October 04, 2026
Hindi Hindi▼

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    भारत

    भारत (1112)

    नई दिल्ली. शौर्यपथ . देश में शनिवार (22 अप्रैल) को ईद और अक्षय तृतीया का त्योहार मनाया जा रहा है. सुबह से ही लोग मस्जिदों और मंदिरों में पहुंच रहे हैं. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को ईद-उल-फितर और अक्षय तृतीया की बधाई दी है. ईद की बधाई देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारे समाज में सद्भाव और करुणा की भावना को आगे बढ़ाया जाए. मैं सभी के अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण के लिए प्रार्थना करता हूं. वहीं, तमाम और नेताओं ने भी ईद और अक्षय तृतीया पर जनता को शुभकामनाएं दी हैं. 

    ईद उल फितर के मौके पर पटना के गांधी मैदान में लोगों ने नमाज अदा की. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी मैदान का दौरा किया. उन्होंने सभी को ईट की मुबारकबाद दी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सभी को ईद की मुबारकबाद दी. उन्होंने ट्वीट कर कहा ईद मुबारक, यह शुभ त्योहार सभी के लिए शांति, खुशी और समृद्धि लाए. 

    कोण्डागांव। शौर्यपथ । 

    जिला प्रशासन एवम यूनिसेफ के सयुक्त तत्वधान में चलाए जा रहे सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम का अवलोकन यूनिसेफ इंडिया प्रमुख जलपा रत्ना ने किया। इस कार्यक्रम में सामुदायिक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य पर लोगों को किस प्रकार लाभ हो रहा है इसका अवलोकन सहित युवोदय कोंडानार चैम्प स्वयंसेवकों से जानकारी प्राप्त किया। जिसमें कोंडानार चैम्प स्वयंसेवकों द्वारा मानसिक स्वास्थ्य पर किए जा रहे कार्य के बारे में स्वयं के अनुभवों को सांझा किया और बताया कि मानसिक स्वास्थ्य पर हर वर्ग में कार्य कर रहे हैं स्वयं सेवकों से संवाद एवं उनके कार्यों की झलक पाकर यूनिसेफ भारत प्रमुख जलपा रत्ना ने स्वयंसेवकों को प्रोत्साहन भी किया । इसके अलावा यूनिसेफ जिला सलाहकार उन्नति अरोरा ने जिला प्रशासन एवं यूनिसेफ के साथ चलाये जा रहे मंथन परियोजना के अंतर्गत स्कूलों में बच्चों को दिए जा रहे मानसिक स्वास्थ्य की जानकारी, आदिवासी आवासीय संस्थानों में मानसिक शिक्षा, छात्रावास अधीक्षकों को दिए जा रहे मानसिक स्वास्थ्य के प्रशिक्षण, बालगृह में मनोसामाजिक देखभाल, मनोवैज्ञानिक प्राथमिक चिकित्सा के प्रचार प्रसार, लोगों में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए किए जा रहे कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी जिसपर यूनिसेफ प्रमुख द्वारा हर्ष जाहिर किया गया।

    इसके पश्चात यूनिसेफ भारत प्रमुख जलपा रत्ना ने कलेक्टर दीपक सोनी से मुलाकात करते हुए कोण्डागांव जिले में चलाए जा रहे सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की जानकारी प्राप्त कर उन्हें शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर जिला प्रशासन के साथ यूनिसेफ के चलाये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के साथ भविष्य में सहयोग एवं संयुक्त कार्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। यूनिसेफ प्रमुख ने युवोदय कोंडानार चैंप्स कार्यालय का भी अवलोकन किया। जिसमें मानसिक स्वास्थ्य पर गतिविधि हेतु सामग्री की जानकारी लेते हुए उपयुक्त सामग्री की जानकारी जिला समन्वयक अशोक पांडे सहित राज्य प्रमुख दानिश खातून के द्वारा दिया गया ।

    इस अवसर पर यूनिसेफ छत्तीसगढ़ राज्य प्रमुख जॉब जकारिया, एसबीसीसी स्पेशलिस्ट अभिषेक सिंह, चाईल्ड प्रोटेक्शन स्पेशलिस्ट , चेतना देसाई, छत्तीसगढ़ एग्रीकॉर्न समिति के राज्य समन्वयक दानिश खातून, यूनिसेफ जिला स्लाहलार उन्नति अरोरा एवं योगेश पुरोहित सहित युवोदय कोंडानार चैंप्स स्वयंसेवक उपस्थित रहे ।

    छत्तीसगढ़ की विशेष परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए आरक्षण के संशोधित प्रावधान को संविधान की नवमी अनुसूची में शामिल करने का किया अनुरोध*

    *छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा दिसम्बर 2022 में पारित आरक्षण (संशोधन) विधेयक में विभिन्न वर्गों को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने का किया गया है प्रावधान*

    *छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति को 32 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत और ई.डब्ल्यू.एस. को 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है* 

     

    रायपुर । शौर्यपथ ।  मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा दिसम्बर 2022 में राज्य के विभिन्न वर्गों अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और ई.डब्ल्यू.एस. के लोगों को जनसंख्या के आधार पर आरक्षण देने के उद्देश्य से पारित विधेयक के अनुसार आरक्षण के संशोधित प्रावधान को संविधान की नवमीं सूची में शामिल करने का आग्रह किया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा दिसम्बर 2022 में पारित आरक्षण (संशोधन) विधेयक में राज्य में अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति को 32 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत और ई.डब्ल्यू.एस. को 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य की विशेष परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए आरक्षण के संशोधित प्रावधान को नवमीं सूची में शामिल कराए जाने से ही वंचितों एवं पिछड़े वर्ग के लोगों को न्याय प्राप्त हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से इसके लिए सर्वसंबंधितों को निर्देशित करने का आग्रह किया है। 

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ की कुल आबादी में 32 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति, 13 प्रतिशत अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के 42 प्रतिशत लोग शामिल हैं। राज्य का 44 प्रतिशत भाग वनों से आच्छादित है तथा बड़ा भू-भाग दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों से घिरा हुआ है। इन सब कारणों से ही राज्य के मैदानी क्षेत्रों को छोड़कर अन्य भागों में आर्थिक गतिविधियां संचालित करने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की 2012 की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में गरीबों की संख्या देश में सर्वाधिक (40 प्रतिशत लगभग) थी। राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों की सामाजिक-आर्थिक तथा शैक्षणिक दशा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों की तरह ही कमजोर है। इन वर्गों के 3/4 भाग कृषक सीमांत एवं लघु कृषक हैं तथा इनमें बड़ी संख्या में खेतिहर मजदूर भी हैं।

    मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि राज्य में वर्ष 2013 से अनुसूचित जातियों, जनजातियों एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों हेतु क्रमशः 12, 32 एवं 14 प्रतिशत (कुल 58 प्रतिशत) आरक्षण का प्रावधान किया गया था, जिसे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा वर्ष 2022 में निरस्त किया गया। राज्य की विधानसभा द्वारा दिसम्बर 2022 में पुनः सर्वसम्मति से विधेयक पारित कर विभिन्न वर्गों की जनसंख्या के आधार पर अजा, अजजा, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं ई.डब्ल्यू. एस. के लोगों के लिये आरक्षण का संशोधित प्रतिशत क्रमशः 13, 32, 27 एवं 4 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया। यह विधेयक वर्तमान में महामहिम राज्यपाल के पास अनुमोदन हेतु लंबित है।

    सर्वाेच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ द्वारा नवम्बर 2022 में ई.डब्ल्यू.एस. वर्ग के लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय को वैध ठहराये जाने से आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हो चुका है। विगत माह में झारखण्ड एवं कर्नाटक विधानसभा में विभिन्न वर्गों हेतु आरक्षण का प्रतिशत 50 से अधिक करने के प्रस्ताव पारित किये गये हैं।

    यह उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु राज्य, जहां प्रति व्यक्ति आय छत्तीसगढ़ से बहुत अधिक है, में तथा पूर्वाेत्तर के अनेक राज्यों में जनजातियों एवं पिछड़ा वर्ग हेतु आरक्षण 50 प्रतिशत की सीमा से अधिक है। छत्तीसगढ़ राज्य की भी विशेष परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए संशोधित प्रावधान को संविधान की नवमी अनुसूची में शामिल कराये जाने से ही वंचितों एवं पिछड़े वर्गों के लोगों को न्याय प्राप्त हो सकेगा। अनुरोध है कि इस हेतु सर्व संबंधितों को निर्देशित करने का कष्ट करें।

    भोपाल। शौर्यपथ। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का रीवा की पुण्य-धरा पर आगमन विन्ध्य के लिये अनेक सौगातें लेकर आयेगा। उनका आगमन मध्यप्रदेश के लिये सौभाग्य है। प्रधानमंत्री का विन्ध्य की धरा पर परंपरानुसार ऐतिहासिक स्वागत हो।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज रीवा में 24 अप्रैल पंचायती राज दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आगमन की तैयारियों का एसएएफ ग्राउंड पहुँच कर जायजा लिया और अधिकारियों की बैठक कर आवश्यक निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस का शुभारंभ कर पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे। उनके द्वारा 7 हजार करोड़ रूपये की लागत से प्रस्तावित जल जीवन मिशन योजना का शिलान्यास किया जायेगा। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के 4 लाख से अधिक हितग्राहियों को गृह प्रवेश और स्वामित्व अधिकार के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये जायेंगे।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर राज्य-स्तरीय प्रदर्शनी एवं रीवा जिले की उपलब्धियों पर केन्द्रित प्रदर्शनी लगायी जाये। जिला स्तर की प्रदर्शनी में बाणसागर बाँध से सिंचाई क्षमता में वृद्धि एवं उत्पादन में वृद्धि, सड़कों का जाल एवं टनल का निर्माण, गुढ़ में स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र तथा मुकुन्दपुर में व्हाईट टाईगर सफारी, बसावन मामा गो-वंश और वन्य विहार को प्रदर्शित किया जाये। उन्होंने मंच व्यवस्था सहित आमजन के लिये की जा रही बैठक और पार्किंग व्यवस्था, हेलीपेड से कार्यक्रम स्थल तक की व्यवस्था आदि का अवलोकन कर आवश्यक निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संस्कृति विभाग से समन्वय कर लोक कलाकार एवं लोक नर्तकों के विशाल समूह के कार्यक्रम भी करायें जायें। प्रधानमंत्री के आगमन पर मध्यप्रदेश के विभिन्न अंचलों के लोक नृत्यों की प्रस्तुति कर स्वागत किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर सभी पंचायत प्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं, लाड़ली बहनों और विभिन्न शासकीय योजना से लाभांवित हितग्राहियों को आमंत्रित किया जाय। कार्यक्रम सभी के समन्वय से हो। रीवा शहर के घरों में पीले चावल देकर लोगों को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाय। साथ ही प्रबुद्ध वर्ग, स्वयंसेवी संगठनों आदि की भी सहभागिता सुनिश्चित हो।

    इस दौरान खजुराहो सांसद श्री व्ही.डी. शर्मा, प्रभारी मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह, सांसद श्री जनार्दन मिश्रा, पूर्व मंत्री एवं रीवा विधायक श्री राजेन्द्र शुक्ल सहित जन-प्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

    भोपाल । शौर्यपथ। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर में “अम्बेडकर महाकुंभ” में कहा कि इस सुअवसर पर हम प्रदेश के विकास और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिये “पंच क्रांति” की बात करने आए हैं। पंच क्रांति में शिक्षा की क्रांति, रोजगार की क्रांति, आवास अर्थात रहने के लिये जमीन की क्रांति एवं सभी वर्गों के सम्मान की क्रांति शामिल है। उन्होंने ग्वालियर में बाबा साहब अम्बेडकर धाम और संस्थान स्थापित करने के लिये स्थल उपलब्ध कराने और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के उद्देश्य से समस्त पिछड़ी उप जातियों के अलग-अलग बोर्ड बनाने की घोषणाएँ कीं।

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बाबा साहब ने कहा था कि शिक्षित रहोगे तो आगे बढ़ोगे। इसी भाव के साथ प्रदेश सरकार ने शिक्षा की क्रांति के तहत श्रमोदय विद्यालय और ज्ञानोदय जैसे विद्यालय खोले हैं। छात्रावासों की स्थापना की है। साथ ही यदि किसी बच्चे को छात्रावास उपलब्ध नहीं हो पाता तो कमरे का किराया भी सरकार भर रही है। मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे पाठ्यक्रमों और विदेश में पढ़ाई की फीस भी सरकार भर रही है। प्रदेश में अब हिंदी में भी मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की गई है। कायाकल्प अभियान में छात्रावासों की व्यवस्था बेहतर की जा रही है।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में दूसरी क्रांति रोजगार की क्रांति के रूप में चल रही है। प्रदेश में एक लाख 24 हजार पदों पर शासकीय भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को संत रविदास स्व-रोजगार योजना में एक लाख से 50 लाख एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना में 10 हजार से एक लाख रूपए तक का ऋण-अनुदान उपलब्ध करा रही है। पढ़े-लिखे बच्चों को अलग-अलग औद्योगिक सेक्टर का काम सिखाने के साथ-साथ हर बच्चे को 8 हजार रूपए प्रतिमाह मानदेय भी दे रही है।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में तीसरी क्रांति आवास अर्थात रहने के लिये जमीन की क्रांति है। गरीब व्यक्ति के लिए रहने के लिए भूमि और आवास की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री आवासीय भू अधिकार योजना में सरकार द्वारा हर गरीब परिवार को रहने के लिए भूखंड का पट्टा दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में बहनों का सशक्तिकरण चौथी क्रांति है। लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, संबल योजना, पंचायत निर्वाचन में महिलाओं को आरक्षण, शिक्षकों और पुलिस की भर्ती में आरक्षण, रजिस्ट्री स्टांप शुल्क में छूट और अब लाड़ली बहना योजना से बहनों की जिंदगी में व्यापक बदलाव आया है। समाज में उनका सम्मान बढ़ा है और वे सशक्त और आत्मनिर्भर हो रही है। लाड़ली बहना योजना में आगामी 10 जून से बहनों के खाते में एक हजार रूपए पहुँचाए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में पाँचवीं क्रांति सब के सम्मान की क्रांति है। प्रदेश में समाज के हर वर्ग के सम्मान और प्रगति के लिए सामाजिक क्रांति चल रही है। उन्होंने घोषणा की कि समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिये समस्त पिछड़ी उप जातियों के बोर्ड बनाए जायेंगे। हर बोर्ड में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य नियुक्त होंगे, जो अपने-अपने समाज की समस्याओं का पता लगाकर बतायेंगे। इस आधार पर सभी वर्गों के कल्याण के लिये नई योजनाएँ बनाई जायेंगी। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों का कल्याण और सामाजिक समरसता हमारे विकास का मूल मंत्र है।

    नई दिल्ली । लखनऊ । शौर्यपथ ।  प्रयागराज में अतीक अहमद और अशरफ की हत्‍या के बाद अखिलेश यादव के बाद अब मायावती ने भी योगी सरकार पर हमला बोला है। उन्‍होंने रविवार सुबह लगातार दो ट्वीट किए। उन्‍होंने लिखा है- 'गुजरात जेल से अतीक अहमद और बरेली जेल से लाए गए उनके भाई अशरफ की प्रयागराज में कल रात पुलिस हिरासत में ही खुलेआम गोली मारकर हुई हत्या, उमेश पाल जघन्य हत्याकाण्ड की तरह ही, यूपी सरकार की कानून-व्यवस्था और उसकी कार्यप्रणाली पर अनेकों गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करती है।'

    अपने दूसरे ट्वीट में बसपा चीफ ने लिखा है- 'देश भर में चर्चित इस अति-गंभीर और अति-चिन्तनीय घटना का माननीय सुप्रीम कोर्ट अगर स्‍वयं ही संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करे तो बेहतर। वैसे भी उत्तर प्रदेश में कानून द्वारा कानून के राज के बजाय, अब इसका एनकाउंटर प्रदेश बन जाना कितना उचित? सोचने की बात।'

    अखिलेश और ओवैसी ने भी उठाए हैं ढेरों सवाल

    आपको बता दें कि शनिवार रात करीब साढ़े बजे प्रयागराज में कॉल्विन हॉस्पिटल के पास अतीक अहमद और अशरफ मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान अचानक से आए तीन युवकों ने दोनों भाइयों पर ताबड़तोड़ गोलियों की बरसात कर दी। सिर पर गोली लगने से अतीक और अशरफ की मौत हो गई। अखिलेश यादव और असदुद्दीन ओवैसी जैसे विपक्षी नेताओं ने रात में ट्वीट करते हुए योगी सरकार की कानून व्‍यवस्‍था पर ढेरों सवाल उठाए थे।

    नई दिल्ली । शौर्यपथ । अतीक अहमद और अशरफ की शनिवार रात हुई हत्या को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। जहां यूपी में इस घटना को लेकर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, विपक्ष भी इस मुद्दे पर जबरदस्त तरीके से हमलावर है। एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को इस घटना को लेकर यूपी सरकार पर हमला बोला। 

    उन्होंने कहा कि मैं शुरुआत से कह रहा था कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार कानून के राज के तहत सरकार को नहीं चला रही है, बल्कि बंदूक के राज पर चला रही है और ये 2017 से ही जारी है। उन्होंने कहा कि यह एक कोल्ड ब्लडेड मर्डर यानी नृशंस हत्या थी। ओवैसी ने कहा कि यह घटना यूपी में कानून के राज पर भी सवाल उठाती है। क्या इस घटना के बाद जनता का संविधान और कानून पर विश्वास रह जाएगा। 

    ओवैसी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि कोई जाकर फौरन किसी को गोली मार दे। आप हमलावरों के हथियार चलाने का तरीका देखें। जिस तरीके से वो लोग आए। उनका हाथ एकदम ठहरा हुआ है। मुझे भी हथियार चलाना आता है। मैंने भी सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग ली है। उनका हाथ हिल नहीं रहा है, गोली चलाते वक्त। उनकी आंख उन लोगों पर है। उन्हें मालूम है कि पहले किस जगह पर मारना है। तो ये एक नृशंस हत्या है। हमलावर प्रोफेशनल हैं। इसमें उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार का कितना रोल है? ये कौन लोग हैं, जो पुलिस की मौजूदगी में, मीडिया की मौजूदगी में इन लोगों की हत्या कर दें? इस मामले की सुप्रीम कोर्ट द्वारा जांच कराई जानी चाहिए

    ओवैसी ने मांग की कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक कमेटी द्वारा मामले की जांच होनी चाहिए। मैं सुप्रीम कोर्ट से दरख्वास्त करता हूं कि वह इस मामले में स्वतः संज्ञान ले और वह एक कमेटी बनाए, जो समयानुसार मामले की जांच करे। उस टीम में यूपी का कोई भी अफसर नहीं होना चाहिए।

    नई दिल्ली । लखनऊ। शौर्यपथ ।  माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की शनिवार को हत्या कर दी गई है। इस घटना के बाद से ही उत्तर प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। इसी के चलते प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य समेत सभी मंत्रियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सुरक्षा की दृष्टि से यह फैसला लिया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, यूपी सरकार के अगले आदेश तक प्रदेश के मंत्रियों से फिलहाल किसी को मिलने की इजाजत भी नहीं है।

    साथ ही, शूटआउट के बाद से पुरे प्रदेश की पुलिस भी हाई अलर्ट पर है। इसी क्रम में सीएम योगी के क्षेत्र गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। वहीं, राज्य के सभी 75 जिलों में धारा 144 भी लागू है।

    नई दिल्ली । शौर्यपथ । गृह विभाग द्वारा कमीशन ऑफ इनक्वायरी एक्ट 1952 के तहत 15 अप्रैल को प्रयागराज में हुई अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के घटनाक्रम की विस्तृत जांच हेतु न्यायिक आयोग गठित किया गया. इसके लिए गृह विभाग द्वारा औपचारिक आदेश निर्गत किए गए हैं, तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग दो महीने के अंदर पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट शासन को सौंपेगा.

    अतीक-अशरफ हत्याकांड पर बीजेपी का कड़ा रुख

    माफिया अतीक अहमद और अशरफ की मौत पर बीजेपी हाईकमान का भी कड़ा रुख है. बीजेपी हाईकमान इस मसले की पल पल की जानकारी ले रहा है और हाईकमानव नेताओं की बयानबाजी को लेकर नाखुश है. वहीं मंत्री स्वतंत्र देव के ट्वीट और मंत्री सुरेश खन्ना की बाइट से भी बीजेपी हाइकमान नाखुश है. इसके साथ ही सभी नेताओं को इस मसले पर मीडिया से दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं.

    जिगाना पिस्टल का चित्रकूट जेल शूटआउट में भी हुआ था इस्तेमाल 

    माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या जिगाना पिस्टल से की गई है. इस जिगाना पिस्टल का चित्रकूट जेल शूटआउट में इस्तेमाल हुआ था, आरोपी सनी के चित्रकूट जेल शूटआउट के लिंक की भी जांच हो रही है.

    अतीक-अशरफ की हत्या के बाद चित्रकूट पुलिस की लोगों से अपील

    अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद प्रयागराज के पड़ोसी जिले चित्रकूट की पुलिस ने आमजनमानस से अपील की है. पुलिस ने अपील करते हुए कहा कि वॉट्सएप, फेसबुक और ट्विटर आदि पर किसी भी प्रकार की सोशल मीडिया पर अफवाह न फैलाएं. प्रयागराज में माफिया डॉन अतीक अहमद व भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में हुई हत्या के बाद पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू है. चित्रकूट पुलिस किसी भी प्रकार चूक नही करना चाहती है, चित्रकूट पुलिस ने संवेदनशील इलाके में गश्त बढ़ा दी है और सोशल मीडिया पर सूचनार्थ पोस्टर जारी कर आमजनमानस से सौहार्द कायम रखने की अपील की है.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision