August 03, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

     

    पाटन।
    छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का नववर्ष मिलन एवं सम्मान समारोह शुक्रवार 31 जनवरी 2026 को पाटन में गरिमामयी वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में कर्मचारियों के आपसी समन्वय, एकता और संगठनात्मक मजबूती का स्पष्ट संदेश देखने को मिला।

    समारोह के मुख्य अतिथि फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक एवं छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष कमल वर्मा रहे, जबकि अध्यक्षता संभाग प्रभारी छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन एवं प्रांताध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक संघ राजेश चटर्जी ने की।
    विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रांतीय उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ शिक्षक फेडरेशन चंद्रशेखर चन्द्राकर, जनपद पंचायत पाटन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जागेन्द्र साहू एवं अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्वेता यादव की उपस्थिति रही।

    कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई।
    स्वागत भाषण कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन पाटन के संयोजक एवं पंचायत सचिव संघ, जिला दुर्ग के अध्यक्ष महेन्द्र कुमार साहू ने दिया।
    कार्यक्रम का संचालन प्रांतीय सह-प्रवक्ता छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ललित बिजौरा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन फेडरेशन पाटन के संरक्षक टिकेन्द्र नाथ वर्मा द्वारा किया गया।

    मुख्य अतिथि कमल वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि कर्मचारी हितों की रक्षा, पारदर्शी प्रशासन और कर्तव्यनिष्ठ कार्य संस्कृति ही फेडरेशन का मूल संकल्प है। उन्होंने नए वर्ष में संगठित होकर अधिकारों एवं दायित्वों के संतुलन के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर फेडरेशन द्वारा उन कर्मचारियों एवं अधिकारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने विगत वर्ष अपने-अपने दायित्वों का उत्कृष्ट एवं अनुकरणीय निर्वहन किया।

    समारोह में प्रमुख रूप से हेमंत कुमार वर्मा (मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पंचायत पाटन), छाया वर्मा (महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी), भानु प्रताप यादव (जिलाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ एवं जिला मीडिया प्रभारी), रोशनी धुरंधर, चंचल द्विवेदी, गिरधर वर्मा, वरुण साहू, पूर्णनेंद्र बंछोर, कन्हैया लाल मन्नाड़े, प्रमेश साहू, प्रदीप चंद्राकर, हीरा सिंह वर्मा, देवेन्द्र कुमार साहू सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन पाटन के सदस्य उपस्थित रहे।

    उक्त जानकारी छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के जिला मीडिया प्रभारी भानु प्रताप यादव द्वारा दी गई।

     

    lwriter - श्री पंकज जोशी

    कुशल शासन की दिशा में भारत की यात्रा अक्सर एक विशाल संघीय ढांचे के तहत कार्यान्वयन से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों को रेखांकित करती है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2015 में स्थापित ‘प्रगति’ [सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन (प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन)] नामक पहल, नौकरशाही की पेचीदगियों को दूर करने के एक शक्तिशाली तंत्र के रूप में कार्य करती है। एक ओर जहां यह विभिन्न राष्ट्रीय परियोजनाओं को गति प्रदान करती है, वहीं इसका प्रभाव शायद राज्य स्तर पर सबसे अधिक स्पष्ट होता है। आर्थिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण विशिष्ट क्षेत्रीय परियोजनाओं की सटीक निगरानी राज्य स्तर पर की जाती है। गुजरात में, ‘प्रगति’ के तहत की गई समीक्षाओं ने बुनियादी ढांचे, ऊर्जा तथा सामाजिक कल्याण से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं में आने वाली अड़चनों को व्यवस्थित रूप से दूर किया है और सहकारी संघवाद के एक मजबूत मॉडल को मूर्त रूप दिया है।
    ‘प्रगति’ ने न सिर्फ समीक्षा के एक मंच, बल्कि एक पूर्वानुमानित शासन के रूप में भी कार्य किया है। महीने की शुरुआत में अग्रिम रूप से एजेंडा का वितरण राज्य के संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और कार्यान्वयन एजेंसियों की केन्द्रित भागीदारी को बढ़ावा देने में सहायक रहा। सक्रिय अनुवर्ती कार्रवाई के परिणामस्वरूप, ‘प्रगति’ की निर्धारित बैठकों से पहले ही कई समस्याओं का निराकरण हो गया। लिहाजा, ऐसे एजेंडा मदों को अंतिम समीक्षा से हटा दिया गया। यह उच्चस्तरीय हस्तक्षेप से पहले ही राज्य स्तर पर उनके समाधान को दर्शाता है।
    राज्य-आधारित तेजी हेतु एक डिजिटल समन्वय

    ‘प्रगति’ की सफलता का मूल राज्य और केन्द्रीय प्रशासन के शीर्ष स्तरों को जवाबदेही-आधारित एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की इसकी क्षमता में निहित है। हर महीने, यह इंटरफ़ेस उन परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा को संभव बनाता है जो अंतर-विभागीय मतभेदों या भूमि अधिग्रहण संबंधी अड़चनों की वजह से रुक सकती हैं।
    रणनीतिक विकास हेतु विभागीय सीमाओं को तोड़ना: दिल्ली मुंबई औद्योगिक गलियारा (डीएमआईसी)

    डीएमआईसी को सीधे प्रधानमंत्री की समीक्षा के अधीन रखकर, ‘प्रगति’ ने धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण, विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों और निजी हितधारकों से जुड़ी समस्याओं पर वास्तविक समय में चर्चा किया जाना सुनिश्चित किया। इस प्रक्रिया ने निर्णय लेने की कवायद को गति दी, नौकरशाही में व्याप्त लालफीताशाही को कम किया और सभी संबंधित पक्षों को स्पष्ट व समयबद्ध दिशा-निर्देश प्रदान किए, जिससे भारत के औद्योगिक भविष्य की बुनियाद मानी जाने वाली इस परियोजना को गति मिली।
    ‘प्रगति’ के तहत होने वाली समीक्षाओं ने धोलेरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे के बुनियादी ढांचे के समयबद्ध विकास को सुनिश्चित किया है। यह 109 किलोमीटर लंबी एक महत्वपूर्ण ग्रीनफील्ड परियोजना है, जिसे अहमदाबाद को धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (एसआईआर) से जोड़ने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र हेतु कुल 91,000 करोड़ रुपये के मुख्य परियोजना निवेश के साथ, यह इलाका भारत का सेमीकंडक्टर हब बनने के लिए तैयार है और यहां देश के पहले स्वदेशी चिप्स का उत्पादन होगा। इस राज्य की सीमाओं के भीतर संचालित होने वाली ऐसी उच्च-मूल्य वाली केन्द्रीय परियोजनाएं उस ‘प्रगति’ तंत्र का हिस्सा बनने की आदर्श हकदार हैं, जो राज्य के कार्यान्वयन और राष्ट्रीय दृष्टिकोण के बीच तालमेल सुनिश्चित करती हैं।
    गुजरात की हरित ऊर्जा क्रांति को गति

    गुजरात नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी है और ‘प्रगति’ इसकी विशाल क्षमता को मूर्त रूप देने में अहम भूमिका निभा रही है। बड़े पैमाने की विविध सौर एवं पवन परियोजनाएं इस लक्ष्य को रेखांकित करती हैं। कुल 1200 मेगावाट क्षमता वाली खावड़ा सौर पीवी परियोजना (6284 करोड़ रुपये) और 1255 मेगावाट क्षमता वाली खावड़ा सौर पीवी परियोजना (7180 करोड़ रुपये) इस पहल की प्रमुख घटक हैं। कुल 300 मेगावाट क्षमता वाली भुज सौर पीवी परियोजना (1443 करोड़ रुपये) और खावड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क से अतिरिक्त 7 गीगावाट बिजली की निकासी से संबंधित पारेषण प्रणाली (4231 करोड़ रुपये) की भी समीक्षा की गई। इस समीक्षा में ऊर्जा, राजस्व और वन एवं पर्यावरण विभागों ने भाग लिया।
    इस प्लेटफॉर्म की व्यवस्थित निगरानी प्रणाली राज्य के विभिन्न विभागों और केन्द्रीय संस्थाओं के बीच निर्बाध समन्वय सुनिश्चित करती है, जोकि भूमि और पर्यावरण संबंधी जटिल मंजूरियों की जरूरत वाली परियोजनाओं के लिए बेहद अहम है।
    सरदार सरोवर कमान क्षेत्र के विकास को सुव्यवस्थित करना

    सरदार सरोवर परियोजना (एसएसपी) और व्यापक राष्ट्रीय सिंचाई परियोजनाओं के संदर्भ में, माननीय प्रधानमंत्री द्वारा ‘प्रगति’ के तहत की गई समीक्षा पारंपरिक बाढ़ सिंचाई से हटकर सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों की दिशा में बदलाव में निर्णायक कारक साबित हुई है। ‘प्रगति’ के नीति निर्देशों के अनुसार, ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों का परियोजना अनुमोदन और वित्तपोषण अनिवार्य कर दिया गया। साथ ही, सरदार सरोवर परियोजना, जिसे जल संकट को दूर करने में इसकी भूमिका के कारण अक्सर गुजरात की जीवनरेखा कहा जाता है, ने ‘प्रगति’ के तहत होने वाली समीक्षाओं के परिणामस्वरूप भूमिगत पाइपलाइन (यूजीपीएल) प्रणाली को अपनाया। पारंपरिक खुली नहरों से हटकर हुए इस बदलाव का उद्देश्य जल संरक्षण, भूमि विखंडन को कम करने और निर्माण में लगने वाले समय को घटाकर दक्षता एवं जलापूर्ति को बेहतर बनाना था।
    बुनियादी ढांचे से परे: सामाजिक दायित्व

    ‘प्रगति’ का दायरा भौतिक बुनियादी ढांचे से कहीं आगे जाता है। यह पहल समाज कल्याण की प्रमुख योजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी करने और अंतिम छोर तक उनकी सुलभता सुनिश्चित करने में भी समान रूप से प्रभावी है।
    * प्रधानमंत्री-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-अभीम): स्वास्थ्य संबंधी इस महत्वपूर्ण पहल की समयबद्ध और प्रभावी कवरेज सुनिश्चित करने हेतु निगरानी की गई। नागरिकों को मिलने वाले प्रमुख लाभ हैं: उन्नत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (एएएम) के जरिए स्वास्थ्य सेवा तक बेहतर पहुंच; देखभाल की बेहतर गुणवत्ता; वित्तीय बोझ में कमी; आईटी-आधारित रोग निगरानी प्रणाली तथा प्रयोगशालाओं के नेटवर्क के विकास द्वारा महामारी से निपटने की बेहतर तैयारी एवं प्रतिक्रिया; व्यापक प्राथमिक देखभाल; और डिजिटल स्वास्थ्य एकीकरण।
    * पीएम स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएमश्री): स्कूली अवसंरचना के आधुनिकीकरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस योजना की प्रगति की समीक्षा ‘प्रगति’ के जरिए की जाती है। परिणामस्वरूप, गुजरात के 448 सरकारी स्कूलों में स्कूल अवसंरचना का तेजी से उन्नयन हो रहा है।
    * “लखपति दीदी” योजना: ग्रामीण विकास के जरिए महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से शुरू की गई इस महत्वपूर्ण पहल की निगरानी भी ‘प्रगति’ प्लेटफॉर्म पर की जाती है। गुजरात में 6 लाख से अधिक लखपति दीदियों को कौशल विकास, वित्तीय समावेशन, डिजिटल साक्षरता और बाजार के संपर्क जैसे विभिन्न उपायों के जरिए स्थायी आय प्राप्त हो रही है।
    शीर्ष स्तर पर इन योजनाओं की समीक्षा करके, ‘प्रगति’ जवाबदेही तय करती है और गुजरात के लक्षित लाभार्थियों को समय पर सरकारी सेवाएं सुलभ होना सुनिश्चित करती है।
    गुजरात का सशक्तिकरण: प्रगति के जरिए भारत सरकार का परिवर्तनकारी समर्थन

    राष्ट्रीय स्तर पर प्रगति की सफलता के बाद, गुजरात सरकार ने शिकायतों एवं परियोजनाओं के प्रबंधन हेतु एक उन्नत प्रणाली के रूप में ‘स्वागत 2.0’ की शुरुआत की। यह ऑटो एस्केलेशन मैट्रिक्स से लैस है, जो महत्वपूर्ण बाधाओं से संबंधित ‘प्रगति’ की व्यवस्थित एस्केलेशन प्रणाली पर आधारित है। ‘प्रगति’ की परियोजना निगरानी संबंधी खूबियों से प्रेरित, संशोधित ‘स्वागत’ में अब समर्पित निगरानी और प्रदर्शन डैशबोर्ड शामिल हैं। ये डैशबोर्ड मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को अधिकारियों की व्यक्तिगत कार्यकुशलता का आकलन करने और उन जिलों की पहचान करने में सक्षम बनाते हैं जहां बड़ी संख्या में अनसुलझी शिकायतें हैं। परियोजना संबंधी समीक्षाओं के जरिए प्रणालीगत सुधार लाने की ‘प्रगति’ की क्षमता की तरह, नई ‘स्वागत’ प्रणाली डैशबोर्ड डेटा का उपयोग करके बार-बार उभरने वाली उन समस्याओं की पहचान करती है जिनके लिए सिर्फ शिकायत समाधान के बजाय नीति-स्तर पर बदलाव की जरूरत होती है। ‘स्वागत 2.0’ के जरिए, गुजरात के मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से मासिक रूप से जटिल मामलों - जैसे आवास परियोजनाएं और बुनियादी ढांचे में देरी - की समीक्षा करते हैं और समाधान के लिए सख्त व समयबद्ध निर्देश जारी करते हैं, जो ‘प्रगति’ के “समयबद्ध कार्यान्वयन” के मूल उद्देश्य का अभिन्न अंग है।
    गुजरात की उल्लेखनीय विकास यात्रा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रदान किए गए दूरदर्शी समर्थन और सहयोगात्मक नेतृत्व का उत्कृष्ट प्रमाण है। ‘प्रगति’ नामक एक अग्रणी कदम के जरिए, केन्द्र सरकार ने इस राज्य को अमूल्य सहयोग प्रदान किया है। इससे इस राज्य को अपनी पूरी क्षमता का दोहन करने हेतु आवश्यक तकनीकी अवसंरचना और रणनीतिक मार्गदर्शन हासिल हुआ है।

    (लेखक आईएएस (सेवानिवृत्त), जीईआरसी के अध्यक्ष/गुजरात के पूर्व मुख्य सचिव हैं)

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव का शुभारंभ

    अंचल के विकास के लिए सिरपुर बैराज जल्द ही स्वीकृत होगी

    रायपुर /
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सिरपुर को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके अंतर्गत आधुनिक सड़क, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, पर्यटक सुविधा केंद्र एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर का टूरिस्ट कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।

    सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल सिरपुर में आयोजित तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव का भव्य शुभारंभ अवसर पर आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय उक्त बात कही हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता खाद्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने किया।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सिरपुर की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस गौरवशाली विरासत से परिचित हो सकें। उन्होंने जिलेवासियों को माघी पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महानदी के तट पर स्थित श्री गंधेश्वर महादेव के आशीर्वाद से यह क्षेत्र निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि सिरपुर छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की सांस्कृतिक पहचान है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि आज जिले को लगभग 200 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी गई है, जिससे सड़क, पुल, पेयजल , पर्यटन, पेयजल एवं अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी आएगी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज यहां मलेशिया,कोरिया, जापान के बौद्ध विचारक पधारे है, उनका मैं स्वागत करता हूं।उन्होंने कहा कि सिरपुर में सनातन, बौद्ध और जैन संस्कृति का विस्तार हुआ, यह संस्कृति का अदभुत संगम है। सिरपुर में पर्यटन के विकास की संभावनाओं को देखते हुए सरकार इसे विश्व धरोहरों में शामिल करने गंभीरता से प्रयास कर रही है। देश दुनिया में सिरपुर का नाम होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंचल के विकास के लिए सिरपुर बैराज की स्वीकृति भी जल्दी होगी। सिकासेर जलाशय से कोडार जलाशय में पानी लाने के लिए योजना पर शीघ्रता से कार्य जारी है। इससे क्षेत्र के किसानों को लगातार सिंचाई के लिए पानी मिलेगा।

    खाद्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने कहा कि सिरपुर महोत्सव आज जिले की विशिष्ट पहचान बन चुका है। उन्होंने कहा कि सिरपुर महोत्सव के माध्यम से जिले को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। इससे युवाओं को आगे बढ़ने का मंच मिल रहा है और स्थानीय प्रतिभाओं को नई दिशा प्राप्त हो रही है। प्रभारी मंत्री श्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं एवं गरीब वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
    विधायक महासमुंद श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूँ कि आज इस पावन धरती सिरपुर में इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महोत्सव का साक्षी बनने का अवसर मिला है। यह वही भूमि है जहाँ धर्म, कला और ज्ञान का अद्भुत संगम हुआ है। विधायक श्री सिन्हा ने कहा कि आज हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सिरपुर के संरक्षण, विकास और वैश्विक पहचान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सड़क, बिजली, जल, पर्यटन सुविधाओं और आधारभूत संरचनाओं के विकास से यह क्षेत्र नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर हो रहा है।

    इस अवसर पर विधायक महासमुंद श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक बसना श्री संपत अग्रवाल, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष महासमुंद श्री निखिल कांत साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान, नगर पंचायत अध्यक्ष बसना डॉ. खुशबू अभिषेक अग्रवाल, पूर्व विधायक डॉ विमल चोपडा, राज्य मुख्य आयुक्त, भारत स्काउट एवं गाइड संघ श्री इंद्रजीत सिंह खालसा गोल्डी,कलेक्टर श्री विनय लंगेह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार, साडा के सीईओ श्री धम्म शील गणवीर ,जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार सहित, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

    By- नरेश देवांगन  

    जगदलपुर, शौर्यपथ। साय सरकार जनता के प्रति संवेदनशीलता और सुशासन को लेकर लगातार प्रयासरत दिखाई दे रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रही है। इसका खामियाजा गरीब और असहाय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

    तस्वीर में दिखाई दे रही ब्लॉक तोकापाल के ग्राम बुरूंगपाल तेलीमारेंगा की विकलांग 55 वर्षीय महिला सुकरी नाग शारीरिक रूप से असमर्थ और बीमारी से पीड़ित हैं। उनका जीवन शासकीय सहायता पर निर्भर है, किंतु बीते लगभग छह महीनों से उन्हें उचित मूल्य दुकान से चावल नहीं मिल रहा है। जानकारी के अनुसार, सुकरी नाग हर माह उम्मीद लेकर शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुंचती रहीं, जहां उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि “आपके नाम का राशन नहीं आया है।” उन्हें यह जानकारी तक नहीं दी गई कि उनका राशन कार्ड बंद किया जा चुका है।

    विभागीय सूत्रों से पता चला है कि राशन कार्ड बंद करने के कारण में महिला को “गांव से पलायन” बताया गया है, जबकि वह आज भी उसी गांव में रह रही हैं। न उनके पास पक्का मकान है, न शौचालय की पक्की व्यवस्था और न ही किसी प्रकार की स्थायी आय। यह भी सामने आया है कि उन्हें अब तक विकलांग पेंशन जैसी बुनियादी योजना का लाभ भी नहीं मिल रहा है।

    ऐसे हालात में राशन बंद होना उनके लिए जीवन यापन की सबसे बड़ी चुनौती बन गया है और कई बार उन्हें बिना भोजन के ही दिन गुजारना पड़ता है। यह मामला प्रशासनिक प्रक्रिया में हुई गंभीर चूक की ओर संकेत करता है और यह जांच का विषय है कि बिना भौतिक सत्यापन के राशन कार्ड बंद करने की कार्रवाई कैसे हुई।

    यह स्थिति कई गंभीर सवाल भी खड़े करती है। जब विकलांग महिला आज भी उसी गांव में रह रही है, तो किस आधार पर उसे “पलायन” बताया गया? क्या यह प्रविष्टि बिना स्थल सत्यापन और बिना संवेदनशीलता के दर्ज कर दी गई? क्या यह नहीं सोचा गया कि एक बेसहारा और विकलांग महिला का राशन बंद होना सीधे भूख से जूझने जैसा है? ऐसे मामलों में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि कहीं न कहीं मानवीय जिम्मेदारी और जवाबदेही की अनदेखी तो नहीं हुई।

    गौरतलब है कि जिले में हाल ही में नवपदस्थ कलेक्टर ने पदभार संभाला है और वे शासकीय योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभागीय निरीक्षण और निर्देश दे रहे हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर त्वरित संज्ञान लेगा, राशन कार्ड पुनः चालू कराएगा और विकलांग महिला को शासन की पात्र योजनाओं का लाभ दिलाएगा।

      नई दिल्ली / एजेंसी / कांग्रेस पार्टी ने केंद्रीय बजट 2026-27 की कड़ी आलोचना की है और इसे "फीका", "निराशाजनक" और "दृष्टिकोणहीन" बताया है। कांग्रेस के प्रमुख नेताओं की मुख्य प्रतिक्रियाएं नीचे दी गई हैं:
    मल्लिकार्जुन खडग़े: कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार के पास नए विचारों की कमी हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में बेरोजगारी, महंगाई, और विनिर्माण क्षेत्र की सुस्ती का कोई समाधान नहीं दिया गया है। खडग़े ने यह भी सवाल उठाया कि किसानों के लिए कोई आय सुरक्षा योजना क्यों नहीं है और स्ष्ट, स्ञ्ज, ह्रक्चष्ट समुदायों के लिए विशेष प्रावधानों की कमी है।
    राहुल गांधी: लोकसभा में विपक्ष के नेता ने बजट को भारत के "असली संकट के प्रति अंधा" बताया। उन्होंने ट्वीट किया कि बजट ने युवाओं के रोजगार, गिरती घरेलू बचत और किसानों की परेशानी जैसे 6 प्रमुख मुद्दों को नजरअंदाज कर दिया है। उन्होंने सरकार पर "कोर्स करेक्शन" (सुधार) से इनकार करने का आरोप लगाया।

    पी. चिदंबरम: पूर्व वित्त मंत्री ने बजट को आर्थिक रणनीति के परीक्षण में विफल करार दिया और कहा कि वित्त मंत्री का भाषण देश के आर्थिक सर्वेक्षण में बताई गई चुनौतियों का जवाब देने में असमर्थ रहा।
    जयराम रमेश: उन्होंने बजट को "पूरी तरह से फीका" बताया और आरोप लगाया कि यह पारदर्शी नहीं है क्योंकि इसमें प्रमुख योजनाओं के आवंटन का स्पष्ट विवरण नहीं है।
    इसके अलावा, कांग्रेस के अन्य नेताओं जैसे के.सी. वेणुगोपाल ने इसे "संवेदनहीन" बजट कहा, जो आम जनता के बजाय बड़े कॉरपोरेट्स के पक्ष में है। ञ्जद्धद्ग ॥द्बठ्ठस्रह्व और हृष्ठञ्जङ्क पर विस्तृत राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखी जा सकती हैं।

    छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण की गति अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल,मोर गांव मोर पानी महाअभियान जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान
    राज्य में दो साल में ही बने 8 लाख से अधिक मकान, 17 लाख 60 हजार आवास हुए पूर्ण, बस्तर संभाग में लंबित विकास योजनाओं को पूर्ण करने बनेगी विशेष रणनीति
    केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कामकाज की समीक्षा

    रायपुर / शौर्यपथ / रोजगार एवं स्वाबलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण के लागू होने से गांवों में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ेगी। इसके लिए हमने बजट में लगभग डेढ़ गुणा अधिक स्वीकृति प्रदान की है। उक्त बाते केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कही।
    श्री चौहान ने छत्तीसगढ़ में तेजी से बन रहे आवास निर्माण की गति की प्रशंसा करते हुए अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया। उन्होंने आवास निर्माण के साथ ही गांव गांव में चलाएं गए मोर गांव मोर पानी महाअभियान की भी सराहना करते हुए जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने की बात कही। उन्होंने प्रदेश में और अधिक लखपति दीदी के माध्यम से महिलाओं को अधिक से अधिक स्वसहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने एवं मजदूरी भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित नहीं करने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए है। इसके साथ ही बस्तर संभाग में लंबित परियोजना को पूर्ण करने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश उच्च अधिकारियों दिए हैं। उन्होंने कहा बस्तर लंबे अरसे से विकास से दूर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बस्तर के समग्र विकास के लिए आगे बढ़कर कार्य करेंगे।
    इस दौरान श्री चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजिविका मिशन बिहान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएमजनमन एवं आरसीपीएलडब्ल्यूईए योजनाओं का विस्तृत समीक्षा किए। उन्होंने प्रदेश में एनआरएलएम में रिक्त पदों शीघ्र भर्ती कराने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए हैं।
    केंद्रीय केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम उपस्थित थे।
    बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में प्रधानमंत्री आवास के लिए 24.58 लाख को स्वीकृति मिली है। जिसमें से 17.60 लाख आवास का निर्माण पूर्ण हो चुके है। इसके साथ ही पीएमजनमन के तहत 33,246 स्वीकृत में 18,373 पूर्ण, विशेष परियोजना आत्मसमर्पित नक्सली के 3416 मकान स्वीकृत किए गए है। अभी सरकार गठन के बाद ही दो सालों में ही 8.41 आवास निर्माण पूर्ण किए है जो पूरे देश में अव्वल है। लखपति दीदी के माध्यम से अब तक प्रदेश में 8000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनीं है। इसके साथ ही 5000 से अधिक राज्य में मिस्त्री को प्रशिक्षण, डेढ़ लाख से अधिक आवासों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में हो रहे नवाचार, क्यूआर कोड, दीदी के गोठ, छत्तीस कला की जानकारी दी गई।
    इस बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित दिल्ली से आए विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ विशेष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 फरवरी 2026 को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026–27 को "ऐतिहासिक" करार देते हुए इसे देश के लिए "अवसरों का…

      रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट भारत के सुनहरे और विकसित भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक दस्तावेज है। कर्तव्य भवन में बना हुआ यह पहला बजट है, जिसमें देश के समग्र विकास और प्रत्येक नागरिक के कल्याण को ध्यान में रखते हुए तीन प्रमुख कर्तव्यों-आर्थिक विकास एवं रोजगार वृद्धि, जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति तथा 'सबका साथ, सबका विकासÓ को केंद्र में रखा गया है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्ग के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को इस बजट का सीधा लाभ मिलेगा।

    कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
    बजट में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। एआई और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाने, पशुपालन एवं डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। साथ ही महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के तहत स्थानीय उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

    युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। स्टार्टअप, एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा। विदेश यात्रा और विदेशों में पढ़ाई भी पहले की तुलना में सस्ती होगी।

    स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल
    स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर बजट को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे कैंसर, डायबिटीज सहित अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी। जिला अस्पतालों के उन्नयन, हर जिले में इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, मानसिक स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ-साथ मेडिकल टूरिज्म के लिए राज्यों में पांच रीजनल हब स्थापित किए जाएंगे। इससे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बेहतर होगा और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।

    महिला सशक्तिकरण को नई दिशा
    लखपति दीदी योजना के विस्तार के माध्यम से महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड स्वरोजगार, उद्यमिता और स्थानीय बाजार से जोडऩे की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हर जिले में बालिकाओं के लिए छात्रावास निर्माण की घोषणा से उन्हें उच्च शिक्षा में सहायता मिलेगी।

    उद्योग, शिक्षा और खेल को बढ़ावा
    देश की आर्थिक मजबूती के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 20 नए जलमार्ग, बड़े टेक्सटाइल पार्क और 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर की घोषणा की गई है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश से औद्योगिक विकास और रोजगार को नई गति मिलेगी। वहीं खेलो इंडिया मिशन और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों से बच्चों और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे।

    कर सुधार और आम जनता को राहत
    आयकर प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और छोटे करदाताओं के लिए आसान व्यवस्था की गई है। दवाइयां, कपड़े, जूते, मोबाइल, ईवी बैटरी, सोलर उपकरण, बायोगैस-सीएनजी सहित कई रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी, जिससे आम जनता को सीधी राहत मिलेगी।
    अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 'सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वासÓ की भावना को और मजबूत करता है। यह बजट छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में समावेशी विकास सुनिश्चित करेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को इस ऐतिहासिक, विकासशील और जनकल्याणकारी बजट के लिए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ विशेष रिपोर्टकेंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में अपना लगातार नौवां आम बजट पेश किया। यह बजट एक ओर जहां…

    राजनांदगांव/शौर्यपथ/केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट को अमृत काल का दूरदर्शी और जनकल्याणकारी बजट बताते हुए जिला भाजपा महामंत्री (अनुसूचित जाति मोर्चा) दीपेश शेंडे ने कहा कि यह बजट “साधन से समाधान तक की स्वर्णिम यात्रा” का सशक्त उदाहरण है। दीपेश शेंडे ने कहा कि यह बजट अर्थ से सामर्थ्य तक, अंत्योदय से अभ्युदय तक और समावेशी विकास की स्पष्ट दिशा तय करता है। इससे खेतों में हरियाली, खलिहानों में खुशहाली और समाज के हर वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने बताया कि बजट में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती देने के लिए घरेलू उद्योगों को बढ़ावा, ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा आयात पर निर्भरता कम करने के ठोस प्रावधान किए गए हैं। साथ ही रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता में वृद्धि, आम नागरिक की क्रय शक्ति को मजबूत करने और शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। दीपेश शेंडे ने कहा कि इन्हीं नीतिगत प्रयासों का परिणाम है कि देश ने लगभग 7 प्रतिशत की मजबूत आर्थिक विकास दर हासिल की है और गरीबी उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। यह बजट देश को तेज़ी से आगे बढ़ाने के साथ-साथ हर वर्ग को साथ लेकर चलने का भरोसा देता है। अंत में उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण, किसान उत्थान, मातृशक्ति के सम्मान और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को समर्पित इस लोक-हितैषी एवं जनकल्याणकारी बजट के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

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