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April 05, 2026
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राजनांदगांव

राजनांदगांव (1743)

राजनांदगांव / शौर्यपथ / पढ़ई तुंहर दुआर योजना के अंतर्गत हमारे नायक में जगह बना कर जिले के मानपुर ब्लॉक की छात्रा कुमारी ख्याति खंडेलवाल ने जिले का मान बढ़ाया है। गोटाटोला जोन के मीडिया प्रभारी शेख अफजल ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण स्कूल बंद है। ऐसे समय मे बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग पढ़ई तुंहर दुआर योजना ले कर आई। इस योजना के माध्यम से बच्चे वर्चुअल क्लास से सुरक्षित अपने घरों में रहते हुए पढ़ाई से जुड़े हुए है। इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने अपने अधिकारिक वेब पेज पर हमारे नायक नाम से श्रृंखला प्रारंभ की है।
हमारे नायक में पूरे राज्य से उन शिक्षक और छात्रों को जगह मिलती है। जिन्होंने पढ़ई तुंहर दुआर योजना में उल्लेखनीय कार्य किया हो। मानपुर ब्लॉक के शासकीय उच्चतम माध्यमिक शाला मानपुर की छात्रा कुमारी ख्याति खंडेलवाल पूरे जिले में सबसे ज्यादा ऑनलाइन क्लास अटेंड करने वाली विद्यार्थी के रूप में हमारे नायक में जगह बनाने में कामयाब रही। ख्याति की इस कामयाबी में उनके पिता  नितेश खंडेलवाल एवं मां श्रीमती दीपाली खंडेलवाल और भाई संस्कार खंडेलवाल के साथ-साथ उनके शिक्षक अनिता देवांगन और रेणुका का भी महत्वपूर्ण योगदान है।
ख्याति ने बताया कि पढ़ई तुंहर दुआर के ऑनलाइन क्लास से उन्हें बहुत लाभ हुआ और उसे पूरे राज्य के शिक्षकों से सीखने का मौका मिला है। ख्याति ने अपने साथ-साथ अपने सहपाठियों को भी वर्चुअल क्लास के लाभ बता कर उन्हें ऑनलाइन क्लास से जोडऩे का काम किया। मानपुर वनांचल के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला मानपुर की कक्षा दसवीं की छात्रा कुमारी ख्याति खंडेलवाल का हमारे नायक के रूप में चयन होने पर मोहला-मानपुर के विधायक इंद्र शाह मंडावी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हेतराम सोम, जिला मिशन समन्वयक भूपेश साहू, एपीसी सतीश ब्यौहरे, मानपुर बीईओ नरेंद्र कुमार निरापुरे, बीआरआरसी जाहिदा खान, एबीईओ अरूण कुमार मरकाम और मानपुर ब्लॉक के सभी टीचर्स ने खुशी व्यक्त करते हुए छात्रा ख्याति खंडेलवाल के उज्ज्वल भविष्य की कामना किये है। मानपुर वनांचल की छात्रा का चयन स्टेट लेवल पर हमारे नायक के रूप में होने पर निश्चित रूप से राजनांदगांव जिले का मान पुरे राज्य में बढ़ा है।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / जनपद पंचायत छुरिया के ग्राम पंचायत रानीतालाब हमेशा विवादों के सुर्खियों में ही रहता है। यहां सरपंच, सचिव की मनमानी चल रही है। हाल ही में पूरे देश का राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त में तिरंगा नहीं फहराना समझ से परे है। ग्रामीणों ने बताया की राष्ट्रीय पर्व में भी सचिव का इंतजार करते रहे। पंचायत भवन में ताला लगा हुआ था। बताया जा रहा है कि 2019 पंचायत चुनाव के बाद से अभी तक सचिव मुश्किल से दस दिन ही आया होगा पंचायत कार्यालय में, जबकि अवकाश को छोड़कर प्रतिदिन कार्यालय में उपस्थित रहना चाहिए। ग्रामीणों ने पूर्व की तरह वार्ड पंचों के साथ मिलकर सरपंच के हाथों प्राथमिक शाला रानीतलाब के शाला प्रांगण में तिरंगा फहराया।
यहां पदस्थ सचिव की इतना दबंगई चलता है कि लोगों का बात ही नही सुनते। आए दिन यहां के जनता सचिव के व्यवहार से काफी परेशान हो रहे है। वहीं शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं जनता तक नहीं पहुंच पा रही है। लोग ये भी बताते है कि यहां पदस्थ सचिव की राजनीति में अच्छी खासी पकड़ है। यही कारण है कि संबंधित विभाग भी कार्यवाही करने से डरते है।
इस वर्ष शालाओं में कोविड-19 के कारण बच्चों की उपस्थिति भी नहीं रही, जबकि सचिव को अपने पंचायत भवन कार्यालय में 15 अगस्त को उपस्थित रहकर पंचायत भवन में राष्ट्रीय ध्वज को फहराया जाना था, लेकिन इस दिन भी सचिव नदारद रहे इससे पहले भी रानीतालाब पंचायत में फर्जी कारनामे, सचिव की अनुपस्थिति की शिकायत ग्रामीणों के द्वारा जनपद पंचायत छुरिया में शिकायत किया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई जांच न कोई कार्यवाही किया गया।
बताया जा रहा है जिससे लापरवाही बरत रहे लोगो को कुछ भी नहीं होने का हवाला देकर मनमानी करते जाते हैं, जिस पर जनपद पंचायत के अधिकारियों को संज्ञान में लेकर कार्यवाही किया जाना जरूरी हो गया है। साथ ही सचिव को प्रतिदिन पंचायत कार्यालय में उपस्थित रहने की आदेश दिया जाना आवश्यक है। पर सबसे बड़ी बात तो यह भी है कि गांव के लोग कहते हैं, जब से पंचायत भवन बना है अब तक उसका उद्धघाटन नहीं हुआ है और ना ही पिछले छ: सालों में अब तक स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस का झंडा पंचायत कार्यालय में नहीं फहराया गया है। इससे पता लगाया जा सकता है जिन्हें छुरिया विकासखंड के 118 पंचायतों का जिम्मेदार पद पर बैठा गया है वे जनपद में बैठ अधिकारी अपना कितना जिम्मेदारी निभा रहे है।
सरपंच संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र साहू से वर्जन लिया गया, जिसमें उनका साफ कहना हैं, अगर कोई भी पंचायत कार्यलय में झंडा नहीं फहराया तो गांव के प्रमुख होने के नाते सरपंच पहले जिम्मेदार है और उतने ही गांव के सचिव भी क्योंकि वो एक शासकीय कर्मचारी होने के नाते लोकतंत्र बहुत बड़ी बात है। पर सबसे पहले जिम्मेदारी गांव के मुखिया की है कि वे पंचायत कार्यालय में झंडा रोहण कराएं।
इस मामले में सरपंच कौशल्या बांधे से पूछा गया तो उनका साफ कहना था सचिव नहीं आये थे, इसलिए झंडारोहण नहीं किया गया।

राजनांदगांव / शौर्यपथ /  मोहला वनांचल के ग्राम मुनगाडीह में स्वतत्रंता दिवस के मौके पर आयोजित सादगी पूर्ण कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति और माध्यमिक शाला, प्राथमिक शाला के शिक्षकों की उपस्थिति में शिक्षा सारथियों का सम्मान किया गया। गोटाटोला जोन के मीडिया प्रभारी शेख अफजल ने बताया की कोरोना संक्रमण के कारण स्कूलों को बंद किया गया है। इस स्थिति में बच्चों को पढ़ाई से जोडऩे के लिए स्कूल शिक्षा विभाग पढ़ई तुंहर दुआर योजना ले के आई। इस योजना के माध्यम से बच्चों को ऑनलाइन वर्चुअल क्लास के माध्यम से पढ़ाई से जोड़ा जाना है लेकिन मोबाइल और नेटवर्क की समस्या के कारण कुछ बच्चे ऑनलाइन क्लास से जुड़ नहीं पा रहे हैं। इन बच्चों को पढ़ाई से जोडऩे के लिए मोहल्ला क्लास की शुरुआत की गई। इस योजना के माध्यम से बच्चों को उनके घरों के आसपास पढ़े लिखे युवाओं द्वारा सुरक्षित और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पढ़ाई करवाना है। मोहला विकासखंड के ग्राम मुनगाडीह में भी मोहल्ला क्लास का संचालन किया किया जा रहा है।

    मोहल्ला क्लास में शिक्षक सारथी के रूप में  पिल्ले राम कुंजाम, मंजू सलाम, दामिनी कोवाची अपनी सहभागिता दे रहे है। ग्राम मुनगाडीह में आयोजित इस कार्यक्रम में शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला मुनगाडीह संकुल डुमरटोला की टीम, विकासखंड मोहला से श्रीमति सरोज सिंह, टीकम सिंह नायक, मुन्ना लाल मोंगरे,  मोहन लाल कमरो, जितेंद्र कुमार सिन्हा, श्रीमती बेलास बाई कोरेटी (आंगनबाड़ी कार्यकर्ता),  धनेश कुमार कोवाची, रामसाय देशमुख, उत्तम कुमार और ग्राम के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। शिक्षा सारथियों के सम्मानित होने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी  रोहित कुमार अम्बादे, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी  राजेन्द्र कुमार देवांगन, बीआरसीसी  खोमलाल वर्मा ने सभी शिक्षकों और शिक्षा सारथियों को बधाई देते हुए इसमें निहित उद्देश्य के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सारथियों के सम्मान से निश्चित तौर पर उनका मनोबल बढ़ेगा और वे लगन से अपने कार्य को बेहतर रूप से करेंगे क्योंकि कोरोना महामारी के दौर में शिक्षा सारथी ही बच्चो और पढ़ाई के बीच मे सेतु की तरह कार्य कर रहे है। 

राजनांदगांव । शौर्यपथ । मोहला वनांचल के ग्राम मुनगाडीह में स्वतत्रंता दिवस के मौके पर आयोजित एक सादकी पूर्ण कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति और माध्यमिक शाला, प्राथमिक शाला के शिक्षकों की उपस्थिति में शिक्षा सारथियों का सम्मान किया गया। गोटाटोला जोन के मीडिया प्रभारी शेख अफजल ने बताया की इस कोरोना काल मे जब स्कूल बंद है तब बच्चो को पढ़ाई से जोड़ने स्कूल शिक्षा विभाग पढ़ई तुंहर दुआर योजना ले के आई। इस योजना के माध्यम से बच्चो को ऑनलाइन वर्चुअल क्लास के माध्यम से बच्चो को पढ़ाई से जोड़ा जाना है लेकिन मोबाइल और नेटवर्क की समस्या के कारण कुछ बच्चे ऑनलाइन क्लास से जुड़ नही पा रहे हैं। ऐसे ही बच्चो को पढ़ाई से जोड़ने के लिए मोहल्ला क्लास की शुरुआत की गई। इस योजना के माध्यम से बच्चो को उनके घरों के आसपास पढ़े लिखे युवाओ के माध्यम से सुरक्षित और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पढ़ाई करवाना है। मोहला विकासखंड के ग्राम मुनगाडीह में भी मोहल्ला क्लास का संचालन किया किया जा रहा है। मोहल्ला क्लास में शिक्षक सारथी के रूप में पिल्ले राम कुंजाम, मंजू सलाम, दामिनी कोवाची अपनी सहभागिता दे रहे है। ग्राम मुनगाडीह में आयोजित इस कार्यक्रम में शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला मुनगाडीह संकुल डुमरटोला की टीम, विकासखंड मोहला से श्रीमति सरोज सिंह, टीकम सिंह नायक, मुन्ना लाल मोंगरे, मोहन लाल कमरो, जितेंद्र कुमार सिन्हा के अलावा विशेष रूप से श्रीमती बेलास बाई कोरेटी (आंगनबाड़ी कार्यकर्ता), धनेश कुमार कोवाची, रामसाय देशमुख, उत्तम कुमार और ग्राम के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। शिक्षा सारथियों के सम्मानित होने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी रोहित कुमार अम्बादे, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र कुमार देवांगन, बीआरसीसी खोमलाल वर्मा ने सभी शिक्षकों और शिक्षा सारथियों को बधाई देते हुए इसमें निहित उद्देश्य के बारे में बताया है कि शिक्षा सारथियों के सम्मान से निश्चित तौर पर उनका मनोबल बढ़ेगा और वे लगन से अपने कार्य को बेहतर रूप से करेंगे क्योंकि इस कोरोना महामारी के दौर में शिक्षा सारथी ही बच्चो और पढ़ाई के बीच मे सेतु की तरह कार्य कर रहे है।

दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश में 8 हजार प्राईवेट स्कूलों में 15 लाख बच्चे अध्ययनरत है जिसमें से शिक्षा का अधिकार कानून के अंतर्गत प्रदेश के 6500 प्राईवेट स्कूलों में 2.85 लाख बच्चे अध्ययनरत् है। इन बच्चों को एक समान शिक्षा और सुविधा प्रदान किया जा रहा है, लेकिन फीस में भारी भिन्नता है, जिसको लेकर छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन विगत छह माह से लगातार सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों से यह मांग कर रही है कि फीस मे एकरूपता लाया जाना चाहिए।

निर्धारित शुल्क
नर्सरी से लेकर कक्षा पांचवी तक 7000 रूपये प्रति छात्र प्रति वर्ष
कक्षा छटवीं से लेकर आठवीं तक 11,400 रूपये प्रति छात्र प्रति वर्ष
कक्षा नवमीं से लेकर बारहवीं तक 15,000 रूपये प्रति छात्र प्रति वर्ष
राज्य सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित 2.85 लाख बच्चों के लिए क्षण शुल्क, प्रतिपूर्ति राशि प्रदेश के 6500 प्राईवेट स्कूलों को दिया जाता है।
पैरेट्स एसोसियेशन का कहना है कि राज्य सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा सभी प्राईवेट स्कूलों चाहे छोटे हो या बड़े सभी स्कूलों के लिए एक समान शिक्षण शुल्क निर्धारित किया गया, इससे यह प्रमाणित होता है कि राज्य सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग यह स्वीकार कर रही है कि जो शिक्षण शुल्क राज्य सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्धारित किया है वह जस्टिफाईड है।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों से यह मांग किया गया है कि जो शिक्षण शुल्क राज्य सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग ने आरटीई के बच्चों के लिए प्राईवेट स्कूलों में निर्धारित किया है और जो जस्टिफाईड है, वही शिक्षण शुल्क प्राईवेट स्कूलों में अन्य बच्चों से भी लिया जाना चाहिए।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / गांवों में स्वच्छता को बढ़ावा देने राज्य स्तर से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना अंतर्गत चार करोड़ 34 लाख रूपए के पुरस्कार दिए जाएंगे। ग्राम पंचायतों और प्रतिभागियों को गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर को पुरस्कृत करेंगे। राज्य स्वच्छता पुरस्कार-2020 के तहत स्वच्छ सुंदर शौचालय पुरस्कार के प्रत्येक विजेता हितग्राही को 5001 रूपए का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर दस-दस हितग्राहियों का चयन किया जाएगा। स्वच्छ सुंदर सामुदायिक शौचालय पुरस्कार जिला एवं राज्य स्तर पर दिए जाएंगे। जिला स्तर की विजेता ग्राम पंचायत को 21 हजार रूपए और राज्य स्तरीय विजेता पंचायत को एक लाख रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट सेग्रिगेशन शेड के लिए चयनित ग्राम पंचायत को एक लाख रूपए दिए जाएंगे। माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के लिए दो श्रेणियों में विजेताओं का चयन किया जाएगा। जिला स्तर की विजेता पंचायत को 21 हजार रूपए और राज्य स्तरीय विजेता को 51 हजार रूपए के पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
विद्यार्थियों में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने स्कूलों के माध्यम से उत्कृष्ट निबंध सृजन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जिला स्तर पर पूर्व माध्यमिक और हाईस्कूल दो अलग-अलग वर्गों में आयोजित इस प्रतियोगिता के दोनों वर्गों के विजेताओं को 21 हजार रूपए प्रथम पुरस्कार, 11 हजार रूपए द्वितीय पुरस्कार और पांच हजार रूपए तृतीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। जिला स्तर पर आयोजित उत्कृष्ट नारा लेखन प्रतियोगिता के तीन विजेताओं को 21 हजार रूपएए 11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। दीवार लेखन प्रतियोगिता के तहत जिला स्तर पर स्वच्छाग्रही या स्वसहायता समूह के प्रतिभागियों द्वारा दस सर्वश्रेष्ठ लेखन को प्रत्येक को पांच हजार रूपए का पुरस्कार दिया जाएगा।
प्लास्टिक मुक्त ग्राम पंचायतों को जिला एवं राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। जिला स्तरीय विजेता को 21 हजार रूपए और राज्य स्तरीय विजेता को एक लाख रूपए का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत काम कर रहे स्वसहायता समूहों में से उत्कृष्ट स्वच्छाग्रही समूह पुरस्कार के जिला स्तरीय विजेता को 21 हजार रूपए एवं राज्य स्तरीय विजेता को 51 हजार रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट बायोगैस संयंत्र पुरस्कार की विजेता ग्राम पंचायत को 51 हजार रूपए दिए जाएंगे। एस.ई.सी.एल. की सहायता से संचालित दिव्यांगों के लिए सामुदायिक शौचालय निर्माण की पायलट परियोजना के अंतर्गत तीन सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायतों को ढाई लाख रूपए, डेढ़ लाख रूपए और एक लाख रूपए के पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
सामुदायिक शौचालय के उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजायन प्रतियोगिता के तहत तीन वर्गों में पुरस्कार दिए जाएंगे। राज्य स्तरीय इस प्रतियोगिता में साढ़े तीन लाख रूपए, साढ़े चार लाख रूपए और साढ़े पांच लाख रूपए लागत के सामुदायिक शौचालय का उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजाइन प्रस्तुत करने वाले एक-एक आर्किटेक्ट या इंजीनियर को 51 हजार रूपए का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। सेग्रिगेशन शेड का उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजाइन बनाने वाले तीन विजेताओं को राज्य स्तर पर 21 हजार रूपए, 11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए के पुरस्कार दिए जाएंगे। गांव को स्वच्छ बनाने के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्ययोजना (Best working plan) सुझाने वाले तीन व्यक्तियों को 21 हजार रूपए, 11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसी तरह से ग्रामीण स्वच्छता के संबंध में सर्वश्रेष्ठ नवाचार का सुझाव देने वाले तीन प्रतिभागियों को 21 हजार रूपए, 11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए के पुरस्कार दिए जाएंगे।
इन प्रतिस्पर्धात्मक पुरस्कारों के साथ ही प्रदेश के एक जिले को एक करोड़ रूपए का स्वच्छता स्थायित्व पुरस्कार, तीन विकासखंडों को 50-50 लाख रूपए और पांच ग्राम पंचायतों को 20-20 लाख रूपए के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इन पुरस्कारों के लिए आवेदन 30 जुलाई से लिए जाएंगे। प्रविष्टि जमा करने की अंतिम तिथि 15 अगस्त रखी गई है। प्रविष्टि निर्धारित प्रारूप में आवेदन और फोटो के साथ संबंधित जनपद पंचायत के माध्यम से भेजी जा सकती हैं।
सामुदायिक शौचालय के उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजायन प्रतियोगिता, सेग्रिगेशन शेड के उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजाइन प्रतियोगिता, गांव को स्वच्छ रखने के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्ययोजना Best working plan और ग्रामीण स्वच्छता के संबंध में सर्वश्रेष्ठ नवाचार के सुझाव के लिए प्रविष्टि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के राज्य कार्यालय को भेजना होगा। अलग-अलग पुरस्कारों के लिए प्राप्त प्रविष्टियों के अंतर्विकासखंड दल, अंतर्जिला दल और राज्य स्तरीय दल या एजेंसी द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद विकासखंड स्तरीय, जिला स्तरीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कार चयन समिति द्वारा विजेताओं का चयन किया जाएगा।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आगामी त्यौहार को देखते हुए कोविड-19 की रोकथाम एवं जीवन की सुरक्षा के लिए सभी नागरिकों को सजगता और सतर्कता रखने कहा है। उन्होंने कहा है कि कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने के कारण जिले में दो सब्जी विक्रेताओं की मृत्यु हो गई है।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि भीड़ वाली जगहों में जाने से बचें। मास्क का प्रयोग करें एवं सोशल डिस्टेसिंग में रहे। सेनेटाईजर का उपयोग करें एवं हाथ को बार-बार साबुन से धोते रहे तथा स्वच्छता बनाए रखे। कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन कर जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाएं।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / भारत निर्वाचन आयोग द्वारा फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों का विशेष संक्षिप्त पुर्नरीक्षण अर्हता 1 जनवरी 2021 का पुर्नरीक्षण संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। जिसके अनुसार 16 नवम्बर 2020 को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा। 16 नवम्बर 2020 से 15 दिसम्बर 2020 तक दावा-आपत्ति लिए जाएंगे। 5 जनवरी 2021 को निर्वाचक रजिस्टीकरण अधिकारी द्वारा प्राप्त दावा-आपत्ति का निराकरण किया जाएगा एवं 15 जनवरी 2021 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
जिन नागरिकों की उम्र अर्हता तिथि 1 जनवरी 2021 को 18 वर्ष पूर्ण हो जाएगी, वे अपना नाम मतदाता सूची में जोडऩे हेतु प्रारूप-6 के माध्यम से अपने समीप के मतदान केन्द्र में आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। जिन मतदाताओं की मृत्यु हो गई है या अपने मतदान केन्द्र से बाहर निवास कर रहे हैं, शादी होकर ससुराल चले गए हैं, ऐसे मतदाता का नाम प्रारूप-7 के माध्यम से विलोपित किया जाएगा। मुद्रण त्रुटियों के लिए प्रारूप-8 के माध्यम से मुद्रण त्रुटियों के संशोधन हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।

घायल नक्सली के निशानदेही पर मोटोरोला हैंड सेट, एमआई का टेब, मोबाईल बैटरी, पेन ड्राईव, एम्युनेशन, नक्सल साहित्य एवं भारी मात्रा में मोबाईल चीप बरामद

राजनांदगांव / शौर्यपथ / पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग क्षेत्र, दुर्ग विवेकानंद सिन्हा के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला के मार्गदर्शन एवं गोरखनाथ बघेल के नेतृत्व में चलाये जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान 30.06.2020 को चौकी जोब अंतर्गत ग्राम कटेंगा एवं खोभा के बीच हुये पुलिस नक्सली मुठभेड़ में घायल डीव्हीसी एवं प्लाटून नंबर- 01 के कमांडर डेविड उर्फ उमेश उर्फ अगनान उईके उम्र 34 वर्ष निवासी सावली थाना कोरची जिला गढ़चिरौली को घायल हालत में पकड़ा गया था, जिसका मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव एवं रायपुर में ईलाज कराया जा रहा था। 31.07.2020 को मेडिकल कॉलेज रायपुर से छुट्टी दिया गया, जिसका कुरूक्षेत्र पुलिस लाईन राजनांदगांव में मरंटाईन के लिये रखा गया था, जिसका राजनांदगांव मेडिकल टीम के द्वारा कोरोना टेस्ट कराया गया।
रिपोर्ट निगेटिव आने पर विधिवत गिरफ्तार किया गया है। घायल नक्सली डेविड़ उर्फ उमेश को पूर्व में एके-47 रायफल, कारतुस, पिस्टल, पिठ्ठू के साथ दैनिक उपयोग का सामान जप्त किया गया था, आज उसके निशानदेही पर 1 नग मोटोरोला वायरलेस हैंड सेट, 1 नग एमआई मोबाईल सेट, 1 नग मोबाईल चार्जर, 17 नग मोबाईल चीप एवं 2 नग पेन ड्राईव, 31 कारतुस 22 कारतुस-14 नग, एके-47-2 नग, 9 एमएम-02 नग, 12 बोर-01 नग, एसएलआर-12 नग एवं नक्सल साहित्य बरामद किया गया। घायल नक्सली के विरूद्ध जिला राजनांदगांव में डेढ़ दर्जन जिला गोंदिया (महाराष्ट्र) में 13 एवं जिला गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) में 29 में हत्या, डकैती, मुठभेड़ एवं आगजनी जैसे गंभीर अपराध पंजीबद्ध है। उपरोक्त अपराधों में वैधानिक कार्यवाही किये जाने हेतु सूचित किया गया है।
उपरोक्त गिरफ्तार नक्सली के ऊपर छग शासन का 8 लाख, महाराष्ट्र शासन का 16 लाख एवं मध्य प्रदेश शासन का 5 लाख कुल 29 लाख रूपये का ईनाम घोषित है।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोरोना महामारी के दौर में भी डौंडीलोहारा विकासखंड के गांवों में स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता के साथ ही खासकर शिशु और शिशुवती माताओं का खूब ख्याल रखा जा रहा है। स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों को गति देते हुए अस्पताल के कर्मचारी अपनी पूरी निष्ठा के साथ लोगों की देखभाल कर रहे हैं।
इसी कड़ी में उप स्वास्थ केंद्र दुधली के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र कलकसा में गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए आयरन फोलिक एसिड और विटामिन सीरप का वितरण किया गया। इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अमृता ठाकुर, सहायिका सरिता ठाकुर और मितानिन सुनीति तिवारी की मौजूदगी में उप स्वास्थ केंद्र दुधली के सीएचओ भूमिका साहू, पुरूष आरएचओ गोपालकृष्ण व महिला आरएचओ मधुमति साहू ने बताया कि, यह खुराक पोषण और शक्ति के लिए दी गई है। उन्होंने बताया कि आयरन फोलिक एसिड गर्भवती महिलाओं के लिए और विटामिन बच्चों की सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। फोलिक एसिड भ्रुण में नसों के विकास में मदद करता है। गर्भावस्था में यदि आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया (शरीर में लौह तत्व की कमी) हो तो फोलिक एसिड बहुत जरूरी होता है। जटिलताओं से फोलिक एसिड शिशु में क्लेफ्ट लिप और पैलेट के खतरे को कम करता है। इसी तरह विटामिन बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए फायदेमंद होता है। इस मौके पर गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक भी किया गया।
नेशनल फॅमिली एंड हेल्थ सर्वे-4 (2015-16) के अनुसार राजनांदगांव जिले में लगभग 5 वर्ष से कम उम्र के 30 प्रतिशत बच्चों में खून की कमी है और 44.4 प्रतिशत महिलाओं (15-49 वर्ष) में भी खून की कमी है। गर्भवती महिलाओं में यह प्रतिशत 32 है। गर्भवती महिलाओं में खून की कमी मात्र मृत्यु का एक कारण है। अनीमिक महिला अक्सर अनिमिक बच्चे को जन्म देती है।

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