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मुंगेली / शौर्यपथ / कलेक्टर पी.एस.एल्मा ने अपने भ्रमण के दौरान कल 24 जून को जिले के विकास खण्ड मुख्यालय लोरमी पहुॅचे और वहां स्थानीय विश्राम भवन मे अचानकमार अभ्यारण और राजस्व विभाग के अधिकारियो की संयुक्त बैठक ली। बैठक मे उन्होने अचानकमार अभ्यारण क्षेत्र के लोगो के व्यवस्थापन के संबंध मे जानकारी प्राप्त की और संबंधितो को आवश्यक निर्देश दिये । इस अवसर पर लोरमी अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और वन विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
महापौर धीरज बाकलीवाल ने कलेक्टर डाक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे से की चर्चा
कलेक्टर ने कहा कि दुर्ग नगर के सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा देने पर रहेगा पूरा जोर
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग निगम के महापौर धीरज बाकलीवाल अपने प्रभारी मंत्रियो के साथ कलेक्टर डाक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे से चर्चा कर दुर्ग शहर के विकास के लिए रूपरेखा खींची। बैठक में निर्णय लिया गया कि दुर्ग में भी भिलाई की तरह ही खेलों का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करने के संबंध में प्रयास किए जाएंगे। वार्डों में चिन्हांकित स्थलों पर इंडोर स्टेडियम बनाए जाएंगे। ये मल्टीएक्टिविटी सेंटर होंगे। यहां बैडमिंटन, बास्केटबाल कोर्ट के साथ ही मल्टी एक्टिविटी के लिए जगह होगी। महापौर एवं कलेक्टर ने कहा कि ये एक तरह से रिफ्रेशिंग सेंटर की तरह होंगे।
बता दे कि महापौर बाकलीवाल के द्वारा चुनाव में भी ये वादा जनता से किया गया था कि दुर्ग निगम क्षेत्र को भी खेल की दिशा में आगे बढाने का प्रयास करेंगे . महापौर निर्वाचित होते ही बाकलीवाल ने अपनी टीम को इस दिशा में कार्य करने का निर्देश दे दिया था जिसके लिए महापौर की टीम ने महापौर के निर्देश पर एक रुपरेखा तैयार की .
महापौर ने कहा कि दुर्ग शहर हाकी के कद्रदानों का शहर रहा है। इस लिहाज से हाकी की परंपरा आगे बढ़ाये इसके लिए एस्ट्रो टर्फ जैसे मैदान की दिशा में कार्य किया जा सकता है। इसके अलावा बैठक में ओपन जिम पर सहमति भी बनी। बैठक में सभापति राजेश यादव एमआईसी सदस्य ऋषभ जैन, श्री दीपक साहू, मनदीप सिंह भाटिया, संजय कोहले तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं नगर निगम कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन उपस्थित थे।
बैठक में सभी ने कहा कि शहर के भीतर जमीन सीमित है। इसके लिए पांच हजार स्क्वायर फीट में भी बेहतर अधोसंरचना खड़ी की जा सकती है। इस दिशा में कार्य किया जाएगा। बैठक में तालाबों के सौंदर्यीकरण का भी मुद्दा रहा। तालाबों को प्रदूषण मुक्त करने , इनके किनारे सौंदर्यीकरण का कार्य करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही सघन पौधरोपण का निर्णय भी लिया गया। इसके लिए कलेक्टर ने कहा कि ट्री गार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। निगम के पदाधिकारियों ने प्रस्ताव रखा कि पीडब्ल्यूडी की काफी जमीने शहर में हैं। राजेंद्र चैाक से ग्रीन चौक तक, उधर पटेल चैाक तक , पुलगांव चैाक नदी रोड से नयापारा चौक तक, उतई टेम्पो स्टैंड से पोटिया चैाक होते हुए महाराजा चैाक तक , यह अगर निगम को उपलब्ध हो जाए तो निगम इनके लिए प्लानिंग कर सकता है। निगम पदाधिकारियों ने मानस भवन के सामने के बरामदे को स्वामित्व में देने का प्रस्ताव रखा ताकि उसमें भवन बना सके। इससे निगम की आय भी बढ़ सकेगी और शहरवासियों को भी सुविधा मिल सकेगी। निगम पदाधिकारियों ने मल्टी स्टोरी हेतु इंदिरा मार्केट की जमीन के आवंटन की माँग भी रखी। एक अच्छे स्वीमिंग पुल की मांग भी रखी। ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना हेतु 30 एकड़ जमीन के चिन्हांकन का प्रस्ताव भी उन्होंने रखा। प्रत्येक वार्ड में वार्ड कार्यालय के लिए नजूल भूमि की आवश्यकता भी उन्होंने जताई। शहर के किसी निगम स्कूल में इंग्लिश मीडियम आरंभ करने की बात भी कही।
बैठक में महापौर बाकलीवाल ने कहा कि निगम बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करने के साथ ही दुर्ग में ऐसे ठोस काम करना चाहता है जिससे आने वाली पूरी पीढ़ी को लाभ हो सके। शहर में स्पोट्र्स फैसिलिटी, आडिटोरियम आदि की व्यवस्था होने से नागरिक समुदाय को मनोरंजन एवं सांस्कृतिक विकास के अवसर भी उपलब्ध होंगे। कलेक्टर ने कहा कि दुर्ग नगर के सौंदर्यीकरण एवं बुनियादी सुविधाओं के विकास पर पूरा जोर रहेगा। अभी यह देखा गया है कि मुख्य सड़क के इस ओर तो सौंदर्यीकरण का काफी कार्य हुआ है लेकिन अपेक्षाकृत सड़क का दूसरा छोर इस मामले में पीछे है। शहर के सौंदर्यीकरण में इस संबंध में भी प्लान किया जाएगा।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / जिला पंचायत सभाकक्ष में गुरूवार को जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यनिता यशवंत चंद्रा की अध्यक्षता में सामान्य प्रशासन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल मौजूद रहे।
बैठक में जिला पंचायत के सदस्यों के प्रशिक्षण को लेकर चर्चा की गई। सदस्यों को जानकारी दी गई कि कोरोना महामारी के चलते प्रशिक्षण को स्थगित किया गया था, इसलिए जैसे ही नई तारीख आएगी सदस्यों को प्रशिक्षण की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद सदस्यों को जिला पंचायत में आय-व्यय के अनुमोदन एवं जिला पंचायत में संचालित विभिन्न योजनाओं के खातों के आय-व्यय के संबंध में चर्चा हुई। सदस्यों को जिला पंचायत के आय-व्यय की जानकारी से अवगत कराया गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय आजीविका मिशन, महात्मा गांधी नरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, गौण खनिज, 14 वें वित्त, मूलभूत योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण आंतरिक विद्युतीकरण, मुख्यमंत्री कौशल विकास प्राधिकरण आदि योजनाओं के आय-व्यय की जानकारी दी गईं। जिला पंचायत के तहत कार्यरत कर्मचारियों की सेवा के संबंध में जानकारी दी गई। महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सदस्यों को महिला बाल विकास विभाग अधिकारी ने परियोजनावार जानकारी दी। इस दौरान सदस्यों ने रेडी टू ईट पर चर्चा करते हुए कहा कि उन समूह का ही चयन किया जाए जो नियमों के तहत कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही रेडी टू ईट में विशेष निरीक्षण समिति गठित करने की बात सदस्यों ने कही। इसके अलावा आंगनबाड़ी केन्द्रों में दी जाने वाली सेवाओं के बारे में सदस्यों को बताया गया। न्यायालयीन प्रकरणों के अंतर्गत शिक्षक (एलबी), शिक्षक पंचायत संवर्ग संबंध में नियुक्ति, पदोन्नित, न्यायालीन प्रकरण, संविलियिन, नियमितीकरण एवं एरियर्स के भुगतान पर चर्चा की गई। जिला पंचायत उपाध्यक्ष राघवेन्द्र प्रताप सिंह, सदस्य रामकुमार साहू, गणेशराम साहू, श्रीमती कुसुम साव, श्रीमती जयकांता राठौर, निर्मल सिन्हा, श्रीमती शिवकुमारी रात्रे, श्रीमती विद्या सिदार, धरमलाल भारद्वाज सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाईनगर विधायक व महापौर देवेंद्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार लगातार किसान के हित के लिए काम कर रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के किसान और गोपालकों के हित और विकास के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने एक और अहम फैसला लिया है। प्रदेश सरकार 21 जुलाई को हरेली त्योहार के दिन गोधन न्याय योजना की शुरूआत करने वाली है। सरकार की यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी। गो पालकों और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने उनके हित और विकास के साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सीएम श्री भूपेश बघेल जी ने यह योजना बनाई है।
इसके लिए भिलाई नगर विधायक व महापौर देवेंद्र यादव ने सीएम बघेल का दिल से आभार जताया है। विधायक व महापौर देवेंद्र यादव ने प्रदेश सरकार का दिल से आभार जताते हुए आगे कहा कि प्रदेश सरकार जिस तेजी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिस तरह से काम कर रही है। उससे आने वाले समय पर किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। किसान और गोपालक गोबर बेच कर अच्छी आय कमा पाएंगे साथ ही सीएम जैविक खेती की ओर किसानों को अग्रसर कर रहे हैं। मुख्यमंत्री बघेल की दूरदर्शिता,बेहतर प्लानिंग किसानों और गोपालाकों को आत्मनिर्भर बनाएंगी।
गोधन न्याय योजना के तहत सरकार अब गोपालकों से गोबर खरीदेगी। इसका इस्तेमाल एक ओर जहां सड़क पर आवारा घूम रहे पशुओं को रोकने में होगा, वहीं गोबर से वर्मी कंपोस्ट खाद बनाई जाएगी। इसे बाद में किसानों, वन विभाग और उद्यानिकी विभाग को दिया जाएगा। गोबर खरीदी की शुरुआत गोधन न्याय योजना के तहत सरकार 21 जुलाई को हरेली त्योहार के दिन से करेगी। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा जो गोबर की खरीद करेगा। जब सरकार खुद गोबर की खरीदी करेगी तो किसान गो पालन की ओर अग्रसर होंगे। किसान पशुपालन करने लगेंगे तो जाहिर सी बात ही है कि दूध, दही, धी का उत्पादन बढ़ेगा। इससे भी किसानों का आय बढ़ेगा। जैविक खेती से किसान कम खर्च में गाय के गोबर से ही खाद बनाकर उपयोग करेंगे। इससे रसायनिक खाद का उपयोग घटेगा औैर खेती का खर्च भी कम होगा। साथ ही उत्पादन बढऩे के साथ ही बिना रसायिक खाद वाले पौष्टिक धान , सब्जी आदि का उत्पान होगा। जिससे स्वास्थ्य भी बेहतर होगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / जिले में संचालित किशोर न्याय बालको की देखरेख व संरक्षण अधिनियम 2015 की धारा 41 के अंतर्गत पंजीकृत बाल संस्थाओं में निवासरत देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को किशोर न्याय, बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम 2015 की धारा 44 तथा मॉडल गाइड लाइन फॉर फॉस्टर केयर 2016 के प्रावधानानुसार अस्थाई संरक्षण में दिए जाने हेतु फॉस्टर केयर में भारतीय दम्पत्तियों से आवेदन आमंत्रित हैै।
फॉस्टर केयर परिवार का दायित्व होगा कि वह बालक को समुचित भोजन, वस्त्र, आश्रय, शिक्षा-उच्च शिक्षाए देखभाल एवं संरक्षणए आवश्यकतानुसार सभी प्रकार की चिकित्सा, उपचार, आयु एवं रूचि अनुसार व्यवसायिक प्रशिक्षण, बालक की विकास संबंधी आवश्यकताओं की पूर्तिए बालक की शोषण, दुव्र्यवहार, हानिए, उपेक्षा से सुरक्षा तथा बालक एवं उसके जैविक परिवार की निजता का सम्मान करें। इसके साथ ही फॉस्टर केयर मार्गदर्शिका 2016 में उल्लेखित सभी दायित्व एवं शर्तों तथा बालक कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण ईकाई के निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा। ऐसे भारतीय दंपत्ति जो देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को अस्थाई रूप से संरक्षण में लेना चाहते है, वे कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी जिला बाल संरक्षण अधिकारी, महिला एवं विभागए पांच बिल्डिंग परिसर, जिला दुर्ग फोन नं 0788.2213363 में संपर्क कर निर्धारित प्रपत्र में कार्यालयीन समय में आवेदन कर सकते है। आवेदन के पश्चात् उक्त अधिनियम एवं गाइड लाइन के प्रकाश में गृह अध्ययन प्रतिवेदन तथा स्पान्सरशिप एवं फास्टर केयर अनुमोदन समिति की अनुशंसा के आधार पर जिले की बाल कल्याण समिति द्वारा देखरेख एवं संरक्षण हेतु बालकए संबंधित दंपत्ति को फॉस्टर केयर में दिया जा सकेगा।
कलेक्टर ने खनिज , पर्यावरण राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों की ली बैठक ,कहा अवैध उत्खनन व परिवहन पर रखे नजर
दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भूरे ने अवैध उत्खनन व परिवहन पर लगातार नजर रखने तथा ऐसी स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आज खनिज ,राजस्व पुलिसवन और पर्यावरण विभाग की बैठक लेकर ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस व आरटीओ का सहयोग लें तथा वन चैकियों पर भी वाहनों की जांच हो। उन्होंने कहा कि अभी रेत खनन पर पूर्णत: प्रतिबंध है।केवल लाइसेंस धारी जिन्होंने रेत का पूर्व में भंडारण किया है रेत का परिवहन और विक्रय कर सकते हैं।जिसके लिए पृथक से पास जारी होगा।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भी इस विषय को लेकर काफी गंभीर हैं। अत: सभी संबंधित विभागों के अधिकारी टीम बनाकर कार्य करें। उन्होंने ईंट निर्माण के लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद भी ईंट निर्माण कार्य करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। बैठक में खनिज अधिकारी गोलघाटे ने बताया कि 2019-20 में अवैध उत्खनन के 9 प्रकरणों पर कार्रवाई कर 2 लाख 60 हजार व अवैध परिवहन के 292 मामलों पर कार्रवाई कर 50 लाख 90 हजार का जुर्माना वसूला गया। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में अब तक अवैध उत्खनन के 2 मामलों में 92 हजार व परिवहन के 81 मामलों में 15 लाख 33 हजार का जुर्माना वसूला गया।
बैठक में डीएफओ के आर बढ़ाई ,एसडीएम दुर्ग खेमलाल वर्मा, डीएसपी शौकत अली ,आरटीओ से अतुल विश्वकर्मा तथा सी ई सी बी से डॉ अनिता सावंत व केमिस्ट शिवप्रसाद मौजूद थे। बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पाटन और धमधा में अनुविभागीय अधिकारी भी शामिल हुए।
रायपुर / शौर्यपथ / भाजपा नेता सरोज पांडे ने झीरम मामले में बयान पर दुख और पीड़ा व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि महिलायें तो ममता की मूर्ति होती है, सरोज पांडे एक महिला होने के बावजूद कभी झीरम के शहीदों के परिवारजनों की पीड़ा को क्यों नहीं समझा? सरोज पांडे जी के केन्द्र सरकार में बड़े पदों में बैठे लोगों से अच्छे संबंध है। सरोज पांडे ने छत्तीसगढ़ की बड़ी नेता होने के बावजूद कभी भी झीरम के आपराधिक राजनैतिक षडय़ंत्र की जांच के लिये प्रयास क्यों नहीं किया? झीरम पर बयान देने के बाद सरोज पांडेय जी को पूरी जिम्मेदारी से बताना चाहिये कि आत्मसमर्पित माओवादी नेता गुंडाधुर से एनआईए ने झीरम की साजिश पर पूछताछ क्यों नहीं की? एनआईए ने झीरम के आपराधिक राजनैतिक षडय़ंत्र की जांच क्यों नहीं की? रमन्ना और गणपति के नाम एनआईए की पहली चार्जशीट में थे, फाइनल चार्जशीट में क्यों और किसके कहने पर हटा दिये गये? देश के सबसे बड़े और घातक नक्सली हमले में नक्सलियों के शीर्ष नेताओं को बरी कर दिया गया और दंडकारण्य अंचल के नक्सली नेताओं को ही आरोपी बनाया गया जबकि कोई भी साजिश शीर्ष नेताओं की सहमति, अनुमति और भागीदारी के बिना संभव ही नहीं होती। साजिश करने वालों की जांच, गिरफ्तारी और पूछताछ के बजाय उनके नाम हटाकर केन्द्र सरकार की एजेंसी एनआईए ने क्या संदेश दिया है। गूढ़ राजनीति को समझने वाली और करने वाली सरोज पांडे जी इन बातों को नहीं समझती, ऐसी बात नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि क्या सरोज पांडे झीरम की साजिश के सबूत एनआईए को इसलिये सौपवाना चाहती है कि इन सबूतों को भी रमन्ना और गणपति के खिलाफ पहले मिले सबूतों की ही तरह खत्म किया जा सके। 2013 में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा और भाजपा की विकास यात्रा को धमकी देने वाली माओवादी विज्ञप्ति गुड़सा उसेन्डी ने ही जारी की थी। शीर्ष नक्सली नेताओं में एक गुंडाधुर के आत्मसमर्पण के बाद से एनआईए ने कभी भी गुंडाधुर से झीरम की साजिश के बारे में पूछताछ क्यों नहीं की? छत्तीसगढ़ विधानसभा में झीरम मामले की सीबीआई जांच की घोषणा के केन्द्र सरकार ने सीबीआई जांच नहीं कराने की सूचना राज्य सरकार को पत्र लिखकर 3 दिसंबर 2016 को दे दी थी। इसके बाद रमन सिंह सरकार दो साल तक दिसंबर 2018 तक सत्ता में रही लेकिन केन्द्र सरकार द्वारा सीबीआई जांच नहीं कराने का फैसला और दूसरी सूचना देने वाले पत्र को झीरम के शहीदों के परिजनों, छत्तीसगढ़ की आम जनता और मीडिया तक से क्यों छुपाकर रखा? यहां तक कि जिसकी मांग पर जांच की घोषणा रमन सिंह सरकार ने विधानसभा के पटल में की थी, उस विपक्षी दल कांग्रेस से भी इस जानकारी को क्यों छिपाया गया?
// प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को आगामी तीन माह सितम्बर 2020 तक बढ़ाने का किया अनुरोध
// राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अलावा राज्य द्वारा चिन्हांकित 14.10 लाख राशनकार्डधारी परिवारों को भी करें लाभान्वित
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कोरोना वायरस संक्रमण के कारण उत्पन्न हुई विषम परिस्थितियों में Óप्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजनाÓ को आगामी तीन माह हेतु सितम्बर 2020 तक बढ़ाने का अनुरोध किया है। उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अलावा राज्य द्वारा चिन्हांकित 14.10 लाख राशनकार्डधारी परिवारों को भी खाद्यान्न सुरक्षा के उद्देश्य से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत लाभान्वित करने की बात कही है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण उत्पन्न हुई विषम परिस्थितियों में केन्द्र सरकार द्वारा लागू Óप्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजनाÓ के माध्यम से देश में खाद्यान्न उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिली है। छत्तीसगढ़ में Óयूनिवर्सल पीडीएसÓ के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत मान्य 51.50 लाख राशनकार्डधारी परिवारों के अलावा राज्य द्वारा अपनी योजनाओं के माध्यम से भी अतिरिक्त 14.10 लाख राशनकार्डधारी परिवारों को खाद्यान्न सुरक्षा उपलब्ध करायी जा रही है। लॉकडाउन को धीरे-धीरे एवं सावधानीपूर्वक खोलते हुए आर्थिक गतिविधियां पुन: प्रारंभ की जा रही हैं, किन्तु स्थिति सामान्य होने में अभी काफी समय लगना संभावित है। वर्तमान में किसान, कृषि मजदूर, निर्माण क्षेत्र में कार्य करने वाले श्रमिक, उद्योगों में कार्य करने वाले श्रमिक तथा व्यवसायिक संस्थानों में काम करने वाले निम्न-मध्यम वर्गों के कर्मचारियों सहित अधिकांश जन साधारण के लिए अत्यंत कठिन परिस्थितियां हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हुए लिखा है कि वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए संकट ग्रस्त परिवारों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई Óप्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजनाÓ को आगामी तीन माह हेतु सितम्बर 2020 तक बढ़ाने का कष्ट करें। साथ ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अलावा राज्य द्वारा चिन्हांकित 14.10 लाख राशनकार्डधारी परिवारों को भी खाद्यान्न सुरक्षा के उद्देश्य से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत लाभान्वित किया जाए। नि:शुल्क खाद्यान्न के माध्यम से न केवल जरूरतमंद व्यक्तियों की रोजी-रोटी की चिन्ता कम की जा सकेगी, बल्कि जन साधारण में भी इसका सकारात्मक संदेश जाएगा। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जतायी है कि इस संबंध में प्रदेश के हित में इस अनुरोध पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
भिलाई / शौर्यपथ / पीडीएस के चावल का अवैध कारोबार करने वाले आरोपी को पकड़ा गया आरोपी के पास से 13 बोरियों में भरा साढे छह क्विंटल पीडीएस का चावल तथा परिवहन में प्रयुक्त वैन भी जप्त की गई। जब चावल की कीमत 15 हजार बताई गई है।
जेवरा सिरसा पुलिस ने बताया कि कल शाम को सूचना मिली कि करहिडीह चौक में वैन क्रमांक सीजी 7 एच 91 सिक्स सेवन में अवैध रूप से पीडीएस का चावल परिवहन किया जा रहा है। इस पर चौकी प्रभारी प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक निशांत पाठक ने तत्काल करहीडीह चौक पहुंचकर नाकेबंदी कर उक्त वैन को पकड़ा। तलाशी पर वैन के अंदर 13 बोरियों में करीब साढे 6 क्विंटल चावल भरा हुआ था। पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना नाम देबू लाल सिन्हा 25 वर्ष संजय नगर कुमारपारा सुपेला का रहने वाला बताया तथा चावल अखिलेश गुप्ता बागेश्वर ट्रेंस टो अनाज लाइन सुपेला का होना बताया। जांच के लिए पुलिस द्वारा खाद्य विभाग को मौके पर बुलाया गया चावल के गुणवत्ता का परीक्षण कराया गया। चावल पीडीएस का पाए जाने पर खाद्य निरीक्षक दीपा वर्मा की लिखित शिकायत पर आरोपी के खिलाफ 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वेन और चावल जप्त किया गया। जब चावल की कीमत 15000 रुपए बताई गई है।
भिलाई / शौर्यपथ / वार्ड पांच लक्ष्मी नगर सुपेला निवासी व चन्द्रा फाईन आर्टस के संचालक चंद्रशेखर गंवई जिनके द्वारा पॉवर हाउस बाबा साहेब अंबेडकर चौक का सौन्दर्यीकरण कार्य 18 जून 2010 को स्वीकृति राशि 968707 के तहत स्वीकृत हुआ जिसमें से अब तक 1 लाख 88 हजार रूपये ही काम का मिला है और 7 लाख 80 हजार 707 रूपये बकाया है। आज दस साल बीत जाने के बाद भी उक्त कलाकार एवं कांग्रेस नेता चंन्द्र्रशेखर गंवई अपना पेमेंट को लेकर मुख्यमंत्री के दरवाजे तक दस्तक दे चुके है, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नही हुई है। इससे दुखी कलाकार चंद्रशेखर गंवई ने कहा कि जब मेरे द्वारा निगम अधिकारियों से बार बार मिल कर बिल भुगतान करने का अनुरोध किया गया तो निगम के अधिकारियो ने बताया कि आपकी फाईल गुम हो गई है, जिसकी प्राथमिकी सहायक ग्रेड 2 के सुनिल कुमार तिवारी द्वारा 14 अक्टूबर 2014 को सुपेला थाना में प्राथमिकी सूचना दर्ज करने का कष्ट करें का आवेदन दिया गया है, लेकिन हकीकत यह है कि पुलिस द्वारा इस मामले में धारा 154 के तहत एफआईआर दर्ज करना चाहिए लेकिन मजेदार बात है कि पुलिस ने धारा 155 के तहत मामला बताते हुए उल्टा न्यायालय जाने का हवाला दे दिया। मजेदार बात यह है कि इतने बडे मामले में न ही उसके बाद कोई निगम अधिकारी ध्यान दिया और न ही पुलिस ने।
वैसे भी नगर निगम भिलाई फाईल गुमने और फाइर्ल जलने और चोरी होने के मामलों में हमेशा प्रदेश में नंबर वन रहा हैें लेकिन आज तक किसी भी मामले को न ही पुलिस ने ही भांडा फोड़ किया है और न ही निगम के अधिकारियों ने ऐसे मामले में कभी दिलचस्पी ली। इससे साफ जाहिर है कि निगम से फाईल चोरी होने और गुमने का कार्य नही होता है जान बूझकर उन फाईलों को गायब किया जाता है जिनसे निगम अधिकारियों कर्मचारियों को टेबल के नीचे से उपहार नही मिलता है या जिस मामले में निगम के अधिकारी और कर्मचारी फंसने वाले होते है, वहीं फाईल गायब कर दिया जाता है। उसका नतीजा चंद्रशेखर गंवई ही नही बल्कि सैकड़ों लोग अब तक भुगत रहे है।
आखिर निगम अधिकारियों और कर्मचरियों की गलती बेचारे गंवई जैसे लोग क्यों भुगते। निगम अधिकारियों को इस ओर ध्यान देकर जिस भी अधिकारी से या कर्मचारी से फाईल गुमने का कार्य होता है, उसपर कठोर कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए या जेल भेजना चाहिए। तब कहीं जाकर निगम से फाईल चोरी होने का मामला नही होगा। इस मामले मे ंपीडि़त चन्द्रशेखर गंवई कांग्रेस के नेता है और उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा है कि आखिर मेरी मूल नस्ती कहां गायब हो गई। और समय समय पर मैँ निगम अधिकारियेां से अपने भुगतान के लिए मिल मिल कर गुहार लगाता रहा हूं, लेकिन हमेेशा मुझे निराशा ही हाथ लगा। फाईन आर्टिस्ट एवं कांग्रेस नेता गंवई ने मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए कहा कि मैं दस सालों से अपने भुगतान को लेकर प्रताडि़त हो रहा हंूं। मैँ अपने जीवन के 26 सालों से कांग्रेस से जुड़ा रहा। कांग्रेस पार्टी के निर्देसानुसार जो भी मुझे जिम्मेदारी दी गई मैँ उससे पूरी ईमानदारी से निर्वहन करता रहा और जब भाजपा की सरकार थाी तो भाजपा और निगम क्षेत्र की समस्याओं को लेकर भी सदा मैँ धरना प्रदर्शन करता रहा, हो सकता है कि निगम के अधिकारी कर्मचारी इससे कारण मेरा भुगतान रोक कर रखे हैँ और मुझे परेशान कर रहे हैँ।
तात्कालीन भाजपा सरकार में कलेक्टर जनदर्शन 8 मई 2017 को टोकन क्रमांक 100217001894 निगम जनदर्शन 12 जून 2017 जिसका टोकन क्रमांक 17 महापौर आयुक्त 8 मई 2017 को भी अपने भुगतान के लिए शिकायत पत्र सौंपा हूं, लेकिन आज तक मुझे मेरे कार्य का भुगतान नही हो सका है। मुख्यमंत्री के ओएसडी मनीष बंछोर ने मुझे वर्तमान आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी से मुलाकात करने के लिए मुझे कहा था, जब मैं आयुक्त रघुवंशी से मिला तो उन्होंने भी सीधा पल्ला झाड़ते हुए स्पष्ट कहा कि आपके मामले की फाईल नही मिल रही है, भुगतान नही कर सकता हूं। उस समय कौन अधिकारी थे और क्या हुआ, मै नही जानता? आप बिल व्हाउचर और भुगतान आर्डर को जाकर देखें। जिम्मेदार अधिकारी द्वारा इस प्रकार का जवाबद देने से कही न कहीं कांंग्रेस सरकार के मुखिया और कांग्रेस सरकार की छवि खराब हो ही रही है, और इस गंवईजैसे कलाकारों का मनोबल भी गिर रहा है, इसके कारण उनके परिवार के सामने लॉकडाउन और कोरोना के इस संकट की घड़ी में आर्थिक स्थितियों का बूरी तरह सामना करना पड़ रहा है। यदि निगम चाहे तो गंवई का भुगतान हो सकता है क्येांकि जब 1 लाख 88 हजार रूपये भुगतान कर चुका है तो बाकी का भी भुगतान हो सकता है, क्योंकि अब डिजीटल युग है और जब भी कोई कार्य इस तरह का निगम द्वारा कराया जाता है तो फोटोग्राफी कराई जाती है, तो इसका भी फोटोग्राफी कराई ही गई होगी। उस आधार पर और जिस आधार पर 1 लाख 88 हजार रूपये भुगतान किया गया है,उस आधार पर गंवई का बिल का भुगतान किया जा सकता है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
