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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
नवीन तकनीक से मत्स्य उत्पादन में प्रति हेक्टेयर 12 क्विंटल की बढ़ोत्तरी
रायपुर /शौर्यपथ/
नवीन तकनीक से मत्स्य उत्पादन में प्रति हेक्टेयर 12 क्विंटल की बढ़ोत्तरी
मत्स्य पालन वर्तमान में एक लोकप्रिय व्यवसाय के रूप में उभर रहा है और मत्स्य पालकों की आमदनी में भी इजाफा कर रहा है। मत्स्य कृषकों की लगन और मेहनत का ही यह नतीजा है कि छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य बीज उत्पादन के मामले न सिर्फ आत्मनिर्भर हुआ है, बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य को विभिन्न जिलों में मत्स्य कृषकों द्वारा उत्पादित मछली बीज की सप्लाई पड़ोसी राज्यों में भी होने लगी है।
दुर्ग जिले में मत्स्य बीज उत्पादन के लिए स्थापित 10 हेचरियों से मत्स्य कृषकों को सस्ते दरों पर मछली बीज प्राप्त हो होने लगे हैं। कृषक इन हेचरियों से मत्स्य बीज क्रय कर बाहरी मार्केट में विक्रय भी करने लगे हैं। मत्स्य विभाग के द्वारा संचालित नवीन योजनाओं बायोफ्लोप फिश फार्मिंग, आरएएस सिस्टम, नील क्रांति योजना और जिले में निर्मित निजी क्षेत्र के तालाबों से आज जिले में मछली की उत्पादन क्षमता 2800 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 4000 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर हो गई है। दुर्ग जिले से प्रतिदिन 12 मीटरिक टन मछलियां प्रदेश के अन्य जिलों जैसे रायपुर, राजनांदगांव, बेमेतरा, बालोद और कवर्धा व देश के विभिन्न प्रदेश जैसे मध्यप्रदेश, उड़ीसा को सप्लाई की जाने लगी है।
जिले के युवा और किसान आज बड़े स्तर पर मत्स्य पालन का कार्य कर रहे है।शासन की मंशानुरूप गौठानों के अंदर भी मछली पालन का कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत दुर्ग जिले में 18 गौठानों में मछली पालन का कार्य किया जा रहा है। चंदखुरी का गौठान भी मछली पालन के लिए तैयार हो रहा है। अपेक्षाकृत कम लागत में भी मत्स्य पालन से अधिक आय प्राप्त होती है इसलिए मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मत्स्य विभाग द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। जिले में 102 मछुआ सहकारी समितियां और 56 मछुवा समूह मछली पालन के लिए पंजीकृत है। खनिज मद और विभागीय अभिसरण से मनरेगा के तहत 1000 डबरियों का निर्माणकार्य प्रगति पर है। जिसमें शीघ्र ही मछली पालन का कार्य किया जाएगा।
दुर्ग जिले में मत्स्य बीज उत्पादन के लिए 10 हैचरी में से एक मत्स्य विभाग, एक मत्स्य महासंघ और आठ निजी क्षेत्र द्वारा संचालित है। जिले के मत्स्य पालकों को इन हैचरी के द्वारा सस्ते दरों पर मत्स्य बीज उपलब्ध कराये जा रहे है। हैचरी में एक से डेढ महीने में मत्स्य बीज तैयार हो जाते है। वर्तमान में मत्स्य पालकों को लगभग 250 रुपये प्रति किलो की दर से मत्स्य बीज उपलब्ध हो रहा है। जिले में ग्रामीण तालाबों की संख्या 3165, जलक्षेत्र 4397.244 हेक्टेयर एवं सिंचाई जलाशयों की संख्या 101, जलक्षेत्र 2971.208 हेक्टेयर तथा मनरेगा से निर्मित डबरियों की संख्या 95 है। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के तहत् क्षेत्र में 117 निजी तालाब हैं, जिसका जलक्षेत्र 100 हेक्टेयर हैं, जिसमें मत्स्य पालन का कार्य किया जा रहा है।
वर्तमान में जिले का वार्षिक मत्स्य उत्पादन 30 हजार 700 मीटरिक टन है। जिले में उत्पादित मछलियों की बिक्री लोकल मार्केट के साथ ही पड़ोसी राज्यों में भी होती है। मत्स्य विभाग की उपसंचालक ने बताया कि आर्थिक स्थिति में बदलाव के लिए मत्स्य पालन बहुत ही अच्छा विकल्प है। मत्स्य पालन गतिविधियों को प्रोत्साहन और विस्तार देने के लिए विभाग मत्स्य बीज, नाव, जाल व मछली आहार का वितरण मत्स्य पालकों को करता हैं और हितग्राहियों को प्रशिक्षण भी प्रदान कर रहा है।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को लोहड़ी पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर सभी लोगों के लिए सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की है।
मुख्यमंत्री ने आज यहां जारी शुभकामना संदेश में कहा है कि ऋतु परिवर्तन का संदेश लेकर आया लोहड़ी का त्यौहार नई फसल के स्वागत और प्रकृति का आभार जताने का पर्व है। उमंग और उत्साह से भरा यह लोहड़ी का पर्व सभी लोगों के जीवन में सौहार्द, खुशहाली और सुखद परिवर्तन लेकर आए।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां अपने निवास कार्यालय में दैनिक नवप्रदेश समाचार पत्र द्वारा प्रकाशित वर्ष-2022 के कैलेंडर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने वार्षिक कैलेंडर के प्रकाशन पर दैनिक नवप्रदेश समाचार पत्र समूह को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर दैनिक नवप्रदेश के प्रधान संपादक यशवंत धोटे सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
कंट्रोल रूम के दूरभाष- 07712445785, 7880100331, 7880100332 से मिल रही है मदद और पूरी जानकारी
डॉक्टर, काउंसलर कोरोना मरीजों से बात कर बढ़ा रहे हैं हौसला
रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना प्रभावित हर मरीज को तत्काल सहायता सुलभ कराने रायपुर जिला प्रशासन द्वारा कंट्रोल रूम का संचालन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री सौरभ कुमार के मार्गदर्शन में यहां नियुक्त डॉक्टर, काउंसलर और कर्मचारियों की टीम इस कंट्रोल रूम के जरिए 24 घंटे मरीजों की सहायता में जुटी हुई है।
नोडल अधिकारी डॉ. अंजली शर्मा के नेतृत्व में 150 कर्मचारी इस काम में तैनात हैं। होम मॉनिटरिंग(आईसोेलेशन) में रहकर कोरोना का उपचार करा रहे हर मरीज की जरूरतों को पूरा करने का काम यह टीम करती है। जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम के दूरभाष- 07712445785, 7880100331, 7880100332 में हर तरह सामान्य जानकारी मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही है।मरीजों को होम मॉनिटरिंग में चिकित्सकीय सहायता सुलभ कराने हेतु होम मॉनिटरिंग के 6 दूरभाष नंबर 7566100283, 7566100284, 7566100285, 7880100313, 7880100314, 7880100315 नंबर के जरिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इन दूरभाष नंबरों पर संपर्क कर मरीज और उनके परिजन होम मॉनिटरिंग संबधी हर तरह से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
इस कंट्रोल रूम से संपर्क कर ऐसे मरीज जो किसी कारणवश अपने निजी डॉक्टर से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं या जिन्हें डॉक्टरी परामर्श की आवश्यकता है, वे भी यहां नियुक्त ड्यूटी डॉक्टर संपर्क कर आवश्यक परामर्श प्राप्त करते हैं। किसी मरीज को होम आइसोलेशन से अस्पताल भेजने की आवश्यकता होने पर एंबुलेंस की व्यवस्था, संबंधित अस्पताल में भर्ती हेतु समन्वय का काम भी रायपुर जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम की यह टीम करती है। होम आईसोलेशन के दौरान मरीज को दवा की उपलब्धता, कोरोना जांच संबंधी जानकारी देने का महत्वपूर्ण कार्य भी जिला प्रशासन का यह कंट्रोल रूम करता है। यह कंट्रोल रूम बीमारी के दौरान मरीजों को खानपान एवं परहेज के संबंध में अवगत कराने के साथ-साथ कोरोना प्रोटोकॉल नियम के पालन के लिए भी प्रेरित करता है। निरंतर 24 घंटे अपनी सेवा देने वाले इस कंट्रोल रूम से कोरोना संक्रमण के दौरान सहायता के लिए किसी भी समय संपर्क किया जा सकता है।
रायपुर / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोना संक्रमण की स्थिति को लेकर आयोजित वर्चुअल बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय से शामिल हुए। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य डॉ.आलोक शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला भी उपस्थित ।
रायपुर / शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप जल संसाधन विभाग द्वारा दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड की केसरा (कसेरा) उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण की मंजूरी दी गई है। इस योजना के निर्माण के लिए मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार रायपुर को 9 करोड़ 51 लाख रूपए स्वीकृति दी गई है। इसके निर्माण से किसानों को खरीफ सीजन में एक हजार हेक्टेयर में सिंचाई के लिए जलापूर्ति हो सकेगी।
रायपुर / शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को लोहड़ी पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर सभी लोगों के लिए सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की है।
मुख्यमंत्री ने आज यहां जारी शुभकामना संदेश में कहा है कि ऋतु परिवर्तन का संदेश लेकर आया लोहड़ी का त्यौहार नई फसल के स्वागत और प्रकृति का आभार जताने का पर्व है। उमंग और उत्साह से भरा यह लोहड़ी का पर्व सभी लोगों के जीवन में सौहार्द, खुशहाली और सुखद परिवर्तन लेकर आए।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति और पोंगल पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी लोगों की सुख-समृद्धि की कामना की है। मुख्यमंत्री ने आज यहां जारी अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि भारत में सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण होकर मकर रेखा की ओर जाने का स्वागत उमंग और उत्साह से किया जाता है। देश के विभिन्न क्षेत्रों में इसे मकर संक्रांति और पोंगल पर्व के नाम से मनाते है। मकर संक्रांति का यह त्यौहार ऋतु परिवर्तन का संदेश लेकर आता है। श्री बघेल ने कहा है कि यह पर्व देश, प्रदेश सहित सभी लोगों के जीवन में भी सुखद परिवर्तन लेकर आए।
विधायक वोरा , महापौर बाकलीवाल और सभापति की हो रही लगातार बदनामी
दुर्ग / शौर्यपथ /
दुर्ग नगर पालिक निगम की प्रशासनिक व्यवस्था एक बार फिर पूरी तरह चरमरा गयी है . प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी निगम प्रमुख की होती है किन्तु दुर्ग शहर के निगम प्रमुख की बात करे तो निगम कार्यो के हर भाग में व्याप्त भ्रष्टाचार , बदहाली और शहर की बिगडती व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी प्रशसनिक प्रमुख की ही है . लगातार शहर में बदहाली के लिए विपक्षी पार्टी भाजपा एवं निर्दलीय पार्षदों का दल निगम सरकार को घेर रहा है यहाँ तक नौबत आ गयी की कुछ दिनों पहले निर्दलीय पार्षद अरुण सिंह के नेत्रित्व में शहरी सरकार के विरुद्ध बड़ा आन्दोलन भी हो गया वही शहर के प्रथम नागरिक और निगम सभापति को गधे के प्रतिक के रूप में घुमाया गया . इस तरह की बदनामी और आन्दोलन इससे पूर्व नगर पालिक निगम में कभी नहीं हुआ जो वर्तमान दिनों में हो रहा है .
निर्माण कार्य में देरी रिश्वतखोरी के कई मामले , अवैधानिक कार्य जैसे मामले के सामने आने के बाद और साबित होने के बाद भी निगम के ऐसे जिम्मेदार अधिकारियों पर निगम आयुक्त द्वारा किसी तरह की कोई कार्यवाही का ना करना ही स्पष्ट संकेत देता है की निगम आयुक्त की कार्य प्रणाली किस कदर संवेदनहीन हो गयी है . आये दिन पार्षदों की शिकायत सुनने में मिलती है की जनप्रतिनिधि जिसे वार्ड की जनता ने चुना है उनकी बातो को भी निगम आयुक्त द्वारा कोई महत्तव नहीं दिया जाता . भ्रष्टाचारी अधिकारियों की लिस्ट लगातार लम्बी होती जा रही है क्योकि कार्यवाही के नाम पर निगम आयुक्त हरेश मंडावी की कार्यवाही सिर्फ कागजो पर ही कुछ दिनों के लिए दिकती है फिर सिमट जाती है वही निगम अधिकारियों ने भी अब दबी जुबान से कहना शुरू कर दिया है की कार्य कम और मीटिंग ही ज्यादा हो रहा है कार्य करने का समय ही नहीं मिल पाता . अब तो निगम के अधिकारियों का आधा समय सिर्फ मीटिंग में ही गुजर रहा है और विकास नाम की चिडिय़ा किसी डाल में आराम कर रही है , शहर में निगम के द्वारा हो रहे विकास कार्यो की बात करे तो सिर्फ लोकार्पण ही हो रहा है जमीनी स्तर पर विकास नदारद है .
ऐसे कुछ मामले है जिनकी जानकारी निगम आयुक्त को तो है किन्तु कार्यवाही के नाम पर एक मंझे हुए जनप्रतिनिधि की तरह अब आयुक्त मंडावी द्वारा सिर्फ वादा किया जा रहा है जिसके कारण हर पांच साल का हिसाब देने के लिए जनता के सामने जाने में अब विधायक वोरा को भी परेशानी ही होगी वही कई पार्षद यह भी कहते पाए जा रहे है की ऐसी ही स्थिति रही तो अगले चुनाव के समय जनता से वोट मांगने जाना भी दूभर हो जाएगा . वैसे तो अभी निगम चुनाव में तीन साल है किन्तु उससे पहले होने वाले विधान सभा चुनाव में शहर के विधायक को आम जनता को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा . शहर विधायक द्वारा सिर्फ प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अधिकारियों की मनमानी पर लेटलतीफी पर कड़े निर्देश देने की बात कही जाती है किन्तु दो साल से विधायक वोरा सिर्फ कड़े निर्देश ही देते नजर आ रहे है किन्तु इन निर्देशों का कितना असर अधिकारियों पर हो रहा है ये दुर्ग की जनता और विधायक भी जान रहे है . ऐसे में आने वाले विधान सभा चुनाव में दुर्ग विधायक को जीत की कही उम्मीद है तो वो भाजपा के राष्ट्रिय नेता और राज्य सभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय की तरफ से है . उनकी जीत तभी आसान होगी जब दुर्ग में भाजपा की तरफ से कमजोर प्रत्याशी उतारा जाएगा जिस तरह से पूर्व में पांच साल निष्क्रिय रहने वाली महापौर को विधान सभा में उतारा गया था ऐसी ही उम्मीद अब भी है . अगर कही कोई दमदार प्रत्याशी भाजपा की तरफ से उतर गया तो दुर्ग विधायक अरुण वोरा की वर्तमान स्थिति के अनुसार हार निश्चित ही है .
दुर्ग निगम में भ्रष्टाचार की हाल ही के दिनों की बात करे तो आयुक्त मंडावी द्वारा वार्ड नंबर 42 में सड़क पर पार्क निर्माण को तुडवाया गया किन्तु अवैध तरीके से पार्क निर्माण करने और शासन की राशि का दुरूपयोग करने वाले वार्ड इंजिनियर पर किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की गयी जिससे यह साफ़ नजर आ रहा है की आयुक्त मंडावी अधिकारियों के भ्रष्टाचार पर कितने सख्त है .
नया बस स्टैंड से फरिस्ता काम्प्लेक्स मार्ग में शौचालय के बगल से अवैध दूकान का सरकारी जमीन पर निर्माण हो गया . इसकी जानकारी निगम आयुक्त मंडावी को महीनो पहले ही की जा चुकी है किन्तु आयुक्त मंडावी गरीबो की गुमठी हटाने को ही अपनी उपलब्धि मान रहे है ऐसे में आयुक्त मंडावी की अवैध निर्माण पर कार्यवाही की बात बेमानी ही नजर आती है .
कुछ दिनों पहले इंदिरा मार्केट के निगम काम्प्लेक्स पर बरामदो में अवैध कब्ज़ा कर व्यापार कर रहे व्यापारियों पर भी निगम आयुक्त कार्यवाही की बड़ी बड़ी बाते करते रहे किन्तु वर्तमान स्थिति में देखा जाए तो इस निर्णय पर भी आयुक्त मंडावी कायम नहीं रह सके . तात्कालिक भवन अधिकारी राजेश पाण्डेय द्वारा बस स्टैंड काम्प्लेक्स की आठ दुकानों को एकसाथ निर्माण करने एवं शासन के नियमो का उल्लान्चन करने के बाद भी भवन पुर्णत: प्रमाण पत्र ज़ारी कर पद के दुरूपयोग का मामला सामने आ गया किन्तु इस सबकी जानकारी होने के बाद भी बड़े और महत्तव पूर्ण कार्यो की जिम्मेदारी ऐसे अधिकारी को देकर आयुक्त एक नए भ्रष्टाचार की तरफ अपरोक्ष रूप से कदम बढ़ा रहे है .
वही अगर तात्कालिक स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता की बात करे तो दुर्गेश गुप्ता पर सामान्य सभा में खुले आम शहरी सरकार के पार्षदों सहित विपक्ष के पार्षदों ने भी आरोप लगाया था और बड़ी बड़ी बात करते हुए कुछ ही दिनों में जाँच की बात करने वाले आयुक्त मंडावी यहाँ भी असफल हो गए . ऐसी चर्चा है की जाँच की जिम्मेदारी उस अधिकारी को दी गयी है जिसने भवन अनुज्ञा प्रमाण पत्र देने के मामले में निगम को अँधेरे में रखा और वर्तमान में संचालित श्री डाइग्नोस्टिक को भवन अनुज्ञा जारी कर दी अब ऐसे अधिकारी जो स्वयं ही भ्रष्टाचार का केंद्र बिंदु है उससे निष्पक्ष जाँच की क्या उम्मीद की जा सकती है किन्तु इतना सब होने के बावजूद भी निगम आयुक्त मंडावी द्वारा इस जाँच को भी दबाने में पूरी तरह लगे हुए है .
आयुक्त मंडावी की कार्य प्रणाली से भ्रष्टाचार में इजाफा तो हो रहा है किन्तु गधे पर फोटो चस्पा महापौर के सभापति के किये जा रहे है जबकि सभी प्रशासनिक फैसले लेने का अधिकार आयुक्त को है और सज़ा के रूप में बदनामी झेल रहे है शहर के प्रथम नागरिक और सभापति राजेश यादव .
आम जनता को आश्चर्य तब होता है जब इतना सब होने के बावजूद भी शहर विधायक , महापौर और सभापति मौन है . क्या शहर की इस बदहाली में विधायक वोरा , महापौर बाकलीवाल , सभापति राजेश यादव की मौन स्वीकृति है या फिर अब विधायक वोरा का गिरता जनाधार और सरकार में महत्तव कम हो रहा है जिसके कारण अधिकारियों को भी विधायक वोरा के कड़े निर्देश का कोई फर्क नहीं पड़ रहा , क्या अधिकारी अब ये समझने लगे है कि विधायक वोरा की प्रदेश सरकार में पकड़ कमजोर है और उनकी बार्तो का महत्तव नहीं देने से भी कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ेगा . क्योकि अगर देखा जाए तो दुर्ग से लगे हुए विधान सभा भिलाई की बात करे तो भिलाई विधायक यादव जिस तरह से सक्रीय है एवं अधिकारियों को निर्देश देने के बाद कार्य को अंजाम तक समयसीमा में पहुंचा रहे है जबकि विधायक यादव का ये प्रथम कार्यकाल है ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि क्या चाटुकारों की फौज जो सिर्फ बड़े बड़े पद पर बैठ कर ठेकेदारी में ही व्यस्त है के आगे घिर गए है विधायक वोरा और सिफऱ् लोकार्पण कर पत्थरो में नाम लिखवा कर दुर्ग में विकास की बात कर रहे है . अगर ऐसी ही स्थिति रही और विधायक वोरा द्वारा शहर की बदहाल व्यवस्था के लिए एवं निगम में हो रहे भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया तो आने वाले विधान सभा में जनता को जवाब देना मुश्किल हो जायेगा क्योकि शहरी सरकार विधायक की मंशा के अनुरूप ही चल रही है और दुर्ग निगम क्षेत्र विधायक वोरा का विधान सभा क्षेत्र है ऐसे में देखना है कि विधायक वोरा द्वारा अब कौन सा रुख अख्तियार किया जाता है ....
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र में लगातार कीर्तिमान बनते जा रहा है। संयंत्र के विभाग उत्पादन में और डिस्पैच में अपने ही विभाग का लगातार रिकार्ड तोडते जा रहे हैं। इसी तारतम्य में भिलाई इस्पात संयंत्र के प्लेट मिल यूआरएम तथा बीआरएम ने माह अप्रैल से दिसम्बर अवधि में उत्पादन के नए रिकॉर्ड दर्ज कर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। संयंत्र के डायरेक्टर इंचार्ज अनिर्बान दासगुप्ता ने इन सभी विभागों के कार्मिकों व अधिकारियों को बधाई दी। इसके साथ ही कार्यपालक निदेशक वक्र्स अंजनी कुमार ने भी संयंत्र बिरादरी को उनके श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उत्कृष्ट टीम वर्क का सुपरिणाम है। प्लेट मिल ने 9 महीने में 93,179 टन बॉयलर प्लेटस् का उत्पादन कर, वर्ष 2017.18 के इसी अवधि में दर्ज किए सर्वश्रेष्ठ निष्पादन रिकॉर्ड 75,794 टन को ध्वस्त कर नया कीर्तिमान बनाया है। संयंत्र की मॉडेक्स इकाई यूआरएम ने 5,09,838 टन फिनिश्ड रेल प्रोडक्शन कर पिछले वर्ष 2020.21 के 5,06,761 टन प्रोडक्शन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। बार एंड रॉड मिल ने भी अप्रैल से दिसम्बर 2021 अवधि में 5,10,299 टन उत्पादन कर नया रिकॉर्ड दर्ज किया। बीआरएम ने यह रिकॉर्ड वर्ष 2020-21 के इसी अवधि में उत्पादित 2,37,920 टन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए बनाया है।
सेलेबल स्टील उत्पादन में श्रेष्ठ प्रदर्शन -बीएसपी ने चालु वित्त वर्ष 2021-22 के अप्रैल से दिसम्बर अवधि में 34,26,790 टन कुल सेलेबल स्टील प्रोडक्शन कर वर्ष 2013-14 के अप्रैल से दिसम्बर अवधि में उत्पादित 33,97,583 टन कुल सेलेबल स्टील प्रोडक्शन के रिकॉर्ड को ध्वस्त किया है।
एसएमएस.2 ने 38 हीट निकालकर नया रिकॉर्ड बनाया -संयंत्र की स्टील मेल्टिंग शॉप.2 ने 6 जनवरी को कंटीन्यूअस कास्टिंग शॉप ;सीसीएसद्ध के कास्टर.6 से सिंगल टंडिश में सिंगल सीक्वेंस में 38 हीट का उत्पादन कर एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। 4 जून 2015 को बनाए गए 36 हीट के सिंगल सीक्वेंस के पिछले सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए यह रिकॉर्ड बनाया गया। यह उपलब्धि एसएमएस.2 और बीएसपी के लिए उल्लेखनीय है क्योंकि इससे शॉप्स को स्लैब की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगीए जिसकी स्टील बाजार में उच्च मांग है। यह उपलब्धि कार्यपालक निदेशक ;वक्र्सद्ध अंजनी कुमार के मार्गदर्शन और मुख्य महाप्रबंधक ;एसएमएस.2द्ध सुशील कुमार के नेतृत्व में प्राप्त हो सकी है।
डिस्पैच में किया श्रेष्ठ प्रदर्शन -संयंत्र के विभिन्न विभागों ने मिलकर अप्रैल से दिसम्बर 2021 अवधि में 18,30,622 टन डायरेक्ट डिस्पैच तथा 34,67,564 टन सेलेबल स्टील की लोडिंग कर अपने पिछले रिकॉर्ड क्रमशरू वर्ष 2019-20 के अप्रैल से दिसम्बर अवधि के 16,28,645 टन डायरेक्ट डिस्पैच तथा वर्ष 2013-14 के अप्रैल से दिसम्बर अवधि में 33,64,115 टन सेलेबल स्टील की लोडिंग को पार कर नया बेस्ट अप्रैल से दिसम्बर का कीर्तिमान दर्ज किया है।
एमआईसी में लक्ष्मीपति राजू,एकांश बंछोर, केशव चौबे, संदीप निरंकारी,आदित्य सिंह सहित 14 लोगो को मिला जगह
स्वयं को महापौर बनने आवाज उठाना सुभद्रा को पड़ गया भारी, नही मिली एमआईसी में जगह
भिलाई / शौर्यपथ /
नगर पालिका निगम भिलाई के महापौर नीरज पाल ने स्वयं के कोरोना पॉजेटिव होने के कारण टेलिफोनिक और विडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से आज मेयर इन काउंसिल का गठन कर एमआईसी मेंबर्स के नामों की घोषणा के साथ उनके विभागों की भी घोषणा कर दी है। एमआईसी में जहां लक्ष्मीपति, एकांश बंछोर, सीजू एंथोनी,संदीप निरंकारी, केशव चौबे,साकेत चन्द्राकर,आदित्य सिंह,चन्द्रशेखर गंवई, लालचंद वर्मा सहित 4 महिलाओं को लेकर कुल 14 लोगों को एमआईसी में जगह दी गई है। जबकि सबसे सीनियर पार्षद सुभद्रा सिंह को एमआईसी में जगह नही दी गई। सुभद्रा सिंह को महापौर चुनाव के दिन स्वयं का नाम महापौर के लिए घोषित नही करने पर बगावत कर महापौर के लिए नामांकन कर बाद में नाम वापस लेना और मीडिया में कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ताओं की पूछ नही कहना भारी पड़ गया।
जानिये किनको मिला एमआईसी में स्थान और कौन सा विभाग
महापौर ने मन्नान गफ्फार खान को वित्त, लेखा एवं अंकेक्षण विभाग की जिम्मेदारी दी है। इसी तरह संदीप निरंकारी को सामान्य प्रशासन एवं विधायी कार्य विभाग, साकेत चंद्राकर को नगरीय नियोजन एवं भवन अनुज्ञा विभाग, एकांश बंछोर को लोक कर्म विभाग, केशव चौबे को जल-कार्य विभाग, सीजू एंथोनी को राजस्व विभाग, लक्ष्मीपति राजू को खाद्य, लोक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विभाग, लालचंद वर्मा को अग्निशमन, विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग, चंद्रशेखर गवई को गरीबी उपशमन एवं सामाजिक कल्याण विभाग, मीरा बंजारे को महिला एवं बाल विकास विभाग, मालती ठाकुर को अनुसूचित जाति एवं अनुसुचित जनजाति कल्याण विभाग, आदित्य सिंह को शिक्षा, खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग, नेहा साहू को पर्यावरण एवं उद्यानिकी विभाग और रीता सिंह गेरा को संस्कृति पर्यटन, मनोरंजन एवं विरासत संरक्षण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
मुंगेली शौर्यपथ // रासेयो इकाई शा उ मा विद्यालय फास्टरपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रतीक पुरुष स्वामी विवेकानन्द की जयंती( युवा दिवस) युवा महोत्सव जिला पंचायत मुंगेली के उपाध्यक्ष एवम शिक्षा समिति के अध्यक्ष परम् आदरणीय श्री संजीत बनर्जी के मुख्य आतिथ्य एवम प्राचार्य श्री एन डी कुर्रे की अध्यक्षता में मनाया गया। कार्यक्रम का प्रारम्भ स्वामी विवेकानन्द के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवम दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ। युवा महोत्सव में निबंध, रंगोली, भाषण,एवम कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।मुख्य अतिथि श्री संजीत बनर्जी एवम प्राचार्य के कर कमलों से प्रतियोगिता में प्रथम,द्वितीय एवम तृतीय स्थान प्राप्त छात्र/छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका ,युवा शक्ति को अपरिहार्य सत्य बताते हुए इस विद्यालय को खेल सामग्री एवम हर क्षेत्र में सहयोग प्रदान करने का आश्वाशन दिया। संस्था में संचालित ताइक्वांडो के खिलाड़ियों ने ताइक्वांडो का प्रदर्शन किया। विद्यालय के व्यायाम शिक्षक श्री आर बी देवांगन के नेतृत्व में खेल के क्षेत्र में स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को खेल प्रमाण पत्र वितरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री आर बी देवांगन एवम एन एस एस कार्यक्रम अधिकारी श्री अमृत प्रसाद बंजारा ने किया। इस अवसर पर युवा महोत्सव कार्यक्रम को प्राचार्य, एन एस एस स्वयं सेवक एवम अतिथियों द्वारा किया गया।
बुधवार को नगरी ग्रामीण क्षेत्र कि एक महिला कोरोना संक्रमित पाई गई।
अब नगरी ब्लाक में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 07 हो गई है।
144 धारा लागू होने के बावजूद भी सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क और भीड़ देखी जा रही है।
नगरी नगर पंचायत में 02। ग्रामीण क्षेत्र में 05 धनात्मक मरीज है।
रायपुर /शौर्यपथ/
सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आज अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य सहकारी विपणन संघ के अधिकारियों और जिला विपणन अधिकारियों (डीएमओ) विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया की धान उपार्जन केन्द्रों से 15 मार्च से पहले शत-प्रतिशत उठाव कर लिया जाए। खरीफ सीजन के लिए अभी से उर्वरक की आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहकारिता विभाग के विशेष सचिव हिमशिखर गुप्ता, प्रबंध संचालक मार्कफेड किरण कौशल, सचिव मार्कफेड संदीप गुप्ता और महाप्रबंधक दिलीप जायसवाल सहित राज्य स्तर के अधिकारी और जिला विपणन अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री डॉ. टेकाम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश से धान को नुकसान न हो, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। किसानों को भुगतान समय पर सुनिश्चित कर लिया जाए। सभी अधिकारी लक्ष्य के अनुसार कार्य करें। धान खरीदी और उसके निराकरण पर विशेष ध्यान रखें। पिछले वर्ष की खपत के अनुसार आगामी वर्ष के लिए उर्वरक की आपूर्ति कर ले। उन्होंने कहा कि धान के उठाव में गतवर्ष जहां-जहां कमी रही वहां ज्यादा ध्यान दिया जाए। बैठक में धान खरीदी, उर्वरक वितरण, किसानों को भुगतान, बारिश से धान के बचाव के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि विपणन संघ का प्रशासकीय विभाग सहकारिता विभाग है इसलिए सहकारी सोसायटी अधिनियम के तहत समस्त कार्य संपादित किए गए।
प्रबंध संचालक मार्कफेड किरण कौशल ने बताया कि वर्तमान में बारदान की कोई समस्या नहीं है। कमी होने पर संबंधित जिले के विपणन अधिकारी तीन दिन पहले से अवगत कराने के निर्देश दिए गए है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक लगभग 70 लाख मीटरिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। भुगतान के लिए 12 हजार 934 करोड़ रूपए की राशि जारी की जा चुकी है। समितियों से 32 लाख 15 हजार मीटरिक टन का उठाव हो चुका है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
