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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल के बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के मुख्यमंत्री निवास में हुई तीजा पोला तिहार के आयोजन पर टीका टिप्पणी से भाजपा के छत्तीसगढ़ विरोधी चाल चरित्र उजागर हुआ।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ के तीज त्यौहार परंपरा संस्कृति का आयोजन करते है।त्योहारों में आम जनता के साथ सरकार की सहभागिता सुनिििश्चत करते है तो भाजपा नेताओं के पेट में दर्द क्यों होता है?15 साल के रमन शासन काल के दौरान छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति परम्परा विलुप्तप्राय होने की कगार पर खड़ी थी। 15 साल मेंं रमन भाजपा ने छत्तीसगढ़ में हरेली,हरितालिका तीज,कर्मा जयंती,विश्वआदिवासी दिवस के दिन अवकाश नही दिए।
रमन सिंह के मुख्यमंत्री रहते मुख्यमंत्री निवास में कभी छत्तीसगढ़ के हरेली तीजा पोला, गोधन पूजा का आयोजन नही हुआ।रमन सरकार के के दौरान उनके मंत्री और भाजपा के नेता पंडाल लगाकर दीनदयाल की कथा सुनने में मग्न थे ,सत्ता रहते रमन भाजपा मजदूर किसान छात्र महिलाओं की व्यथा सुनते परेशानी का निराकरण करते,चुनाव में किये वादा को पूरा करते,युवाओं की भावना को समझते,आदिवासी वर्ग को उनका कानूनी अधिकार देते तो विधानसभा चुनाव में भाजपा15 सीटों में नही सिमटती। भाजपा के नेता निरन्तर रोका छेका,गोबर खरीदी,का भी विरोध कर रहे है।
बिलासपुर / शौर्यपथ / बिलासपुर जिले में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच विशेषज्ञ डाक्टरों द्वारा नियमित रूप से की जा रही है । जांच से पूर्व स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सभी गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया जाता है। पंजीयन उपरांत गर्भवती महिलाओं की समय-समय पर प्रसव पूर्व जांच कर टिटनेस का टीका दिया जाता है साथ ही जांच के लिए फालोअप भी किया जाता है। इस कार्य में एएनएम और मितानिन का कार्य काफी सराहनीय है। जब प्रसव हो जाता है तब मितानिन द्वारा प्रसव पश्चात जांच के तहत जच्चा बच्चा का 42 दिनों तक नियमित ख्याल रखा जाता है। स्वास्थ्य विभाग हर साल इसके लिए एक लक्ष्य निर्धारित करता है। इस बार लक्ष्य के सापेक्ष स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना काल में अच्छा कार्य किया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रमोद महाजन ने बताया कि साल 2020-21 में विभाग को 49,761 गर्भवतियों के पंजीयन का लक्ष्य दिया गया था। इसमें विभाग ने माह अप्रैल से जून तक मात्र तीन महीने में 95.93 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति की है।
उन्होंने बताया कि तीन माह की प्रगति को देखें तो विभाग ने 12,440 गर्भवती पंजीयन के अनुपातिक लक्ष्य के सापेक्ष 11,934 पंजीयन करके अच्छी सफलता हासिल की है। जि़ले में प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) के लिए 12,440 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया गया है जिसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्र की गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि समय से गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और प्रसव पूर्व जांच होने से जोखिम की संभावनाएं काफी कम हो जाती हैं ।
नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण एएनसी जांच से समय से जटिलताओं की पहचान की जाती है और आवश्यक उपचार प्रदान किया जाता है जो कि मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु दर को कम करने में बहुत हद तक सहायक है । समय से पंजीयन से गर्भवती महिलाओं और नवजातों को सरकार द्वारा दी गयी सुविधायें भी आसानी से मिल जाती हैं।
गर्भवती की प्रसव पूर्व चार जांचें हैं बेहद जरूरी !
प्रथम चरण में गर्भधारण के तुरंत बाद या गर्भावस्था के पहले 3 महीने के अंदर जांच होती है। द्वितीय चरण में गर्भधारण के चौथे या छठे महीने में। तृतीय चरण में गर्भधारण के सातवें या आठवें महीने में तथा चतुर्थ चरण में गर्भधारण के नौवें महीने में जरूरी जांचे की जाती हैं। इसमें प्रत्येक गर्भवती के हीमोग्लोबिन की मात्रा अनुसार आईएफए, कैल्शियम के साथ साथ टीकाकरण, उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह की स्क्रीनिंग की जाती है।
रायगढ़ / शौर्यपथ / कलेक्टर भीम सिंह ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये रायगढ़ जिले के किरोड़ीमल नगर पंचायत संपूर्ण क्षेत्र को 19 से 25 अगस्त 2020 तक संपूर्ण सार्वजनिक सभी गतिविधियां प्रतिबंधित किया है।
कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 24 की उपधारा (1)के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 19 से 25 अगस्त 2020 तक रायगढ़ जिले के किरोड़ीमल नगर पंचायत संपूर्ण क्षेत्र में संचालित देशी/विदेशी मदिरा दुकानों से मदिरा की बिक्री को काउन्टर से बंद रखते हुये ऑनलाईन होम डिलीवरी के माध्यम से किये जाने हेतु आदेश जारी किया है।
नगर पंचायत किरोड़ीमल नगर पंचायत अंतर्गत देशी मदिरा दुकान-कोकड़ीतराई एवं विदेशी मदिरा दुकान-कोकड़ीतराई शामिल है। यहां ऑनलाईन होम डिलीवरी यथावत चालू रहेगी। जिले की शेष मदिरा दुकानों के खुलने एवं बंद होने का समय यथावत रहेगा। सोशल डिस्टेंसिंग एवं फिजीकल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ /राजस्व अनुविभाग चाम्पा अंतर्गत आने वाले नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों में कोरोना संक्रमण को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने, आम नागरिकों तथा ब्यवसायियों को लॉक डाउन का परिपालन सुनिश्चित कराने, पृथक वास केंद्रों (क्वारंटीन सेंटर ) में ठहरे हुए प्रवासी मजदूरों को उत्कृष्ट मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने हेतु सक्रिय रूप कार्य करने के लिए एस डी एम बजरंग दुबे का सम्मान शिक्षा समृद्धि अभियान छत्तीसगढ़ द्वारा किया गया।
ज्ञातव्य है कि मार्च माह से केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा लगाये गये लॉक डाउन में फँसे श्रमिकों तथा यात्रियों के लिए विशेष वाहनों की व्यवस्था कर उन्होंने मजदूरों तथा यात्रियों को सुरक्षित घर पहुंचाया था। आश्रय स्थलों में भोजन तथा ठहरने हेतु बहुत अच्छी व्यवस्था की गई थी। एस डी एम श्री दुबे ने अन्य राज्यों से विशेष ट्रेनों से आने वाले मजदूरों को होम आइसोलेशन हेतु 100 से अधिक क्वारेंटाइन सेंटर स्थापित कर उन्हें उत्कृष्ट मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाया गयी। कोरोना काल में उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य हेतु शिक्षा समृद्धि अभियान द्वारा उनका सम्मान किया गया है।
इस अवसर पर नायब तहसीलदार श्रीमती प्रियंका चंद्रा, राजस्व निरीक्षक श्रीमती वर्षा गोस्वामी, शिक्षा समृद्धि अभियान के प्रदेश संयोजक परमेश्वर स्वर्णकार, शिक्षक गण धन्य कुमार पाण्डेय, छोटे लाल देवांगन, भुवनेश्वर प्रसाद देवांगन, मोती राम अंचल,विष्णु यादव, चुन्नी सिंह मरकाम,दिनेश कुमार देवांगन ,शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला भोजपुर के प्राचार्य आर के राठौर उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने असंगठित कर्मकार मृत्यु सहायता योजना के तहत दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के तीन श्रमिकों के परिवार जनों को एक-एक लाख रूपए का चेक प्रदान किया। चेक प्राप्त हितग्राहियों में स्नेहलता हाडके, कमला बाई एवं शीला सेन शामिल हैं। इस अवसर पर श्रम विभाग दुर्ग के सहायक श्रमायुक्त एवं श्रम निरीक्षक उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने और लेागों को आय का जरिया उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए राज्य शासन की गोधन न्याय योजना का लाभ आमजन तक पहुंचने लगा है। दो रूपए प्रति किलो की दर से निर्धारित गोबर बेचकर पशुपालक आय अर्जित कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाकर स्वसहायता समूहों की महिलाए को भी इसका फायदा मिल रहा है। वर्मी कम्पोस्ट खाद निर्माण से जैविक कृषि को भी बढ़ावा मिलेगा। सुराजी ग्राम योजना अंतर्गत नरवा,गरूवा, घुरूवा, बाड़ी योजना से बने आदर्श गौठानों में पहले से ही गोबर इकठ्ठा कर वर्मी कम्पोस्ट बनाया जा रहा था, जिसे गोधन न्याय योजना से और अधिक गति मिल रही है।
जिला गरियाबंद के फिंगेश्वर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बोरसी के राजीव लोचन स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा वर्मी कम्पोस्ट पूर्व से ही बनाया जा रहा है। इसे गोधन न्याय योजना से जोड़ने से आसानी से गोबर उपलब्ध होने के कारण ज्यादा मात्रा में वर्मी कम्पोस्ट बनाने में सहायता मिली है। वर्मी कम्पोस्ट को उद्यानिकी और वन विभाग द्वारा 8.50 रूपये प्रतिकिलो ग्राम की दर से खरीदा भी जा रहा है। इससे महिलाओं को अतिरिक्त लाभ हुआ है। इस दौरान फिंगेश्वर विकासखंड के ग्राम बोरसी, जेंजरा, रोहिना, सुरसाबांधा, भेंड्री की बिहान की महिला ग्राम संगठनों द्वारा 125 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट विक्रय किया जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि गोधन न्याय योजना अंतर्गत गरियाबंद जिले के 100 गौठानों में पशुपालकों से 17 अगस्त तक कुल 6 हजार एक सौ 37 क्विंटल गोबर की खरीदी की जा चुकी है। 100 गौठानो की समितियों को 62 लाख 10 हजार 114 रूपये भुगतान हेतु गौठान समिति के खातों में जारी भी कर दिया गया है। जिसका अंतरण पशुपालकों के खाते में किया जा रहा है। अभी तक 3 लाख 81 हजार 433 रूपये का भुगतान पशुपालकों के खाते में किया जा चुका है। जबकि शेष का भुगतान प्रक्रिया जारी है।

रायपुर / शौर्यपथ / कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच राहत की भी खबर है। प्रदेश के विभिन्न कोविड अस्पतालों और आइसोलेशन सेंटर्स (कोविड केयर सेंटर्स) से पिछले एक सप्ताह में 1581 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है। वहीं प्रदेश में अब तक कुल दस हजार 598 मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं। इनमें से 3296 मरीज रायपुर जिले के हैं। पिछले एक हफ्ते में रायपुर जिले से 620, राजनांदगांव से 153, बिलासपुर से 127, दुर्ग से 95 और जांजगीर-चांपा जिले से 53 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। अस्पताल से घर लौटने वाले मरीजों को सावधानीपूर्वक दस दिनों के होम आइसोलेशन में रहने कहा गया है।
राज्य शासन द्वारा कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए लगातार जांच और इलाज की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार द्वारा तत्परता से उठाए जा रहे कदमों की वजह से रोज बड़ी संख्या में मरीज स्वस्थ होकर घर लौट रहे हैं। कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए सभी जिलों में सैंपल जांच की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। रोजाना दस हजार से अधिक सैंपलों की जांच की जा रही है। राज्य में अब तक दस हजार 598 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। इनमें रायपुर जिले के 3296, राजनांदगांव के 888, दुर्ग के 865, बिलासपुर के 788, जांजगीर-चांपा के 526, बलौदाबाजार-भाटापार के 428, कोरबा के 421, रायगढ़ के 291, जशपुर के 266, कांकेर के 260, सरगुजा के 252, बलरामपुर-रामानुजगंज के 245 तथा बस्तर के 231 मरीज शामिल हैं।
कोविड अस्पतालों और कोविड केयर सेंटर्स में इलाज के बाद कबीरधाम जिले के 192, मुंगेली के 174, नारायणपुर के 172, महासमुंद के 171, दंतेवाड़ा के 144, बेमेतरा और कोरिया के 138-138, गरियाबंद के 118, कोंडागांव के 109, बालोद के 108, सूरजपुर के 101, सुकमा के 91, बीजापुर के 86, धमतरी के 62 और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के 31 मरीज पूर्णतः स्वस्थ हो चुके हैं। प्रदेश में वर्तमान में कोविड-19 की मृत्यु दर 0.94 प्रतिशत एवं रिकवरी दर 66.14 प्रतिशत है, जबकि इनका राष्ट्रीय औसत क्रमशः 1.93 प्रतिशत और 72.51 प्रतिशत है।
रायपुर / शौर्यपथ / शासन की गोधन न्याय योजना से पशुपालकों को अब सीधा लाभ मिलने लगा है और यह उनकी अतिरिक्त आमदनी का जरिया बन गई है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में गोधन न्याय योजना एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई है। इससे जहां एक ओर पशुपालकों को गोबर विक्रय से आमदनी होने लगी है। वहीं दूसरी ओर इसी गोबर से स्वसहायता समूह वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर आर्थिक लाभ अर्जित करने लगे है। इससे स्व-सहायता समूह की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार मिला है। किसानों को जैविक खेती के लिए अच्छी गुणवत्ता की वर्मी कम्पोस्ट भी सहजता से उपलब्ध होने लगी है। गोधन न्याय योजना से राज्य में जैविक खेती को प्रोत्साहन मिला है।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के ग्राम चारभाठा के पशुपालक श्री प्रमोद यदु ने 5 हजार 758 किलो गोबर विक्रय किया है, जिससे उन्हें 11 हजार 516 रूपए की राशि प्राप्त होने पर उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को धन्यवाद ज्ञापित किया है। इसी गांव के पशुपालक श्री अरूण कुमार यदु ने बताया कि गोधन न्याय योजना से उन्हें अतिरिक्त आमदनी हो रही है। उन्होंने बताया कि 3 हजार 908 किलो गोबर विक्रय कर चुके हैं और 7 हजार 816 रूपए की राशि उनके खाते में आ गई है। अब उन्हें दूध के अलावा गोबर बचने से भी लाभ हो रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की गोधन न्याय योजना पशुपालकों के लिए हितकारी है। छुरिया विकासखंड के ग्राम महराजपुर के पशुपालक श्री सतनाम सिंह ने बताया कि गोधन न्याय योजना में गोबर बेचने से तत्काल राशि मिल जाती है। जिससे इस राशि का उपयोग पशुओं के लिए अच्छा चारा और घरेलू कार्य में करेंगे। उन्होंने बताया कि 2 हजार 820 किलो गोबर बेच चुके हैं, जिससे 5 हजार 640 रूपए की राशि मिली है। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना से आर्थिक स्थिति में मदद मिली है। श्री सिंह ने प्रदेश के मुखिया के प्रति आभार व्यक्त किया है।

गोधन न्याय योजना से डोंगरगांव विकासखंड के झीका निवासी श्री दिनेश यादव ने 3 हजार 92 किलो गोबर विक्रय कर 6 हजार 184 रूपए प्राप्त कर गोधन योजना से लाभान्वित हुआ है। इसी तरह खैरागढ़ विकासखंड के कोटरीछापर निवासी श्री नेहरू ने 2 हजार 700 किलो गोबर विक्रय कर 5 हजार 400 रूपए, डोंगरगढ़ विकासखंड के मुरमुंदा निवासी श्री किसुन यादव ने 2 हजार 524 किलो गोबर बेचकर 5 हजार 48 रूपए तथा ग्राम खुर्सीपार निवासी श्रीमती सुमरिनबाई ने 1 हजार 804 किलो गोबर विक्रय कर 3 हजार 608 रूपए, छुईखदान विकासखंड के हनईबन निवासी श्री श्रीमती शकुन ने 2 हजार 182 किलो गोबर विक्रय कर 4 हजार 364 रूपए तथा ग्राम पथर्रा निवासी श्री सुजनदास ने 1 हजार 740 किलो गोबर विक्रय कर 3 हजार 480 रूपए, छुरिया विकासखंड के पांगरीखुर्द निवासी श्री माखनलाल ने एक हजार 48 किलो गोबर बेचकर 2 हजार 96 रूपए, मोहला विकासखंड के मोहला निवासी श्री भूषण प्रसाद ने 891 किलो गोबर बेचकर एक हजार 782 रूपए तथा ग्राम पलान्दुर निवासी श्रीमती यशोदाबाई ने 339 किलो गोबर विक्रय कर 678 रूपए प्राप्त कर गोधन न्याय योजना से लाभान्वित हुई है।
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना गोधन न्याय योजना के लाभ को देखते हुए गांवों में उत्साह का वातावरण बना है। इसके जरिए ग्रामीणों, पशुपालकों और महिला समूहों को होने वाली अतिरिक्त आमदनी के चलते पशुओं के संरक्षण और संवर्धन का एक अच्छा वातावरण तैयार होने लगा है। पशुओं के चारापानी और उनके देखभाल का बेहतर प्रबंध पशुपालक करने लगे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की सुराजी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी से गोधन न्याय योजना को जोड़ देने से यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत कड़ी बन गई है। गौठानों के संचालन में जुड़े समूह अब गोधन न्याय योजना के माध्यम से गोबर खरीद कर बड़ी मात्रा में वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार करने लगे हैं, जिससे उन्हें रोजगार मिलने के साथ ही अतिरिक्त आमदनी भी होने लगी है। ऐसे गौठान जहां वर्मी खाद का निर्माण नहीं हो रहा था, गोधन न्याय योजना शुरू होते ही वहां भी वर्मी खाद तैयार करने में महिला समूह पूरे उत्साह से जुट गए हैं।
गोधन न्याय योजना का लाभ उठाते हुए जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत रेमने के गेड़ई गौठान की गांधी स्वसहायता समूह की महिलाएं अब जैविक खाद तैयार करने में जुट गई हैं। गोधन न्याय योजना शुरू होते हुए गांधी महिला समूह की महिलाओं ने गौठान में वर्मी कम्पोस्ट बनाने की तैयारी शुरू कर दी। गेड़ई गौठान में 32.86 क्ंिवटल गोबर की खरीदी पशुपालको से की गई है, जिसका भुगतान जिला प्रशासन के द्वारा किया जा रहा है। पहले गांव के पशुपालक गोबर को अपने बाड़ी में फेंक दिया करते थे, परंतु इस योजना का लाभ उठाकर हर पशुपालक गोबर को गौठान में बेचने लगे हैं। गांधी स्वसहायता समूह की महिलाओं को कृषि विभाग द्वारा जैविक खाद निर्माण के संबंध में प्रशिक्षण भी दिया गया है। गोबर से जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया समूह द्वारा शुरू कर दी गई है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
