August 18, 2026
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    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज समय-सीमा की बैठक में कोविड-19 की रोकथाम के लिए शासन द्वारा जारी मापदण्ड के अनुसार कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने समय-सीमा में गिरदावरी कार्य, फसल बीमा क्षतिपूर्ति आंकलन, गोधन न्याय योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजना में ईमानदारीपूर्वक कार्य करते हुए प्रगति लाने के निर्देश दिए।
    कलेक्टर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार बिना लक्षणों एवं कम लक्षण वाले मरीजों को होम आईसोलेशन की अनुमति प्रदान की जा सकती है। मरीज के परिवार के सदस्यों में बुजुर्ग, घर में गर्भवती महिला या गंभीर बीमारी से पीडि़त मरीज से दूर रहने की सलाह दें। मरीज के घर में अलग कमरा या शौचालय न हो तो मरीज के लिए कोविड केयर सेन्टर में व्यवस्था सुनिश्चित करना है। श्री वर्मा ने कहा कि जिले में कोरोना टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए। शासन के निर्देशानुसार घर के एक व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाता है तो परिवार के अन्य सदस्यों का उपचार तत्काल प्रारंभ किया जाए और उन्हें कोरोना संबंधी दवाई किट उपलब्ध कराई जाए। श्री वर्मा ने कहा कि वर्तमान में कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है, वह पूर्णत: वैज्ञानिक तरीके से मान्यता प्राप्त है। इसके संबंध में किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाह पर ध्यान न दे। सर्दी, खांसी, बुखार लक्षण वाले मरीज अनिवार्य रूप से जांच कराएं। सभी विकासखंड, तहसील एवं ग्राम पंचायत स्तर पर इसका प्रचार-प्रसार करें। जिससे स्वयं जागरूक होकर टेस्ट कराने के लिए पे्ररित हों।
    कलेक्टोरेट वर्मा ने कोरोना मरीजों की चिकित्सा सलाह के लिए कन्ट्रोल रूप स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सभी समन्वित रूप से कार्य करें। यदि किसी कोरोना मरीज की मृत्यु होती है तो कोरोना के साथ अन्य बीमारी है तो इसका उल्लेख भी होना चाहिए। उन्होंने विकासखंड स्तर पर बनाए कोविड सेन्टरों में चिकित्सीय संसाधन आक्सीमीटर, बीपी मशीन, मधुमेह टेस्ट तथा भोजन, पेयजल, स्वच्छता की व्यवस्था होनी चाहिए। इन सेन्टरों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करें तथा निरंतर निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्यालय में ही रहे इसका कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने वन विभाग तथा आयुष विभाग को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काढ़ा एवं आयुर्वेदिक दवाई वितरण करने और इसका प्रचार-प्रसार करने कहा। कलेक्टर वर्मा ने कोरोना से मृत्यु होने पर मृतक शव का अंतिम संस्कार उसके गृह ग्राम में प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किया जाएगा।
    कलेक्टर वर्मा ने एक सप्ताह में गिरदावरी कार्य तथा इसकी एन्ट्री साफ्टवेयर में करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान रकबा का भौतिक सत्यापन जरूर करें। जिन स्थानों पर गिरदावरी पूरा हो गया है वहां इसका प्रकाशन किया जाए एवं मुनादी किया जाए ताकि किसान अपने रकबे का मिलान कर सके। उन्होंने कहा कि राजस्व अमले की जिम्मेदारी कि वे ईमानदारीपूर्वक कार्य करें जिससे धान खरीदी के समय कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। गड़बड़ी पाए जाने पर एफआईआर किया जाएगा। श्री वर्मा ने कहा कि शासन द्वारा गोधन न्याय योजना एप्प बनाया गया है। इसी के माध्यम से गोबर खरीदी की जाएगी। इससे संबंधित नोडल अधिकारी एप्प डाउनलोड करके सभी जानकारी एन्ट्री करें।
    इस एप्प के माध्यम से गोबर खरीदी से वर्मी कम्पोस्ट निर्माण में इसकी वास्तविक उपलब्धता की जानकारी मिलेगी। कलेक्टर ने कहा कि दो अक्टूबर को नवीन पंचायत भवनों का लोकार्पण किया जाना है। जिन भवनों का निर्माण कार्य शेष है उसे समय से पहले पूरा किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में शत प्रतिशत कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा से हुए फसलों की क्षति का अवलोकन कर जल्द ही क्षतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। श्री वर्मा ने कहा कि कुछ व्यवसायियों द्वारा सब्जी, दवाईयों का मूल्य बढ़ाकर बेचा जा रहा, इस पर सख्त कार्रवाई करें।
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा कि अगस्त के बाद प्रदेश में एवं जिले में कोरोना के केस बढ़े हैं। सर्दी, खांसी एवं बुखार के लक्षण वाले मरीजों की जांच 24 घंटे के भीतर की जानी है। ऐसे लक्षण वाले मरीज तत्काल स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को सैम्पल लेने की संख्या बढ़ाने को कहा। उन्होंने कहा कि अब तक जिले में 40 हजार सैम्पल लिए जा चुके हैं और 32 मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित मृतक का शरीर अत्यधिक कोरोना संक्रमित होता है। जिससे अन्य लोगों को संक्रमित होने की संभावना ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि सर्दी, खांसी एवं बुखार के लक्षण वाले मरीजों की जानकारी मितानीन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दे सकती हैं और उन्हें आईसोलेट किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें तो कोरोना संक्रमण से जरूर जीत पाएंगे। उन्होंने कहा कि मृत्यु दर को रोकने के लिए यह बहुत जरूरी है कि कोरोनो संक्रमित व्यक्ति समय पर इसकी जानकारी दें और समय पर जांच एवं उपचार कराएं। विलंब से बताने पर सांस लेने में कठिनाई एवं फेफड़े प्रभावित होते है इसीलिए समय पर उपचार इसका निदान है। अस्थमा, बीपी एवं अन्य बीमारियों से पीडि़त मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है। बैठक में अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए विकासखंड अधिकारी जुड़े रहे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर जनदर्शन से मिली शिकायत के आधार पर आज नगर पालिक निगम दुर्ग का राजस्व विभाग अमला जिला प्रशासन के तहसीदार, मोहन नगर पुलिस बल के साथ आईएचएसडीपी आवास में जबरन घुसे अवैध कब्जाधारियों वाले आवासों में निगम ने अपना ताला लगाकर सील कर दिया । यदि किसी के भी द्वारा सीलबंद ताला को तोड़ा या खोला जाता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही प्रस्तावित किया जावेगा । कार्यावाही के दौरान उपरोक्त आवासों को कब्जा करने वाले कोई भी व्यक्ति मॉजूद नहीं मिले। कार्यवाही के दौरान उरला वार्ड क्रं0 57-58 के पार्षद व महिला बाल विकास प्रभारी सुश्री जमुना साहू, पार्षद बृजलाल पटेल, मजिस्ट्रेट तहसीदलदार सत्येन्द्र शुक्ला, मोहन नगर टी आई बृजेेश कुशवाहा, निगम के राजस्व अधिकारी आर0के0 बंजारे, उपअभियंता विनोद मांझी, नोडल निशांत यादव, उमेश चंद्राकर, उमेश यादव, तथा पुलिस बल और निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।
    उल्लेखनीय है कि जिला कलेक्टर जनदर्शन से शिकायत मिली थी कि उरला स्थित आईएचएसडीपी आवासों में अवैध लोगों ने जबरन कब्जा कर निवास कर रहे हैं। एैसे लोगों की पतासाजी के लिए आयुक्त इंद्रजीत बर्मन के निर्देशानुसार निगम कर्मचारियों से सर्वे कराया गया । जिसमें लगभग 55 लोगों का नाम सामने आया है जिसमें से अधिकांशन आवास आबंटितियों ने आवास आबंटन कर किराये पर दे रखा है उन आवासों में रहने वाले लोगों के द्वारा आये दिन तामाशा किये जाने की जानकारी आस-पास के लोगों ने दिया है। इसके अलावा कुछ आवासों में कई लोग खाली होने पर स्वत: घुस गये हैं कुछ आवासों में दरवाजा खिड़की भी नहीं हैं फिर भी लोग जबरदस्ती अंदर रह रहे हैं। निगम कर्मचारियों ने एैसे लोगों को चिन्हित कर सूची तैयार की। आयुक्त श्री बर्मन के निर्देशानुसार आज कब्जाधारियों को आवास खाली कराने की दृष्टि से 27 बंद आवासों में निगम ने अपना ताला लगाकर तालाबंदी की ।
    निगम अधिकारियों ने बताया सर्वे के दौरान सभी अवैध कब्जाधारियों को आवास खाली करने सूचित किये जाने के साथ ही उनके आवास में नोटिस चस्पा किया गया निगम कार्यालय सूचना पटल पर तथा आईएचएसडीपी आवास के ब्लाक क्रं0 27 में नोटिस चस्पा किया गया है कि वे 15 दिवस के अंदर आवास के संबंध में अपना दावा-आपत्ति निगम में जमा करायें। आईएचएसडीपी आवास के सर्वे की जांच में पाया गया कि तुलश शर्मा, कविता शर्मा, अनिता/गणपत राय, शीलन/संतु, रेशमा सुलताना, उषा/अनिल कुमार, ज्योति शर्मा, दुर्गावती/चंद्रभान, सरिता/राधेश्याम, विमला संतोष, सुजीत कौर, नूरबानो, शीला डोंगरे, दीपिका/बजरंग, नरगीस/मो0अली, रामबती यादव, निर्माला/बिहारीलाल, सुनिता बाई/उत्तम, संध्या भोसले, मीना/संतोष महोबिया, उषाबाई/आदि कुमार, ज्योति भट्ट, हेमलता/प्रवीण, नम्रता मिश्रा, गीता गेडाम, शशीकला/देवानंद, यशोदा ठाकुर, इन्द्रणी/संतोष सिंह, गोमती/सम्राट, रामकुमार ठाकुर, सविता/लक्ष्मीनाथ, अमरित यादव, श्यामलाल/अरुण, ममता मिश्रा, अनसुई नायक, गीता/स्व0सिंहारन, लता/संतोष लोखंडे, नीरा यादव, विमल बाई/अशोल, शकीला/करीम, जोहरा बेगम/मो0दिलदार, मंजुला भट्ट, ममता/कैलाश चंद्राकर, सुमन ठाकुर, वर्षा सोनी, मीना/धर्मेन्द्र यादव, लता/राजकुमार, और देबल/उत्तम पाटनकर को आवास आबंटित हुआ है। परन्तु इनमें से कोई भी व्यक्ति आईएचएसडीपी के आबंटित आवास में नहीं रहते हैं।
    उल्लेखित सभी आवासों में कब्जाधारी रहते हैं। आवासों में धनीराम, निर्मला/ ज्ञानेश्वर, शीला ठाकुर, कमला बाई ढबरे, भागबती ठाकुर, प्रदीप साहू, सोनू, बुधयारिन पटेल, कुंवर सिंह, सोनम/तिहारु, ममता सोनवानी, भारती, ज्योति मिश्रा, सावित्री/ बिसौहा, खूशबू, राजेश रामटेके, मन्नू यादव, सरस्वती भांडेकर, मंगलू साहू, लक्ष्मी बाई, करण, रुबी देशमुख, बबली, राजू यादव, ममता मानिकपुरी, संदीप साहू, अंतिमा मिश्रा, सविता/राजेन्द्र, दिलीप जैन, प्रिया/सोनू, हर्ष कौर, मनप्रीत कौर, पिंकी सावंत, रवि सरदार, मीना बाई, गुलाब/लोकेश, सरोजनी सोनी, ममता, बबीता सोनी, राधिका, चेतना रामटेके, उषा यादव, सुजाता सोनी, निहाल नायक, दुर्गेश ठाकुर, वर्षा वर्मा, भारती/भूपेन्दर, मधु चैधरी, सीमा सोनी, बबीता सिंह, राजिम सतनामी, बिराजो बाई, चंदा बाई मानिकपुरी, तीजन बाई/लखन ने कब्जा किया है। जहॉ-जहॉ आवासों में ताला लगा था वहॉ-वहॉ पुलिस की मौजूदगी में निगम ने अपना ताला लगाया और आस-पास के लोगों का हस्ताक्षर लेकर पंचनामा भी बनाया ।

    भिलाई नगर / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम का स्वास्थ्य विभाग मौसमी बीमारी की रोकथाम के लिए जोन स्तर पर विशेष सफाई अभियान चला रही है। महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव, कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे और निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के निर्देश के अनुसार टीम डेंगू नियंत्रण को लेकर सजगता से कार्य कर रही है। साथ ही डोर टू डोर टेमीफास दवा का वितरण कर मच्छर के लार्वा को नष्ट करने के उपाय बताए जा रहे है। मंगलवार को जोन-4 वीर शिवाजी नगर खुर्सीपार के जन स्वास्थ्य विभाग के सफाई कामगारों की टीम ने डेंगू नियंत्रण को लेकर वार्ड 30 बालाजी नगर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया। 320 घरों के कूलर, गमला और टंकी की जांच पड़ताल कर दवा का छिड़काव किया गया। सड़क, नालियों की सफाई के साथ ही कोरोना की रोकथाम हेतु मकान और दुकान को सैनिटाइज भी किया गया।
    टेमीफास् की रिफिलिंग कार्य जारी
    जोन-4 के घरों में टेमीफास् का वितरण घर-घर किया गया है, पुन: घरों का सर्वे कर टेमीफास्ट का वितरण किया जा रहा है! शिवाजी नगर के वार्डों में सड़क, नालियों की रूटीन सफाई के साथ ही जमे हुए पानी में जला आयल, कचरा हटाने के बाद ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव और मच्छर के लार्वा को नष्ट करने के लिए टेमीफास दवा की रिफिलिंग का कार्य चल रहा है। इस कार्य में वार्ड के स्वच्छता गैंग के सफाई कामगार भी कार्य कर रहे हैं। जोन के स्वास्थ्य अधिकारी महेश पांडे ने बताया कि निगम प्रशासन की मुस्तैदी से कार्य करने के कारण इस वर्ष शिवाजी नगर क्षेत्र में डेंगू के पेशेंट नहीं मिले हैं!
    23735 घरों में टीम दे चुकी है दस्तक
    जोन स्वास्थ्य विभाग की टीम 18 मार्च 2020 से 5 सितंबर 2020 तक जोन 4 के अंतर्गत वार्ड -28 से वार्ड 39 के 23735 घरों में दस्तक दे चुकी है। 21068 कुलर की जांच व दवा डालकर सफाई करवाया जा चुका है। 23735 घरों में टेमीफास दवा की बोतल का वितरण किया गया है। इसके अतिरिक्त पीलिया से बचाव के लिए 19137 घरों में 192000 क्लोरीन टेबलेट और मौसमी बीमारी से बचाव के लिए जन जागरूकता के तहत 6630 नग पाम्पलेट का वितरण किया जा चुका है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग निगम में शायद ही कोई अधिकारी होगा जो आते ही लगातार विवादों में घिरा हो , प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रभार सँभालने के बाद जल्द ही प्रभार में बदली , अमृत मिशन के कार्य से भी जल्दी ही प्रभार में बदली , बिना निविदा के ठेके देने और मनपसंद ठेकेदार को फायदा पहुँचाने में अग्रणी , सुखा राशन वितरण में कई सवालिया निशान , दुर्ग निगम में स्वयभू सर्वेसर्वा और सबसे ज्यादा जानकार समझने वाले प्रभारी ईई मोहन पूरी गोस्वामी यु तो निगम में ढेढ़ साल ही हुए है आये हुए किन्तु इन डेढ़ साल में पत्रकारों को लिफाफा बांटकर अपनी तरफ करने की पुरजोर कोशिश भी पिछली दीपावली में फेल हो गयी .
    शौर्यपथ संचार पत्र ने पिछले अंको में प्रकाशित किया था कि किस तरह बिना निविदा के कार्य को गोस्वामी द्वारा करने की अनुमति ठेकेदार को दे दी गयी ऐसा पहले भी हो चूका है इस बारे में ईई का कहना है कि अतिआवश्यक कार्य के कारण ठेका दिया गया . मामला चाहे जो भी हो किन्तु अब एक नया मामला सामने आया जिसमे निगम आयुक्त द्वारा ईई गोस्वामी को नोटिस जारी हुआ है जिसमे कार्य में लापरवाही की बात कड़े शब्दों में की गयी . उपरोक्त नोटिस के अनुसार ईई गोस्वामी द्वारा कई कार्यो के कार्यादेश जरी करने में 9 माह का समय बीत जाने के बाद भी कार्यादेश जारी नहीं करने के कारण पत्र प्रेषित किया गया और इस तरह कार्य की पुनरावृत्ति ना होने की बात कही गयी . एक तरफ ईई गोस्वामी मनपसंद ठेकेदारों को बिना निविदा कार्य सौप रहे है वही दूसरी तरफ जिनको ठेका मिला उन्हें कार्यादेश नहीं देकर ठेकेदारों को परेशान किया जा रहा है क्या ऐसे ईई पर महापौर और शहर विधायक मामले को संज्ञान में लेकर कोई सख्त कदम उठाएंगे या मौन रहेंगे ?

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) का संक्रमण निगम सीमाक्षेत्र में तेजी से फैल रहा है, जिसके कारण गत दिनों निगम के जनप्रतिनिधियों का कोरोना पाजिटीव पाये जाने के उपरांत निगम के कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों का भी टेस्ट कराया गया और आम नागरिकों को कोरोना संक्रमण न हो इस बात को ध्यान में रखते हुये निगम कार्यालय आम नागरिकों के लिये 29 अगस्त 2020 तक उसके उपरांत 6 सितंबर तक प्रतिबंधित किया गया था। जिसे अब बढा कर 12 सितंबर तक प्रतिबंधित किया गया हैै। साथ जिलाधीश के निर्देश पर कोरोना संक्रमण के बढते प्रकोप को देखते हुये घर घर सर्वे के लिये अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी गयी है।
    निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने बताया कि निगम क्षेत्र में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलने के साथ-साथ निगम का जनप्रतिनिधि एंव कर्मचारी संक्रमित पाये जाने के कारण (कोविड-19) के संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के अलावा नागरिकों को केारोना संक्रमण से दूर रखने के दृष्टिगत रखते हुये निगम कार्यालय को 22 अगस्त से 29 अगस्त 2020 तक आम नागरिकों के आने जाने हेतु पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया था। जिसे 1 सितम्बर से 6 सितम्बर 2020 बढाया गया था चुकि कोरोना संक्रमण शहर में अब भी तेजी से फैल रहा हैए जिसे ध्यान में रखते हुये आम नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुये आम नागरिकों के लिये दिनांक 7 सितंबर से 12 सितंबर 2020 तक निगम कार्यालय आना-जाना प्रतिबंधित किया जाता है। अति आवश्यक सेवा से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिये अपने वार्ड पार्षद से संपर्क करे, ताकि पार्षद भी निगम के संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों से दूरभाष (मोबाईल) में संपर्क कर समस्या का निराकरण करायेंगे। इसी प्रकार कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुये जिलाधीश के निर्देश पर घर-घर सर्वे करने अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गयी है, ताकि कोरोना संक्रमण की जानकारी मिल सके।
    आयुक्त श्री कौशिक ने नागरिकों से अपील की है कि अति आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकले, मॉस्क व सेनेटाईजर का उपयोग करे, बार बार साबुन से हाथ धोवें तथा सोसल डिस्टेंसिंग का पालन करे, इसके अलावा सर्दी, खासी या बुखार के लक्षण होने पर नजदिकी स्वास्थ्य केन्द्र या डॉक्टर से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि सावधानी बरत कर ही हम कोरोना महामारी से लड सकते है। साथ ही उन्होंने नागरिकों से सर्वे टीम को सरदी खासीए बुखार या अन्य समस्या के संबंध में सही सही जानकारी देने की अपील की है, ताकि कोरोना संक्रमण की पहचान की जा सके एवं सही समय में उसका ईलाज कर कोरोना संक्रमण से बचा जा सके।

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कल 8 सितम्बर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जनता को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।मुख्यमंत्री ने आज यहां जारी अपने बधाई संदेश में कहा है कि आज का दिन अक्षरों की अलख जगाने, अक्षर ज्ञान की महत्ता बताने का दिन है। अक्षर ज्ञान के प्रकाश से अपने और समाज के जीवन में चेतना, सुख और समृद्धि की रोशनी फैलाने का दिन है।
    मुख्यमंत्री बघेल ने आव्हान किया है कि प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने के लिए हम सब अपना योगदान देने का संकल्प लें। सभी का योगदान प्रदेश के सुनहरे भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वास्तव में अक्षर ज्ञान वह पहला द्वार है, जहां से ज्ञान के अनंत रास्ते खुलते हैं। साक्षरता से शिक्षा और शिक्षा से विकास का सीधा संबंध है। आज का दिन प्रदेश में साक्षरता के वर्तमान सोपान पर गर्व करने का है, तो शेष लक्ष्य प्राप्त करने के लिए संकल्प लेने का भी है। उन्होंने कहा है कि शत्-प्रतिशत साक्षरता की दिशा में आगे बढऩे के लिए व्यक्तिगत रूचि और सामूहिक प्रयासों की बड़ी आवश्यकता है। व्यापक जनभागीदारी से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

    बिलासपुर / शौर्यपथ / उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अपर कलेक्टर बिलासपुर द्वारा दिनांक 19 अगस्त एवं 20 अगस्त को जिले के टॉप 20 यूरिया विक्रेताओं के जांच प्रतिवेदन एवं उर्वरक निरीक्षक वरिष्ट कृषि विकास अधिकारी विकासखंड तखतपुर ढ्ढस्नरूस् ढ्ढष्ठ- 330296 के अनुशंसा के आधार पर मेसर्स सेवा सहकारी समिति, कुवां वि.खं. तखतपुर जिला बिलासपुर (छ.ग.) को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत खण्ड 05 एवं खण्ड 35 का उल्लंघन एवं अनियमितता बरतने का प्रथम दृष्टिया दोषी पाये जाये के फलस्वरूप कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कारण बताओ नोटिस का जवाब समाधानकारक नहीं पाये जाने के कारण तथा उर्वरक आदेश 1985 का खण्ड 05 एवं खण्ड 35 का उल्लघन एवं अनियमितता पाये जाने के दोषी होने के फलस्वरूप एतद् द्वारा उर्वरक आदेश 1985 के खण्ड 26 एवं 26ए में प्रदत उर्वरक अधिसूचित प्राधिकारी की शक्तियों का प्रयोग करते हुए खण्ड 31 के तहत मेसर्स सेवा सहकारी समिति कुवां विकासखंड तखतपुर का उर्वरक पंजीयन प्रमाण पत्र क्रमांक 2628/682 वैधता दिनांक 25 मार्च 2021 तक निलंबन किया जाता है। निलंबन अवधि में उर्वरक व्यवसाय पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगाा।
    इसी प्रकार उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अपर कलेक्टर बिलासपुर द्वारा दिनांक 19 अगस्त एवं 20 अगस्त को जिले के टॉप 20 यूरिया विक्रेताओं के जांच प्रतिवेदन एवं उर्वरक निरीक्षक विकासखंड बिल्हा के अनुशंसा के आधार पर मेसर्स बीज उत्पादक सहकारी समिति, हरदी विकासखंड बिल्हा ढ्ढस्नरूस् ढ्ढष्ठ- 1108379 जिला बिलासपुर (छ.ग.) को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत खण्ड 05 एवं खण्ड 35 का उल्लंघन एवं अनियमितता बरतने का प्रथम दृष्टिया दोषी पाये जाये के फलस्वरूप कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कारण बताओ नोटिस का जवाब समाधानकारक नहीं पाये जाने के कारण तथा उर्वरक आदेश 1985 का खण्ड 05 एवं खण्ड 35 का उल्लघन एवं अनियमितता पाये जाने के दोषी होने के फलस्वरूप एतद् द्वारा उर्वरक आदेश 1985 के खण्ड 26 एवं 26 ए में प्रदत उर्वरक अधिसूचित प्राधिकारी की शक्तियों का प्रयोग करते हुए खण्ड 31 के तहत मेसर्स बीज उत्पादक सहकारी समिति हरदी विकासखंड बिल्हा का उर्वरक पंजीयन प्रमाण पत्र क्रमांक 2938/938 वैधता दिनांक 10 मई 2021 तक निलंबन किया जाता है। निलंबन अवधि में उर्वरक व्यवसाय पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगाा।
    इसी प्रकार उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अपर कलेक्टर बिलासपुर द्वारा दिनांक 19 अगस्त एवं 20 अगस्त को जिले के टॉप 20 यूरिया विक्रेताओं के जांच प्रतिवेदन एवं उर्वरक निरीक्षक वरिष्ट कृषि विकास अधिकारी तखतपुर के अनुशंसा के आधार पर मेसर्स अंसारी खाद भंडार मेन रोड तखतपुर, वि.खं. तखतपुर ढ्ढस्नरूस् ढ्ढष्ठ- 324483 जिला बिलासपुर (छ.ग.) को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत खण्ड 05 एवं खण्ड 35 का उल्लंघन एवं अनियमितता बरतने का प्रथम दृष्टिया दोषी पाये जाये के फलस्वरूप कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कारण बताओ नोटिस का जवाब समाधानकारक नहीं पाये जाने के कारण तथा उर्वरक आदेश 1985 का खण्ड 05 एवं खण्ड 35 का उल्लघन एवं अनियमितता पाये जाने के दोषी होने के फलस्वरूप एतद् द्वारा उर्वरक आदेश 1985 के खण्ड 26 एवं 26ए में प्रदत उर्वरक अधिसूचित प्राधिकारी की शक्तियों का प्रयोग करते हुए खण्ड 31 के तहत मेसर्स अंसारी खाद भंडार मेनरोड तखतपुर विकासखंड तखतपुर का उर्वरक पंजीयन प्रमाण पत्र क्रमांक 718/53 वैधता दिनांक 9 अप्रैल 2025 तक निलंबन किया जाता है। निलंबन अवधि में उर्वरक व्यवसाय पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगाा।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में जाति प्रमाण-पत्र जारी करने तथा निरस्त करने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। बैठक में जनजातीय समुदाय के हित में भू-राजस्व की धाराओं में संशोधन करने के संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य सलाहकार परिषद की उप समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। अचानकमार टाईगर रिजर्व में तीन ग्रामों तिलईडबरी, बिरारपानी, छिरहट्टा के विस्थापन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। प्रत्येक विस्थापित परिवार को 10 लाख रूपए अथवा दो हेक्टेयर भूमि एवं 5000 वर्गफीट की बाड़ी, साथ ही पेयजल सहित सड़क की सुविधाएं के अलावा परिवार की सहमति से उपयुक्त स्थान पर जमीन भी दी जाएगी। इसी प्रकार क्षेत्र के कुल 19 गांवों के विस्थापन के लिए सहमति प्रदान की गई। छत्तीसगढ़ राज्य जनजाति सलाहकार परिषद् की बैठक में अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर राज्यपाल को भेजे जाने वाले प्रतिवेदन का अनुमोदन किया गया।
    मुख्यमंत्री ने वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन की चर्चा में कहा कि वन क्षेत्रों में आरेंज क्षेत्रों का सर्वे कर राजस्व अभिलेखों को दुरूस्त कर लिया जाए। गांवों में राजस्व संबंधी दिक्कतों के निराकरण के लिए सभी अनुसूचित क्षेत्रों में बंदोबस्त त्रुटि सुधार के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके तहत गांवों में शिविरों का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि वन अधिकार मान्यता पत्र में व्यक्तिगत पट्टे और सामुदायिक पट्टे भी दिए जा रहे हैं। मुुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए ग्राम स्तर पर जनप्रतिनिधि पात्र व्यक्तियों के आवेदन लेने के साथ इसे ग्राम सभा से पारित कर उन्हें वन भूमि का पट्टा देने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि विगत डेढ़ साल में सरकार द्वारा 40 हजार से अधिक व्यक्तिगत/सामुदायिक पट्टों का वितरण किया गया है। बस्तर से सरगुजा तक उन्होंने स्वयं बैठक लेकर इस प्रक्रिया के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने सलाहकार परिषद के सदस्यों को मसाहती ग्रामों के संबंध में अपने सुझाव विभागीय मंत्री और सचिव को भेजने कहा। बैठक में राजस्व, वन और आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित कर इन मामलों के सबंध में निर्णय लिए जाए। सलाहकार परिषद की बैठक में सदस्यों द्वारा देश में पहली बार नगरीय क्षेत्रों में वन अधिकार पत्र प्रदान करने पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
    बैठक में बताया गया कि जिला मुख्यालयों में स्थित छात्रावासों में स्वीकृत सीट से अधिक संख्या में आवेदन प्राप्त होते है। इच्छुक विद्यार्थियों को छात्रावास में प्रवेश के लिए शैक्षणिक सत्र 2020-21 से 21 नवीन छात्रावासों में 14 हजार 750 सीट की स्वीकृति दी गई है। विभाग द्वारा 161 आश्रम-छात्रावास भवन निर्माण की वित्तीय प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने परिषद् के सदस्यों से पुराने जर्जर छात्रावास एवं दर्ज संख्या के अनुसार अपर्याप्त क्षमता के भवनों के प्रस्ताव भी विभाग को भेजने कहा। जनजाति सलाहकार परिषद में विशेष पिछड़ी जनजाति के प्रतिनिधि को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल करने पर सहमति प्रदान की गई। पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृति दिए जाने के लिए आय सीमा बढ़ाने के संबंध में भारत सरकार को पत्र लिखा गया है। परिषद् के सदस्यों की मंशानुसार उन्हें अनुरोध पत्र भेजा जाएगा।
    मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समुदाय की बेहतरी के लिए पिछले डेढ़ साल में अनेक निर्णय लिए गए हैं। आदिवासी समुदाय के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार की दिशा में नवाचारी पहल की शुरूआत की गई है। वनांचल क्षेत्रों में एनीमिया और कुपोषण को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरूआत की गई। इसके बेहतर परिणाम मिले है। कोरोना संकट काल में भी कुपोषित बच्चों की संख्या में 13 प्रतिशत की कमी आयी। यह एक बड़ी उपलब्धि है। गांवों में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिीनिक योजना शुरू की गई इससे लोगों तक सीधे स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। बस्तर अंचल में मलेरिया मुक्ति के लिए भी अभियान चलाया गया है।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज शहर के रेल्वे स्टेशन मार्ग में स्थित समाज सेवी संस्था के श्री लोहाणा महाजनवाड़ी भवन नि:शुल्क कोविड-19 सेन्टर का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री वर्मा ने वहां की व्यवस्थाओं को देखकर सराहना की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के इस कठिन दौर में सामाजिक संस्था द्वारा की जा रही यह पहल प्रशंसनीय है। उन्होंने कोविड-19 सेन्टर में मरीजों के लिए बेड, मोबाईल चार्जिंग, पेयजल आदि व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि भवन को लगातार सेनेटाईज करते रहें। मरीजों की लिए डॉक्टर की टीम रखने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी को दिए। उन्होंने प्रोटोकॉल का पालान करते हुए कार्य करने को कहा। ताकि स्वयं को संक्रमित होने से बचाया जा सके।
    जिले में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए समाजसेवी संस्था द्वारा श्री लोहाणा महाजनवाड़ी भवन को मरीजों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कराया है। यहां मरीजों के रहने, खाने, पेयजल की सुविधा पूर्णत: नि:शुल्क रहेगी। यहां इलाज के लिए भर्ती होने वाले मरीजों को नाश्ता, भोजन की व्यवस्था सिख समाज गुरूद्वारा श्री गुरूसिंघ सभा द्वारा की जाएगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव श्री मुकेश रावटे, तहसीलदार श्री रमेश मोर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
    इस अवसर पर ट्रस्ट मंडल प्रमुख संजय भाई भोजाणी, श्री लोहाणा महाजन अध्यक्ष नाथाभाई रायचा, समाज के सेवाभावी सदस्य, ट्रस्ट मंडल से सुरेशभाई कोटक, हसमुखभाई रायचा, गिरीश भाई रायचा तथा वरिष्ठ सदस्य गिरीश भाई ठक्कर, नवयुवक मंडल से अध्यक्ष मनीष भाई साहिता सहित अन्य सदस्य शैलेष भाई गणात्रा, तरुण भाई आड़तिया, विक्की भाई रायचा, राम भाई ठक्कर व दर्पण भाई बुद्धदेव उपस्थित थे।

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