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नई दिल्ली / शौर्यपथ / पहलवानों और WFI के बीच जारी 'कुश्ती' में अब पहलवानों को किसानों का भी साथ मिल गया है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवान धरने पर बैठे हैं और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल धरना स्थल पहुंचा और कहा कि मोर्चा पहलवानों के साथ है और उन्होंने भी इस दौरान WFI अध्यक्ष की गिरफ्तारी की मांग दोहराई. रविवार को पहलवानों के धरने को आठ दिन पूरे हो चुके हैं. इस दौरान उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री हमारे मन की बात भी सुनें.
किसान अपने आंदोलन को देने वाले हैं धार
बता दें कि, किसान एक बार फिर अपने आंदोलन को धार देने वाले हैं. कृषि कानूनों के खिलाफ शुरू हुए कृषि आंदोलनों को भले ही खत्म हो गए एक अरसा बीत गया है लेकिन किसानों के संगठन अभी भी सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते. सरकार को उसके वायदों की याद दिलाते हुए कृषि संगठनों ने फैसला लिया है कि मई महीने में देश के हर राज्य में फिर से किसानों द्वारा आक्रामक आंदोलन किया जाएगा. यह फैसला रविवार को दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा की राष्ट्रीय बैठक में लिया गया जिसमें किसान संगठनों के 200 से अधिक किसान नेता शामिल थे.
26 मई से 31 मई तक होगा किसानों का प्रदर्शन
संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले जमा हुए किसान संगठनों ने यह फैसला लिया है कि एमएसपी को कानूनी दर्जा, कर्ज मुक्ति, किसान और खेतजदुर पेंशन और लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा की गिरफ्तारी समेत किसानों पर हुए मुकदमों की वापसी और किसान आंदोलन के दौरान मृत हुए किसान परिवारों को मुआवजा के मुद्दे पर 26 मई से लेकर 31 मई तक देश के सभी राज्यों में धरना प्रदर्शन होगा.
नई दिल्ली / शौर्यपथ /
जंतर मंतर पर पिछले आठ दिनों से कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृज भूषण पर कार्यवाही की मांग को लेकर महिला रेसलर धरने पर बैठे . रेसलरो का कहना है कि कई अन्य रेस्लार्स और सांसद विधायको का धरने और मांग को लेकर समर्थन है वही आज कांग्रेस की राष्ट्रिय महासचिव प्रियंका गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पहलवानों के इस प्रदर्शन का समर्थन करने जंतर-मंतर पहुंचे थे, जहां दोनों नेताओं ने बृजभूषण शरण सिंह को कुश्ती संघ के अध्यक्ष पद से हटाए जाने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एक बाहुबली के सामने नतमस्तक हो गई है और वह ही उन्हें बचा रही है।
कर्णाटक / शौर्यपथ /
कर्नाटक में क्करू मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। मैसूर में पीएम मोदी जब रोड शो कर रहे थे, इसी दौरान ये चूक हुई। रोड शो के दौरान एक महिला ने पीएम मोदी के ऊपर मोबाइल फेंक दिया। जिस समय ये वाकया हुआ, उस समय पीएम मोदी बीजेपी नेताओं के साथ रथ पर सवार थे और जनता का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। अचानक हुई ये घटना मीडिया के कैमरों में भी कैद हो गई। हालांकि ये मोबाइल पीएम मोदी को नहीं लगा और उनके ठीक सामने गिरा।
पुलिस ने दी सफाई
इस मामले पर पुलिस का बयान भी सामने आया है। पुलिस का कहना है कि ये सुरक्षा में चूक का मामला नहीं है। रोड शो में एक महिला ने फूल के साथ गलती से मोबाइल फेंक दिया था। पुलिस ने जांच के बाद महिला को फोन वापस कर दिया।
बता दें कि ये वाकया उस वक्त हुआ, जब प्रधानमंत्री मोदी के मैसूर के रोड शो के दौरान लोग उन पर फूलों की बारिश कर रहे थे। इसी दौरान किसी ने अपने हाथ से मोबाइल उनकी तरफ फेंका। इस दौरान काफी संख्या में वहां लोग थे। सुरक्षा व्यवस्था भी काफी सख्त थी।
हालांकि अभी तक पुलिस ने इस मामले में कोई स्नढ्ढक्र दर्ज नहीं की है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले भी कर्नाटक में प्रधानमंत्री मोदी के रोड शो के दौरान एक शख्स ने उनके बीच पहुंचने की कोशिश की थी।
मुंबई : शौर्यपथ :
महाराष्ट्र के रत्नागिरी रिफायनरी प्रोजेक्ट पर घमासान जारी है। प्रदशर्नकारियों पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने की घटना सामने आने के बाद ठाकरे सेना आक्रामक हो गई है। दरअसल ये रिफायनरी प्रोजेक्ट शिंदे सरकार के गले की फांस बनता नजर आ रहा है। एक तरफ प्रोजेक्ट स्थल पर स्थानीय जनता सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन कर रही है, वहीं सियासी मैदान में मुख्यमंत्री शिंदे पर ठाकरे सेना टूट पड़ी है।
रिफायनरी मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा है, 'महाराष्ट्र में लोकतंत्र निशाने पर है। युद्ध का नया मैदान? बारसू। विरोधी? असंवैधानिक सरकार। दांव पर क्या है? न केवल एक रिफाइनरी परियोजना बल्कि राज्य की आत्मा और लोकतंत्र का सार। इस विवाद की जड़ सीधी है, लोग विकास चाहते हैं, विनाश नहीं। वे प्रगति चाहते हैं, प्रदूषण नहीं। और सबसे बढ़कर, वे स्पष्टता चाहते हैं।'
आदित्य ठाकरे ने कहा, 'महाराष्ट्र के रत्नागिरी में रिफाइनरी परियोजना एक विवादास्पद मुद्दा रहा है। यह एक ऐसा फ्लैशप्वाइंट है, जिस पर दोनों बीजेपी सरकारों ने लचीलेपन की जगह कठोरता और सहानुभूति की जगह अहंकार को चुना। पिछली भाजपा सरकार (2014-2019) को इसी परियोजना के लिए नाणार में कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था, और इसके जवाब में, हमने लोगों के अपील पर ध्यान में रखकर नाणार को रद्द कर इस परियोजना को तेजी से स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा।'
ठाकरे ने कहा, 'परियोजना को खोने से बचाने के लिए, हमने प्रस्ताव दिया कि परियोजना को अपेक्षाकृत कम घनी आबादी वाले बारसू क्षेत्र में ले जाया जाए। इसीलिए महाराष्ट्र उद्योग विकास निगम (एमआईडीसी) और परियोजना प्रस्तावक को हमारा स्पष्ट निर्देश था कि पहले लोगों को वह स्पष्टता दें जो वे चाहते हैं। अगर उन्हें प्रोजेक्ट चाहिए तो उन्हें चुनने दें। ऐसा लगता है कि बातचीत के इरादे को बगल में रखकर मौजूदा शिंदे- बीजेपी सरकार ने इस मुद्दे को अपने अहंकार का मुद्दा बना लिया है और अपने अधिपतियों के आदेश पर लोगों की भावनाओं के विरुद्ध इस परियोजना को लागू करना चाहते हैं।'
आदित्य ने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में बारसू पुलिस राज्य में तब्दील हो गया। स्थानीय सांसद विनायक राउत को उनके क्षेत्र के लोगों से मिलने से रोक दिया गया और बाद में हिरासत में लिया गया। महिलाओं को पुलिस द्वारा आक्रामक तरीके से पीटा गया। कुछ लोगों के अहंकार को शांत करने के लिए गांव वालों को पीटा गया। आदित्य ने आगे कहा कि कल्पना कीजिए कि इस तानाशाही के बजाय अगर इस असंवैधानिक शासन ने हमारा दृष्टिकोण अपनाया होता तो शांतिपूर्ण बैठक हो सकती थी, शंकाओं और चिंताओं को दूर किया जा सकता था, समझ को बढ़ावा दिया जा सकता था। लेकिन इसके बजाय, लोगों की स्पष्टता की मांग को अनसुना कर दिया गया।
आदित्य ने कहा कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने से लगता है कि बातचीत के दरवाजे बंद हो गए हैं। कोंकण से प्रकृति की संपदा को लूटने की चाहत रखने वाली सरकार आक्रमणकारियों की तरह व्यवहार बंद करना बंद करें।
आदित्य ने आरोप लगाया कि एक ओर हम उन कंपनियों और परियोजनाओं को देखते हैं, जिनका महाराष्ट्र ने खुले हाथों से स्वागत किया। वेदांता-फॉक्सकॉन, एयरबस-टाटा, बल्क ड्रग पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, सोलर एनर्जी इक्विपमेंट पार्क, पुओ चेन प्राइवेट लिमिटेड, ये सभी दूसरे राज्यों में स्थानांतरित हो गए। जबकि दूसरी ओर पुलिस की ताकत से गांववालों पर नाणार/बारसू जैसे प्रोजेक्ट थोपे जा रहें है। जब बारसू में हालात बेकाबू हो रहे थे तब मुख्यमंत्री अनुपस्थित थे, इस मुद्दे पर शिंदे पूरी तरह विफल रहे हैं। मुख्यमंत्री को समझना चाहिए कि जनता की इच्छा ही लोकतंत्र का आधार होता है। शिंदे सरकार को लगता है कि वह लोगों से श्रेष्ठ हैं।
आदित्य ने सरकार को नसीहत दी कि विश्वास बनाया जाता है, न कि खरीदा और थोपा जाता है। सबसे अहम महाराष्ट्र को प्रेम और विश्वास से जीत सकते हैं, न कि नफरत, बल या विश्वासघात से। जबकि महाराष्ट्र सरकार का दावा है कि बारसू में लाठीचार्ज नहीं किया गया। लोगों की सहमति से ही इस प्रोजेक्ट पर विचार किया जाएगा। फिलहाल बारसू में मिट्टी का परीक्षण किया जा रहा है, परीक्षण का जो भी नतीजा आएगा उसके बाद इस प्रोजेक्ट पर फैसला लिया जाएगा।
नई दिल्ली / शौर्यपथ /
आज आठवें दिन भी देश की राजधानी में पहलवानों का धरना जारी है जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं। यौन शोषण के विरोध में रेसलर्स के धरने के बीच दिल्ली पुलिस ने 7 लेडी रेसलर्स को सुरक्षा मुहैया कराई है। उन महिला रेसलर्स को सुरक्षा दी गई है जिन्होंने यौन शोषण की FIR दर्ज कराई है। इन लेडी रेसलर्स को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सुरक्षा मुहैया कराई गई है। आरोप लगाने वाली सभी 7 लेडी रेसलर्स का जल्द बयान दर्ज होगा। बयान दर्ज करने के लिए दिल्ली पुलिस ने 7 लेडी रेसलर्स से संपर्क किया है।
एक उद्योगपति ने रची है सारी साजिश- बृजभूषण
वहीं, यौन शोषण के आरोपी बृजभूषण सिंह ने आज बहुत बड़ा दावा कर इस मामले को एक नया रंग दे दिया है। बृजभूषण ने आरोप लगाया है कि यौन शोषण के आरोप की साजिश हजारों करोड़ की संपत्ति वाले एक उद्योगपति ने रची है। अगर उन्होंने उस उद्योगपति का नाम लिया तो जान को खतरा हो सकता है। बृजभूषण ने आज ये भी कहा कि साक्षी मलिक और विनेश फोगाट ने अपना बयान बदल दिया है। पहले उन्होंने ऑन कैमरा कहा था कि उनका शोषण नहीं हुआ है लेकिन जांच कमेटी के सामने उन्होंने अपना बयान बदल दिया।
'धरने पर जो भी बैठे हैं, वो हुड्डा की एकेडमी के हैं'
बृजभूषण यहीं पर नहीं रुके। उन्होंने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि धरने पर जो भी बैठे हैं, वो हुड्डा की एकेडमी के हैं। इनके टारगेट पर प्रधानमंत्री मोदी हैं।
बृजभूषण शरण सिंह धरने को सियासी साज़िश बता रहे हैं। बृजभूषण ने ये दावा इसलिए किया क्योंकि हर रोज बड़े-बड़े नेता जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं। वे सभी रेसलर्स का समर्थन कर रहे हैं और सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टारगेट किया जा रहा है। आज रॉबर्ट वाड्रा और दलित नेता चंद्रशेखर जंतर-मंतर पहुंचे। कल प्रियंका गांधी और अरविंद केजरीवाल पहुंचे थे। इनसे पहले सत्यपाल मलिक, पप्पू यादव, भूपेंद्र हुड्डा, दीपेंद्र हुड्डा और जयंत चौधरी धरने पर बैठे रेसलर्स से जाकर मिल चुके हैं। सबका एक ही एजेंडा है, सबके टारगेट पर प्रधानमंत्री मोदी हैं।
भोपाल : शौर्यपथ :
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अक्सर अपने बयानों की वजह से चर्चा में रहते हैं। इस बार वह इसलिए चर्चा में हैं क्योंकि सागर में उनकी भागवत कथा के दौरान करीब 95 लोगों ने धर्म परिवर्तन किया है। इन लोगों ने धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद लेकर घर वापसी की है और इनका कहना है कि उन्होंने लालच की वजह से ईसाई धर्म अपना लिया था और अब भागवत कथा सुनकर फिर से सनातन धर्म में वापस आ गए हैं।
ईसाई धर्म से सनातन धर्म में वापसी करने वाले लोगों पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सनातन धर्म से विमुख हुए लोगों की घर वापसी का अभियान जारी रहेगा। जब तक जिंदा रहूंगा, अभियान चलता रहेगा। बता दें कि बारिश के बाद भी सागर के बहेरिया में चल रही भागवत कथा के आखिरी दिन हजारों लोगों की भीड़ जुटी थी।
हालही में धीरेंद्र शास्त्री उस समय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने हयवंशी क्षत्रिय समाज के आराध्य देव राजराजेश्वर सहस्त्र बाहू महाराज पर टिप्पणी की थी। इसे लेकर हैहयवंशी समाज एमपी से लेकर छत्तीसगढ़ तक थाने में शिकायत दर्ज करा रहा था। दरअसल, परशुराम जयंती के मौके पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने भक्तों से सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े हुए थे और तमाम प्रश्नों के जवाब दे रहे थे।
इसी दौरान उन्होंने भगवान परशुराम के बारे में बताना शुरू किया और कहा कि ये क्षत्रिय अचानक से प्रकट कहां से हो जाते थे, इस पर थोड़ी सी चर्चा करते हैं। सहस्त्रबाहु जिस वंश से था, उस वंश का नाम था हैहय वंश। हैहय वंश के विनाश के लिए भगवान परशुराम ने फरसा अपने हाथ में उठाया। हैहय वंश का राजा बड़ा ही कुकर्मी, साधुओं पर अत्याचार करने वाला था। बाबा बागेश्वर का यही बयान देशभर में हैहय वंश समाज को नागवार गुजरा। एमपी के सीहोर में हैहय वंश समाज ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई और चेतावनी दी कि अगर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री माफी नहीं मांगेंगे तो पूरे देश में FIR दर्ज कराई जाएगी।
नई दिल्ली / शौर्यपथ /
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों का धरना आठवें दिन भी जारी है. इस प्रदर्शन के दौरान पहलवानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने लिए इंसाफ की मांग उठाई है. इस विरोध प्रदर्शन में बजरंग पुनिया ने कहा, जब तक इंसाफ नहीं होगा, हमारी लड़ाई जारी रहेगी. पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा वो (फेडरेशन) इस आंदोलन को दूसरा रूप देना चाहते हैं. हमें कोर्ट पर पूरा भरोसा है. पहलवानों ने स्पष्ट किया, हम कोई कब्जा नहीं चाह रहे हैं.
पहलवान बजरंग पुनिया ने परिवारवाद के मुद्दे पर कहा, सारा परिवारवाद वहीं हो रहा है और आरोप हम पर लगा रहे हैं. उन्होंने कहा, किसी खिलाडी का क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि बृजभूषण का क्रिमनल रिकॉर्ड है.
'कई राज्यों के खिलाड़ी कर रहे समर्थन'
वहीं विनेश फोगाट ने कहा, कानूनी प्रक्रिया पर हम कुछ नहीं कहेंगे? कई राज्यों से खिलाड़ी समर्थन कर रहे हैं. इसके अलावा विनेश फोगाट ने कहा कि प्रधानमंत्री हमारे मन की बात भी सुनें. करोड़ों लोग हमारे समर्थन में बैठे हैं, यही हमारी ताकत हैं. उन्होंने कहा कि हमें नॉलेज नहीं कि कितने सांसद और विधायक हैं.
विनेश फोगाट ने कहा कि प्रधानमंत्री हमारे मन की बात भी सुनें. करोड़ों लोग हमारे समर्थन में बैठे हैं, यही हमारी ताकत हैं. उन्होंने कहा कि हमें नॉलेज नहीं कि कितने सांसद और विधायक हैं.
बृजभूषण शरण सिंह पर साधा निशाना
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बजरंग पुनिया ने कहा, हमारी लड़ाई चुनाव के लिए नहीं है. उन्होंने WFI अध्यक्ष को लेकर कहा, बृजभूषण अब भी मुस्कुराते हुए बोल रहा है. ऐसे इंसान को मंच नहीं देना चाहिए. वे बोले, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार करना चाहिए.
बजरंग पुनिया ने कहा, WFI अध्यक्ष बृजभूषण ने कौन सा बड़ा काम किया जो उसे फूल माला पहनाई जा रही है. इससे बड़ा अपराधी हिंदुस्तान में कोई नहीं है.
बृजभूषण के खिलाफ FIR दर्ज
आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के संबंध में दो प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थीं. महिला पहलवानों से मिली शिकायतों के आधार पर कनॉट प्लेस थाने में दर्ज दो एफआईआर में गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पहली प्राथमिकी एक नाबालिग द्वारा लगाए गए आरोपों से संबंधित है, जिसमें बाल यौन शोषण के खिलाफ कानून (पोक्सो) के तहत भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराएं जोड़ी गई हैं.
'खिलाड़ियों को घर चले जाना चाहिए'
बृजभूषण शरण सिंह ने पहलवानों के आरोपों के मुद्दे पर कहा है कि वह खिलाड़ियों की कृपा से नहीं, बल्कि जनता के दम पर सांसद बने हैं और आगे भी बने रहेंगे. उन्होंने रेसलर्स के लिए कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जो भरोसा दिया था, उसके हिसाब से तो कुश्ती खिलाड़ियों को अपने घर चले जाना चाहिए.( एजेंसी)
नई दिल्ली. शौर्यपथ. जाकिर नगर इलाके में दो पक्षों के बीच युवती को लेकर हुए विवाद के बाद 28 अप्रैल की रात को चाकूबाजी हो गई। दोनों पक्षों ने करीब आधा घंटे जमकर हंगामा किया। चाकूबाजी के दौरान पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को होली फैमली अस्पताल में भर्ती किया गया। अस्पताल में मृतक मोहम्मद शेयान की मौत हो गई। घायलों को हालत गंभीर होने पर एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती रैफर कर दिया गया। सूचना के बाद जामिया नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दंगे की धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने घायल अफजाल के बयान पर हत्या, हत्या का प्रयास और दंगा फैलाने की धारा में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। पुलिस उपायुक्त राजेश देव ने बताया कि मृतक मोहम्मद शेयान परिवार के साथ जाकिर नगर में रहता था। हमले के दौरान आदिब, मो. सेहल जाफर, मो. अफजाल, श्याम घायल हो गए। एम्स में भर्ती मो. अफजाल ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि उनके इलाके में रहने वाले मो. बिलाल की प्रेमिका उसे छोड़कर चली गई है। अंजाम भुगतने की दी थी धमकी
बिलाल को शक था कि उसकी दोस्ती आदिब के साथ है और उसकी प्रेमिका आदिब के चलते ही उसे छोड़ कर गई है। बिलाल ने आदिब को इसका अंजाम भुगतने की धमकी भी दी थी। 28 अप्रैल की रात करीब 9:30 बजे दोनों की फोन पर बात हुई और मामले की सुलझाने के लिए गली नंबर छह में बैठक बुलाई गई। बिलाल अपने दोस्त शोएब, ताबिश, हमजा, साबिर और सात अन्य लोगों के साथ पहुंचा था।
दोनों के बीच झगड़ा
दोनों पक्षों में युवती को लेकर बात शुरू हुई। बिलाल का कहना था कि आदिब ने उसकी प्रेमिका से दोस्ती कर उसे छोड़ने के लिए कहा है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया । बिलाल के साथ मौजूद ताबिश ने चाकू निकाल लिया और शेयान पर हमला कर दिया। आधा घंटे तक गली में चलता रहा बवाल
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से जब हंगामा शुरू कर हुआ तो लोग अपने घरों में घुस गए। आरोपियों के पास हथियार मौजूद थे। एक युवक को चाकू मारने के बाद बाकी हमलावरों ने भी चाकू निकाल लिए थे। बिलाल के साथियों ने आदि के साथियों को सड़क पर गिराकर जमकर पीटा। आरोपियों ने घायलों पर चाकू से वार किए और मौके से फरार हो गए।
घायलों के शरीर पर आधा आधा दर्जन वार
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपियों ने घायलों पर हत्या के इरादे से हमला किया था। आरोपी बातचीत के लिए ही अपने साथ हथियार लेकर आए थे। हंगामा शुरू होने के बाद सभी ने हथियार निकाल लिए और आदिब और उसके दोस्तों पर हमला किया। सभी घायलों के शरीर पर आधा दर्जन से ज्यादा वार है। दो घायलों की स्थति गंभीर बनी हुई है। वारदात के बाद इलाके में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है।
रायपुर । शौर्यपथ । नक्सली हमलों की बात की जाए तो छत्तीसगढ़ देश का दूसरा सबसे प्रभावित राज्य है । छत्तीसगढ़ के एक दर्जन से ज्यादा जिले नक्सली प्रभावित क्षेत्र में आते हैं छत्तीसगढ़ ने औसतन प्रति वर्ष 350 सौ नक्सली हमले होते हैं जिसमें हमारे देश के वीर जवान शहीद पाली में हुए दंतेवाड़ा नक्सली हमले में जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय बैठक एवं इस मामले में केंद्रीय मंत्री अमित शाह से चर्चा की वही इंसान है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भरोसा दिया केंद्र छत्तीसगढ़ में नक्सली अभियान के लिए हर संभव मदद करेगी ।
साल 2022 में जहां छत्तीसगढ़ में 300 नक्सली हमले हुए और हमारे 10 जवान शहीद हुए वहीं साल 2023 में 4 महीनों में ही 17 जवान शहीद हो चुके हैं ऐसे में अब देखना यह है कि प्रदेश और केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ में नक्शा क विरुद्ध अपने अभियान में कितनी तेजी लाते हैं ।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
