जबकि इसकी सबसे बड़ी वजह उनकी खुद की गलतियां ही होती हैं. राजनीति और अर्थशास्त्र के अलावा जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सैकड़ों सालों से लोगों का मार्गदर्शन करने वाले विद्वान आचार्य चाणक्य ने ऐसी गलतियों से बचने को लेकर हिदायत दी हुई है.
आचार्य चाणक्य ने किया नौजवानों को गलतियों से सावधान
भारत के सबसे बुद्धिमान आचार्यों में से एक चाणक्य ने अपनी नीतियों में जवानी में की जाने वाली गलतियों से लोगों को सावधान किया है. उन्होंने कहा है कि अगर लोग जिंदगी की शुरुआत में इन खास गलतियों को करने से बचे तो आगे एक काफी सुखद और समृद्ध लाइफ को इंजॉय कर सकते हैं. आइए, चाणक्य नीति में बताए उन गलतियों के बारे में जानते हैं जिन्हें करने से युवाओं को हर हाल में बचना चाहिए, नहीं तो आगे चलकर जिंदगी बर्बाद होने की आशंका बढ़ जाती है.
पढ़ाई से जी चुराना : चाणक्य नीति के मुताबिक, अगर जवानी के दिनों में आप अच्छी शिक्षा और हुनर नहीं हासिल करते हैं तो आपको आने वाले समय और करियर में तमाम तरह की दिक्कतों और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. शुरुआती लाइफ में की गई आपकी ये गलती आपको आगे जीवनभर परेशान कर सकती है.
कामचोरी या आगे टालने की आदत: आचार्य चाणक्य ने युवाओं को साफ संदेश दिया है कि अगर जवानी के दिनों में कामचोरी की या किसी भी काम को तुरंत खत्म करने की जगह आनाकानी करते हैं या आगे के लिए टाल देते हैं तो यह गलत आदत है. उन्होंने कहा कि जवानी में समय का सही इस्तेमाल नहीं करने पर आगे की लाइफ में आपको अपने लक्ष्य प्राप्त करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है.
पैसों की बचत की जगह बेतहाशा खर्च: चाणक्य नीति के मुताबिक, जो लोग अपने नौजवानी के समय में सोचे समझे बगैर रुपए-पैसे खर्च करते हैं और आगे के लिए कोई प्लानिंग नहीं करते हैं तो उन्हें आगे चलकर आर्थिक तंगी और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
गलत लोगों से संगति: आचार्य चाणक्य ने साफ कहा है कि युवा अवस्था में गलत संगति से सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. क्योंकि ये उम्र बहुत संवेदनशील होती है. इस उम्र में गलत लोगों का असर पड़ना और बुरी आदतों का लगना आगे की लाइफ और होने वाली तरक्की में रुकावट डालती है.
शारीरिक और मानसिक सेहत के मामले में लापरवाही: चाणक्य नीति में साफ कहा गया है कि अगर लोग जवानी में अपने शारीरिक और मानसिक सेहत का ध्यान नहीं रखते और लापरवाही करते हैं तो आगे चलकर तमाम तरह की बीमारियों और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / अक्सर कहा जाता है कि शरीर को मजबूत करने के लिए मेवा खाना चाहिए. खासकर काजू बादाम के बारे में कहा जाता है कि इनको खाने से शरीर को मजबूती मिलती है और खून बढ़ता है. लेकिन कई बार बादाम और काजू खाने के बाद भी कुछ लोगों की सेहत नहीं बन पाती. ऐसे में आपको बादाम पर फोकस करने की बजाय कुछ ऐसी चीज खानी चाहिए जो आपकी सेहतको शानदार बना सके. ऐसे में पाइन नट्स यानी चिलगोजा बहुत काम की चीज साबित होता है. जी हां चिलगोजा भी एक शानदार मेवा है जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं. कहा जाता है कि ताकत और मजबूती के मामले में चिलगोजा बादाम से भी ज्यादा कारगर साबित होता है. चलिए आज जानते हैं कि चिलगोजा मजबूती और खून बढ़ाने में कैसे मदद करता है और किस तरह खाने में लेना चाहिए जानते हैं एक्सपर्ट इस बारे में क्या कहते हैं.
पोषण की खान है चिलगोजा |
चिलगोजा पोषक तत्वों के मामले में बादाम से कहीं आगे है. इसमें ढेर सारा प्रोटीन, जिंक, पोटेशियम, मैग्नीशियम. आयरन, फास्फोरस और जिंक होता है. जो लोग शरीर को मजबूत करना चाहते हैं, उनको ढेर सारे प्रोटीन की जरूरत होती है और इस मामले में चिलगोजा बेस्ट है.चिलगोजा आयरन की भी खान है,इसके सेवन से आपके शरीर में रेड ब्लड सेल्स बढ़ेंगे और मसल्स को भी ताकत मिलेगी. चिलगोज़ा हड्डियों को भी मजबूत करता है. इसे खाने से शरीर की स्टेबिलिटी बढ़ती है.
इस तरह खाइए चिलगोजा, मिलेंगे कई फायदे |
अगर आप एक महीने तक चार से पांच चिलगोजे रात भर भिगोकर सुबह खाएं तो आपको ढेर सारे फायदे मिलेंगे. अगर आप चिलगोजे को भिगोकर नहीं खाते तो इसे कच्चा ही छीलकर खा सकते हैं. आप इसे सलाद में डालकर खा सकते हैं और इसे भूनकर भी खाया जा सकता है. कई लोग चिलगोजे की दाल भी बनकर खाते हैं. इससे आपको दिन भर की एनर्जी तो मिलेगी ही, साथ ही आपको हेल्दी फैट भी मिलेगा. इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होगा. चिलगोजा त्वचा और बालों के लिए भी काफी अच्छा होता है.इसे खाने से दिमाग भी एक्टिव रहता है और तनाव में कमी आती है.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / सनातन परंपरा में अमावस्या तिथि का बेहद महत्व है. अगर यह तिथि सोमवार या शनिवार को पड़े तो इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है. जब किसी भी माह की अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है, उसे सोमवती अमावस्या कहते हैं. इस बार भाद्रपद माह की अमावस्या सोमवती अमावस्या है, जो 2 सितंबर को है. सोमवती अमावस्या की तिथि 2 सितंबर को सुबह 5:21 बजे से 3 सितंबर को सुबह 7:24 बजे तक है. ज्योतिष शास्त्र में इस दिन को लेकर कई सारे नियम बनाए गए हैं. सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा और व्रत करने का विधान है. इस दिन विवाहित महिलाएं व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करके अपने पति की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती हैं.
सोमवती अमावस्या तिथि पर क्या करें और क्या न करें?
अपने पितरों को भोजन, जल और अन्य वस्तुएं अर्पित करें.
मांसाहारी भोजन या शराब का सेवन न करें.
धर्मग्रंथों का पाठ करें.
इस दिन चना, मसूर दाल, सरसों का साग और मूली जैसी चीजों को खाने की मनाही होती है.
पूजा-पाठ पर ज्यादा से ज्यादा जोर दें.
भगवान विष्णु की पूजा करें.
इस तिथि पर क्रोध करने से बचें.
सोमवती अमावस्या व्रत रेसिपी-
सोमवती अमावस्या पर कई महिलाएं व्रत करती हैं. अगर आप व्रत कर रहे हैं तो आप मखाने की खीर का सेवन कर सकते हैं. इसे आसानी से बनाया जा सकता है. इसे बनाने के लिए आपको दूध, मखाना, चीनी, ड्राई फ्रूट्स और इलायची पाउडर की आवश्यकता होती है.
सोमवती अमावस्या पूजन विधि-
सोमवती अमावस्या के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें और दिन की शुरुआत देवी-देवता के ध्यान से करें. इसके बाद स्नान करें. अब भगवान सूर्य देव को जल अर्पित करें. इसके पश्चात भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करें. शास्त्रों के अनुसार इस दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए पीपल के पेड़ को स्पर्श करके पूजा अर्चना की जाती है. इसके अलावा धान, पान और खड़ी हल्दी को मिला कर उसे विधान पूर्वक तुलसी के पेड़ पर भी चढ़ाने की मान्यता है.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / पंचांग के अनुसार, इस साल 2 सितंबर, सोमवार के दिन भाद्रपद की अमावस्या पड़ रही है लेकिन इसका प्रभाव अगले दिन यानी 3 सितंबर, मंगलवार तक माना जा रहा है. वहीं, सोमवार और मंगलवार का शुभ संयोग इस अमावस्या को बेहद खास बना रहा है. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार भी दोनों ही दिनों को अमावस्या की तिथि बताया जा रहा है. माना जाता है कि अमावस्या के दिन पूजा करने पर जीवन में व्याप्त दिक्कतें हट जाती हैं, पितरों का आशीर्वाद मिलता है और भौमवती अमावस्या हो तो मंगल दोष से भी छुटकारा मिल जाता है. जानिए अमावस्या की तिथि का प्रारंभ कब होगा और किन बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है.
सोमवती और भौमवती अमावस्या का संयोग |
द्रिक पंचांक के अनुसार, इस साल भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की अमावस्या 2 सितंबर, सोमवार की सुबह 5 बजकर 21 मिनट से शुरू हो रही है और इस तिथि का समापन अगले दिन 3 सितंबर, मंगलवार को सुबह 7 बजकर 54 मिनट पर होगा. ऐसे में दोनों दिन ही अमावस्या का शुभ संयोग बन रहा है और इस साल भाद्रपद में सोमवती अमावस्या और भौमवती अमावस्या पड़ रही है. सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है और मंगलवार के दिन जो अमावस्या पड़ रही है उसे भौमवती अमावस्या कहते हैं.
अमावस्या की पूजा
मान्यतानुसार अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करना बेहद शुभ माना जाता है. जो लोग किसी नदी के पास नहीं रहते हैं वे इस दिन पानी में गंगाजल डालकर स्नान कर सकते हैं. अमास्या के दिन पितरों का तर्पण, पूजा और आराधना करना बेहद शुभ माना जाता है. अमावस्या पर पितरों का श्राद्ध और पिंडदान भी किया जाता है. धर्म-कर्म के कामों के लिए भी अमावस्या की तिथि शुभ होती है. सोमवती अमावस्या होने के चलते इस अमावस्या पर भगवान शिव की पूजा की जा सकती है. मंगलवार के दिन भौमवती अमावस्या है जिस चलते बजरंगबली की उपासना की जाती है.
अमावस्या पर चंद्र दोष और पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए भी पूजा की जाती है. भगवान शिव को सोमवती अमावस्या पर खीर का भोग लगाने पर ये दोष हट सकते हैं. विवाह के योग बनें इसके लिए भोग में पंचामृत, शहद और मालपुए शामिल किए जा सकते हैं. इन चीजों को भगवान के समक्ष अर्पित करना शुभ होता है. सुख और शांति का घर में वास हो इसके लिए सफेद मिठाई को भोग में शामिल किया जा सकता है.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
