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गंभीर मरीजों के इलाज में मिलेगी बड़ी मदद, विशेषज्ञ चिकित्सक और आईसीयू स्टाफ नर्स पूरे समय मरीजों के केअर के लिए रहेंगे मौजूद
दुर्ग / शौर्यपथ / चंदूलाल चंद्राकर कोविड केयर हॉस्पिटल में 25 वेंटीलेटर युक्त आईसीयू फंक्शनल हो गया है। यहां पर सभी वेंटिलेटर फंक्शनल हो गए हैं तथा मरीजों के केयर के लिए मेडिकल स्टाफ नियुक्त कर दिया गया है। इसके शुरू हो जाने से अब क्रिटिकल मरीजों का बेहतर इलाज हो पाएगा। अस्पताल के नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर अरुण वर्मा ने बताया कि कोविड की दूसरी लहर की आपात स्थिति से निपटने बेहद कम समय में कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे के निर्देश पर एवं भिलाई निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के मार्गदर्शन में हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने यह समयसाध्य काम पूरा किया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए हॉस्पिटल के मेडिकल नोडल ऑफिसर डॉ. अनिल शुक्ला ने बताया कि 25 वेंटिलेटर यहां पर लगा दिए गए हैं। बायोमेडिकल इंजीनियर इनकी टेस्टिंग कर चुके हैं। अब क्रिटिकल मरीजों को जरूरत के मुताबिक आईसीयू में शिफ्ट किया जाएगा। आईसीयू के लिए पालियों में डॉ. की आईसीयू स्टाफ नर्स की ड्यूटी लगा दी गई है। डॉ. शुक्ला के अलावा डॉ. अजय ठाकुर एवं डॉ. मनोज दानी आईसीयू केयर की मॉनिटरिंग करेंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए डॉ. सुगम सावंत ने बताया कि आईसीयू मैनेजमेंट के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
इसके लिए पिछले दिनों रिक्रूटमेंट किए गए थे और उस के माध्यम से स्टाफ नर्स नियुक्त कर लिया गया है। साथ ही चिकित्सकों की भी पर्याप्त व्यवस्था है। वेंटिलेटर बेड्स उपलब्ध हो जाने से क्रिटिकल मरीजों को काफी राहत मिलेगी। इससे कम ऑक्सीजन लेवल वाले मरीजों को भी सपोर्ट सिस्टम मिल पाएगा। इसके पहले ऑक्सीजन की आवश्यकता वाले मरीजों को शंकराचार्य हॉस्पिटल शिफ्ट करना पड़ रहा था। अब 25 बेड का आईसीयू आरंभ हो जाने से मरीजों को यह सुविधा मिल पाएगी। अस्पताल के नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर श्री अरुण वर्मा ने बताया कि कलेक्टर महोदय के निर्देश पर और मरीजों की जरूरतों को देखते हुए तेजी से 25 बेड के वेंटीलेटर वाले आईसीयू और एचडीयू बनाने पर रात दिन तेजी से कार्य हुआ और अब आईसीयू पूरी तौर पर फंक्शनल हो गया है। यहां जरूरत के मुताबिक मरीजों को शिफ्ट किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि चंदूलाल चंद्राकर कोविड केयर हॉस्पिटल में मरीजों की आवश्यकता के मुताबिक तेजी से संसाधन बढ़ाए गए। यहां अतिरिक्त चिकित्सकों एवं स्टाफ नर्स की नियुक्ति की गई। ऑक्सीजन बेड्स की संख्या तेजी से बढ़ाई गई। साथ ही नॉर्मल बेड्स की संख्या भी बढ़ाई गई। इसके अलावा हॉस्पिटल मैनेजमेंट को भी निरंतर अपडेट किया गया। साथ ही मरीजों के खाने-पीने की सुविधाएं, दवाओं की उपलब्धता, रेमडेसीवीर जैसी दवाओं की उपलब्धता के संबंध में भी लगातार कार्य किया गया। इसके फलस्वरूप बहुत सारे मरीज जो गंभीर स्थिति में हॉस्पिटल पहुंचे,उन्होंने शानदार रिकवर किया है अब 25 बेड के आईसीयू के शुरू हो जाने से क्रिटिकल मरीजों को भी यहां पर केयर मिल पाएगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर निगम प्रदेश का ऐसा निगम है जो साल दर साल नुक्सान में चल रहा है . दुर्ग निगम की जितनी आय नहीं उससे ज्यादा खर्च होता है . दुर्ग नगर निगम क्षेत्र जो दुर्ग विधायक वोरा का विधान सभा क्षेत्र भी है साथ ही पूर्व सांसद स्व. मोतीलाल वोरा की सांसद निधि का एक बड़ा हिस्सा भी दुर्ग निगम क्षेत्र में ही खर्च होता था अमूमन ६-७ करोड़ की निधि की राशी दुर्ग निगम क्षेत्र में ही खर्च होती थी किन्तु अब स्व. मोतीलाल जी वोरा के देहांत के पश्चात् सिर्फ दुर्ग विधायक की निधि ही दुर्ग विधान सभा में खर्च हो रही है ऐसे में दुर्ग निगम क्षेत्र में जनहित केलिए विधायक की राशी दुर्ग निगम के माध्यम से ही कार्यो के लिए खर्च होती है . विधायक द्वारा निधि तो दी जाती है किन्तु उसका सही उपयोग करने की जवाबदारी अधिकारियो के आंकलन से ही होती है किन्तु दुर्ग निगम में ईई मोहन पूरी गोस्वामी द्वारा विधायक की निधि ऐसे ऐसे कार्यो में खर्च की गयी जो साल भर बाद अब टूटने की कगार में है . और आम जनता के टैक्स के पैसो की लाखो रुपयों की बर्बादी आम जनता के सामने है .
जैसा कि विधायक वोरा ने प्रेस विज्ञप्ति द्वारा कई बार ये जानकारी दी कि शहर के बीच से ६ लेन सडक के निर्माण की कोशिश में लगे है और कई बार इस आशय का जिक्र प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री से भी कर चुके है दो साल के अथक प्रयास केबाद आखिरकार चंदुलाल चंद्राकर हॉस्पिटल चौक से पुलगांव चौक तक ६ लेन सडक निर्माण कार्य को मंजूरी मिल गयी और कार्य भी शुरू हो गया ऐसे में पिछले साल इसी मार्ग में कई प्रतीक्षालय विधायक वोरा की निधि से निगम के द्वारा बनाये गए . प्राप्त जानकारी के अनुसार इसमें सभी निर्माणाधीन प्रतीक्षालय ईई मोहन पूरी गोस्वामी की देख रेख में बने ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि जिस मार्ग पर ६ लेन की योजना का प्रयास विधायक वोरा द्वारा किया जा रहा था उसी मार्ग में ६ लेन की जद में आखिर कार इतने प्रतीक्षालय क्यों बनाए गए .
क्या निगम के ईई मोहन पूरी गोस्वामी पीडब्ल्यूडी विभाग से बिना सामंजस्य बनाए पीडब्ल्यूडी की आधिपत्य की जमीन पर प्रतीक्षालय निर्माण करवाकर शासकीय संपत्ति के नुक्सान के साथ ही दुर्ग विधायक अरुण वोरा की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे है या फिर अपने करीबो ठेकेदारों को कार्य दिलाने के मंशा के तहत विधायक निधि का दुरूपयोग करते आ रहे है . वैसे भी पूर्व में पिछले साल ईई गोस्वामी ऐसे ही निगम के लाखो रूपये खर्च कर पीडब्ल्यूडी के आधिपत्य की डिवाइडर को रंग रोगन भी करा चुके है जबकि उस डिवाईडर को साल भर बाद ६ लेन की जद में आने के कारण और कार्य प्रस्तावित होने के कारण पीडब्ल्यूडी इंतज़ार कर रहा था किन्तु दुर्ग निगम के ईई मोहन पूरी गोस्वामी द्वारा बिना निविदा के अपने करीबियों को कार्य दे दिया गया .
ऐसे ना जाने कितने कार्य हुए है जिसमे दुर्ग निगम के ईई मोहन पूरी गोस्वामी विवादों में रहे . वर्तमान में एक बार फिर आयुक्त निवास में कार्य जोरो पर है किस मद से और किस विभाग की अनुमति से ये जानकारी प्राप्त नहीं हुई किन्तु लाखो रूपये का निर्माण कार्य नए आयुक्त के बंगले पर जोरो पर है . क्या दुर्ग निगम के अधिकारी एक घाटे में चल रहे निगम के राजस्व के साथ इस तरह खिलवाड़ करते रहेंगे और जनप्रतिनिधि मौन रहेंगे . आखिर दुर्ग विधायक छोटे छोटे भ्रष्टाचार पर आक्रामक होते है तो फिर इस ततरह लाखो रूपये की बर्बादी पर मौन क्यों है क्या विधायक निधि पर जनता का हक नहीं या फिर विधायक निधि का उपयोग सिर्फ प्रचार प्रसार के लिए ही ईस्तमाल होता रहेगा .
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग के अहिवारा क्षेत्र में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है जिसमे नंदनी थाने के एसआई और आरक्षक पर 30 हजार रूपये लेकर भी कार्यवाही की बात सामने आयी है . सरपंच पति ने अपने साथ हुए इस घटना की शिकायत एसपी दुर्ग को की .मुलाकात ना होने की स्थिति में व्हात्तासप्प के माध्यम से शिकायत प्रेषित की एवं फोन कर पुरे घटना की जानकारी दी . एसपी दुर्ग के द्वारा जाँच एवं उचित कार्यवाही की बात कही गयी .
मामला धमधा क्षेत्र के नरेश कुर्रे निवासी डूमर तहसील धमधा जिला दुर्ग जा रात्रि 8 बजे शिकारी डेरा से घर की ओर जा रहा था तो पेट्रोलिंग वाहन को खड़े देखा पेट्रोलिंग वाहन से एसआई अर्जुन पटेल और आरक्षक रोहित यादव ने अवैध शराब बिक्री के लिए नरेश कुर्रे को जिम्मेदार ठराया और नरेश कुर्रे के अनुसार उसके निजी उपयोग की 4 पौव्वा देशी शराब के साथ केस बनाने की बात कही जनप्रतिनिधि होने के नाते बदनामी के डर से उक्त पुलिस अधिकारी की 50 हजार की मांग के बदले 30 हजार देकर मामले को ख़त्म करनी बात हुई किन्तु दुसरे दिन समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला कि मामला बना दिया गया तब नरेश कुमार कुर्रे ने प्रेस विज्ञप्ति ज़ारी कर अपने साथ हुए धोखाधड़ी की जानकारी दी एवं ये संभावना भी जाहिर कि है कि मामले की एसपी दुर्ग से शिकायत करने के कारण उसके साथ कुछ अनिष्ट घटना को अंजाम दिया जा सकता है .
नरेश कुर्रे ने बताया कि पूर्व में कोचिया का कार्य करता था किन्तु पत्नी के ग्राम सरपंच बनने के पश्चात सभी कार्य छोड़ दिए किन्तु पुलिस द्वारा झूठे केस बनाने की धमकी और बदनामी के डर से 30 हजार रूपये दिए किन्तु फिर भी झूठा मामला बना दिया गया और अब शिकायत के बाद जान को भी खतरा नजर आ रहा है .
दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार की जुबां पर ज़रूर न्याय की बात है किंतु हकीकत में वो अन्याय ही करते नज़र आ रही है,मोदी आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष वरुण जोशी ने अपने जारी प्रेस रिलीज में सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा सरकार को प्रदेश में इस संकटकाल के दौरान दवाइयों की हो रही कालाबाजारी पर ऐप बनाकर प्रदेश वासियों को राहत देनी चाहिए थी,अस्पतालों में बेड की जानकारी के लिए ऐप बनानी थी,वो तो भूपेश सरकार कर नहीं पाई उल्टा एक ऐप के माध्यम से अब घर घर शराब पहुंचाने का कार्य करने जा रही है इससे बड़ी शर्मनाक बात नहीं हो सकती,सरकार न्याय योजना के तहत किसानों को किस्त देने जा रही है उससे पहले ही शराब पिलाने की योजना शुरू कर दी गई ताकि एक हाथ से दें और दूसरे हाथ से ले लें,प्रदेश में लगभग डेढ़ महीने से लॉकडाउन लगा हुआ है,हर परिवार आर्थिक रूप कमजोर हो चुका है,ऐसे में जानलेवा शराब पिलाने के लिए सरकार नशेड़ियों को सीधा आमंत्रण दे रही है जिससे उनके परिवार को भी आर्थिक और स्वास्थ्य का नुकसान ही होगा और कहीं न कहीं बिना रोजगार के लोग नशे के लिए अपराध को भी अंजाम देने से नहीं कतराएंगे, .
ढाई साल की सरकार किसी भी वर्ग के साथ न्याय नहीं कर पाई,युवाओं को बेरोजगारी भत्ता तो दिया नहीं उल्टा जीवनरक्षक वैक्सिन के लिए भी सरकार तरसा रही है,प्रदेश की बहन बेटियों से शराब बंदी का वादा कर सत्ता का सुख भोग रही सरकार अब महामारी में भी शराब पिलाने की योजना लाई है वो अत्यंत दुखद है,एक ओर जहां आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु सरकार इस महामारी में अपने राज्य के लोगों को राहत देने की योजना लाए हैं तो वहीं छत्तीसगढ़ सरकार शराब पिलाने की योजना लाई है,अब नशे की हालत में लोग कोरोना प्रोटोकॉल कितना मानेंगे सरकार ही जानें!
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर निगम के वार्ड 21 के पार्षद अरुण सिंह के द्वारा पार्षद निधि से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर क्रय करने का प्रस्ताव लाया गया जो निगम प्रशासन द्वारा स्वीकार कर लिया गया परंतु यह एक शासकीय प्रक्रिया होने के कारण वार्ड 21 के प्रबुद्ध नागरिकों के द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप है वार्ड का उसमें ही पार्षद अरुण सिंह के समक्ष बात रखी गई की उसमें समय अधिक लगने से बेहतर होगा कि कोरोना आपदा को देखते हुए हम सब आपस ही राशि सहयोग कर वार्ड के नागरिकों के उपयोग के लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदी कर लिया जाए जो एक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीद लिया गया है जिसका उपयोग वार्ड में जरूरतमंद के लिए किया जाएगा और बची हुई राशि का उपयोग कोरोनावायरस के आपदा से बचाव में आगे किया जाएगा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर वार्ड के लगभग 100 नागरिकों के द्वारा लगभग 500 से 1000 आर्थिक सहयोग के रूप में आज वार्ड के सभी नागरिक बधाई के पात्र हैं और इन सब की जागरूकता को वार्ड पार्षद द्वारा अभिनंदन किया गया .
जनसहयोग करने वाले वार्ड वासी ...
दुर्ग / शौर्यपथ / स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और कोरोना पॉजिटिव नेगेटिव के खेल में 2 माह की मासूम बलि चढ़ गई।परिजनों की शिकायत पर जांच कमेटी गठित की गई परन्तु जांच कमेटी द्वारा सारी गलती का जिम्मेदार डाटा एंट्री ऑपरेटर के ऊपर डालकर चेतावनी दिए जाने योग्य बता कर परिजनों की शिकायत को निराधार आए नेस्ताबूत करने के योग्य बताया गया।
परंतु जांच रिपोर्ट की अगर बात करे तो जांच रिपोट में कई तरह के सवाल उभर कर सामने आ रहे है।
*परिजनों का कहना था कि बच्ची को वेंटिलेटर की जरूरत होना बताकर जिला अस्पताल में बच्चो का वेंटिलेटर न होने की बात कहते हुए रेफर किया गया जबकि जिला अस्पताल दुर्ग में बच्चो का वेंटिलेटर होने के बावजूद 4 साल से चलाने के लिए टेक्नीशियन नही है इसका जिम्मेदार कौन..??
*जिला अस्पताल से जिला अस्पताल कैसे रिफर कर दिया गया जबकि कोविड अस्पताल के लिए जिला अस्पताल रायपुर पंडरी में कोविड का इलाज नही किया जाता एव जिला अस्पताल से जिला अस्पताल रेफर नही किया जा सकता।इसका जिम्मेदार कौन..???
*मेकाहारा अस्पताल में उपस्थित स्टाफ के सामने आधे घंटे तक परिजन प्राथमिक उपचार करने के लिए मिन्नते करते रहे परंतु कोई भी बच्ची को उपचार करने नही आया पर एप्प के माध्यम से मोबाइल में ही बेड ढूंढने की बात कहते रहे उपचार के अभाव में बच्ची की एम्बुलेंस में मौत हो गयी इसका जिम्मेदार कौन..??
*शिकायत पर एंबुलेस चालक के खिलाफ जांच क्यों नही की गई क्योंकि बच्ची को टाइम पर लेने नही आया एवं आने पर वाहन 40 की स्पीड में चलाकर पंडरी जिला अस्पताल लेकर गया जबकि सुबह के समय रोड पर भीड़ नही रहती व मृत बच्ची को कैसे बीच मे छोड़ कर आ सकता था पर फिर भी 108 एंबुलेंस को जांच के दायरे पर नही लिया गया।इसका जिम्मेदार कौन...???
जांच कमेटी द्वारा इस सभी का ठीकरा बस डाटा एंट्री ऑपरेटर पर चश्मा नया नया पहनने की बात कहते हुए देखने मे परेशानी की बात कहते हुए रिपोर्ट की एंट्री करने की बात कही गयी जबकि जांच कमेटी के सदस्य स्वयं अपर कलेक्टर जो कि स्वयं जिला अस्पताल के नोडल अधिकारी है वही जिला अस्पताल के ही 3 वरिष्ठ चिकित्सक जांच कमेटी के सदस्य रहे है।
गौरतलव है कि 26 अप्रेल की सुबह इलाज के आभाव में 2 महीने की मासूम ने एम्बुलेंस में दम तोड़ दिया था, जिसको लेकर परिजनों ने दुर्ग जिला अस्पताल समेत एम्बुलेंस के चालक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसको सज्ञान में लेते हुए जिला कलेक्टर ने चार लोगो की टीम बनाकर मामले की जांच करने के आदेश भी दे दिए, जाँच के दौरान जांच टीम के द्वारा मृतक के मामा को बुलाकर यह बताने का प्रयास किया गया कि कुछ त्रुटी हुई है लेकिन वो मानवीय त्रुटी है, अब जिला अस्पताल में बच्चों का वेंटीलेटर होते हुए, सिर्फ इसलिए की किसी को चलाना नहीं आता, इसलिए मरीज को गंभीर अवस्था में दुसरे अस्पताल में रिफर कर देना, और मरीज की पर्ची में कोरोना टेस्ट पाजिटिव लिख देना और रिफर किये जाने वाले अस्पताल से बिना जानकारी लिए की वहा कोविड के मरीज का इलाज संभव है या नहीं ये जाने बगैर डॉक्टर द्वारा रिफर किया जाना कहा तक मानवीय त्रुटी को दर्शाता है, वो भी एक जिला अस्पताल से दुसरे जिला अस्पताल के लिए रिफर किया जाना कहा तक सही है जबकि रिफर कभी भी अपने से बड़े अस्पताल में ही किया जाता है, बच्ची को गंभीर अवस्था में इस प्रकार रायपुर में एक अस्पताल से दुसरे अस्पताल तब भटकना और इलाज के आभाव में बच्ची मौत हो जाना कहा तक मानवीय त्रुटी है? एम्बुलेंस में बच्ची की मौत हो जाती है और एम्बुलेंस ड्राईवर बच्ची को परिजन को सौप निजी वाहन से वापस घर ले जाने को कहकर चले जाना कहा तक मानवीय त्रुटी है .
सिविल सर्जन का कहना है कि 108 का प्रोटोकॉल उसने फालो किया, क्या 108 का प्रोटोकॉल कोरोना के प्रोटोकॉल से भी भारी है? बच्ची के दाह संस्कार के सिर्फ चार घंटे बाद मोबाइल पर कोरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आना जबकि बच्ची की मौत का प्रमुख कारण बच्ची की पर्ची में कोरोना पाजिटिव लिखा होना था जिसकी वजह से समय रहते बच्ची को इलाज नहीं मिला, क्या अब ये भी मानवीय त्रुटी है? किसी की दुनिया लुट गई, किसी की गोद सुनी हो गई और जिला प्रशासन का कहना की ये एक मानवीय त्रुटी थी कहा तक जायज है !
मुंगेली / शौर्यपथ / कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी पी.एस. एल्मा ने जिले के विकास खण्ड मुंगेली के ग्राम रोहराखुर्द में जाॅच रिपोर्ट पाॅजीटिव पाये जाने के कारण कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलाव को देखते हुए ग्राम रोहराखुर्द को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। घोषित कंटेनेमेंट जोन मे आवश्यक व्यवस्था बनाये रखने हेतु आधिकारियो को दायित्व सौंपे है। जारी आदेश के अनुसार कंटेनेमेंट जोन मे केवल एक प्रवेश एवं एक निकास हेतु बैरिकेटिंग के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्य पालन अभियंता, आवश्यक वस्तुओ की आपूर्ति एवं सेनेटाइज व्यवस्था के लिए संयुक्त रूप से ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव को दायित्व दिया है। इसी तरह एक्टिव सर्विलेंस, स्वास्थ्य टीम को एस.पी.ओ. अनुसार दवा, मास्क इत्यादि उपलब्ध कराने और बाॅयो मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जिम्मेदारी दी है। कलेक्टर एल्मा ने दिये गये दायित्व का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियो को निर्देश दिये है।
मुंगेली / शौर्यपथ / कलेक्टर पी. एस एल्मा ने कहा है कि जिला प्रशासन द्वारा कोविड-19 के प्रसार की रोकथाम हेतु लगातार जनजागरूकता अभियान का संचालन किया जा रहा है। अब इस अभियान को और अधिक सफल बनाने की आवश्यकता है। इस जनजागरूकता अभियान में जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस हेतु उन्होने जिला पंचायत के सभी सदस्यो, नगरीय निकायों के सभी अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष तथा सभी पार्षद, सभी जनपद पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभी सदस्यों तथा जिले के सभी सरपंचों को पत्र लिखाकर कोविड-19 के प्रसार की रोकथाम हेतु आयोजित जनजागरूकता अभियान में आवश्यक सहयोग प्रदान करने अपील की है।
उन्होने जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा है कि जिले में कोरोना पॉजीटिव की सँख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि आम लोगो मे कोरोना से बचाव हेतु जागरूकता की कमी है। जिसके फलस्वरुप ज्यादा लोग संक्रमित हो रहे है। पत्र में उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि जब भी वे अपने क्षेत्र के भ्रमण में जाये तो वे आम लोगों को कोविड-19 के बचाव के सम्बंध में समझाईश दे। ताकि जिले में कोरोना के प्रसार को रोका जा सके।
पत्र में उन्होंने कहा है कि कोरोना संक्रमण से खुद को और दूसरों को बचायें, इसके लिए हमेशा मास्क का उपयोग करने, शारीरिक दूरी (लगभग 2 गज की दूरी) बनाए रखने एवं हाथों को साबुन से धोने या सेनेटाईजर का उपयोग करने की समझाईश देने का आग्रह किया है। जिनकी आयु 45 वर्ष या ऊपर की है, उन्हें टीकाकरण केन्द्र जाकर कोविड-19 का टीका अवश्य लगवाने तथा स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार निर्धारित समय में दूसरा टीका लगवाने के लिए प्रेरित करने के लिए भी आग्रह किया है। सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, गले में खराश, नाक बहना, सिर दर्द, बदन दर्द, दिन भर थकान, पतला दस्त, उल्टी, स्वाद या सूंघने की क्षमता की कमी हो तो उन्हें तत्काल नजदीकी जांच केन्द्र में जाकर जांच कराने एवं दवाई लेकर ईलाज कराने हेतु लोगों को जागरूक करने में सहयोग प्रदान करने की अपील की है।
यदि कोरोना के लक्षण दिख रहे हो तो तत्काल मितानिन या स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पास उपलब्ध दवाई किट को उसमें दिये गये निर्देशानुसार दवाई खाने प्रारंभ करने के लिए भी समझाईश दे। पॉजीटिव आने के बाद 17 दिवस होम आईसोलेशन में रहते वक्त दिये गये दिशा-निर्देशों का पालन करने एवं प्राप्त दवाई का नियमानुसार सेवन करने की समझाईश देने के भी आग्रह किया है। कंट्रोल रुम में चिकित्सक से आने वाले टेलीफोन का स्पष्ट जवाब देने, साफ-सफाई रखने, मॉस्क, शारीरिक दूरी एवं सेनेटाईजर का उपयोग सदैव करने के लिए भी समझाईश देने की बात जारी पत्र में कहीं है। किसी प्रकार की परेशानी होने पर चिकित्सकीय परामर्श एवं सलाह हेतु जिला कंट्रोल रुम 95894-27852, कंट्रोल लोरमी-91092-58263 एवं कंट्रोल रुम पथरिया 88897-71026 से सम्पर्क करने के लिए प्रेरित करें । जिला प्रशासन द्वारा सभी मितानिनों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को थर्मामीटर तथा ऑक्सीमीटर प्रदाय किया गया है, जिससे वह बुखार एवं ऑक्सीजन लेवल चेक कर सकता है।
अतः बुखार एवं ऑक्सीजन लेवल का चेक करने हेतु उन्हे जागरूक करें। कोविड संक्रमण के ईलाज हेतु प्रत्येक विकासखण्ड में सर्वसुविधा युक्त कोविड केयर सेंटर बनाये गये हैं, जहाँ वे निःशुल्क ईलाज करा सकते हैं। इसके लिए उन्होने जनप्रतिनिधि को आगे आकर लोगों को जागरूक करने का बात कहीं। होम आईसोलेशन में रह रहे लोगों को घर से बाहर नहीं निकलना है। घर से बाहर निकलने पर कानूनी कार्यवाही अथवा जेल भी हो सकती है। इस सम्बंध में भी उन्होने आम लोगों को जानकारी प्रदान करने का आग्रह किया है। जारी पत्र में कहा गया है कि पॉजीटिव व्यक्ति के घर मे होम आइसोलेशन का पर्ची अथवा लाल गोल घेरा लगाया जाता है, उसे मिटाया नही जाना चाहिए। बाहर से आने वाले व्यक्ति अथवा प्रवासी श्रमिकों के सम्बंध में स्थानीय प्रशासन अथवा जिला प्रशासन को सूचित करें तथा उनका आवश्यक जांच करने के उपरांत क्वारेन्टीन सेंटर में रखा जाए। पॉजीटिव होने पर दवाई देकर इलाज कराया जाना चाहिए। इस सम्बंध में भी लोगों को जागरूक करने की बात कहीं है।
जिला प्रशासन इस दिशा में अपनी पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य कर रहा है, आशा है कि इस जनजागरूकता अभियान में आप अपना अमूल्य समय निकाल कर सहयोग प्रदान करेंगे। ताकि जिले में कोरोना के संक्रमण के प्रसार में कमी लाने में हम कामयाब हो सके।
शौर्यपथ विशेष / जो सुबह से उठकर मशीनों से भी ज्यादा गति से काम करे व सबका अच्छे बुरे का ख्याल रखे और खुद अपने बच्चों को गर्मा-गरम खाना बनाकर खिलाये और सबके खाने के बाद खुद ठंडा खाना खाएं...
ये वही मां है...ना?
अपने जान को खतरे में डालकर अपने बच्चे को जन्म देती है और पति व बच्चे को सामाज व परिवारों में एक नया पहचान एक नया नाम देती है...
ये वही माँ है...ना?
खुद की तबियत खराब होने के बाद भी अपने बच्चों के तबियत की चिंता करे व बच्चों की लाख गलतियां होने पर भी वह अपने बच्चों के लिए दुनिया से तो क्या भगवान से भी लड़ ले...
ये वही मां है...ना?
बुरे समय मे जब सब साथ छोड़ दे और वो अपने बच्चों का साथ मरते दम तक ना छोड़े व जो बच्चों की जीवन की हर एक खुशी में उनके पास हो तो उन्हें किसी दौलत की जरूरत ना हो...
ये वही मां है...ना?
उनके कांधों पर जब सर रख कर सोते है और रात भर जन्नत की सैर करते है व जिनके वजह से बच्चे इस दुनिया में सामाज में परिवार में जो जगह बनाये उनका हकदार कोई और नही¸ बल्कि वो मां है...
ये वही मां है...ना?
अतिश (दक्ष)
संस्कारधानी-राजनंदगांव (छ.ग.)
जगदलपुर / शौर्यपथ / जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी के संभागीय सयुंक्त महासचिव नरेंद्र भवानी ने अपने कर्मठ साथियो के साथ जिला प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करते हुए पुरे 200 परिवारों तक सूखा राशन पहुंचा के एक छोटी सी मदत कर पाए हैं हाला की यह मदत राहत पहुंचाने का काम पिछले एक हफ्ते से लगातार किया जा रहा हैं, और आगे भी यह मदत का काम शुरू रख अपने लोगो की जरूरतों को पूरा करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा
जहां उपस्थित :- तरुण सेन, सूर्यपाल शर्मा, जॉन, राहुल शर्मा, सिद्धार्त, करतार भवानी एवं काम करने हेतु साथी रहे
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
