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कांकेर / शौर्यपथ / पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर ससंदीय सचिव एवं कांकेर विधायक शिशुपाल शोरी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय प्रांगण में प्रातः 9 बजे शहीदों के अमर जवान स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी। शहीदों के सम्मान में पुलिस उप महानिरीक्षक कांकेर बालाजी राव द्वारा शहीद हुए पुलिस कर्मियों के नामावली का वाचन किया गया। वियर पार्टी द्वारा सम्मान सूची का स्मारक में संस्थापन एवं शहीदों को सलामी दी गई। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शोक शस्त्र लास्ट पोस्ट कराया गया। इस अवसर पर सभी उपस्थित अतिथियों और अधिकारी-कर्मचारियों ने खड़े होकर श्रद्धांजलि दी। पुलिस परेड द्वारा अमर जवान स्मारक को सलामी दी गई। पुलिस स्मृति दिवस में उपस्थित अतिथियों एवं शहीद परिवार के सदस्यों द्वारा शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर शहीद परिवार के सदस्यों को उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया।
श्रद्धांजलि देने वालों में पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, मछुआ कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भरत मटियारा, पार्षद जागेश्वरी साहू, हलधर साहू, धीरज नेताम, सीटीजेडब्ल्यू कालेज के सेनानी शंकर बघेल, होमगार्ड जिला सेनानी पुष्पराज सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोरखनाथ बघेल, उप पुलिस अधीक्षक अमृत कुजूर, एसडीओपी चित्रा वर्मा, आरआई मोहसीन खान और थाना के प्रभारी कांकेर शरद दुबे, यातायात प्रभारी रोशन कौशिक सहित पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा शहीद परिवार के सदस्य उपस्थित थे।
कांकेर / शौर्यपथ / भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष सतीश लाटिया ने प्रदेश में सन् 2016 से शुरू हुए जनऔषधि केंद्रों पर लगते जा रहे ताले के लिए प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा है कि महंगी ब्रांडेड दवाइयों से बेहाल लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश में शुरू किए गए कुल 254 जनऔषधि केंद्रों में से 101 केंद्रों का बंद हो जाना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार राजनीतिक दुर्भावना के चलते लोगों के स्वास्थ्य और सस्ते इलाज के प्रति पूरी तरह लापरवाह हो चली है और केंद्र सरकार की इस महती योजना को विफल करने के षड्यंत्र पर आमादा है।
भाजपा अध्यक्ष लाटिया ने कहा कि सस्ती जेनेरिक दवाइयाँ मुहैया कराने के लिए शुरू किए गए इन केंद्रों में कांग्रेस की प्रदेश सरकार ने षड्यंत्रपूर्वक कभी इस बात पर ध्यान ही नहीं दिया कि इन केंद्रों में कभी पूरी और सस्ती दवाएँ ज़रूरतमंदों को मिल सकें। इन जनऔषधि केंद्रों के लिए प्रदेश सरकार ने न तो भौतिक संसाधन उपलब्ध कराए और न ही इन केंद्रों के काम को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिशोध इस प्रदेश सरकार की रग-रग में इस क़दर समा गया है कि केंद्र सरकार की योजना को विफल करके प्रदेश सरकार , केंद्र सरकार की योजना के स्थान पर धन्वंतरी दवा योजना शुरू कर दी । एक अच्छी-भली चलती योजना को तो प्रदेश के मुखिया सम्हाल नहीं पा रहे है और झूठा श्रेय लूटने की फ़िराक़ में नई-नई योजनाओं के नाम पर अपने पाखण्ड का शर्मनाक प्रदर्शन करने में लगे है। उन्होंने कहा कि यहां यह बताना भी सामयिक होगा कि राज्य सरकार धन्वंतरी योजना के तहत दवाई में 50% छूट देने का वादा कर रही है जबकि केंद्र द्वारा संचालित जन औषधि केंद्र में आज भी मरीजों को दवाई 70 से 80% छूट पर मिल रही है। अध्यक्ष सतीश लाटिया ने कहा कि प्रदेश सरकार और कांग्रेस में विचारशील नेतृत्व पूरी तरह आइसोलेट हो चला है, जो अपनी कोई मौलिक जनकल्याणकारी योजना पर विचार करे और उस पर काम करे। केंद्र सरकार को अकारण कोसते रहने की नियति के लिए अभिशप्त प्रदेश सरकार और कांग्रेस आख़िरकार केंद्र सरकार की ही योजनाओं को राजनीतिक प्रतिशोधवश बंद करने या फिर उन्हीं योजनाओं को नया नाम देकर चलाने के सिवाय प्रदेश सरकार ने कोई काम नहीं किया है। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना इसका प्रमाण है, जिसे प्रदेश सरकार युनिवर्सल हेल्थ स्कीम नाम देकर चलाने का प्रयत्न की थी। राज्य कि कांग्रेस सरकार ने दावा किया था कि आयुष्मान योजना की जगह यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम से हम छत्तीसगढ़ की जनता को लाभ दिखाएं दिलाएंगे परंतु अंततः सरकार की यह योजना फेल हो गई और आज भी छत्तीसगढ़ की जनता आयुष्मान भारत योजना से लाभ प्राप्त कर रही है ।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की स्पष्ट गाइडलाइन के बावज़ूद प्रदेश के सरकारी और ग़ैर-सरकारी डॉक्टर्स दवाओं का फ़ार्मूला लिखकर मरीजों को नहीं दे रहे हैं। प्रदेश सरकार को जेनेरिक दवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी डॉक्टर्स को फ़ार्मूला लिखने के लिए बाध्य करना चाहिए था और इसी तरह निजी स्वास्थ्य संस्थानों व उनके डॉक्टर्स के लिए ऐसी गाइडलाइन तय करना था कि जेनेरिक दवाओं का लाभ मरीजों को मिल सके। लेकिन ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रदेश सरकार ब्रांडेड कंपनियों की महंगी दवाओं की ख़पत बढ़ाने और केंद्र सरकार की योजना को विफल करने के मिले-जुले साजिशाना एजेंडे पर काम कर मरीजों को अर्थिक चोट सहने के लिए विवश कर रही है। लगभग 101 जनऔषधि केंद्रों का लगातार बंद होना प्रदेश सरकार के जन-स्वास्थ्य के प्रति दुराग्रह और कमीशनखोरी की तस्दीक करने के लिए पर्याप्त है। कोरोना काल में भी प्रदेश सरकार के इसी नाकारापन के चलते कोरोना पीड़ितों को दवाओं की कालाबाज़ारी और कृत्रिम संकट के चलते काफ़ी परेशानी उठानी पड़ी थी और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं ने कई लोगों को असमय मौत के मुँह में धकेला था।
सतीश लाटिया ने आगे सरकार पर आरोप लगाते कहा कि धन्वंतरि स्टोर्स के उद्घाटन में भी सरकार की अपनी ही पार्टी के स्वास्थ्य मंत्री से राजनीतिक लड़ाई स्पष्ट परिलक्षित हो रही है । आंमत्रण पत्र में स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव की जगह नगरीय प्रशासन विभाग के मंत्री और सचिव का नाम मुख्यमंत्री भुपेश बघेल के साथ स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव की खुली लड़ाई को जग जाहिर करता है । जिस राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को उसी विभाग के कार्यक्रम में उपेक्षित किया जा रहा हो उस राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था कैसी होगी ये सोचा जा सकता है ।
रायपुर / शौर्यपथ / जिला प्रशासन बस्तर द्वारा स्कूली बच्चों को अध्ययन में सहायता देने के लिए एलेक्सा का वितरण स्कूलों में किया गया है. जिला प्रशासन बस्तर द्वारा स्कूली बच्चों को अध्ययन में सहायता देने के लिए एलेक्सा का वितरण स्कूलों में किया गया है। आर्दश माड़पाल स्कूल में आयोजित गणित-विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विकासखंड लोहण्डीगुड़ा के बच्चों द्वारा लगाए गए एलेक्सा के स्टाल पर पहुंचे।
एक बच्चे ने इस दौरान एलेक्सा से पूछा कि - श्री भूपेश बघेल कौन है ? एलेक्सा ने बताया कि श्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के तीसरे और वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। एलेक्सा ने श्री बघेल के राजनीतिक सफर के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। यह सुनकर मुख्यमंत्री भी मुस्करा उठे। स्कूल की शिक्षिका ने बताया कि बच्चों को एलेक्सा से पढ़ाई का यह तरीका बहुत पसंद है। नरवा, गरूवा, घुरवा बाड़ी के मॉडल के अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूली छात्राओं को बताया कि अब गोबर से बिजली बनाने का काम भी शुरू किया गया है। गोबर से गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट, गमले और दीये भी गौठानों में बनाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि एलेक्सा एक स्मार्ट डिवाइस है, जिससे कोई भी प्रश्न बोलकर पूछने पर रिकार्र्डेड संदेश के माध्यम से उसका जवाब तुरंत प्राप्त किया जा सकता है।
जगदलपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकार संघ सह प्रेस क्लब बस्तर संभाग के नये भवन निर्माण के लिए मंजूरी प्रदान की है। मुख्यमंत्री आज अपने दो दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर के नयापारा स्थित पत्रकार भवन पहुंचे थे, जहां उन्होंने उपस्थित पत्रकारों के साथ चर्चा की। पत्रकारों द्वारा इस अवसर प्रेस क्लब के नये भवन की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान पत्रकारों द्वारा प्रेस क्लब के नये भवन निर्माण हेतु जमीन का पट्टा देने तथा पत्रकारों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया गया। मुख्यमंत्री ने उनकी इन समस्याओं के समाधान के लिए उचित पहल का आश्वासन दिया। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया एवं वेब पोर्टल के अनेक वरिष्ठ पत्रकार मौजूद थे।
माड़पाल स्कूल के नवाचारों का अवलोकन करने पहुंचे मुख्यमंत्री
छात्र-छात्राओं को बताई संस्कृति की अवधारणा और शहीद वीर नारायण सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व की भी दी जानकारी
बच्चों द्वारा तैयार किये गए गणित-विज्ञान के मॉडलों की मुख्यमंत्री ने की सराहना
बस्तर / शौर्यपथ / बस्तर के ग्रामीण अंचल के माड़पाल शासकीय स्कूल के बच्चे अपने स्कूल की प्रयोगशाला में थ्रीडी प्रिंटर का उपयोग कर रहे हैं, ड्रोन का मॉडल तैयार कर रहे हैं, रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला में फिटकरी बनाने जैसे कई प्रयोग कर दक्षता के साथ कर रहे हैं। साथ ही स्मार्ट क्लास में अत्याधुनिक तरीके से ज्ञानार्जन भी कर रहे हैं। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माड़पाल की पहचान आज बस्तर जिले के सर्व सुविधायुक्त उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान के रूप में है। इस स्कूल के विषय मे सुनकर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल अपने दो दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान आज विकासखंड जगदलपुर के ग्राम माड़पाल के इस स्कूल को देखने पहुंचे। उन्होंने इस दौरान इस स्कूल में 68 लाख रूपए की लागत से कराए गए जीर्णोद्धार कार्य तथा 31 लाख रूपए की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण किया।
माड़पाल शासकीय स्कूल के बच्चे अपने
ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर, आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित लैब, ग्रंथालय की सुविधा दूर की कौड़ी लगती है, ऐसे समय में बस्तर के आदिवासी अंचल के बच्चों के लिए अध्ययन-अध्यापन की आधुनिक सुविधाओं से लैस माड़पाल गांव का शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किसी वरदान से कम नहीं है। इस स्कूल के बच्चे विज्ञान के नए-नए प्रयोग स्कूल की प्रयोगशाला में कर रहे हैं। स्कूल के अवलोकन के दौरान उद्योग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री कवासी लखमा, लोकसभा सांसद श्री दीपक बैज, राज्यसभा सांसद श्रीमती फुलोदेवी नेताम, संसदीय सचिव श्री रेखचंद जैन, विधायक कोंडागांव श्री मोहन मरकाम, बीजापुर विधायक श्री विक्रम मंडावी, विधायक चित्रकोट श्री राजमन बेंजाम, सरपंच श्रीमती वंदना नाग सहित कलेक्टर श्री रजत बंसल तथा वरिष्ट पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र मीणा भी उपस्थित थे।
स्कूल की प्रयोगशाला में थ्रीडी प्रिंटर का उपयोग कर रहे हैं,
मुख्यमंत्री ने इस स्कूल के भ्रमण के दौरान वहां किए जा रहे नवाचारों, अध्ययन-अध्यापन की उत्कृष्ट सुविधाओं की जहां प्रशंसा की, वहीं स्कूल की विभिन्न कक्षाओं और प्रयोगशाला तथा लायब्रेरी में जा कर बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई लिखाई के बारे में पूछा। उन्होंने स्कूल में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं के लिए जिला प्रशासन, स्कूल शिक्षा विभाग और स्कूल के प्राचार्य और स्कूल के स्टाफ की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से बातचीत के दौरान उनसे स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्कूल की कक्षा दसवीं पहुंचकर बच्चों से बातचीत की। उन्होंने बच्चों को संस्कृति की अवधारणा के बारे में समझाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति हमारी पहचान होती है। हमारी संस्कृति हमारे रीति-रिवाज, बोलचाल, भाषा, रहन-सहन, कला, परंपरा, विश्वास, आस्था, जीवन मूल्य, स्थापत्य कला की सम्मिलित अवधारणा है। हम अपनी संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और बस्तर की अपनी सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कक्षा दसवीं की छात्रा गायत्री सिंह ने मुख्यमंत्री के कहने पर ’’छत्तीसगढ़ परिवेश-कला, संस्कृति एवं व्यक्तित्व’’ शीर्षक का पाठ अपनी पुस्तक में से पढ़ कर सुनाया।
ड्रोन का मॉडल तैयार कर रहे हैं, रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला में फिटकरी बनाने जैसे कई प्रयोग कर दक्षता के साथ कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री बघेल ने स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब, भौतिक, विज्ञान और रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला, लाइब्रेरी और स्कूल की स्मार्ट क्लास में जाकर वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली और बच्चों से उनके बारे में पूछा। बच्चों ने पूरा आत्मविश्वास के साथ मुख्यमंत्री के प्रश्नों का जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को इसके लिए शाबासी दी। इस अवसर पर स्कूल के परिसर में गणित-विज्ञान विषय पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। मुख्यमंत्री ने इस प्रदर्शनी में जाकर बच्चों द्वारा तैयार किए गए मॉडल देखें और बच्चों से उनके बारे में विस्तार से जानकारी ली। बच्चों ने गणित के भाग, गुणा की अवधारणा, दूरियों के मापन, नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी, ड्रिप इरिगेशन, वॉटर रिसाइकलिंग, पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर उपयोगी मॉडल बनाए थे। कोरोना वायरस से बचाव के लिए ऑटो सेनेटाइजर, फॉग सेनेटाइजर के मॉडल भी तैयार किए थे। मुख्यमंत्री ने बच्चों की कल्पनाशीलता और रचनात्मकता की सराहना की। कई बच्चों ने कबाड़ से जुगाड़ पर आधारित मॉडल भी तैयार किए थे।
राज्य शासन की मंशानुरूप कलेक्टर रजत बंसल के दिशा-निर्देश एवं सतत मार्गदर्शन में तथा शिक्षा विभाग के विशेष प्रयासों से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माड़पाल आज बस्तर जिले का सर्व सुविधायुक्त उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान बन गया है। स्वच्छ, सुन्दर एवं सुविधाजनक विद्यालय भवन का निर्माण तथा योग्य एवं प्रतिबद्ध शिक्षकों के साथ-साथ आधुनिक लैब एवं पुस्तकालय जैसे जरूरी संसाधनों तथा अनुकूल शैक्षणिक परिवेश की उपलब्धता के कारण आज यह विद्यालय गुणवत्ता एवं संसाधनों की उपलब्धता के मामले में नामचीन निजी विद्यालयों को टक्कर दे रहा है। इस विद्यालय में संसाधन एवं अध्ययन-अध्यापन की समुचित व्यवस्था के कारण ग्रामीण परिवेश के गरीब बच्चों को माड़पाल जैसे दूरस्थ ग्राम के विद्यालय में अनुकूल शैक्षणिक परिवेश में गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल रहा है।
वर्तमान में माड़पाल के इस उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में पूर्व माध्यमिक शाला एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित है। जिसमें पूर्व माध्यमिक शाला में 123 एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल में 439 सहित कक्षा 6वीं से लेकर 12वीं तक कक्षाओं में कुल 562 बच्चे अध्ययनरत हैं। इस पूरे विद्यालय परिसर को बहुत ही सुन्दर एवं आकर्षक स्वरूप में सुसज्जित किया गया है। इस विद्यालय में कुल 16 कक्ष हैं, जिसमें जरूरी सुविधाओं से युक्त अध्ययन कक्ष के अलावा प्राचार्य, कार्यालय एवं स्टॉफ तथा भण्डार कक्ष भी बनाएं गए हैं। विद्यालय में वर्तमान समय एवं ज्ञान विज्ञान के अनुरूप आधुनिक जीव विज्ञान, भौतिक एवं रसायन प्रयोगशाला तथा अटल टिंकरिंग लैब भी स्थापना की गई है। इसके अलावा विद्यालय में सर्व सुविधायुक्त 1-1 स्मार्ट क्लास, ग्रंथालय एवं क्रीडा कक्ष का भी निर्माण किया गया है। विद्यालय में समुचित विद्युत व्यवस्था के अलावा कम्प्यूटर, प्रिंटर, एलसीडी प्रोजेक्टर सेट, ओएचपी तथा पेयजल, बालक एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय आदि सुविधा की समुचित व्यवस्था के अलावा फर्नीचर आदि भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
इसके साथ ही विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक मंच, हरे-भरे पेड़-पौधों से युक्त उद्यान, पोषण वाटिका तथा विद्यार्थियों के लिए सायकल स्टैण्ड का निर्माण किया गया है। इस तरह से इस विद्यालय को अध्ययन-अध्यापन की सभी सुविधाओं से युक्त किया गया है। माड़पाल विद्यालय के उत्कृष्ट व्यवस्था ने यह साबित कर दिया है कि हमारे गांवों में स्थित शासकीय विद्यालयों में भी समुचित संसाधन, योग्य शिक्षक तथा जरूरी सुविधा उपलब्ध कराकर इन स्कूलों को लेकर आदर्श विद्यालय बनाया जा सकता हैै। वास्तव में माड़पाल स्कूल में किए गए नवाचार ग्रामीण बच्चों को उनके गांव एवं आस-पास के स्कूलों में अनुकूल शैक्षणिक परिवेश एवं गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने का राज्य शासन एवं जिला प्रशासन का बहुत ही सराहनीय प्रयास है। स्कूल के स्मार्ट क्लास के निरीक्षण के दौरान छात्रा सावित्री मांझी ने मुख्यमंत्री बघेल को स्कूल में सभी प्रकार की आधुनिक शिक्षा सुविधा देने के लिए आभार व्यक्त किया।
चंद्रशेखर पटेल की रिपोर्ट
कांकेर / शौर्यपथ / प्रदेश में बढ़ रहे अपराध व बदहाल कानून व्यवस्था सहित जशपुर जिले के पत्थलगांव में माता के विसर्जन जुलूस में श्रद्धालुओं को गांजा तस्कर द्वारा वाहन से कुचलने के खिलाफ आज भाजपा कार्यालय कमल सदन में लोकसभा सांसद मोहन मण्डावी ने भाजपा जिलाध्यक्ष सतीश लाटिया की उपस्थिति में प्रेस वार्ता ली ।
सांसद मण्डावी ने कहा कि यूं तो कांग्रेस के सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही स्वाभाविक रूप से प्रदेश में लैंड माफिया, सैंड माफिया, शराब माफिया, गांजा माफिया से लेकर तमाम तरह के माफियाओं-तस्करों के हौसले बुलंद हो ही जाते हैं. लेकिन पिछले कुछ दिनों में जिस तरह तस्करों और मज़हबी आतंकियों आदि का आतंक प्रदेश में बढ़ा है, वह गंभीर चिंता का विषय है. ख़ास कर प्रदेश में जबसे ढाई-ढाई साल के राजनीतिक अस्थिरता की चर्चा गंभीर हुई है तबसे वर्तमान सरकार की पूरी उर्जा केवल खुद को बचाने में लगी है. उन्हें प्रदेश के किसी भी विषय से कोई मतलब नहीं रह गया है. सिवा गांधी परिवार के तुष्टिकरण के अलावा मुख्यमंत्री का कोई एजेंडा बचा नहीं है. अधिक से अधिक भ्रष्टाचार-वसूली कर पैसा जमा करना और उसे चुनावी राज्यों में खर्च करना, यही प्रदेश सरकार का अकेला मकसद रह गया,लगता है ।
शांति का टापू कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में ऐसी-ऐसी घटनाएं हो रही हैं जैसा इससे पहले कभी देखा नहीं गया. प्रदेश में हम ऐसी घटनाओं की कल्पना भी नहीं कर सकते थे. चाहे पत्थलगांव में शोभायात्रा पर गांजा तस्करों द्वारा गाडी चढ़ा कर सरेआम श्रद्धालुओं को कुचल कर मार देने, दर्ज़नों किसानों-आदिवासियों को गंभीर रूप से घायल कर देने का मामला हो या प्रदेश के सत्ता समर्थित लोगों द्वारा प्रायोजित दंगे में कवर्धा जैसे संत कबीर के नाम समर्पित शहर में बर्बरता की, छत्तीसगढ़ इन घटनाओं से आक्रोशित, आंदोलित और शर्मसार है।
प्रदेश में क़ानून व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक है. कांग्रेस समर्थित-संरक्षित तस्करों और अपराधियों का प्रदेश में बोलबाला हो गया है. अनेक जगह कांग्रेस के नेतागण सीधे तौर पर गांजा-शराब समेत अन्य तस्करी में जुड़े हैं और शेष जगह उनके संरक्षण में यह कारोबार चलाया जा रहा है. इस पर आवाज़ उठाने पर अनेक जगह भाजपा जन प्रतिनिधियों के साथ भी बर्बरता की गयी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ के लोगों ने चुना है लेकिन अन्य प्रदेशों में जा कर, लखीमपुर खीरी की नौटंकी में संसाधन लुटाने, पत्थलगांव की घटना के बाद भी कांग्रेस की बैठकों में दिल्ली उड़ जाने समेत ऐसी-ऐसी उपेक्षा इनके द्वारा की गयी है, जिसकी जितनी भर्त्सना की जाय, वह कम है. भाजपा द्वारा लगातार आवाज़ उठाने पर पत्थलगांव में महज़ एक मृतक को मुआवजा की घोषणा मात्र कर इस सरकार ने खानापूर्ति कर ली, जबकि मीडिया की ख़बरों के अनुसार अन्य अनेक लोगों के मृत्यु की बात भी सामने आई है. इसके अलावा इस कृत्य में घायल दर्ज़नों लोगों के लिए न तो कोई सहायता राशि दी गयी है न ही उन्हें देखने शासन की तरफ से कोई महत्वपूर्ण व्यक्ति गया है।
भाजपा जिलाध्यक्ष सतीश लाटिया ने कहा कि सबसे आपत्तिजनक इस मामले में सभी कांग्रेस नेताओं के उल-जुलूल बयान हैं. ‘उलटे चोर कोतवाल को डांटे’ की तर्ज़ पर वे उलटे भाजपा नेताओं पर आरोप लगा रहे हैं. सच तो यह है कि प्रदेश में हर तरह के तस्करी के तार सीधे कांग्रेस नेताओं से जुड़े हुए हैं. इनके पौने तीन साल के शासन का अगर विश्लेषण करें तो ऐसी दर्ज़नों घटनाएँ प्रदेश में हुई होंगी जहां तस्करी में कांग्रेस का छोटा-बड़ा नेता लिप्त पाए गए हैं.
जिस रूट से गांजा की तस्करी लगातार हो रही है जिसके कारण इतना बड़ा कांड हुआ है, उसके बारे में शासन को सब पता था. पुलिस की सामान्य सी रूटीन कारवाई में पिछले दो-ढाई वर्षों के दौरान 12 सौ से अधिक मामले में लगभग 61 करोड़ से अधिक रूपये की 50 हज़ार किलो गांजा जब्ती हुई. फिर भी न तो कभी तस्करों के खिलाफ कोई विशेष अभियान चलाया गया और न ही तस्कर सरगनाओं पर कोई बड़ा आक्रमण हुआ. इसी तरह अवैध शराब और नशीली दवाओं के 34 हज़ार 335 प्रकरण केवल तीन वर्ष में दर्ज हुए लेकिन इनमें से शायद ही किसी मामले को अंजाम तक पहुचाया गया हो. शासन की नीयत देखिये कि अवैध शराब से हुई मौतों को प्रदेश में सरकार ने शराब के होम डिलीवरी का बहाना बना दिया।नेशनल क्राइम ब्यूरो के आंकड़े का विश्लेषण करें तो शान्ति का टापू रहा अपना यह प्रदेश आज अपराधियों का गढ़ हो गया है. 2020 के आंकड़े की बात करें तो छत्तीसगढ़ आज किशोरों द्वारा किये अपराध, पुलिसकर्मियों की ह्त्या में पहले स्थान पर, तो आदिवासियों के नाबालिग बच्चों के बलात्कार के मामले में, बुजुर्गों के खिलाफ अपराध आदि में दूसरे स्थान पर आ गया है. ह्त्या में तीसरे स्थान पर. प्रदेश में दो वर्ष में 26 सौ अपहरण और 6 हज़ार से अधिक नाबालिगों के लापता होने के प्रकरण दर्ज हैं. पिछले सत्र में मिली जानकारी के अनुसार ही मात्र डेढ़ वर्ष महिलाओं के खिलाफ दुराचार और गैंगरेप 6 हज़ार 5 सौ से अधिक मामले दर्ज हुए हैं. यानी केवल दर्ज मामले के अनुसार ही रोज बलात्कार के 12 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं.
ये आंकड़े भयावह छत्तीसगढ़ की तस्वीर दिखाती है. प्रदेश में क़ानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं रह गयी है. हर व्यक्ति यहां असुरक्षित है. शासन नीरो की तरह चैन की वंशी बजा रहा है
लखीमपुर में वोटों की फसल काटने, राहुल-प्रियंका को खुश कर कुर्सी बचाने के लिए सीएम बघेल झट से 50-50 लाख रूपये दे आये लेकिन, आत्महत्या करने वाले मजदूरों, किसानों के परिवार तक शासन का कोई भी बड़ा व्यक्ति गया हो, या ज़रा सी भी राहत मिली हो, ऐसी कोई खबर नहीं है.
भाजपा यह मांग करती है :-
- पत्थलगांव और कवर्धा आदि के मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच हो.
- मृतकों को 1 करोड़ और घायलों को 50 लाख रूपये की सहायता राशि दी जाय.
- सिलगेर समेत पुलिसिया एवं अन्य ह्त्या के हर मामलों में, किसान-मजदूरों आदि की आत्महत्या के सभी प्रकरणों में लखीमपुर की तरह तुरंत सहायता राशि दिए जायें.
- प्रदेश में कांग्रेस के सहयोग और संरक्षण में चल रही तस्करी गतिविधियों पर तुरंत लगाम लगाए जायें. ऐसे सभी मामलों की त्वरित सुनवाई कर दोषियों की सज़ा सुनिश्चित हो.
- तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के लिए एसआईटी/एसटीएफ का गठन हो.
उक्त प्रेस वार्ता में सुमित्रा मारकोले, भरत मटियारा, दिलीप जायसवाल, निर्मला नेताम, मोती राम नाग, मनेश्वर नाग उपस्थित रहे ।
उत्तर बस्तर कांकेर / शौर्यपथ / जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं कलेक्टर श्री चन्दन कुमार ने कोरोना से मृत 59 मृत व्यक्तियों के आश्रितों के लिए 50-50 हजार रूपये की मान से 29 लाख 50 हजार रूपये की सहायता राशि स्वीकृत किये हैं। स्वीकृत सहायता राशि मृतकों के आश्रितों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर तहसीलदारों के माध्यम से अंतरित की जायेगी।
कलेक्टर श्री चन्दन कुमार द्वारा कोरोना संक्रमण से मृत्यु होने के प्रकरण में भानुप्रतापपुर तहसील के 26 मृत व्यक्तियों के आश्रितों के लिए 13 लाख रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। भानुप्रतापपुर निवासी मृत शंकर अधिकारी की पत्नी श्रीमती गौरी अधिकारी, नारायणपुर निवासी सुमित्रा राजकुमार पटेल के निकटतम वारिस मनीष पटेल, कनेचूर निवासी तुलसा राम कुमेटी के निकटतम वारिस श्रीमती सुमित्रा कुमेटी, डोंगरकट्टा निवासी रामखिलावन साहू के निकटतम वारिस सोहद्रा साहू, ऊंचपानी निवासी रूपाल सिंह गोटा की पत्नी श्रीमती संतोषी गोटा, संबलपुर निवासी गणेश लाल माहेश्वरी के निकटतम वारिस श्रीमती पदमा माहेश्वरी, संबलपुर निवासी खेमनारायण साहू की पत्नी श्रीमती चम्पीबाई, भानुप्रतापपुर निवासी महेश सिंह ठाकुर के निकटतम वारिस श्रीमती मीना ठाकुर, भानबेड़ा निवासी संगीता तिवारी के निकटतम वारिस उमेश तिवारी, संबलपुर निवासी मोहन साहू की पत्नी श्रीमती ठगियाबाई, चिचमर्रा निवासी मनसीबाई के निकटतम वारिस रामसिंह, अलवरकला निवासी सविता कोमरा के निकटतम वारिस लालजी, भानुप्रतापपुर निवासी सुशांत कुमार पटारी की पत्नी श्रीमती संध्या पटारी, तुड़गे निवासी धनवन्तीन नेताम के निकटतम वारिस चैतराम, जुनवानी निवासी जगदेव कल्लो की पत्नी श्रीमती हिरगोबाई, भानुप्रतापपुर निवासी रामजी साहू के निकटतम वारिस हेमंत साहू, कराठी निवासी रामदयाल कोरेटी की पत्नी श्रीमती घुरईबाई, जनकपुर निवासी सुगोन सलाम के निकटतम वारिस रतीराम, केंवटी निवासी जवहल सिंह दुग्गा की पत्नी श्रीमती सियाबाई, फरसकोट निवासी बिसाहू राम सलाम के निकटतम वारिस श्रीमती सुलोचना, डोंगरगांव निवासी रंजीत राम कांगे के पत्नी श्रीमती राधाबाई, कोरर निवासी सुपोतिन नरेटी के निकटतम वारिस मानकलाल नरेटी, कोरर निवासी रानी राठौर के निकटतम वारिस महावीर सिंह, अस्तरा निवासी रामजी कांगे के निकटतम वारिस श्रीमती जयंतीबाई, आशी और बिरझो, कोरर निवासी अनिता दिल्लीवार के निकटतम वारिस कौशल कुमार तथा भानुप्रतापपुर निवासी रामगुलाम श्रीवास की पत्नी श्रीमती तुलसी देवी के लिए कलेक्टर श्री चन्दन कुमार द्वारा 50-50 हजार रूपये का आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत किया गया है।
इसी प्रकार पखांजूर तहसील के कोरोना से मृत 29 व्यक्तियों के आश्रितों के लिए 14 लाख 50 हजार रूपये की सहायता राशि स्वीकृत किया गया है। ग्राम बान्दे निवासी दुलीरानी विश्वास के निकटतम वारिस सुधान्सु विश्वास, बान्दे निवासी मिंटु घोष की पत्नी श्रीमती जया घोष, पखांजूर निवासी श्रीमती रंजू चक्रवर्ती के निकटतम वारिस विकास चक्रवर्ती, इन्द्रप्रस्थ निवासी प्रफुल्ल मजुमदार के निकटतम वारिस श्रीमती सेफाली मजुमदार, पखांजूर निवासी अवधेश पटेल की पत्नी श्रीमती पिंकी पटेल, चैतन्यपुर निवासी श्रीमती गीता पाण्डे के निकटतम वारिस केपरो पाण्डे, पखांजूर निवासी सुकांत दास के निकटतम वारिस स्वपन दास, योगेन्द्रनगर निवासी रूपसी तरफदार के निकटतम वारिस भवरंजन, बान्दे निवासी भजन साहा के निकटतम वारिस श्रीमती दीपा साहा, देवपुर निवासी शिवपद सरदार के निकटतम वारिस श्रीमती मीरा सरदार, रामकृष्णपुर निवासी तारापद विश्वास के निकटतम वारिस श्रीमती मनखुशी विश्वास, योगेन्द्रनगर निवासी विश्व गोलदार के निकटतम वारिस श्रीमती शुरभी गोलदार, उदयपुर निवासी दुलाल तरफदार के निकटतम वारिस श्रीमती अंजली तरफदार, ईरपानार निवासी अर्चिता मंडल के निकटतम वारिस जयदेव मंडल, पखांजूर निवासी बिप्लव सरकार की पत्नी श्रीमती सविता सरकार, श्यामनगर निवासी तारक विश्वास की पत्नी श्रीमती रेखा, योगेन्द्रनगर निवासी करूणा दास के निकटतम वारिस विष्णु दास, विश्रामपुर निवासी चंचला राय के निकटतम वारिस विश्वम्बर राय, हनुमानपुर निवासी मानिक दत्ता की पत्नी श्रीमती संगीता दत्ता, चितपंजननगर निवासी दुर्गा विश्वास के निकटतम वारिस हरिपद विश्वास, बांदे निवासी सुनिल सिंग की पत्नी श्रीमती कल्पना सिंग, राधानगर निवासी अनिल गाईन की पत्नी श्रीमती पुष्पारानी गाईन, जयदेवपुर निवासी सुशील दास के निकटतम वारिस श्रीमती नमिता दास, बांदे निवासी पारूल विश्वास के निकटतम वारिस भजन विश्वास, चांदीपुर निवासी अजित राय की पत्नी श्रीमती अंजना राय, नेताजीनगर निवासी अंजली मंडल के निकटतम वारिस तपन मंडल, खैरीपदर निवासी शांति बखला के निकटतम वारिस दलबीर बखला, सुलंगी निवासी नवीन के निकटतम वारिस श्रीमती प्रेमबाई तथा बांदे निवासी राजेश हालदार के कोरोना से मृत्यु होने के प्रकरण में उनकी पत्नी श्रीमती पिंकी हालदार के लिए 50-50 हजार रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत किया गया है। इसी प्रकार नरहरपुर तहसील के 04 व्यक्तियों का कोरोना संक्रमण से मृत्यु होने के प्रकरण में ग्राम किशनपुरी निवासी अश्वन जैन की पत्नी श्रीमती सुनिता जैन, ढेकुना निवासी अवधेश कुमार सुरोजिया की पत्नी श्रीमती उषा सुरोजिया, चमन सिंह जैन की पत्नी श्रीमती प्रज्ञा जैन और चनार निवासी जनकूराम सलाम की पत्नी श्रीमती सुनिता सलाम के लिए 50-50 हजार रूपये की सहायता राशि स्वीकृत किया गया है। स्वीकृत सहायता राशि संबंधित तहसीलदार के माध्यम से सभी हिग्राहियों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर हस्तांतरित की जायेगी।
उत्तर बस्तर कांकेर / शौर्यपथ / नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम मांडरादरहा में सोमवार को जन चौपाल आयोजित किया गया, जिसे संबोधित करते हुए संसदीय सचिव एवं कांकेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक शिशुपाल शोरी ने कहा कि ग्रामीणों के स्थानीय व छोटी-छोटी समस्याओं के निराकरण के लिए जन चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें ग्रामीणों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्या को सुन कर यथासंभव निराकरण का प्रयास किया जा रहा है, साथ ही जन चौपाल में उपस्थित अधिकारियों द्वारा शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों को शासन की योजनाओं से लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि जिले में ग्रामीण सचिवालय भी नियमित रूप से आयोजित किये जा रहे हैं, जिसमें शामिल हों और योजनाओं को समझकर उसका लाभ उठायें। ग्रामीणों को ग्राम सभा में भी उपस्थिति रहने के लिए समझाईश दिया गया।
जन चौपाल को संबोधित करते हुए संसदीय सचिव शोरी ने कहा कि ग्रामीणों की समृद्धि में राज्य की खुशहाली है, ग्रामीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। गौठानों में गोबर की खरीदी हो रहा है, इससे महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहें है, वर्मीकम्पोस्ट बनाकर खेती में उपयोग किया जा रहा है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत धान के बदले अन्य लाभकारी फसलों की खेती करने वाले किसानों के साथ ही वृक्षारोपण करने वाले किसानों को भी आदान सहायता दिये जाने का निर्णय लिया गया है। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के अंतर्गत भूमिहीन परिवारों को वर्ष में 06 हजार रूपये की सहायता राशि प्रदान की जायेगी। उन्होंने कहा कि सभी विकासखण्डों में अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले जा रहे हैं, जिसमें गरीब बच्चों को भी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संस्कृति, तीज-त्यौहार को भी संरक्षित करने व बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है।
संसदीय सचिव शोरी ने ग्रामीणों की मांग पर ग्राम पंचायत मांडरादरहा के आश्रित ग्राम डब्बीपानी में रामनाथ के घर से दयालू घर तक सीसी रोड निर्माण, मांडरादरहा के पुराना पारा में सामुदायिक भवन निर्माण एवं मांडरादरहा के आदिवासी लया-लयोर नर्तक दल के लिए 10 हजार रूपये, ग्राम चारभाटा के नाटक मंडली को सामग्री खरीदने के लिए 10 हजार रूपये, ग्राम शामतरा में घोटूल निर्माण, ग्राम देवडोंगर में गोंडवाना समाज के लिए सामुदायिक भवन निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा किया। इस अवसर पर उनके द्वारा ग्राम डब्बीपानी में सामुदायिक भवन निर्माण का भूमिपूजन भी किया गया।
कार्यक्रम को जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सुभद्रा सलाम, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष हेमनारायण गजबल्ला, जनपद पंचायत नरहरपुर के अध्यक्ष श्रीमती संजूलता नेताम, चन्द्रकांत ध्रुवा, सुनील गोस्वामी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर रोहिदास शोरी, अनिता वट्टी, इंदलसिंह तारम, शशिकला जैन, पर्बतसिंह तारम, प्रमोद कुंजाम, मो. कासिम, पुरूषोत्तम पाटिल, ग्राम पंचायत के सरपंच श्रीमती इंदू नेताम सहित ग्रामीणजन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी मोजूद थे।
कांकेर / शौर्यपथ / सन् 1971 के युद्ध में भारत की पाकिस्तान पर पूर्ण विजय की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर स्वर्णिम विजय वर्ष मनाया जा रहा है। स्वर्णिम विजय मशाल आज कांकेर जिले मे पहुंच रही है। मशाल यात्रा में 06 अफसर एवं लगभग 50 जवान रहेंगे, स्वागत सम्मान आज शासकीय नरहरदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कांकेर में सुबह 11 बजे से किया जाएगा। कलेक्टर चन्दन कुमार ने स्वर्णिम विजय मशाल यात्रा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दायित्व सौंपे हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
