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० जिन्दगी से जरूरी कुछ भी नहीं, जीवन की सुरक्षा के लिए मास्क लगाएं, आदत एवं व्यवहार बदलें
० मास्क को सुरक्षा कवच के रूप में उपयोग करें
० बुजुर्गो, बच्चों एवं महिलाओं को संक्रमण से सुरक्षा के लिए युवा लगाएं मास्क
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी टोपेश्वर वर्मा ने जिले के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना जैसी घातक महामारी हमारे सामने खड़ी है। हमारे देश में रोजाना लाखों लोग लापरवाही और असावधानी के कारण कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं। हम सभी जानते हैं कि कोरोना के उपचार हेतु अभी तक कोई वैक्सीन नहीं आई है। यह भी तय नहीं है कि कब तक यह कठिन दौर खत्म होगा। अभी जितने भी लोग कोरोना से बचे हुए हैं उसकी मुख्य वजह यह है कि उन्होंने आपस में शारीरिक दूरी बनाये रखने और समय-समय पर हाथों को सेनिटाईज करते रहने व ठीक तरीके से मास्क पहनने को अपनी आदत में शामिल कर लिया है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वैक्सीन आने तक हमारे पास जो संसाधन हैं, उन्हें ही सुरक्षा कवच के रूप में हमें उपयोग करना होगा।
याद रखें कि अभी कोरोना से बचाव के लिए मास्क ही वैक्सीन है। जब तक कोरोना की दवाई उपलब्ध नहीं हो जाती है, तब तक हम लोगों को वैक्सीन मानकर मास्क को ही पहनना होगा। शोध बताते हैं कि ठीक तरीके से मास्क पहनना कोरोना महामारी को 98 प्रतिशत तक रोके रखता है। मास्क पहनने से हम खुद सुरक्षित रहेंगे और दूसरों को भी सुरक्षित रखेंगे। दरअसल कोरोना से बचने के तीन ही उपाय हैं। एक मास्क, दूसरा शारीरिक दूरी और तीसरा हाथों को साबुन से धोकर या सेनिटाईज कर साफ रखना। अगर हम सभी ने ये तीनों उपाय का अच्छे से पालन किया तो निश्चित रूप से हम सभी कोरोना संक्रमण से बचे रहेंगे।
सामान्यतः यह देखने में आ रहा है कि नगर सहित जिले के अन्य स्थानों में मास्क को लेकर घोर लापरवाही हो रही है। बाजार में लोग बेधड़क अपनी सुरक्षा को ताक में रखकर बगैर मास्क पहने और शारीरिक दूरी बनाये बेधड़क घूम रहे हैं। यह बेहद दुखद है कि आज इस कठिन दौर में हमारे युवा साथी घर से निकलते समय मास्क नहीं पहनते हैं और शारीरिक दूरी बनाये रखने और हाथों को सेनिटाईज करने के नियमों का पालन नहीं करते हैं। जिससे वे कोरोना से संक्रमित हो जाते है। युवाओें में बीमारियों से लड़ने की शारीरिक-मानसिक क्षमता मजबूत होती है, इसलिए वे खुद तो बचे रहते हैं किन्तु वे घर वापस आकर अपने परिवार के बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को संक्रमित कर रहें है। घर में ही रहने वाले बड़े बुजुर्गों के संक्रमित होने का यह सबसे बड़ा कारण है। जो हमें असमय ही अपने बड़े बुजुर्गों को जोखिम में डाल रहा है। अतः हम सभी को घर से बाहर निकलते समय यह ध्यान रखना चाहिए की कोराना संक्रमण अभी मिटा नहीं है। मास्क पहनेंगे तो संक्रमण से बचे रहेंगे। इसलिए स्वयं की और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए मास्क जरूर पहनें और जो नहीं पहन रहे हैं, उन्हें मास्क पहनने प्रेरित करें।
प्रायः यह भी देखने को मिल रहा है कि फैक्ट्री, कारखानों और दुकानों के व्यवसायी बंधु और वहां काम करने वाले लोग बगैर मास्क पहने अपना व्यापार चलाते हैं जिससे भी बड़ी संख्या में लोगों के कोरोना संक्रमित होने की आशंका बढ़ती है। व्यापारी वर्ग को भी नो मास्क, नो एन्ट्री की बात को कड़ाई से पालन कराना चाहिए।
किसी भी व्यक्ति को जीवन को खतरे में डालने से पहले एक बार हम सभी को अपने परिवार के बारे में जरूर सोचना चाहिए। लापरवाही करने पर हम खुद तो संक्रमित होते ही हैं, बल्कि हमारे द्वारा अन्य रिश्तेदारों व मित्रों को भी जाने-अनजाने में यह बीमारी दे दी जाती है। अतः अब हर व्यक्ति को अब अपनी सामाजिक जवाबदारी समझते हुए काम करना पड़ेगा। मेरा मास्क आपको बचाएगा और आपका मास्क मुझे बचाएगा अब इसी भावना को आत्मसात कर हमें अपना व्यवहार बदलना होगा। बगैर मास्क पहने घर से निकलने से पहले एक बार जरूर सोचें कि ऐसी क्या मजबूरी है, जो जिंदगी से ज्यादा जरूरी है।
आईये अब हम कोरोना से डरकर नहीं, डट कर मुकाबला करें। हम सभी अपने वर्तमान जीवन में दो गज की दूरी, मास्क जरूरी के संदेश को अपने जीवन का उद्देश्य बनाये। जिले में कोरोना के संक्रमण एवं बचाव तथा रोकथाम के लिए 16 अक्टूबर से 22 अक्टूबर 2020 तक कोरोना सुरक्षा सप्ताह मनाया जाना है। जिसके लिए जिले में प्रत्येक दिवस सामाजिक भागीदारी से विशेष गतिविधियां की जाएंगी।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / सिविल हॉस्पिटल खैरागढ़ में डॉक्टर की टीम ने विचारपुर नवागांव निवासी कोरोना पॉजिटिव महिला का प्रसव सफलतापूर्वक कराया। बीएमओ सिविल हॉस्पिटल डॉ. विवेक ने बताया कि जच्चा एवं बच्चा दोनों स्वस्थ है। डॉक्टर की पूरी टीम ने अपना फर्ज निभाते हुए कठिन एवं चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया। डॉक्टर की टीम में सिविल अस्पताल खैरागढ़ में चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रीति वैष्णव, स्टाफ नर्स पूर्णिमा ठाकुर और स्टाफ नर्स धनेश्वरी कुम्हार शामिल रहे। बच्चे के टीकाकरण का कार्य स्टाफ नर्स मंजु कामड़े और स्टाफ नर्स निशा कपूर के द्वारा किया गया।
राजनांदगांव / शौर्यपथ /कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा के निर्देशन एवं सहायक आयुक्त आबकारी नवीन प्रताप सिंह तोमर के मार्गदर्शन में 7 अक्टूबर 2020 को आबकारी विभाग द्वारा दामाबंजारी से काकोड़ी मार्ग में नाका लगाकर वाहन चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल वाहन क्रमांक सीजी 08 जेडबी 4436 में अवैध मदिरा परिवहन करते थुहाडबरी थाना अंबागढ़ चौकी निवासी गेंदलाल पटेल से 50 पाव देशी दारू संत्रा केवल महाराष्ट्र में विक्रय के लिए वैध का लेबल लगा प्रत्येक पाव में 180 एमएल कुल मात्रा 9 लीटर एवं टीपानगढ़ से काकोड़ी मार्ग में हीरो क्लिक स्कूटी क्रमांक सीजी 08 एएच 7560 में अवैध मदिरा परिवहन करते देहान थाना गैंदाटोला निवासी परमानंद सिन्हा से 75 पाव देशी दारू संत्रा प्रत्येक मे 180 एमएल कुल 13.5 लीटर जप्त किया गया है।
कुल 2 प्रकरण में 125 पाँव कुल 22.5 बल्क लीटर ( महाराष्ट्र निर्मित) तथा 2 दोपहिया वाहन को जप्त कर सभी आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 36, 59 (क) का प्रकरण दर्ज कर विवेचना किया जा रहा है। रेड कार्रवाई दौरान श्रीमती निरूपमा लोन्हारे सहायक जिला आबकारी अधिकारी राजनांदगाँव (ब) एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी डोंगरगांव एस.के. द्विवेदी तथा आरक्षक राकेश दुबे, सुरेंद्र झारिया एवं अनिल सिन्हा सहयोगी उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / इस वर्ष चालू खरीफ में पर्याप्त बारिश होने से धान की अच्छी पैदावार होने की संभावना है, परन्तु कुछ दिनों एवं सप्ताह से जिले में बेमौसम वर्षा एवं खराब मौसम के कारण से फसल में कीट व्याधि एवं बीमारियों का प्रकोप अधिक होने की शिकायत देखी जा रही हैं। जिससे किसान फसल को लेकर परेशान हैं। खराब मौसम एवं नमी वाले मौसम कीट के फैलाव के लिए अनुकूल है। इसलिए फसल में कीट व्याधि एवं बीमारियों का समय में रोकथाम किया जाना अति आवश्यक है।
जिले में कुल 3 लाख 25 हजार हेक्टेयर में धान की फसल किसानों के द्वारा ली गई है। जिसमें किसानों के द्वारा शीघ्र पकने वाली हरूना किस्म, मध्यम अवधि में पकने वाली एवं देर से पकने वाली धान की फसले विभिन्न पद्धतियों से ली गई है। हरूना किस्म के धान फसल में बालियां लग गई है तथा कुछ में बालियां लगने की स्थिति में है। धान की बाली अवस्था में माहो का प्रकोप अधिक होता है, जिसका उचित समय में नियंत्रण नहीं करने पर फसल को पूरी तरह से खराब कर देता है।
भूरामाहों -
यह कीट पौधे के निचली सतह पर तने पर बैठकर रस चूसकर हानि पहुंचाते है। अधिक प्रकोप की स्थिति में जगह-जगह पर गोलाकार जले हुए दिखाई देता है। इससे प्रभावित फसल की पत्तियों में काला धब्बा बन जाता हैं। इसके नियंत्रण के लिए नीम का तेल 2500 पी.पी.एम को 1 लीटर प्रति एकड़ से छिड़काव करें या इमिडाक्लोरोपिड 17.8 एस.एल. की 40-50 मिली लीटर को 200-250 लीटर पानी में घोल तैयार कर प्रति एकड छिड़काव कर सकते हैं।
हरामाहों -
यह हरे रंग के कीट पत्तियों से रस चुसकर हानि पहुंचाते है। जिसके कारण पत्तियों की नोंक पर पारदर्शी पीले धब्बे पड़ जाते है और पौधा कमजोर पड़ जाता है तथा बाद में पत्तियों पर काली फफूंद पड़ जाती है। इसके नियंत्रण के लिए क्लोरोपायरिफास 20 ई.सी. की 2 मिली लीटर मात्रा को प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। किसान भाईयों से आग्रह है कि वर्तमान में माहो कीट की प्रकोप की समस्या को देखते हुए अनुशंसित कीटनाशक दवाईयों का छिड़काव करें, ताकि समय में कीट का रोकथाम हो सके तथा अच्छी पैदावार लिया जा सके।
सेंटर से 100 लोग डिस्चार्ज हुए
कोरोना पीडि़त मरीजों को मिली नि:शुल्क सुविधाएं
स्वस्थ होकर नागरिकों ने आभार व्यक्त किया
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोविड-19 संक्रमण की विभीषिका का सामना करने में जिले की उदयाचल एवं श्री शांति विजय सेवा समिति ने आगे बढ़कर लोगों की मदद की है। उदयाचल कोविड-19 केयर सेंटर से अभी 100 लोग डिस्चार्ज हुए हैं। उदयाचल समिति के भावेश बैद ने कहा कि कोविड-19 केयर सेंटर की संचालन के दरम्यान यह बात महसूस हुई कि मानवता की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। लोगों की दुआ एवं स्नेह से हमें ऐसी गंभीर स्थिति में सेवाभावी कार्य के लिए प्रोत्साहन मिला है। उन्होंने कहा कि उदयाचल कोविड-19 केयर सेंटर के प्रेरणा स्रोत कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा है। उन्होंने हमें आगे बढ़कर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। कुछ तकलीफे और समस्याएं भी सामने आई। जिनका हम समय पर समाधान खोज पाए और सभी के लिए सुचारू व्यवस्था कर पाएं। उनकी प्रेरणा से ही यह सेंटर इतने सफलता पूर्वक कार्य कर रहा है।
केशर नगर के मेहुल मारू ने बताया कि कोविड-19 पॉजिटिव आने के बाद इस केयर सेंटर में भर्ती हुए। उन्होंने कहा कि आपदा के इस दौर में उदयाचल सेवा समिति द्वारा किए जा रहे सेवाभावी कार्य के लिए धन्यवाद देने के लिए शब्द नहीं हैं। सेंटर में केटली, थर्मामीटर, ऑक्सीमीटर, बीपी मशीन एवं अन्य व्यवस्था की गई है। वे प्रतिदिन के पौष्टिक आहार की प्रशंसा करते हुए बताते हैं कि उपमा, पोहा एवं अन्य नाश्ते के साथ पनीर एवं विविध प्रकार की सब्जी खिचड़ी, हल्दी मिला दूध, नारियल पानी, फल आदि सभी सुविधाएं नि:शुल्क दी जा रही है। उन्होंने लोगों से कहा है कि कोरोना के जरा भी लक्षण दिखे तो सबसे पहले टेस्ट कराएं और बिल्कुल न डरे। सिर्फ सकारात्मक सोच रखे तभी कोरोना से लड़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि पहले हार्ट की भी तकलीफ थी लेकिन अब वे पूर्णत: स्वस्थ है और अपने घर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर के परामर्श से कोविड-19 केयर सेंटर में आ सकते है।
उदयाचल कोविड-19 केयर सेंटर से ठीक होकर जाने के बाद महेश शर्मा ने समिति के भावेश से अपने परिजनों से बात करवाकर धन्यवाद दिया और कृतज्ञता ज्ञापित की। सहदेव नगर की प्रियल पाल ने बताया कि सेंटर में सभी सुविधाएं नि:शुल्क दी जा रही हंै।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / डोंगरगढ़ विद्युत मंडल के कार्यपालन अभियंता ललित राठौर के विरूद्ध पुलिस ने भाजपा नेता की शिकायत पर जुर्म दर्ज किया है। भाजपा नेता बिजली उपभोक्ता श्यामसुंदर नरेडी ने ईई पर बिजली कटौती के विषय पर चर्चा के दौरान बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने इस मामले में पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
बताया जा रहा है कि ललित राठौर के खिलाफ दिए गए शिकायत पत्र में कहा गया है कि 28 अगस्त की रात को वार्ड में बिजली बंद होने के संबंध में ईई से चर्चा करने के लिए कॉल किया गया। इससे पहले उन्होंने कनिष्ठ अभियंता योगेश श्रीवास से भी मोबाइल से संपर्क साधा, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। बाद में शिकायतकर्ता ने अभियंता राठौर के मोबाइल नंबर 94060-94920 में रात 9.15 बजे कॉल किया। बिजली बंद को लेकर जैसे ही बात ईई ने सुनी, वह भडक¸ गए और उल्टे शिकायतकर्ता से बदतमीजी करने लगे।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि ईई द्वारा यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री से शिकायत करने से भी उनका कोई कुछ नहीं कर सकता। साथ ही उन्हें ईई द्वारा अकेले में मिलकर सबक सिखाने की धमकी भी दी गई। उधर पूरे मामले को लेकर पीड़ित भाजपा नेता ने डोंगरगढ़ पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने धारा 155 के तहत एफआईआर दर्ज कर पीड़ित को कोर्ट में जाने की सलाह दी गई।
डोंगरगढ़ थाना प्रभारी अलेक्जेंडर किरो ने बताया कि शिकायत के तहत एफआईआर दर्ज किया गया है। 155 की धारा के अनुसार न्यायालय में जाने की पीड़ित को सलाह दी गई। उधर ईई ललित राठौर ने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। बहरहाल विद्युत मंडल के मुख्य ओहदे में बैठे अफसर के इस रवैये को लेकर डोंगरगढ़ भाजपा नेताओं में नाराजगी है।
राजनंदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में कोरोना का जो भयावह आंकड़ा देखने को मिल रहा है, उससे अब प्रशासन की सुविधाएं बौनी साबित होने लगी हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या से अस्पताल भर चुके हैं, बेड कम पड़ रहे हैं। संकट की इस घड़ी में राजनांदगांव की सेवाभावी संस्थाएं पूरे देश में एक उदाहरण साबित हो रही हैं। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उदयाचल, जिससे वे लंबे समय से जुड़े रहे और महाजनबाड़ी, शांति विजय सेवा समिति तथा सिख समाज द्वारा राजनादगांव में जो कोविड-19 के मरीजों की निःस्वार्थ भाव से सेवा की जा रही है, वह निःसंदेह प्रशसनीय और अनुकरणीय है। डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश की जनता को संस्कारधानी की संस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि इन संस्थाओं द्वारा उदयाचल भवन में 100 बिस्तरों का सर्व सुविधा युक्त अस्पताल तैयार किया गया है, जिसमें कोविड-19 मरीजों को ऑक्सीमीटर थर्मामीटर, गर्म पानी के लिए हीटर, भाप लेने की मशीन की निशुल्क व्यवस्था की गई है।
सभी मरीजों पर टीवी एवं कैमरा द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही है, संस्था द्वारा निःशुल्क सुविधाओं के साथ-साथ सिख समाज द्वारा मरीजों को उच्च स्तर का नाश्ता भोजन भी श्रद्धा भाव से परोसा जा रहा है और मरीजों के डर को कम करने के लिए आध्यात्मिक एवं मनोवैज्ञानिक प्रयास भी किए जा रहे हैं, और इस तरह कोविड-19 के मरीजों के लिए यह व्यवस्था वरदान साबित हो रही है, जिसे देखने हेतु केंद्र से भी टीम आई और उन्होंने इसका अवलोकन कर इस व्यवस्था को सराहा।
डॉ. सिंह ने कहा कि संस्कारधानी के विधायक होने पर गर्व का अनुभव करते हैं। उन्होंने प्रदेश की सभी सेवाभावी संस्थाओं से राजनांदगांव मॉडल को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि कोविड-19 को भगाने के लिए समाज को सामूहिक प्रयास करने होंगे और सरकार के प्रयासों में सहयोग देना होगा तभी हम सभी मिलकर कोविड-19 को पछाड़ सकेंगे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) का संक्रमण निगम सीमाक्षेत्र में तेजी से फैल रहा है, जिसके कारण गत दिनों निगम के जनप्रतिनिधियों का कोरोना पाजिटीव पाये जाने के उपरांत निगम के कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों का भी टेस्ट कराया गया और आम नागरिकों को कोरोना संक्रमण न हो इस बात को ध्यान में रखते हुये निगम कार्यालय आम नागरिकों के लिये 12 सितंबर तक प्रतिबंधित किया गया था। जिसे अब बढ़ाकर 21 सितंबर तक प्रतिबंधित किया गया हैै। साथ जिलाधीश के निर्देश पर कोरोना संक्रमण के बढते प्रकोप को देखते हुये घर-घर सर्वे के लिये अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी गयी है, जहां अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा घर-घर सर्वे कर निगम सभागृह में रिपोर्ट दिया जा रहा है।
निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने बताया कि निगम क्षेत्र में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलने के साथ-साथ निगम का जनप्रतिनिधि एवं कर्मचारी संक्रमित पाये जाने के कारण (कोविड-19) के संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के अलावा नागरिकों को कोरोना संक्रमण से दूर रखने के दृष्टिगत रखते हुये निगम कार्यालय को 22 अगस्त से 29 अगस्त 2020 तक, 1 सितंबर से 6 सितंबर 2020 तक तथा 7 सितंबर से 12 सितंबर तक बढ़ाया गया था, चुकि कोरोना संक्रमण शहर में अब भी तेजी से फैल रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुये आम नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुये आम नागरिकों के लिये 12 सितंबर से 21 सितंबर 2020 तक निगम कार्यालय आना-जाना प्रतिबंधित किया जाता है। उन्होंने कहा कि अति आवश्यक सेवा से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिये अपने वार्ड पार्षद से संपर्क करे, ताकि पार्षद भी निगम के संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों से दूरभाष (मोबाईल) में संपर्क कर समस्या का निराकरण करायेंगे। इसी प्रकार कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुये जिलाधीश के निर्देश पर घर-घर सर्वे करने अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गयी है, ताकि कोरोना संक्रमण की जानकारी मिल सके और उसके आधार पर उपचार किया जा सके।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिला सहकारी बैंक सीइओ सुनील वर्मा से मिलकर सिंघोला सोसाइटी के अंतर्गत उपकेंद्र धान ऊपार्जन केंद्र रानीतराई सोसाइटी को पूर्ण गठन ग्राम पंचायत रानीतरई महाराजपुर भोथीपारकला, भोथीपारखुर्दू, पुराना उसडीबोड़, भोथीपार, नया धामनसरा, आलीखूंटा, महाराजपुर किसानों ने पूर्व जनपद सदस्य सचिव प्रदेश असंगठित कामगार मजदूर कांग्रेस के योगेन्द्र दास वैष्णव को ज्ञापन देकर किसानों की प्रमुख समस्या अवगत कराया। किसानों की मांग को लेकर तत्काल राज्य शासन के अधिकारियों से मुलाकात कर मांग किया। रानीतराई सोसाइटी को पूर्ण गठन में रानीतरई सोसाइटी को पूर्ण गठन में सोसाइटी के दर्जा दिया जाए। मांग को लेकर शासन के अधिकारियों से ज्ञापन सौंपा गया। जिला सहकारी बैंक के सीईओ वर्मा सुनील वर्मा से मुलाकात कर किसानों समस्या अवगत कराकर बात को प्रमुखता मांग को लेकर चर्चा कर किसानों हस्ताक्षर वाले ज्ञापन दिया गया तथा कोविड को देखते हुए श्री वैष्णव ने उप पंजीयक राजनांदगांव विपणन संघ के अधिकारी को भी किसानों की समस्या से अवगत कराया।
प्रदेश के महामंत्री शाहिद भाई को एक प्रति ज्ञापन देकर किसान के निराकरण हेतु मांग रखा है तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री मुखिया भूपेश बघेल को एक प्रति अनुसूचित जाति प्राधिकरण अध्यक्ष भुनेश्वर बघेल को एक प्रति देकर किसानों की बात को अवगत करा कर समस्याओं के निराकरण के संबंध में पहल करने की तत्काल मांग किया गया। तथा आज दिनांक को आपत्ति दर्ज कराया गया तथा किसानों के हित में काम करने हेतु ज्ञापन देकर किसानों की हित में निर्णय लेने के लिए मांग रखा जाए। अध्यक्ष भुनेश्वर बघेल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दूरभाष पर सहकारिता मंत्री को अवगत कराया गया तथा पंजीयक को तत्काल कार्यवाही करने हेतु बात किया गया। आने वाले समय में महत्वपूर्ण किसानों के धान खरीदी को देखते हुए पहल किया जाए तथा पुनर्गठन सोसाइटी को अलग किया जाए। रानीतराई अलग से सिंघोला करके किसानों समस्या दूर होगा बात किया गया।
इस अवसर पर सुरगी सोसाइटी के संचालक जीवन साहू, सुग्रीव साहू, महेश दिवाकर, नारद साहू, नारायण ठाकुर, क्षेत्रीय जनपद सदस्य रोशनी वैष्णव, सरपंच लोकेश गंग वीर राजेंद्र साहू निशा साहू, दिव्या हिरवानी तथा किसानों ने ज्ञापन सौंपा।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / खैरागढ़ क्षेत्र में अवैध शराब के विक्रय और परिवहन की रोकथाम को लेकर जालबांधा पुलिस के अभियान में गातापार जंगल थाने में पदस्थ आरक्षक सहित दो अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों से 42 पव्वा देशी शराब और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सीजी 08 एएन 4507 जप्त कर आबकारी एक्ट की धारा 34/2 के तहत कारवाई कर जेल भेज दिया है। इधर एसपी डी. श्रवण ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपित आरक्षक को सस्पेंड कर दिया है। पुलिस ने बताया कि जालबांधा चौकी प्रभारी हेमवंत चंद्राकर के साथ सिपाहियों ने रंगकठेरा गॉव से पहले केकराजबोड़ रोड मोड़ पर नाकाबंदी कर रात साढ़े दस बजे तेज गति से आती मोटर साइकिल को रोककर तलाशी ली, तो उसमे सवार उत्तम पिता नारायण वर्मा 55 साल रंगकठेरा, महेश पिता राजू यादव 26 साल किल्लापारा खैरागढ़ और आरक्षक रूपेश पिता जगदीश भोई 36 साल भोथलडीह सरायपाली के पास से बैग में देशी शराब 42 पाव कीमत लगभग 33 सौ 60 रूपए जप्त किया। वही वारदात मे प्रयुक्त मोटरसाइकिल की भी जप्ती बनाकर तीनों आरोपितों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34/2 के तहत कारवाई करते हुए जेल भेज दिया है।
आरोपित रूपेश भोई गातापार जंगल थाने में पदस्थ पुलिस जवान है। जिसका कुछ दिन पहले ही शहर से हटाकर गातापार जंगल थाने में पोस्टिंग की गई है और वो बीते कई दिनों से गैरहाजिर चल रहा था। पुलिस जवान के शराब तस्करी में लिप्त होने की जानकारी सामने आने से विभाग में खलबली मच गई है। पता चला है कि उक्त जवान शराब का आदी था और बीते कई दिनों से इसी लत के चलते थाने से गायब था। देर रात जालबांधा चौकी पुलिस की कारवाई मे उसके सपड़ाने से पुलिस से होश उड़ गए, लेकिन अपराध रोकने की दिशा में तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने बिना लाग.लपेट के कार्रवाई कर यह साबित कर दिया है कि अपराध करने वाला चाहे उनके ही विभाग का क्यों ना हो उनकी नजरों और कारवाई से ज्यादा दिन बच नहीं पाएगा।
० कलेक्टर ने कोविड-19 की रोकथाम के संबंध में किए जा रहे कार्यों की दी जानकारी
० राज्य शासन द्वारा होम आईसोलेशन एवं समय-समय पर दी जा रही मदद की जानकारी दी
० नई दिल्ली की टीम ने कोविड-19 के सैम्पल टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने के लिए कहा
० नई दिल्ली की टीम ने राजनांदगांव जिले के नागरिकों की उदारता की सराहना की, कहा किसी भी अन्य जिले में ऐसा नहीं देखा
० दानदाताओं द्वारा प्राप्त एक करोड़ 30 लाख रूपए की राशि का उपयोग मेडिकल कॉलेज के लिए किया जा रहा
राजनांदगांव / शौर्यपथ / स्वास्थ्य मंत्रालय भारत शासन से आए टीम के डिप्टी डायरेक्टर एनसीडीपी नई दिल्ली के डॉ. अनुभव श्रीवास्तव, आईसीएमआर नई दिल्ली के डॉ. अभिनव, सफदरजंग हॉस्पिटल नई दिल्ली की प्रोफेसर डॉ. गीता यादव एवं स्वास्थ्य संचालनालय रायपुर के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. नेतराम बेक ने कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक दाउलुरी श्रवण से कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कोविड-19 के संबंध में चर्चा की। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण से मरीज बढ़ने के कारण नगर पालिक निगम राजनांदगांव क्षेत्र को कंटेंटमेंट जोन घोषित किया गया है तथा आपातकालीन सेवाएं आरंभ है। छत्तीसगढ़ शासन की ओर से होम आईसोलेशन की अनुमति दी गई है और इसके लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। असिम्टमेटिक होने पर भी हाइ रिस्क के डायबिटिज, ब्लडपे्रशर एवं अन्य गंभीर बीमारी के मरीजों एवं बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओें को होम आईसोलेट नहीं करना है। उन्होंने बताया कि राजनांदगांव अंतर्राज्यीय सीमा महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश से लगा हुआ है। जिसकी वजह से ज्यादा आवागमन होने से मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई। बागनदी बार्डर पर बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखण्ड के श्रमिकों को राज्य शासन की मदद से बस की व्यवस्था कर उनके गंतव्य स्थल तक पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि राज्य शासन की ओर से कोविड-19 के लिए समय-समय पर मदद की जा रही है। उन्होंने राजनांदगांव जिले में दान दाताओं द्वारा प्राप्त एक करोड़ 30 लाख रूपए की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस दान की राशि का उपयोग कोविड-19 मेडिकल कॉलेज के लिए किया जा रहा है। नई दिल्ली से आई टीम ने राजनांदगांव जिले के नागरिकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां के लोग उदार एवं दयालु है और हमने किसी भी जिले में ऐसा नहीं देखा।
कलेक्टर वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह जिले के लिए सौभाग्य की बात रही कि कोविड-19 हॉस्पिटल की अधोसंरचना समय पर पूर्ण हुई। जिससे इस कठिन समय में बड़ी मदद मिली। कोविड-19 हॉस्पिटल में शीघ्र ही 400 बेड करने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां के समाज सेवी संस्थानों द्वारा कोविड-19 सेन्टर के रूप में सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उदयाचल एवं महाजनबाड़ी में निःशुल्क सेवाएं प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से नर्स एवं स्टॉफ को भोजन की व्यवस्था की जा रही है। लॉकडाउन के समय में भी बच्चों को टेक होम राशन दिया गया। पुलिस अधीक्षक डी श्रवण ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण के प्रति जागरूकता लाने के लिए ऑपरेशन मास्क स्ट्रीट प्रारंभ किया गया है। जिसके तहत लोगों को जागरूक किया जा रहा है और व्यापारियों को भी यह समझाया जा रहा है कि मास्क लगाकर आने वाले ग्राहकों को ही सामग्री प्रदान करें। जिससे लोग मास्क लगाने को अपने जीवन शैली में अपना सके।
नई दिल्ली से आई टीम ने कहा कि कोविड-19 के सैम्पल टेस्टिंग और बढ़ाएं। इसके साथ ही गंभीर केस के लिए आईसीयू की संख्या भी बढ़ाएं। उन्होंने बताया कि उदयाचल कोविड-19 केयर सेन्टर का निरीक्षण किया गया। वहां मरीजों की सतत मॉनिटरिंग करते रहें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि उदयाचल कोविड-19 केयर सेन्टर में मल्टीपर्पस मेडिकल वर्कर की ड्यूटी लगाई गई है। जैसे ही मरीजों में कोरोना के लक्षण प्रकट होंगे उन्हें कोविड-19 हॉस्पिटल में भर्ती किया जाएगा। टीम ने स्वच्छता पर ध्यान देने तथा मरीजों के लिए यलो बैग देने को कहा। टीम के सदस्यों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में कोविड-19 की जागरूकता के लिए प्रयास करें। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे, डीपीएम गिरीश कुर्रे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत राजनांदगांव जिले में जागरूकता से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पोषण माह एक सितंबर से शुरू हो चुका है, जो 30 सितंबर तक मनाया जाएगा। इस दौरान गर्भवती, धात्री महिलाओं व शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य परामर्श के साथ ही टीकाकरण भी किया जा रहा है।
पोषण माह के अंतर्गत जिले के डोंगरगांव व मानपुर परियोजना अंतर्गत कई गांवों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान रामपुर सेक्टर के संबलपुर और मरेठा नवागांव की मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व पर्यवेक्षक की टीम ने हितग्राहियों को पोषण से संबंधित विभिन्न जानकारी देने हेतु गृह भ्रमण किया। साथ ही महिलाओं व बच्चों को पोषण से संबंधित अहम जानकारी भी दी गई।
पोषण माह कार्यक्रम के दौरान यहां स्थानीय फलों व सब्जियों की प्रदर्शनी लगाकर हितग्राहियों को इसके फायदे बताए गए। दिघवाड़ी सेक्टर में महिलाओं को बताया गया कि पपीता में विटामिन-सी तथा मुनगा भाजी में आयरन होता है, इसलिए महिलाओं को आहार के रूप में पपीता और मुनगा भाजी का सेवन जरूर करना चाहिए। इस पर महिलाओं ने बताया कि मुनगा भाजी या पपीता तो वे आमतौर पर खाती ही हैं, लेकिन सेहत के लिए यह इतना ज्यादा फायदेमंद हैए यह बात उन्हें अब पता चली है।
इसी तरह डोंगरगांव परियोजना के ग्राम ओड़ारबांध में पोषण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर यहां पर हाथ धुलाई एवं स्वच्छता कॉर्नर, स्वास्थ्य जांच कॉर्नरए परिवार नियोजन कॉर्नर व पोषण कॉर्नर बनाकर निर्धारित सेवाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। हाथ धुलाई कॉर्नर में आंगनबाड़ी सहायिका ललिता ने सभी हितग्राहियों का पानी और साबुन से हाथ धुलाया। उन्होंने हाथ धुलाई के विभिन्न चरणों का प्रदर्शन भी किया और बताया कि हाथ धोना सेहत के लिए अच्छा होता है। इससे खाने-पीने के दौरान कीटाणु शरीर में नहीं पहुंच पाते। स्वास्थ्य जांच कार्नर में एएनएम ने गर्भवती माताओं की जांच की। इस दौरान बच्चों का टीकाकरण कर आवश्यक दवा उपलब्ध कराई गई। परिवार नियोजन कॉर्नर में मितानिन दीदी द्वारा परिवार नियोजन हेतु आवश्यक साधनों को रखा गया। पोषण कॉर्नर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा स्थानीय तौर पर उपलब्ध मौसमी हरी सब्जियोंए फलों, रेडी-टू ईट-फूड के विभिन्न व्यंजन रखकर इसके फायदे बताए।
इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह को जिले में एक जन आंदोलन के रूप में मनाया जा रहा है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और शिशुओं के अच्छे स्वास्थ्य के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। महिलाओं और शिशुओं का स्वास्थ्य जांचकर पोषण के लिए उन्हें सजग किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, 6 माह से ज्यादा उम्र के बच्चों की देखभाल या स्तनपान के साथ ही छोटे बच्चों के पूरक आहार के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
मुनगा के फायदे...
ऐसा माना जाता है कि मुनगा की 100 ग्राम पत्तियों में 5 गिलास दूध के बराबर कैल्शियम होता है। साथ ही एक नींबू की तुलना में इसमें 5 गुना ज्यादा विटामिन सी पाया जाता है। इसकी पत्तियों में कैल्शियम और विटामिन-सी के साथ ही प्रोटीन, पोटैशियम, आयरन, मैग्नीशियम और विटामिन-बी कॉम्पेक्स की भरपूर मात्रा मिलती है। गर्भावस्था दौरान मुनगा फल या इसकी फूलों की सब्जी का सेवन महिलाओं और शिशु के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।
पपीते में विटामिन-सी
वैज्ञानिक शोधों से पता चला है कि कच्चे पपीते में विटामिन-सी 40 से 90 मि.ग्रा. अधपके पपीते में 50 से 90 मि.ग्रा. और पके पपीते में 60 से 140 मि.ग्रा. होता है। इसमें शर्करा और विटामिन-सी मई से अक्टूबर महीने तक अधिक होता है। पपीते में विटामिन बी1 व बी2 भी कुछ मात्रा में होता है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ /कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी टोपेश्वर वर्मा ने आदेश जारी किया है कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसका अंतिम संस्कार उसी गांव के निर्धारित मुक्तिधाम में किया जाएगा, जिस गांव का वह निवासी है। आदेश में कहा गया है कि मृतक व्यक्ति नगरीय निकाय क्षेत्र के निवासी होने पर उनके वार्ड के लिए पूर्व निर्धारित मुक्तिधाम में ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु होने की स्थिति में उसके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार शासन द्वारा जारी प्रोटोकॉल के अनुसार किया जाएगा।
राजनांदगांव नगर पालिक निगम क्षेत्र के कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर वार्ड क्रमांक 1, 2 एवं 3 के लिए वार्ड नंबर 1 बजरंगपुर नवागांव सेनीटेशन पार्क रोड मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसी तरह वार्ड नंबर 4 एवं 10 के लिए वार्ड नंबर 4 पुराना ढाबा मुक्तिधाम, वार्ड नंबर 5, 6, 11, 12, 13 के लिए वार्ड नंबर 5 चिखली मुक्तिधाम, वार्ड नंबर 1 से 13 के लिए वार्ड नंबर 7 मोतीपुर रामनगर कब्रस्तान, वार्ड नंबर 7, 8, 16, 17, 18 के लिए वार्ड नंबर 8 मोतीपुर ढाबा रोड मुक्तिधाम, वार्ड नंबर 9, 10 के लिए वार्ड नंबर 9 शंकरपुर नाला के पास मुक्तिधाम, वार्ड नंबर 20, 21 के लिए वार्ड नंबर 20 पेण्ड्री आईएचएसडीपी मुक्तिधाम, वार्ड नंबर 22 के लिए वार्ड नंबर 22 रेवाडीह मुक्तिधाम, वार्ड नंबर 1 से 51 के लिए वार्ड नंबर 23 इसाई कब्रस्तान गौशाला पिंजरा पोल के पास, वार्ड नंबर 14,15, 19, 23, 24, 25, 26, 28, 29, 30, 37, 38,39, 40, 41, 48 के लिए वार्ड नंबर 31 लखोली मठपारा रोड मुक्तिधाम (मुख्य मुक्तिधाम), वार्ड नंबर 1 से 51 के लिए वार्ड नंबर 31 मुस्लिम (मुख्य कब्रस्तान), वार्ड नंबर 1 से 51 के लिए वार्ड नंबर 31 इसाई (मुख्य कब्रस्तान), वार्ड नंबर 1 से 51 के लिए वार्ड नंबर 31 बोहरा (मुख्य कब्रस्तान), वार्ड नंबर 31, 32, 33, 35, 36 के लिए वार्ड नंबर 33 बैगापारा एसएलआरएम सेन्टर के पास मुक्तिधाम, वार्ड 34 के लिए वार्ड नंबर 34 कन्हारपुरी जंगलेशर रोड मुक्तिधाम, वार्ड नंबर 34 के लिए वार्ड नंबर 34 कन्हारपुरी मुस्लिम कब्रस्तान, वार्ड नंबर 42, 43, 44, 45, 46 के लिए वार्ड नंबर 45 कौरिनभाठा गोकुल नगर एसएलआर सेन्टर के पास, वार्ड नंबर 47 के लिए वार्ड नंबर 47 मोहारा शिवनाथ नदी के किनारे मुक्तिधाम, वार्ड नंबर 49 के लिए वार्ड नंबर 49 मोहड़ आक्सीजोन के पास मुक्तिधाम, वार्ड नंबर 50 के लिए वार्ड नंबर 50 सिंगदई इटभ_ा के पास नदी के किनारे के पास मुक्तिधाम तथा वार्ड नंबर 51 के लिए वार्ड नंबर 51 हल्दी गौठान के पास मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के लिए चयन किया गया है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / राज्य शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा के आदेश पर जिले में आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन 15 सितम्बर से आरंभ किया जाना है। जिसके लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों में साफ-सफाई एवं सेनेटाईजेशन का कार्य किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से दोपहर का पोषण आहार पहले की तरह गरम भोजन के रूप में प्रदाय किया जाएगा एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में आयोजित होने वाले स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस का संचालन किया जाएगा। दो माह का सूखा राशन (टीएचआर) पहले ही वितरण किया जा चुका था, इसलिए 15 सितम्बर से आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि कोविड-19 के कारण 14 मार्च 2020 से आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन बंद रखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा हितग्राहियों के घर पहुंचाकर सूखा राशन प्रदाय किया जा रहा है। बच्चों के पोषण स्तर को बनाये रखने एवं स्वास्थ्य सुविधा के लिए वर्तमान व्यवस्था प्रभावी नहीं है अर्थात् इस वर्तमान व्यवस्था में कुपोषण के स्तर में कमी लाने में कठिनाई होगी। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे चरण-4 में जिले में कुपोषण की दर 36 प्रतिशत (कम वजन) रही है। अंतर्राष्ट्रीय एजेंसिया - विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ जैसी संस्थाओं का मानना है कि कोविड-19 के कारण कुपोषण में बढ़ोतरी हो सकती है। कुपोषण की रोकथाम के लिए कारगर कदम उठाये जाने की आवश्यकता है। चूंकि स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सुविधा अति आवश्यक है, छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस तथा गरम भोजन प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री से अनुमोदन प्राप्त किया गया है।
सभी आंगनबाड़ी केन्द्र खोले जाएंगे पर जो कंटेनमेंट जोन में आते हो अथवा जिला प्रशासन द्वारा बंद रखने का निर्णय लिया गया है उन क्षेत्रों में केन्द्र संचालित नहीं होगा। 5 सिम्बर से 14 सितम्बर के मध्य केन्द्र प्रारंभ करने के पूर्व भवन का सेनिटाईजेशन किया जाएगा एवं केन्द्र के खोलने के बाद कोविड-19 के प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
भोजन तैयार करने हेतु निर्देश -
गरम भोजन तैयार करने के दौरान खाद्य स्वच्छता हेतु दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए। रसोइयां द्वारा मास्क का उपयोग किया जायें। बीमार होने की स्थिति में भोजन तैयार नहीं किया जायें। खाद्य पदार्थ की आपूर्ति के दौरान सावधानियां बरती जायें। बर्तन को साफ रखा जाये। कम से कम अथवा बिना संपर्क में आये भोजन परोसा जाये।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
