August 19, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    रायपुर

    रायपुर (6090)

    संजीवनी वृद्ध आश्रम, कोटा में रहने वाले बुजुर्गों को कोविड का दूसरा डोज़ लगाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण किया गया । टीकाकरण को शत प्रतिशत पूर्ण करवाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लक्ष्मी तिवारी का सहयोग महत्वपूर्ण रहा ।
    वृद्ध आश्रम में रहने वाले 35 लोगों को दूसरा डोज़ दिया गया| कोविड-19 का प्रथम डोज़ लगाने के समय बुजुर्गों के मन में बहुत सारी जिज्ञासाऐं थी जिन्हें जानकारी देकर शांत किया गया ।
    गुढ़ियारी सेक्टर की पर्यवेक्षक रीता चौधरी ने बताया:“संजीवनी वृद्ध आश्रम कोटा मेंरहने वाले बुजुर्गों का सियान सदन बाल गंगाधर तिलक वार्ड क्रमांक 18 में शत प्रतिशत वैक्सीनेशन किया जा चुका है । वृद्ध आश्रम में रहने वाले 35 बुजुर्गों का वैक्सीनेशन करवा गया है । इसमें 25 महिलाऐं और 10 पुरूषों शामिल है। टीकाकरण करवाने वालों में सबसे वृद्ध 90 वर्षिय यशवंत सिन्हा भी आए थे।
    रायपुर पश्चिम के विधायक विकास उपाध्याय द्वारा पहल करते हुए होम आइसोलेशन और कोविड-19 गाइडलाइन की पुस्तिका का वितरण भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से करवाया जा रहा है जिसको पूरे उत्साह के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया है ।
    आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लक्ष्मी तिवारी बताती है:“बुजुर्ग लोगों को सियान सदन में लाकर चरणबद्ध तरीके से उनका टीकाकरण किया गया । कुछ बुजुर्ग लोगों का टीकाकरण जिस वाहन में वह आए थे वही जाकर वैक्सीनेटर द्वारा किया गया । साथ ही शारीरिक दूरी और मास्क का प्रयोग किया गया और नियम अनुसार उनको वापस वृद्ध आश्रम तक पहुंचाया गया ।‘’
    संजीवनी वृद्ध आश्रम में रहने वाले 75 वर्षिय बुजुर्ग ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कोविड-19 से बचने के लिए वैक्सीनेशन के दोनों डोज़ अनिवार्य रूप से लेना चाहिए जिससे कोविड-19 के संक्रमण से सुरक्षित हो सके । ``मैंने भी आज अपना दूसरा डोज़ यहां आकर लिया है । मैं अपने हमउम्र लोगों से अपील भी करता हूं कि वह भी वैक्सीनेशन करवाएं और महामारी को खत्म सहयोग करें।“
    जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पांडे के मार्गदर्शन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिका दिए गए निर्देशों और कार्यों को लगन के साथ कर रहे

    नगरी। 12 मई,नगरी में शाम 06 बजे तक 112 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान की गई ।
    इनमें नगर पंचायत के 08 ( RTPCR से 00और Antigen 08 )एवं  नगरी ग्रामीण क्षेत्र में 104 ( RTPCR से 00 व Antigen से 104)पॉजिटिव मरीज है।

    *रिकव्हरड*
    नगरी नगर पंचायत के 09 रिकव्हरड हुए और 13 का होम आइसोलेशन पूर्ण हुआ।
    - नगरी ग्रामिण के 58 रिकव्हरड हुये। 48 का होम आईसोलेशन पूर्ण हुआ।

    *कोविड केयर सेंटर की जानकारी*
    +सीएचसी नगरी में 15 मरीज भर्ती थे। जिनमें 10 मरीजो को आँक्सीजन पर रखा गया है। 00 डिस्चार्ज किया गया। 00 मरीज को रेफर किया गया।
    +50 बिस्तर छात्रावास 18 भर्ती है। 00 मरीज डिस्चार्ज किया गया। रेफर 00

    *कोविड से मृत्यु*
    अस्पताल में 01 मरीजों की मृत्यु रिपेर्ट की गई। रेफरल के दरम्यान 00 मृत्यु। अब तक कुल मृत्यु 66

    *कंटेनमेंट जोन की जानकारी*
    वर्तमान में 16 एकटीव कंटेनमेंट जोन है।

    नगरी। "नर्सिज डे" पर ग्राम पंचायत गोरेगांव,संकुल केन्द्र-अमाली में पदस्थ नर्स (कोरोना वारियर्स ) का श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया।
    इस अवसर पर अन्तँरविभागीय कोविड-१९ जागरूकता अभियान टीम, संकुल समन्वयक गजानंद सोन, खेमिन साहू, कु. संगीता देवाँगन, कु. कीर्ति कंवर ए.एन.एम, सरपंच मालती ध्रुव ,धनेश्वरी अटलखाम उपसरपंच, अनिक ध्रुव सचिव मौजूद रहे

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ काँग्रेस के प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल में रायपुर के राजधानी हॉस्पिटल में आगजनी मामले को लेकर रायपुर एस. पी. अजय यादव को पत्र लिखा और कहा है कि आगजनी मामले पर 7 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और शासन द्वारा जारी किए गए आदेश के बाद की गयी कार्यवाही में 2 डॉक्टर गिरफ्तार कर लिए गये हैं।
    प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने निवेदन किया है कि:-
    1.अस्पताल प्रबंधन के शेष जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए।
    2. बिना फायर सिस्टम के हॉस्पिटल चल रहा था उन जिम्मेदारों पर कार्यवाही होनी चाहिए।
    3.बिना पर्याप्त सुविधाओं के हॉस्पिटल को नर्सिंग एक्ट के तहत संचालन की अनुमति प्रदान करने वालो पर कार्यवाही हो।
    अंत मे प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने निवेदन किया कि सांठ गांठ कर जान से खिलवाड़ करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को जाँच के दायरे में लेकर कठोर कार्यवाही की जावे। इस घटना में रायपुर दक्षिण विधानसभा के भाँठागाँव मे रहने वाले परिजन भी हताहत हुए हैं तथा सभी मृतकों के इलाज के लिए जमा की गयी राशि भी वापस नही हुई है। इस पत्र की प्रतिलिपि रायपुर वरिष्ठ पुलिस महानिदेशक को भी सौंपी गई है।

    अस्पताल में नर्स का किरदार निभाना और घर को चलाना काफी संघर्ष पूर्ण रहता है । कभी मां कभी बेटी तो कभी बहू बनना पड़ता है । जिला अस्पताल, कालीबाड़ी की नर्स नेहा ऐडे का डेढ़ वर्ष का बच्चा है और वह संयुक्त परिवार में रहती है ।
    कोविड-19 के शिविर जांच में एक माह तक लगातार सेवा देकर प्रतिदिन 40 से 50 लोगों का टेस्ट कर वह घर पहुँचती थी जहां वह मां, बेटी और एक बहू का रोल निभाती है जो किसी संघर्ष से कम न था । लेकिन खुशी भी थी की कम से कम कोविड-19 के प्रसार को खत्म करने के लिए लगातार लगे हुए है ।
    ``विभाग ने अपनी पूरी शक्ति झोंक दी है लोगों की सेवा करने में । लोगों से निवेदन है की वह सरकार द्वारा समय समय पर जारी निर्देशों का पालन करें जिस प्रकार आप अपने परिवार की सुरक्षा चाहते है उसी प्रकार हम भी अपने घर सुरक्षित जाना चाहते है,’’ नेहा कहती है ।
    ``डेढ़ वर्ष से ज्यादा समय कोविड-19 को प्रदेश में आये हो चुका है। नियमित रूप से प्रिकॉशन लेने से कोविड-19 से बचा जा सकता है । भगवान की दया यह रही है कि मुझे अभी तक कोविड-19 नहीं हुआ है,’’ नेहा कहती है।
    वर्तमान में न्यू बोर्न बेबी के टीकाकरण की जिम्मेदारी है कोविड-19 के दौर में इस जिम्मेदारी का निर्वाहन करना भी एक चुनौती से कम नहीं है । बच्चे को सुरक्षित रखना, उसकी मां को सुरक्षित रखना और अपने को भी सुरक्षित रखना है । यह एक बड़ा चैलेंज हमारे बीच है बस हर समय भगवान से यही प्रार्थना रहती है “सब सुरक्षित रहे जहां रहे। “
    नर्स के तौर पर प्रथम बार 2017 में ज़िला अस्पताल कालीबाड़ी में नेहा ने नौकरी की शुरुआत की थी। जब वह एनआरसी (न्यूट्रिशन रिहैबिलिटेशन सेंटर) यानि पोषण पुनर्वास केंद्र में सेवा दे रही थी तब एक बच्ची ने उसके जीवन को एक नया मोड दिया।
    नेहा बताती है:“जब पोषण पुनर्वास केंद्र में सेवा देना शुरू किया वहाँ एक अति गंभीर कुपोषित 2 वर्षीय बालिका को लाया गया। उस समय लगा उसका बचना मुश्किल है क्योंकि उसका वजन बहुत ही कम था । उसको विशेष देखभाल की जरुरत थी । मैंने सोच लिया मेहनत करके मैं इसको नया जीवन दूंगी ।‘’
    बस फिर क्या था नेहा उसकी सेवा में लग गई और उसकी मां को भी पोषक आहार के बारे में बताया । वह बच्ची बच गई । ``उस समय लगा कि मैंने जीवन में सही सेवा की है और उसी दिन से सेवा को ही जीवन बना लिया है ।“
    डीईआईसी विभाग (डिस्ट्रिक अर्ली इंटरवेंशन सेंटर)में एक वर्ष सेवा दी यहां पर जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई| लोगों को यह समझने की जरूरत है कि उनके बच्चे में भी एक विशेष बच्चा छुपा है । यहां पर ऑटिज्म के मानसिक विकार बच्चों के लिए काम किया और जीवन को एक जबरदस्त अनुभव भी मिला ।

    नगरी। 11 मई,नगरी में शाम 06 बजे तक 35 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान की गई ।
    इनमें नगर पंचायत के 08 ( RTPCR से 00और Antigen 08 )एवं  नगरी ग्रामीण क्षेत्र में 27 ( RTPCR से 00 व Antigen से 27)पॉजिटिव मरीज है।

    *रिकव्हरड*
    नगरी नगर पंचायत के 11 रिकव्हरड हुए और 18 का होम आइसोलेशन पूर्ण हुआ।
    - नगरी ग्रामिण के 87 रिकव्हरड हुये। 116 का होम आईसोलेशन पूर्ण हुआ।

    *कोविड केयर सेंटर की जानकारी*
    +सीएचसी नगरी में 14 मरीज भर्ती थे। जिनमें 12 मरीजो को आँक्सीजन पर रखा गया है। 00 डिस्चार्ज किया गया। 04 मरीज को रेफर किया गया।
    +50 बिस्तर छात्रावास 16 भर्ती है। 02 मरीज डिस्चार्ज किया गया।रेफर 00

    *कोविड से मृत्यु*
    अस्पताल में 01 मरीजों की मृत्यु रिपेर्ट की गई। रेफरल के दरम्यान 00 मृत्यु। कुल 01 ढंमृत्यु

    *कंटेनमेंट जोन की जानकारी*
    वर्तमान में 18 एकटीव कंटेनमेंट जोन है।

    नगरी। 10 मई,नगरी में शाम 06 बजे तक 76 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान की गई ।
    इनमें नगर पंचायत के 6 ( RTPCR से 00और Antigen 6 )एवं  नगरी ग्रामीण क्षेत्र में 70 ( RTPCR से 00 व Antigen से 76)पॉजिटिव मरीज है।

    *रिकव्हरड*
    नगरी नगर पंचायत के 14 रिकव्हरड हुए और 22 का होम आइसोलेशन पूर्ण हुआ।
    - नगरी ग्रामिण के 47 रिकव्हरड हुये। 111 का होम आईसोलेशन पूर्ण हुआ।

    *कोविड केयर सेंटर की जानकारी*
    +सीएचसी नगरी में 23मरीज भर्ती थे। जिनमें 12 मरीजो को आँक्सीजन पर रखा गया है। 00 डिस्चार्ज किया गया। 00 मरीज को रेफर किया गया।
    +50 बिस्तर छात्रावास 18 भर्ती है। 00 मरीज डिस्चार्ज किया गया।रेफर 00

    *कोविड से मृत्यु*
    अस्पताल में 02 मरीजों की मृत्यु रिपेर्ट की गई। रेफरल के दरम्यान 00 मृत्यु। कुल 02मृत्यु

    *कंटेनमेंट जोन की जानकारी*
    वर्तमान में 18 एकटीव कंटेनमेंट जोन है।

    कोविड-19 से ठीक हुए मरीजों में यह इन्फेक्शन दिखने को मिल रहा है

    कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच कई लोग म्यूकोरमाइकोसिस नाम के फंगल इन्फेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। यह दुर्लभ फंगल इन्फेक्शन है जो किसी व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर होती है| कोविड-19 और डायबिटीज के मरीजों के लिए यह इन्फेक्शन और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। इस संक्रमण को `ब्लैक फंगस’ के नाम से भी जाना जाता है|
    क्या है म्यूकोरमाइकोसिस?
    इंडियन काउन्सल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा जारी अड्वाइज़री के अनुसार म्यूकोरमाइकोसिस फंगल इंफेक्शन है जो शरीर में बहुत तेजी से फैलता है। म्यूकोरमाइकोसिस इंफेक्शन नायक, आँख, दिमाग, फेफड़े या फिर स्किन पर भी हो सकता है। इस बीमारी में कई लोगों की आंखों की रौशनी चली जाती है वहीं कुछ मरीजों के जबड़े और नाक की हड्डी गल जाती है।
    कोरोना के मरीजों को ज्यादा खतरा
    म्यूकोरमाइकोसिस आम तौर पर उन लोगों को तेजी से अपना शिकार बनाती है जिन लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है। कोरोना के दौरान या फिर ठीक हो चुके मरीजों का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर होता है इसलिए वो आसानी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। खासतौर से कोरोना के जिन मरीजों को डायबिटीज है। शुगर लेवल बढ़ जाने पर उनमें म्यूकोरमाइकोसिस खतरनाक रूप ले सकता है।
    यह संक्रमण सांस द्वारा नायक से व्यक्ति के अंदर चला जाता है| जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता काम होती है उनको यह जकड़ लेता है|
    लक्षण
    • नाक में दर्द हो, खून आए या नाक बंद हो जाए
    • नाक में सूजन आ जाए
    • दांत या जबड़े में दर्द हो या गिरने लगें
    • आंखों के सामने धुंधलापन आए या दर्द हो, बुखार हो
    • सीने में दर्द
    बुखार
    सिर दर्द
    खांसी
    सांस लेने में दिक्कत
    खून की उल्टियाँ होना
    कभी दिमाग पर भी असर होता है
    किन रोगियों में ज्यादा पाया गया है:
    • जिनका शुगर लेवल हमेशा ज्यादा रहता है
    • जिन रोगियों ने कोविड के दौरान ज्यादा स्टेरॉइड लिया हो
    • काफी देर आय सी यू में रहे रोगी
    • ट्रांसप्लांट या कैंसर के रोगी
    कैसे बचें
    • किसी निर्माणधीन इलाके में जाने पर मास्क पहनें
    • बगीचे में जाएं तो फुल आस्तीन शर्ट, पैंट व गलब्स पहनें
    • ब्लड ग्लूकोज स्तर को जांचते रहें और इसे नियंत्रित रखें
    स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है हल्के लक्षण दिखने पर जल्दी से डॉक्टर से संपर्क करें| कोविड के रोगियों में अगर बार बार नाक बंद होती हो या नाक से पानी निकलता रहे, गालों पर काले या लाल चकते दिखने लगें, चेहरे के एक तरफ सूजन हो या सुन्न पद जाए, दांतों और जबड़े में दर्द, काम दिखाई दे या सांस लेने में तकलीफ हो तो यह ब्लैक फंगस हो सकता है|

    छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रांतीय आईटी सेल सदस्य कैलाश सोन ने कोरोना का टीका लगाया तथा ग्राम फरसियां के अन्य लोगों को टीका लगाने हेतु प्रेरित किया।जो भी शिक्षक कोरोना ड्यूटी में लगा है वे यथाशीघ्र अपने व अपने परिजनों का टीकाकरण करा लेवें।
    साथ ही साथ उन्होंने आग्रह किया है कि प्रत्येक शिक्षक अपने पारा मोहल्ले से 10-10 लोगो को टीकाकरण हेतु प्रेरित करें।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision