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April 05, 2026
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राजनांदगांव

राजनांदगांव (1743)

राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज एबीस ग्रुप द्वारा संचालित इंदामारा स्थित अजीज पब्लिक स्कूल में नि:शुल्क कोविड-19 सेन्टर का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि एबीस ग्रुप द्वारा कोरोना संक्रमण के कठिन दौर में लोगों की भलाई के लिए किया जा रहा यह सहयोग सराहनीय है। इस अवसर पर एबीस ग्रुप के प्रबंध निदेशक श्री बहादुर अली मौजूद थे। कलेक्टर ने कहा कि मरीजों को सीसीटीवी कैमरा एवं माइक के माध्यम से निर्देश दिया जाए। सेन्टर में जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी वे पूरा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कार्य करें। इस सेन्टर में केवल बिना लक्षण वाले मरीजों को रखा जाएगा। उन्होंने कोविड-19 सेन्टर की तारीफ करते हुए कहा कि शहर से दूर होने तथा आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य से मरीजों को अच्छा वातावरण मिलेगा। उन्होंने मेडिकल स्टाफ के लिए बनाए रूम का भी निरीक्षण किया।
आईबी ग्रुप के डायरेक्टर अंजुम अल्वी ने बताया कि 250 बेड के इस सेन्टर में कोविड-19 के मरीजों को नि:शुल्क सेवा प्रदान की जाएगी। सेन्टर में नाश्ता, भोजन, पेयजल, सीसीटीवी कैमरा, माइक तथा मोबाईल चार्जिंग तथा सेनेटाईजर की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है। मरीजों के लिए भोजन बनाने की व्यवस्था स्कूल किचन में ही की गई है। सेन्टर में 24 घंटे 2 एम्बुलेंस सेवा भी उपलब्ध रहेगी। जिससे आवश्यकता पडऩे पर मरीजों को मेडिकल कॉलेज में रेफर किया जा सके। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव श्री मुकेश रावटे उपस्थित थे। इस अवसर पर एबीस ग्रुप के एचआर प्रमुख अजीथ मणि, प्लांट मैनेजर पुष्पेन्द्र श्रीवास्तव, वेलनेस ऑफिसर दीपेश शेन्डे, अजीज पब्लिक स्कूल इंचार्ज सद्दाम रंगरेज, हाउसकिपिंग इंचार्ज गौरव मेश्राम उपस्थित थे।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी टोपेश्वर वर्मा ने नगर पालिक निगम क्षेत्र राजनांदगांव के अंतर्गत कृषि केन्द्रों को सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक खोले जाने की अनुमति प्रदान की है। वर्तमान में कोविड-19 संक्रमण की बढ़ती संख्या को दृष्टिगत रखते हुए नगर पालिका निगम क्षेत्र राजनांदगांव को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। साथ ही व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों द्वारा फसलों में अनेक प्रकार के कीट इत्यादि लगने से नुकसान होने की संभावना को देखते हुए कृषि केन्द्रों को खोले जाने की अनुमति देने के लिए निवेदन किया गया है।
जारी आदेश में कहा गया है कि कृषि केन्द्र में कृषि कार्य संबंधी सामग्री के अलावा अन्य कोई भी सामान विक्रय नहीं किया जाएगा। प्रतिष्ठानों पर सोशल डिस्टेंसिंग के पालन की जिम्मेदारी व्यवसायी की होगी। दुकानदार व ग्राहकों को मास्क का उपयोग एवं प्रतिदिन व्यवसायिक प्रतिष्ठान को सेनिटाईज किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। निर्देशों का पालन न करने अथवा समयावधि के बाद दुकान खुली पाए जाने पर संबंधित व्यवसायी के विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / अनुविभागीय दण्डाधिकारी डोंगरगढ़ ने शुक्रवार 11 सितम्बर 2020 शाम 7 बजे से शनिवार 19 सितम्बर 2020 सुबह 7 बजे तक नगरीय क्षेत्र डोंगरगढ़ के सभी व्यवसायिक संस्थान को बंद रखने के निर्देश दिए हंै। आदेश में कहा गया है कि नगरीय क्षेत्र डोंगरगढ़ में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण एवं कोरोना पॉजिटिव मामलों को दृष्टिगत रखते हुए जनप्रतिनधियों, सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों द्वारा लगातार की जा रही लिखित मांग पर संपूर्ण नगरीय क्षेत्र डोंगरगढ़ को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है।
इस प्रतिबंध से केवल अस्पताल, मेडिकल शॉप, शासकीय व अर्धशासकीय कार्यालय, बैंक, मिडिया (न्यूज पेपर वितरण), पेट्रोल पम्प एवं गैस एजेंसियों को मुक्त रखा गया है। सब्जी व फल मार्केंट बंद रहेगें। सब्जी व फल विक्रेता होम डिलीवरी या फेरी के माध्यम से घूम-घूम कर सब्जी व फल विक्रय कर सकते है। खाद्य प्रसंकरण से संबंधित उद्योग जैसे राईस मिल, दाल मिल, पोहा मिल आदि यथावत संचालित रहेंगे। दूध डेयरी सुबह 6 बजे से सुबह 10 बजे तक खोल सकते हैं। किन्तु डेयरी में दूध के अलावा अन्य सामग्री विक्रय की अनुमति नहीं होगी तथा शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक केवल होम डिलीवरी कर सकेंगे। किराना दुकानें बंद रहेंगी। किराना व्यापारी होम डिलीवरी के माध्मय से खाद्य सामग्री की आपूर्ति कर सकेंगे।
किसी भी प्रकार की सभा, आयोजन, जुलूस, जिम, पार्क, क्लब, धार्मिक स्थल, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रम पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे। सभी नागरिक अपने घर में ही रहेंगे। बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के क्रम में बाहर जाने पर सामाजिक दूरी के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करेंगे। किसी भी स्थिति में एक से अधिक व्यक्तियों को घर से बाहर जाने को प्रतिबंधित किया गया है। घर से बाहर जाने की स्थिति में प्रत्येक व्यक्ति को अनिवार्यत: अपना वैध प्रमाण पत्र साथ रखना होगा। नागरिकों द्वारा मास्क नहीं पहनने पर और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने पर अर्थदण्ड लगाने की व कोविड एक्ट के उल्लंघन के लिए दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी।
नगरीय क्षेत्र अंतर्गत समस्त संचालित बैंक का आम जनता के लिए कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया है। बाहर से आने वाले नागरिकों की सूचना शहरी क्षेत्र के निवासी नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्र के निवासी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को लिखित में देगे। इसमें किसी भी प्रकार की चूक होने पर उनके विरूद्ध भारतीय दण्ड संहित 1860 की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जायेगी। जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत व नगरीय निकाय इसकी सूचना विकासखंड चिकित्सा अधिकारी या विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक डोंगरगढ़ को देने कहा गया है।
जिनका भी कोरोना टेस्ट हुआ है, उन्हें रिपोर्ट आने तक घर से बाहर नहीं निकलने कहा गया है। नियम का उल्लंघन करने पर कठोर दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी। जिस भी क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया जायेगा, वहां क्षेत्र के नगरीय निकाय के कर्मचारी एवं ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायत के कर्मचारियों द्वारा आवश्यक सामग्री की आपूर्ति की जायेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना प्रोटाकॉल एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कृषि कार्य यथावत संचालित रहेंगे। निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा गया है। निर्देशों का उल्लंघन किए जाने पर दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 एपेडमिक एक्ट एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी।
आदेश के परिपालन के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त-
आदेश के परिपालन के लिए प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। जिसके अंतर्गत तहसीलदार डोंगरगढ़ श्री अविनाश ठाकुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है एवं सम्पूर्ण डोंगरगढ़़ क्षेत्र में शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डोंगरगढ़ श्रीमती बीपी एक्का को समस्त स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने, कोरोना टेस्ट तथा संपूर्ण ट्रेसिंग की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी डोंगरगढ़ श्री हेमशंकर देशलहरा को संपूर्ण नगरीय निकाय में सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क पहनाने का पालन, मुनादी कराने एवं कोरोना रोकथाम के लिए आवश्कय कार्रवाई तथा बाहर से आए व्यक्तियों की जानकारी एकत्रित करने एवं कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करवाने का कार्य दिया गया हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत डोंगरगढ़ श्री एलके कचलाम को संपूर्ण ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करवाना व बाहर से आये व्यक्तियों की जानकारी एकत्रित करने, विकासखंड शिक्षा अधिकारी डोंगरगढ़ श्री फत्तेराम कोसरिया को घरों का एक्टिव सर्विलिएन्स, अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग डोंगरगढ़ श्री जेके तिग्गा एवं अनुविभागीय अधिकारी वन डोंगरगढ़ श्री टीए खान को नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बेरिकेटिंग की व्यवस्था तथा थाना प्रभारी डोंगरगढ़ श्री एलेक्जेण्डर किर्रो को संपूर्ण नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र डोंगरगढ़ विशेष कर कंटेनमेंट जोन में कोरोना प्रोटोकॉल के परिपालन हेतु गस्त कराने, कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करवाने, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी, को कार्य में सहयोग करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज समय-सीमा की बैठक में कोविड-19 की रोकथाम के लिए शासन द्वारा जारी मापदण्ड के अनुसार कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने समय-सीमा में गिरदावरी कार्य, फसल बीमा क्षतिपूर्ति आंकलन, गोधन न्याय योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजना में ईमानदारीपूर्वक कार्य करते हुए प्रगति लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार बिना लक्षणों एवं कम लक्षण वाले मरीजों को होम आईसोलेशन की अनुमति प्रदान की जा सकती है। मरीज के परिवार के सदस्यों में बुजुर्ग, घर में गर्भवती महिला या गंभीर बीमारी से पीडि़त मरीज से दूर रहने की सलाह दें। मरीज के घर में अलग कमरा या शौचालय न हो तो मरीज के लिए कोविड केयर सेन्टर में व्यवस्था सुनिश्चित करना है। श्री वर्मा ने कहा कि जिले में कोरोना टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए। शासन के निर्देशानुसार घर के एक व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाता है तो परिवार के अन्य सदस्यों का उपचार तत्काल प्रारंभ किया जाए और उन्हें कोरोना संबंधी दवाई किट उपलब्ध कराई जाए। श्री वर्मा ने कहा कि वर्तमान में कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है, वह पूर्णत: वैज्ञानिक तरीके से मान्यता प्राप्त है। इसके संबंध में किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाह पर ध्यान न दे। सर्दी, खांसी, बुखार लक्षण वाले मरीज अनिवार्य रूप से जांच कराएं। सभी विकासखंड, तहसील एवं ग्राम पंचायत स्तर पर इसका प्रचार-प्रसार करें। जिससे स्वयं जागरूक होकर टेस्ट कराने के लिए पे्ररित हों।
कलेक्टोरेट वर्मा ने कोरोना मरीजों की चिकित्सा सलाह के लिए कन्ट्रोल रूप स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सभी समन्वित रूप से कार्य करें। यदि किसी कोरोना मरीज की मृत्यु होती है तो कोरोना के साथ अन्य बीमारी है तो इसका उल्लेख भी होना चाहिए। उन्होंने विकासखंड स्तर पर बनाए कोविड सेन्टरों में चिकित्सीय संसाधन आक्सीमीटर, बीपी मशीन, मधुमेह टेस्ट तथा भोजन, पेयजल, स्वच्छता की व्यवस्था होनी चाहिए। इन सेन्टरों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करें तथा निरंतर निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्यालय में ही रहे इसका कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने वन विभाग तथा आयुष विभाग को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काढ़ा एवं आयुर्वेदिक दवाई वितरण करने और इसका प्रचार-प्रसार करने कहा। कलेक्टर वर्मा ने कोरोना से मृत्यु होने पर मृतक शव का अंतिम संस्कार उसके गृह ग्राम में प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किया जाएगा।
कलेक्टर वर्मा ने एक सप्ताह में गिरदावरी कार्य तथा इसकी एन्ट्री साफ्टवेयर में करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान रकबा का भौतिक सत्यापन जरूर करें। जिन स्थानों पर गिरदावरी पूरा हो गया है वहां इसका प्रकाशन किया जाए एवं मुनादी किया जाए ताकि किसान अपने रकबे का मिलान कर सके। उन्होंने कहा कि राजस्व अमले की जिम्मेदारी कि वे ईमानदारीपूर्वक कार्य करें जिससे धान खरीदी के समय कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। गड़बड़ी पाए जाने पर एफआईआर किया जाएगा। श्री वर्मा ने कहा कि शासन द्वारा गोधन न्याय योजना एप्प बनाया गया है। इसी के माध्यम से गोबर खरीदी की जाएगी। इससे संबंधित नोडल अधिकारी एप्प डाउनलोड करके सभी जानकारी एन्ट्री करें।
इस एप्प के माध्यम से गोबर खरीदी से वर्मी कम्पोस्ट निर्माण में इसकी वास्तविक उपलब्धता की जानकारी मिलेगी। कलेक्टर ने कहा कि दो अक्टूबर को नवीन पंचायत भवनों का लोकार्पण किया जाना है। जिन भवनों का निर्माण कार्य शेष है उसे समय से पहले पूरा किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में शत प्रतिशत कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा से हुए फसलों की क्षति का अवलोकन कर जल्द ही क्षतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। श्री वर्मा ने कहा कि कुछ व्यवसायियों द्वारा सब्जी, दवाईयों का मूल्य बढ़ाकर बेचा जा रहा, इस पर सख्त कार्रवाई करें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा कि अगस्त के बाद प्रदेश में एवं जिले में कोरोना के केस बढ़े हैं। सर्दी, खांसी एवं बुखार के लक्षण वाले मरीजों की जांच 24 घंटे के भीतर की जानी है। ऐसे लक्षण वाले मरीज तत्काल स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को सैम्पल लेने की संख्या बढ़ाने को कहा। उन्होंने कहा कि अब तक जिले में 40 हजार सैम्पल लिए जा चुके हैं और 32 मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित मृतक का शरीर अत्यधिक कोरोना संक्रमित होता है। जिससे अन्य लोगों को संक्रमित होने की संभावना ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि सर्दी, खांसी एवं बुखार के लक्षण वाले मरीजों की जानकारी मितानीन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दे सकती हैं और उन्हें आईसोलेट किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें तो कोरोना संक्रमण से जरूर जीत पाएंगे। उन्होंने कहा कि मृत्यु दर को रोकने के लिए यह बहुत जरूरी है कि कोरोनो संक्रमित व्यक्ति समय पर इसकी जानकारी दें और समय पर जांच एवं उपचार कराएं। विलंब से बताने पर सांस लेने में कठिनाई एवं फेफड़े प्रभावित होते है इसीलिए समय पर उपचार इसका निदान है। अस्थमा, बीपी एवं अन्य बीमारियों से पीडि़त मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है। बैठक में अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए विकासखंड अधिकारी जुड़े रहे।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) का संक्रमण निगम सीमाक्षेत्र में तेजी से फैल रहा है, जिसके कारण गत दिनों निगम के जनप्रतिनिधियों का कोरोना पाजिटीव पाये जाने के उपरांत निगम के कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों का भी टेस्ट कराया गया और आम नागरिकों को कोरोना संक्रमण न हो इस बात को ध्यान में रखते हुये निगम कार्यालय आम नागरिकों के लिये 29 अगस्त 2020 तक उसके उपरांत 6 सितंबर तक प्रतिबंधित किया गया था। जिसे अब बढा कर 12 सितंबर तक प्रतिबंधित किया गया हैै। साथ जिलाधीश के निर्देश पर कोरोना संक्रमण के बढते प्रकोप को देखते हुये घर घर सर्वे के लिये अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी गयी है।
निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने बताया कि निगम क्षेत्र में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलने के साथ-साथ निगम का जनप्रतिनिधि एंव कर्मचारी संक्रमित पाये जाने के कारण (कोविड-19) के संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के अलावा नागरिकों को केारोना संक्रमण से दूर रखने के दृष्टिगत रखते हुये निगम कार्यालय को 22 अगस्त से 29 अगस्त 2020 तक आम नागरिकों के आने जाने हेतु पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया था। जिसे 1 सितम्बर से 6 सितम्बर 2020 बढाया गया था चुकि कोरोना संक्रमण शहर में अब भी तेजी से फैल रहा हैए जिसे ध्यान में रखते हुये आम नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुये आम नागरिकों के लिये दिनांक 7 सितंबर से 12 सितंबर 2020 तक निगम कार्यालय आना-जाना प्रतिबंधित किया जाता है। अति आवश्यक सेवा से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिये अपने वार्ड पार्षद से संपर्क करे, ताकि पार्षद भी निगम के संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों से दूरभाष (मोबाईल) में संपर्क कर समस्या का निराकरण करायेंगे। इसी प्रकार कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुये जिलाधीश के निर्देश पर घर-घर सर्वे करने अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गयी है, ताकि कोरोना संक्रमण की जानकारी मिल सके।
आयुक्त श्री कौशिक ने नागरिकों से अपील की है कि अति आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकले, मॉस्क व सेनेटाईजर का उपयोग करे, बार बार साबुन से हाथ धोवें तथा सोसल डिस्टेंसिंग का पालन करे, इसके अलावा सर्दी, खासी या बुखार के लक्षण होने पर नजदिकी स्वास्थ्य केन्द्र या डॉक्टर से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि सावधानी बरत कर ही हम कोरोना महामारी से लड सकते है। साथ ही उन्होंने नागरिकों से सर्वे टीम को सरदी खासीए बुखार या अन्य समस्या के संबंध में सही सही जानकारी देने की अपील की है, ताकि कोरोना संक्रमण की पहचान की जा सके एवं सही समय में उसका ईलाज कर कोरोना संक्रमण से बचा जा सके।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज शहर के रेल्वे स्टेशन मार्ग में स्थित समाज सेवी संस्था के श्री लोहाणा महाजनवाड़ी भवन नि:शुल्क कोविड-19 सेन्टर का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री वर्मा ने वहां की व्यवस्थाओं को देखकर सराहना की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के इस कठिन दौर में सामाजिक संस्था द्वारा की जा रही यह पहल प्रशंसनीय है। उन्होंने कोविड-19 सेन्टर में मरीजों के लिए बेड, मोबाईल चार्जिंग, पेयजल आदि व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि भवन को लगातार सेनेटाईज करते रहें। मरीजों की लिए डॉक्टर की टीम रखने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी को दिए। उन्होंने प्रोटोकॉल का पालान करते हुए कार्य करने को कहा। ताकि स्वयं को संक्रमित होने से बचाया जा सके।
जिले में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए समाजसेवी संस्था द्वारा श्री लोहाणा महाजनवाड़ी भवन को मरीजों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कराया है। यहां मरीजों के रहने, खाने, पेयजल की सुविधा पूर्णत: नि:शुल्क रहेगी। यहां इलाज के लिए भर्ती होने वाले मरीजों को नाश्ता, भोजन की व्यवस्था सिख समाज गुरूद्वारा श्री गुरूसिंघ सभा द्वारा की जाएगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव श्री मुकेश रावटे, तहसीलदार श्री रमेश मोर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर ट्रस्ट मंडल प्रमुख संजय भाई भोजाणी, श्री लोहाणा महाजन अध्यक्ष नाथाभाई रायचा, समाज के सेवाभावी सदस्य, ट्रस्ट मंडल से सुरेशभाई कोटक, हसमुखभाई रायचा, गिरीश भाई रायचा तथा वरिष्ठ सदस्य गिरीश भाई ठक्कर, नवयुवक मंडल से अध्यक्ष मनीष भाई साहिता सहित अन्य सदस्य शैलेष भाई गणात्रा, तरुण भाई आड़तिया, विक्की भाई रायचा, राम भाई ठक्कर व दर्पण भाई बुद्धदेव उपस्थित थे।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / गोटाटोला वनोपज सहकारी समिति में 22 लाख के घोटाले के मामले में पुलिस ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अमानत शाखा के लेखापाल को भी गिरफ्तार किया है। पूरे मामले में अब तक यह चौथी गिरफ्तारी है। इससे पहले समिति के चौकीदार मिलिंद गजभिये समेत प्रबंधक और अध्यक्ष को भी मोहला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि अमानत शाखा के लेखापाल मनीष कठाने को मामले में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
मिली जानकारी के मुताबिक मोहला थाना क्षेत्र के गोटाटोला वनोपज सहकारी समिति में कुछ समय पहले 22 लाख 50 हजार रुपए ठगी करने का मामला सामने आया था। इसमें सहकारी समिति के अध्यक्ष, वनरक्षक व अन्य लोग शामिल थे। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलार्फ मामला दर्ज किया था। इस दौरान सभी आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार वनोपज सहकारी समिति गोटाटोला के खाते से समिति प्रबंधक व अध्यक्ष से मिलीभगत कर मुख्य आरोपी मिलिंद गजभिये द्वारा अपने खाता में 22 लाख 50 हजार रुपए ट्रांसफर किया गया था। मामले में पुलिस ने स्टेशनपारा निवासी मनीष कठाने को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / बोरतलाव क्षेत्र में गुजरे माह एक कार और नगदी लूटने वाले डकैतों में से एक मुख्य आरोपी को पुलिस ने मध्यप्रदेश के रीवा शहर से गिरफ्तार किया है। वहीं डकैती में अन्य 7 आरोपियों को भी पुलिस ने दबोच लिया है। पूरे वारदात का मास्टर माइंड आकाश मिश्रा रीवा में पुलिस के हत्थे चढ़ा। वहीं सात आरोपियों में से कुछ बोरतलाव क्षेत्र के बागरेकसा और आसपास के गांव के हैं। गिरफ्तार आरोपियों में एक देवा उर्फ देवलाल बोरतलाव थाने का निगरानीशुदा बदमाश है। उस पर करीबन 15 से अधिक अपराधिक प्रकरण थाने में दर्ज है।
मिली जानकारी के मुताबिक गत् माह 25 अगस्त को भिलाई निवासी नागेश कुमार खटीक ने बोरतलाव थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसकी सफेद रंग की गाड़ी स्विफ्ट डिजायर कार को आकाश मिश्रा बुकिंग के नाम भिलाई से डोंगरगढ़ लेकर जाने का सौदा तय हुआ था। इस पर मैं अपने दोस्त नितिन को लेकर भिलाई से आकाश मिश्रा के साथ निकले थे। रास्ते में मुख्य आरोपी द्वारा अपने एक अन्य दोस्त के नाम से उसे लेने दूसरे मार्ग पर ले जाकर ग्राम बागरेकसा मडियान रोड के करीब रात्रि 10 बजे पूर्व सुनियोजित योजना के तहत एवं उसके साथियों के साथ मिलकर बीच सड़क में बड़े.बड़े पत्थर रखकर लूटपाट एवं मारपीट कर मोबाईल एवं नगदी रकम 5 हजार समेत सोने का चेन, सफेद रंग की स्विफ्ट कार को डकैती जैसे संगीन जुर्म को अंजाम दिया।
जानकारी के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में त्वरित कार्रवाई करते पुलिस थाना बोरतलाव द्वारा घटना घटित कर फरार आरोपी आकाश मिश्रा उर्फ अक्की 24 साल हाल निवासी भिलाई स्थायी निवास रीवा, देवलाल कंवर उर्फ देवा 36 साल व उनके साथी बलराम उर्फ बालाराम साहू, गणेशु उर्फ गोविंदलाल यादव, सूरजभान उईके, सुरूजलाल उर्फ सूरजलाल कोर्राम, डेविड नेताम और गोपी उर्फ बुधारू पड़ोती सभी ग्राम बागरेकसा निवासी को विधिवत 6 सितंबर को पर्याप्त सबूत मिलने पर गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय डोंगरगढ़ रिमांड पर भेजा गया। उक्त कार्रवाई में बोरतलाव के उनि तारनदास डहरिया, सउनि धनेश्वर ध्रुव, आर. दिनेश वर्मा एवं तकनीकी सेल राजनांदगांव के साथ थाना सोहागी रीवा मध्यप्रदेश पुलिस का विशेष योगदान रहा।

० कोविड-19 के मरीजों को भर्ती कराने एवं भोजन व्यवस्था के लिए दिए भवन
० सभी सुविधाएं होगी निःशुल्क
राजनांदगांव / शौर्यपथ / शहर में बढ़ते कोरोना मरीजों को देखते हुए और मरीजों को बेहतर उपचार मिले इस उद्देश्य शहर की चार संस्थाओं ने आगे आकर एक अच्छी पहल शुरू की है शहर के चारों संस्थाओं ने अपने भवन निशुल्क उपलब्ध कराएं हैं तथा भोजन की भी व्यवस्था निःशुल्क की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार कोविड-19 के मरीजों को भर्ती करने के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध हो इस उद्देश्य से शहर की 4 संस्थाओं उदयाचल, महाजन बाड़ी, एबीस ग्रुप एवं युगांतर ग्रुप ने अपने भवन निःशुल्क दिए हैं और मरीजो को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उन्हें नाश्ता और भोजन भी निःशुल्क दिया जाएगा। उदयाचल में उदयाचल संस्थान एवं शांति विजय सेवा समिति द्वारा यहां कोविड-19 के मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया है। वहीं महाजन बाड़ी में भजनबाड़ी और गुरुद्वारा सेवा समिति द्वारा यहां भर्ती होने वाले कोविड-19 के मरीजो को भोजन एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। इसी के साथ-साथ एबीस ग्रुप द्वारा अजीज पब्लिक स्कूल और युगांतर ग्रुप द्वारा युगांतर इंजीनियरिंग कॉलेज को भी कोविड-19 के मरीजों के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है, जहां मरीजो के भर्ती का सिलसिला 8 सितंबर से शुरू हो जाएगा। इन दोनों संस्थाओं में भी कोविड-19 के मरीजों को नि-शुल्क नाश्ता एवं भोजन दिया जाएगा तथा अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मिथलेश चौधरी, एसडीएम मुकेश रावटे सहित संस्था के पदाधिकारी मौजूद थे।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / शहर मे लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमित मरीजों को देखते हुए प्रशासन की सहायता, मरीजों को बेहतर इलाज एवं निःशुल्क भोजन व्यवस्था के उद्देश्य से नगर की समाजसेवी-स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाते हुए गुरुद्वारा श्री गुरूसिंघ सभा (सिक्ख समाज) द्वारा भी पीड़ित मानवता की सेवा का निर्णय किया गया है। गुरुद्वारा श्री गुरूसिंघ सभा द्वारा महाजनवाड़ी में कोविड-19 के मरीजों को निःशुल्क नाश्ता तथा भोजन की सेवा प्रदान की जा रही है। इस हेतु पूरे राशन, रसद तथा सामान की व्यवस्था सिक्ख समाज द्वारा की जा चुकी है तथा प्रबंधक कमेटी द्वारा प्रशासन को यह आश्वासन दिया गया है कि कोरोना संक्रमण की वैश्विक आपदा की इस प्रतिकुल परिस्थिति में भविष्य में भी जिस सहयोग की आवश्यकता होगी तो सिक्ख समाज यथासंभव मदद करने हेतु तैयार है।

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