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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
कृष्ण कुंज: अब तक 169 नगरीय निकायों के 224 एकड़ रकबा में 55 हजार से अधिक पौधे रोपित
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के नगरीय निकायों में कृष्ण कुंज का विकास कर रही है।मात्र में एक वर्ष में ही इन कृष्ण कुंजो ने हरे-भरे वृक्षों के रूप में अपना आकार लेना शुरू कर दिया है। योजना के तहत प्रदेश में अब-तक 169 नगरीय निकायों में लगभग 224 एकड़ रकबा में 55 हजार 781 पौधों का रोपण किया गया हैं।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर राजधानी रायपुर के तेलीबांधा स्थित कृष्ण कुंज में स्वयं वृक्षारोपण कर कृष्ण कुंज की महत्वाकांक्षी योजना की पूरे प्रदेश में शुरूआत की थी। इसी दिन प्रदेश के नगरीय निकायों में बनाए गए कृष्ण कुंज में जनभागीदारी से वृक्षारोपण किया गया।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप कृष्ण कुंज में वृक्षारोपण से जन-जन को जोड़ना और सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के वृक्षों के रोपण करने का कार्य किया जा रहा है। जहां पर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने वाले और भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन देने वाले चंदन, रूद्राक्ष, बरगद, पीपल, कदम्ब जैसे वृक्षों का रोपण शामिल है। कृष्ण कुंज में आम, ईमली, बेर, गंगा ईमली, जामुन, शहतुत, तेंदू, चिरौंजी, अनार, कैथा, नीम, पलाश, बेल, आंवला जैसे फलदार वृक्ष भी लगाएं जा रहे हैं।
नई दिल्ली / दिल्ली के शाहबाद डेयरी इलाके में 16 साल की लड़की की हत्या के मामले में उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया गया है. 20 साल के आरोपी साहिल को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया. साहिल ने शाहबाद डेयरी इलाके में रविवार शाम 16 साल की साक्षी की सरेराह हत्या कर दी थी. पुलिस के मुताबिक, दोनों रिलेशनशिप में थे, लेकिन शनिवार को किसी बात पर दोनों का झगड़ा हो गया था.
दिल्ली के शाहबाद डेयरी मर्डर केस पर पुलिस का ताजा बयान सामने आया है. दिल्ली पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के प्रारंभिक निष्कर्षों से पता चला कि 16 साल की लड़की को 16 बार चाकू मारा गया. किसी भारी वस्तु से हमला करने के बाद उसका सिर फट गया. पुलिस विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.
पुलिस ने आरोपी साहिल को सोमवार दोपहर 3 बजे बुलंदशहर से गिरफ्तार किया. दिल्ली की डिप्टी कमिश्नर सुमन नलवा ने कहा कि साहिल को हमारी टीम दिल्ली लेकर आ रही है. वह एसी और फ्रिज रिपेयर करने का काम करता था. हमारी कोशिश है कि साहिल को सख्त से सख्त सजा मिले.साहिल जब लड़की पर हमला कर रहा था, तब यह घटना पास लगे सीसीटीवी में कैद हो गई. 6 बार उसके सिर पर पत्थर भी पटका था. हमले के बाद उसके सड़क पर गिरने के बाद भी साहिल लगातार उसे लात से मारता रहा.
पुलिस को एक व्यक्ति ने लड़की की हत्या की जानकारी दी. पुलिस टीम को साक्षी का शव सड़क पर मिला. वह जेजे कॉलोनी की रहने वाली थी. रिपोर्ट के मुताबिक, जब वह रविवार शाम बर्थडे पार्टी में जा रही थी, तब अचानक साहिल ने उसे रोका और हमला कर दिया.
पहले घरेलू उपयोग के लिए लगाते थे सब्जियां, आज जिले के गौठानों में बड़े स्तर पर हो रहा उत्पादन
रायपुर। शौर्यपथ । मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सुराजी ग्राम योजना ग्रामीण अंचलों में निवास करने वालों के लिए बहुत ही लाभकारी साबित हुई है। नरवा, गरुवा, घुरवा और बाड़ी योजनांतर्गत बाड़ी विकास योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। जिससे ग्रामीण परिवारों को आय का आसान रास्ता मिला है, कोरिया जिले में भी ऐसे कई परिवार हैं जो अपनी सफलता की कहानी स्वयं बयां करते हैं। जिले के विकासखण्ड सोनहत के कुशहा गौठान में बाड़ी विकास योजना के तहत लक्ष्मी महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं ने गौठान में मक्का,टमाटर लगाया है। समूह की सदस्य अनिता बताती हैं कि पिछले सीजन में उन्होंने मात्र एक हजार की लागत लगाकर टमाटर उगाया था, जिससे उन्हें 7 हजार तक का मुनाफा हुआ। उन्होंने बताया कि पहले वे घर पर ही घरेलू आवश्यकतानुसार सब्जियां लगाती थीं, परन्तु आज समूह के साथ जुड़कर गौठान में बड़े स्तर पर बाड़ी का कार्य करने से उन्हें रोजगार का अवसर मिल गया है।
इसी प्रकार विकासखण्ड बैकुण्ठपुर के मझगंवा गौठान की प्रगति महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं बाड़ी का कार्य कर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ कर रहीं हैं। समूह की अध्यक्ष शमशुन निशा बताती हैं कि समूह के गठन के साथ ही वे गौठान में विभिन्न गतिविधियों से जुड़कर कार्य कर रहीं हैं। समूह की सचिव अंजुलता ने बताया कि लगभग 10 महीनों से हम बाड़ी विकास का कार्य कर रहें हैं। वर्तमान में यहां बैगन, मिर्च,टमाटर के साथ-साथ एलोवेरा तथा लेमनग्रास भी लगा है। जिसका विक्रय कर महिलाओं ने कुल 70 हजार रुपए की आय की है और लगातार मुनाफा बढ़ रहा है। स्थानीय बाज़ारों में ही सब्जियों की खपत हो जाती है। महिलाएं कहती हैं कि जब से हम यह कार्य कर रहीं हैं अच्छी आमदनी से आर्थिक रूप से सशक्त होकर घर-परिवार की ज़रूरतों को पूरा कर पा रहीं हैं। उन्होंने ऐसी फायदेमंद योजना शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के प्रति आभार जताया है।
रायपुर। शौर्यपथ । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने प्रदेश व्यापी भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान स्थानीय निवासियों के यहां सादगी पूर्ण भोजन किया एवं उनके स्नेह से अभिभूत होकर उन सभी से यह वादा किया था कि सभी को जिस प्रेम और आदर के साथ उन्होंने अपने घर पर भोजन कराया वैसे ही प्रेम और आदर के साथ मुख्यमंत्री निवास पर भोजन के लिए आमंत्रित करेंगे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने वादे के अनुरूप आज सरगुजा संभाग के उन परिवारों का अतिथि के रूप में स्वागत किया जिन परिवारों के यहां कभी वह अतिथि बनकर भोजन करने गए थे।
मुख्यमंत्री ने आज अपने निवास में सरगुजा से आए मेहमानों का पारम्परिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन मूंग दाल का देहाती बड़ा, कढ़ी वाली भिंडी, लौकी चना दाल, मूंग भाटा आलू, टमाटर चटनी के जायके के साथ स्वागत किया।स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेम साय सिंह टेकाम, संसदीय सचिव श्रीमती अम्बिका सिंहदेव और डॉ विनय जायसवाल, विधायक श्री रामपुकार सिंह, श्री खेलसाय सिंह, श्री गुलाब कमरो, श्री पारसनाथ राजवाड़े भी इस अवसर पर उपस्थित हैं।
मेहमानों के भोजन करने के दरमियान मुख्यमंत्री स्वयं भोजन की टेबल पर जाकर ग्रामीणों से मुलाकात कर रहे थे मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के पास जाकर उनसे बड़ी ही आत्मीयता से मुलाकात की उनका कुशलक्षेम पूछा, घर-परिवार की बात की।सभी मेहमानों को बिठाकर मुख्यमंत्री आम आदमी की तरह उनके साथ खड़े रहे। मुख्यमंत्री के इस तरह के आदर सत्कार को देखकर सरगुजा से आए हुए मेहमान खुशी से गदगद हो गए एवं मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करते हुए नजर है
रायपुर। शौर्यपथ । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने प्रदेश व्यापी भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय निवासियों के यहां देसी और सादगी से आदरपूर्वक परोसे गए भोजन का स्वाद लिया। बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के 90 विधानसभा क्षेत्र में से 87 विधानसभा क्षेत्र में भेंट मुलाकात कार्यक्रम कर चुके है । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जिन जिन सज्जनों के घर भोजन किया उन्हें मुख्यमंत्री निवास में भी आमंत्रित करेंगे इसी कड़ी में आज सरगुजा संभाग के उन परिवारों को आमंत्रित किया जिन परिवारों के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान भोजन किया था।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आमंत्रण के बाद सरगुजा संभाग से आए हुए मेहमानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मेजबानी का उन्हें सौभाग्य मिला । मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के आमंत्रण पर उनके निवास पहुंचे पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र के बागबहार निवासी श्री गौरीशंकर यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि हमने कभी सोचा भी नहीं था कि मुख्यमंत्री जी कभी हमारे यहां भोजन के लिए आएंगे। हमने उन्हें देशी खाना खिलाया था, जिसे मुख्यमंत्री जी ने बड़े प्रेम से ग्रहण किया। आज मुख्यमंत्री जी ने हमें अपने निवास पर भोजन के लिए आमंत्रित कर हमें सम्मान दिया है।
सीतापुर विधानसभा के मैनपाट विकासखण्ड के ग्राम राजापुर से आए श्री राजनाथ एक्का ने बताया हमने कभी सोचा भी नहीं था कि मुख्यमंत्री जी आदिवासी किसान के घर आएंगे, उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि हम लोगों ने मुख्यमंत्री जी को लकड़ा की चटनी और कोइलरी भाजी खिलाई थी। आज मुख्यमंत्री निवास आकर बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री जी को घर से लाया गुड़ और अपने बैग की लीची भेंट की।
सामरी विधानसभा के शंकरगढ़ से आए, जहां से मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पिछले वर्ष 4 मई को भेंट-मुलाकात की शुरुआत की थी, शंकरगढ़ के श्री सत्यनारायण अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री उनके घर भोजन के लिए आए थे, उसे याद कर आज मुख्यमंत्री जी ने हमें भोजन के लिए बुलाया, छत्तीसगढ़ की परम्परा का निर्वाह किया और हमे सम्मान दिया।
दुर्ग । शौर्यपथ । नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत बारिश से पूर्व नालों की सफाई के लिए किए जा रहे कार्यों का मेयर धीरज बाकलीवाल ने पार्षद सतीश देवांगन,विजेंद्र भारद्वाज,एल्डरमेन कृष्णा देवांगन,लल्ला चौहान,कार्यपालन अभियंता राजेश पांडेय,भवन अधिकारी प्रकाशचंद थवानी, सहायक अभियंता आरके पालिया,स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली,सहायक अभियंता केलवानी,विकास दमाहे व अमले के साथ निरीक्षण किया। मेयर धीरज बाकलीवाल ने दुर्गा चौक शंकर नाला निरीक्षण किया।उन्होंने इस दाैरान मौजूद अधिकारियाें काे निर्देश दिए कि बारिश के पहले सभी नालाें की सफाई और भी बेहतर ढंग से होनी चाहिए।बारिश में जलभराव रोकने के लिए नगर निगम द्वारा सभी नालों की सफाई लगातार मिनी चैन माउंटेन मशीन व गैंग लगवाकर कराई जावे। उन्होंने कहा कि नालो की सफाई
तल तक हो ताकि बारिश का पानी आसानी से बह सके।उन्होंने कहा बारिश का मौसम जून माह के मध्य में शुरू हो जाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि निगम के पास वर्तमान में करीब 20 दिन का समय है,समय को ध्यान में रखते हुए कार्यों को तेजी देने के लिए मेयर धीरज बाकलीवाल ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियो से कहा।जिससे वार्ड क्षेत्र में जलभराव न हो।उन्होंने कहा कि बारिश पूर्व शहर के नालों और भी विशेष कर शंकर नाला,पुलगांव नाले के अलावा शहर के समस्त नालो सहित अन्य ऐसे नाले जिंसमे जल भराव से जन जीवन प्रभावित होने की संभावना बनी रहती है।ऐसे सभी नालो की समय पूर्व सफाई कार्य मे और भी गति लाये।
स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली ने बताया कि शहर के जिन स्थानों पर बारिश के समय में नालियों व नालों में पानी भर जाता है। उन स्थानों का निरीक्षण कर बरसात से पूर्व साफ सफाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसी के साथ अन्य नालो का भी निरीक्षण किया गया ।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव का दुर्ग लोकसभा स्तरीय भेंट मुलाकात कार्यक्रम संपन्न
दुर्ग। शौर्यपथ । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने जिला भाजपा कार्यालय दुर्ग में लोकसभा स्तरीय कार्यक्रम में लोकसभा सांसद विजय बघेल की विशेष रूप से उपस्थिति और जिला भाजपा अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा और बृजेश बिचपुरिया की अध्यक्षता में कार्यकर्ताओं से भेंट मुलाकात की।
मंचासीन अतिथियों में पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, विशेष जनसंपर्क अभियान के लोकसभा सहसंयोजक दयावंत बांधे, पूर्व मंत्री रमशिला साहू, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य उषा टावरी, चंद्रिका चंद्राकर, रविशंकर सिंह, जिला संगठन प्रभारी राजीव अग्रवाल, भिलाई जिला संगठन सह प्रभारी चेमन देशमुख, पूर्व संसदीय सचिव लाभचंद बाफना, पूर्व विधायक सांवलाराम डाहरे, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, बालमुकुंद देवांगन, कैलाश शर्मा, दयाराम साहू, ललित चंद्राकर, सुरेंद्र कौशिक रहे।
भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी की रीति नीति, सिद्धांतों और कार्यों से प्रभावित होकर भिलाई के नेता पप्पू चंद्राकर एवं पार्षद मनीष यादव के मार्गदर्शन में 2 दर्जन महिलाओं ने एवं महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष दिव्या कलिहारी के मार्गदर्शन में 15 महिलाओं को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव ने गमछा पहनाकर पार्टी में प्रवेश दिलाया, भिलाई जिले से 40 युवकों को प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव के द्वारा भाजपा गमछा पहनाकर प्रवेश कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान दुर्ग और भिलाई जिले के घर वापसी करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनका भव्य रूप से अभिनंदन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बिलासपुर लोकसभा सांसद अरुण साव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवादी विचारधारा और देश हित में काम करने वाली पार्टी है जिससे प्रेरित होकर लगातार पार्टी के कार्यकर्ताओं की संख्या में इजाफा हो रहा है और पूरे प्रदेश में इसी तरह भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जनाधार बढ़ता चला जा रहा है। भूपेश बघेल सरकार ने ऐसा कोई वर्ग नहीं जिसे ठगा नहीं इसलिए कहा जाता है ऐसा कोई सगा नहीं जिसे भूपेश ने ठगा नहीं। आज पार्टी के कार्यकर्ता लगातार अपने परिश्रम से भाजपा के प्रति जनाधार बढ़ा रहे हैं। प्रदेश का हर वर्ग चाहे शासकीय कर्मचारी हो, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हो, पुलिस के जवान हो या पंचायत सचिव हो सभी ने किसी न किसी रूप से अपनी मांग को लेकर आंदोलन किया है पर अतताई भूपेश बघेल की सरकार चैन की नींद सो रही है। आज हम प्रदेश में आवास योजना, शराब घोटाला, गोठान घोटाला आने वाले समय में कई घोटाले सामने आएंगे। विधानसभा चुनाव के ठीक बाद में हुए लोकसभा चुनावों में दुर्ग के कार्यकर्ताओं ने भूपेश सरकार को पूरे 9 के 9 विधानसभा क्षेत्र में धूल चटाई है इसीलिए दुर्ग लोकसभा क्षेत्र में भाजपा का जनाधार मजबूत है। मैं आप सभी से आह्वान करता हूं कि आने वाले चुनाव में अभी से इसी वक्त से कमर कस कर तैयार हो जाएं और 2023 और 2024 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को जीत दिलाएं।
सांसद विजय बघेल ने कहा कि लोकसभा के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा चुनाव के समय हुई हार से उबारते हुए दुर्ग लोकसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, कृषि मंत्री, सिंचाई मंत्री और वेयरहाउस कॉरपोरेशन के चेयरमैन जैसे बड़े पद में आसीन लोगों के क्षेत्र में पार्टी को पूरे छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक मतों से जीत दिलाई। मैं भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष को विश्वास दिलाता हूं कि आगामी विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में हम इतिहास को दोहराते हुए और बड़ी जीत के साथ सभी विधानसभा की सीटें और लोकसभा की सीट अवश्य जीतेंगे।
दुर्ग जिला भाजपा अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा ने प्रस्ताविक भाषण में कहा कि आगामी दिनों होने वाले कार्यक्रमों को लेकर हम सभी को और अधिक गंभीरता के साथ जुटना होगा। उन्होंने सोशल मीडिया के महत्व को बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म मे भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के द्वारा दिए गए कंटेंट को शेयर अवश्य करें ताकि आप सभी जन जन तक केंद्र की नरेंद्र मोदी जी की सरकार की योजनाओं और उनके कार्यों को पहुंचा सके और प्रदेश की भ्रष्ट और तानाशाह भूपेश बघेल की कारगुजारियों को जनता तक पहुंचा सके।
बैठक का संचालन जिला महामंत्री सुरेंद्र कौशिक ने किया और आभार भाजपा जिला अध्यक्ष भिलाई बृजेश बिचपुरिया ने किया। कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा के दुर्ग, भिलाई, बेमेतरा के पदाधिकारी कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
*"एक मुट्ठी दान, भगवान शंकर के नाम" जनसहयोग से प्राप्त चांवल से बनेगा महाप्रसाद - जितेंद्र वर्मा*
दुर्ग । शौर्यपथ।
बोल बम कांवर यात्रा समिति का बैठक आज आर्यवर्त स्कूल पाटन में कांवर यात्रा के संयोजक जीतेंद्र वर्मा के अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। बैठक में कांवर यात्रा की तिथि और आगामी कार्ययोजना को लेकर कार्यक्रम तय की गई। इस वर्ष कांवर यात्रा का आयोजन 21 अगस्त 2023 दिन सोमवार को किया जाएगा। इस बार कांवर यात्रा में लगभग 50,000 से अधिक कांवर यात्री और श्रद्धालुओं ठाकुरइनटोला पहुंचेंगे।
कांवर यात्रा के संयोजक जितेंद्र वर्मा ने बताया कि इस वर्ष सर्वसम्मति से विभिन्न योजना बनाया गया है। बोल बम कांवर यात्रा के सदस्य इस वर्ष घर-घर जाएंगे और "एक मुट्ठी दान, शंकर के नाम" से कांवर यात्रा में आमंत्रित कर एक मुट्ठी चावल सभी घरों से लेंगे। कांवर यात्रा में इस वर्ष महाभण्डारा में महाप्रसाद जन सहयोग से प्राप्त चावल से बनेगा। कांवर यात्रा में 201 गांव के जल से भगवान शंकर का सर्वे भवंतु सुखिनः, सर्वे संतु निरामय: की कामना से जलाभिषेक होगा। कांवर यात्रा में बाबा भोले की अवघड़ झांकी मुख्य आकर्षक का केंद्र रहेगा। बोल बम कांवर यात्रा की तैयारी को लेकर आगामी बैठक 11 जून 2023 को जामगांव (आर) टेमरी रेस्ट हाउस में 11:00 बजे एवं अमलेश्वर में शाम 4:00 बजे रखा गया है।
बोल बम कांवर यात्रा के बैठक में प्रमुख रूप से श्री विनोद साहू,माधव वर्मा,डेरहा राम वर्मा, दिलीप साहू,दामोदर चक्रधारी, केशव बन्छोर, जय प्रकाश साहू,नीलमणि साहू,भूपेंद्र धुरंधर,गोकुल वर्मा, द्रोण चंद्राकार,पुणेन्द्र सिन्हा,नेतराम निषाद,रॉकी शर्मा,समीर बंछोर,गजेन्द्र साहू,प्रवीण मढ़रिया,पदमन साहू,संजू वर्मा,कुणाल शर्मा,श्रीमती रानी बन्छोर, श्रीमती चन्द्रिका साहू,संदीप चन्द्राकर,वासु वर्मा योगेश सोनी,राजेन्द्र कुमार,महेश लहरी, खेमराज अहीर,भूपेन्द्र सोनकर,महेश सोनकर,खोरबाहरा ध्रुव,पुशऊ सोनकर,केवल देवांगन सहित बोल बम कांवर यात्रा समिति के सदस्य उपस्थित थे।
@ एक मुट्ठी दान के जनसहयोग से बनेगा महाप्रसाद।
@ 201 गांव के जल से होगा भगवान शंकर का महाभिषेक।
@ भोले बाबा की भव्य अवघड़ झांकी।
@ बोल बम के आकर्षक धुन में निकलेंगे कावड़िया।
सार ....
*अरण्यकाण्ड के प्रसंगों पर विशेष मंचन*
*कला-संस्कृति की समृद्ध परंपरा का दिखेगा संगम*
*मशहूर कलाकार महोत्सव में करेंगे शिरकत*
रायपुर । शौर्यपथ । राष्ट्रीय रामायण महोत्सव संस्कृति विभाग द्वारा जोर शोर से तैयारियां की जा रही है। इस आयोजन में शामिल होने के लिए कंबोडिया और इंडोनेशिया ने स्वीकृति दे दी है। इन दोनों देशों के रामायण मंडली से जुड़े कलाकार अपनी नयनाभिराम प्रस्तुति देंगे। रायगढ़ में 1 जून से 3 जून तक आयोजित होने वाली इस महोत्सव में इन देशों के अलावा छत्तीसगढ़ सहित 12 राज्यों के मानस मंडलियों द्वारा रामायण के विभिन्न प्रसंगो पर प्रस्तुति देंगे। इस महोत्सव में रामायण के अरण्य कांड पर नृत्य नाटिका की विशेष प्रस्तुति होगी। इसके अलावा प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ और केलो आरती का भी आयोजन होगा।
राष्ट्रीय रामायण महोत्सव में छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति और समृद्ध आतिथ्य का संगम दिखेगा। रायगढ़ कलेक्टर श्री तारण प्रकाश सिन्हा महोत्सव की तैयारियों को लेकर आयोजन से जुड़े अधिकारियों से लगातार अपडेट ले रहें है। उन्होंने हाल में ही तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। इस महोत्सव में पहले दिन 1 जून को महोत्सव की शुरुआत होगी। जिसमें प्रतिभागी दलों का मार्च पास्ट होगा। दोपहर 3 बजे से रामायण मंडलियों की प्रस्तुति शुरू होगी। शाम में इंडियन आइडल फेम प्रसिद्ध सिंगर शन्मुख प्रिया और शरद शर्मा की परफॉर्मेंस होगी।
दूसरे दिन 02 जून को दोपहर तीन बजे से रामायण मंडलियां प्रस्तुति देंगी। शाम को प्रसिद्ध गायक बाबा रघुवंशी और भजन गायक श्री लखबीर सिंह लक्खा का कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम का समापन 03 जून को दोपहर 03 बजे मंडलियों की अंतिम प्रस्तुतियां होंगी। शाम 6 बजे केलो महाआरती और दीपदान का कार्यक्रम होगा। जिसके पश्चात प्रख्यात कवि कुमार विश्वास रामकथा कहेंगे और प्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर के भजनों की प्रस्तुति होगी।
*सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एफएलसी प्रभारी कार्यशाला में होंगे शामिल, भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे*
रायपुर । शौर्यपथ । भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, छत्तीसगढ़ द्वारा ईवीएम/वीवीपीएटी के एफएलसी (First Level Checking) के संबंध में 29 मई को कार्यशाला का आयोजन किया गया है। रायपुर के सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में सवेरे दस बजे यह कार्यशाला शुरू होगी। सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एफएलसी प्रभारी कार्यशाला में शामिल होंगे। भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारी भी इसमें मौजूद रहेंगे।
*रामनामी संप्रदाय की दुर्लभ पंरपरा: गोदना के जरिए करते हैं*
*भगवान राम के प्रति भक्ति और आस्था का भाव*
लेख । आजकल टैटू का चलन बहुत है। कोई अपने देह में प्रिय वाक्य टैटू के रूप में लगा देता है, तो कोई अपने आराध्य का टैटू लगा लेता है और कोई अन्य किसी तरह का डिजाइन बनाता है। पुराने समय में गोदना होता था और शरीर में कुछ हिस्सों में गोदना करा देते थे। भारत में गोदना हमेशा सीमित दायरे में ही रहा। पहली बार छत्तीसगढ़ में एक ऐसा संप्रदाय उभरा जिसने राम के नाम को अपने भीतर ऐसे समा लिया और राम के नाम में इतने गहराई से डूबे कि अपने सारे अंगों में राम के नाम का गोदना करा लिया। वस्त्र राम नाम से रंग लिया। भक्ति भाव की ऐसी गहन परंपरा देश में अन्यत्र दुर्लभ है।
रामनामी संप्रदाय ने पूरी तरह अपने को राम के रंग में रंग लिया है। उनका पूरा जीवन अपने आराध्य की भक्ति में लीन है। उनका मानना है कि उनके भगवान भक्त के बिना अधूरे हैं। सच्चे भक्त की खोज भगवान को भी होती है। छत्तीसगढ़ में यह पद्य बहुत चर्चित है कि हरि का नाम तू भज ले बंदे, पाछे में पछताएगा जब प्राण जाएगा छूट। रामनामी संप्रदाय के हिस्से में इस पछतावे के लिए जगह ही नहीं है क्योंकि उनका हर पल राम के नाम में लिप्त है। न केवल राम का नाम अपितु आचरण भी वे अपने जीवन में उतारते हैं। जिस तरह वे सुंदर मोर पंख धारण करते हैं उसी प्रकार की मन की सुंदरता भी उनके भीतर है। भगवान श्रीराम का नाम और उनका आदर्श चरित्र उनके मन को निर्मल रखता है और मयूर की तरह ही सुंदर मन के साथ वे प्रभु की भक्ति में लीन रहते हैं।
उनका बसेरा उन्हीं क्षेत्रों में है जहां से भगवान श्रीराम के पवित्र चरण गुजरे और जिन्हें अभी मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल श्रीराम वन गमन पथ के रूप में विकसित कर रहे हैं। उनका बसेरा जांजगीर चांपा, शिवरीनारायण, सारंगढ़, बिलासपुर के पूर्वी क्षेत्र में है और अधिकतर ये नदी किनारे पाए जाते हैं। भगवान श्रीराम अपने वनवास के दौरान महानदी के किनारों से गुजरे और संभवतः इन इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे पहले उन्होंने अपने चरित्र से प्रभावित किया होगा।
छत्तीसगढ़ के रामनामी संप्रदाय के रोम-रोम में भगवान राम बसते हैं। तन से लेकर मन तक तक भगवान राम का नाम है। इस समुदाय के लिए राम सिर्फ नाम नहीं बल्कि उनकी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ये राम भक्त लोग ‘रामनामी’ कहलाते हैं। राम की भक्ति भी इनके अंदर ऐसी है कि इनके पूरे शरीर पर ‘राम नाम’ का गोदना गुदा हुआ है। शरीर के हर हिस्से पर राम का नाम, बदन पर रामनामी चादर, सिर पर मोरपंख की पगड़ी और घुंघरू इन रामनामी लोगों की पहचान मानी जाती है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की भक्ति और गुणगान ही इनकी जिंदगी का एकमात्र मकसद है। रामनामी संप्रदाय के पांच प्रमुख प्रतीक हैं। ये हैं भजन खांब या जैतखांब, शरीर पर राम-राम का नाम गोदवाना, सफेद कपड़ा ओढ़ना, जिस पर काले रंग से राम-राम लिखा हो, घुंघरू बजाते हुए भजन करना और मोरपंखों से बना मुकट पहनना है। रामनामी समुदाय यह बताता है कि श्रीराम भक्तों की अपार श्रद्धा किसी भी सीमा से ऊपर है। प्रभु राम का विस्तार हजारों पीढ़ियों से भारतीय जनमानस में व्यापक है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के पूर्वी और मैदानी क्षेत्रों में सतनाम पंथ के अनुयायी सतनामी समाज के लोग बड़ी संख्या में निवास करते है। तत्कालीन समय में जब समाज में कुरीतियां काफी व्याप्त थीं। मंदिरों में प्रवेश पर कई तरह के प्रतिबंध थे। ऐसे समय में सतनामी समाज के ही एक सदस्य वर्तमान में जांजगीर-चांपा जिले के अंतर्गत ग्राम चारपारा निवासी श्री परशुराम ने रामनामी पंथ शुरू की थी ऐसा मानना है। यह समय सन् 1890 के आस-पास मानी जाती है।
रामनामी समाज के लोगों के अनुसार शरीर में राम-राम शब्द अंकित कराने का कारण इस शाश्वत सत्य को मानना है कि जन्म से लेकर और मृत्यु के बाद भी पूरे देह को ईश्वर को समर्पित कर देना है। जब हमारी मृत्यु हो जाती है तो राम नाम सत्य है पंक्ति के साथ अंतिम संस्कार की ओर आगे बढ़ते हैं और राम नाम सत्य के उद्घोष के साथ ही पूरा शरीर राख में परिवर्तित हो जाता है। रामनामी समाज के लोग इस हाड़-मांस रूपी देह को प्रभु श्री राम की देन मानते है। रोम-रोम में राम की उपस्थिति मानते हैं।
राम को ईष्ट देव मानकर रामनामी जीवन-मरण को जीवन के वास्तविक सार को ग्रहण करते हैं। इसी वास्तविकता को मानते हुए रामनामी समाज के लोग सम्पूर्ण शरीर में गोदना अंकित कर अपने भक्ति-भाव को राम को समर्पित करते हैं। छत्तीसगढ़ में लोक पंरपरा है कि बड़े-छोटे, रिश्ते-नाते को सम्मान देने सुबह हो या शाम या रात्रि का समय हो राम-राम शब्द नाम का अभिवादन किया जाता है।
रामनामी अहिंसा पर विश्वास करते है। सत्य बोलते है। सात्विक भोजन करते हैं। सतनाम पंथ के लोग सतनाम की आराधना करते है, वहीं रामनामी राम की आराधना करते हैं। संतनाम पंथ के संस्थापक संत गुरू घासीदास बाबा ने कहा है कि ‘अपन घट के ही देव ला मनइबो, मंदिरवा में का करे जइबों के जरिए अपने शरीर को ही मंदिर मानकर उन्हीं की पूजा आराधना व विचार को बदलने की बात कही है, वहीं रामनामी संप्रदाय के लोगों ने भी मंदिर और मूर्ति के बजाय अपने रोम-रोम में ही राम को बसा लिया और तन को मंदिर बना दिया। अब इस समाज के सभी लोग इस परंपरा को निभा रहे हैं। इनकी एक अलग पहचान है। पूरे बदन पर राम नाम का गुदना गुदवाते हैं। घरों की दीवारों पर राम के ही चित्र होते है। अभिवादन भी राम का नाम लेकर करते हैं ।
मानव तन ईश्वर का सबसे सुंदर रूप माना जाता है। रामनामी संप्रदाय के लोगों ने इस सुंदर रूप में राम को बसाकर उसकी सुंदरता में चार चाँद लगा दिये हैं। उनकी भक्ति की श्रेष्ठ परंपरा के आगे हम सब नतमस्तक हैं।
साभार: डॉ. ओमप्रकाश डहरिया
*मासुल गौठान की महिलाओं ने वर्मी कम्पोस्ट एवं केंचुआ संवर्धन कर बिक्री से कमाए लगभग 3 लाख रूपए*
रायपुर । शौर्यपथ । परिश्रम वह चाबी है, जो किस्मत के दरवाजे खोल देती है। गौठान में कार्य कर रही स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। गोधन न्याय योजना ग्रामीण क्षेत्रों के दूरस्थ ईलाकों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर किसान, श्रमिक, पशुपालक, दिहाड़ी कामकाजी महिलाओं के लिए संबल बनी है। पहले जो महिलाएं गांव में ही रोजी मजदूरी का कार्य करती थी, गोधन न्याय योजना से प्रेरित होकर संगठित हुई और गौठान में विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियों से जुड़कर अपने परिवार को आर्थिक रूप से सहयोग प्रदान कर रही हैं। राजनांदगांव जिले छुरिया विकासखंड के ग्राम मासुल की इंदिरा महिला स्व-सहायता समूह की सभी सदस्यों ने गौठान में कड़ी मेहनत कर न केवल वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया है। बल्कि विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से जुड़ी हैं।
समूह की अध्यक्ष श्रीमती देवकुंवर यादव ने बताया कि इंदिरा महिला स्व-सहायता समूह की 11 महिलाएं गरीब एवं जरूरतमंद परिवार से ताल्लुक रखती हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा कृषि विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन से वर्मी कम्पोस्ट निर्माण का प्रशिक्षण मिला तथा एवं अन्य नवाचारी गतिविधियों की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री से 2 लाख 75 हजार रूपए की लाभांश राशि प्राप्त हुई। वही केंचुआ संवर्धन कर बिक्री से 93 हजार रूपए का मुनाफा हुआ। उन्होंने बताया कि उस राशि से मसाला पीसने की मशीन खरीदकर मसाला तैयार किया जा रहा है और गांव में ही स्थानीय स्तर पर इसकी बिक्री कर रही है, जिससे सालाना 30 से 40 हजार रूपए की आमदनी हो जाती है। समूह की महिलाएं मुर्गी पालन से 50 से 60 हजार रूपए कमा चुकी हैं। सामुदायिक बाड़ी से साग-सब्जी उत्पादन कर विक्रय करने से लगभग 84 हजार रूपए की सालाना आमदनी हुई है। श्रीमती देवकुंवर यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गोधन न्याय योजना से हजारों महिलाओं को अपने परिवार का भरण-पोषण करने लायक बनाने तथा ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य किया है।
*भेंट-मुलाकात के दौरान रायपुर संभाग में जिन ग्रामीणों के घर मुख्यमंत्री ने भोजन किया, उन्हें मुख्यमंत्री श्री बघेल ने रात्रि भोज में किया आमंत्रित*
रायपुर / शौर्यपथ / भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की विधानसभाओं में लोगों से प्रत्यक्ष मुलाकात कर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानी थी। साथ ही विधानसभा क्षेत्र के ही ग्रामीण परिवारों के साथ भोजन भी किया था। इन ग्रामीण परिवारों ने पारंपरिक तरीकों से मुख्यमंत्री का स्वागत किया था और उनसे भोजन के दौरान सुख-दुख की चर्चा की थी। मुख्यमंत्री ने इन ग्रामीण परिवारों को अपने घर भोज पर आमंत्रित किया। पिछली बार जिन ग्रामीणों के पहुना मुख्यमंत्री बने थे, वे ग्रामीण अब मुख्यमंत्री के पहुना बन रहे हैं। रायपुर संभाग से इसकी शुरूआत हुई है। आज रायपुर संभाग के 19 विधानसभाओं से ग्रामीण परिवार और सरपंच रात्रि भोज करने मुख्यमंत्री निवास आए। इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया समेत संबंधित क्षेत्र के विधायकगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री निवास में सभी आगंतुकों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि जब मैं आप मन के पहुना रहेंव, तब आप मन ह बढ़िया स्वागत करेंव अउ बहुत बढ़िया भोजन कराएव, ये दरी आप मोर पहुना हव। इस तरह मुख्यमंत्री ने अतिथियों से कहा कि भेंट-मुलाकात के दौरान मेरे सबसे अच्छे अनुभवों में आप लोगों के घरों में खाना, खाना रहा। हम सभी छत्तीसगढ़ की परंपरा के मुताबिक जमीन पर बैठे। घर की महिलाओं ने हमें भोजन परोसा। भोजन के दौरान कितनी सुंदर चर्चा होती रही। पूरे भेंट-मुलाकात के दौरान मुझे महसूस होता रहा कि छत्तीसगढ़ में कितने अलग-अलग तरह की खानपान की परंपरा है और कितने सारे व्यंजन है। बस्तर में अलग तरह की भाजियां, रायपुर में अलग तरह की भाजियां। पकवानों को बनाने का तरीका भी अलग-अलग। पूरी यात्रा के दौरान मुझे इस बात पर भी गर्व होता रहा कि आप लोगों ने पुरखों से सीखी हुई खानपान की परंपराएं कायम रखी हैं। हर जगह खाना इतना बढ़िया बनाया गया था कि मुझे लगा कि भोजन के दौरान मैं कहीं बाहर नहीं हूँ। अपने घर में ही हूँ।
मुख्यमंत्री ने चर्चा में कहा कि कई बार मैं सोचता हूँ कि खाने का स्वाद इस पर भी निर्भर करता है कि खिलाने वाला कितनी रुचि से और स्नेह से इसे बना रहे हैं। जब हर जगह स्वादिष्ट भोजन मुझे मिला तो मैंने यह भी महसूस किया कि लोग मुझसे कितना स्नेह करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी से भेंट-मुलाकात के दौरान जो आत्मीय रिश्ता बना है। वो हमेशा कायम रहेगा। आप सभी मेरे परिवार के सदस्य हैं। इस मौके पर अतिथियों ने मुख्यमंत्री से कहा कि हमें तो यही लगा था कि हमें मुख्यमंत्री के साथ समय बिताने का एकमात्र अवसर मिल सका है। जब आपका आमंत्रण मिला तो बहुत खुशी हुई। आप हम सबका बहुत ध्यान रखते हैं।
मुख्यमंत्री ने रायपुर संभाग से आये अपने अतिथियों के लिए विशेष तौर पर ऐसे पकवान तैयार किये थे जो स्थानीय स्तर पर बहुत शौक से खाए जाते हैं। इसमें किस्म किस्म की भाजी, चावल से बने हुए पकवान और तरह-तरह की चटनी आदि शामिल रही।
उल्लेखनीय है कि सरगुजा संभाग में मुख्यमंत्री ने जिन ग्रामीण परिवारों के साथ भोजन किया था, उन्हें भी उन्होंने दोपहर के भोजन के लिए 29 मई सोमवार को आमंत्रित किया है। 30 मई मंगलवार को वे बस्तर संभाग के ऐसे ग्रामीणों के साथ भोजन करेंगे, जिनके घर उन्होंने भेंट-मुलाकात के दौरान भोजन किया था।
*ग्रामीणों ने किये अनुभव साझा-* रायपुर उत्तर विधानसभा के त्रिमूर्ति नगर से आई कौशल्या सोनी ने कहा कि मैं आंगनबाड़ी सहायिका हूँ। मुख्यमंत्री हमारे घर खाने पर आये थे। आज उन्होंने हमें खाने पर बुलाया। हमें बहुत अच्छा लगा। कोटा से आई सुमन यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री महोदय ने आज हमें भोजन पर आमंत्रित किया। हमसे बातें की। वे जब हमारे घर आये थे तब बहुत अच्छा लगा। आज हम उनके घर आये तो हमें उतनी ही खुशी हो रही है। सेमरा-बी से आये रमेश सिन्हा ने कहा कि मेरे यहां 28 अप्रैल को मुख्यमंत्री भोजन के लिए आये थे। उन्होंने हमें आमंत्रित किया, हमें बहुत अच्छा लगा। बोरियाखुर्द से आई पुष्पा साहू ने कहा कि आज हमें बहुत अच्छा लगा। इससे पहले मुख्यमंत्री हमारे यहां भोजन के लिए आये थे। आज उन्होंने हमें बुला लिया। यहां वे सबसे मिल रहे हैं। हमें बहुत अच्छा लग रहा है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
