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April 05, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

     नई दिल्ली/शौर्यपथ  / हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल   ने देश में राजनीतिक विस्तार के सपने को पूरा करने के लिए 'मेक इंडिया नंबर 1' अभियान शुरू किया। अभियान के शुभारंभ पर, केजरीवाल ने देश भर में लोगों को मिशन में शामिल करने के लिए अपनी योजना का खुलासा किया। आप नेता ने जोर देकर कहा कि 'मेक इंडिया नंबर 1' के मिशन के तहत, नागरिकों को मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, युवाओं को रोजगार, महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्रदान करना आदि पर जोर दिया जाएगा।
2024 में नरेंद्र मोदी को देंगे चुनौती?
केजरीवाल ने कहा कि यह अभियान गैर राजनीतिक है। इस पहल को आप नेता द्वारा 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए प्रमुख चुनौती के रूप में पेश करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। इस बीच एक ओपिनियन पोल  सामने आया है, जिसके नतीजे काफी चौंका देने वाले हैं।
जानिए क्या कहता है सर्वे?
सीवोटर नेशनल मूड ट्रैकर ने आईएएनएस की ओर से एक राष्ट्रव्यापी जनमत सर्वे किया और लोगों से अगले आम चुनावों से पहले इस अभियान के माध्यम से पीएम मोदी के एक प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरने की केजरीवाल की महत्वाकांक्षा के बारे में जानने की कोशिश की। सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, 48% लोगों का मानना है कि केजरीवाल देशव्यापी 'मेक इंडिया नंबर 1' अभियान के माध्यम से विपक्ष के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में उभर सकते हैं। वहीं 52% लोग इससे असहमत दिखाई दिए।
राजनीतिक समर्थकों के विचारों में भी भिन्नता नजर आई। NDA के 61% समर्थकों ने कहा कि केजरीवाल के पीएम मोदी के प्रमुख चुनौती के रूप में उभरने की कोई संभावना नहीं है, जबकि 55% विपक्षी समर्थकों ने कहा कि दिल्ली के सीएम देश में शीर्ष पद के लिए विपक्ष का चेहरा बन सकते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि सर्वे से पता चला कि अधिकतर सामाजिक समूहों के उत्तरदाताओं के बहुमत और बड़े अनुपात का मानना है कि केजरीवाल में पीएम मोदी को चुनौती देने के लिए विपक्ष के चेहरे के रूप में उभरने की क्षमता है। सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, 61 फीसदी अनुसूचित जाति, 70 फीसदी मुस्लिम, 55 फीसदी अनुसूचित जनजाति और 51 फीसदी अन्य पिछड़ा वर्ग को लगता है कि आप संयोजक पीएम पद के लिए विपक्ष का चेहरा होंगे। हालांकि, बहुसंख्यक उच्च जाति के 65% हिंदुओं ने इसपर असहमति दर्ज कराई।

कोंडागांव। शौर्यपथ । कोंडागांव आदिवासी समाज नेता बंगा राम सोढ़ी ने आज कोंडागांव एसडीएम चित्रकला चार्ली से मुलाकात की साथ ही 29 /07/2022 को हुए बच्चों के निधन की घटना पर चर्चा की।

श्री सोढ़ी के द्वारा कहा गया कि पुलिस प्रशासन के द्वारा मृत हुए बच्चों की जांच की जा रही है शासन प्रशासन उनके साथ है साथ ही समाज से अपील भी किया कि अब तक पोस्टमार्टम की रिपोर्ट नही आई है,रिपोर्ट आने के पहले ही मामले पर पहले से ही भ्रामक प्रचार न करें व बच्चों का नाम ना ले ।

नई दिल्ली / शौर्यपथ  / देश की राजधानी दिल्ली में रोहिंग्याओं को बसाने को लेकर बवाल मचा हुआ है। भाजपा और आप दोनों एक दुसरे पर आरोप लगा रहे हैं। ये पुरा मामला कैसे शुरू हुआ आई विस्तार से समझते हैं। केंद्रीय आवास मंत्री एवं शहरी मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को ट्वीट करते हुए लिखा कि रोहिंग्या शरणार्थियों को आउटर दिल्ली के बक्करवाला स्थित ews के फ्लैट में शिफ्ट किया जाएगा। उन्हें वहां पर सभी जरूरत की चीजे मिलेगी। यूएनएचसीआर की ओर ये सुविधा दी जाएगी और दिल्ली पुलिस 24 घंटे सुरक्षा करेगी। आगे उन्होंने लिखा कि भारत ने हमेशा उन लोगों का स्वागत किया है जिन्होंने देश में शरण मांगी है। इस ट्वीट के बाद कई विपक्षी पार्टियां समेत कई हिंदु संगठनों ने आपत्ति जताई। 
VHP ने दिखाया कड़ा तेवर
वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि पाकिस्तान के हिंदु शरणार्थी दिल्ली के मजनुं का टीला इलाके में अमानवीय परिस्थितियों में रह रहे हैं। ऐसे में रोहिंग्याओं को आवास दिए जाने का प्रस्ताव निंदनीय है। आगे उन्होंने कहा कि बीजेपी मंत्री हरदीप सिंह के बयान से काफी स्तब्ध हैं, आगे उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि रोहिंग्या को भारत में जगह नहीं दी जाएगी, ये घुसपैठिए है। देश में हिंदु संगठनों के विरोध को देखते हुए बीजेपी अपने बयान से पलट गई।
मनीष सिसोदिया ने घेरा
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बीजेपी को घेरते हुए ट्वीट किया कि "केंद्र सरकार सुबह सुबह जिस खबर को अपनी उपलब्धि बताती नहीं थक रही थी, आम आदमी पार्टी द्वारा विरोध किए जाने पर , अब इसकी ज़िम्मेदारी दिल्ली सरकार पर डालने लगी है। जबकि हक़ीक़त है कि केंद्र सरकार चोरी छुपे रोहँगियाओं को दिल्ली में स्थाई ठिकाना देने की कोशिश कर रही थी।  केंद्र सरकार के इशारे पर LG के कहने पर ही अफ़सरों और पुलिस ने निर्णय लिए जिन्हें, बिना मुख्यमंत्री या गृहमंत्री,दिल्ली को दिखाए LG की मंज़ूरी के लिए भेजा जा रहा था। दिल्ली सरकार अवैध रूप से रोहँगियाओं को दिल्ली में बसाने की इस साज़िश को कामयाब नहीं होने देगी।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दिल्ली के सीएम के ऊपर हमला किया
सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर मीडिया से बात करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री के खिलाफ हमला किया। उन्होंने कहा कि आप की सरकार को घुसपैठियों की सरकार बताया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली के सीएम केजरीवाल रोहिंग्यों को फ्री में मकान देना चाहते हैं। इसके लिए दिल्ली सरकार ने एनडीएमसी को जून में पत्र भी लिखा था। उन्होंने चिठ्ठी को मीडिया के सामने रखा और कहा कि दिल्ली सरकार मुफ्त में रेवाड़िया बांट रही है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि "केजरीवाल की क्या मजबूरी, रोहिंग्या क्यों है AAP के लिए ज़रूरी? दिल्ली में रोहिंग्याओं को बिजली, पानी, राशन केजरीवाल ने दिया। गृह मंत्रालय के निर्देश के बावजूद डिटेंशन सेंटर AAP नहीं बना पाए। रोहिंग्याओं को बसाने की कोशिश AAP ने की। मुख्यमंत्री या झूठमंत्री ?"
गृह मंत्रालय के तरफ से आया जवाब
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री से इस मुद्दे को लेकर जांच करने के लिए आग्रह किया था। जिसके बाद गृह मंत्रालय के तरफ से जवाब आ गया है। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट करते हुए बताया कि दिल्ली में रोहिंग्यओं को बसाने का निर्णय दिल्ली सरकार के तरफ से ली गई थी। दिल्ली सरकार ने रोहिंगया को मदनपुर खादर से बक्करवाला ews फ्लैट में  ट्रांसफर करने का फैसला था। इस संबंध मे गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा ने एक लेटर भी जारी किया है। इस पत्र में साफ तौर पर देखा गया है कि दिल्ली सरकार ने कई फैसलें लिए है, जो रोहिंग्यों के लिए थे।
कौन है रोहिंग्या
रोहिंग्या एक जातीय समूह है, जिसमें मुख्य रूप से मुस्लिम शामिल हैं। ये पश्चिमी म्यांमार प्रांत रखाइन में रहते हैं। वे आमतौर पर बोली जाने वाली बर्मी भाषा के विपरीत बंगाली की एक बोली बोलते हैं। वे कई सालों पीढ़ियों से दक्षिण पूर्व एशियाई देश में रह रहे हैं। म्यांमार उन्हें उन व्यक्तियों के रूप में मानता है जो औपनिवेशिक शासन के दौरान अपनी भूमि पर चले गए थे। इसलिए रोहिंग्याओं को नागरिकता नहीं दी है। 1982 के बर्मी नागरिकता कानून के अनुसार एक रोहिंग्या (या कोई भी जातीय अल्पसंख्यक) नागरिकता के लिए तभी पात्र होता है। जब वह इस बात का प्रमाण देता है कि उसके पूर्वज 1823 से पहले देश में रह चुके हैं। म्यांमार में बौध धर्म के लोगों इनका काफी विरोध करते हैं। आज ये शरणार्थी बनकर पड़ोसी देशों में रह रहे हैं और भारत में इनकी संख्या काफी अधिक है।

नई दिल्ली /शौर्यपथ/ बिलकिस बानो गैंगरेप केस में 11 दोषियों की सजा माफ करने का मुद्दा गरमाता जा रहा है। इस मामले को लेकर BJP के एक विधायक ने कहा है कि 2002 के गुजरात दंगों के इस मामले में दोषी कुछ लोग “अच्छे संस्कारों वाले ब्राह्मण” हैं, और यह संभव है कि उनके परिवार की अतीत की गतिविधियों के चलते उन्हें फंसाया गया होगा। हालांकि, एक समाचार पोर्टल के साथ इंटरव्यू में कैमरे पर इस तरह का दावा करने के एक दिन बाद गोधरा के विधायक सी. के. राउलजी ने कहा कि उनका मानना है कि बलात्कारियों की कोई जाति नहीं होती और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
राउलजी ने शुक्रवार को ट्वीट किया, ‘‘बलात्कारियों की कोई जाति नहीं होती और मैंने ऐसी कोई (गलत) बात नहीं की है। मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। यदि कोई दोषी है तो उसे उसकी सजा मिलनी चाहिए। हमें अदालत के फैसले का सम्मान करना चाहिए।’’ उनका यह ट्वीट बिलकिस बानो मामले में उनकी जातिगत टिप्पणी को लेकर हुए विवाद के बाद आया है। उन्होंने गुरुवार को कहा था कि उन्हें नहीं पता कि 15 साल से ज्यादा समय बाद जेल से रिहा किए गए दोषी अपराध में शामिल थे या नहीं।
15 अगस्त को गोधरा उप-जेल से रिहा हुए सभी 11 दोषी
बिलकिस बानो गैंगरेप मामले में आजीवन कारावास की सजा पाए सभी 11 दोषियों को 15 अगस्त को गोधरा उप-जेल से रिहा कर दिया गया था। गुजरात सरकार की सजा माफी योजना के तहत उन्हें रिहा किया गया था। राउलजी ने एक समाचार पोर्टल से कहा, “हमने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर फैसला लिया था। हमें दोषियों के आचरण को देखना था और उन्हें समय से पहले रिहा करने पर फैसला लेना था।” उन्होंने कहा, “हमने जेलर से पूछा और पता चला कि जेल में उनका आचरण अच्छा था।… इसके अलावा कुछ दोषी ब्राह्मण हैं। उनके संस्कार अच्छे हैं।”
'आचरण के आधार पर माफ की सजा'
राउलजी ने कहा कि हो सकता है, दोषियों को फंसाया गया हो। उन्होंने कहा, “संभव है कि उनके परिवार के अतीत में किए गए कामों के कारण उन्हें फंसाया गया हो। जब ऐसे दंगे होते हैं तो ऐसा होता है कि जो शामिल नहीं होते उनका नाम आता है। लेकिन मुझे नहीं पता कि उन्होंने अपराध किया था या नहीं। हमने उनके आचरण के आधार पर सजा माफ की।” जेल से रिहा हुए उन 11 लोगों के स्वागत के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्होंने उन लोगों का स्वागत नहीं किया।
2008 में मिली थी उम्रकैद की सजा
शीर्ष अदालत द्वारा राज्य की 1992 की छूट नीति के तहत राहत के लिए उनकी याचिका पर विचार करने के निर्देश के बाद गुजरात सरकार ने 11 दोषियों को रिहा कर दिया। मुंबई की एक स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने 21 जनवरी, 2008 को बिलकिस बानो के परिवार के 7 सदस्यों की हत्या और उसके गैंगरेप के मामले में सभी 11 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में बम्बई हाईकोर्ट ने उनकी सजा को बरकरार रखा। इन दोषियों ने 15 साल से ज्यादा समय तक जेल की सजा काटी, जिसके बाद उनमें से एक ने अपनी समय-पूर्व रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

 खाना खजाना /शौर्यपथ / रेस्त्रां या होटल में तंदूरी नान के साथ परोसी गई आपकी मनपंसद सब्जी आपके मुंह का जायका ही नहीं आपके मूड को भी अच्छा बना देती है। लेकिन ज्यादातर घरों में तंदूर न होने की वजह से लोग रेस्त्रां वाला स्वाद घर पर नहीं ले पाते हैं। अगर आपकी भी यही शिकायत है कि तंदूरी नान बनाने के लिए आपके पास तंदूर नहीं है तो टेंशन छोड़िए घर बैठे कढ़ाही में बनाना सीखें टेस्टी तंदूरी नान। 
कढ़ाही के ढक्कन पर तंदूरी नान बनाने के लिए अपनाएं ये टिप्स-
तंदूरी नान बनाने के लिए सामग्री-
-2 कप मैदा
-1/2 छोटा चम्मच बेकिंग सोडा
-1/2 छोटा चम्मच नमक
-1 छोटा चम्मच चीनी पीसी हुई
-1/2 कप प्लेन योगर्ट
-2 चम्मच तेल
-गर्म पानी
-बारीक कटा लहसुन
-मक्खन
-बारीक कटा हरा धनिया
कढ़ाही के ढक्कन पर नान बनाने का तरीका-
कढ़ाही के ढक्कन पर नान बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल में मैदा, नमक, चीनी डालकर उसे अच्छे तरह मिला लें। इसके बाद इसमें ऊपर से दही और बेकिंग सोडा मिलाकर डालने के बाद  2 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद इसे तेल और थोड़ा सा गर्म पानी की मदद से सोफ्ट आटा गूंथ लें।
इसी बाउल में थोड़ा सा तेल ग्रीस करके गुंथा हुआ आटा डालकर दोबारा गूंथकर 10 मिनट के लिए सेट होने के लिए रख दें। अब आटे को फिर एक बार गूंथे और उसकी लोइयां को लंबा-लंबा बेल लें। इसमें बारीक कटा लहसुन और थोड़ा सा धनिया छिड़ककर उंगलियों से दबाते हुए पलट लें। नान के उलटी तरफ थोड़ा सा पानी लगाएं और फिर एक उंगलियों से दबाएं। अब गैस में कढ़ाही गर्म करें और कढ़ाही के लिड में नान को चिपक दें।


      खेल /शौर्यपथ /टीम इंडिया ने गुरुवार (18 अगस्त) को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के पहले वनडे इंटरनेशनल मैच में 10 विकेट से जीत दर्ज की। इस जीत के हीरो रहे टीम इंडिया में करीब साढ़े छह महीने बाद वापसी कर रहे दीपक चाहर। चाहर ने सात ओवर में 27 रन देकर कुल तीन विकेट चटकाए। जिम्बाब्वे के टॉप-3 बल्लेबाजों को चाहर ने ही पवेलियन का रास्ता दिखाया। मैच के बाद चाहर और अक्षर पटेल ने बीसीसीआई टीवी पर बात की और इस दौरान दोनों ने मिलकर युजवेंद्र चहल को जमकर ट्रोल किया।
अक्षर पटेल ने जब दीपक चाहर से पूछा कि दो-तीन महीने के बाद वापसी करके कैसा लग रहा है, तो चाहर ने तुरंत उन्हें सही करते हुए कहा कि साढ़े छह महीने। दीपक चाहर ने अपनी गेंदबाजी को लेकर कहा, 'जब आप टीम से बाहर होते हैं तो इसके इंतजार में रहते हैं कि कब आपको जर्सी पहनकर देश के लिए खेलने का मौका मिलता है। इंजरी के चलते बाहर होना मुश्किल समय था।'
फिर दीपक चाहर ने अक्षर पटेल से सवाल पूछना शुरू किया और सबसे पहले यही बोला कि क्या उन्होंने चहल टीवी को अक्षर टीवी बना दिया है। दरअसल बीसीसीआई टीवी पर टीम इंडिया की जीत के बाद युजवेंद्र चहल ही मैन ऑफ द मैच से बातचीत करते थे। इस दौरे पर चहल नहीं आए हैं। अक्षर इससे पहले भी बीसीसीआई टीवी पर इंटरव्यू ले चुके हैं यही वजह है कि दीपक चाहर और अक्षर ने मिलकर चहल को ट्रोल किया।

    वास्तु टिप्स /शौर्यपथ /ज्योतिष शास्त्र की तरह की वास्तु शास्त्र में भी धन लाभ के लिए कई तरह के उपाय बताए गए हैं। वास्तु के मुताबिक, घर में सकारात्मक ऊर्जा रहने पर परिवार में सुख-समृद्धि, सुख, वैभव और अच्छी सेहत मिलती है। जबकि घर में नकारात्मक ऊर्जा होने पर व्यक्ति को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। जानें जीवन में सुख-समृद्धि व सफलता पाने के लिए वास्तु टिप्स-
1. जीवन में सफलता पाने के लिए व्यक्ति को उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण हमेशा साफ रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसा करने से धन लाभ के साथ तरक्की मिलती है।
2. हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा पूजनीय है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में उत्तर या पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा जरूर लगाना चाहिए। वास्तु के अनुसार, ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। जिससे आर्थिक लाभ होता है।
3. देवगुरु बृहस्पति को सुख-समृद्धि का कारक माना गया है। कहते हैं कि जातक की जन्मकुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति कमजोर होने पर कष्टों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में गुरु ग्रह की स्थिति अनुकूल बनाने के लिए पोंछे के पानी में चुटकी भर हल्दी मिला दें। ऐसा करने से घर में बरकत आती है।
4. वास्तु शास्त्र के अनुसार, नल या टंकियों से अनावश्यक बहता पानी अशुभ माना जाता है। जिस घर में ऐसा होता है, वहां बरकत नहीं होती है।
5.वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर से कांटेदार या दूध निकलने वाले पौधों को हटा देना चाहिए। इनकी जगह हरे पौधे लगाने चाहिए। जिससे घर में पॉजिटिव एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा और धन का आगमन होगा।
6. घर में पूजा स्थान हमेशा ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में ही बनाना चाहिए। उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा माना गया है। इसलिए वास्तु के अनुसार, अलमारी या तिजोरी का दरवाजा उत्तर दिशा की ओर खुलना चाहिए। इससे धन में वृद्धि होती है।



       सेहत टिप्स / शौर्यपथ /बोन इंफेक्शन  ज्यादातर बैक्टीरिया के कारण होता है। लेकिन यह कवक  या अन्य कीटाणुओं के कारण भी हो सकता है। जब किसी व्यक्ति को ऑस्टियोमाइलाइटिसहोता है, तो बैक्टीरिया या अन्य रोगाणु संक्रमित त्वचा, मांसपेशियों, या हड्डी के बगल में टेंडन से हड्डी में फैल सकते हैं। यह त्वचा वाले घाव के नीचे हो सकता है। संक्रमण शरीर के दूसरे हिस्से में शुरू हो सकता है और रक्त के माध्यम से भी हड्डी में फैल सकता है। यह एक घातक समस्या है। इसलिए जरूरी है कि आप बोन इंफेक्शन (Bone infection) या ऑस्टियोमाइलाइटिस   के बारे में सब कुछ जानें।
बाेन इंफेक्शन के बारे में बात करते हुए अमेरी होम हेल्थ केयर, एशियन हॉस्पिटल फरीदाबाद की डॉक्टर चारू दत्त अरोड़ा कहती हैं, “यह एक घातक संक्रमण है और कई बार हड्डी की सर्जरी के बाद भी शुरू हो सकता है। यदि चोट लगने के बाद सर्जरी की जाती है या हड्डी में स्टील या प्लेट लगाई जाती है, तो इसका जोखिम अधिक होता है।
किन लोगों को ज्यादा होता है बोन इंफेक्शन का रिस्क
बच्चों में इसका सबसे ज्यादा रिस्क होता है। उनके हाथ या पैर की लंबी हड्डियां इससे जल्दी प्रभावित हो सकती हैं, क्योंकि ये कमज़ोर होती हैं। वयस्कों में, पैर, रीढ़ की हड्डियां, और कूल्हे (श्रोणि) इससे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। इसके अलावा
मधुमेह
हीमोडायलिसिस
खराब रक्त आपूर्ति
हाल की चोट
इंजेक्शन वाली अवैध दवाओं का प्रयोग
हड्डियों से जुड़ी सर्जरी
कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को भी बोन फीवर का जोखिम ज्यादा होता है।
क्या है कोविड-19 और बोन इंफेक्शन का कनेक्शन
डॉक्टर अरोड़ा कहती हैं कि कोविड होने के कारण लोगों की इम्युनिटी कमज़ोर हुई है। कमज़ोर इम्युनिटी के कारण बोन फीवर और ज्यादा गंभीर और खतरनाक हो सकता है। एस्परजिलस फंगस  जिसका स्पाइन बोन्स से खास जुड़ाव है, के कारण, यह स्पाइन बोन पर सबसे ज़्यादा असर करता है। कोविड के बाद से यह फंगस होना काफी खतरनाक हो गया है, क्योंकि इससे रिकवरी बेहद मुश्किल हो जाती है।
इतना ही नहीं कोविड 19 के ऐसे मरीज़ जिनमें सर्दी ज़ुकाम ज़्यादा गंभीर थे, को बोन फीवर आसानी से चपेट में ले लेता है।
पहचानें बोन इंफेक्शन के लक्षण
ऑस्टियोमाइलाइटिस के लक्षण उम्र के साथ बदलते हैं। मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:
हड्डी में दर्द
बहुत ज़्यादा पसीना आना
बुखार और ठंड लगना, प्रभावित हड्डी के आसपास सूजन, लालिमा और गर्म शरीर
संक्रमित स्थान पर  पर दर्द
कैसे किया जाता है बोन इंफेक्शन का निदान
बोन फीवर होने की स्थिति में डॉक्टर आम तौर पर ये टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं:
ब्लड कल्चर
बोन बायोप्सी
बोन स्कैन
हड्डी का एक्स-रे
काउंटिंग ब्लड सेल्स (सीबीसी)
सी-रिएक्टिव प्रोटीन (4)
एरिथ्रोसाइट सैक्रेशन रेट
क्या हो सकते हैं बोन फीवर के जोखिम
बोन्स में होने वाले बैक्टीरियल इन्फेक्शन का इलाज यदि समय पर न हो तो इसकी वजह से लीवर और किडनी पर बुरा असर हो सकता है। इतना ही नहीं इसका बुरा असर रीढ़ की हड्डी तक पहुंच सकता है, जिससे अपंगता तक की स्थिति हो सकती है।
यदि आपकी हाल ही में हड्डी टूट गई है या सर्जरी हुई है, या प्लास्टर हुआ है, तो किसी भी संक्रमण के संकेत मिलने पर अपने डॉक्टर से संपर्क करें। लेकिन कई मामलों में, ऑस्टियोमाइलाइटिस को रोकने के लिए कुछ नहीं किया जा सकता है।
ऑस्टियोमाइलाइटिस का उपचार
बाेन इंफेक्शन होने पर संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया को नष्ट करने के लिए एंटीबायोटिक्स दिए जाते हैं। एक समय में एक से अधिक एंटीबायोटिक भी दिए जा सकते हैं।
यदि आपको मधुमेह है, तो इस पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना जरूरी है।   अच्छी तरह नियंत्रित करने की आवश्यकता होगी। यदि संक्रमित क्षेत्र में रक्त की आपूर्ति में समस्या है जैसे कि पैर, संक्रमण से छुटकारा पाने के लिए रक्त प्रवाह में सुधार के लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।

        सेहत / शौर्यपथ /सिरदर्द सबसे आम परेशानी। शायद ही दुनिया में कोई ऐसा व्यक्ति होता जिसे कभी सिरदर्द नहीं हुआ होगा। कुछ लोग तो ऐसे होते हैं, जिनकी सुबह की शुरुआत ही सिरदर्द से होती है। सिरदर्द के कई कारण होते हैं। नींद पूरी न होना, स्ट्रेस, थकान, मेडिकल कंडीशन, शोर आदि। कई बार ऐसा भी होता है कि हमें सिरदर्द की कोई वजह समझ नहीं आती। ऐसे में कई लोग तो सिरदर्द होने पर हमेशा पेनकिलर का सहारा लेते हैं। उन्हें पेनकिलर्स खाने की इतनी आदत पड़ जाती है कि माइल्ड पेन होने पर भी वे बार-बार पेनकिलर्स लेने लगते हैं जबकि हमेशा पेनकिलर खाना सेहत पर भारी पड़ सकता है। इससे आपको कई हेल्थ इश्यू भी हो सकते हैं। आइए, जानते हैं सिरदर्द होने पर आप क्या उपाय कर सकते हैं-
हेड मसाज
सिर की मालिश को कभी भी लाइट न लें, खासकर अगर आपके सिर में दर्द हो रहा है, तो आपको किसी भी ऑयल से हेड मसाज जरूर करानी चाहिए। इससे आपकी नसों को काफी आराम मिलता है और सिरदर्द से भी राहत मिलती है।
आइस पैक
बर्फ के टुकड़ों को किसी कपड़े में लपेटकर माथे पर हल्के हाथों से दबाएं। इससे आपको दर्द से आराम मिलेगा। आप थोड़ी-थोड़ी देर में भी आइस पैक को माथे पर लगा सकते हैं। सिरदर्द को ठीक करने में यह सबसे कारगर उपाय है।
हॉट राइस बैक
इसके लिए आपको कच्चे चावल को तवे पर गर्म करना है। इसके बाद इन चावलों को किसी पॉलीबैग में भर लें। इससे आप माथे पर सेंक लगा सकते हैं। इससे भी आपका सिरदर्द काफी हद तक ठीक हो जाता है।
लैवेंडर ऑयल
लैवेंडर ऑयल का इस्तेमाल अरोमा थेरेपी में किया जाता है। इससे आपको शांति और सुकून मिलता है। इसके लिए सबसे पहले लैवेंडर ऑयल को गर्म कर लें और इसे किसी ऐसी जगह पर रख दें, जिससे इसकी महक अच्छी तरह आए।
पानी
कभी-कभी पानी की कमी से भी शरीर खासकर सिर में दर्द होता है। ऐसे में शरीर को हाइड्रेट रखें और तेजी से कम से कम दो गिलास ठंडा पानी पिएं। इससे भी सिरदर्द में काफी आराम मिलता है।
ब्रीदिंग एक्सरसाइज
ब्रीदिंग एक्सरसाइज को कम से कम 10 मिनट तक करें। इस एक्सरसाइज को करने से आपको काफी आराम मिलता है। ब्रीदिंग एक्सरसाइज से नसें काफी रिलेक्स हो जाती हैं।
आयुर्वेदिक चाय
आयुर्वेदिक चाय भी सिरदर्द को ठीक करने में कारगर मानी जाती हैं। आप मसाला चाय भी पी सकते हैं। कोशिश करें कि चाय को गर्म सिप-सिप करके पिएं। ठंडी चाय आपका सिरदर्द बढ़ा सकती है।

   ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / बालों की केयर करने के लिए शैम्पू और कंडीशनर के अलावा हेयर मास्क का इस्तेमाल करना भी बेहद जरूरी है। किसी भी हेयर मास्क के काम करने के लिए आपको यह पहचानने की जरूरत होती है कि आपके बालों का पैटर्न क्या है। इसका मतलब यह है कि अगर आपको अपने बालों के बारे में पता होना चाहिए कि आपके बाल ऑयली हैं या फिर ड्राय। इसके हिसाब से ही आपको हेयर मास्क और स्पा क्रीम चुननी चाहिए।
अंडे का मास्क
अंडा त्वचा और बालों की देखभाल में शामिल करने के लिए मेरी पसंदीदा चीजों में से एक है। 1 अंडे को शहद और जैतून के तेल के साथ मिलाएं। इस चिकने हेयर मास्क को अपने स्कैल्प और बालों पर लगाने के लिए ब्रश का इस्तेमाल करें। इसे 20 मिनट तक लगाकर रखें और धो लें। नींबू के पानी से बाल धोएं, इससे अंडे की बदबू निकल जाएगी।
ग्रीन टी मास्क
अगर आप लगातार बालों के झड़ने से परेशान हैं, तो अपने स्कैल्प को अच्छी तरह से साफ करने के लिए इसे अपनाएं। कई बार हमारे स्कैल्प पर गंदगी जमा हो जाती है जिससे बाल झड़ते हैं। ग्रीन टी बालों के सभी गंदगी कणों को धो देगी जिससे बालों का झड़ना कम हो जाएगा। 1-2 ग्रीन टी बैग्स को गर्म पानी में भिगो दें और इसे 5 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। अब ग्रीन टी के पानी को ठंडा होने दें, उसी पानी को अपने स्कैल्प पर डालें और धीरे से अपने स्कैल्प पर मसाज करें। इसे आप प्लेन पानी से भी धो सकते हैं।
ऑयल मास्क
एक कटोरी में 1 - 2 बड़े चम्मच हेयर कंडीशनर, 1 चम्मच जैतून का तेल, 1 चम्मच ग्लिसरीन और एक चौथाई चम्मच सिरका मिलाएं। इस पैक को अपनी जड़ों और बालों पर लगाएं, 20 मिनट तक लगा रहने दें और फिर धो लें। इससे हेयरफॉल रूक जाएगा और बाल स्ट्रॉन्ग होंगे।
केला और जैतून का तेल
एक और उपाय जिसे आप घर पर ही रूखे और बेजान बालों को वश में करने की कोशिश कर सकते हैं। वह है एक बड़ा चम्मच कंडीशनर, आधा मैश केला, एक टेबल नींबू का रस, एक चम्मच जैतून का तेल, 2 बड़े चम्मच दही और 2-3 बूंदें लैवेंडर ऑयल। इन सबको मिलाकर एक मास्क बना लें। इसे 20 मिनट तक लगा रहने दें और फिर धो लें।
बारिश के दिनों में बालों के लिए किसी मैजिक से कम नहीं है ये हेयर मास्क
बरसात के मौसम में स्कैल्प बहुत ऑयली हो जाती है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि बालों को मजबूत बनाने के लिए नेचुरल ट्रीटमेंट किया जाए। आज हम आपको बता रहे हैं हेयर केयर के लिए ऐसे नेचुरल हेयर मास्क जिनसे आपके बाल सॉफ्ट एंड शाइनी बनेंगे। इन हेयर मास्क का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इनसे कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है। आइए, जानते हैं कि कैसे करें इनका इस्तेमाल 
केला और एवोकाडो
दो बड़े चम्मच जैतून के तेल में आधा केला और एवोकाडो मिलाएं। मिश्रण को तब तक अच्छी तरह ब्लेंड करें जब तक कि यह चिकना और क्रीमी न हो जाए। मिश्रण को अपने स्कैल्प में मालिश करें और समान रूप से फैलाएं। अपने बालों को शावर कैप से ढक लें। एक तौलिए को गर्म पानी में भिगोएं और तौलिए से अतिरिक्त पानी निकाल दें। तौलिया को अपने सिर के चारों ओर लपेटें और तौलिया के ठंडा होने तक 20-30 मिनट तक वेट करें। अपने बालों को हल्के शैम्पू जैसे डोव डेली शाइन शैम्पू से धोएं और गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें।
इस हेयर मास्क के फायदे
पोटेशियम, कार्बोहाइड्रेट, प्राकृतिक तेल और विटामिन से भरपूर केला आपके बालों और स्कैल्प के इलाज में बेहद फायदेमंद साबित होता है। केले से भरा यह हेयर मास्क डैंड्रफ को कंट्रोल करता है। बालों को मुलायम बनाता है। एवोकैडो स्कैल्प को फिर से पोषण देने में मदद करता है। एवोकैडो में मौजूद प्रोटीन, अमीनो एसिड और विटामिन लंबे और मजबूत स्ट्रैंड को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। यह घर का बना हेयर मास्क महीने में एक बार आपके बालों की देखभाल करने के सबसे बेस्ट तरीका है।
एग और मेयोनेज हेयर मास्क
दो कच्चे अंडे के साथ पांच बड़े चम्मच मेयोनेज मिलाएं। अच्छी तरह से ब्लेंड करें, लेकिन सुनिश्चित करें कि मिश्रण बहुत अधिक पतला न हो, नहीं तो यह आपके बालों में नहीं लगेगा। यदि आपके बाल मोटे हैं तो आप अतिरिक्त चमक के लिए एक चम्मच सिरका भी मिला सकते हैं। मिश्रण को जड़ से सिरे तक अच्छी तरह लगाएं। अपने सिर को शावर कैप से ढक लें। इसके बाद, एक तौलिया गरम करें और इसे शॉवर कैप के चारों ओर लपेटें। यह नमी को आपके बालों में सोखने में मदद करेगा। गर्म पानी से धोने से पहले मास्क को अपने सिर पर लगभग 20 मिनट तक बैठने दें।


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