August 20, 2026
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    बस्तर

    बस्तर (1122)

    कोण्डागांव / शौर्यपथ /

    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के द्वारा गोठानों को मल्टी एक्टीविटी सेंटर तथा ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित करने एवं इसके द्वारा गांवों की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 25 समूहों की महिलाओं को क्षमतावर्धन कार्यक्रम के तहत् क्षेत्रीय भ्रमण कराया गया। इसके तहत् इन महिलाओं को जिले के मल्टी एक्टीविटी गोठानों में विभिन्न गतिविधियों के संचालन एवं उनके विपणन के संबंध में जानकारी देते हुए उन्हें इन गतिविधियों को अपने गांव के गोठानों में संचालित करने हेतु आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया साथ ही इन सफल गोठानों के संचालन के तरीकों के संबंध में भी विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। इसके तहत् इन महिलाओं को मुरनार, कोंगेरा, बोलबोला, कनेरा आदि गोठानों का भ्रमण कराया गया। जिसमें उन्हें डेयरी, सब्जी उत्पादन, मशरूम उत्पादन, मुर्गीपालन, बटेर पालन, सुकर पालन, बकरी पालन आदि की जानकारी दी गई।

    जिले में 06 ग्रामीण औद्योगिक पार्कों की होगी स्थापना

    छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जिले में 06 स्थलों पर ग्रामीण औद्योगिक पार्कों की स्थापना की जायेगी। जिसके तहत् ग्राम करनपुर में बेलमेटल से बनी सामग्रियों के लिए, ग्राम चुरेगांव में दुग्ध उत्पादन एवं उसके प्रसंस्करण हेतु, बोरगांव में रेशम बुनकरों हेतु, मसोरा में रेशम उत्पादन केन्द्र में रेशम उत्पादन एवं उसके प्रसंस्करण हेतु, माकड़ी में जैविक चावल उत्पादन एवं प्रसंस्करण हेतु तथा राजागांव में सुगंधित तेल के उत्पादन एवं उनके प्रसंस्करण हेतु ग्रामीण औद्योगिक पार्क स्थापित किये जायेंगे। इन ग्रामीण औद्योगिक पार्कों की सहायता से राज्य शासन द्वारा अधिक से अधिक लोगों एवं बिहान समूहों को इससे जोड़कर रोजगार देने का लक्ष्य बनाया गया है। इसके माध्यम से जिले में हजारों की संख्या में रोजगार उत्पन्न होंगे।

     कोंडागांव / शौर्यपथ /

    देश के 112 आकांक्षी जिलों में शामिल कोण्डागांव एक जनजातीय बहुल जिला है। जहां 80 फिसदी से अधिक आबादी गांवों में निवास करती है। जहां जनजातीय गांवों में सभी रोगों एवं व्याधियों के उपचार के लिए ग्रामीणों द्वारा झाडफ़ूक एवं परम्परागत चिकित्सा पद्धतियों के द्वारा उपचार किया जाता है। ऐसे में इन क्षेत्रों में मोतियाबिंद जैसी नेत्र व्याधियों को सामान्य वृद्धावस्था की समस्या मानकर अनदेखा कर दिया जाता है। ऐसे में अपने आंखों की रौशनी को जाता देखकर भी व्यक्ति इसके संबंध में कुछ नहीं कर पाता और धीरे-धीरे उसे कुछ भी दिखना बंद हो जाता है। इस स्थिति को देखकर राज्य शासन के निर्देश पर जिले में सीएमएचओ डॉ0 टीआर कुंवर के मार्गदर्शन में अंधत्व निवारण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

    इस संबंध में सहायक नोडल अंधत्व निवारण एवं नेत्र सहायक अधिकारी अनिल बैध ने बताया कि अंधत्व निवारण कार्यक्रम के समक्ष आधुनिक संसाधनों एवं विशेषज्ञों की कमी एक बड़ी बाधा थी। ऐसे में कलेक्टर के द्वारा डीएमएफ फण्ड से नेत्र चिकित्सा के आधुनिक उपकरणों एवं ऑपरेशन थियेटर के निर्माण जिले के लोगों के उपचार हेतु कराया गया। इसके पश्चात् नेत्र सर्जन डॉ0 कल्पना मीणा की नियुक्ति के पश्चात् अंधत्व निवारण कार्यक्रम को नई उड़ान मिल गई। पहले जहां 2017 में केवल 210, 2018 में 40, 2019 में 482 एवं 2020 में 41 ही मोतियाबिंद के ऑपरेशन हुए थे। वहीं 2021-22 में यह आंकड़ा सीधे 1144 पहुंच गया। अंधत्व निवारण कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए एवं जिले के प्रत्येक व्यक्ति की नेत्र जांच कर नेत्र विकारों एवं मोतियाबिंद से लोगों को निजात दिलाने के लिए मितानिन एवं स्वास्थ्य संयोजकों द्वारा सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में शिविर लगाकर सहायक नेत्र अधिकारियों द्वारा नेत्र रोगियों की पहचान कर उन्हें जिला अस्पताल में भेजा जाता है। जहां नेत्र सर्जन डॉ0 कल्पना मीणा द्वारा प्रत्येक मरीज की जांच कर उनका उपचार किया जाता है।
    इस संबंध में डॉ0 कल्पना मीणा ने बताया कि जिले में लोगों के बीच फैली भ्रांतियों जैसे ठण्ड में नेत्र ऑपरेशन के बेहतर होने, ऑपरेशन से देवताओं के नाराज होने आदि कारणों से लोग ऑपरेशन से बचते थे। ऐसे में लोगों को जागरूक कर ऑपरेशन हेतु जिला अस्पताल तक लाना पहली चुनौती हुआ करती है। जिले में इन भ्रांतियों के कारण कई लोग जन्मजात मोतियाबिंद से पीडि़त होने के बावजूद भी ऑपरेशन कराने से डरते थे। जागरूकता अभियान के साथ आधुनिक उपकरणों के जिला अस्पताल में लग जाने एवं सहयोगी विशेषज्ञों की उपलब्धता से अब मरीजों के उपचार की गति में वृद्धि हुई है। इसी का परिणाम है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में अप्रैल से मार्च के मध्य कुल 1333 सर्जरी हो पायी है। जिनमें 1144 प्रकरण मोतियाबिंद के थे। इसके लिए मैं अपने सभी ऑपरेशन में सहायक स्टॉफ का भी धन्यवाद करती हूं। जिनका मुझे पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ है।

    ओडि़सा के भी 100 से अधिक लोगों की हुई सर्जरी

    इस संबंध में अंधत्व निवारण नोडल डॉ0 हरेन्द्र बघेल ने बताया कि जिले में नेत्र ऑपरेशन के आधुनिक उपकरण एवं विशेषज्ञ सर्जन के आने से मोतियाबिंद के मरीजों के उपचार में तेजी से वृद्धि हुई है। जहां वर्ष 2017 से 2020 तक जिला अस्पताल में कुल 773 मरीजों के मोतियाबिंद का उपचार हुआ था। वहीं वर्ष 2020-21 में कोरोना महामारी के कारण नेत्र ऑपरेशन रूक से गये थे। वहीं कोरोना महामारी के प्रसार के कम होते ही वर्ष 2021-22 में नेत्र चिकित्सा की रफ्तार बढ़ा दी गई है। जिससे एक वर्ष में 7934 ओपीडी एवं 1333 सर्जरी निस्पादित की गई है। जिसमें 1144 मोतियाबिंद तथा 189 अन्य ऑपरेशन किये गये हैं। जो कि शायद इस वर्ष राज्य में किसी नेत्र सर्जन द्वारा व्यक्तिगत रूप से किये गये ऑपरेशनों में सर्वाधिक होगा। इस वर्ष जिसमें छोटे नाबालिक बच्चों, जन्मजात मोतियाबिंद से पीडि़तों, गंभीर बीमारियों से पीडि़त मरीजों से लेकर अत्यंत वृद्ध व्यक्तियों को भी उपचारित किया गया है। जिला अस्पताल में नेत्र चिकित्सा की उत्तम व्यवस्था को देखते हुए न सिर्फ आस-पास के जिलों अपितु पड़ोसी राज्य ओडि़सा के सीमावर्ती जिलों से भी मरीज गंभीर रोगों उपचार हेतु जिला अस्पताल आ रहे हैं। अब तक ओडि़सा से आये 454 लोगों की स्वास्थ्य जांच एवं 100 से अधिक लोगों की सर्जरी की गई है।

     

    कोंडागांव / शौर्यपथ /

    जब रोजगार, घर या भोजन से महरूम मजदूरों के आर्थिक सामाजिक हालात से बेखबर सरकार स्वयं की पीठ थपथपाकर प्रदेश में बढ़ रही बेरोजगारी की दर को आंकड़ों के मकडज़ाल मे उलझा कर झूठा दंभ भर रही हो और ज़मीनी हकीकत कुछ और बयां करे तब अनायास ही प्रगति के समान अवसर के सब्जबाग दिखाने वालों की कलई खुलती नजर आती है । उस पर प्रशासनिक संवेदनहीनता का डबल डोज पलायन का दंश झेलते व्यक्ति को मिलने वाली न्याय की आस को अंदर तक तोड़ते हुए परिवारों और अंतत: समाज को पंगु बना देता है ।

    भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रौनक दीवान ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि ताजा वाक्या नगर के कोपाबेड़ा वार्ड निवासी तरसीम नेताम से जुड़ा है जिसे बहला फुसला कर अच्छी नौकरी और मुकम्मल जि़ंदगी का सपना दिखाते विजयवाड़ा ले जाया गया जहां से आगे बैंगलोर ले जाकर बंधुआ मजदूरी करवाने का मामला प्रकाश में आया है । मजदूर के पिता रामलाल ने दिनांक 10/03/2022 को पुलिस को लिखित शिकायत में बताया कि उनका पुत्र तरसीम नवंबर माह से विजयवाड़ा में कार्यरत था । मार्च माह में किसी तरह घर वापस आए उस युवक के दो अन्य दोस्तों के माध्यम से जानकारी मिली की वह बैंगलोर के किसी एम पी ए आर कंपनी में बंधुआ मजदूर के रूप में कार्य कर रहा है । जहां से वह अपने घर वापस आना चाहता है किंतु बंधक बनाए जाने से वापस घर आने में असमर्थ है । 12 दिनों के बाद दिनांक 22/03/2022 को पुलिस प्रशासन की आंख खुली जिस पर कार्यवाही के नाम पर श्रम विभाग कोंडागांव के नाम एक पत्र अग्रेषित किया गया जिसमे उक्त युवक को वापस लाने एक टीम गठित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया ।

    संवेदन शून्यता का परिचय देते श्रम कार्यालय से आवेदक को मौखिक रूप से कहा गया की बंधुआ मजदूरों को घर लाने की एक प्रक्रिया होती है जिस पर शासन का बहुत सा रुपया खर्च होता है । नगर के जागरूक जनप्रतिनिधि और नगर पालिका उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी को जब इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने फौरन कलेक्टर से मुलाकात कर आवेदन देकर प्रार्थी रामलाल को न्याय दिलाने व तरसीम की सकुशल घर वापसी की गुहार लगाई जिस पर जिला कलेक्टर ने श्रम विभाग से जानकारी लेने की बात कहते उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है । इस पर क्या कार्यवाही होती है यह समय के गर्भ में है किंतु यह वाकया रोजगार देने का वादा करती प्रदेश सरकार के दंभ को चूर चूर कर प्रशासनिक उदासीनता इंगित करने को पर्याप्त है ।
    नगर पालिका उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी ने कहा कि भले ही भूपेश बघेल घूम घूम कर छत्तीसगढ़ मॉडल की बात कर रहे हो लेकिन छत्तीसगढ़ में यह मॉडल कितना प्रभावी है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रदेश से हर दिन रोजगार की तलाश में हजारों मजदूर पलायन कर रहे हैं । किसी भी समाज की खुशहाली के लिए जरूरी है कि विभिन्न कारणों से होने वाले पलायन को रोका जाए । सरकारी दावों के बावजूद पलायन न रुकना यह बताता है कि विकास के लिए जिस तरह के समेकित प्रयास होने चाहिए वह नहीं हो रहे है ।

    कोंडागांव / शौर्यपथ /

    सर्व समाज कोंडागांव के तत्वाधान में एक अति आवश्यक बैठक आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य रूप से बस्तर रेल आंदोलन का शंखनाद कांकेर जिले के अंतागढ़ से पदयात्रा 03/ 04/2022 को सुबह 10:00 बजे आरंभ की जावेगी । जोकि आगामी दिनांक 8/4 2022 को कोडागाँव पदयात्री कोडागाँव पहुंचेगी व रायपुर नाका से रैली एवं आमसभा चौपाटी मैदान उसके बाद रेल आंदोलन पदयात्री जगदलपुर की ओर रवाना किया जावेगा जो 12/04/2022 को जगदलपुर में समाप्त होगी! जिसका आगाज सर्व समाज, कोंडागांव, सर्व समाज जगदलपुर, सर्व समाज, नारायणपुर ,सर्व समाज, अंतागढ़ सर्व समाज तथा पूरे बस्तर संभाग के लोगों द्वारा किया जावेगा। जिसकी रूपरेखा आज के बैठक में तय किया गया तथा यह भी तय किया गया कि बस्तर के हजारों लोग इस आंदोलन भाग लेंगे. ताकी सरकार जल्द से जल्द इस रेल मार्ग पूर्ण करवाए, देश आजाद हुए 70 बरस होने के बाद भी बस्तर संभाग रेल लाइन नहीं आना विकास से कोसों दूर नजर आ रहा है कहीं ना कहीं सरकार बस्तर के आम लोगों के साथ छलावा कर रही है जिसके लिए सर्व समाज रेल आंदोलन रोड से लेकर सदन तक आंदोलन करने को तैयार है जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी सर्व समाज बस्तर संभाग के सर्व समाज एवं आम जनता आम नागरिक एवं विभिन्न संगठन की पदाधिकारियों से अपील है कि इस रेल लाइन विस्तार आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग ले ताकि हमारा आवाज दिल्ली तक पहुंच सके

    इस बैठक में मुख्य रूप से सर्व समाज के संरक्षक सी आर कोर्राम, शांतिलाल सुराना, आरके जैन, एमडी बघेल, सर्व समाज के अध्यक्ष धंसराज टंडन, उपाध्यक्ष मणिशंकर देवांगन, सचिव शीतल कोर्राम, कोषाध्यक्ष आई सी निषाद प्रवक्ता नीलकंठ शार्दुल, सह सचिव श्रीनिवास नायडू , सह कोषाध्यक्ष रमाकांत महाजन ,मीडिया प्रभारी विश्वजीत चक्रवती, संगठन मंत्री सी एल मेश्राम मुख्य सलाहकार सुरेंद्र मिश्रा एवं कार्यकारिणी सदस्य प्रेम सिंह नाग, चमन वर्मा ,शोभाराम ठाकुर ,अशोक गुप्ता ,ओमप्रकाश टावरी, इरशाद खान, केएल वर्मा ,पी एल ठावरे , मास्टर सोना, शंकरलाल नेताम ,मनोज देवांगन नकुल देवांगन , भोला गुप्ता, सुरेश कुमार, भागवत सफरचंद, दशरथ पांडे ,नरसू नाग , प्रकाश, चंद्रेश चतुर्वेदी, किशोर डहरिया ,गदलपुर से  संपत झा, दशरथ कश्यप, किशोर पारख आदि समाज सर्व समाज उपस्थित रहे

     कोण्डागांव / शौर्यपथ /

    अनिष्चितकालीन आंदोलन पर बैठे वन कर्मचारियों की मांगों का सीपीआई द्वारा समर्थन किए जाने के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए सीपीआई जिला परिशद् कोण्डागांव के जिला सचिव तिलक पाण्डे ने बताया कि भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी से जुड़े कम्युनिश्ट कामरेड्स 29 मार्च को वन कर्मचारियों द्वारा जिला मुख्यालय कोण्डागांव में वनमण्डलाधिकारी दक्षिण वन मण्डल कार्यालय कोण्डागांव के समीप अनिष्चितकालीन आंदोलन कर रहे स्थल पर पहुंचे और वन कर्मचारियों की मांगें जायज होने के कारण उनकी मांगों का समर्थन किया।

    इस दौरान जिला सचिव तिलक पाण्डे ने समाचार पत्र के माध्यम से मुख्य मंत्री छ.ग.षासन से अपील किया कि मुख्य मंत्री को वन कर्मचारियों की सभी जायज मांगों को जल्द से जल्द पुरा कर देना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि वन विभाग के इन्हीं कर्मचारियों की बदौलत ही वन क्षेत्र में हरे-भरे पेड़-पौधे जीवित हैं तथा जिसकी वजह से ही पर्यावरण बचा हुआ है। वैसे भी देर सबेर वन कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा करना ही होगा, अच्छा हो कि समय रहते वन कर्मचारियों की मांगों को पूरा कर उन्हें उनकी ड्यूटी पर जाने को कहा जाए, अन्यथा वन कर्मचारियों के अनिष्चितकालीन आंदोलन पर बैठे होने का लाभ उठाते हुए कई लोगों के द्वारा वन क्षेत्र में खडे हरे-भरे पेड़-पौधों की अंधाधुंध कटाई की जा सकती है, वहीं गर्मी का मौसम होने से वन क्षेत्र के हरे-भरे पेड़-पौधों को नुकसान हो सकता है। कुल मिलाकर वन कर्मचारियों की जायज मांगों को जल्द पूरा कर देने में ही वन विभाग के कर्मचारियों सहित वन क्षेत्र के हरे-भरे पेड़-पौधों की भलाई है।

    यदि मुख्य मंत्री छ.ग.षासन वन कर्मचारियों की जायज मांगों को जल्द पूरा नहीं करते हैं और वन क्षेत्र के हरे-भरे पेड़-पौधों को नुकसान होता है तो जिला सचिव तिलक पाण्डे के नेतृत्व में शैलेष शुक्ला, बिरज नाग, बिसम्बर मरकाम, जयप्रकाश नेताम, लक्षण महावीर, दिनेश मरकाम, रामकुमार नेताम, दिपेष, फगनू, छबीलाल नेताम, अनिल नाईक सहित अन्य जिले अन्य कम्युनिश्ट उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी षासन-प्रषासन की होगी।

    कोण्डागांव /शौर्यपथ/

    कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने शासन की महत्वाकांक्षी राजीव गांधी किसान न्याय योजना योजनांतर्गत धान के बदले अन्य लाभकारी फसलों को प्रोत्साहित करने हेतु कृषि अधिकारियों की बैठक ली। इस बैठक में कलेक्टर ने धान के बदले रागी, कोदो कुटकी, मक्का, उड़द, कुलथी, सुगंधित धान, जैविक धान, जिंकेटेड धान आदि की खेती हेतु गांव-गांव में जाकर कृषकों को बताने को कहा। इसके लिए उन्होंने टिकरा भूमियों की पहचान कर उपरोक्त फसलों की खेती प्रोत्साहित करने के लिए ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को ग्रामवार, पंचायतवार एवं विकाखण्डवार कार्ययोजना तैयार करने हेतु निर्देशित किया।

    बैठक में कलेक्टर ने सभी कृषि अधिकारियों को पीएम किसान सम्मान निधि के पात्र हितग्राहियों के खातों का भारत सरकार के निर्देशानुसार ई-केवायसी अपग्रेडेशन के लिए सभी ग्राम पंचायतों में पंचायतवार शिविर आयोजन कर सभी लोकसेवा केन्द्रों के माध्यम से त्वरित गति से कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया।

    इस अवसर पर उन्होंने सभी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को सुगंधित एवं औषधीय फसलों के क्षेत्र में विस्तार हेतु लक्ष्य प्रदान कर इसके संबंध में किसानों को जागरूक करने हेतु निर्देशित किया। जिसके लिए कृषि विभाग के समस्त सभी मैदानी अधिकारियों को सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ ऐरोमेटिक एण्ड मेडिशनल प्लांट (सीमैप) द्वारा तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। उन्होंने मिलेट मिशन के अंतर्गत इस रबी फसल वर्ष में रागी फसल उत्पादन में बीज निगम को प्रदाय की जाने वाली एवं कृषकों के पास उपलब्ध बीजों की जानकारी लेकर उसके उत्पादन पर जोर देने एवं क्षेत्र वृद्धि के लिए निर्देशित किया गया।बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों को दिया नोटिस

    कलेक्टर द्वारा समस्त मैदानी अधिकारियों हेतु बुलाई गई इस बैठक के संबंध में उच्चाधिकारियों द्वारा जानकारी प्रदाय करने के पश्चात् भी कई अधिकारी बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित पाये गये थे। जिसे देखते हुए कलेक्टर ने इसे सिविल सेवा आचरण अधिनियम 1965 का उल्लंघन मानते हुए अनुपस्थित सभी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने हेतु अनुविभागीय कृषि अधिकारी कोण्डागांव को निर्देशित किया है।

    कोंडागांव /शौर्यपथ/

    कोंडागांव जिला प्रशासन द्वारा अब नगर व ग्रामीणों को राहत पहुचाने के लिए मावा कोंडानार एप लॉन्च किया है जिसके जरिये प्रत्येक विभाग से संबंधित सभी योजनाएं एप के माध्यम से देखी जा सकती है साथ ग्रामीण इलाकों से आने वाले ग्रामीणों को राहत पहुचने जो दूर दराज से अपने मांगो व शिकायतों को ले कर जिला मुख्यालय आने की जरूरत नही पड़ेगी जिसके लिए कोंडागांव कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा के मार्गदर्शन में मावा कोंडानार एप का लॉन्च किया गया है जिससे अपनी समस्याओं, आवेदनों शिकायतों व सुझावों को फोटो विडीओ ऑडिओ के माध्यम से स्वयं दर्ज कराए जा सकते है जिसके इसके बाद सिस्टम जनरेटेड यूनिक आईडी के माध्यम से अपनी शिकायतों को ट्रैक भी किया जा सकता है ।
    इस एप के संचालित होने से डिजिटल जिला बनते नजर आ रहा जिससे लोगो को घर बैठे ही उनकी समस्याओं का निवारण किया जा रहा।

     कांकेर /शौर्यपथ/

      नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत जनकपुर वार्ड क्रमांक 20 में पेयजल समस्या से जूझ रहे लोगों ने जिला प्रशासन से पानी की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया एवं धरने पर बैठ गए है।
    वार्ड वासियों का कहना है कि यह समस्या अभी से ही नहीं है इस समस्या को हम कई वर्षों से झेल रहे हैं लेकिन आज तक पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई पूर्व में चुनाव के समय भी मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी ने पूरे वार्ड वासियों के सामने आकर वादा किया था कि पानी की समस्या से निजात दिलाया जाएगा तालाब सौंदर्यीकरण किया जाएगा लेकिन अभी तक जमीनी स्तर पर कोई भी कार्य नहीं हुआ वही महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेडिय़ा द्वारा भी सभी वार्ड वासियों को आश्वासन दिया गया था कि यहां अगर नगर पालिका में कांग्रेस की सत्ता थी है तो हम वार्ड में जितने भी समझते हैं उन सभी को हल करेंगे और सारे समस्याओं से आप लोगों को निजात दिलाएंगे। लेकिन आज तक किसी भी समस्या का हल नहीं निकाला गया है आज बड़ी दुर्भाग्य की बात है की कांकेर में इतने बड़े-बड़े राजनेता राष्ट्रीय स्तर के नेता यहां पर पदासीन हैं। परंतु जो लोगों की मूलभूत सुविधा है वह लोगों को नहीं मिल पा रही है। इनका कहना है कि पूर्व में भी नगर पालिका परिषद में कई बार आवेदन दिया गया है लेकिन पालिका की तरफ से जवाब आता है कि वह वार्ड ऊंचे स्थान में है जिसके कारण पाइप लाइन का पानी वहां नहीं चढ़ पाता।
    वार्ड वासियों का कहना है कि पिछले वर्ष भी वे कलेक्टर के पास गुहार लेकर गए थे उन्होंने भी वादा किया था कि नया पाइपलाइन चालू होने के बाद इन्हें संपूर्ण पेयजल व्यवस्था का लाभ मिलेगा और आने वाले 50 सालों तक किसी भी प्रकार की पानी की समस्या से उन्हें जूझना नहीं पड़ेगा लेकिन आज भी वही स्थिति है आज भी जनकपुर वार्ड के लगभग 1100 लोग पानी की समस्या से वैसे ही जूझ रहे हैं।
    धरने स्थल पर मौजूद राजापारा वार्ड पार्षद कहते हैं पानी की समस्या बहुत बड़ी समस्या है। जनकपुर वार्ड के लोग एक - एक बून्द पानी के लिए तरस रहे हैं और जिला प्रशासन, नगर पालिका परिषद मुखदर्शक बन देख रही है। इस वार्ड में एक तालाब है जिसका गहरीकरण कर दिया जाए तो थोड़ा बहुत पानी की समस्या कम हो सकती है नहाने, कपड़े धोने के लिए व्यवस्था बन सकती है वास्तव में मैं चाहूंगा कि जिला प्रशासन नगर पालिका और पीएचई विभाग से निवेदन करना चाहूंगा कि इस पानी की समस्या को जल्द से जल्द निराकरण नहीं किया जाता है तो यह प्रदर्शन उग्र आंदोलन का रूप ले लेगा।
    वहीं जनकपुर वार्ड पार्षद नरेश बिछिया ने कहा जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता की ताकत पर जिला प्रशासन को हम अवगत कराते रहे हैं पिछले कई सालों से अवगत करा रहे हैं आज भी हम अवगत कराएंगे और जिला प्रशासन अगर नहीं मानती है तो आने वाले समय में जो है चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी क्योंकि जनता अगर परेशान होगी तो हमारा दायित्व है प्रतिनिधि होने के नाते जनता के साथ मिल कर के हम सड़क की लड़ाई हो जहां तक जनता कहेगी वहां तक जाने के लिए तैयार है क्योंकि आम जनता को कोई परेशानी होगी तो हमारा दायित्व है प्रतिनिधि होने के नाते जनता के साथ मिल कर हम सड़क की लड़ाई हो जहां तक जनता कहेगी वहां तक हम इनके साथ जाने के लिए तैयार है क्योंकि हमको जनता ने निर्वाचित किया है इसी उद्देश्य को लेकर किया है हमारी जायज मांगों को हमारी आवाज बन के सामने रखेंगे और हमारा पूरा जिम्मेदारी है कि जनता को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके ।पेयजल की समस्या बहुत ही गंभीर समस्या है और हम जिला प्रशासन से चाहते हैं कि धरातल पर जो जल आवर्धन योजना है जो पीएचई विभाग के माध्यम से संचालित की जा रही है इसका लाभ जनता को मिले यही हमारी जिला प्रशासन से मांग है।

    उत्तर बस्तर कांकेर / शौर्यपथ /

    सेवा निवृत्त शासकीय कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के लिए कलेक्टर चन्दन कुमार ने जिला कोषालय अधिकारी को निर्देशित किया है। कौशिल्या मातृत्व योजना का जिले में बेहतर क्रियान्वयन के लिए पीपीटी बनाकर प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिये हैं। उनके द्वारा बस्तर विकास प्राधिकरण सहित अन्य निर्माण कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

    कलेक्टर कुमार ने मंगलवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न प्रकरणों के निराकरण की गहन समीक्षा किया एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। गोधन न्याय योजनांतर्गत गौठानों में गोबर की खरीदी और उसका भुगतान, वर्मी कम्पोस्ट का उठाव की समीक्षा करते हुए इसमें तेजी लाने तथा समर्थन मूल्य पर खरीदे गये धान का शीघ्र उठाव कराने के लिए उप पंजीयक सहकारी संस्था को निर्देशित किया गया। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अतंर्गत हितग्राहियों को भुगतान की समीक्षा उनके द्वारा की गई। मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के 190 हाट-बाजारों में शिविर लगाकर मरीजों का उपचार किया जा रहा है, जिसके लिए 32 डेडीकेटेड टीम बनाया गया है। कलेक्टर श्री चन्दन कुमार ने हाट-बाजारों में प्रदत्त चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा करते हुए स्कूली बच्चों का नेत्र परीक्षण के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिये। प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत एसटी, एससी, ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों का जाति प्रमाण पत्र बनाने के कार्य की समीक्षा करते हुए उन्होंने तहसीलदारों को निर्देशित किया कि मिशन रिकार्ड के अभाव में ग्राम सभा के प्रस्ताव के आधार पर जाति प्रमाण पत्र जारी किये जायें।

    कलेक्टर चन्दन कुमार ने जिले के गौठानों को रूरल इंडस्ट्री पार्क के रूप में विकसित करने के लिए किये जा रहे कार्यों की समीक्षा भी किया। जिला चिकित्सालय कांकेर में ''हमर लैबÓÓ का निर्माण, गांधी ग्राम कुलगांव में मशरूम उत्पादन, दाल मिल, दोना-पत्तल निर्माण, लाख प्रशिक्षण, मछली आहार निर्माण इकाई सहित अन्य कार्यों की समीक्षा किया एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। शहरी क्षेत्रों में अतिक्रमित शासकीय भूमि का व्यवस्थापन, डायवर्सन भू-भाटक की वसूली, विवादित बंटवारा प्रकरणों का निराकरण, सीमांकन प्रकरणों का निराकरण, अविवादित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण की समीक्षा करते हुए उन्होंने नियमित रूप से कोर्ट लगाने के लिए तहसीलदारों को निर्देशित किया।

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