August 20, 2026
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    बस्तर

    बस्तर (1122)

     दंतेवाड़ा/ शौर्यपथ /

    पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा  सिद्धार्थ तिवारी द्वारा मई महीने की तप्ति धूप में यातायात व्यवस्था में लगे जवानों को राहत दिलाने के लिए ठन्डे पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से थर्मस वॉटर बोतल उपलब्ध कराया गया है जिसमें पीने के पानी को दिनभर के लिए ठंडा रखा जा सकेगा। इसी प्रकार तप्ति धूप से राहत दिलाने के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी जवानों को सन ग्लास चश्मा व छाता भी प्रदाय किया। ज्ञात हो कि विगत वर्षों की तुलना में इस वर्ष मार्च -अप्रैल महीने से ही तापमान में भारी वृद्धि हुई है, मई महीने में तो लोगों को दोपहर के समय घर से निकलना दुभर हो गया है। ऐसे में दिनभर के तप्ति धूप में यातायात पुलिस के जवान चौक - चौराहे में खड़े होकर यातायात व्यवस्था बनाये रखने में कड़ी मेहनत करते हैं। ऐसी स्थिति में उनके पास उपलब्ध सामान्य बोतल में रखा पानी कुछ ही देर में गर्म हो जाते थे। पुलिस जवान को इस मंहगाई के दौर में दिनभर में 4-5 बोतल ठंडा पानी खरीदकर पीना आर्थिक दृष्टि से संभव भी नहीं हो पाता है। यातायात पुलिस जवानों के इन कठिन परिस्थितियों को जमीनी स्तर से देखकर पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा द्वारा 03 लीटर क्षमता वाले थर्मस वाटर बोतल, सन ग्लास चश्मा व छाता प्रदाय किया गया जो निश्चित रूप से तप्ति धूप में ड्यूटी करने वाले यातायात के जवानों को राहत पहुंचाएगी। अब यातायात के जवान उक्त थर्मस बोतल में घर से ठन्डे पानी भरकर दिनभर ड्यूटी के दौरान उपयोग कर सकेंगे। यातायात के पुलिस जवान पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा के हाथों वॉटर बोतल, चश्मा व छाता पाकर अत्यंत ही उत्साहित नजऱ आये। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी (भा.पु.से.) के साथ नव पदस्थ आईपीएस अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल, राजेंद्र जायसवाल, रक्षित निरीक्षक लोकेश कसेर, सुशील नौटियाल व यातायात प्रभारी सलीम खाखा उपस्थित रहे।

     उत्तर बस्तर कांकेर /शौर्यपथ /

    प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज कांकेर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा करते हुए कांकेर में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होने के लिए बधाई दी और कहा कि यहॉ डॉक्टरों की टीम बहुत अच्छे ढंग से कार्य कर रही है। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर एम.एल. गर्ग ने उन्हें जानकारी देते हुए बताया कि शासन द्वारा इस मेडिकल कॉलेज में पहले 100 सीट आबंटित की गई थी, जिसे बढ़ाकर 125 कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेज में 123 विद्यार्थियों ने प्रवेश भी ले लिया है तथा तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए जिला प्रशासन की सहयोग से छात्रावास की अच्छी व्यवस्था की गई है। चिकित्सकों के लिए भी आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराया गया है।

    स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए श्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि जिले में कोरोना की पहचान हेतु टेस्टिंग बढ़ाया जावे, टीकाकरण में जो गैप है उसकी पूर्ति करने का प्रयास करें। जिन्होंने पहला डोज का टीका लगाया है और दूसरा डोज का टीका नहीं लगवाया है, उन्हें इसके लिए प्रेरित करें, को-मार्बिट व्यक्तियों को भी टीका लगाया जावे।
    चिकित्सा अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए श्री सिंहदेव ने कहा कि कोरोना के समय चुनौतीपूर्ण स्थिति में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारियों व डॉक्टरों ने अच्छा कार्य किया है, स्वास्थ्य विभाग का कोई भी अमला पीछे नहीं हटा। अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि नागरिकों को स्वास्थ्य की अच्छी सेवा मिले, डॉक्टरों द्वारा जेनेरिक दवाई ही लिखा जावे।

    आकांक्षी जिला में स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित सूचकांको में कांकेर जिला की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में कांकेर जिला का प्रदर्शन राज्य एवं राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा है, जिसके लिए स्वास्थ्य मंत्री द्वारा बधाई दी गई। मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि कांकेर जिले का कांकेर, चारामा एवं नरहरपुर विकासखण्ड लगभग मलेरिया मुक्त हो चुका है। मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना के क्रियान्वयन की भी स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव द्वारा समीक्षा किया गया, जिसमें बताया गया कि योजना प्रारंभ होने से लेकर अब तक कांकेर जिले में 02 लाख 17 हजार मरीजों का उपचार हाट बाजारों में किया जाकर लाभान्वित किया गया है। 01 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2022 तक की अवधि में जिले में 01 लाख 29 हजार 540 मरीजों का उपचार में किया गया है। इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने प्रशंसा करते हुए कहा कि हाट-बाजार क्लीनिक के लिए हाट-बाजारों में पंचायतों के सहयोग से शेड का निर्माण किया जावे।

    इस अवसर पर जिला पंचायत के अध्यक्ष  हेमंत धु्रव, उपाध्यक्ष  हेमनारायण गजबल्ला, गौ-सेवा आयोग के सदस्य श्री नरेन्द्र यादव, आयुक्त स्वास्थ्य सेवायें डॉ.सी.आर. प्रसंन्ना, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सुभद्रा सलाम, पीयूष कोसरे, अपर कलेक्टर  एस.पी. वैद्य, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उईके, मेडिकल कॉलेज कांकेर के डीन डॉ. एम.एल गर्ग सहित सभी बीएमओ एवं स्वास्थ्य विभाग अधिकारी मौजूद थे।

    दन्तेवाड़ा / शौर्यपथ /

    दन्तेवाड़ा जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की शुरुआत 5 मई से 10 मई तक चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत विभाग द्वारा सामुदायिक स्तर पर घर-घर भ्रमण कर 1 वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की खुराक दी जाएगी। इस अभियान के अंतर्गत मितानिनों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के द्वारा घर का भ्रमण कर बच्चों को कृमि नाशक दवा उपलब्ध कराई जाएगी.। जिले में कुल 112496 बच्चों को कृमि नाशक दवा देने का लक्ष्य रखा गया है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ राजेश ध्रुव ने बताया कि 5 से 7 मई को दल के द्वारा घर-घर जाकर दवा दी जाएगी तथा बचे हुए बच्चों के लिए 9 एवं 10 मई को पुन: घर का भ्रमण कर दवा दी जाएगी। जिले के समस्त जन सामान्य से अपील की जाती है कि उक्त दिवस में अपने बच्चों को एल्बेंडाजोल की खुराक अवश्य दिलाएं एवं इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु अपना सहयोग देवे। उक्त कार्यक्रम के लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में एल्बेंडाजोल की दवा उपलब्ध करा दी गई है एवं सभी मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया है।

    कोण्डागांव/ शौर्यपथ /

    जो भी जनजाति अपने रिति-रिवाज परम्पराओं व देवी-देवताओं को नहीं मानते है ऐसे लोगों को जनजाति आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए उक्त बाते पं्रात संयोजक जनजाति सुरक्षा मंच भोजराज नाग ने गुरूवार को स्थानीय रेस्ट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि, ऐसे लोगों को डी लिस्टिंग होनी चाहिए, उन्होंने अनुछेद 341 में अनुसूचित जाति वर्ग का व्यक्ति यदि धर्म परिवतर्न करता है तो उसे आरक्षण का लाभ नहीं मिलता वही 342 में यह प्रवधान नहीं है। इसलिए हम यह मांग करते है कि, इसमें भी यह शामिल किया जाए वही उन्होंने फर्जी जाति प्रमाण पत्र को लेकर अपनी बात कही कि, ऐसे लोगों को जांच करते हुए तत्काल कायर्वाही करना चाहिए। आज देश में 20 प्रतिशत लोग धमर्परिवतर्न करने के बाद भी आरक्षण का लाभ ले रहे है। वहीं तेलगांना के अधिवक्ता एचके नागू ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि, यदि हम आज अपनी संस्कृति को बचाने के लिए समाने नहीं आए तो कुछ दिनों बाद हमारी संस्कृति ही बिखर और खत्म हो जाएगी। जिसकी लड़ाई हम वर्ष 1960 से आजतक लड़ते आ रहे है, इसलिए वतर्मान समय में डी लिस्टिंग करना अनिवार्य हो गया है। इस मौके पर जनजाति सुरक्षा मंच से जुड़े लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

     - जनजाति सुरक्षामंच के साथ ही अन्य पदाधिकारियों ने किसा सभा को संबोधित।

    हजारो की संख्या में लोग हुए शामिल।

    कोण्डागांव / शौर्यपथ /

    स्थानीय चैपाटी मैदान परिसर में गुरूवार को जनजाति सुरक्षा मंच के बैनर तले धर्मांतरण को लेकर जिला मुख्यालय में विशाल विरोध रैली निकाली। जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी समाज व सुरक्षामंच से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। चैपाटी परिसर में हुए सभा के दौरान सुरक्षामंच से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि, लगातार इलाके में धर्मांतरण हो रहा है। जो आने वाले समय में हम सबके लिए खतरनाक है, हम यहॉ वर्षो से अपनी संस्कृति व पंरपराओं के साथ रह रहे है, लेकिन अब हमे हमारे बूढ़ादेव को ही मानने से मना करने वाले बढ़ गए है। ऐसे लोगों को समाज से बाहर करने के साथ ही उन पर कायर्वाही भी होना चाहिए, यदि ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले समय में हमारी संस्कृति ही खत्म हो जाएगी और हम कुछभी नहीं कर पाएंगे, इसलिए हमें आज और अभी जागना होगा। और इन लोगों को डी लिस्टिंग करना होगा। मंच से वक्ताओं से कहा कि, धर्म परिवतर्न करने के बाद गांव के देवी-देवताओं और स्थानीय संस्कृति को धमांर्तरिंत होने वाले लोग नहीं मान रहे है। जिससे ग्रामीण व्यवस्था काफी प्रभावित हो रही है और आए दिन लड़ाई झगड़े हो रहे है। संविधान में यदि किसी भी धर्म को मानने की मनाही नहीं है तो धर्म परिवतर्न के बाद जनजातियों को मिलने वाली सुविधाओं से वंचित करने का प्रवधान भी है।

    पवूर्मंत्री रहे मौजूद रहे दशर्क दीर्घा में-

    सभा के दौरान पूर्व मंत्री केदार कश्यप व लता उसेंडी मंच से भले ही दूरी बनाते हुए दशर्क दीर्घा में बैठ वक्ताओं को सुन रहे है। मंत्रीद्वय ने कहा कि, यह आयोजन कोई राजनीतिक नहीं है और हम भी समाज के होने के नाते इस आयेाजन में शामिल होने पहुंचे है। रैली में शामिल लोग जहॉ नारे लगाते रहे वही तख्तियों में भारत भूमि की संवैधानिक आस डी लिस्टिंग कानून पास करोष्सरपंच से सांसद सब सुनो भारत वाले एसटी की पुकार सुनो जैसे श्लोग्न हाथों में पकड़कर चलते रहे। इस मौके पर एचके नागू, भोजराज द्यनाग, फरसूराम, कमलूराम, मनहेर कोरार्म, खेमचंद नेताम, छोटू सलाम, बंटी नाग सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व सुरक्षामंच से जुड़े लोग मौजूद रहे।

    उत्तर बस्तर कांकेर /शौर्यपथ/

    महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया ने आज जिला कार्यालय कांकेर में अधिकारियों की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। जनसमस्या व शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जावे। प्रकरणों का निराकरण नियमानुसार करते हुए लोगों को लाभान्वित किया जाये, प्रकरण नियमों के अनुरूप नहीं होने पर हितग्राही को स्पष्ट रूप से बता दिया जाये ताकि उसे अनावश्यक भटकना न पड़े। सभी विभागीय अधिकारी अपने दायित्वों का भली-भांति निर्वहन करते हुए नागरिकों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित करें।
                 प्रभारी मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया द्वारा बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत संचालित कार्य एवं मजदूरी भुगतान, नरवा कार्यक्रम, गोधन न्याय योजना, मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, जल-जीवन मिशन, राजीव युवा मितान क्लब, छात्रावास-आश्रम भवनों की मरम्मत इत्यादि की समीक्षा की गई एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। कलेक्टर  चन्दन कुमार ने पावर प्रेजेन्टेशन के माध्यम से जिले में संचालित गतिविधियों, योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नरवा कार्यक्रम के अंतर्गत प्रथम चरण में 2466 कार्य स्वीकृत किये गये, जिसमें से 2465 पूर्ण हो चुके हैं, द्वितीय चरण में 4814 कार्य स्वीकृत किये गये हैं, जिसमें से 2480 कार्य पूर्ण हो चुके है, शेष कार्य प्रगति पर है। गोधन न्याय योजनांतर्गत जिले के सभी गौठानों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये हैं तथा गौठानों को मल्टी एक्टीविटी सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है, 389 गौठानों में गोबर की खरीदी की जा रही है, जिससे वर्मी कम्पोस्ट बनाये जा रहे हैं। अब तक 48 हजार 183 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जा चुका है। 290 आंगनबाड़ी भवन निर्माण स्वीकृत किये गये हैं, जिसमें से 47 भवन पूर्ण हो चुका है तथा शेष प्रगतिरत है। मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना के अंतर्गत जिले के 190 हाट-बाजारों में 02 लाख 17 हजार मरीजों का उपचार कर लाभान्वित किया जा चुका है। इस योजनांतर्गत 75 डेडीकेटेड टीम बनाया गया है, जो हाट-बाजारों में पहुंचकर मरीजों का उपचार करते हैं। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अंतर्गत गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों तथा गर्भवती व पोषक माताओं को पौष्टिक गर्म भोजन सुपोषण दूतों के माध्यम से कोदो की खिचड़ी और रागी का हलवा प्रदान किया जा रहा है, जिसके फलस्वरूप कुपोषण की दर में लगभग 13 प्रतिशत की कमी आई है।
                    प्रभारी मंत्री अनिला भेड़िया ने मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए जिले के सभी पात्र हितग्राही को लाभान्वित करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया। घोटुल एवं देवगुड़ी निर्माण की समीक्षा भी बैठक में की गई, जिसमें बताया गया कि जिले में डीएमएफ मद अंतर्गत 125 घोटुल एवं 186 देवगुड़ी स्वीकृत किये गये हैं, जिनका निर्माण कार्य प्रगति पर है। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के अंतर्गत जिले के 07 हजार 124 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है, अब तक दो किस्त प्राप्त हो चुके हैं। अनुसूचित जाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी अधिनियम अंतर्गत जिले में 28 हजार 17 व्यक्ति वन अधिकार मान्यता पत्र, 06 हजार 327 सामुदायिक वन अधिकार तथा 383 वन संसाधन हक प्रदान किये गये हैं।
                       समीक्षा के दौरान कलेक्टर  चन्दन कुमार ने बताया कि जिले के सभी ग्राम पंचायतों में ग्रामीण सचिवालय का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें ग्रामीणों की समस्या एवं शिकायत संबंधी आवेदन पत्र प्राप्त कर उनका तत्काल निराकरण किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाकर प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत एसटी, एससी, ओबीसी वर्ग के छात्र-छात्राओं के जाति प्रमाण-पत्र बनाये जा चुके हैं। इससे पूर्व अभियान चलाकर कक्षा 6वीं से 12वीं तक अध्ययनरत एसटी, एससी, ओबीसी वर्ग के 12 हजार 771 विद्यार्थियों के जाति प्रमाण-पत्र बनाये गये हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारी हितग्राहियों को प्रति छः माह में प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, जिसमें हितग्राही के बैंक खाता में पेंशन की राशि जारी होने का विवरण रहता है। जिले के शहरी क्षेत्रों में श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स खोलने, कांकेर में सी-मार्ट की स्थापना एवं जल-जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों की भी समीक्षा किया गया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। इस अवसर पर जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री हेमंत धु्रव, कांकेर नगरपालिका के अध्यक्ष सरोज ठाकुर और जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष  सुभद्रा सलाम, पुलिस अधीक्षक  शलभ कुमार सिन्हा, अपर कलेक्टर  एस.पी. वैद्य, जिला पंचायत सीईओ  सुमीत अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

    उत्तर बस्तर कांकेर /शौर्यपथ/

    - राज्य शासन की सुराजी गांव योजना के तहत गांवों में स्थापित गौठान से छत्तीसगढ़ में जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ साथ स्वालंबन एंव आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है। शासन की महती गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदकर महिला स्व सहायता समूहों द्वारा वर्मी खाद तैयार किया जा रहा है। गोबर को वर्मी खाद में बदलने वाले वर्म केंचुवा कीड़ा को भी हरनपुरी गौठान की महिला समूह द्वारा बिक्री की जा रही है, ’कीड़ा बेच कर 40 हजार रुपए की आमदनी हुई है।
     ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी प्रवीण कवाची ने बताया नगर पंचायत भानुप्रतापपुर के गौठान के लिए 01 कुंटल वर्म केंचुवा कीड़ा का आर्डर मिला था, हरनपुरी महिला समूह से संपर्क कर 02 सौ रुपये प्रति किलो की दर से  20 हजार रुपये में 01 कुंटल वर्म किड़ा नगर पंचायत को उपलब्ध करवाया गया, हरनपुरी महिला समूह ने भानुप्रतापपुर ब्लॉक के संबलपुर, रानीडोंगरी, डोगरकट्टा, मुंगवाल, कुंडाल, भेजा, जातावाड़ा, कराठी इत्यादि गांवो के गोठानो में भी 20 हजार रुपए का वर्म विक्रय किया गया। महिला समूह को केंचुवा कीड़ा विक्रय से ही 40 हजार रुपये की शुद्ध आमदनी प्राप्त हुई, कृषि विभाग के सहयोग एंव मार्गदर्शन से समूह की महिलाओ को वर्मी खाद बनाने एवं केंचुवा कीड़ा पालन के तरीको का प्रशिक्षण दिया गया था।  समूह की महिलाए सीखने की ललक हुनर और मेहनत से ही गौठान में वर्मी खाद उत्पादन और केंचुवा कीड़ा उत्पादन करने में महारत हासिल कर लिये। ’हरनपुरी गौठान के जय मां अम्बे महिला स्व सहायता समूह के अध्यक्ष श्रीमती जयंत्री साहू’ ने बताया कि दो माह पूर्व ही गांव में गौठान खुलने के बाद गोधन न्याय योजना से गांव की महिलाए जुड़ी, वर्मी उत्पादक समूह में 12 सदस्य है, गोधन न्याय योजना से जुड़ने के बाद से इसका सीधा लाभ हम गांव की महिलाओ को मिलने लगा जिससे महिलाए उत्साहित है।
          पंचायत सचिव रघुवर साहू ने बताया हरनपुरी गौठान तीसरा चरण में निर्मित नवीन गौठान है, गौठान में अभी वर्तमान में 06 वर्मी टैंक बना है तथा 14 वर्मी टैंक बनाने प्रस्ताव दिया गया है, 06 टैंक में वर्मी खाद बनना शुरू हो गया, समूह के महिलाओ द्वारा टैंक से प्रथम लेयर की छनाई से 50 बैग वर्मी खाद एकत्र कर छनाई पैकेजिंग कर किसानो को लेम्पस के माध्यम से विक्रय के लिए भंडारण की तैयारी कर ली गई है। 06 टैंक से द्वितीय व तृतीय लेयर की छनाई से 200 बैग तक वर्मी खाद निकाल ली जाएगी, पंचायत सचिव ने बताया गांव की महिला समूहो को उनकी रुचि के आधार पर विभिन्न मल्टीएक्टिविटीज कार्यो जैसे वर्मी उत्पादन, सब्जी उत्पादन, मुर्गी पालन, सुकर पालन, बकरी पालन, मछली पालन, मशरूम उत्पादन सहित विभन्न आजीविका मूलक कार्यो से जोड़ा जा रहा है।

     कोंडागांव/ शौर्यपथ /

    पर्यावरण संरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लाल ईंटों पर 2012-13 में प्रतिबंध लगाया गया है। लेकिन यह प्रतिबंध कोंडागांव जिले में बेअसर हो गया है। खनिज विभाग इसके निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है। कभी इसकी शिकायत हुई तो उसे दबाने खानापूर्ति की कार्रवाई कर रहा है। यह आरोप लाल ईंट भट्टों से परेशान फ्लाई एस के संचालकों ने लगाया है। कार्रवाई नहीं होने से इनके फ्लाई एस ब्रिक्स उद्योग पर असर पड़ रहा हैं। पर्यावरण के संरक्षण के लिए लाल ईट की जगह फ्लाई एस ब्रिक्स का उपयोग करने का आदेश है। लेकिन इस दिशा में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वही कोंडागांव जिला मुख्यालय के कृषि उपज मंडी समिति के समीप भी लाल ईंटो से शासकीय उपज गोदाम का निर्माण तो किया जा रहा पर लाल ईंटो से पर अब तक प्रशासन की नजर इस पर नही पड़ी है ।
    कोर्ट के आदेश की उड़ रही धज्जियां
    2013 में कोर्ट द्वारा लाल ईंटो पर प्रतिबंध कर दिया साथ ही शासकीय कार्यो में उपयोग लाने सख्त पाबन्दी भी लगा दिया गया जिसके बावजूद आज भी शासकीय कार्य मे लगातार लाल ईंटो का उपयोग किया जा रहा है मगर जिम्मेदार अधिकारी मौन है ओर लाल ईंटो का कारोबार फैल रहा है ।
    उचित कार्यवाही ना करने से कारोबारियों के हौसले बुलंद
    राजस्व व खनिज विभाग के द्वारा अवैध रूप से संचालित लाल ईंट भट्टों पर समय-समय पर विभाग द्वारा कार्यवाही के नाम पर दस्तक दी जाती है, लेकिन अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ उचित कार्यवाही ना करने से कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। अवैध कारोबारी बेधड़क लाल ईंट का निर्माण करते हैं और दुगुने तीगुने दाम में बेचकर मोटी रकम कमा रहे हैं, जो अवैध ईंट कारोबारियों के कमाई का जरिया बन चुका है। विभागीय अधिकारियों को जानकारी होते हुए भी राजस्व और खनिज अमला हाथ पर हाथ धरे खामोश बैठा हुआ है और अवैध ईंट भट्टा कारोबारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कड़ी कार्यवाही ना होना, विभागीय कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करता है।

    बस्तर /शौर्यपथ/

    विकासखण्ड कोयलीबेड़ा के प्राथमिक शाला कसादण्ड में पदस्थ सहायक शिक्षक (एल.बी.) मुकेश उसेण्डी को कलेक्टर चन्दन कुमार द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय भानुप्रतापपुर नियत किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।
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