August 19, 2026
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    बस्तर

    बस्तर (1122)

    जगदलपुर /शौर्यपथ/

    विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड के माध्यम से संभागीय आयुक्त कार्यालय बस्तर संभाग के लिए सहायक ग्रेड-03 एवं भृत्य के पदों पर सीधी भर्ती से भरे जाने की स्वीकृति के उपरांत चर्तुथ श्रेणी भृत्य के 03 पदों हेतु भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। रिक्त पदों पर भर्ती हेतु बस्तर जिले के पात्र व इच्छुक स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों से ऑनलाईन आवेदन पत्र विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड बस्तर के वेबसाईट पर आवेदन भरने की तिथि 03 से 25 नवम्बर 2021 तक आनलाईन आवेदन किये जा सकते हैं। चतुर्थ श्रेणी भृत्य के लिए आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग 350 रूपए, अन्य पिछड़ा वर्ग 250 रूपए एवं अनुसूचित जाति, जनजाति एवं दिव्यांगजन के लिए 200 रूपए जमा करना होगा। पदों के भर्ती के संबंध में आवेदन पत्र नियम, शर्ते एवं विज्ञापन का विस्तृत विवरण विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड जगदलपुर के वेबसाइट पर तथा बस्तर संभाग के सभी जिलों के वेबसाइट और आयुक्त कार्यालय के बस्तर संभाग के सूचना पटल पर भी देखा जा सकता है।

    उत्तर बस्तर कांकेर  / शौर्यपथ / जिले के सभी 192 हाट बाजारों में मुख्यमंत्री हाटा बाजार क्लिनिक योजना के अंतर्गत मरीजों का उपचार किया जायेगा, जिसमें शहरी क्षेत्र यहॉ तक कि कांकेर चारामा जैसे शहर के बाजार भी शामिल है।  चिकित्सा टीम द्वारा बाजार स्थल में शिविर लगाकर मरीजों का उपचार किया जायेगा।  कलेक्टर श्री चन्दन कुमार ने आज आयोजित समय सीमा की बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को इस आशय के निर्देश दिये। 18 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के सभी नागरिकों का कोरोना टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये गये है, इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों का सहयोग लेने के लिए भी कहा गया है। पोषण पुनर्वास केन्द्रों में पूरी क्षमता के अनुरूप कुपोषित बच्चों को भर्ती कराना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये गये हैं।
       कलेक्टर चन्दन कुमार ने जिले के कुपोषित बच्चों की जानकारी परियोजनावार तथा आंगनबाड़ी केन्द्रवार उपलब्ध कराने के लिए महिला एवं बाल विकास अधिकारी को निर्देशित किया है। इसी प्रकार गौठानों में संलग्न महिला स्व-सहायता समूह और उनके द्वारा किये जा रहे गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये है। उनके द्वारा गौठानों में गोबर की खरीदी, उससे वर्मीकम्पोस्ट का निर्माण एवं विक्रय, महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किये जा रहे विभिन्न आर्थिक गतिविधियां जैसे-मुर्गी पालन, बकरी पालन, मछली पालन, उद्यानिकी से संबंधित कार्य की जानकारी भी लिया गया तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। उन्होंने समय सीमा की बैठक में विभिन्न विकास कार्यों जैसे-आंगनबाड़ी भवन निर्माण, धान चबूतरा निर्माण, हाट बाजार शेड निर्माण, देवगुड़ी एवं घोटुल का निर्माण, बस्तर विकास प्राधिकरण से संबंधित कार्य इत्यादि की भी गहन समीक्षा किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।  
           किसानो की आमदनी बढ़ाने के लिए उतेरा फसल लेने हेतु किसानों को प्रोत्साहित करने कलेक्टर द्वारा कृषि विभाग के उप संचालक को निर्देश दिये गये है। किसानों द्वारा धान की खेत में लाखड़ी (तिवड़ा), बटरी, अलसी, सरसो, मटर इत्यादि की फसल लिया जाता है। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए उन्होंने जिले के ऐसे समस्त ग्राम जहॉ पांच अथवा उससे कम आवेदन प्राप्त हुए है, उन गांवों में पुनः परीक्षण कराने तथा गांवों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराने के लिए निर्देशित किया गया है। उल्लेखनीय है कि इस योजना अंतर्गत पात्र परिवारों को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा छः हजार रूपये की सहायता राशि दी जायेगी। कलेक्टर श्री चन्दन कुमार द्वारा विभिन्न राजस्व प्रकरणों डायवर्सन, नामांतरण, सीमांकन, बटवारा इत्यादि के निराकरण की भी समीक्षा किया गया। स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र वितरण की समीक्षा भी की गई, जिसमें बताया गया कि माध्यमिक एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालयों के 12 हजार 801 बच्चों को स्थायी जाति प्रमाण पत्र जारी किये गये हैं। जिला प्रशासन द्वारा अब प्राथमिक शाला में अध्ययनरत बच्चों के भी जाति प्रमाण पत्र बनाये जायेंगे। ग्राम पंचायतों में आयोजित ग्रामीण सचिवालय में नोडल अधिकारियो की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा प्राप्त आवेदनों का निराकरण करने के लिए भी उनके द्वारा निर्देश दिये गये। जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित कार्यों में प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा किया गया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल, सभी विभागों के जिला अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ एवं नगरीय निकायों के अधिकारी मौजूद थे।

    उत्तर बस्तर कांकेर / शौर्यपथ / शासकीय पॉलीटेक्निक कांकेर में डिप्लोमा इंजीनियरिंग कोर्स में लेटरल एंट्री द्वारा  द्वितीय वर्ष में प्रवेश हेतु राज्य स्तरीय आनलाइन कांउसलिंग के तृतीय चरण की प्रक्रिया 27 एवं 28 अक्टूबर को रजिस्ट्रेशन एवं डीव्हीसी होगा तथा सीटो का आबंटन 29 अक्टूबर 2021 को किया जायेगा और आबंटित सीटो पर 30 अक्टूबर 2021 को प्रवेश लिया जायेगा। वर्तमान में शासकीय पॉलीटेक्निक कांकेर में मेकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग एंव इलेक्ट्रानिक्स एण्ड टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग के डिप्लोमा कोर्स संचालित है। अधिक जानकारी के लिए संचालनालय तकनीकी शिक्षा रायपुर छत्तीसगढ़ के वेबसाइट  www.cgdteraipur.cgstate.gov.in   का अवलोकन किया जा सकता है।

    कांकेर / शौर्यपथ / पुलिस अधीक्षक कांकेर  शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एन बघेल अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्रीमती चित्रा वर्मा के पर्यवेक्षण में थाना कांकेर पुलिस द्वारा शहर में संचालित पूल एवं कैरम क्लब में छापामार कार्यवाही कर चेकिंग की गई । हालांकि जांच के दौरान किसी भी क्लब में आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। पुलिस ने पूल क्लब संचालकों को क्लब आने-जाने वाले लोगों के संबंध में रजिस्टर संधारित करने एवं पुलिस को जानकारी देने हेतु समझाइश दी। तथा रात्रि 10 बजे तक अनिवार्य रूप से क्लब बंद करने की हिदायत दिया गया कैरम/पूल क्लब में अनावश्यक लोगों का जमावड़ा लगा कर नहीं रखने के संबंध में हिदायत दिया गया तथा पुलिस द्वारा कैरम/पूल क्लब संचालकों को चेतावनी दी गई नियम विरुद्ध कैरम/पूल क्लब का संचालन करने पर संचालकों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।

    कांकेर / शौर्यपथ / जिला स्वास्थ्य समिति कांकेर एवं जिला अस्पताल प्रबंधन कांकेर के संयुक्त तत्वावधान में कोविड-19 टीका कर्मियों का सम्मान कर 100 करोड़ कोविड वैक्सीनेशन उत्सव मनाया गया। शनिवार शाम को जिला चिकित्सालय कांकेर में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन करते हुए यूनिसेफ डीएमसी जिला कांकेर रेहाना तबस्सुम ने कार्यक्रम के उद्देश्य बताते हुए कहा कि आज देश ने 100 करोड़ कोविड-19 टीकाकरण हासिल किया है, इस लक्ष्य को पूरा करने में सभी टीका कर्मियों का अतुलनीय योगदान रहा है, उनके विशेष प्रयास के बगैर यह लक्ष्य असंभव सा था सभी स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित कर उनका आत्मबल विकसित करना हम सब के लिए गर्व का विषय है, साथ ही इस आयोजन के माध्यम से टीकाकरण के प्रति जन जागरूकता लाने का भी प्रयास किया जा रहा है, जिससे टीकाकरण से वंचित लोगों में भी टीकाकरण के प्रति रुझान बढ़े। कोविड-19 डेडीकेटेड अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ लोकेश देव ने सभी टीका कर्मियों को उनकी समर्पण एवं लगन की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि कोविड-19 मरीजों के कांटेक्ट ट्रेसिंग, होम आइसोलेशन फॉलोअप निगरानी सेंपलिंग के साथ ही समानांतर क्रम में कोविड-19 टीकाकरण में हमारे ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक की भूमिका उल्लेखनीय रही है इसके लिए आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
    कार्यक्रम की शुरुआत 100 करोड़ वैक्सीनेशन को प्रदर्शित करते हुए आकर्षक रंगोली के चारों ओर कैंडल जलाकर की गई, तत्पश्चात कांकेर शहर के विभिन्न उप स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ कोविड-19 टीका कर्मी ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक श्रीमती गायत्री नाग, श्रीमती संगीता सिंह, अशोक कुमार नाग एवं अजीत तारम का सम्मान किया गया। जिला अस्पताल में मरीज के अटेंडर बनकर आए उनके परिजनों को भी कोविड टीकाकरण के दोनों डोज पूर्ण करने पर उन्हें भी  सम्मानित किया गया व दूसरों को भी टीकाकरण के लिए प्रेरित करने कहा गया। इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर देवेंद्र नाग, रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर एस पी एस शांडिल्य, कोविड-19  अस्पताल प्रभारी डॉ लोकेश देव,डॉ किरण ठाकुर, जिला अस्पताल सलाहकार मिथिलेश सोनबेर, डॉ सोम, ,टिकेश जैन सहित जिला अस्पताल के कर्मचारी अधिकारी उपस्थित थे।

    कांकेर / शौर्यपथ / राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण  (नालसा) नई दिल्ली के तत्वावधान एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आजादी का अमृत महोत्सव अंतर्गत अखिल भारतीय जागरूकता एवं आउटरीच अभियान के अंतर्गत ’मेगा लीगल सर्विस कैम्प’ का आयोजन किया गया। जिला पंचायत कांकेर के सभाकक्ष में प्रातः 10.30 बजे से आयोजित इस शिविर में ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश डी एल कटकवार, कुटुम्ब न्यायालय के न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा, एडीजे निर्मल कुमार मिंज, सीजीएम चित्रलेखा सोनवानी, न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डायमंड कुमार गिलहरे, न्यायाधीश शंकर कश्यप, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर गौरीशंकर नाग, एसडीएम कांकेर डॉ. कल्पना ध्रुव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
               छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश एवं मुख्य संरक्षक विधिक सेवा प्राधिकरण  अरूप कुमार गोस्वामी के मुख्य आतिथ्य में ई-मेगा विधिक सेवा शिविर का वर्चुअल कार्यक्रम के जरिए शुरुवात की गई। मुख्य न्यायाधीश ने इस मौके पर शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि यह हर्ष की बात है कि वे इस शिविर का हिस्सा बन पाए हैं। उन्होंने संविधान में समान विधिक सेवा सभी नागरिकों को उपलब्ध कराने उल्लेखित अनुच्छेदों का जिक्र किया। निशुल्क विधिक सेवा सभी नागरिकों का अधिकार है और प्रयास है कि सभी नागरिकों को इसकी जानकारी हो। विधिक जागरूकता लाने में यह ई-मेगा विधिक सेवा शिविर काफी सहयोगी साबित हुआ है। उन्होंने इसके लिए सबका धन्यवाद भी ज्ञापित किया।
            कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यायाधीश गौतम भादुड़ी ने की। उन्होंने इस मौके पर कहा कि ई-मेगा विधिक शिविर से सभी जिलों के काफी संख्या में हितग्राही लाभान्वित हुए हैं । इस जागरूकता शिविर को लगाने का मुख्य उद्देश्य  लोगों को दिए गए हक के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने हर्ष जताया कि विधिक सेवा के जरिये राज्य के आठ लाख से ज्यादा लोग लाभान्वित हुए हैं। इस मौके पर उन्होंने नालसा का हेल्पलाइन नंबर 15100 भी सबके साथ साझा करते हुए सभी जरूरतमंदों को इसका लाभ उठाने का सुझाव दिया।
    कार्यक्रम में विशेष अतिथि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और संजय एस.अग्रवाल भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में  राज्यव्यापी ई-मेगा विधिक शिविर आयोजित किए जाने पर बधाई देते हुए कहा कि इसके जरिए आम लोगों को विधिक सेवाएं उपलब्ध कराई गई और लोगों को संविधान में उल्लेखित उनके मौलिक अधिकार की जानकारी दिया गया। ई-मेगा विधिक सेवा शिविर में स्वागत भाषण रजिस्ट्रार जनरल संजय कुमार जायसवाल ने दिया। वर्चुअल कार्यक्रम के अंत में छत्तीसगढ़ विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव श्री सिद्धार्थ अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
                 ज़िला स्तर पर जिला पंचायत कांकेर में आयोजित मेगा विधिक सेवा शिविर में उपस्थित ज़िला और सत्र न्यायाधीश डी.एल कटकवार ने अपने उद्बोधन में कहा कि लोगो को विधिक अधिकार का जानकारी देने के लिए यह मेगा लीगल सर्विस कैंप का आयोजन किया जा रहा है। विधि के समक्ष हम सब समान है, कोई भी व्यक्ति आर्थिक अक्षमता के कारण न्याय पाने से वंचित न हो, इसलिए उन्हें मदद प्रदान करने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन किया गया है। पोस्ट ऑफिस में भी लिफाफे दिये गये है, वहॉ जाकर उसे भरकर निःशुल्क भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि शासन की जो भी योजनाएं बनती है, वह संविधान की व्यवस्था के तहत ही होता है। हम जो भी काम कर रहे हैं, उसे अच्छे ढंग से करें और ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ पहुंचाएं। हम सब अपने संवैधानिक कर्तव्य का पालन करें। अधिकार और कर्तव्य दोनो को समझें और समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के मौके पर 2 अक्टूबर से 14 नवंबर तक अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत आम लोगों को विधिक सेवाओ के प्रति जागरूक करते हुए विभिन्न विधिक और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। सीजीएम चित्रलेखा सोनवानी द्वारा घरेलू हिंसा से महिलाओं को संरक्षण अधिनियम की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि इसके लिए सबसे पहले महिला संरक्षण अधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराना होता है।
                   मेगा लीगल सर्विस कैंप को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर गौरीशंकर नाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी किशन टंण्डन क्रांति, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक सिनीवाली गोयल, श्रम पदाधिकारी पी.के. बिजपुरिया, जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मण कावड़े, जनशिक्षण संस्थान के श्रीमती पूजा पाण्डेय, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. उत्तम कुमार तथा अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नरेन्द्र दवे ने भी संबोधित किया और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। मेगा लीगल सर्विस कैंप में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ नोनी सुरक्षा योजना के अंतर्गत 10 हितग्राहियों को एक-एक लाख रूपये का बाण्ड प्रमाण पत्र तथा शिक्षा विभाग द्वारा छात्र सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत ग्राम भैसाकन्हार (डू) के छात्र गौतम गावड़े के पिता मन्नूराम गावड़े एवं ग्राम मारीपारा बारदेवरी के छात्र रोशन राणा के पिता गन्नीराम राणा के लिए एक-एक लाख रूपये का चेक प्रदान किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा ग्राम पुरियारा के कमिलता यादव एवं ग्राम ठेमा के बसंती विश्वकर्मा को ट्रायसाइकल तथा ग्राम ठेलकाबोड़ के लोमन डडसेना को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। श्रम विभग द्वारा 103 बच्चों को 01 लाख 86 हजार 500 रूपये नवनिहाल छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत ऑनलाईन हस्तांतरित किये गये। परिवहन विभाग द्वारा लर्निंग लाईसेंस बनाया गया, स्वास्थ्य एवं  परिवार कल्याण विभाग द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

    कांकेर / शौर्यपथ / कांकेर  वनमंडल अन्तर्गत आने वाले गांवो में इन दिनों तेंदुए का आतंक जारी है।शनिवार को तेंदुए के हमले से फिर एक महिला को जान गवानी पड़ी । जिला मुख्यालय कांकेर से करीब 15 किलोमीटर दूर बसे मुजालगोंदी गांव में यह घटना घटी। जिला मुख्यालय के नजदीक 2 महीने में तेंदुए के हमले से यह 5 वी मौत है। इसके पहले  ग्राम पलेवा , भैंसाकट्टा , बनसागर, रिसेवाडा में तेंदुए ने  4 लोगो को अपना शिकार बनाया था ।लगातार हो रहे तेंदुए के हमले से क्षेत्र में दहशत में लोग जीवन जी रहे है ।नरहरपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत रिसेवाडा में बीते 14 अक्टूबर को भी  ऐसी ही घटना हुई थी जिसमे एक महिला की मौत हुई थी। ।
    मुजालगोंदी की रहने वाली लालवती मंडावी बीती रात अपने खेत के पास कच्चे मकान में सोई हुई थी तेंदुआ घर मे घुस आया और महिला को खींच कर ले गया। महिला का शव सुबह घर से 100 मीटर दूर झाड़ियों में  दो टुकड़ों में बंटा हुआ मिला।  महिला की गर्दन और धड़ अलग अलग पड़ा हुआ था, सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम घटना स्थल पर मुआयना कर जानकारी ली  । इसके पहले पलेवा, भैंसाकट्टा, बनसागर , रिसेवाडा में तेंदुआ लोगो को अपना शिकार बना चुका है। पलेवा और भैंसाकट्टा में तीन तेंदुए को वन विभाग ने पिजड़ा लगा पकड़कर अन्यत्र भेजे  है । लेकिन बनसागर और मुजालगोंदी में लोगो को शिकार बना चुका तेंदुआ अब भी इलाके में विचरण कर रहा है। जिससे लोगो मे भारी दहशत का माहौल है। वन परिक्षेत्र नरहरपुर अंतर्गत ही रिसेवाडा में बीते 14 अक्टूबर को भी ऐसी ही घटना हुई थी जिसमे एक महिला की मौत हुई थी। आतंक का पर्याय बना नरभक्षी तेंदुआ को पिंजड़ा लगा पकड़कर अन्यत्र जंगलों में छोड़ने लोगो की मांग है।

    उत्तर बस्तर कांकेर /शौर्यपथ/

    जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं कलेक्टर श्री चन्दन कुमार ने कोरोना से मृत कांकेर तहसील के 24, नरहरपुर तहसील के 21 और दुर्गूकोंदल तहसील के 02 मृत व्यक्तियों के परिजनों के लिए 50-50 हजार रूपये की सहायता राशि स्वीकृत किये हैं। स्वीकृत सहायता राशि मृतकांेे के आश्रितों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से संबंधित तहसीलदारों माध्यम से स्वीकृत राशि अंतरित की जायेगी।

    कलेक्टर  चन्दन कुमार द्वारा कोरोना संक्रमण से मृत व्यक्तियों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत किया गया है। जारी आदेशानुसार कांकेर तहसील के एमजी वार्ड कांकेर निवासी मृतक सुरज बाई के निकटतम परिजन राजेश पटेल, झुनियापारा निवासी सदासिंह नेताम के आश्रित मीरा नेताम, माहुरबंदपारा कांकेर निवासी नकूल के निकटतम परिजन कल्पना मरकाम, झुनियापारा निवासी सोभीराम नेताम के निकटतम वारिस परमीला नेताम, अन्नपूर्णापारा कांकेर निवासी शांतिबाई रवानी के निकटतम आश्रित मंगला रवानी, श्रीराम नगर कांकेर रामदयाल के निकटतम के परिजन भानबाई, ग्राम पोटगांव निवासी हेमराज के आश्रित परिजन रामेश्वरी, ग्राम कोदागांव निवासी थानेश्वर के निकटतम आश्रित धीरजा, ग्राम कोदागांव के भानुराम के निकटतम परिजन फुलबती, माहुरबंदपारा कांकेर निवासी जगमोहन के निकटतम आश्रित नीलम सिन्हा, ग्राम तेलावट निवासी फुलोबाई नेताम के निकटतम परिजन लालचंद, आमापारा कांकेर निवासी मनीष व्यास के निकटतम परिजन मनीषा व्यास, उदयनगर कांकेर निवासी मदन लाल के निकटतम परिजन आशा सोनी, अलबेलापारा कांकेर निवासी ओम नारायण तिवारी के निकटतम परिजन अंजु तिवारी, बरदेभाटा कांकेर निवासी नागेश नेताम के निकटतम परिजन प्रमिला नेताम, शीतलापारा कांकेर निवासी संजय गुप्ता के निकटतम परिजन अनिता गुप्ता, बरदेभाटा निवासी प्रेमिन बाई साहू के निकटतम वारिस अशोक साहू, श्रीरामनगर कांकेर निवासी अनिता शर्मा के निकटतम परिजन राजू शर्मा, संजय नगर निवासी अब्दुल रज्जाक के निकटतम परिजन मो. रसीदा बेगम, भंडारीपारा निवासी नारायण सिंह धु्रव के निकटतम परिजन मनमोहन सिंह, अन्नपूर्णापारा कांकेर निवासी ईश्वरी के निकटतम परिजन पुर्णिमा यादव, माहुरबंदपारा कांकेर निवासी हरिश के निकटतम परिजन विद्या मोटवानी, मांझापारा कांकेर निवासी लक्ष्मी चोपड़ा के निकटतम वारिस राकेश तथा शिवनगर कांकेर निवासी सुमित्रा नरेटी की कोरोना संक्रमण से मृत्यु होने के प्रकरण में उनके निकटतम परिजन शिवलाल नरेटी के लिए 50-50 हजार रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत किया गया है।

    इसी प्रकार नरहरपुर तहसील के ग्राम निशानहर्रा निवासी बृजलाल नेताम के निकटतम आश्रित कुमारी प्रतिभा, ग्राम धनेसरा निवासी श्रवण कुमार कोर्राम के निकटतम वारिस रीता कोर्राम, ग्राम कन्हनपुरी निवासी दामिनी सुरोजिया के निकटतम वारिस नूतन कुमार सुरोजिया, ग्राम सरोना निवासी जयराम सिन्हा के निकटतम परिजन राहीबाई सिन्हा, ग्राम बुदेली निवासी लक्ष्मीकांत सुरोजिया के निकटतम परिजन गणेशबती सुरोजिया, सरोना निवासी बिरसिंग सेन के निकटतम परिजन चम्पाबाई, ग्राम धनेसरा निवासी धनीराम साहू के निकटतम परिजन बिशेश्वरी, ग्राम मांडाभर्री निवासी गोदावरी साहू के निकटतम परिजन रतन साहू, ग्राम मुड़पार दखनी रामदयाल मरई के निकटतम परिजन कुंतीबाई, ग्राम देवरीबालाजी निवासी नरेन्द्र नेताम के निकटतम परिजन रामकुमारी नेताम, देवगांव निवासी केशवराम साहू के निकटतम परिजन माधेश्वरी साहू, ग्राम चंवाड़ निवासी हेमेन्द्र कुमार बघेल के निकटतम परिजन हेमलता, अमोड़ा निवासी हरिराम कोड़ोपी के निकटतम परिजन सविता, ग्राम बादल निवासी आत्माराम पटेल के निकटतम परिजन बिसनबाई, ग्राम कुरना निवासी रविशंकर साहू के निकटतम परिजन राधाबाई, ग्राम जुनवानी निवासी सिरबल कावड़े के निकटतम परिजन अनिता, ग्राम धनोरा निवासी महेश कुमार राय के निकटतम परिजन सुमित्रा राय, ग्राम शामतरा छबिला बाई नेताम के निकटतम परिजन कैलाश, ग्राम सारवंडी निवासी नरेश दास मानिकपुरी के निकटतम परिजन रीना मानिकपुरी, ग्राम बुदेली निवासी जगनूराम कावड़े के निकटतम परिजन झुनई कावड़े और ग्राम शामतरा निवासी समित पटेल के निकटतम परिजन कुमारी काजल और योगेन्द्र तथा दुर्गूकोंदल तहसील के ग्राम कलवर निवासी दयानंद के निकटतम वारिस भाग्यवती और ग्राम महेन्द्रपुर निवासी मानसिंह के निकटतम परिजन सगरोबाई के लिए 50-50 हजार रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत किया गया है। स्वीकृत सहायता राशि सभी हिग्राहियों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से हस्तांतरित की जायेगी।

    कांकेर / शौर्यपथ / कांकेर जिले के 58 गॉव जो कि नारायणपुर जिले  के समीप स्थित है के लगभग तीन हजार लोगो का काफिला पैदल मार्च करते राजभवन के लिए निकले है। ग्रामीण हाथों में तिरंगा लेकर निकले 58 गांवों के लोग; नारायणपुर  जिले में शामिल करने की मांग को लेकर राज्यपाल से मिलेंगे ।
    ग्रामीणों को समझाइश देने के लिए कांकेर के कलेक्टर चंदन कुमार व पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा  भी पहुंचे।
       ग्रामीणों की मांग है कि, कोलर इलाके के 58 गांवों को पड़ोसी नारायणपुर जिले में शामिल किया जाए। इससे पहले ग्रामीण 45 दिनों तक रावघाट मंदिर के पास धरने पर भी बैठे थे। लेकिन इनकी समस्याएं जानने के लिए कोई भी जिम्मेदार इन तक नहीं पहुंचा। अब ग्रामीण खुद अपनी मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात करने के लिए पैदल निकल गए हैं।
    बताया जा रहा है कि, बुधवार की देर रात पैदल निकले ग्रामीणों को रोकने व रायपुर न जाने की समझाइश देने के लिए कांकेर के कलेक्टर चंदन कुमार व पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा भी पहुंचे थे। लेकिन, ग्रामीणों ने इनकी एक न सुनी और भारत माता की जयकार के नारे लगाते आगे बढ़ते गए। पैदल रायपुर के लिए निकले काफिले में भैसगांव, कोलर, तालाबेड़ा, बैंहासालेभाट, फूलपाड़ एंव बंडापाल क्षेत्र  कोसरोंडा, देवगांव, गवाडी, मातला- ब, अर्रा, मुल्ले व करमरी पंचायत के ग्रामीण इसमें शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि, अब राज्यपाल ही हमारी मांगे पूरी करेंगी। फिलहाल खबर लिखे जाने देर शाम तक ग्रामीण अंतागढ़ से रायपुर  के लिए निकल गए है।
    150 किमी का करना पड़ता है सफर तय
      58 गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि, हमें शासकीय कामों के लिए 150 किलोमीटर का सफर तय कर कांकेर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। आने-जाने में 1 से 2 दिन का समय लगता है। इस इलाके में पक्की सड़कें भी नहीं हैं। ऐसे में कई किलोमीटर पैदल सफर तय करते हैं। जबकि नारायणपुर जिला मुख्यालय की दूरी महज 20 किलोमीटर ही है। स्वास्थ्य सुविधाएं हो या फिर शिक्षा नारायणपुर जिले से ही लेते हैं। लेकिन शासकीय कार्यों के लिए मजबूरन कांकेर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। यही वजह है कि 58 गांवों को नारायणपुर में शामिल करने की मांग की जा रही है।
    2007 से कर रहे थे मांग
       ग्रामीणों ने बताया कि, कोलर इलाके को नारायणपुर जिले में शामिल करने की यह मांग सालों पुरानी है साल 2007 से हम आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन करते लगभग 13 से 14 साल हो गए हैं। लेकिन जिम्मेदारों की आंख नहीं खुली है। छत्तीसगढ़ में अब सरकार भी बदल गई है। लेकिन हमारी मांगे पूरी नहीं हुई। यदि अब भी हमारी मांग पूरी नहीं की जाती है तो आंदोलन चलता रहेगा।

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