August 20, 2026
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    बस्तर

    बस्तर (1122)

    उत्तर बस्तर /शौर्यपथ/

    जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में कम उपजाऊ उच्चहन एवं कंकरीली जमीन पर किसानों द्वारा कोदो-कुटकी, रागी की फसल ली जाती है, ऐसे जमीन में अन्य फसलों का उत्पादन अच्छे से नहीं हो पाता है। कोदो-कुटकी, रागी में पोषक तत्व प्रचूर मात्रा में पाये जाते हैं। इन्हीं गुणों को ध्यान में रखते हुए इन फसलों के उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के सहयोग से कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर में लघु धान्य (कोदो-कुटकी, रागी) प्रसंस्करण इकाई की स्थापना किया गया है, जिसका लोकार्पण प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 27 जनवरी 2021 को किया गया। स्थापना के बाद से ही इस प्रसंस्करण इकाई में लगातार कोदो-कुटकी एवं रागी प्रसंस्करण किया जा रहा है, प्रसंस्करण इकाई की स्थापना से लेकर अब तक यहॉ 401 क्विंटल रागी तथा 440 क्विंटल कोदो का प्रोसेसिंग किया गया है। इसी प्रकार दुर्गूकोंदल विकासखण्ड के ग्राम गोटुलमुण्डा में स्थापित कोदो-कुटकी प्रसंस्करण केन्द्र में 64 क्विंटल रागी और 68 क्विंटल कोदो का प्रसंस्करण किया गया है। जिससे कांकेर के महिला स्व सहायता समूह को लगभग 03 लाख 50 हजार रूपये और गोटुलमुण्डा की स्व सहायता समूह को लगभग 01 लाख 50 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त हुई है। कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बिरबल साहू ने बताया कि प्रसंस्कृत कोदो-कुटकी एवं रागी मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ियों को प्रदाय किया जा चुका है, जिससे इस कार्य में जुड़े हुए स्व सहायता समूह को रोजगार प्राप्त हो रहा है, साथ ही कुपोषित बच्चे सुपोषित हो रहे है।

    प्रसंस्करण इकाई के संचालन के लिए लघु धान्य फसलों का उत्पादन करने वाले 300 किसानों एवं महिलाओं का समूह बनाया गया है तथा समूह के माध्यम से कृषकों के उत्पाद को संग्रहण कर प्रसंस्करण इकाई में महिला समूह के माध्यम से प्रसंस्करण कर पैकेजिंग किया जा रहा है। इस उत्पाद को जिले के आंगनबाड़ियों के माध्यम से कुपोषित, रक्त अल्पतता से ग्रसित व गर्भवती महिलाओं तथा कुपोषित बच्चों को कोदो चांवल खिचड़ी के रूप में तथा रागी को हलवा के रूप में प्रदाय किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से महिलाओं एवं बच्चों को जहां पौष्टिक एवं गरम भोजन मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर संग्रहण एवं प्रसंस्करण कार्य में संलग्न महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी प्राप्त हो रहा है।

    उत्तर बस्तर कांकेर /शौर्यपथ/

    जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में कम उपजाऊ उच्चहन एवं कंकरीली जमीन पर किसानों द्वारा कोदो-कुटकी, रागी की फसल ली जाती है, ऐसे जमीन में अन्य फसलों का उत्पादन अच्छे से नहीं हो पाता है। कोदो-कुटकी, रागी में पोषक तत्व प्रचूर मात्रा में पाये जाते हैं। इन्हीं गुणों को ध्यान में रखते हुए इन फसलों के उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के सहयोग से कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर में लघु धान्य (कोदो-कुटकी, रागी) प्रसंस्करण इकाई की स्थापना किया गया है, जिसका लोकार्पण प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा 27 जनवरी 2021 को किया गया। स्थापना के बाद से ही इस प्रसंस्करण इकाई में लगातार कोदो-कुटकी एवं रागी प्रसंस्करण किया जा रहा है, प्रसंस्करण इकाई की स्थापना से लेकर अब तक यहॉ 401 क्विंटल रागी तथा 440 क्विंटल कोदो का प्रोसेसिंग किया गया है। इसी प्रकार दुर्गूकोंदल विकासखण्ड के ग्राम गोटुलमुण्डा में स्थापित कोदो-कुटकी प्रसंस्करण केन्द्र में 64 क्विंटल रागी और 68 क्विंटल कोदो का प्रसंस्करण किया गया है। जिससे कांकेर के महिला स्व सहायता समूह को लगभग 03 लाख 50 हजार रूपये और गोटुलमुण्डा की स्व सहायता समूह को लगभग 01 लाख 50 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त हुई है। कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बिरबल साहू ने बताया कि प्रसंस्कृत कोदो-कुटकी एवं रागी मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ियों को प्रदाय किया जा चुका है, जिससे इस कार्य में जुड़े हुए स्व सहायता समूह को रोजगार प्राप्त हो रहा है, साथ ही कुपोषित बच्चे सुपोषित हो रहे है।
    प्रसंस्करण इकाई के संचालन के लिए लघु धान्य फसलों का उत्पादन करने वाले 300 किसानों एवं महिलाओं का समूह बनाया गया है तथा समूह के माध्यम से कृषकों के उत्पाद को संग्रहण कर प्रसंस्करण इकाई में महिला समूह के माध्यम से प्रसंस्करण कर पैकेजिंग किया जा रहा है। इस उत्पाद को जिले के आंगनबाड़ियोें के माध्यम से कुपोषित, रक्त अल्पतता से ग्रसित व गर्भवती महिलाओं तथा कुपोषित बच्चों को कोदो चांवल खिचड़ी के रूप में तथा रागी को हलवा के रूप में प्रदाय किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से महिलाओं एवं बच्चों को जहां पौष्टिक एवं गरम भोजन मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर संग्रहण एवं प्रसंस्करण कार्य में संलग्न महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी प्राप्त हो रहा है।

    बीजापुर /शौर्यपथ/

    आवापल्ली में नवीन कॉलेज का किया शुभारंभ किसानों सहित वनवासियों एवं निर्धन वर्ग के हितों के लिए काम करने कटिबद्ध सरकार प्रभारी मंत्री श्री लखमा

    प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों सहित वनवासियों और निर्धन वर्ग के हितों के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। वहीं आदिवासी अंचलों के विकास हेतु सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पहल कर रही है। विगत 3 वर्षों में समाज के हर वर्ग की बेहतरी और विकास को बढ़ावा देने के फलस्वरूप अब नये बदलाव परिलक्षित होने के साथ ही गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का सपना साकार होने लगा है। यह बात प्रदेश के उद्योग एवं आबकारी मंत्री तथा प्रभारी मंत्री जिला बीजापुर कवासी लखमा ने जिले के उसूर ब्लाक मुख्यालय आवापल्ली में 8 करोड़ रूपए लागत के 20 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण करने के पश्चात आमसभा को सम्बोधित करते हुए वहीं। इस मौके पर उन्होने आवापल्ली शासकीय महाविद्यालय का शुभारंभ किया। वहीं 106 लाख 28 हजार रूपए की लागत से नवनिर्मित आयुर्वेदिक औषधालय आवापल्ली, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आवापल्ली, उप स्वास्थ्य केन्द्र एंगपल्ली एवं उसूर सहित व्यावसायिक परिसर तर्रेम का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 542 लाख 86 हजार रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली खेल मैदान आवापल्ली, तालाब सौन्दर्यीकरण आवापल्ली, बाजार शेड आवापल्ली, बस स्टेण्ड आवापल्ली सहित नवीन तालाब निर्माण एंगपल्ली, कोरसागुड़ा, मलेपल्ली, लिंगागिरी तथा शापिंग काम्पलेक्स गलगम और जल-जीवन मिशन आवापल्ली, दुगईगुड़ा, पेदागेलूर, नुकनपाल एवं तिम्मापुर का भूमिपूजन किया। इस दौरान विधायक निधि से आवापल्ली, बासागुड़ा, उसूर, ईलमिड़ी, तिम्मापुर, मुरदण्डा, चिंताकोंटा, चेरामंगी, मुरकीनार, सेमलडोडी, लंकापल्ली, एंगपल्ली, संकनपल्ली एवं संड्रेल ग्राम पंचायतों को पेयजल टैंकर प्रदाय किया गया।

    प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से आम जनता में खुशहाली आयी है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, समर्थन मूल्य में लघु वनोपज खरीदी, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, ग्रामीण भूमिहीन खेतिहर मजदूर न्याय योजना आदि के जरिये किसानों, वनवासियों और गरीब लोगों के जीवन में बदलाव आया है। राज्य सरकार बस्तर अंचल में विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर पहल कर रही है। सड़क, पुल-पुलिया, सिंचाई के साधनों के विकास, स्कूल, स्वास्थ्य केन्द्र, पेयजल सुविधाओं की सुलभता, विद्युत सुविधा ईत्यादि को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। जिससे सिलगेर, तर्रेम, गलगम, बेचापाल, बेदरे जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा मिला है। अब इन क्षेत्रों के रहवासी विकास की मुख्यधारा में सहभागी बनकर प्रदेश के विकास में व्यापक सहभागिता निभा रहे हैं। प्रभारी मंत्री लखमा ने क्षेत्र की जनता की मांग पर आवापल्ली में विश्रामगृह निर्माण सहित पामेड़ एवं मोदकपाल में नवीन धान खरीदी केन्द्र शुरू करने की घोषणा की। इस मौके पर विधायक एवं उपाध्यक्ष बस्तर विकास प्राधिकरण विक्रम मंडावी ने क्षेत्र की जनता को 8 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों की सौगात देने के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि जिले में विकास कार्यों को अंदरूनी ईलाकों तक पहुँचाने के लिए भरसक प्रयास किया जा रहा है। आगामी दिनों में इस ओर और अधिक ध्यान केन्द्रीत कर पहल किया जायेगा। इस अवसर पर विधायक अंतागढ़ अनूप नाग ने राज्य सरकार के विगत 3 वर्षों की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ और प्रदेशवासियों की बेहतरी के लिए कटिबद्ध होकर गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार कर रही है। आमसभा को जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम, जिला पंचायत सदस्य एवं बस्तर विकास प्राधिकरण के सदस्य नीना रावतिया उद्दे तथा जिला पंचायत सदस्य एवं छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद के सदस्य श्री बसंत राव ताटी ने भी संबोधित किया। आरंभ में कलेक्टर राजेन्द्र कुमार कटारा ने जिले के विकास गतिविधियों एवं उपलब्धियों के बारें में अवगत कराया। इस अवसर पर विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनान्तर्गत 103 हितग्राहियों को सामग्री वितरण तथा चेक प्रदान किया गया। वहीं अतिथियों ने विभिन्न विभागों के द्वारा लगाई गई स्टॉल का अवलोकन कर विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री शंकर कुड़ियम, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के सदस्य श्री अजय सिंह, पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी आरपी सिंह सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधी, कलेक्टर राजेन्द्र कुमार कटारा, पुलिस अधीक्षक कमलोचन कश्यप तथा जिला प्रशासन के अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।

    मंत्री कवासी लखमा का आवापल्ली गौठान में किया गया आत्मीय स्वागत

    समूह की महिलाओं को बकरी शेड, मुर्गी शेड एवं पशुधन उपलब्ध कराने के निर्देशवाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा का दुगईगुड़ा गौठान में गौठान समूह एवं महिला स्वसहायता समूह द्वारा आत्मीय स्वागत किया मंत्री कवासी लखमा ने स्वसहायता समूह की महिलाओं से गौठान में आर्थिक गतिविधियों की जानकारी लेते हुए मौके पर उपस्थित सीईओ जनपद पंचायत उसूर एसबी गौतम को गौठान में मुर्गी-बकरी शेड एवं मुर्गी और बकरी प्रदाय करने के निर्देश दिए साथ ही आर्थिक गतिविधियों का सुचारू रूप से संचालन करने के निर्देश दिए ताकि गौठान समूह की महिलाएँ आर्थिक स्वालंबी बन सकें।

    दीपक वैष्णव की रिपोर्ट 

        कोंडागांव । शौर्यपथ । दिनांक 11.03.2022 को कोण्डागांव मेला के मीना बाजार में प्रार्थी अमित पटेल पिता श्रीनाथ पटेल उम्र 17 वर्ष निवासी बम्हनी नयापारा अपने साथियों के साथ मौत का कुंआ खेल देखकर नीचे उतरा उसी समय आरोपीगण अम्बेडकर प्रधान, करन पटेल भुपेन्द्र पटेल एवं एवं विधि से संघषर्रत बालक के द्वारा प्रार्थी के साथ भीड़ में धक्का मुक्की होने से प्रार्थी को अनावेदकगण द्वारा अश्लील गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी देते हुए सभी मिलकर हाथ मुक्का से मारपीट किए है कि प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोण्डागांव मे अपराध क्रमाक 93/2022, धारा 294, 324, 506,34 भा0द0वि0 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। 

     थाना कोतवाली द्वारा मामले की तत्काल विवेचना करते हुए आरोपी (1). करन पटेल पिता छेडुराम पटेल उम्र 18 वर्ष, निवासी गांधी वार्ड, कोण्डागांव, (2). अम्बेडकर प्रधान पिता बालकृष्णा प्रधान उम्र 18 वर्ष निवासी डोगरीपारा, कोण्डागांव, (3). भुपेन्द्र पटेल पिता नरसिंह पटेल उम्र 20 वर्ष, जाति मरार, निवासी गांधी वार्ड, कोण्डागांव को गिरफ्तार किया गया एवं विधि से संघषर्रत बालक को निरूध्द किया गया। अपराध की रोकथाम एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु आरोपियों के विरुद्ध पृथक से धारा- 151 जा0फौ0 की कार्यवाही कर गिरफ्तार कर माननीय एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया है।

          संपूर्ण कायर्वाही में उप निरीक्षक नरेन्द्र साहू थाना प्रभारी कोण्डागांव, स0उ0नि लोकेश्वर नाग, प्रआर0 हेमु साहू, नरेन्द्र साहू, अशोक कुमार, आर0 लोकेश सोरी का को भूमिका सराहनीय रही।

    कोण्डागांव /शौर्यपथ/

    शुक्रवार को जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव द्वारा वर्चुअल माध्यम से मनरेगा योजनांतर्गत जिले के पांच हितग्राहियों को सम्मानित किया गया। ज्ञात हो कि केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत जारी दिशा निर्देशानुसार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित आईकोनिक वीक के तहत् ‘‘गर्व से जीने की आजादी‘‘ थीम के अंतर्गत मनरेगा के द्वारा किये जा रहे आजीविका आधारित कार्यों से लाभांवित मनरेगा महिला श्रमिकों को सम्मानित करने हेतु वर्चुअल समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव द्वारा छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के कुल 140 लाभार्थियों को सम्मानित किया गया।

    जिसके तहत् जिले की पांच हितग्राहियों को सम्मानित किया गया। जिसमें कोण्डागांव विकासखण्ड के बड़ेबेंदरी की मोरई बाई को बकरी पालन शेड निर्माण, फरसगांव विकासखण्ड के सिरपुर की आयते नेताम को डबरी निर्माण, माकड़ी विकासखण्ड के मुख्यालय की कल्याणवती बाई को पशु आश्रय शेड निर्माण, विकासखण्ड बड़ेराजपुर के गांव टेंवसा की मनाय बाई को डबरी निर्माण तथा केशकाल विकासखण्ड के जामगांव की संतमणी नायक को निजी डबरी निर्माण हेतु वर्चुअली सम्मानित किया गया। जहां जिला पंचायत सीईओ एवं सरपंचों द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गये। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ प्रेमप्रकाश शर्मा, सहायक परियोजना अधिकारी त्रिलोकी अवस्थी, पवन कुमार साहू सहित ग्रामों के सरपंच एवं मनरेगा हितग्राही उपस्थित रहे।

    नारायणपुर /शौर्यपथ/

    जनसंपर्क विभाग द्वारा नारायणपुर जिला मुख्यालय के नया बस स्टैंड में राज्य शासन के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ मॉडल प्रदर्शनी लगायी गयी है। जिसका अवलोकन आज युवा पार्षद अमित भद्र सहित अन्य युवाओं ने किया। इस छायाचित्र प्रदर्शनी में जन सशक्तिकरण से आर्थिक विकास, ग्रामीण भूमिहिन कृषि मजदूर, वनोपज संसाधनों के वैल्यू एडिशन से औद्योगिक विकास, गौधन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, धनवंतरी, बिजली बिल हाफ, गोबर खरीदी केन्द्र आदि योजनाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। विभाग द्वारा लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी एवं एलईडी स्क्रीन के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं का नागरिकों द्वारा अवलोकन किया गया।

    राज्य सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ मॉडल पर आधारित सात दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन 5 मार्च से 11 मार्च 2022 तक किया जायेगा, जिसमें शासन की योजनाओं को छायाचित्र प्रदर्शनी के साथ ही एलईडी स्क्रीन के माध्यम से भी योजनाओ को प्रदर्शित किया जा रहा है। जिले के विपरीत परिस्थितियों में भी शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने शासन-प्रशासन द्वारा गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करते हुए पूरा कर रही है। विगत तीन वर्षाे में भी अतिसंवेदनशील क्षेत्र में शासन की योजनाओं को पहुंचाने में शासन प्रशासन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

     

    महासमुंद /शौर्यपथ/

    ज़िले के सरायपाली विकासखण्ड के कुटेला गांव में मनरेगा प्रगति के पीछे अनिता की अपनी एक दास्तां है। ग्राम पंचायत कुटेला की साधारण सी नजर आने वाली 21 वर्षीय अनिता सिदार के हाथों में गांव के मनरेगा श्रमिकों को कार्य आबंटन और उनसे कार्य कराने की महती जिम्मेदारी है। वे पिछले 1 वर्ष से गांव में योजनान्तर्गत महिला मेट की जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही हैं। यही कारण है कि जहाँ वर्ष 2021-21 में 470 मनरेगा परिवारों को 16 हजार 678 मानव दिवस का रोजगार मिला था एवं वह वर्ष 2021-22 के 11 माह के भीतर में 382 परिवारों को 12 हजार 819 मानव दिवस का रोज़गार प्राप्त हो चुका है और अभी वित्तीय वर्ष की समाप्ति को आधा माह से ज़्यादा का समय बचा है। प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंह देव ने रायपुर से वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर उन्हें उत्कृष्ट कार्य करने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रशस्ति पत्र ज़िला पंचायत अध्यक्ष एवं सीईओ ज़िला पंचायत  एस.आलोक ने सौंपा।

    जिले के सरायपाली गांव में सम्पन्न परिवार में पली-बढ़ी अनिता, वर्तमान में स्नातक की पढ़ाई कर रही है, अपने परिवार में सबसे अलग थी उसके मन में महिला विकास एवं महिलाओं को आगे बढ़ाने एवं उन्हे अपने अधिकार के प्रति जागरूक करने के लिए हमेशा आगे है। गांव के सरपंच द्वारा उन्हे महात्मा गांधी नरेगा अन्तर्गत मेट कार्य के बारे में बताया जिसे वह अपने स्वेच्छा से वर्तमान में मेट कार्य कर रही है। साल 2020 से ग्राम रोजगार सहायक श्रीमती वृन्दावती साहू के मार्गदर्शन में काम करना प्रारम्भ कर दिया। अपनी लगनशीलता के बलबूते वे थोड़े दिनों में ही मेट के काम में दक्ष हो गई।

    महात्मा गांधी नरेगा के विभिन्न पहलुओं से मेटों को अवगत कराने और उनके उन्मुखीकरण के लिए जनपद पंचायत-सरायपाली में दो-सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया था, जिसमें अनिता ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया। वे बताती हैं कि प्रशिक्षण से उनकी कार्य-कुशलता में वृद्धि हुई है। वे अब कार्यस्थल पर श्रमिकों का बेहतर तरीके से प्रबंधन कर पाती हैं। साथ ही नागरिक सूचना पटल निर्माण और जॉब कार्ड अद्यतनीकरण के बारे में काफी कुछ जानने और सीखने को मिला। महात्मा गांधी नरेगा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानने वाली अनिता बीते दिनों को याद करते हुए बताती है कि उन्होंने योजना से मिले पारिश्रमिक में से 11 हजार रुपए जोड़कर रखे थे और उस पैसे उसने अपने पढ़ाई पर खर्च किए है। ताकि उन्हे पढ़ाई के लिए किसी पर आश्रित न रहना पड़े।

     

    दंतेवाड़ा /शौर्यपथ/

    जिला प्रशासन की प्रयास से बिहान से जुड़ कर महिलाओं को रोजगार का अवसर दिया गया है। ऐसे ही चितालंका के सीता स्व सहायता समूह की महिलाएं पार्वती महिला ग्राम संगठन हर्बल गुलाल उत्पादन का उत्पादन कर रही हैं यह गुलाल पूर्ण रूप से प्राकृतिक चीजों जैसे फूलों, पत्तियों से बनाया गया है। जिसमे हरे रंग के लिए पालक, धनिया पाउडर, मेहंदी, गुलाबी रंग के लिए चुकंदर, गुलाब की पंखुड़ी, लाल रंग के लिए अनार का छिलका, गाजर, टमाटर, पीले रंग के लिए हल्दी, बेसन, नारंगी रंग के लिए पलाश के फूल, बैंगनी रंग के लिए जामुन व चुकंदर आदि के साथ चावल आटे व अरारोट आटे का उपयोग कर उत्पाद निर्मित किया गया है। यह हर्बल गुलाल त्वचा के लिए इको फ्रेंडली होता है इन प्राकृतिक रंगों के उपयोग से हम इंफेक्शन जैसे रोगों से बच सकते हैं। रंग आसानी से निकल जाता है। पर्यावरण के अनुकूल है। स्व सहायता समूह की महिलाओं ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान ) से जुड़ कर लोगों की सेहत को ध्यान रखते हुए हर्बल गुलाल का निर्माण किया है आगामी होली पर ग्रामीण महिलाएं इन्हीं हर्बल रंग से होली खेलने के लिए सभी को जागरूक कर रही है।

    दंतेवाड़ा /शौर्यपथ/

    सड़कों के निर्माण से विकास का पहिया चल पड़ा

    शासन द्वारा जनजाति और सुदूर अंचल क्षेत्रों में आवागमन सुविधा को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। जिले के अतिसंवेदनशील एवं नक्सल प्रभावित तथा दुरस्थ अचंल के ग्रामों में आवागमन की असुविधा को ध्यान में रखते हुये, जिला प्रशासन तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा विभिन्न मार्गाे का निर्माण किया गया। जिसके लिए विभाग को वहां तक पहुंचने मे कई दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा कभी नक्सलियों का भय था तो कभी जंगली जानवर नदी-पहाड़ का खतरा लेकिन अपने इरादों को मजबूत करते हुए सड़क का निर्माण में लगे रहे जिसके फलस्वरूप अंदरूनी क्षेत्र के गांव भी जिला मुख्यालय से जुड़ गये है। लोक निर्माण विभाग द्वारा आर. आर. पी-2 योजनान्तर्गत जिला दंतेवाड़ा के कारली से अलीयन्चा मार्ग लंबाई 5.60 कि.मी. पुल-पुलिया सहित निर्माण कार्य की लागत राशि 461.17 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्तमान में सड़क निर्माण कार्य लंबाई 5.60 कि.मी. पूर्ण कर लिया गया है। कमेली- दुगेली मार्ग लम्बाई 7.00 कि.मी. पुल-पुलिया सहित चौड़ीकरण कार्य दन्तेवाड़ा अन्तर्गत सड़क निर्माण कार्य की लागत राशि 300.33 की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्तमान में 7.00 किमी डामरीकरण कार्य पूर्ण कर लिया गया। उक्त मार्ग के पूर्ण होने से दन्तेवाड़ा जिला मुख्यालय से सीधे आवागमन तथा इस क्षेत्र के आम जनता लाभान्वित हो रहे हैं।

    मार्ग के पूर्ण होने से जिला मुख्यालय से सीधे आवागमन की सुविधा हुई तथा इस क्षेत्र के आम जनता लाभान्वित हो रहे हैं। कटेकल्याण-कापानार मार्ग संम्बाई 2.80 कि.मी. चौड़ीकरण कार्य दन्तेवाड़ा अन्तर्गत सड़क निर्माण कार्य के लिए 251.78 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्तमान में सड़क कार्य 2.80 कि.मी. पूर्ण कर लिया गया है। उक्त मार्ग के पूर्ण होने से दन्तेवाड़ा से कटेकल्याण होते हुए तीरथगढ़ जलप्रपात व जगदलपुर जिला आवागमन जुड़ जाने से तथा दन्तेवाड़ा सुकमा एवं जगदलपुर के आम जनता लाभान्वित हो रहे हैं।

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