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LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
दुर्ग / शौर्यपथ / जिले में संचालित किशोर न्याय बालको की देखरेख व संरक्षण अधिनियम 2015 की धारा 41 के अंतर्गत पंजीकृत बाल संस्थाओं में निवासरत देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को किशोर न्याय, बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम 2015 की धारा 44 तथा मॉडल गाइड लाइन फॉर फॉस्टर केयर 2016 के प्रावधानानुसार अस्थाई संरक्षण में दिए जाने हेतु फॉस्टर केयर में भारतीय दम्पत्तियों से आवेदन आमंत्रित हैै।
फॉस्टर केयर परिवार का दायित्व होगा कि वह बालक को समुचित भोजन, वस्त्र, आश्रय, शिक्षा-उच्च शिक्षाए देखभाल एवं संरक्षणए आवश्यकतानुसार सभी प्रकार की चिकित्सा, उपचार, आयु एवं रूचि अनुसार व्यवसायिक प्रशिक्षण, बालक की विकास संबंधी आवश्यकताओं की पूर्तिए बालक की शोषण, दुव्र्यवहार, हानिए, उपेक्षा से सुरक्षा तथा बालक एवं उसके जैविक परिवार की निजता का सम्मान करें। इसके साथ ही फॉस्टर केयर मार्गदर्शिका 2016 में उल्लेखित सभी दायित्व एवं शर्तों तथा बालक कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण ईकाई के निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा। ऐसे भारतीय दंपत्ति जो देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को अस्थाई रूप से संरक्षण में लेना चाहते है, वे कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी जिला बाल संरक्षण अधिकारी, महिला एवं विभागए पांच बिल्डिंग परिसर, जिला दुर्ग फोन नं 0788.2213363 में संपर्क कर निर्धारित प्रपत्र में कार्यालयीन समय में आवेदन कर सकते है। आवेदन के पश्चात् उक्त अधिनियम एवं गाइड लाइन के प्रकाश में गृह अध्ययन प्रतिवेदन तथा स्पान्सरशिप एवं फास्टर केयर अनुमोदन समिति की अनुशंसा के आधार पर जिले की बाल कल्याण समिति द्वारा देखरेख एवं संरक्षण हेतु बालकए संबंधित दंपत्ति को फॉस्टर केयर में दिया जा सकेगा।
कलेक्टर ने खनिज , पर्यावरण राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों की ली बैठक ,कहा अवैध उत्खनन व परिवहन पर रखे नजर
दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भूरे ने अवैध उत्खनन व परिवहन पर लगातार नजर रखने तथा ऐसी स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आज खनिज ,राजस्व पुलिसवन और पर्यावरण विभाग की बैठक लेकर ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस व आरटीओ का सहयोग लें तथा वन चैकियों पर भी वाहनों की जांच हो। उन्होंने कहा कि अभी रेत खनन पर पूर्णत: प्रतिबंध है।केवल लाइसेंस धारी जिन्होंने रेत का पूर्व में भंडारण किया है रेत का परिवहन और विक्रय कर सकते हैं।जिसके लिए पृथक से पास जारी होगा।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भी इस विषय को लेकर काफी गंभीर हैं। अत: सभी संबंधित विभागों के अधिकारी टीम बनाकर कार्य करें। उन्होंने ईंट निर्माण के लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद भी ईंट निर्माण कार्य करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। बैठक में खनिज अधिकारी गोलघाटे ने बताया कि 2019-20 में अवैध उत्खनन के 9 प्रकरणों पर कार्रवाई कर 2 लाख 60 हजार व अवैध परिवहन के 292 मामलों पर कार्रवाई कर 50 लाख 90 हजार का जुर्माना वसूला गया। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में अब तक अवैध उत्खनन के 2 मामलों में 92 हजार व परिवहन के 81 मामलों में 15 लाख 33 हजार का जुर्माना वसूला गया।
बैठक में डीएफओ के आर बढ़ाई ,एसडीएम दुर्ग खेमलाल वर्मा, डीएसपी शौकत अली ,आरटीओ से अतुल विश्वकर्मा तथा सी ई सी बी से डॉ अनिता सावंत व केमिस्ट शिवप्रसाद मौजूद थे। बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पाटन और धमधा में अनुविभागीय अधिकारी भी शामिल हुए।
शौर्यपथ। जांजगीर चांपा इन दिनों श्रम विभाग कार्यालय में श्रमिक पंजीयन कराने का कार्य शासन के निर्देश पर किया जा रहा है। आज जो स्थिति सुबह से कार्यालय के बाहर देखने को मिली वह कोविड- 19 जैसे वैश्विक महामारी के प्रति किसी बड़ी लापरवाही से कम नहीं है। बाहर से आये प्रवासी मजदूर ना तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे है और न ही किसी ने मास्क ही लगाया है। और श्रम विभाग के द्वारा श्रमिको के हाथ धोने के लिये हैंड वॉश, सेनीटाइजर, पीने का पानी, टेंट जैसे उचित प्रबंध भी नहीं किया गया है। इसको देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रवासी श्रमिक तथा श्रमविभाग के अधिकारी कर्मचारी कोरोना वायरस महामारी से बचने के लिये कितना गंभीर हैं। 'इस संबंध में श्रमपदाधिकारी के.के. सिंग को जब दूरभाष पर जानकारी दी गई तो लापरवाह अंदाज में बात को टालते नजर आये, जबकि स्वयं अधिकारी कार्यालय के अंदर मौजूद हैं चाहते तो मजदूरों को कम से कम सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने व गमछा को मुंह में बांधने की हिदायत के साथ फार्म जमा करने के निर्देश दे सकते थे। वहीं बाहर उपस्थित हमारे संवाददाता को सेनेटाईजर और हैण्डवास जैसी कोई भी सुविधा मजदूरों के लिए रखी गई हो देखने को नहीं मिला। मजदूरों से चर्चा की गई तो उनका मानना है कि हम 14 दिन कोरटिंन सेंटर में रहकर आये हैं अब हमेे कुछ नहीं होगा।' मजदूर हो या आम आदमी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा और विभाग को सेनेटाईजर, हैण्डवास जैसे हाथ धोने के लिए व्यवस्था करनी होगी, यदि इस तरह की लापरवाही बरती जा रही है यह गंभीर है। मैं अभी तुरंत पुलिस भेजकर मामले को देखती हूं। श्रीमती मेनका प्रधान एसडीएम, जांजगीर चांपा
// प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को आगामी तीन माह सितम्बर 2020 तक बढ़ाने का किया अनुरोध
// राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अलावा राज्य द्वारा चिन्हांकित 14.10 लाख राशनकार्डधारी परिवारों को भी करें लाभान्वित
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कोरोना वायरस संक्रमण के कारण उत्पन्न हुई विषम परिस्थितियों में Óप्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजनाÓ को आगामी तीन माह हेतु सितम्बर 2020 तक बढ़ाने का अनुरोध किया है। उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अलावा राज्य द्वारा चिन्हांकित 14.10 लाख राशनकार्डधारी परिवारों को भी खाद्यान्न सुरक्षा के उद्देश्य से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत लाभान्वित करने की बात कही है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण उत्पन्न हुई विषम परिस्थितियों में केन्द्र सरकार द्वारा लागू Óप्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजनाÓ के माध्यम से देश में खाद्यान्न उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिली है। छत्तीसगढ़ में Óयूनिवर्सल पीडीएसÓ के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत मान्य 51.50 लाख राशनकार्डधारी परिवारों के अलावा राज्य द्वारा अपनी योजनाओं के माध्यम से भी अतिरिक्त 14.10 लाख राशनकार्डधारी परिवारों को खाद्यान्न सुरक्षा उपलब्ध करायी जा रही है। लॉकडाउन को धीरे-धीरे एवं सावधानीपूर्वक खोलते हुए आर्थिक गतिविधियां पुन: प्रारंभ की जा रही हैं, किन्तु स्थिति सामान्य होने में अभी काफी समय लगना संभावित है। वर्तमान में किसान, कृषि मजदूर, निर्माण क्षेत्र में कार्य करने वाले श्रमिक, उद्योगों में कार्य करने वाले श्रमिक तथा व्यवसायिक संस्थानों में काम करने वाले निम्न-मध्यम वर्गों के कर्मचारियों सहित अधिकांश जन साधारण के लिए अत्यंत कठिन परिस्थितियां हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हुए लिखा है कि वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए संकट ग्रस्त परिवारों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई Óप्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजनाÓ को आगामी तीन माह हेतु सितम्बर 2020 तक बढ़ाने का कष्ट करें। साथ ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अलावा राज्य द्वारा चिन्हांकित 14.10 लाख राशनकार्डधारी परिवारों को भी खाद्यान्न सुरक्षा के उद्देश्य से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत लाभान्वित किया जाए। नि:शुल्क खाद्यान्न के माध्यम से न केवल जरूरतमंद व्यक्तियों की रोजी-रोटी की चिन्ता कम की जा सकेगी, बल्कि जन साधारण में भी इसका सकारात्मक संदेश जाएगा। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जतायी है कि इस संबंध में प्रदेश के हित में इस अनुरोध पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
भिलाई / शौर्यपथ / पीडीएस के चावल का अवैध कारोबार करने वाले आरोपी को पकड़ा गया आरोपी के पास से 13 बोरियों में भरा साढे छह क्विंटल पीडीएस का चावल तथा परिवहन में प्रयुक्त वैन भी जप्त की गई। जब चावल की कीमत 15 हजार बताई गई है।
जेवरा सिरसा पुलिस ने बताया कि कल शाम को सूचना मिली कि करहिडीह चौक में वैन क्रमांक सीजी 7 एच 91 सिक्स सेवन में अवैध रूप से पीडीएस का चावल परिवहन किया जा रहा है। इस पर चौकी प्रभारी प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक निशांत पाठक ने तत्काल करहीडीह चौक पहुंचकर नाकेबंदी कर उक्त वैन को पकड़ा। तलाशी पर वैन के अंदर 13 बोरियों में करीब साढे 6 क्विंटल चावल भरा हुआ था। पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना नाम देबू लाल सिन्हा 25 वर्ष संजय नगर कुमारपारा सुपेला का रहने वाला बताया तथा चावल अखिलेश गुप्ता बागेश्वर ट्रेंस टो अनाज लाइन सुपेला का होना बताया। जांच के लिए पुलिस द्वारा खाद्य विभाग को मौके पर बुलाया गया चावल के गुणवत्ता का परीक्षण कराया गया। चावल पीडीएस का पाए जाने पर खाद्य निरीक्षक दीपा वर्मा की लिखित शिकायत पर आरोपी के खिलाफ 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वेन और चावल जप्त किया गया। जब चावल की कीमत 15000 रुपए बताई गई है।
भिलाई / शौर्यपथ / वार्ड पांच लक्ष्मी नगर सुपेला निवासी व चन्द्रा फाईन आर्टस के संचालक चंद्रशेखर गंवई जिनके द्वारा पॉवर हाउस बाबा साहेब अंबेडकर चौक का सौन्दर्यीकरण कार्य 18 जून 2010 को स्वीकृति राशि 968707 के तहत स्वीकृत हुआ जिसमें से अब तक 1 लाख 88 हजार रूपये ही काम का मिला है और 7 लाख 80 हजार 707 रूपये बकाया है। आज दस साल बीत जाने के बाद भी उक्त कलाकार एवं कांग्रेस नेता चंन्द्र्रशेखर गंवई अपना पेमेंट को लेकर मुख्यमंत्री के दरवाजे तक दस्तक दे चुके है, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नही हुई है। इससे दुखी कलाकार चंद्रशेखर गंवई ने कहा कि जब मेरे द्वारा निगम अधिकारियों से बार बार मिल कर बिल भुगतान करने का अनुरोध किया गया तो निगम के अधिकारियो ने बताया कि आपकी फाईल गुम हो गई है, जिसकी प्राथमिकी सहायक ग्रेड 2 के सुनिल कुमार तिवारी द्वारा 14 अक्टूबर 2014 को सुपेला थाना में प्राथमिकी सूचना दर्ज करने का कष्ट करें का आवेदन दिया गया है, लेकिन हकीकत यह है कि पुलिस द्वारा इस मामले में धारा 154 के तहत एफआईआर दर्ज करना चाहिए लेकिन मजेदार बात है कि पुलिस ने धारा 155 के तहत मामला बताते हुए उल्टा न्यायालय जाने का हवाला दे दिया। मजेदार बात यह है कि इतने बडे मामले में न ही उसके बाद कोई निगम अधिकारी ध्यान दिया और न ही पुलिस ने।
वैसे भी नगर निगम भिलाई फाईल गुमने और फाइर्ल जलने और चोरी होने के मामलों में हमेशा प्रदेश में नंबर वन रहा हैें लेकिन आज तक किसी भी मामले को न ही पुलिस ने ही भांडा फोड़ किया है और न ही निगम के अधिकारियों ने ऐसे मामले में कभी दिलचस्पी ली। इससे साफ जाहिर है कि निगम से फाईल चोरी होने और गुमने का कार्य नही होता है जान बूझकर उन फाईलों को गायब किया जाता है जिनसे निगम अधिकारियों कर्मचारियों को टेबल के नीचे से उपहार नही मिलता है या जिस मामले में निगम के अधिकारी और कर्मचारी फंसने वाले होते है, वहीं फाईल गायब कर दिया जाता है। उसका नतीजा चंद्रशेखर गंवई ही नही बल्कि सैकड़ों लोग अब तक भुगत रहे है।
आखिर निगम अधिकारियों और कर्मचरियों की गलती बेचारे गंवई जैसे लोग क्यों भुगते। निगम अधिकारियों को इस ओर ध्यान देकर जिस भी अधिकारी से या कर्मचारी से फाईल गुमने का कार्य होता है, उसपर कठोर कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए या जेल भेजना चाहिए। तब कहीं जाकर निगम से फाईल चोरी होने का मामला नही होगा। इस मामले मे ंपीडि़त चन्द्रशेखर गंवई कांग्रेस के नेता है और उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा है कि आखिर मेरी मूल नस्ती कहां गायब हो गई। और समय समय पर मैँ निगम अधिकारियेां से अपने भुगतान के लिए मिल मिल कर गुहार लगाता रहा हूं, लेकिन हमेेशा मुझे निराशा ही हाथ लगा। फाईन आर्टिस्ट एवं कांग्रेस नेता गंवई ने मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए कहा कि मैं दस सालों से अपने भुगतान को लेकर प्रताडि़त हो रहा हंूं। मैँ अपने जीवन के 26 सालों से कांग्रेस से जुड़ा रहा। कांग्रेस पार्टी के निर्देसानुसार जो भी मुझे जिम्मेदारी दी गई मैँ उससे पूरी ईमानदारी से निर्वहन करता रहा और जब भाजपा की सरकार थाी तो भाजपा और निगम क्षेत्र की समस्याओं को लेकर भी सदा मैँ धरना प्रदर्शन करता रहा, हो सकता है कि निगम के अधिकारी कर्मचारी इससे कारण मेरा भुगतान रोक कर रखे हैँ और मुझे परेशान कर रहे हैँ।
तात्कालीन भाजपा सरकार में कलेक्टर जनदर्शन 8 मई 2017 को टोकन क्रमांक 100217001894 निगम जनदर्शन 12 जून 2017 जिसका टोकन क्रमांक 17 महापौर आयुक्त 8 मई 2017 को भी अपने भुगतान के लिए शिकायत पत्र सौंपा हूं, लेकिन आज तक मुझे मेरे कार्य का भुगतान नही हो सका है। मुख्यमंत्री के ओएसडी मनीष बंछोर ने मुझे वर्तमान आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी से मुलाकात करने के लिए मुझे कहा था, जब मैं आयुक्त रघुवंशी से मिला तो उन्होंने भी सीधा पल्ला झाड़ते हुए स्पष्ट कहा कि आपके मामले की फाईल नही मिल रही है, भुगतान नही कर सकता हूं। उस समय कौन अधिकारी थे और क्या हुआ, मै नही जानता? आप बिल व्हाउचर और भुगतान आर्डर को जाकर देखें। जिम्मेदार अधिकारी द्वारा इस प्रकार का जवाबद देने से कही न कहीं कांंग्रेस सरकार के मुखिया और कांग्रेस सरकार की छवि खराब हो ही रही है, और इस गंवईजैसे कलाकारों का मनोबल भी गिर रहा है, इसके कारण उनके परिवार के सामने लॉकडाउन और कोरोना के इस संकट की घड़ी में आर्थिक स्थितियों का बूरी तरह सामना करना पड़ रहा है। यदि निगम चाहे तो गंवई का भुगतान हो सकता है क्येांकि जब 1 लाख 88 हजार रूपये भुगतान कर चुका है तो बाकी का भी भुगतान हो सकता है, क्योंकि अब डिजीटल युग है और जब भी कोई कार्य इस तरह का निगम द्वारा कराया जाता है तो फोटोग्राफी कराई जाती है, तो इसका भी फोटोग्राफी कराई ही गई होगी। उस आधार पर और जिस आधार पर 1 लाख 88 हजार रूपये भुगतान किया गया है,उस आधार पर गंवई का बिल का भुगतान किया जा सकता है।
दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश में आज से घर पहुंच निशुल्क पौधा वितरण के लिए पौधा तुंहर द्वार योजना शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वनमंत्री मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशानुसार दुर्ग वन मंडल दुर्ग में योजना का शुभारंभ अरुण वोरा विधायक, द्वारा किया गया। घर पहुँच पौध वितरण के लिए वोरा ने आज हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विधायक ने कहा पौधा तुँहर द्वार बहुत अच्छी योजना है। इसके माध्यम से नागरिकों को घर पहुंच सेवा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वृक्ष हमारे सच्चे साथी हैं हमें इनकी देखभाल करनी चाहिए।अपने लगाए पौधे को बड़ा होता देखना भी बहुत आनंदित करता है।उन्होंने नागरिकों से अपील की इस अभियान को पौधरोपण तक ही सीमित न रखें बल्कि उन पौधों के पेड़ बनने तक उनकी देखभाल की शपथ भी लें।
महापौर धीरज बाकलीवाल ने कहा कि बच्चों को भी इस एक्टिविटी में शामिल करें।इस तरह की पहल से ही बच्चे पर्यावरण संतुलन में पौधों का महत्व समझेंगे। कलेक्टर डॉक्टर सर्वेश्वर भूरे ने कहा कि हम पूरी तरह वृक्षों पर ही निर्भर हैं। अपनी धरती को हरा भरा रखकर ही हम प्रकृति के प्रति अपना कर्ज उतार सकते हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव सीईओ जिला पंचायत सच्चिदानंद आलोकएपर्यावरण मंडल स्थायी समिति की सभापति श्रीमती सत्यवती वर्मा पूर्व महापौर आर एन वर्मा सहित मेयर इन कौंसिल के सम्मानीय सदस्य भी शामिल हुए।
अतिथियों को प्रतीक स्वरूप भेंट किया गया चंदन का पौधा.
इस अवसर पर अरुण वोरा को प्रतीक के रूप में मुख्य वन संरक्षक श्रीमती शालिनी रैना ने चंदन का पौधा भेंट किया। डीएफओ के आर बढ़ाई ने कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत सहित सभी अतिथियों को चंदन का पौधा भेंट किया। डीएफओ के आर बढ़ाई ने बताया गया कि दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में 50 हजार तथा संपूर्ण जिले में पौधा वितरण का लक्ष्य 3 लाख 50 हजार रखा गया। उन्होंने बताया कि पौधा प्रदाय योजना के नोडल अधिकारी कलीमुल्ला खान हैं। पौधा तुँहर द्वारा योजना के तहत दुर्ग.भिलाई के नागरिक वन विभाग द्वारा जारी मोबाइल नंबरों 9406091336 और 9754617573 पर सम्पर्क करके घर पर नि:शुल्क पौधे प्राप्त कर सकते हैं।
ये पौधे हैं उपलब्ध.
नर्सरियों में वर्तमान में अमरूद, हल्दू, जंगल जलेबी,गंगा इमली, नीमए, अर्जुन, करंज, सीबा पेंटेंड्रा,सफेद सेमल,मुनगा सहित 39 प्रजातियां उपलब्ध हैं। नागरिक इन पौधों को अपने घर आंगन, खेतखलिहान, खाली निजी भूमि लगा सकते हैं। दिए गए मोबाइल नम्बरों पर सम्पर्क करने पर घर पहुंच सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
धमतरी ब्यूरो शौर्य पथ
नरेश छेदैहा महासचिव श्री राम नव युवक परिषद नगरी ने बताया की "नगरीमें पारम्परिक माता पहुंचानी का आयोजन गुरुवार को किया। भक्त जनों को नईबस्ती माता सेवा दल व पुरानी बस्ती माता सेवा दल के भक्त जनों द्वारा शोभायात्रा निकालकर जसगीत व ढोल मंजीरे के करतल ध्वनि के साथ अगवानी करके माता देवालय पहुंचाये जाने की परम्परा है लेकिन इस वर्ष समय अनुकूल नहीं होने के कारण शोभायात्रा नहीं निकाली गई। भक्तों को अपनी सुविधा के अनुसार सीधे माता देवालय पहुंचने का अनुरोध आयोजक नगर व्यवस्था समिति ने किया था। लोग सोशल डिस्टेंस व सेनेटाइजर का उपयोग करते हुए माता देवालय पहुंचकर मन्नत की सामाग्री समर्पित किए । पुजारियों ने नीम की पत्ती से सिर पर दही का आचमन कर शांति कराई"
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष ललित प्रसाद शर्मा, उपाध्यक्ष माखन भरेवा, कोषाध्यक्ष श्रवण नाग,सचिव ज्वाला प्रसाद साहु, सहसचिव नोहर लाल साहु, पुजारी गण रमेश कश्यप,सुखु राम साहु, उत्तम गौर,अरुण सार्वा,तिहारू मरकाम,ईतवारी नेताम, प्रफुल्ल अमतिया,
फुलमाली गेंदलाल पटेल,वीरकूमार हिरवानी,नोहरू साहू,श्री राम नव युवक परिषद नगरी के अध्यक्ष गजेन्द्र कंचन उपाध्यक्ष अशोक पटेल,मनोज साहु, कोषाध्यक्ष बृजलाल सार्वा,सचिव नरेश छेदैहा, सहसचिव भरत साहु,माता सेवा दल नई बस्ती नगरी के अध्यक्ष अश्विनी यादव,नव आनंद कला में मंदिर नगरी के उपाध्यक्ष सुरेश साहु, नगर पुरोहित पंडित ठकुरीधर शर्मा, झाड़ू राम यादव,डाक्टर सुरेश सार्वा,नन्द यादव ,हेमलाल सेन,परसादी राम चंद्रवंशी,दीपक शर्माकार्तिक पटेल,ओम प्रकाश सोम,शंभु मानिकपुरी, नारायण नागर्ची उपस्थित थे।
धमतरी ब्यूरो /शौर्य पथ
नशा केवल शराब और तम्बाकू का ही नहीं होता है बल्कि अफीम, चरस, गांजा, हेरोइन जैसे मादक पदार्थों का भी होता है जो लोगों को बुरी तरह प्रभावित करता है । नशीले पदार्थों का प्रयोग आज एक विश्वव्यापी समस्या बन चुकी है।देश में मादक पदार्थों के सेवन के प्रति युवा पीढ़ी ग्लैमर लाईफ स्टाइल की झूठी शान दिखाने के चक्कर में अंधी दौड में शामिल हो रही है । शहरी क्षेत्र ही नही बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका असर देखने को मिल रहा है ।
युवा पीढ़ी ज़्यादातर स्कूल-कालेजों के छात्र जीवन में अपने साथियों के कहने या मित्र मंण्डली के दबाव डालने पर या फिर मॉडर्न दिखने की चाह में इनका सेवन शुरु करते हैं। कुछ युवक मादक पदार्थों से होने वाली अनुभूति को अनुभव करने के लिए, तो कुछ रोमांचक अनुभवों के लिए तो कुछ ऐसे लोग होते है जो मानसिक तौर पर परेशानी या हताशा के हालात में इनका सेवन शुरू करते हैं। मानव जीवन की रक्षा के लिए बनाई जाने वाली कुछ दवाओं का उपयोग भी लोग अब तो नशा करने के लिए इस्तेमाल करने लगे हैं।
जिला अस्पताल पंडरी में स्थित स्पर्श क्लीनिक के मनोचिकित्सक डॉ. अविनाश शुक्ला ने बताया कोई भी व्यक्ति एक दिन में नशे का आदी नहीं होता है । यह प्रक्रिया धीरे-धीरे होती है । शौक धीरे धीरे आदी बना देता है जब व्यक्ति नशे की गिरफ्त में आताहै।उससे पहले वह कुछ संकेत भी देता है । उन संकेतों को परिवार को समझना बहुत जरूरी होता है ।
जून 26 को हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ सेवन और तस्करी निरोध दिवसके रूप में मनाया जाता है।इस वर्ष की थीम ही "बेहतर देखभाल के लिए बेहतर ज्ञान" है ।
आदी होने से पूर्व लक्षण जो देखे जाते है
खेलकूद और रोजमर्रा के कामों में दिलचस्पी न लेना , भूख कम लगना, वजन कम हो जाना, शरीर में कंपकंपी छूटना, आंखें लालऔरसूजी हुई लगना, दिखाई कम देना, चक्कर आना, उल्टी दस्त आना, अत्यधिक पसीना आना, शरीर में दर्द लगना , नींद न आना की समस्या , चिड़चिड़ापन, सुस्ती, आलस्य, निराशा, गहरी चिन्ता, सुई के माध्यम से मादक पदार्थ को लेने वालों व्यक्ति को एड्स का खतरा भी रहता है।
पदार्थ जिनका व्यसन होता है
शराब,(बियर व्हिस्की रम हंडिया महुआ ठर्रा), तंबाकू उत्पाद (तंबाकू बीड़ी बीड़ी सिगरेट गुड़ाखू गुटका नसवार), गांजा चरस भांग,अफीम,भुक्की, डोडा, हेरोइन, ब्राउन शुगर, स्मैक फोर्टविन (पेंटाजोसिन) कोकिन, नींद की गोलियां, सांस के माध्यम से लिए जाने वाले पदार्थ जैसे गैस, पेंट, पेट्रोल, गोंद, डेन्ड्राइड व्हाइटनर ।
डेन्ड्राइड और व्हाइटनर का उपयोगस्कूल के बच्चे, या सड़कों पर कचरा बिनने वाले बच्चे में ज्यादा देखने को मिलता है क्यूंकि ये आसानी से उपलब्ध होता है, और किसी को शक भी नहीं होता है ।
मादक पदार्थ को कुछ भागों में बांट सकते है ।
अपशामक, मतिभ्रम उत्पन्न करने वाले पदार्थ, निच्श्रेतक और दर्द निवारक मादक पदार्थ,उत्तेजक,भांग से निर्मित मादक पदार्थ,
अपशामक - मस्तिष्क की सक्रियता कम कर देते हैं। ये पदार्थ हैं, अल्कोहल, सिकोनाल, नेमब्यूटाल, गाडेर्नाल, वैलियम, लिबियम, मैन्ड्रेक्स, डोरिडेन, N10, एलप्रेक्स, नाइट्रो सन, है।
मतिभ्रम उत्पन्न करने वाले पदार्थ - हमारे देखने, सुनने और महसूस करने की क्षमता पर प्रभाव डालते हैं।
निच्श्रेतक और दर्द निवारक मादक पदार्थ-अफीम, मॉर्फीन, कोकीन, हेरोइन, ब्राउन शूगर, मेथाजेन, पेथीडीन, मेप्राडीन है।
उत्तेजक - मस्तिष्क के केन्द्रीय तंत्रिका तंत्रों की सक्रियता बढ़ा देते हैं। जैसे, बैंजोड्रिन, डैक्सेड्रिन, मैथेड्रिन, कोकीन, निकोटीन है ।
भांग से निर्मित मादक पदार्थ - गांजा, हशीश, चरस
नशीले पदार्थ और तस्करी के मामले भारत में नारकोटिक ड्रग्स एंड सायकोट्रॉपिक सब्सटनसीज एक्ट (NDPS एक्ट)2014 के अंतर्गत आतेहैं। जोलोग नशीले पदार्थों कीतस्करी अथवा व्यापार करते है, उनकेइस व्यापार/तस्करी से अर्जित की हुए संपत्ति भी सरकार जब्त कर सकती है और सज़ा के साथ साथ जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है ।
क्या कहते हैं आंकड़े
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वे 2015-16के अनुसार छत्तीसगढ़ में 29.86 % लोग तम्बाकू खाने के आदि है जबकि 7.14 % शराब पीने के ।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
