August 15, 2026
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    दुर्ग

    दुर्ग (5012)

    भिलाई। शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और सड़कों पर अवैध पार्किंग की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए नगर पालिक निगम भिलाई ने अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में निगम के जोन-3 राजस्व विभाग एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने पावर हाउस सर्विस रोड पर अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कई वाहनों को जब्त किया।

    निगम प्रशासन के अनुसार पावर हाउस सर्विस रोड पर सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े किए जाने के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा था। अवैध पार्किंग से न केवल यातायात बाधित हो रहा था, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी हुई थी। नागरिकों की सुविधा और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क पर अवैध रूप से खड़े वाहनों को हटाया और उन्हें जब्त कर लिया।

    कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए वाहनों को पुलिस प्रशासन के सहयोग से थाना छावनी पहुंचाया गया। निगम अधिकारियों ने वाहन चालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि सार्वजनिक सड़क, सर्विस रोड अथवा यातायात प्रभावित करने वाले स्थानों पर वाहन खड़ा करना नियमों का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें तथा सड़क पर वाहन खड़े कर यातायात व्यवस्था में बाधा उत्पन्न न करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर को व्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम यातायात उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अवैध पार्किंग के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।

    भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई ने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना एवं महिला समृद्धि बाजार योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की सूची जारी कर दी है। अब दावापत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र आवेदकों के बीच नियमानुसार लॉटरी के माध्यम से दुकानों एवं चबूतरों का किरायेदारी पर आवंटन किया जाएगा।

    निगम प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत 25 दुकानें एवं 8 चबूतरे, जबकि महिला समृद्धि बाजार योजना के तहत 6 दुकानों का विभिन्न स्थलों पर किरायेदारी के आधार पर आवंटन किया जाना है। इसके लिए इच्छुक नागरिकों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे।

    प्रारंभिक रूप से आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित थी, लेकिन अपेक्षित संख्या में आवेदन प्राप्त नहीं होने के कारण निगम ने अंतिम तिथि बढ़ाकर 25 जुलाई 2026 कर दी थी। विस्तारित अवधि तक प्राप्त आवेदनों के आधार पर अब आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    निगम मुख्यालय के सूचना पटल पर सभी प्राप्त आवेदनों की सूची दावापत्ति के लिए चस्पा कर दी गई है। निगम प्रशासन ने सभी आवेदकों से आग्रह किया है कि वे मुख्य कार्यालय पहुंचकर सूची में अपना नाम एवं आवेदन संबंधी विवरण का अवलोकन करें। यदि किसी आवेदक को सूची में दर्ज जानकारी पर कोई आपत्ति या दावा प्रस्तुत करना हो, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर दावापत्ति दर्ज करा सकता है।

    दावापत्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र आवेदकों के बीच संवर्गवार पारदर्शी लॉटरी प्रणाली के माध्यम से दुकानों एवं चबूतरों का आवंटन किया जाएगा।

    निगम प्रशासन ने सभी आवेदकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने आवेदन की स्थिति की जांच कर लें, ताकि आगामी आवंटन प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

    भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई ने शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के अभियान के तहत सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ एक बार फिर सख्त कार्रवाई की है। निगम आयुक्त एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर बुधवार 5 अगस्त को जोन क्रमांक-01 के वार्ड क्रमांक-03 अंतर्गत मॉडल टाउन स्थित विनोबा नगर क्षेत्र में विभिन्न दुकानों का निरीक्षण किया गया।

    निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग, डस्टबिन की व्यवस्था नहीं होना, अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) का अभाव तथा साफ-सफाई में लापरवाही पाई गई। निगम की टीम ने नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए कुल ₹2600 का जुर्माना वसूला।

    कार्रवाई के तहत संतोष किराना स्टोर पर सिंगल यूज प्लास्टिक मिलने पर ₹700, वर्मा किराना स्टोर पर सिंगल यूज प्लास्टिक के लिए ₹700 तथा डस्टबिन नहीं रखने पर ₹100, मंटू प्रसाद कानू पर सिंगल यूज प्लास्टिक उपयोग के लिए ₹500, आनंद पान पैलेस पर साफ-सफाई नहीं रखने पर ₹100 तथा चाय चस्का प्रतिष्ठान पर अनुज्ञप्ति लाइसेंस नहीं होने के कारण ₹500 का जुर्माना लगाया गया।

    निगम प्रशासन ने सभी प्रतिष्ठान संचालकों को भविष्य में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करने, परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, डस्टबिन की अनिवार्य व्यवस्था करने तथा आवश्यक अनुज्ञप्ति लाइसेंस प्राप्त करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी गई कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी नियमित रूप से कार्रवाई जारी रहेगी।

    भिलाई। भिलाई शहर के वरिष्ठ पत्रकार एवं 'इस्पात की धड़कन' के संपादक आर.पी. सिंह (70 वर्ष) का गुरुवार को निधन हो गया। उनके निधन से पत्रकारिता जगत, सामाजिक क्षेत्र और उनके असंख्य शुभचिंतकों में गहरा शोक व्याप्त है। उनके जाने से भिलाई की पत्रकारिता ने एक ऐसे निर्भीक, निष्पक्ष और जनसरोकारों के प्रति समर्पित व्यक्तित्व को खो दिया है, जिन्होंने अपने पूरे जीवन में पत्रकारिता को केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना।

    आर.पी. सिंह लंबे समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहे। उन्होंने सदैव सत्य, निष्पक्षता और सामाजिक सरोकारों को अपनी लेखनी का आधार बनाया। उनकी स्पष्ट सोच, सहज व्यवहार और जनहित के मुद्दों को मुखरता से उठाने की प्रतिबद्धता ने उन्हें पत्रकारिता जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। वे युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शक के रूप में भी सदैव याद किए जाएंगे।

    उनके निधन का समाचार मिलते ही भिलाई सहित पूरे दुर्ग जिले के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं शुभचिंतकों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें।

    स्वर्गीय आर.पी. सिंह का अंतिम संस्कार 6 अगस्त 2026 (गुरुवार) प्रातः 10:00 बजे रामनगर मुक्तिधाम, भिलाई में किया जाएगा। वे अपने पीछे तीन पुत्रियां—वंदना, विभा एवं वीणा सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

    शौर्यपथ परिवार दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार आर.पी. सिंह को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है तथा ईश्वर से उनकी पुण्य आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता है।

    दुर्ग। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से जुड़े कथित अवैध आयरन स्क्रैप परिवहन प्रकरण में एक नया और महत्वपूर्ण मोड़ सामने आया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने व्यवसायी हिमांशु खंडेलवाल को अग्रिम जमानत प्रदान करते हुए माना कि उनका नाम मूल एफआईआर में दर्ज नहीं है, उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं है और उनसे हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है।

    न्यायमूर्ति रेणुका सिंह की एकलपीठ ने 4 अगस्त को पारित आदेश में यह राहत प्रदान की। मामला मई 2026 में दर्ज कथित अवैध आयरन स्क्रैप परिवहन प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें पुलिस ने बिना वैध अनुमति स्क्रैप परिवहन के आरोप में दो ट्रकों को पकड़ा था और जांच के आधार पर अपराध दर्ज किया था।

    सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष स्पष्ट किया कि हिमांशु खंडेलवाल का नाम एफआईआर में कहीं भी दर्ज नहीं है। वे केवल मैसर्स हिमांशु ट्रेडर्स के संचालक हैं तथा संबंधित वाहनों का स्वामित्व वैध प्रक्रिया के तहत पहले ही तीसरे पक्ष को हस्तांतरित किया जा चुका था। इसके अलावा उनके कब्जे से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई और उनका कोई आपराधिक इतिहास भी सामने नहीं आया।

    दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि उपलब्ध परिस्थितियों में आवेदक की गिरफ्तारी या हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान कर दी।

    अब उठ रहे हैं बड़े सवाल

    हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और जनचर्चाओं में यह सवाल उठने लगा है कि जिस हिमांशु खंडेलवाल को दुर्ग पुलिस फरार बताती रही, उसका नाम मूल एफआईआर में दर्ज ही नहीं था। ऐसे में जांच की दिशा, आरोपी बनाए जाने की प्रक्रिया और पुलिस कार्रवाई को लेकर कई प्रश्न खड़े हो रहे हैं।

    हालांकि, इस संबंध में दुर्ग पुलिस का आधिकारिक स्पष्टीकरण अभी सामने आना बाकी है। पुलिस का पक्ष आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

    अब सबसे बड़ा सवाल यही है—यदि किसी व्यक्ति का नाम एफआईआर में ही नहीं था, तो उसे फरार घोषित करने का आधार क्या था? यही प्रश्न अब पूरे प्रकरण में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

      दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग पुलिस की एसीसीयू और पुलगांव थाना पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर 4.90 लाख रुपये चोरी करने वाले एक सुनियोजित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए शोरूम कर्मचारी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की रकम में से 1.57 लाख रुपये नकद, वारदात में प्रयुक्त दो पल्सर मोटरसाइकिल और एक एक्टिवा स्कूटी जब्त की है। शेष राशि की बरामदगी के लिए कार्रवाई जारी है।

    पुलिस के मुताबिक, 28 जुलाई को मुक्त नगर निवासी प्रमोद महेश्वरी अपनी कार में 4.90 लाख रुपये से भरा बैग लेकर पोटिया रोड स्थित उत्सव होंडा शोरूम पहुंचे थे। कुछ देर बाद लौटने पर उन्होंने कार का शीशा टूटा हुआ देखा और नगदी से भरा बैग गायब मिला। शिकायत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीसीयू और पुलगांव थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

    जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी भुवनेश्वर डहरिया उत्सव होंडा शोरूम में कर्मचारी है। उसने अपने साथियों तथा शोरूम की सहकर्मी सपना राजपूत के साथ मिलकर पहले से प्रार्थी की गतिविधियों की रेकी की थी। आरोपियों को जानकारी थी कि प्रमोद महेश्वरी अक्सर बड़ी रकम लेकर शोरूम आते हैं। इसी जानकारी का फायदा उठाते हुए सुनियोजित तरीके से कार का शीशा तोड़कर नगदी से भरा बैग चोरी कर लिया गया।

    पुलिस ने इस मामले में भुवनेश्वर डहरिया, संजय साहू, जितेंद्र कुमार साहू, सपना राजपूत और संतोष जोशी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरोह ने जिले या आसपास के क्षेत्रों में इस तरह की अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया है या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

      दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग यातायात पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर शराब के नशे में ट्रक चलाकर लोगों की जान खतरे में डालने वाले चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। ब्रीथ एनालाइजर जांच में चालक के शरीर में 424 एमएल अल्कोहल पाए जाने के बाद उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया।
    जानकारी के अनुसार, हाईवे पेट्रोलिंग टीम सिरसा गेट चौक के पास नियमित जांच कर रही थी। इसी दौरान एक ट्रक को रोकने का संकेत दिया गया, लेकिन चालक वाहन लेकर तेज गति से भाग निकला। पुलिस ने तत्काल वायरलेस के माध्यम से सूचना प्रसारित की, जिसके बाद नेहरू नगर चौक पर नाकाबंदी कर ट्रक को रोक लिया गया और चालक को हिरासत में लिया गया।

    चालक की ब्रीथ एनालाइजर से जांच करने पर उसके शरीर में 424 एमएल अल्कोहल की पुष्टि हुई। पुलिस ने इसे सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई की और आरोपी के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया।
    यातायात पुलिस ने कहा कि नशे की हालत में भारी वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों के जीवन के लिए भी बड़ा खतरा है। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिले में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

      दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिले में पहली बार शराब के नशे में यात्री बस चलाने वाले चालक के खिलाफ न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी चालक को तीन दिन के साधारण कारावास के साथ 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस कार्रवाई को सड़क सुरक्षा के प्रति प्रशासन के कड़े रुख के रूप में देखा जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार, यातायात पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के दौरान राजनांदगांव–दुर्ग–भिलाई मार्ग पर संचालित गुरुनानक ट्रेवल्स की यात्री बस को जांच के लिए रोका गया। बस चालक जितेंद्र देवांगन की ब्रीथ एनालाइजर से जांच करने पर उसके शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने तत्काल चालक के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 185 (नशे में वाहन चलाना) एवं धारा 184 (खतरनाक तरीके से वाहन चलाना) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया।

    प्रकरण की सुनवाई के बाद न्यायालय ने चालक को दोषी करार देते हुए तीन दिन के साधारण कारावास और 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। बताया जा रहा है कि दुर्ग जिले में शराब के नशे में यात्री बस चलाने के मामले में इस तरह की सजा का यह पहला मामला है।

    यातायात पुलिस ने आम नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि शराब या अन्य किसी नशीले पदार्थ के सेवन के बाद वाहन चलाने से बचें। नशे में वाहन चलाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यात्रियों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के जीवन को भी गंभीर खतरे में डालता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा के लिए भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान लगातार जारी रहेंगे।

    महिला कर्मचारी के वेतन से PhonePe-Paytm के जरिए कराते रहे ट्रांसफर, पुलिस ने पद के दुरुपयोग और गबन के आरोप में किया गिरफ्तार
    दुर्ग।
    शिक्षा के मंदिर में एक ऐसे मामले ने सनसनी फैला दी है जिसने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेन्द्र कुमार कुलदीप को दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से ₹1,49,384 की कथित हेराफेरी करने के आरोप में दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला थाना मोहन नगर में दर्ज किया गया है।
    पुलिस के अनुसार पीड़िता श्रीमती शुभांगी मराठे विश्वविद्यालय में अर्धकुशल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। वह आरोपी कुलसचिव के निवास पर भोजन बनाने का कार्य भी करती थीं। शिकायत और विश्वविद्यालय की जांच समिति की रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया कि उनका मासिक वेतन ₹11,515 निर्धारित था, लेकिन उन्हें केवल ₹2,200 ही दिए जाते थे। शेष राशि आरोपी द्वारा दबाव बनाकर PhonePe और Paytm के माध्यम से अपने परिचित उदय कुलदीप के खाते में ट्रांसफर कराई जाती थी।
    जांच में सामने आया कि यह कथित गबन 6 फरवरी 2025 से 4 जुलाई 2026 के बीच लगातार किया गया, जिसमें कुल ₹1,49,384 की राशि की हेराफेरी हुई।
    विश्वविद्यालय की जांच समिति की रिपोर्ट, बैंक अभिलेखों और यूपीआई लेन-देन के साक्ष्यों के आधार पर थाना मोहन नगर में अपराध क्रमांक 550/2026 दर्ज किया गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(4) के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने 51 वर्षीय भूपेन्द्र कुमार कुलदीप, निवासी विश्वविद्यालय परिसर, को गिरफ्तार कर लिया। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।
    थाना प्रभारी निरीक्षक केशव राम कोशले के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति अपने पद का दुरुपयोग कर आर्थिक शोषण, अवैध वसूली या वित्तीय अनियमितता करता है तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम थाने को दें। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    शौर्यपथ विशेष:
    यह मामला केवल आर्थिक गड़बड़ी का नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी द्वारा कथित रूप से अपने अधिकारों के दुरुपयोग का भी है। यदि जांच में आरोप पूरी तरह सिद्ध होते हैं, तो यह विश्वविद्यालय प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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