
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
कोण्डागांव। शौर्यपथ । कोंडागांव के मालगाँव अ फड मुलमूला समिति का रेंजर धीरेन्द्र मिश्रा ने निरीक्षण किया एवं मौके पर फड मुंशी को परिदान करने निर्देश देते हुए फड बुक भरने हेतु जानकारी देते हुए तेंदुपता संग्रहण एवं विषयो पर बताया।
आपको बता दे की कोंडागांव जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित कोंडागांव में तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन 2023 के तहत 29 अप्रैल से तेंदूपत्ता खरीदी प्रारंभ हो चुकी है। तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2023 में जिला वनोपज सहकारी संघ मर्यादित कोंडागांव वनमंडल के तहत कुल 13 प्राथमिक सहकारी समितियों के 246 संग्रहण केन्द्रों के माध्यम से 19 हजार 200 मानक बोरा तेंदूपत्ता खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला यूनियन के अंतर्गत वनांचल के 34 हजार 183 तेन्दूपत्ता संग्राहकों से 19 हजार 200 मानक बोरा तेंदूपत्ता खरीदी होने पर 4000 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से लगभग 7 करोड़ 60 लाख रुपये संग्रहण पारिश्रमिक राशि का भुगतान सीधे संग्राहकों के बैंक खाते में किया जायेगा।
क्या है हरा सोना- तेंदू यानी डायोसपायरस मेलेनोक्ज़ायलोन के पत्तों का उपयोग बीड़ी बनाने के लिए किया जाता है। आदिवासी इलाकों में इसे हरा सोना भी कहा जाता है क्योंकि वनोपज संग्रह पर निर्भर एक बड़ी आबादी के लिए तेंदूपत्ता आय का सबसे बड़ा स्रोत है। द ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के आंकड़े के अनुसार तेंदूपत्ता के संग्रहण में देश भर में 75 लाख लोगों को लगभग तीन महीने का रोजगार मिलता है। इसके अलावा इन पत्तों से बीड़ी बनाने के काम में लगभग 30 लाख लोगों की रोजी-रोटी चलती है।
1964 से पहले देश भर में तेंदूपत्ता का बाज़ार खुला हुआ था। वन विभाग पत्तों को एकत्र करने के अधिकार की नीलामी किसी भी व्यक्ति, समूह या ठेकेदार को देता था। लेकिन तेंदूपत्ता एकत्र करने के बदले ठेकेदारों द्वारा कम पैसा देने और एकत्र करने वालों से अधिक काम लेने की लगातार आने वाली शिकायतों के बाद 1964 में अविभाजित मध्यप्रदेश ने तेंदूपत्ता के व्यापार का राष्ट्रीयकरण किया।
इसके बाद पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र ने 1969 में, आंध्रप्रदेश ने 1971 में, ओडिशा ने 1973 में, गुजरात ने 1979 में, राजस्थान ने 1974 में और 2000 में अलग राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ ने इसी व्यवस्था को अपनाया। इस व्यवस्था के तहत राज्य का वन विभाग तेंदूपत्ता का संग्रहण करवाता है और फिर उसे व्यापारियों को बेचता है। तेंदू पत्ता को एक जगह से दूसरी जगह तक ले जाने के लिए अनुज्ञा भी वन विभाग ही जारी करता है। 1984 में राज्य सरकार ने सहकारिता के माध्यम से तेंदूपत्ता का व्यापार करने के लिए राज्य लघु वनोपज संघ का गठन किया।
कोंडागाव । शौर्यपथ । कोंडागांव जिले अंतर्गत जन सम्पर्क पर निकली पूर्व मंत्री लता उसेंडी घोड़ागांव के ग्राम माकड़ी मेले पर पहुंची इस अवसर पर अपने बीच पूर्व मंत्री को पाकर ग्रामीणों का उत्साह देखने को मिला।
आपको बतादे की लता उसेंडी अपनी सक्रियता के लिए जानी जाती है भाजपा का पूरे बस्तर संभाग में महिला नेता के नाम से बड़े चहरे में एक मात्र है जिनके कारण बहुचर्चित के साथ साथ सक्रीय नेता के कारण जानी जाती है, साथ ही आप को बतादे की पूर्व में महिला बाल विकास मंत्री व श्रम एवं समाज कल्याण व कोंडागांव विधायक भी रहे चुके है।
मेले में श्री उसेंडी ने प्रधानमंत्री की सोच लोकल फार वोकल को बढ़ावा देने मिट्टी से निरमित पानी का जार मेले से खरीदा इस पर दुकान पर बैठी लड़की भावुक हो गयी। और उसने पूर्व मंत्री के साथ सेल्फी लेने की गुजारिश की। पूर्व मंत्री ने भी उस कुम्हार लड़की की इक्छा पुरी की व जार समेत सेल्फी खींचवाया। साथ हि कार्य की सराहना करते उसकों प्रोत्साहित भी किया।
पार्षद से विधायक, मंत्री बन जहा लोगो की सेवा मे नितरंतर लगी रही। लता असेंडी ने कोंडागाव वासियों को जिला बना सौगात दी जिला अस्पताल का प्रोजेक्ट, सविमिंग पुल, स्टेडियम ,सडकों का जाल,स्टाप डेम,एनिकट कई ऐसे कार्य है। जो बरसो से सिर्फ आमजनता द्वारा सोचा ही जाता था। उन्हे मूर्त रूप प्रदान करने का कार्य किया है।आज भी कोंडागांव जिले की जनता को उन पर पुरा भरोसा है की उनके सत्ता मे आते ही उन्हे नये कार्यो की सौगात मिलेगी।
*मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से बेरोजगारी भत्ता राशि अंतरित कर युवाओं को दी शुभकामनाएं*
*जिले के 1837 युवाओं को मिली बेरोजगारी भत्ता की राशि*
कोण्डागांव / शौर्यपथ / प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा रविवार को राजधानी रायपुर स्थित निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत राशि का अंतरण किया गया। इस योजनान्तर्गत प्रदेश में लगभग एक लाख 27 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, इसमें आज लगभग 67 हजार पात्र युवाओं को बेरोजगारी भत्ता योजना की राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने विभिन्न जिलों के पात्र हितग्राहियों से चर्चा की और कहा कि सबसे ज्यादा खुशी तब होगी जब सभी हितग्राही युवाओं को जल्द रोजगार प्राप्त हो,इन युवाओं को उनकी रुचि के अनुरूप कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। जिससे ये सभी युवा स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार ने बेरोजगारी भत्ता के लिए त्वरित अमल कर वादा पूरा किया है। उन्होंने इन युवाओं को जल्द रोजगार प्राप्त करने की शुभकामनाएं दी। उक्त कार्यक्रम में कोण्डागांव जिले के पात्र 9 युवाओं ने नोडल अधिकारी श्री पवन कुमार नेताम के साथ सम्मिलित हुए।
वहीं कलेक्टोरेट कोण्डागांव के एनआईसी कक्ष में आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में अधिकारियों सहित पात्र हितग्राही युवक-युवतियां भी उपस्थित थे। इस दौरान अवगत कराया गया कि जिले में अब तक 3021 बेरोजगार युवाओं ने पंजीयन कराया है जिसमें से 1837 पात्र हितग्राहियों को राशि अंतरण किया गया। इसमें प्रत्येक हितग्राही को उनके खाते में 2500 रुपए हस्तान्तरित किया गया। जिले में युवाओं में बेरोजगारी भत्ता के लिए काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। राशि हस्तांतरण से हर्षित हितग्राही युवा स्वाति नेताम एवं विशाल विश्वास ने बताया कि मिली हुई राशि का उपयोग अपने भविष्य को बेहतर करने के लिए उपयोग करेंगे।
कोण्डागांव। शौर्यपथ।
बुधवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्रधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मार्गदर्शन पर डिफेंस कौंसिल सिस्टम कार्यालय भवन अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में वर्चुअल मोड के माध्यम से ई-शुभारंभ मुख्य न्यायाधीपति छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं प्रमुख संरक्षक छत्तीगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर रमेश सिन्हा एवं न्यायाधीपति छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष छत्तीसगढ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर गौतम भादुड़ी के कर कमलों से किया गया। उक्त शुभारंभ कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव उत्तरा कुमार कश्यप तथा अन्य न्यायाधीश उपस्थित रहे। जिसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव उत्तरा कुमार कश्यप के द्वारा शुभारंभ किया गया। उक्त कार्यक्रम मंव अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ कोण्डागांव के साथ समस्त अधिवक्तागण एवं नवनियुक्त डिफेंस कौंसिल चीफ, डिप्टी चीफ एवं असिस्टेंट उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला एवं सत्र न्यायालय में कार्यरत समस्त कर्मचारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव में कार्यरत समस्त कर्मचारी तथा परिवार न्यायालय के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि लीगल एड डिफेंस कौंसिल सिस्टम का मुख्य उददेश्य कमजोर एवं गरीब वर्गों को उनके मामलों में विधिक सहायता दिलाना है। भारतीय संविधान के नीतिगत सिद्धांतों के अनुसार उन्हें वर्ग के लोगों को मुफ्त विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। उन्हें उनके इस अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता, इसके अलावा उन्हें उच्च गुणवत्ता वाली विधिक सहायता एवं सलाह भी प्राप्त होनी चाहिये। अनु0जाति, जनजाति, जेल में निरूद्ध बंदी, महिला एवं बच्चों प्राकृतिक आपदा के पीड़ित, जिनकी आय डेढ लाख से कम हो, वरिष्ठ नागरिक, कैंसर रोगी, एचआईव्ही पीड़ित, थर्ड जेंडर, मानसिक रोगी व्यक्तियों जो इस निःशुल्क विधिक सहायता की पात्रता की श्रेणी में आते हैं उन्हें उक्त विधिक सेवा का लाभ दिया जायेगा। ज्ञात हो कि नालसा के निर्देशानुसार प्रथम चरण में बिलासपुर जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तहत लीगल एड डिफेंस कौंसिल सिस्टम की शुरूआत फरवरी, 2020 में की गई, तत्पश्चात इसके विस्तारित करते हुए जनवरी, 2023 में 17 जिलों फिर अप्रैल, 2023 में शेष 05 जिलो में इसकी शुरूआत की गई है।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्थापित लीगल एड डिफेंस कौंसिल सिस्टम के अंतर्गत सत्र न्यायालयों में लंबित सत्र प्रकरण, आपराधिक अपील, आपराधिक पुनरीक्षण एवं जमानत आवेदनों पर अभियुक्त एवं अनावेदक की ओर से पैरवी किया जाता है, जिसे द्वितीय एवं तृतीय चरण में कार्य क्षेत्र में विस्तार करते हुए सत्र न्यायालयों एवं मजिस्टेªट न्यायालयो में प्रकरणों को भी शामिल कर लिया गया है ताकि भी पात्र जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त हो सके।
जगदलपुर । शौर्यपथ । शैक्षणिक सत्र 2023-24 में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के कक्षा 6 में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा का आयोजन 23 अप्रैल को प्रातः 10 बजे से किया जाएगा। इस परीक्षा हेतु बस्तर जिले के 06 विकासखण्डों के 08 परीक्षा केन्द्रों में से विकासखण्ड बकावण्ड के एकलव्य विद्यालय करपावण्ड एवं स्वामी आत्मानंद विद्यालय करपावण्ड में, विकासखण्ड बस्तर के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बस्तर एवं स्वामी आत्मानदं विद्यालय बस्तर को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। इसी तरह विकासखण्ड तोकापाल, दरभा, बास्तानार एवं लोहण्डीगुड़ा मुख्यालय में स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है।
इन आठ परीक्षा केन्द्रों पर 1728 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। पात्र विद्यार्थी एकलव्य विद्यालय की वेबसाईट
eklavya.cg.nic..in/PRMS/student-Admission-Detail
के माध्यम से आवेदन क्रमांक एवं मोबाईल नम्बर की सहायता से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर प्राप्त कर सकते हैं। डाउनलोड करने में किसी तरह की कठिनाई होने पर पात्र विद्यार्थी अपना प्रवेश पत्र हेतु अपने विकासखण्ड के संयोजक एवं एकलव्य विद्यालय के प्राचार्य से संपर्क कर प्राप्त कर सकते हैं।
बस्तर । शौर्यपथ । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बस्ता दौरे पर भरोसे के सम्मेलन के दौरान जगदलपुर के लोगों के लिए कई जनहितकारी योजनाओं का लोकार्पण किया इस मौके पर कांग्रेस की केंद्रीय नेत्री प्रियंका गांधी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे
*भरोसे का सम्मेलन, जगदलपुर में मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणा : जगदलपुर के इंदिरा गांधी प्रियदर्शिनी स्टेडियम का उन्नयन कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के फुटबाल, हॉकी और टेनिस ग्राउंड के रूप में विकसित किया जाएगा।*
*प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति के प्रबंधकों को तीन स्तरीय संविदा वेतनमान देने की घोषणा।*
जिले के इतिहास में अब तक सर्वाधिक 126 बच्चों का चयन
उत्तर बस्तर कांकेर । शौर्यपथ । कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला के मार्गदर्शन में कांकेर जिले में हमर लक्ष्य अभियान चलाया गया, जिसका अच्छा परिणाम सामने आया है। राष्ट्रीय प्रतिभा खोज के तहत राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा एनएमएमएसई में जिले के इतिहास में अब तक सर्वाधिक 126 बच्चे चयनित हुए हैं। चारामा विकासखंड के 100 विद्यार्थी, नरहरपुर से 12 व अन्य विकासखंड से 14 विद्यार्थियों का चयन होने पर कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला द्वारा चारामा विकासखंड के खण्ड शिक्षा अधिकारी एसपी कोसरे एवं केशव साहू की प्रशंसा की गई। चारामा विकासखण्ड के विद्यार्थियों की सफलता को देखते हुए उन्होंने आगामी शैक्षणिक सत्र में सभी शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक हाई एवं हायर सेकंडरी स्कूलों के विद्यार्थियों को परीक्षा उपयोगी पाठ्यक्रम कर अध्ययन कराने के निर्देश दिये, ताकि बच्चे परीक्षा के लिए मानसिक रूप से तैयार हो सके।
कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ल द्वारा जेईई के तहत प्रथम चरण में 71 बच्चों का गत वर्ष के कट ऑफ मार्क्स आधार पर चयन संभावित होने पर प्रसन्नता व्यक्त किया गया तथा जेईई द्वितीय सेशन एवं एनडीए में फॉर्म भराये गये विद्यार्थियों के परीक्षा में उपस्थिति व परीक्षा की तैयारी हेतु बनाये गये कार्ययोजना की समीक्षा की गई। नीट परीक्षा में अधिक से अधिक आदिवासी विद्यार्थियों को शामिल होने हेतु प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिये गये। उन्होंने नीट परीक्षा की तैयारी के लिए वर्चुअल कक्षाओं का संचालन, नोडल शिक्षक की नियुक्ति तथा बोर्ड परीक्षा उपरांत वर्चुअल कक्षाएं प्रारंभ करने तथा आईसीटी योजना के तहत कम्प्यूटर एवं प्रोजेक्टर के माध्यम से ऑनलाइन परीक्षा की तैयारी हेतु कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये गये।
कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने शिक्षा विभाग अंतर्गत डीपीआई एवं समग्र शिक्षा से संचालित हो रहे निर्माण एवं मरम्मत व जीर्णोद्धार कार्यो हेतु स्वीकृत राशि जारी करने के पूर्व मरम्मत योग्य शालाओं के भौतिक सत्यापन कर वास्तविक मरम्मत योग्य शालाओं की सूची बनाने तथा पूर्व निर्माण या मरम्मत वर्ष दर्शाते हुए फोटोग्राफ निर्धारित प्रारूप में एक सप्ताह के भीतर बीईओ को प्रेषित करने के निर्देश दिये गये है। कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने निर्देशित करते हुए कहा कि मरम्मत के सभी कार्य स्वीकृत कर नवीन शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पहले कार्यों को गुणवत्तापूर्वक पूर्ण कर लिया जाये। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर मरम्मत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करायें।
कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ल ने डिस्मेंटल योग्य विद्यालय भवनों की पृथक से सूची तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। आरईएस एवं लोक निर्माण विभाग के माध्यम से डिस्मेंटल योग्य भवनों के डिस्मेंटल की कार्यवाही एवं अनुमानित व्यय के लिए प्राक्कलन तैयार कराये जाने हेतु जिला पंचायत सीईओ सुमित अग्रवाल को पत्र जारी करने के लिए निर्देशित किया। कलेक्टर ने ऐसे विद्यालय जिसका स्वयं का भवन नहीं है अर्थात जो अतिरिक्त कक्षों में संचालित किया जा रहा है, उनका औचित्य पूर्ण अतिरिक्त कक्षों की मांग करने तथा स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालयों के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये गये है। कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने समीक्षा बैठक में प्रत्येक विकासखंड अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, चारामा, दुर्गूकोंदल, कांकेर, कोयलीबेडा और नरहरपुर के खण्ड शिक्षा अधिकारियों से निर्माण कार्यों की जानकारी लिया तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुमीत अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी भुवन जैन, राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जिला समन्वयक आर.पी मिरे सहित सभी नोडल अधिकारी भी उपस्थित थे।
जगदलपुर। शौर्यपथ। कमिश्नर श्याम धावड़े ने कहा कि नारायणपुर जिले में सभी शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर किया जाए और योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के तौर पर यहाँ के स्थानीय व माड़ एरिया के लोंगों को दिया जाए। कमिश्नर ने जिले में मसाहती गांव का सर्वे कार्य और मसाहती पट्टा धारक 720 किसानों के द्वारा धान को समर्थन मूल्य में विक्रय करने की सराहना किए। उन्होंने माड़ एरिया के सभी हितग्राहियों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड बनाने के साथ-साथ विशेष पिछड़ी जनजातियों को भी सभी योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर अजित वसंत, सीईओ जिला पंचायत देवेश ध्रुव, डिप्टी कमिश्नर माधुरी सोम सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
कमिश्नर धावड़े ने वन अधिकार मान्यता पत्र, देवगुड़ी-मातागुड़ी- घोटुल को सामुदायिक वन अधिकार पत्र, एफआरए धारको को हितग्राही मूलक कार्यों का क्रियान्वयन, कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण व्यवस्था, ओरछा क्षेत्र के विकास कार्य, जाति प्रमाण पत्र का निर्माण, किसानों का केसीसी व ई केवायसी के कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के ग्रामीण क्षेत्र के विकास कार्य, नारायणपुर से बारसूर बस सेवा, सी-मार्ट के संचालन, रीपा के विकास कार्य और जिले के नवाचार के सम्बंध में चर्चा किए। कमिश्नर ने देवगुड़ी, मातागुड़ी घोटुल जैसे जगहों को सामुदायिक वन अधिकार के तहत देव स्थलों को पर्याप्त जगह देने के निर्देश दिए। उन्होंने अबूझमाड़ में स्वास्थ्य शिविर देवगुड़ी परिसर में लगाने के निर्देश दिए। स्थानीय स्तर पर अकुशल श्रमिकों को रोजगार के अवसर देने हेतु जिले में खनन करने वाली कंपनियों से वार्ता कर रोजगार की व्यवस्था हेतु निर्देश दिए।
कमिश्नर ने बैठक में अंदरूनी क्षेत्र में शिक्षकों की उपस्थिति, बालिका आवासीय शिक्षा केन्द्र में पर्दा की व्यवस्था, सामूहिक विवाह कार्यक्रम में स्थानीय रीति रिवाजों से करने और भवन विहीन उचित मूल्य की दुकानों का निर्माण कार्य को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री वसन्त ने जिले में नवाचार के तहत दिव्यांग स्कूल स्थापना, लाइब्रेरी की स्थापना, स्कूली स्तर के प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी हेतु कोचिंग की व्यवस्था, मिलेट कैफे की स्थापना की जानकारी दी।
कोंडागांव । शौर्यपथ । महिलाओं को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान का शुभारंभ किया गया है। इन महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार के ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। आज बिहान की महिलाएं समूह से जुड़कर सफलता की नयी कहानियां लिख रही है तथा अपने सपने को पंख दे कर नयी उड़ान भरने को तैयार है। बिहान से जुड़ कर गांव की महिलाएं अपना स्वरोजगार स्थापित कर पारिवारिक खर्चों में हाथ बटा रही हैं साथ ही परिवार और समाज में अपना एक अलग पहचान भी बना रही है।
कोण्डागांव जनपद पंचायत के चिपावण्ड क्लस्टर के अंतर्गत ग्राम पंचायत पलारी में 21 बिहान समूहों का गठन किया गया है। जिससे यहां के 225 परिवार जुड़ चुके है। इन्हीं में से एक प्रगतिशील समूह गायत्री स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा कोण्डागांव जिला पंचायत परिसर में कैंटीन का संचालन किया जा रहा है। इस समूह में कुल 10 महिलाएं कार्यरत हैं। समूह द्वारा जिला पंचायत एवं जिला कार्यालय में कार्यरत कर्मियों के साथ इन कार्यालयों में अपने कार्य हेतु आने वाले आगंतुकों को शुद्ध एवं स्वादिष्ट भोजन कराते है।
इस संबंध मंे समूह की अध्यक्ष हीरादेवी बघेल बताती हैं कि समूह में जुड़ने से पहले वे सभी पारंपरिक रूप से खेती-किसानी और मेहनत मजदूरी कर अपना जीवनयापन किया करते थे, जिस कारण सभी की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी। जहां उन्हे बिहान के अधिकारियों द्वारा कैंटिन संचालन के लिए प्रेरित किया गया। जिसके बाद उन्होने बिहान योजना अंतर्गत समूह निर्माण कर स्वयं का व्यवसाय 2018 में प्रारंभ किया। प्रारंभ में बिहान योजनांतर्गत उन्हे 15 हजार रूपये की अनुदान राशि एवं जिला पंचायत के निकट संचालन हेतु भूमि उपलब्ध करायी गयी थी। इसके साथ 60 हजार रूपये सामुदायिक निवेश कोष के द्वारा निम्न ब्याज दर पर प्राप्त हुआ जिससे उन्होने कैंटिन संचालन प्रारंभ किया था। जिससे उन्हें अतिरिक्त आय का साधन मिल गया और वे निरंतर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही है।
समूह की सदस्य उमेश्वरी देवांगन ने बताया कि कैंटिन के माध्यम से यहां सुबह के नाश्ते से लेकर दोपहर का भोजन एवं कार्यालयों में होने वाले शासकीय कार्यक्रमों हेतु स्वल्पाहार भी बनाया जाता है। जिससे हमें अच्छी आय प्राप्त हो रही है। वर्ष 2021-22 में समूह को लगभग 30 हजार से 40 हजार रुपये प्रतिमाह की आय प्राप्त हुई थी। जो की वर्ष 2022-23 में बढ़कर लगभग 50 से 60 हजार रुपये प्रतिमाह हो गयी है। इसके अतिरिक्त बीच कैंटिन के विस्तार एवं शेड निर्माण के लिए योजनांतर्गत ही बैंक से 02 लाख तथा ऋण अदायगी पर 03 लाख रुपयों का अतिरिक्त ऋण भी प्राप्त हुआ। जिससे कैंटिन में बैठने एवं कैंटिन की सुरक्षा हेतु फैंसिग कार्य कराया गया। प्राप्त ऋण के भुगतान हेतु प्रतिमाह आय से अंश राशि एकत्रित कर समूह द्वारा अब बैंक ऋण का पूर्ण भुगतान कर दिया है।
वर्तमान में समूह द्वारा अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए बैंक से 6 लाख रुपए का ऋण लिया गया है। आने वाले समय में समूह के सदस्यों द्वारा टेंट हाऊस खोलकर समूह की आर्थिक स्थिति को और सुदृढ़ करने के तथा व्यवसाय बढ़ाने की योजना तैयार की गयी है। ताकि सदस्यों की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि की जा सके। समूह की महिलाएं बताती है कि बिहान से जुड़ने के पश्चात वे सभी अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करने के साथ पारिवारिक खर्चों में भी अपना योगदान प्रदान कर पा रही है। जिससे वे सभी बहुत खुश हैं तथा आत्मनिर्भर बनकर गर्व से जीवन यापन कर रही है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
