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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
लेख : आज सोशल मीडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का संदेश देखा जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने 9 वर्ष के कार्यकाल के विषय में एवं 9 वर्षों में किए हुए कार्यों के लिए जनता द्वारा की गई सराहना ऊपर आभार व्यक्त कर रहे थे और कुछ संदेश दे रहे थे. ट्विटर में दिया गया यह संदेश पूर्ण रूप से अंग्रेजी शब्दों के प्रयोग से भेजा गया जिस पर काफी लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया भी व्यक्त की संदेश तो काफी अच्छा था किंतु अंग्रेजी वर्णमाला शब्दों का प्रयोग पर मन में कुछ खटक महसूस हुई. अभी पिछले दिनों ही पूरी दुनिया ने देखा कि किस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी राजनयिकों के सामने भी हिंदी भाषा का प्रयोग कर भारत का मान बढ़ाया किंतु वही सोशल मीडिया में अंग्रेजी वर्णमाला का प्रयोग मन में कई तरह के सवालों को जन्म देने लगा.
भारत की राष्ट्रीय भाषा हिंदी है और हिंदी को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जाते रहे हैं पिछले दिनों भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान सहित 3 देशों की यात्रा पर गए थे और वहां उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए विभिन्न देशों के राजनयिकों को भारत की तरफ से जो संदेश दिया वह शुद्ध हिंदी में था। सुनकर अच्छा लगा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिंदी को बढ़ावा देने के लिए विदेशों में भी हिंदी का प्रयोग कर रहे हैं हिंदी मैं दिए गए वक्तव्य को पूरी दुनिया ने सुना. हिंदी में दिए गए वक्तव्य को सुनकर भारतीयों ने गर्व ही महसूस किया कि कोई भारत का प्रधानमंत्री है जो विदेशों में भी हिंदी मैं अपने वक्तव्य कह रहा है किंतु वही जब भारत की बात करें तो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोशल मीडिया अकाउंट मैं प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संदेश दिया जाता है वह पूरी तरह अंग्रेजी वर्णमाला में होता है. आखिर यह बात समझ में नहीं आई कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशों में हिंदी में बात करते हैं और भारत आकर सोशल मीडिया में अंग्रेजी में संदेश देते हैं आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्या मंशा है जो वह विदेशों में तो हिंदी का प्रयोग करते हैं किंतु भारत में भारतीयों को जो संदेश देते हैं सोशल मीडिया के द्वारा वह अंग्रेजी वर्णमाला में होता है. क्या भारतीयों को अपने प्रधानमंत्री के हिंदी संदेशों का इंतजार खत्म होगा या सोशल मीडिया पर अंग्रेजी वर्णमाला का ही प्रयोग किया जाएगा और विदेशों में हिंदी शब्द का...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से गुजारिश है कि सोशल मीडिया अकाउंट में भी हिंदी में संदेश दें ताकि भारत की जनता उनके संदेशों को समझें और उस पर अमल करें....
निजी विचार एवं सविनय निवेदन...
छत्तीसगढ़ / दूध के सही दाम न मिलने से महासमुंद जिले के गोड़बहाल गांव में पशुपालन लगभग खत्म हो रहा था, लेकिन वहां के सरपंच व ग्रामीणों ने हार नहीं मानी। सरपंच श्री सादराम पटेल ने पहल कर पांच समिति बनाया, दूध से बनने वाले उत्पादों के लिए कुछ ग्रामीणों को ट्रेनिंग दिलायी और आज ये सभी पनीर, खोआ, दही, पेड़ा और राबड़ी को बेचकर अच्छी कमाई कर रहे है। पिथौरा में दुग्ध उत्पाद विक्रय केंद्र नाम से दुकान भी डाली है। गोड़बहाल गौठान में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) में दुग्ध प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किया। इसके अलावा माटीकला, पेवर ब्लॉक के साथ महिला समूह वर्णित कम्पोस्ट के साथ ही स्थानीय बाज़ार की मांग अनुसार मसाले, पापड़, अचार, आदि सामग्रिया का उत्पादन कर अपनी आमदनी में अतिरिक्त इजाफा कर रही है।
महासमुंद जिले के पिथौरा से तक़रीबन आठ किलोमीटर दूर गोड़बहाल गाँव में पुरुषों ने पाँच सहकारी समिति द्वारा बनायी। एक समिति में 70 ग्रामीण जुड़े है। इस समिति से जुड़े गोड़बहाल गाँव के ग्रामीण बताते हैं, हमारे गाँव में गाय भैस का दूध समिति अधिक दाम में ख़रीद रही है। समिति से जुड़े लोगों को फ़ायदा हो रहा है। वहीं दुग्ध उत्पाद सामग्री जो शुद्व पनीर बेच रहे वो 340 रुपए किलो, खोवा 320, पेड़ा 360, दही 70 और रबड़ी 340 रुपये किलो की दर से बेच रहे है। माह में सब खर्च के बाद 70 से 80 हजार का मुनाफ़ा हो रहा है।
कलेक्टर श्री निलेशकुमार क्षीरसागर ने डीएमएफ मद से समिति को 2000 लीटर का बल्क मिल्क कूलर उपलब्ध कराया गया है। इससे दूध ख़राब होने की चिंता से मुक्ति मिल गयी है। बिजली अचानक चली जाने पर यह कई घंटे काम करता है और दूध ख़राब नहीं होता है। कलेक्टर ने कहा है कि ज़िले की अधिकांश आबादी खेती किसानी से जुड़ी हुई है। दुग्ध उत्पादन को लेकर स्थिति बहुत अधिक मजबूत हुई है। ज़िले में बढ़ते दुग्ध उत्पादन को देखते हुए सभी पशुपालक खुश हैं। वहीं, उनकी आय बढ़ी है इससे उनकी आर्थिक स्थिति भी बेहतर हुई है। पशु चिकित्सा के क्षेत्र में एन.जी.ओ. के माध्यम से जिले में गोवर्धन सेवा एवं एकीकृत पशुधन विकास केन्द्रो का संचालन किया जा रहा है जिससे पशुओं को उत्तम व समय पर चिकित्सा सुविधा के साथ-साथ नस्ल सुधार कार्य में भी अच्छे परिणाम मिल रहे है। भविष्य में इस सुविधा का अन्य क्षेत्रो में विस्तार किये जाने का प्रयास किया जाएगा। गौठान गोड़बहाल रिपा में दुग्ध प्रसंस्करण केंद्र इसका उदाहरण है। यह ज़िला आकांक्षी ज़िला में शामिल है। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य विकास निगम ने हाथ बढ़ाया है। जो निश्चित तौर पर पशुपालकों के लिए मददगार साबित हो रहा है।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा आदिवासियों को अपनी परंपराओं के बारे में कहने-सुनने का मंच दिलाने के लिए तीन दिवसीय जनजातीय वाचिकोत्सव-2023 आयोजित की गई है। द्वितीय दिवस के आहुत कार्यक्रम में जनजातीय समुदायों के प्रबुद्धजनों ने जनजातीय तीज-त्यौहार, जनजातीय जीवन संस्कार संबंधी एवं जनजातीय समुदाय की उत्पत्ति संबंधी वाचिक परंपरा के संबंध में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हम आस्तिक है न नास्तिक है, हम हैं वास्तविक।
आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान नवा रायपुर में वाचिकोत्सव के दौरान जनजातीय तीज-त्यौहार एवं वाचिक परंपरा, जनजातीय जीवन संस्कार (जन्म, विवाह, मृत्यु इत्यादि) संबंधी वाचिक परंपरा एवं जनजातीय समुदाय की उत्पत्ति संबंधी धारणा एवं वाचिक परंपरा विषय पर प्रदेशभर से आए हुए आदिवासी समुदाय के प्रबुद्धजनों ने कहा कि विभिन्न बोलियां में बोलने वाले लोग हैं और उनके क्षेत्र अनुसार उनकी बोली है। इन समुदाय में उनके आदि पुरूष या पूर्वजों के द्वारा बताई गई कथा, कहानी, लोकोक्ति, देवी-देवताओं की स्तुति विभिन्न अवसरों पर पर्व मनाया जाता है।
जनजातीय जीवन संस्कार में वाचिक परंपरा के संबंध में जनजातीय समाज के लोगों ने सामुदायिक वाचिक परंपरा का अनुसरण करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। प्रदेशभर से आए आदिवासी समाज के प्रबुद्धजनों ने कार्यशाला में जनजातीय समुदाय की उत्पत्ति के संबंध में इन समुदायों में उनके आदि पुरूष या पूर्वजों के द्वारा बताई गई कथा, कहानी, लोकोक्ति के माध्यम से लोक गीतों आदि के पीछे छुपी हुई उनकी अवधारणा, मान्यताएं, कहानियों के संबंध में अवगत कराया।
इस अवसर पर जनजातीय आयोग की सदस्य श्रीमती अर्चना पोर्ते, नेशनल बुक ट्रस्ट नई दिल्ली के श्री पंकज चतुर्वेदी, कोण्डागांव निवासी श्रीमती जयमती कश्यप, डॉ. वेदवती मंडावी, श्री प्रमोद पोटाई नारायणपुर सहित अनेक विषय-विशेषज्ञ, प्रबुद्धजन एवं आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने आम जनता की परेशानियों को समझाते हुए और दफ्तरों के अन्यास चक्कर लगानेसे बचाने हेतु मितान योजना की शुरुवात की जिसके तहत कई सरकारी कार्य घर बैठे आराम से हो रहे है . जिसके तहत मितान आपके घर पहुँच आवश्यक दस्तावेजो के आधार पर आपके कार्यो को आसान बना रहे है .
मितान योजना के अंतर्गत प्राप्त सेवाओं में अब राशन कार्ड भी घर बैठे मिलेगा। अब तक जन्म प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र में सुधार, मृत्यु प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र में सुधार, मूल निवासी प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण और प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र, दुकान और स्थापना पंजीकरण संबंधी दस्तावेज, भूमि की रिकार्ड की नकल, भूमि सूचना (भूमि उपयोग), आधार कार्ड पंजीकरण, (5 वर्ष तक के बच्चों का) आधार कार्ड में पता एवं मोबाइल नंबर में सुधार, पैन नम्बर प्राप्त करने हेतु आवेदन पत्र, पैन अपडेट एवं डुप्लीकेट इत्यादि सेवाएं घर बैठे मितान सेवा से प्राप्त किए जा सकते हैं। इस सेवा से लोगों को श्रम, समय और धन की बचत हो रही है साथ ही प्रमाण पत्रों को प्राप्त करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से भी निजात मिल रही है। वास्तव में छत्तीसगढ़ में मितान योजना से नागरिक सुविधाओं का विस्तार हुआ है और मितान की सेवाओं से नागरिकों को घर बैठे ही शासकीय सुविधाएं मिल रही हैं ।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर प्रदेशवासियों को दी खुशखबरी, कहा..राशन कार्ड बनवाने अब कहीं जाने की जरूरत नहीं...बस 14545 डॉयल करिये और घर पहुंचेगा मितान
पहले दिन ही 7 हितग्राहियों के घर पहुंचाया गया राशन कार्ड
मितान योजना की लोकप्रियता इतनी कि पहले दिन 3 हजार से अधिक लोगों ने राशन कार्ड बनवाने किया संपर्क
मितान योजना से राज्य के 14 नगर निगम के नागरिक उठा रहे हैं लाभ
छत्तीसगढ़ / शौर्यपथ / राशन कार्ड बनवाने के लिये नगरीय निकायों के चक्कर काटना अब बीते जमाने की बात हो गयी है। राशन कार्ड पात्र हितग्राहियों को अब घर बैठ ही मिलेगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर राशन कार्ड को मितान योजना में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने स्वयं ट्वीट कर ये जानकारी प्रदेश वासियों को दी। मुख्यमंत्री ने लिखा कि आप सबको बताते हुए खुशी हो रही है कि अब हमने राशन कार्ड को मितान योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है। अब राशन कार्ड बनवाने के लिए घर बैठे 14545 पर कॉल कर मितान को घर बुलाना है। मितान योजना मितान योजना नागरिकों के बीच इतनी लोकप्रिय हो चुकी है कि मुख्यमंत्री के ट्वीट करने के बाद करीब 3 हजार से अधिक लोगों ने राशन कार्ड बनवाने के लिये उक्त नंबर पर संपर्क किया। पहले ही दिन मितानों ने 7 हितग्राहियों को राशन कार्ड उनके निवास पर जाकर सौंपे।
अब तक करीब 90 हजार दस्तावेज घर पहुंचाये गये- छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री मितान योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में लोगों को घर बैठे शासकीय सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है। योजना के तहत अब तक करीब 90 हजार से अधिक नागरिकों ने घर बैठे ही अपने जरूरी शासकीय दस्तावेज प्राप्त किए हैं। मुख्यमंत्री मितान योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1 लाख 89 हजार से अधिक नागरिकों ने मितान योजना के टोल फ्री नम्बर 14545 पर सम्पर्क कर शासकीय दस्तावेजों को प्राप्त करने के संबंध में जानकारी हासिल की है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में एवं नगरीय प्रशासन विकास विभाग द्वारा नागरिकों को सरकारी दस्तावेज बनवाने हेतु घर पहुँच सेवा ’मुख्यमंत्री मितान योजना’ की शुरुआत 01 मई 2022 से प्रदेश के सभी 14 नगर निगमों में प्रारंभ की गई थी।
ये सेवायें घर बैठे मिल रहीं - मितान योजना के अंतर्गत प्राप्त सेवाओं में अब राशन कार्ड भी घर बैठे मिलेगा। अब तक जन्म प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र में सुधार, मृत्यु प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र में सुधार, मूल निवासी प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण और प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र, दुकान और स्थापना पंजीकरण संबंधी दस्तावेज, भूमि की रिकार्ड की नकल, भूमि सूचना (भूमि उपयोग), आधार कार्ड पंजीकरण, (5 वर्ष तक के बच्चों का) आधार कार्ड में पता एवं मोबाइल नंबर में सुधार, पैन नम्बर प्राप्त करने हेतु आवेदन पत्र, पैन अपडेट एवं डुप्लीकेट इत्यादि सेवाएं घर बैठे मितान सेवा से प्राप्त किए जा सकते हैं। इस सेवा से लोगों को श्रम, समय और धन की बचत हो रही है साथ ही प्रमाण पत्रों को प्राप्त करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से भी निजात मिल रही है। वास्तव में छत्तीसगढ़ में मितान योजना से नागरिक सुविधाओं का विस्तार हुआ है और मितान की सेवाओं से नागरिकों को घर बैठे ही शासकीय सुविधाएं मिल रही हैं ।
ऐसे होती है प्रक्रिया- मुख्यमंत्री मितान योजना से लाभान्वित होने के लिये आवेदक मितान की सेवा के लिये टोल-फ्री नंबर 14545 पर कॉल करता है। इसके बाद अप्वाइंटमेंट बुक किया जाता है। अप्वाइंटमेंट बुक करने के बाद आवेदक को बुकिंग की जानकारी के साथ एक एसएमएस प्राप्त होता है। इसके बाद तय समय और तारीख को मितान आवेदक के घर पहुंचकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करते हैं। मितान घर पहुंचकर टैबलेट के माध्यम से दस्तावेजों को सत्यापित कर पोर्टल पर अपलोड करते हैं। इसके बाद सत्यापित दस्तावेजों को संबंधित विभागों को ऑनलाइन भेजे जाते हैं जो आवेदक से संबंधित दस्तावेज की समीक्षा के बाद प्रमाण पत्र जारी करते हैं। प्रमाण पत्र जारी होने के बाद मितान एजेंट द्वारा प्रमाण पत्र आवेदक के घर पहुंचा दिया जाता है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के साहित्य मनीषी, कुशल अध्यापक और सम्पादक श्री पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी की जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि मास्टरजी के नाम से जाने वाले बक्शी जी ने हिन्दी साहित्य की कई विधाओं को अपनाया और साहित्य जगत में अपना अलग स्थान बनाया। सरस्वती जैसी प्रसिद्ध साहित्यिक पत्रिका का भी उन्होंने संपादन किया। पाश्चात्य निबन्ध शैली, समालोचना और ललित निबन्धों की सुन्दर परम्परा के लिए वे विशेष रूप से जाने जाते हैं। छत्तीसगढ़ की माटी की सौंधी खुशबु उनके निराले कथा-शिल्प में हमेशा मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बक्शी जी अपनी रचनाओं के रूप में विचार मूल्यों की अमूल्य थाती सौंप गए हैं। कामना है उनके साहित्य परम्परा की अविरल धारा हमेशा छत्तीसगढ़ साहित्य को पोषित करती रहे।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारत के पहले प्रधानमंत्री, भारत रत्न पंडित जवाहर लाल नेहरू की 27 मई को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। श्री बघेल ने नेहरू जी को याद करते हुए कहा है कि पंडित नेहरू ने विकास के लिए लोकतंत्र को अपना मूलमंत्र बनाया और भारत को एक मजबूत आधार दिया। देश के सामाजिक अधोसंरचना से लेकर भौतिक अधोसंरचना तक के विकास के लिए पंडित नेहरू के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी नीतियों के कारण देश में कृषि और उद्योग के विकास का एक नया युग शुरु हुआ। भिलाई स्टील प्लांट छत्तीसगढ़ को पंडित नेहरू की अनुपम सौगात है।
श्री बघेल ने कहा कि भारत की आजादी और नवनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ पंडित नेहरू का रचनात्मक पक्ष भी रहा है। वे एक विद्वान लेखक, चिंतक और विचारक भी थे, इसकी झलक उनकी किताब ‘विश्व इतिहास की झलक‘ और ‘भारत एक खोज‘ में मिलती है। बच्चों के बीच वे चाचा नेहरू के नाम से लोकप्रिय रहे हैं। आज भी लोगों के मन में उनकी अमिट छाप अंकित है।
भिलाई नगर/ शौर्यपथ / निगम तुहर द्वार अंतर्गत महापौर संग गोठ के जरिए शिविर का आयोजन आज वार्ड 15 अंबेडकरनगर नगर में किया गया। इस दौरान महापौर नीरज पाल ने मोहल्ले के लोगों की समस्याएं सुनी। वार्ड के निवासियों ने सड़क नंबर 2 में सड़क की स्थिति की समस्या से महापौर को अवगत कराया। महापौर ने अधिकारियों को सड़क निर्माण के लिए मौके पर निर्देश दिए। शीघ्र ही वार्ड क्रमांक 15 के सड़क नंबर 2 में सीसी रोड निर्माण महापौर की पहल से होगा। वार्ड के लोगों ने जलभराव की समस्या को लेकर महापौर से मुलाकात की। वार्ड वासियों ने बताया कि गदा चौक के पास जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए नाली निर्माण की आवश्यकता है। इस पर महापौर ने अधिकारियों को शीघ्र ही इस समस्या का हल निकालने के लिए निर्देश दिए हैं। महापौर ने जोन आयुक्त को कहा कि 2 दिनों के भीतर जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए गदा चौक के पास नाली निर्माण एवं पुल से संबंधित कार्य प्रारंभ करावे। शिविर में निगम आयुक्त रोहित व्यास विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, जोन अध्यक्ष रामानंद मौर्या एवं राजेश चौधरी, महापौर परिषद के सदस्य लालचंद वर्मा, केशव चौबे, आदित्य सिंह एवं नेहा साहू आदि मौजूद रहे। शिविर में आवेदन लेकर पहुंचे लोगों की समस्याओं को महापौर ने गंभीरता से सुना और पूरे समय तक शिविर में मौजूद रहे। महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रत्येक आवेदनों का परीक्षण करते हुए निराकरण किया जाए। त्वरित समाधान योग्य आवेदन पर शीघ्रता से कार्यवाही की जाए। शिविर में प्रमुख रूप से मुख्यमंत्री मितान योजना, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, श्रम कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, शहरी आजीविका मिशन के तहत व्यक्तिगत लोन एवं अन्य योजना, नए नल कनेक्शन, गुमास्ता लाइसेंस एवं अनुज्ञप्ति लाइसेंस, भवन, दुकान, व्यापारिक प्रतिष्ठान का नियमितीकरण, स्ट्रीट लाइट संधारण, संपत्तिकर, भू भाटक, जलकर, यूजर चार्ज वसूली काउंटर, पाइपलाइन, बोर, पंप, हैंड पंप संधारण, वार्ड स्तर पर नाली रोड टूट-फूट संधारण, सफाई कार्य तथा मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना से संबंधित आवेदनों का निराकरण किया गया। शिविर में जोन आयुक्त येशा लहरें, स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा, कार्यपालन अभियंता अमरेश लोहिया, सहायक अभियंता अरविंद शर्मा आदि मौजूद रहे।
31 मई को वार्ड 31 में लगेगा शिविर निगम तूहर द्वार अंतर्गत महापौर संग गोठ के शिविर का आयोजन 31 मई को जोन क्रमांक 3 मदर टैरेसा नगर अंतर्गत वार्ड 31 मयूर गार्डन में आयोजित होगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / झीरम श्रद्धांजलि दिवस पर झीरम घाटी में नक्सल हिंसा में शहीद हुए समस्त शहीदों को छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड में श्रद्धांजली अर्पित की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष माननीय अलताफ़ अहमद ने उपस्थित सभी अधिकारियों , कर्मचारियों एवं अन्य गणमान्यजनों को शपथ दिलाई। झीरम घाटी में नक्सल हिंसा के शिकार हुए जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ पदाधिकारीगण, सुरक्षा बलों के जवान एवं विगत वर्षों तथा वर्तमान में नक्सल हिंसा में शहीद हुए अन्य सभी भाईयों और बहनों को श्रद्धांजलि अर्पित की एवं सभी ने छत्तीसगढ़ राज्य में अहिंसा एवं सहनशीलता की परम्परा में दृढ़ विश्वास रखते हुए सभी प्रकार के नक्सलवाद और हिंसा का डटकर विरोध करने तथा छत्तीसगढ़ राज्य को पुनः शान्ति का टापू बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित रहने की शपथ ली। इसके साथ ही दो मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि भी दी गई। इस अवसर पर छ.ग.मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष अलताफ अहमद, सचिव डाॅ. इम्तियाज़ अहमद अंसारी, पी.पी.द्विवेदी सहायक संचालक, तौहीद खान, इसमाईल खान सहित छ.ग.मदरसा बोर्ड के अधिकारी एवं कर्मचारी गण उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी विधानसभा आम निर्वाचन 2023 हेतु जारी दिशा-निर्देश अनुसार ईव्हीएम एवं वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच 10 जून से 28 जून 2023 तक ईसीआईएल के इंजीनियरों द्वारा की जाएगी। ईव्हीएम एवं वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच की निर्देशानुसार वेबकास्टिंग की जाएगी। वेबकास्टिंग कार्य के लिए इच्छुक फर्म 30 मई 2023 तक कार्यालय जिला निर्वाचन कक्ष क्रमांक 28 स्थापना शाखा राजनांदगांव में कोटेशन जमा कर सकते हैं। इस बार ईव्हीएम एवं वीवीपैट मशीनों के प्रथम स्तरीय जांच का पर्यवेक्षण मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एवं भारत निर्वाचन आयोग द्वारा वेबकास्टिंग के माध्यम से किया जा रहा है।
मुंगेली / शौर्यपथ / राज्य शासन की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना के तहत जिले के प्रत्येंक विकासखण्ड में दो-दो गौठानों में 04 रूपये प्रति लीटर के दर से गोबर खरीदी की जा रही है। योजना के तहत् शुरूआत से लेकर अबतक 06 हजार 740 लीटर से अधिक गौमूत्र की खरीदी की जा चुकी है। क्रय किये गये गौमूत्र का उपयोग महिला स्व सहायता समूहों द्वारा जैविक कीटनाशक बनाने में किया जा रहा है। इससे महिलाओं को एक ओर जहां स्वरोजगार प्राप्त हो रहा है। वहीं जैविक कीटनाशक के विक्रय से उन्हें अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो रही है। मुंगेली विकासखण्ड अंतर्गत 03 हजार 922 लीटर, पथरिया विकासखण्ड अंतर्गत 01 हजार 592 लीटर और लोरमी विकासखण्ड अंतर्गत 01 हजार 226 लीटर गोमूत्र का क्रय किया गया है। बता दें कि राज्य सरकार द्वारा गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोमूत्र का उपयोग कर जैविक खेती की ओर किसानों को अग्रसर करने व फसलों को कीट तथा प्रदुषण से बचाने के लिए हरेली त्यौहार के अवसर पर इसकी शुरूआत की गई है।
ग्राम कुआगांव की जय दुर्गे महामाया स्व सहायता समूह ने गोमूत्र के कमाएं 22 हजार रूपए
ग्राम कुआगांव की जय दुर्गे महामाया स्व सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि शासन की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना के तहत उनके द्वारा गोमूत्र से जैविक कीटनाशक निर्माण और विक्रय कर अब तक 22 हजार रूपए की आमदनी प्राप्त की जा चुकी है। समूह की महिलाएं जैविक कीटनाशक के बारे में बताती है कि यह रासायनिक कीटनाशक की तुलना में काफी सस्ता और असरदार है। साथ ही फसल को रसायनिक कीटनाशक के उपयोग से होने दुष्प्रभाव सेे भी बचाया जा सकता है। समूह की महिलाओं द्वारा जैविक कीटनाशक तैयार करने के लिए गोमूत्र में पांच प्रकार की पत्तिया को बारीक कूटकर मिश्रित किया जाता है और इसे मूलमात्रा के आधा होने तक उबाला जाता है। जिसके पश्चात इसे दो से तीन दिन बाद छान कर बोतल में पैंकिंग किया जाता है। समूह का कहना है कि गौठान में गोमूत्र खरीदी प्रारंभ होने से उन्हें अतिरिक्त आमदनी का जरिया मिल गया है। इन महिलाओ ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और जिला प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
मुंगेली / शौर्यपथ / कलेक्टर राहुल देव आज विकासखंड मुंगेली के ग्राम जमकोर के लाइवलीहुड कॉलेज में बेरोजगारी भत्ता के पात्र युवाओं के कौशल प्रशिक्षण हेतु आयोजित काउंसलिंग का निरीक्षण किया। काउंसलिंग में 106 से अधिक हितग्राही उपस्थित हुए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी से काउंसलिंग की प्रक्रिया के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।
इस दौरान कलेक्टर ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शासन द्वारा बेरोजगारी भत्ता के रूप में जो आर्थिक मदद की जा रही है, उसका सही सदुपयोग करते हुए अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़े। जितना जल्दी हो सके इस बेरोजगारी के चक्र से बाहर निकलने का प्रयास करें। बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने से महत्वपूर्ण है, रोजगार कैसे मिले। इस दिशा में कार्य करें।
कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जिले के बेरोजगार युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में हर संभव कार्य किया जा रहा है। इस हेतु आकंक्षा प्लेटफार्म के माध्यम से अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके जरिए अब तक 04-05 प्लेसमेंट कैंप भी लगाए जा चुके है। लगभग 800 युवाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल भी की गई है। जिसमें से कई युवा अपने मेहनत के बल पर 08 हजार रुपए सैलरी से 70 हजार रुपए सैलरी तक पहुंच चुके हैं। कई बच्चे गुजरात, हैदराबाद, कलकत्ता में जाॅब कर रहे है। कलेक्टर ने कहा कि जॉब उन्हे मिलती है, जिसके पास स्किल होता है। उस स्किल को पाने के लिए आपको प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा। जिसके बाद नियोजन के लिए प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप बेरोजगारी भत्ता के पात्र सभी बेरोजगार युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास में प्रशिक्षण हेतु काउंसलिंग किया जा रहा है। इसका पूरा लाभ उठाएं।
कलेक्टर ने युवाओं से भी की बातचीत, प्रतियोगी परीक्षा पास करने दिए टिप्स
कलेक्टर ने वहां काउंसलिग के लिए उपस्थित युवाओं से भी की बातचीत की और उन्हे प्रतियोगी परीक्षा पास करने के टिप्स भी दिए। एक युवक ने बताया कि वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है, उसमे सफल होने के लिए क्या करें। कलेक्टर ने कहा कि जो भी परीक्षा की तैयारी करें, उससे संबंधित विगत वर्षो का प्रश्न पेपर अरेंज कर लें एवं पाठ्यक्रम के आधार पर नोट्स बना लें और पूरी मेहनत तथा लगन के साथ तैयारी करें। कोई भी विषयवस्तु को तीन अलग-अलग पुस्तक से पढ़ने के बजाय एक ही पुस्तक को तीन बार पढ़े। सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने अपने पढ़ाई और आईएएस परीक्षा की तैयारी के दौरान प्राप्त अनुभव को भी युवाओं के साथ साझा किये। कलेक्टर ने कहा कि जीवन में अपने बारे में सोचने के साथ समाज के बारे में सोचना बहुत अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि जैसे एक मछली को पानी से निकालने के बाद जो तड़प होती है, वैसे ही तड़प हमें अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए होना चाहिए। इस अवसर पर जिला रोजगार अधिकारी सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
बेरोजगारी भत्ता योजना: 945 हितग्राहियों का किया जा चुका हैं काउंसलिग
लाइवलीहुड काॅलेज के सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमति निखत कुरैशी ने बताया कि बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत अब तक 2102 हितग्राहियों को दूरभाष के माध्यम से काउंसलिग के लिए बुलाया जा चुका है। जिसमें से 945 हितग्राहियों का काउंसलिग पूर्ण किया जा चुका है। 656 हितग्राही प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए इच्छुक है। इन हितग्राहियों को कम्प्यूटर, सिलाई मशीन, ब्यूटीपार्लर, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, वाहन चालक, लैब टेक्नीशियन, इलेक्ट्रीशियन जैसे विभिन्न ट्रेंडो में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बालोद / शौर्यपथ /
राज्य शासन की विशेष प्राथमिकता वाले महत्वाकांक्षी नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी योजना के अंतर्गत गौठानो में शुरू किए गए बाड़ी योजना अत्यंत लाभप्रद एवं बहुउपयोगी सिद्व हो रहा है। इस योजना के फलस्वरूप गोठानो में बारहमासी फल, फूल एवं सब्जियां लहलहा रही है। गोठानो में बाड़ी योजना के अंतर्गत पौष्टिक साग सब्जियों के उत्पादन के साथ साथ गोठानो में उगाएं गए पेड़ पौधे पर्यावरण के संरक्षण एवं संर्वधन के साथ-साथ यह योजना इस कार्य में लगे स्वसहायता समूह के महिलाओ के लिए अतिरिक्त आय का जरिया बन गया है। बालोद जिले के गुरूर विकासखण्ड के अरमरीकला गोठान में बाड़ी योजना के अंतर्गत 1.40 एकड़ जमीन पर बरबट्टी, बैगन, टमाटर, भिड़ी, प्याज एवं गोभी वर्गीय फसल के उत्पादन के साथ साथ अदरक ब्रीडर कंद से बीजोत्पादन का कार्य किया जा रहा है। इसकी जवाबदारी उज्ज्वला योजना स्व सहायता समूह के महिला को दी गई है। जिसमें समूह की अध्यक्ष श्रीमती उषा बाई के अलावा 12 महिलाएं कार्यरत है। उद्यानिकी विभाग के द्वारा आदान सामाग्री के रूप में 57 हजार 600 रूपये की राशि की 7.20 क्विंटल बीज अनुदान के रूप में उपलब्ध कराया गया है। सब्जियों के उत्पादन में समूह द्वारा 60 हजार रूपये की लागत राशि लगाकर 01 लाख 80 हजार रूपये की आमदनी बाजार में सब्जी बिक्री कर की है। इसके अलावा अदरक बीजोत्पादन योजना से 18 क्विटल का उत्पादन किया गया जिससे एक लाख 40 हजार की आमदनी हुई।
इसी तरह अरमरीकला के एकता स्वसहायता समूह एवं आत्मा स्वसहायता समूह द्वारा भी 2.40 एकड़ भूमि में सामुदायिक बाड़ी योजना से सब्जी की बिक्री कर 01लाख 04 हजार रूपये का लाभ अर्जित कर चुके है। वर्तमान में खरीब 2023 में सब्जी लगाने की तैयारी की जा रही है। जिससे निर्धारित समय में सब्जी उत्पादन कर अधिक से अधिक लाभ प्रदान की जा सकती है। इस प्रकार जिले के 185 चयनित गौठानो में सामुदायिक बाड़ी निर्मीत की गई है। जिसमें 138 महिला स्वसहायता समूह द्वारा सब्जी उत्पादन किया जा रहा है। इस प्रकार जिले में महात्वाकांक्षी योजनांतर्गत 2308 महिलाएं सब्जी उत्पादन के कार्य में लगे हुए है। महिला स्वसहायता समूह के सुराजी ग्राम के अंतर्गत भूमि एवं पानी की सुविधा तथा तकनीकी जानकारी के साथ साथ समय-समय पर आदान सामाग्री के रूप में बीज उपलब्ध करायी जाती है। बालोद जिले के गौठानों में संचालित सामुदायिक बाड़ी योजना के अंतर्गत महिला स्वसहायता समूह द्वारा फल-फूल एवं कंदवर्गीय उत्पादों के विक्रय से अब तक 43 लाख 20 हजार रूपए की आमदनी अर्जित की जा चुकी है। इस तरह से राज्य शासन की सामुदायिक बाड़ी कार्यक्रम पौष्टिक साग-सब्जियों एवं फलों की समुचित आपूर्ति के साथ-साथ उन्हें अतिरिक्त आय प्रदान कर ग्रामीणों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने तथा स्वरोजगार प्रदान करने का अत्यंत कारगर माध्यम साबित हो रहा है। उज्जवला स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती उषा बाई साहू ने राज्य शासन की सामुदायिक बाड़ी कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक स्थिति में सुधार तथा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए छत्तीसगढ़ सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को हृदय से धन्यवाद दिया।
- एसपी ने दो बच्चों को सुपोषण श्रेणी में लाने के लिए लिया गोद
- बच्चों के माताओं को दिया सुपोषण किट
मोहला / शौर्यपथ / पुलिस अधीक्षक वाय अक्षय कुमार ने मोहला विकासखंड के आंगनबाड़ी केन्द्र पांढरवानी पहुंचकर सुपोषण की ओर एक कदम एवं सुपोषित मोहला अभियान के तहत दो बच्चों को सुपोषित करने के लिए गोद लिया। उन्होंने बच्चों का स्वास्थ्य जांच कर एनआरसी का लाभ दिलाने के लिए जिला कार्यक्रम अधकारी व सेक्टर पर्यवेक्षक को निर्देशित किया गया। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र में बच्चों का वजन व ऊंचाई सामने करवाकर ग्रोथ चार्ट से मिलान किया। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों से बात की और उन्हें स्नेहपूर्वक फल एवं चॉकलेट दिए। उन्होंने गोद लिए बच्चों के घर जाकर उनकी माता को सुपोषण किट व फल, सब्जी, अण्डा दिए। बच्चे के माता एवं परिजन को बच्चे के खानपान और उचित देखभाल के संबंध में आवश्यक जानकारी दी। इस अवसर पर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सीएस मिश्रा उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
