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May 23, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

  रायपुर । शौर्यपथ । मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 29 मई, सोमवार को दुर्ग जिले के पाटन विधानसभा के ग्राम जामगांव (आर) में कोसरिया यादव समाज के अधिवेशन और रायपुर में श्री शंकराचार्य आश्रम में आयोजित चतुःषष्टियोगिनी एवं प्रसाद प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे। 

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर के पुलिस ग्राउण्ड हेलीपेड से दोपहर 2.15 बजे हेलीकॉप्टर से दुर्ग के पाटन विधानसभा के ग्राम जामगांव (आर) के लिए रवाना होंगे। वहां वे दोपहर 2.35 बजे कोसरिया यादव समाज के वार्षिक अधिवेशन में शामिल होंगे। कार्यक्रम के बाद वे हेलीकॉप्टर से रवाना होकर दोपहर 3.55 बजे राजधानी रायपुर के पुलिस ग्राउण्ड हेलीपेड पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री इसके पश्चात दोपहर 4.05 बजे बोरियाकला स्थित श्री शंकराचार्य आश्रम में आयोजित चतुःषष्टियोगिनी एवं प्रासाद प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे।

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी, प्रांतीय प्रमुख महामंत्री सतीश ब्यौहरे, जिला संरक्षक मुकुल साव, जिला महामंत्री पीआर झाड़े, पीएल साहू, जितेंद्र बघेल, बृजभान सिन्हा, सीएल चंद्रवंशी, वीरेंद्र रंगारी, रंजीत कुंजाम, देवचंद बंजारे, शिवप्रसाद जोशी, खोम लाल वर्मा, राजेन्द्र देवांगन, जनक तिवारी, हेमंत पांडे, लीलाधर सेन, पुष्पेन्द्र साहू, संजीव मिश्रा, ईश्वर दास मेश्राम, सोहन निषाद, अब्दुल कलीम खान, स्वाति वर्मा, नवीन कुमार पांडे, उत्तम डड़सेना, रानी ऐश्वर्य सिंह, एमबी जलानी, डीएस कंवर एवं केएल जोशी का कहना है कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद से ही कर्मचारी-अधिकारी को उनका वास्तविक देय परिलब्धियां और सेवालाभ मिला होता तो हड़ताल का नौबत ही क्यों आता।
राज्य के जनता के खुशहाली के लिए खून-पसीना बहाने वाले कर्मचारियों को आज अपने मौलिक अधिकार के लिए हड़ताल-आंदोलन करने बाध्य होना पड़ रहा है, क्या यही लोकतंत्र है? एक समय कर्मचारियों को बेहतर सेवालाभ के लिए हड़ताल-आंदोलन करना पड़ता था, लेकिन अब सेवा शर्तों के अंतर्गत बुनियादी परिलब्धियों के लिए हड़ताल-आंदोलन करना पड़ रहा है, दुर्भाग्यपूर्ण है। राज्य स्थापना से कर्मचारी-अधिकारी, राज्य को उत्कृष्ट बनाने की दिशा में विकास कार्यों से लेकर आपदा प्रबंधन तक अपना खून-पसीना बहा रहे हैं, लेकिन उनको न्याय नहीं मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि शिक्षक संवर्ग का वेतन विसंगति है। केंद्रीय वेतन आयोग के सिफारिशों के अनुसार राज्य शासन के पुनरीक्षित वेतनमानों में शासकीय सेवक संवर्गों को केंद्र के समान वेतनमान मिला है, लेकिन शिक्षक संवर्ग इससे वंचित है। सहायक शिक्षक पद पर भर्ती हुए शिक्षकों को आज पर्यन्त त्रि-स्तरीय समयमान स्वीकृत नहीं हुआ है? उनका कहना है कि राज्य के शासकीय सेवकों में से सर्वाधिक संख्या शिक्षकों की है, लेकिन अलग.अलग संगठनों में बटे होने के कारण संख्या बल का प्रभाव कम हो गया है। उनका कहना है कि शिक्षकों के संख्या बल पर दूसरे राज कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2016 से सातवे वेतनमान पर देय गृहभाड़ा भत्ता आज पर्यन्त कर्मचारियों को स्वीकृत नहीं हुआ। केंद्रीय कर्मचारियों को आज सातवे वेतन का 18 प्रतिशत  एवं 9 प्रतिशत गृहभाड़ा भत्ता मिल रहा है, लेकिन राज्य के कर्मचारियों को छटवे वेतन पर 10 प्रतिशत एवं 7 प्रतिशत गृहभाड़ा भत्ता मिल रहा है। जिसके कारण कर्मचारियों के वास्तविक वार्षिक परिलब्धियों में भारी आर्थिक क्षति हुआ है। कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से 30 अप्रैल 2023 तक कुल 88 माह में लाखों में आर्थिक क्षति हुआ है। राज्य के कर्मचारियों को केन्द्र के समान गृहभाड़ा भत्ता मुद्दे पर राज्य शासन द्वारा निर्णय नहीं लिया जाना, हड़ताल-आंदोलन का एक कारण है।
उन्होंने आगे बताया कि महँगाई भत्ता स्वीकृति के मामले में भी 2019 से राज्य सरकार का रुख कर्मचारियों के हित में नहीं रहा है। आज तक के सभी केंद्रीय सरकारों ने क्रमशः 1 जनवरी एवं 1 जुलाई के स्थिति में आल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स नंबर के आधार महँगाई भत्ता में वृद्धि किया है, लेकिन राज्य ने 1 जुलाई 19 से 30 जून 21 तक 12 प्रतिशत के दर पर गृहभाड़ा भत्ता का भुगतान किया था? जबकि केन्द्र में 17 प्रतिशत था। जिसके कारण कर्मचारियों को प्रतिमाह वेतन का 5 प्रतिशत नुकसान 24 माह तक हुआ है। केन्द्र ने 1 जुलाई 21 से महंगाई भत्ता (डीए) दर को 28 प्रतिशत  किया था, जबकि राज्य में 17 प्रतिशत 1 जुलाई 21 से स्वीकृत हुआ था। राज्य ने 1 जुलाई 21 से 30 अप्रैल 22 तक कुल 10 माह में अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता 11 प्रतिशत कम दिया था। इस अवधि में कर्मचारियों को परिलब्धियों में जबरदस्त आर्थिक हानि हुआ था। केंद्र ने 1 जनवरी 22 से डीए 34 प्रतिशत किया था, लेकिन राज्य ने 1 मई 22 से 22 प्रतिशत डीए स्वीकृत किया था। केंद्र ने 1 जुलाई 22 से 38 प्रतिशत तथा 1 जनवरी 23 से 42 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत किया है, जो कि 1 जुलाई 23 के स्थिति में आल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स नंबर के आधार पर 3 प्रतिशत से 4 प्रतिशत वृद्धि के साथ 45 प्रतिशत अथवा 46 प्रतिशत होने की संभावना है, लेकिन राज्य में 1 अगस्त 22 से 28 प्रतिशत एवं 1 अक्टूबर 22 से 33 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत किया है।
उन्होंने बताया कि 1 मई 22 से 31 जुलाई 22 तक अर्थात 3 माह कर्मचारियों को प्राप्त परिलब्धियों में 12 प्रतिशत हानि हुआ है। वहीं 1 अगस्त 22 से 30 सितंबर 22 तक 2 माह में 10 प्रतिशत का नुकसान तथा 1 अक्टूबर 22 से 31 दिसंबर 22 तक 3 माह में 5 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। इसी क्रम में 1 जनवरी 23 से 30 अप्रैल 23 तक 4 माह में 9 प्रतिशत के दर पर नुकसान मासिक वेतन में प्राप्त होने वाले परिलब्धियों में हुआ है, जो कि 1 मई 23 से आगे जारी है।
उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के हड़ताल-आंदोलन के कारण ही राज्य सरकार ने डीए में 1 मई 22 को 5 प्रतिशत,  1 अगस्त 22 को 6 प्रतिशत एवं 1 अक्टूबर को 5 प्रतिशत कुल 16 प्रतिशत का वृद्धि 6 माह में किया है, लेकिन राज्य सरकार द्वारा 1 जुलाई 19 से 30 अप्रैल 23 तक एवं आगे कर्मचारियों को देय महंगाई भत्ता की वास्तविक राशि का भुगतान करने में निर्णय नहीं लिया जाना हड़ताल-आंदोलन का एक और बड़ा कारण है।
उन्होंने बताया कि मई महीने में फिलहाल सभी जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जा रहा है, लेकिन कर्मचारियों एवं उसके परिवार के हित निर्णय नहीं लिए जाने की स्थिति में जून 2023 में एकीकृत हड़ताल हो सकता।

0 आरोपी के पास से घर में छुपाकर रखें गए 29,00,000 के जेवरात को जप्त किया गया

राजनांदगांव/शौर्यपथ/ कोतवाली पुलिस राजनांदगांव ने त्वरित कार्यवाही करते हुए 6 घंटे के भीतर 2900000 के चोरी के आरोपी को गिरफ्तार किया l प्रभुदयाल सिन्हा पिता स्व सोनसाय सिन्हा उम्र 68 वर्ष साकिन जय स्तंभ चैक कलार पारा राजनांदगांव ने थाना आ कर रिर्पोट दर्ज कराया कि दिनांक 22.05.2023 को घर में ताला बंद कर सह परिवार जगन्नाथपुरी यात्रा में गये थे कि पडोस के व्यक्ति द्वारा हमारे घर का ताला टुटने की सूचना दिया और बताया कि दिनांक 24.05.2023 के 00 बजे से 25.05.2023 के दरम्यान रात्रि कोई अज्ञात चोर घर घुस कर घटना को अंजाम दिया है तब हम लोग जगन्नाथ पुरी यात्रा से घर आ कर देखे तो मेन गेट ,भुतल के कमरे व प्रथम तल के दो कमरे का ताला टुटा था प्रथम तल के एक लोहे के आलमारी के लाकर के अंदर रखे सोने का मंगल सूत्र गुलबंद वजनी लाकेट हार बेसलेट ,चैन,लेडिस जेंडस अंगुठी ,बाली ,टाप्स ,झुमका लटकन कुल सोने का वजनी 45 तोला किमती 26 लाख रूपये तथा चांदी के जेवरात व बिस्कीट वजनी 03 किलो किमती 1,95,000 रूपये जुमला किमती 27,95,000 रूपये को कोई अज्ञात चोर चोरी कर ले जाना बताये कि रिर्पोट पर अपराध क्रमांक 382/2023 धारा 457,380 भादवि कायम कर विवेचना में लिया गया । घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजनादगांव अभिषेक मीना के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एंव नगर पुलिस अधीक्षक अमित पटेल राजनादगांव के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी भोला सिंह राजपूत के नेतृत्व में टीम गठित कर त्वरित कार्यवाही करते हुए अज्ञात आरोपी के पता साजी हेतु घटना स्थल का बारिकी से निरीक्षण कर तकनिकी सहयोग व मुखबिर सूचना के आधार पर संदेही राजेन्द्र राजपूत पिता स्व. भगत सिंह राजपूत उम्र 27 वर्ष साकिन ब्राम्हणपारा वार्ड नं. 38 थाना बसंतपुर जिला राजनंादगंाव को हिरासत में ले कर पुछताछ करने पर आरोपी द्वारा पहले चोरी नही किया हुआ बोलकर गुमराह किया गया फिर कडाई से पूछताछ करने पर जुर्म स्वीकार किया परन्तु चोरी किए हुए मशरूका को बाम्हण पारा स्थित नाला में एक झोले में छुपाकर रखना बताया आरोपी के कहे अनुसार नाला में ढुढवाये जाने पर नाला के अंदर से खाली झोला डूबा हुआ पाया गया लेकिन झोला के अंदर खाली जेवरात के डब्बे थे कोई भी सोने चाॅदी के जेवरात नही थे जिस पर आरोपी द्वारा पुनः गुमराह करते हुए बोला गया कि जेवरात नाला में बह गया होगा उसके बाद कोतवाली पुलिस द्वारा गठित टीम बहुत ही सूझ बुझ से आरोपी से पूछताछ के दौरान उसी के बातो में उसे फसाकर आरोपी से किस तरह से घटना को अंजाम दिया गया एवं मशरूका कहा छुपाया गया हैं उससे उगलवाया गया आरोपी द्वारा अपने मेमोरण्डम में बताया गया कि पहले उसने घर का रैकी किया रैकी करने के बाद 24,25/05/23 के दरम्यिानी रात्रि को अपने एक्टीवा क्रमांक सीजी08/ए आर/4964 से प्रार्थी के घर बाहर अपनी एक्टीवा खड़ी कर घर का ताला तोड़कर घर के अंदर रखे आलमारी से सोने और चांदी के जेवरात को चोरी किया एवं सोने चाॅदी के जेवरात के खाली डब्बे और झोले को ब्राम्हण पारा स्थित नाले में पुलिस को गुमराह करने के लिए उसके द्वार फेका गया एवं मशरूका को अलग से प्लास्टिक डब्बे पाउच झोले में रखकर अपने घर के चांवल के डिब्बे के अंदर छुपाकर रखना बताया गया। आरोपी के बताये अनुसार प्रार्थी के सुने मकान का दरवाजे में लगे कुडी ताला को लोहे के राड से तोडकर लोेहे के आलमारी के लाकर मे रखे सोने एवं चांदी के जेवरात एवं बिस्किट को चोरी कर एक्टीवा वाहन मे ले जाकर घर में चावल के डिब्बे में चावल के अंदर छुपा कर रखना बताया गया l गिरफ्तार आरोपी का नाम:-* राजेन्द्र राजपूत पिता स्व0 भगत सिंह ठाकुर उम्र 27 साल साकिन बाम्हण पारा वार्ड नं0 38 थाना बसंतपुर जिला राजनांदगांव l उपरोक्त कार्यवाही में गठित टीम के थाना प्रभारी निरीक्षक भोला सिंह राजपूत, सउनि उदय सिंह चंदेल, सउनि शत्रुहन टंडन, आर0 अविनाश झा, प्रख्यात जैन,कुश बघेल एवं थाना स्टाप की अहम भूमिका रही। ..

     विचार : भारत अपने आजादी का अमृत काल मना रहा है भारत वर्तमान समय में दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र के रूप में भारत की पहचान है . लोकतंत्र जहां आम जनता की चुनी हुई सरकार होती है जहाँ न्यायपालिका का अपना महत्तव है, कार्यपालिका की जिम्मेदारी होती है , प्रशासनिक व्यवस्था का अपना एक अलग स्थान है , चुने हुए जनप्रतिनिधियों की अलग गरिमा होती है . आज भारत के लिए बड़ा महत्तवपूर्ण दिन है आज आजादी के अमृत काल में भारत अपने नए संसद भवन में प्रवेश कर रहा है . यह गौरव की बात है . नए संसद भवन की स्थापना नए भारत की दिशा में एक महत्तवपूर्ण कदम है . नए भारत के उदय पर पूरी दुनिया की निगाहें है किन्तु उसके साथ ही कई प्रश्न है जो मन में पीड़ा को भी जन्म दे रहे है . नव निर्माण की इस दिशा में क्या लोकतंत्र मजबूत हो रहा है या राजतन्त्र की ओर अग्रसर कई सवाल है जिनका जवाब किसी के पास नहीं . पिछले कुछ सालो में अगर देखा जाए तो कई बार जनता की भावनाओं को कुचला गया और जनता की भावनाओं को कुचलने का कार्य किसी और ने नहीं जनता के उन प्रतिनिधियों ने किया जिन्हें जनता ने ही चुना .
  आम जनता के मताधिकार को कई बार कुचला गया ....
   तात्पर्य यह है कि जनता की भावनाओ को दरकिनार कर चुने हुए जनप्रतिनिधि अपने हित की ओर कदम बढ़ने लगे . मध्यप्रदेश , महाराष्ट्र , मेघालय , गोवा , दिल्ली , बिहार जैसे कई राज्य है जहां आमजनता कि भावनाओं को दरकिनार किया गया . महाराष्ट्र की बात ले तो महाराष्ट्र में शिवसेना बड़ी पार्टी बनकर उभरी और त्रिशंकु विधानसभा के आसार बन गए तब शिवसेना / एनसीपी/कांग्रेस ने मिलकर सरकार बनाई यहाँ शिवसेना ने अपने पुराने राजनैतिक साथी को छोड़कर नए दलों के साथ गंठबंधन कर सरकार बनाई महाराष्ट्र की जनता ने शिव सेना पर ज्यादा भरोसा किया किन्तु बड़ा पद किसे की मंशा ने आम जनता के सोंच को बदल दिया और महा अघाड़ी के नेत्रित्व में सरकार बनी किन्तु क्या हुआ जब से सरकार बनी तब से ही इसे तोड़ने की लगातार कोशिशे जारी रही शायद यही कारण रहा कि कभी अधनगे कपड़ो में नशे के आगोश में पार्टियों में शिरकत करने वाली अभिनेत्री के मामले को इतना तुल दिया गया और ऐसे प्रचारित किया गया जैसे कि उसके साथ कोई बड़ा जुर्म हो गया हो और वह अबला अकेले सबला बनकर जंग लड़ रही हो यहाँ तक की केन्द्रीय एजेंसियों द्वारा उच्च श्रेणी की सुरक्षा भी दे दी गए राज्यपाल/केन्द्रीय मंत्रियो ने मुलाकाते शुरू कर दी तब यह कहा जाने लगा कि नारी के सम्मान के लिए सदैव तत्पर रहा जाएगा अच्छी बात भी है ऐसा होना चाहिए किन्तु यही सोंच अब क्यों नजर नहीं आ रही जब भारत के लिए कई अंतरराष्ट्रिय पदक ला कर विदेशो में देश का मान बढाने वाले महिला रेसलर आज हड़ताल पर है उनकी कोई क्यों नहीं सुन रहा क्योकि उनके साथ देने से खुद के सरकार के सदस्यों पर ही ऊँगली उठ रही . अब कहा गया नारी सम्मान जिस पर सब मौन यहाँ तक की महिला अभिनेत्री के विवाद में सरकार तक हिल गयी और महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन हो गया पर जनता की सोंच और मताधिकार का क्या हुआ कहा बनी उनके मन की चुनी हुई सरकार .ऐसा ही मध्यप्रदेश की बात ले तो मध्यप्रदेश में आम जनता ने बहुमत कांग्रेस को दिया किन्तु सरकार चलना तो दूर रेंगने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा आखिर में सिंधिया ने अपने राजनैतिक फायदे को देखते हुए भाजपा का दामन थाम लिया और शिवराज चौहान की वह बात सही साबित हुई जब उन्होंने मुख्यमंत्री आवास छोड़ते समय कहा था कि छह महीने में वापस आ जायेंगे आवास में . यहाँ भी जनता की भावनाए कुचली गयी कारण सिंधिया रहे और रही उनकी महत्तवकाक्षा . दिल्ली की बात करे तो सरकार तो केजरीवाल की किन्तु बड़े फैसले लेने का कोई अधिकार नहीं अध्यादेश इसका सबसे बड़ा उदहारण जिससे न्यायपालिका के आदेश की भी महत्ता पर सवाल उठा गए . बिहार की बात करे तो यहाँ जनता ने नितीश सरकार पर भरोसा जताया और भाजपा गठबंधन की सरकार को फिर बहुमत दिया किन्तु क्या हुआ रातो रात मतलब के लिए खुर्सी के लिए पलटने में माहिर नितीश कुमार ने फिर से वही रास्ता अपनाया और जिस तरह से भाजपा के समर्थन में सरकार बनाई एक बार फिर लालू यादव की पार्टी के सहयोग से सरकार बना ली यहाँ भी जनता सिर्फ देखती रही . कर्णाटक में भी सत्ता परिवर्तन का खेल कई बार हो चुका है . ऐसे में जनता के मत सिर्फ दिखावा मात्र ही रह गए है सरकार किसे बनानी और पद पर किसे कब किसके साथ बीतना यह जनप्रतिनिधि ही कर रहे जनता की भावनाए तो अब कही नजर नहीं आ रही क्या यही लोकतंत्र है ...
 2014 के बाद बदली भारत की तस्वीर ...
इन दिनों एक ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है कि भारत में जो भी कार्य हुए 2014 के बाद हुए 2014 के पहले भारत में कुछ भी नहीं था सब निर्माण और उन्नति 2014 के बाद हुई तब यह क्यों भूल जाते है कि 2014 के पहले इसी भारत में निवास करते हुए मजबूत न्यायपालिका ,कार्यपालिका के सहारे ही आज यह स्थिति हुई है .2014 के पहले सर्वोच्च पदों पर बैठे राजनेताओ का अपमान जायज था आज देश की आन के साथ जोड़ा जाने लगा जो हाँ में हाँ मिलाये वो देशभक्त जो ना मिलाये वो देश द्रोही क्या अभिव्यक्ति की आजादी यही है . क्या इसे ही लोकतंत्र कहते है जहा राजा के सुर में सुर मिलाया जाता है जिसे किसी की सुनना नहीं सिर्फ अपनी ही कहना यह परता राजतन्त्र में होती थी जहां सिर्फ राजा की बात ही सही होती थी अब लोकतंत्र कहा है ....
कौन है भारत का राजा ....
   राजतंत्र में एक राजा होता था जो हर कार्य का श्रेय स्वयं लेता था अगर कुछ गलत भी करे तो चाटुकारों की फौज तैनात रहती थी राजा की बात को सही साबित करने के लिए राजतन्त्र में राजा सिर्फ अपनी कहता किसी सवालों का जवाब देना राजा के लिए जरुरी नहीं होता क्या आज भी ऐसी ही स्थिति है कुछ क्षण ऐसे भी आये है जो यह सोंचने पर मजबूर करते है नोटबंदी का मामला ही देखे तो कालाधन वापसी की बात हुई थी पर आज नोटबंदी के सालो बाद भी यह ज्ञात नहीं हुआ कि कितना कालाधन वापस आया यह भी ज्ञात नहीं हुआ कि इस कालेधन के प्रकरण में कितने लोग घेरे में आये , पुलवामा की बात करे तो देश में इतने बड़े कांड के बाद भी अभी तक इस विषय पर और इसके जाँच पर कोई नतीजे वाली पहल नहीं हुई वही पूर्व राज्यपाल के आरोपों पर भी तथ्यात्मक जवाब नहीं मिलना भी लोकतान्त्रिक देश में आम जनता के साथ एक धोखा ही प्रतीत हो रहा है . जहाँ एक ओर मोदी जाति को लेकर एक महीने में ही सुनवाई पूरी हो गयी और सजा भी हो गयी वही दिल्ली के जंतर मंतर  पर देश का मान विदेशो में बढाने वाले खिलाडी अभी भी न्याय की आस में बैठे है .
चाटुकार मिडिया का भी अहम् हिस्सा लोकतंत्र को कुचलने में ....
   देश में इनदिनों चाटुकार मिडिया चेनल की भरमार है जो सत्य की जगह अपनी ही धुन में एक तरफ़ा प्रचार में लगे है . जिस तरह महिला अभिनेत्री पर अत्याचार की बात पर 24 घंटे आवाज़ बुलंद करने वाली मिडिया अब महंगाई पर बात नहीं करती रोजगार की बात पर मौन , सरकार के कार्यो पर जवाब विपक्ष से मांगती कार्य न करने पर आरोप विपक्ष पर लगाती . पत्रकार का धर्म होता है कि सरकार के कामो की /कमियों की बात करे किन्तु वर्तमान परिदृश्य में देखा जा रहा है कि काम करे तो सरकार की सफलता और काम ना करे तो विपक्ष की आलोचना जबकि फैसले लेने का सम्पूर्ण अधिकार सत्ता के पास फिर भी आरोप विपक्ष पर जिस प्रदेश में गैर भाजपा सरकार वो सरकार देश द्रोही . सभी को याद होगा कि किस तरह कुछ चेनल के चाटुकार पत्रकार एक तरफ तो देश के प्रधान मंत्री के बारे में टिपण्णी को देश की आन के साथ जोड़ते हुए दिखते  है वही प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के बारे में खुले आम अनगर्ल बाते करते हुए अपमान जनक  टिपण्णी करने से भी बाज नहीं आते . देश का मुखिया हो या प्रदेश का मुखिया दोनों ही लोकतंत्र में देश व प्रदेश में प्रमुख होते है दोनों का ही सम्मान होना चाहिए किन्तु अक्सर यह देखा गया है कि इसमें भी भेदभाव की झलक देखने को मिल जाति है . हास्यपद खबर भी सरकार के पक्ष में चलाने वाली घटनाएं बहुत हुई सभी ने देखा है कि जब देश में नोटबंदी के बाद 2000 का नोट आया तो कैसे कई मिडिया चेनल्स ने इसमें नेनो चिप की बात को प्रमुखता से उठाया और सरकार के कदम की सराहना की अब जब 2000 के नोट को एक बार फिर बंद करने का आदेश जारी हुआ तो नेनो चिप  की प्रशंशा करने वाले मौन है क्या आम जनता की भावनाओं से खेलने का अधिकार मिल गया चाटुकार पत्रकारों को जो अपनी जिम्मेदारियों को भी दफ़न कर देते है . ये सत्य है कि सत्ताधारी के पक्ष की बाते वर्तमान समय में जरुरत बन जाती  है किन्तु क्या उनकी कमजोरियों को उजागर कर समाज हित में कार्य नहीं किया जा सकता . अगर कमजोरियों को उजागर किया जाता तो हो सकता है उसमे सुधार हो किन्तु यहाँ गलत कार्यो को भी सही करार देने की प्रथा क्या आने वाले समय में मजबूत भारत की दिशा में रुकावट नहीं ...
ईडी की कार्यवाही प्रश्नीय और एक अच्छे प्रथा का उदय ....
   आज जिस तरह प्रवर्तन निदेशल कार्य कर रहा है वह सराहनीय है आज भले ही ईडी ने विगत 9 सालो में 95 % कार्यवाही विपक्ष पार्टियों के नेताओं पर की है किन्तु इस प्रथा से यह तो उम्मीद जगी है कि सत्ता परिवर्तन की दिशा में सत्ताधारी भी ऐसे ही कार्यवाही की दिशा में आगे बढेगा . आज कोई भी यह नहीं कह सकता कि फला राजनायक ने कोई घोटाला ना किया हो परोक्ष अपरोक्ष रूप से सभी शामिल रहते है किन्तु सत्ताधारी की ताकत के सामने कार्यवाही विपक्ष पर ही होती है जिसके पास राजदंड वही आदेश जारी करेगा ऐसी प्रथा से आने वाले समय में सभी का नंबर लगेगा जो भ्रष्टाचार में लिप्त होंगे कम से कम तब राजनेताओ को इस बात का डर तो रहेगा कि अगर भ्रष्टाचार हुआ तो आज नहीं तो कल उनका भी नंबर आया . यह भारत देश है यहाँ ना तो पंडित नेहरु का हमेशा शासन रहा ना इंदिरा का रहा और ना मोदी का रहेगा शासन की बागडोर परिवर्तित होगी ही क्योकि किसी ने भी अमृत नहीं पिया आज नहीं तो कल ईश्वर  के आगे सभी को नतमस्तक होना ही होगा .....
राजदंड की प्रथा क्या लोकतंत्र में जरुरी ...
  आज राजदंड सेंगोल पर हर तरफ चर्चा हो रही है कि एक राज को उसके राज्याभिषेक के समय यह शक्ति दी जाति है और इसकी पौराणिक महत्ता भी है किन्तु क्या भारत में राजदंड की आवश्यकता है . भारत लोकतान्त्रिक देश है लोकतान्त्रिक देश में कार्यपालिका , न्यायपालिका का अपना अपना महत्तव है किसी एक को सर्वशक्तिमान घोषित नहीं किया जा सकता जैसा कि राजतन्त्र में होता है लोकतंत्र में सभी एक दुसरे के पूरक है भारत के इस नव निर्माण में अगर लोकतंत्र से ज्यादा महत्तव राजतन्त्र को दिया जाएगा तो क्या भारत में एक बार फिर राजतंत्र की दिशा में बढ़ रहा भारत .बात अगर राजदंड के स्वरुप सेंगोल की करे तो सेंगोल आज के लोकतंत्र में कई बातो को भी याद दिलाता है भारत शुरू से ही तपोभूमि के रूप में इतिहास के पन्नो में दर्ज है यहाँ धर्म,न्याय,सर्वभाव,समृद्धि सभी को महत्तव दिया जा रहा है सेंगोल सिर्फ एक राजदंड ही नहीं नंदी का स्वरुप समर्पण का प्रतिक ,नंदी की स्थापना एक गोल मंच पर की गई है, यह गोल मंच संसार का प्रतीक ,लक्ष्मी का रूप राज्य के वैभव का प्रतिक ,देवी लक्ष्मी के आस-पास हरियाली के तौर पर फूल-पत्तियां, बेल-बूटे उकेरे गए हैं, जो कि राज्य की कृषि संपदा का प्रतीक . ऐसी खूबियों से शोभित है सेंगोल जिसकी स्थापना की गयी है . यह सेंगोल भृत्य लोकतंत्र में यह भी दर्शाता है कि लोकतंत्र में राजधर्म का भी विशेष महत्तव है और हिन्दू प्रधान देश में धार्मिक आस्थाव का भी महत्तव . भारत की जनता एक स्वस्थ लोकतंत्र की कल्पना ही कर रही जहां पक्ष विपक्ष और कार्यपालिका समाज और देश हित में फैसले ले . अब से कुछ देर में ही नए संसद भवन का उद्घाटन होगा जिसमे लोकतंत्र के कई हिस्से ( विपक्षी पार्टी ) शामिल नहीं होंगे ऐसे में क्या यह उद्घाटन राजतन्त्र की दिशा में सिर्फ एक शुरुवात है .
   मेरे विचार से लोकतंत्र के इस पवित्र मंदिर का उद्घाटन का दृश्य ऐसा होना चाहिए था कि जिसमे न्यायपालिका /कार्यपालिका पक्ष विपक्ष सभी मौजूद हो और पूरी दुनिया के सामने एक मिसाल बने कि भारत के लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर संसद भवन के उद्घाटन पर सभी पुरे मन से मौजूद है और सभी का सम्मान लोकतंत्र की खुबसूरत तस्वीर के रूप में आने वाली पीढ़ी याद रखे काश ऐसा होता किन्तु यह सत्य है कि ऐसा नहीं हो रहा . संसद भवन के उदघाटन पर विपक्ष का बड़ा धडा नहीं , देश की प्रथम नागरिक उपस्थित नहीं और इसके जिम्मेदार सत्ता पक्ष ही नहीं विपक्ष भी है जो लोकतंत्र के मंदिर में भी राजनितिक कर रहे है ...

शरद पंसारी ...

सांसद अपने क्षेत्र की जनता के सामने रखें रिपोर्ट कार्ड – केंद्र में सरकार होने के बावजूद छत्तीसगढ़ और अपने क्षेत्र के विकास के लिए क्या किया

   दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग के कांग्रेस नेता राजेंद्र साहू भाजपा कहर वार पर पलटवार करने पर माहिर है हर राजनितिक वार की प्रतिक्रिया दुर्ग से राजेंद्र साहू द्वारा लगातार दिया जाता रहा है .  प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने प्रदेश के सभी भाजपा सांसदों से सवाल किया है कि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र का कितना विकास किया है? भाजपा सांसदों ने केंद्र सरकार से अपने क्षेत्र के विकास के लिए कौन सी योजना लेकर आए हैं? भाजपा सांसदों को यह भी बताना चाहिए कि अपने क्षेत्र के कितने बेरोजगारों को रोजगार दिलाया है।
  राजेंद्र ने कहा कि केंद्र में भाजपा की मोदी सरकार पिछले 9 साल से सत्तारूढ़ है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद अरुण साव, विजय बघेल, सरोज पांडेय सहित सभी भाजपा सांसदों को अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखना चाहिए। रिपोर्ट कार्ड में उनके द्वारा किये गए कार्यों का ब्यौरा होना चाहिए, ताकि जनता उनके संसदीय कार्यकाल की उपलब्धियों को जान सके।  
   राजेंद्र ने कहा कि देश की जनता महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों से त्रस्त हो चुकी है। सांसदों को बताना चाहिए कि उन्होंने अभी तक इन मुद्दों पर संसद में सरकार से सवाल क्यों नहीं किया ? आम जनता के लिए सबसे महत्वपूर्ण महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भाजपा सांसद चुप क्यों हैं? सांसदों को बताना चाहिए कि अभी तक उन्होंने जनता को महंगाई से राहत दिलाने के लिए क्या किया है?  
  राजेंद्र ने कहा कि मोदी सरकार यात्री ट्रेनों का संचालन भी नहीं कर पा रही है। मोदी सरकार द्वारा आए दिन दर्जनों ट्रेनें रद्द करने का फैसला ले रही जिसके कारण लाखों रेल यात्री हलाकान हो रहे हैं। ट्रेनें सही समय पर चलाने में भी केंद्र सरकार विफल रही है। लगभग हर ट्रेन 6 से 12 घंटे तक देर से चल रही हैं जिससे लाखों यात्री परेशान हैं। छत्तीसगढ़ के सभी भाजपा सांसद  बताएं कि रेल यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए उन्होंने क्या किया ?   
  राजेंद्र ने कहा कि कोरोना काल में मोदी सरकार ने 20 लाख करोड़ का राहत पैकेज घोषित किया था। छत्तीसगढ़ को इस पैकेज से क्या मिला ? छत्तीसगढ़ के भाजपा सांसद बताएं कि उनके संसदीय क्षेत्रों में राहत पैकेज से क्या किया गया। कितने लघु व्यवसाइयों को राहत दी गई? कितने किसानों और कारोबारियों को राहत मिली ? आखिर 20 लाख करोड़ का पैकेज गया कहां।

दुर्ग / शौर्यपथ / शहर के विकास के लिए भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव लगातार प्रयास कर रहे हैं। लगातार कई विकास कार्य करवा रहे है और जनता को एक से बढ़ कर एक बड़ी सौगात दे रही है। इसी कड़ी में एक और सौगात देनेे वाले हैं। राजधानी रायपुर की तर्ज की पर भिलाई में शहर का पहला सेमी ओलंपिक स्वीमिंग पूल बनाया जाएगा। खुर्सीपार नगर निगम जोन 4 कार्यालय के पास नेशनल स्तर का इंडोर स्टेडियम तैयार हो रहा है। इसी के अंदर में 1 करोड़ 92 लाख 67 हजार की लागत से सेमी ओलंपिक स्वीमिंग पुल बनाया जाएगा। जो राष्ट्रीय स्तर के मानक का होगा।
शहर के विकास और सुविधा के लिए विधायक श्री यादव ने यह पहल की है। उन्होंने प्रदेश के मुखिया व सीएम भूपेश बघेल से सौजन्य मुलाकात कर इसकी मांग की । शासन से इसकी स्वीकृति भी मिल गई है। इसी के साथ ही अब निगम प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया में जुट गई है। जल्द ही इसका निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।
भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने बताया कि इस स्वीमिंग पूल के बनने से तैराकी के खिलाड़ियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। वे अपने खेल का अभ्यास इस स्वीमिंग पूल में कर सकेंगे। उन्हें बाहर नहीं जाना पड़ेगा और तालाब में तैरना नहीं पड़ेगा। फिलहाल वर्तमान समय में भिलाई में तैराकी के खिलाड़ियों के लिए कोई खास सुविधा नहीं है। ऐसे में खिलाड़ियों के बेहतर भविष्य के हमने पहल की है। सीएम से स्वीकृति कराकर जल्द निर्माण शुरू करने वाले हैं। यह भिलाई नगर निगम का पहला स्वीमिंग पुल होगा जहां तैराकी के अभ्यास के साथ डाइविंग ऊपर से जंपिंग का ट्रेनिंग भी ले सकेंगे। जहां आने वाले समय में नेशनल स्तर की तैराकी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा सकेगी।
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सबसे खास और सर्व सुविधा युक्त होगा स्वीमिंग पूल
स्वीमिंग पूल का निर्माण होने के बाद यहां तैराकी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा सकेगी। खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने के लिए एक्सपर्ट ट्रेनर रखे जाएंगे। यहां एक साथ करीब 10 खिलाड़ी तैर सकेंगे। इस स्वीमिंग पूल की लंबाई करीब 64 मीटर और चौड़ाई 21 मीटर होगी। पानी को साफ रखने के लिए हाईटेक प्यूरीफायर मशीन लगाई जाएगी। इसके लिए सफाई करने के लिए या पानी को आसानी से करीब 5 घंटे में बदलकर भरा जा सकेंगा।  यह सर्व सुविधा युक्त हाईक्लास का होगा। जैसा रायपुर में बनेगा।

   रायपुर / शौर्यपथ / एनीमिया मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बच्चों, किशोरों, गर्भवती तथा शिशुवती महिलाओं को आईएफए (आयरन एवं फॉलिक एसिड) सप्लीमेंटेशन उपलब्ध कराने में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर है। पूरे देश में छत्तीसगढ़ से आगे केवल तेलंगाना और तमिलनाडू ही हैं। एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत छह माह से 19 वर्ष तक के बच्चों, किशोर/किशोरियों तथा गर्भवती व शिशुवती महिलाओं को आईएफए की खुराक दी जाती है। मितानिनों द्वारा छोटे बच्चों को आयरन एवं फॉलिक एसिड सिरप, स्कूलों में शिक्षकों के माध्यम से एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में शाला त्यागी किशोरियों को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से आईएएफ प्रदान किया जा रहा है तथा गर्भवती व शिशुवती महिलाओं को नियमित प्रसव पूर्व जांच एवं अस्पतालों के माध्यम से आयरन एवं फॉलिक एसिड टेबलेट प्रदान किया जा रहा है।  

भारत सरकार द्वारा हर तिमाही एवं वार्षिक एनीमिया मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आईएफए सप्लीमेंटेशन का स्कोर कॉर्ड जारी किया जाता है। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी वार्षिक एनीमिया मुक्त भारत स्कोर कार्ड में छत्तीसगढ़ राज्य पूरे देश में आईएफए सप्लीमेंटेशन में तीसरे स्थान पर रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य एनीमिया मुक्त भारत अभियान में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा हैं आईएफए सपलिमन्टेंशन में राज्य वर्ष 2021-22 में आठवें स्थान में था जो वर्तमान में वर्ष 2022-23 में तीसरे स्थान में पहुंच गया हैं।

एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. वी.आर. भगत ने बताया कि छत्तीसगढ़ एनीमिया दूर करने आईएफए सप्लीमेंटेशन में उत्तरप्रदेश, बिहार, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक जैसे कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए लगातार तीसरे स्थान पर काबिज़ है। प्रदेश में पिछले कुछ महीनों में इस अभियान में खासी तेजी आई है।    

भारत सरकार द्वारा वर्तमान में वर्ष 2022-23 हेतु राज्यवार आईएफए सप्लीमेंटेशन के जारी आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में छह माह से 59 माह के 78.5 प्रतिशत बच्चों को और पांच वर्ष से नौ वर्ष के 83.6 प्रतिशत बच्चों को आईएफए सप्लीमेंटेशन दिया गया है। प्रदेश में इस दौरान दस वर्ष से 19 वर्ष के 86.4 प्रतिशत बच्चों व किशोरों, 95 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं तथा 74.4 प्रतिशत शिशुवती महिलाओं (Lactating Mothers) को आईएफए सप्लीमेंटेशन की खुराक दी गई है। इन सभी समूहों को मिलाकर छत्तीसगढ़ में आईएफए सप्लीमेंटेशन का ओवरऑल स्कोर 83.6 प्रतिशत है।

नीति आयोग के गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
केंद्रीय करों में राज्य के हिस्से की 2659 करोड़ की राशि जल्द उपलब्ध कराने का अनुरोध किया
कोयला एवं अन्य प्रमुख खनिजों की रॉयल्टी दरों में संशोधन का किया आग्रह
इस्पात संयंत्रों की उत्पादन क्षमता के अनुरूप लौह अयस्क आरक्षित रखने की मांग राज्यहित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और विषयों पर रखी अपनी बात

  नई दिल्ली / रायपुर / प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की आठवीं बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बैठक से संबंधित एजेंडा बिन्दुओं के अतिरिक्त राज्यहित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और विषयों पर अपनी बात रखी। इस मौके पर सभी राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित रहे।

बैठक के एजेंडे पर बात करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 2047 का विकसित भारत, टीम इंडिया की भूमिका पर कहा देश की एकता और अखंडता अक्षुण्ण बनाए रखने में राज्यों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा केंद्र सरकार राज्यों के अधिकारों का सम्मान करे और उसके हिस्से के संसाधनों को भी हस्तांतरित करने की प्रणाली को और मजबूत बनाए। मुख्यमंत्री ने एमएसएमई पर ज़ोर देते हुए कहा कि राज्य में ग्रामीण एवं कुटीर क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा क्षेत्र के संसाधनों को स्थानीय स्तर पर उपयोग किए जाने के उद्देश्य से ग्रामीण एवं कुटीर औद्योगिक नीति 2023-24 की घोषणा की गयी है।
    उन्होंने कहा एनएमडीसी द्वारा राज्य में स्थित इकाइयों को 25-30 प्रतिशत आयरन ओर ही उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने समुचित आयरन ओर राज्य की इकाइयों के लिए उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
  श्री बघेल ने कहा छत्तीसगढ़ के एमएसएमई उद्योगों को एसईसीएल से विगत 2-3 वर्षों से राज्य की आवश्यकता अनुरूप कोल नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर कार्यवाही कर छत्तीसगढ़ का हित सुरक्षित करने का आग्रह किया।
  उन्होंने बताया आदिवासी अंचल बस्तर में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए विगत चार वर्षों में लगभग 9 हजार करोड़ रूपए पूंजी निवेश हेतु एमओयू किए गए हैं। इनमें से इस्पात उद्योगों के लिए प्रतिवर्ष 3 मिलियन टन आयरन ओर की आवश्यकता होगी। उन्होंने अनुरोध किया कि इन इस्पात संयंत्रों की उत्पादन क्षमता के अनुरूप आयरन ओर आरक्षित रखा जाए तथा प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। साथ ही विशेष प्रोत्साहन अंतर्गत एनएमडीसी द्वारा आयरन ओर की दर में भी 30 प्रतिशत छूट दी जाए।  
   इसके साथ ही उन्होंने 20 हजार से कम आबादी के शहरों में मनरेगा लागू करने का सुझाव भी दिया। मुख्यमंत्री ने रायपुर एयरपोर्ट से अंतर्राष्ट्रीय विमान सेवा शीघ्र शुरू करने व समन्वय हेतु नोडल अधिकारी की नियुक्ति का अनुरोध भी किया। बैठक में उन्होंने छत्तीसगढ़ के 10 आकांक्षी जिलों में सोलर पावर प्लांट की स्थापना के साथ ही 5 मेगावाट तक के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना को हरित गतिविधियों के रूप में मान्य करते हुए वन संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत वन व्यपवर्तन से छूट प्रदान करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं व शिशुओं की देखभाल के सभी कार्यक्रमों के लिए एकीकृत एमआईएस प्रणाली होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत केंद्र-राज्य वित्त पोषण का हिस्सा 75ः25 करने का अनुरोध किया।
   इसके अलावा उन्होंने बैठक में नवीन पेंशन योजना में जमा 19 हजार करोड़ की राशि की वापसी का मुद्दा भी उठाया। वहीं, उन्होंने जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान की भरपाई की मांग भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी कर प्रणाली से राज्यों को राजस्व की हानि हुई है। छत्तीसगढ़ जैसे उत्पादक राज्यों के राजस्व हानि की भरपाई की कोई स्थायी व्यवस्था अतिशीघ्र की जाये। मुख्यमंत्री ने कहा केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा कम प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने 2659 करोड़ की राशि इस वित्तीय वर्ष में राज्य को उपलब्ध कराने की मांग की।
   मुख्यमंत्री श्री बघेल ने खनिजों से मिलने वाली एडिशनल लेवी की 4 हजार 170 करोड़ राशि छत्तीसगढ़ को हस्तांतरण करने का आग्रह किया। वहीं, इस मामले में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सर्वाेच्च न्यायालय में प्रस्तुत सिविल सूट याचिका में केंद्र सरकार की ओर से जल्द जवाब प्रस्तुत कर निराकरण करने का अनुरोध किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कोयला एवं अन्य प्रमुख खनिजों की रॉयल्टी दरों में संशोधन की मांग की। उन्होंने कहा संशोधन नहीं होने से राज्य के वित्तीय हितों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बलों की तैनाती पर हुए सुरक्षा व्यय 11 हजार 828 करोड़ रुपए को केंद्र सरकार द्वारा वहन करते हुए राज्य को इस बकाया से मुक्त करने का आग्रह भी किया।

मोहला / शौर्यपथ / शासन की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना नाम के अनुरूप ही अब महिलाओं, किसानों, आमजनों के लिए हो गई है। गौपालकों, किसानों एवं स्वसहायता समूह की महिलाओं को इस योजना के तहत गाय के गोबर से जो आर्थिक आमदनी मिल रही है यह किसी रोजगार से कम नहीं है। जिले के मोहला विकासखंड के रानाटोला गौठान में मां ममता स्वसहायता समूह की महिलाएं गोधन न्याय योजना के तहत गौठान में गोबर से वर्मी खाद बनाने का काम कर रही है। अब तक महिला समूह को वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट का विक्रय कर 2 लाख रूपए का लाभ मिल चुका है और वर्मी कम्पोस्ट बनाने का कार्य लगातार कर रही है। अब उन्हें रोजगार के लिए गांव से बाहर जाना नहीं पड़ता है।
मां ममता स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती तारामति ने बताया कि पहले कृषि कार्य करते थे। जब से हमारे गांव में गौठान बना हैं हम गोबर से वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक स्वसहायता समूह की महिलाओं ने 973.30 क्विंटल वर्मी का उत्पादन किया गया, जिसमें से 959 क्ंिवटल खाद बेचा है। साथ में केचुआ का भी विक्रय किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्मी कम्पोस्ट विक्रय से प्राप्त राशि से वे अब परिवार के घर खर्च में भी भागीदारी देती है तथा अपना और बच्चों की जरूरतों को पूरा कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्मी कम्पोस्ट विक्रय कर अपने लिए चांदी की पायल और करधन खरीदी है। बाकी सदस्यों ने भी अपनी-अपनी जरूरतों के हिसाब से किसी ने मोबाईल फोन, तो किसी ने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए खर्च किया है। इस प्रकार यह योजना छत्तीसगढ़ की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बना रही है।

नवागढ/ मेरी लाइफ मेरा स्वच्छ शहर अभियान अंतर्गत एस एल आर एम सेंटर नवागढ़ में आरआरआर ( रिड्यूस, रियूज़, रिसाइकल )  सेन्टर का शुभारंभ किया गया.
         ज्ञात हो कि भारत सरकार आवास और शहरी कार्य मंत्रालय व नगरी प्रशासन व विकास विभाग छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त तत्वाधान में स्वच्छ भारत मिशन 2.0 अंतर्गत 15 मई से 5 जून  विश्व पर्यावरण दिवस तक मेरी लाइफ मेरा स्वच्छ शहर नाम से अभियान प्रारंभ किया गया है. जिसके अंतर्गत पुरानी प्लास्टिक वस्तुएं,पुराने कपड़े, पुराने बर्तन,पुरानी पुस्तकें, पुराने फर्नीचर,पुरानी साइकिले सहित अन्य पुरानी चीजें आर आर आर सेंटर में नागरिक दान कर सकते हैं.
        नरवा,गरवा,घुरवा, बाड़ी सूत्र  वाक्य के साथ पर्यावरण  संरक्षण छत्तीसगढ़ शासन के महत्वपूर्ण लक्ष्यों में से एक माना जा रहा है, जिसके अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण हेतु रिड्यूस, रियूज़ एवं रिसायकल के वैश्विक सिद्धांत के संबंध में  यह कार्य प्रारंभ किया गया है.
       सेंटर के शुभारंभ अवसर पर  नगर पंचायत अध्यक्ष तिलक घोष,  पार्षद लक्ष्मण साहू, एल्डरमैन रूप प्रकाश यादव, सीएमओ टीआर चौहान,सहायक अभियंता विवेक रंजन तिरकी, स्वच्छ भारत मिशन से विकास  जान्गडे,तुषार देवांगन ,मिलन यादव सहित समस्त कर्मचारी स्वच्छता दीदी उपस्थित रही।

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